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राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर ‘राम-नामी’ की टीम को मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई

‘राम-नामी’ फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जताया हर्ष, निर्देशक भारतबाला गणपति सहित पूरी टीम को दी शुभकामनाएं रामनामी की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान मिलना हम सभी के लिए गौरव का विषय – राजेश अग्रवाल रायपुर रामनामी समुदाय की अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री’ का प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति सहित निर्माता एवं पूरी फिल्म टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। यह सम्मान केवल एक उत्कृष्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म को मिला पुरस्कार नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान भी है। उन्होंने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का विशिष्ट उदाहरण है। अपनी अनूठी आस्था, परंपराओं और जीवन मूल्यों के माध्यम से रामनामी समाज ने प्रदेश की लोक संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा को प्रभावी ढंग से देश के व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया है। अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक भारतबाला गणपति और पूरी टीम के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसी लोक परंपरा को संवेदनशीलता और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिल्म से जुड़े प्रत्येक कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ, निर्माता और सहयोगी इस सम्मान के सहभागी हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत व्यापक और विविधतापूर्ण है। यहां की लोककलाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय परंपराएं, धार्मिक आस्थाएं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान इन समृद्ध परंपराओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘राम-नामी’ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के अन्य लोक कलाकारों, रचनाकारों, फिल्मकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को भी अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक विरासत को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने के लिए प्रेरित करेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक भरतबाला गणपति हैं। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भारतबाला गणपति एवं ‘राम-नामी’ फिल्म की पूरी टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश के राष्ट्रीय पटल पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

UP में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर, फीडरवार निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्था पर फोकस

योगी सरकार का निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर, युद्धस्तर पर प्रयास के निर्देश त्योहारों पर नहीं होगी बिजली की किल्लत, वैकल्पिक व्यवस्था और फीडरवार निगरानी पर फोकस कोयले की कमी से न प्रभावित हो विद्युत आपूर्ति, बेहतर वैकल्पिक योजना बनाने के निर्देश डिस्कॉम के एमडी प्रतिदिन करेंगे समीक्षा, हर दो घंटे में फीडरवार रिपोर्ट भेजने का निर्देश लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने प्रदेश की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करने के निर्देश दिए। रणवीर प्रसाद ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जहां से भी विद्युत की व्यवस्था संभव हो, वहां से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने भविष्य में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की बेहतर योजना तैयार करने पर जोर दिया। प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि आपूर्ति की फीडर वाइज मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ परिणाम देने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली। अध्यक्ष ने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष ने प्रदेश के वितरण निगम के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अभी से प्रभावी योजना बना ली जाए, जिसे उस दौरान सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि डिस्कॉम स्तर पर सभी प्रबन्ध निदेशक विद्युत आपूर्ति की समीक्षा प्रतिदिन करें। उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ भेजें। जिसमें जिलेवार फीडर की जानकारी होगी। ब्रेकडाउन के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। इसी तरह रोस्टिंग की जानकारी भी फीडर वाइज रहेगी। उन्होंने कहा कि डिस्कॉम स्तर पर कंट्रोल रूम में हर दो घंटे की फीडरवाइज रिपोर्ट मंगाई जाए। जिसमें कभी भी किसी फीडर की जानकारी मांगी जाए। शक्ति भवन में सम्पन्न इस बैठक में उन्होंने विद्युत आपूर्ति, व्यवस्थागत ढ़ाचे का सुदृढ़ीकरण, बिल वितरण, बिल वसूली, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण तथा विद्युत कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने आदि मुद्दों पर समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि इंडीपेन्डेन्ट फीडर के उपभोक्ताओं से विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारी सम्पर्क कर विद्युत आपूर्ति का फीड बैक लेते रहें और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। अध्यक्ष ने बिजनेस प्लान के कार्यों को समय से पूर्ण कराने हेतु सख्त निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहाकि बिजनेस प्लान में लखनऊ सहित प्रदेश के ऐसे स्थानों के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाय, जहां विद्युत आपूर्ति को लेकर बार-बार समस्या आ रही है। शक्ति भवन में हुई आपूर्ति संबंधी इस समीक्षा बैठक में प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित उत्पादन निगम एवं एस.एल.डी.सी. के अधिकारी तथा कारपोरेशन के निदेशक आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

होटलों में पुलिस की छापेमारी, हिसार में 22 युवतियां और 19 युवक हिरासत में

हिसार. जिला पुलिस की तरफ से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में महिला डीएसपी महिला प्रिया शर्मा के नेतृत्व में अर्बन एस्टेट पुलिस थाना की टीम ने माडल टाउन एक्टेंशन वाले क्षेत्र की एक गली में होटल राज और होटल 999 पर छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीम को होटल राज से नौ युवतियां, आठ युवक और होटल 999 से 13 युवतियां और 11 युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस टीम की तरफ से सभी को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर आवश्यक पूछताछ एवं नियमानुसार कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने देह व्यापार के मामले में होटल 999 के मैनेजर कौथकलां निवासी कुलदीप और होटल राज के मैनेजर कैथल निवासी अंकुश को गिरफ्तार किया।

टिकटों पर तेज हुई चर्चा, सचिन पायलट के आते ही ’50-अंडर-50′ समीकरण चर्चा में

चंडीगढ़. पंजाब में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। आम आदमी पार्टी, बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी रणनीति को धार देने में जुटी हैं। इसी बीच, पंजाब कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए राजस्थान के फायरब्रांड नेता सचिन पायलट की एंट्री को पार्टी का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खेमों के बीच चल रही गुटबाजी को साधने के साथ ही पायलट की मौजूदगी से 'उदयपुर डिक्लेरेशन 50-अंडर-50' (Udaipur Declaration 50-Under-50) का मुद्दा गरमा गया है। इस फॉर्मूले के कड़ाई से लागू होने की सुगबुगाहट ने पंजाब के कई पुराने और दिग्गज कांग्रेस नेताओं के टिकट कटने की चिंता बढ़ा दी है। जिन लोगों को नहीं पता वो आज के लेख में विस्तार से जानें कि क्या है 'उदयपुर डिक्लेरेशन 50-अंडर-50'? साथ ही पंजाब की राजनीति में कांग्रेस ने क्यों लगाया सचिन पर दाव?

बिजली बिल नहीं भरा तो होगी कार्रवाई, वसूली के लिए चलेगा विशेष अभियान

बिलासपुर. बिलासपुर में बिजली बिल के बकायादारों के खिलाफ अब गुप्त तरीके से विशेष वसूली अभियान चलाया जाएगा. सप्ताह में दो दिन होने वाली इस कार्रवाई के दौरान बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे. बीते एक महीने में 4,025 कनेक्शन काटे गए, लेकिन 16.03 करोड़ रुपए के बकाया में से केवल 2.99 करोड़ रुपए की वसूली हो सकी है. वर्तमान में 26,946 बकायादारों पर 93.76 करोड़ रुपए बकाया है. कार्रवाई की जानकारी मौके पर ही एई और जेई को दी जाएगी. वहीं, कमजोर वसूली पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा और कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में बिना टिकट और अनियमित टिकट के खिलाफ चलाए गए जांचअभियान से 1 से 20 सितंबर के बीच रेलवे को 3.13 करोड़ रुपए की आय हुई है. इस दौरान 43,710 मामलों में कार्रवाई की गई. बिलासपुर मंडल से सबसे ज्यादा 1.51 करोड़ रुपए की वसूली हुई, जबकि रायपुर मंडल से 77.04 लाख और नागपुर मंडल से 85.03 लाख रुपए की वसूली की गई. रेलवे की ओर से बिना टिकट और अनियमित टिकट के मामलों में जांच और कार्रवाई का अभियान लगातार जारी है.

मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी, 3 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में अब तक औसत 34.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य की 91.5% है। यह 'सामान्य से कम' बारिश की कैटेगिरी में है। हालांकि, अगले 4 दिन प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। ऐसे में आंकड़े में सुधार की उम्मीद है।मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब एक महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में उभर रहा है। इसके स्ट्रॉन्ग होने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियों में वृद्धि के संकेत हैं। इन जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, बुधवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले सोमवार-मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। जिन जिलों में पानी गिरा, उनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आलीराजपुर, शाजापुर, देवास, खंडवा, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं। सागर के देवरी में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 100 से ज्यादा शहर/कस्बों में बारिश हुई। एमपी की ओर बढ़ेगा वर्षा का प्रभाव मौसम विशेषज्ञ नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाले सिस्टम जब आगे बढ़ेंगे तो उनके साथ जुड़ा नमी का परिवहन, वायुमंडलीय परिसंचरण और आसपास की अन्य मौसमी परिस्थितियां मध्य भारत में वर्षा गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में 26 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने के आसार है। 25 और 26 सितंबर को कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है। 23 और 24 सितंबर भी कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। सामान्य बारिश से 2.3 इंच नीचे चल रहा प्रदेश IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 869.3 मिमी यानी, 34.2 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.5 इंच (927.5 मिमी) की तुलना में 2.3 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 10% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 22% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। मंगलवार को आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से- आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 49% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

छत्तीसगढ़ में टाटा पावर के प्रवेश का विरोध तेज, ₹435 करोड़ के निवेश पर सवाल

छत्तीसगढ़ में टाटा पावर के प्रवेश पर विरोध तेज, 435 करोड़ के निवेश दावे पर भी सवाल रायपुर छत्तीसगढ़ में टाटा पावर की समानांतर लाइसेंस याचिका (क्रमांक 89/2026) का मामला गरमाता जा रहा है। सीएस रिटायर्ड पावर इंजीनियर्स-ऑफिसर्स एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के सचिव को पत्र लिखकर इस प्रकरण की सुनवाई 15 जनवरी 2027 के बाद करने की मांग की है। 22 सितंबर 2026 को लिखे गए पत्र में एसोसिएशन के अध्यक्ष पी.एन. सिंह ने कहा है कि यह विषय आम बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ा है, इसलिए लोगों को अध्ययन कर अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। एसोसिएशन ने आयोग से निवेदन किया है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को 31 दिसंबर 2026 तक अपना अभिमत प्रस्तुत करने का समय दिया जाए और उसके 15 दिन बाद सुनवाई की जाए। पत्र में उठाए गए 6 प्रमुख बिंदु: 1. बिजली दर पर सवाल: टाटा पावर ने याचिका के पेज नं. 485 में रु. 471 में बिजली उपलब्ध कराने की बात कही है, लेकिन यह देखना होगा कि कंपनी मुंबई, उड़ीसा, नॉर्थ दिल्ली और अजमेर में किस दर पर बिजली खरीदती है और किस दर पर उपभोक्ताओं को देती है। 2. कर्नाटक का उदाहरण: टाटा पावर ने कर्नाटक में समानांतर लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था, जिसे जनता के दबाव में वापस लेना पड़ा था। 3. उत्तर प्रदेश में विफलता: 4 वर्ष पूर्व कंपनी पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल बिजली कंपनियों में व्यवस्था संभालने दल-बदल सहित पहुंची थी, जहां से उन्हें बैरंग वापस जाना पड़ा था। 4. महाराष्ट्र की स्थिति: महाराष्ट्र में कई जगह लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है, वहां की वर्तमान स्थिति का अध्ययन जरूरी है। 5. परफॉर्मेंस की जांच हो: जिन राज्यों में टाटा पावर बिजली वितरण कर रही है, वहां उनका परफॉर्मेंस कैसा है, इसका भी अध्ययन किया जाए। 6. 435 करोड़ के दावे पर सवाल: टाटा पावर द्वारा दावा किया गया है कि छत्तीसगढ़ में रु. 435 करोड़ व्यवस्था सुधारने में खर्च किया जाएगा, लेकिन इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि संपूर्ण प्रकरण टाटा पावर द्वारा अपने शेयर होल्डर्स को संतुष्ट करने के लिए किया जा रहा है और यह दिखाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ की चार तहसीलों को बहुत फायदा होगा। जबकि लाइसेंस के लिए चुना गया क्षेत्र मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ का सबसे ज्यादा औद्योगिक खपत वाला क्षेत्र है, अतः इसका असर पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा। पत्र में नॉर्थ दिल्ली में लाइन लॉस 50% से अधिक से घटाकर 10% से कम करने के दावे पर भी सवाल उठाया गया है और कहा गया है कि इससे वहां के उपभोक्ताओं को कितना लाभ मिला, इसका विवरण याचिका में दर्ज नहीं है।

अमृतसर में NRI मिलनी कार्यक्रम, विदेशों में बसे पंजाबियों की शिकायतों का होगा समाधान

अमृतसर. पंजाब सरकार की ओर से प्रवासी पंजाबियों (NRIs) की वर्षों से लंबित समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए अमृतसर में विशेष ‘एनआरआई मिलनी’ (NRI Milni) का आयोजन किया है। राजासांसी एयरपोर्ट के पास स्थित होटल ली मेरिडियन में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मिलनी थोड़ी देर में शुरू होने वाली है। कार्यक्रम में अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जिलों से जुड़े प्रवासी पंजाबी अपनी शिकायतें और मामले सीधे सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखेंगे। मौके पर संबंधित अधिकारियों की ओर से समस्याओं के समाधान को लेकर कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल कार्यक्रम स्थल पर एनआरआई मामलों संबंधी मंत्री डा. रवजोत सिंह और विधायकों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उनके पहुंचने के बाद मिलनी शुरू होगी। कार्यक्रम में शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के भी मौजूद रहने की संभावना है।

DJ बजाने को लेकर बवाल, Bilaspur में खूनी झड़प के बाद 14 गिरफ्तार

बिलासपुर. मस्तूरी थाना क्षेत्र के गतौरा जनकपहरी में गणेश पंडाल में बाजा बजाने की बात को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या कर दी गई. घटना 20 सितंबर की रात करीब 10.30 बजे की बताई गई है. मामले में मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार गणेश पंडाल के पास विवाद होने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे. वहां दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और विवाद चल रहा था. आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने एक राय होकर लाठी-डंडे, फरसा, कुल्हाड़ी, छुरी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया. मारपीट में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए. घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शैलेष कुमार राठौर उर्फ राज को मृत घोषित कर दिया. अन्य घायलों का उपचार जारी है. घटना की सूचना पर मस्तूरी पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बोधीराम राठौर समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार करने की बात पुलिस ने कही है. आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा, लोहे की छुरी और लोहे की कुल्हाड़ी बरामद की गई. सभी आरोपियों को 21 सितंबर को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. बोधीराम राठौर 75 वर्ष, निवासी गतौरा, संतोष राठौर 47 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, दिलीप कुमार राठौर 45 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, दीपक कुमार राठौर 42 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, आकाश राठौर 19 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, शंकर राठौर उर्फ नंदू 33 वर्ष, निवासी गतौरा, आकाश राठौरं उर्फ मोनू 19 वर्ष निवासी जनक पहरी गतौरा, सुरज कुमार राठौर 40 वर्ष, निवासी जनक पहरी गतौरा, रोहित कुमार राठौर 36 वर्ष, निवासी गतौरा, सुनील उर्फ राजा राठौर 28 वर्ष, निवासी गतौरा, प्रकाश उर्फ लालू राठौर 23 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, रवि कुमार राठौर 25 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, आयुष राठौर 21 वर्ष निवासी सारागांव जिला जांजगीर-चांपा और  एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है.

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने करमा पूजा में लिया हिस्सा, लोकपरंपराओं के संरक्षण पर जोर

करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश गृह ग्राम बीरपुर में ग्रामीणजनों के साथ विधि-विधान से की करम देव की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार ‘करमा पूजा’ में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।