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Punjab Weather Update: बारिश की दस्तक के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी, 21 जून तक येलो अलर्ट

लुधियाना  पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 जून तक येलो अलर्ट जारी रहेगा। इस दौरान गरज चमक के साथ छीटे पड़ने, धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। इससे पहले वीरवार भी मौसम का येलो अलर्ट रहा लेकिन विभिन्न जिलों में दिन में धूप निकली और बीच-बीच में बादल भी हने। इस दौरान हवाएं भी जारी रही। जिला बठिंडा में दिन का तापमान सबसे अधिक 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खराब मौसम के बीच आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके बावजूद पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि तापमान अभी भी सामान्य के आसपास बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज और बदलेगा तथा बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके बाद पटियाला का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, पठानकोट और फरीदकोट का तापमान क्रमश 39.5 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस, फिरोजपुर का तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना का तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रहा। चौबीस घंटे में राज्य का औसतन तापमान 1.2 डिगरी सेल्सियस बढ़ा है जोकि सामान्य के नजदीक रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान अनुसार 22 जून तक मौसम का येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान राज्य के कुछ कुछ हिस्सों में गरज चमक के साथ छींटें पड़ने की संभावना है। कुछ जगह पर 40-50 किमी की गति के साथ धूल भरी आंधी भी चल सकती है।  

चंदा चोरी विवाद पर योगी आदित्यनाथ का पलटवार, कहा—SIT जांच सच सामने लाएगी

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जनपद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने वहां वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ है, इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे. किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा।  अयोध्या को बदनाम करने वालों पर बरसे सीएम सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग केवल बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इनका आचरण सबके सामने है, जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, श्री राम बोलने पर लाठियां चलवाईं और कोर्ट में प्रभु राम के खिलाफ केस लड़े।  मुख्यमंत्री ने नसीहत दी कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई भी इस मामले में बयानबाजी न करे और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करे. उन्होंने भरोसा दिया कि अगर कोई अपराधी है तो वह बचेगा नहीं, यह पूरी तरह कन्फर्म है।  बकौल सीएम योगी- सबको अपनी जिम्मेदारी का दायित्व निभाना होगा. जिम्मेदारी का दायित्व निभायेंगे तभी विकास होगा. सपा जय श्री राम कहने पर गोली चलवाती थी. हमने ट्रस्ट की मांग पर SIT बनवाई. जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा. हां, अगर… किसी के पास कोई सुबूत हो तो SIT को दे. लेकिन बयानबाजी से अयोध्या का अपमान न करे. जनता अपमान करने वालों से सावधान रहे।  बेटियों के लिए पीएसी की 3 नई बटालियन अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा भाव को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया. उन्होंने घोषणा की कि डबल इंजन की सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और उदा देवी के सम्मान में कई अभियान शुरू किए हैं. इसी कड़ी में सरकार ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदादेवी पासी के नाम पर पीएसी की तीन नई बटालियन गठित की हैं. सबसे खास बात यह है कि इन तीनों बटालियन में केवल बेटियों की ही भर्ती की जाएगी। 

लंदन बैडमिंटन टूर्नामेंट में जजों की भागीदारी वाले वायरल दावे को लेकर विवाद

नई दिल्ली  भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने ऑनलाइन वायरल हो रही फेक न्यूज के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। फेक खबर में दावा किया जा रहा था कि इस महीने लंदन में हुए बैडमिंटन टूर्नामेंट में कई दर्जन भारतीय जजों ने भाग लिया।दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को शुक्रवार को ही तत्काल सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। क्या है लंदन में जजों के खेलने का पूरा मामला खबरों के मुताबिक, काफी संख्या में न्यायाधीश और वकील दूसरे अंतरराष्ट्रीय बार एंड बेंच बैडमिंटन चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए ब्रिटेन गए थे। 7 जून को लंदन के साउथॉल में भारत और ब्रिटेन के वकीलों के लिए एक 'अंतरराष्ट्रीय' बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। बताया जा रहा है कि इसका आयोजन पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी और डेका इवेंट्स की संस्थापक अबंतिका डेका ने किया था। इस कार्यक्रम को भारत के केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के साथ-साथ कुछ कॉर्पोरेट कंपनियों ने भी प्रायोजित किया था। देखते ही देश में शुरू हो गई बहस हालांकि, इस आयोजन की आलोचना के साथ ही देश में एक नया मुद्दा सामने आ गया। वकील प्रशांत भूषण ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवालों की बौछार कर दी थी। उन्होंने एक्स पर लिखा था, 'कानून मंत्रालय द्वारा लंदन में आज भारतीय न्यायाधीशों और वकीलों के बीच एक अद्भुत बैडमिंटन टूर्नामेंट प्रायोजित किया जा रहा है! अन्य प्रायोजक विभिन्न कॉर्पोरेट कंपनियां हैं। मुख्य न्यायाधीश और कानून मंत्री द्वारा उद्घाटन किया जा रहा है! 150 न्यायाधीश और वकील भाग ले रहे हैं! प्रधानमंत्री की मितव्ययिता की अपील का क्या हुआ? न्यायाधीशों के लिए आचार संहिता का क्या हुआ? न्यायपालिका की स्वतंत्रता का क्या हुआ? घिनौना!' वहीं, सोशल मीडिया पर फिजूलखर्ची को लेकर केंद्र सरकार पर एक से बढ़कर एक आरोप लगने लगे। आज ही होगी सुनवाई शुक्रवार को अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। भारतीय बैडमिंटन संघ ने इस वायरल खबर को ही नकार दिया है। इसी मामले की सुनवाई के निए उसने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने भी केस की गंभीरता और न्यायाधीशों की शुचिता का ख्याल रखते हुए इस मुकदमे की तत्काल सुनवाई करना तय किया है।  

पटना साइंस कॉलेज समेत प्रमुख संस्थानों में शाम की पढ़ाई शुरू करने का शिक्षा विभाग का प्रस्ताव

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि पटना स्थिति एएन कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने अनुग्रह बाबू की जयंती सह कॉलेज के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में घोषणा की। इसके साथ शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि पटना साइंस कॉलेज समेत 10 प्रमुख कॉलेजों में इवनिंग पढ़ाई शुरू होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने पटना साइंस कॉलेज सहित राज्य के 10 प्रमुख महाविद्यालयों में इवनिंग कक्षाओं के संचालन का प्रस्ताव राज्यपाल सचिवालय को भेजा है। इसमें छह कॉलेज पटना व अन्य चार कॉलेज अलग-अलग जिलों में स्थित है। विभाग की ओर से कहा कि इससे बड़ी संख्या में छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिल सकेगा। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य के कुछ प्रमुख महाविद्यालय अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिष्ठा के कारण छात्रों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हैं। ऐसे में इन संस्थानों की उपलब्ध संसाधनों और अधोसंरचना का बेहतर उपयोग करते हुए इवनिंग कॉलेज शुरू किया जाना उपयोगी होगा। इन कॉलेजों में होगी पढ़ाई पटना साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस, जेडी वीमेंस कॉलेज, एमएस कॉलेज मोतिहारी, एलएस कॉलेज मुजफ्फरपुर, टीएनबी कॉलेज भागलपुर और सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा में इवनिंग क्लासेज की व्यवस्था जल्द शुरू होगी। यह व्यवस्था शुरू होने से कामकाजी लोगों को पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग हो सकेगा। बिहार में पूर्व में भी इवनिंग पढ़ाई की व्यवस्था चल रही थी। संध्या क्लास में रोजगार परक पढ़ाई को भी शामिल किया जाएगा। महिलाओं को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। 10 दिनों में एएन कॉलेज कैंपस से हटेगा थाना इधर, एएन कॉलेज स्थिति पुलिस थाना को जल्द शिफ्ट किया जाएगा। इलाके में सुरक्षा प्रबंधों के नजरिए से इस थाना को स्थापित किया गया था। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि दस दिनों में थाने को नए स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र की रीढ़ होती है। आम लोगों को चाहिए कि अपनी कमाई का कुछ हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में लगाना चाहिए। सीएम ने कॉलेज की पत्रिका अनुग्रह ज्योति का लोकार्पण भी किया। उन्होने कहा कि सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने की दिशा में काम कर रही है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की भर्ती, संसानों का विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ का कृषि मॉडल बना मिसाल, सीख लेने महाराष्ट्र से पहुंचा विधायकों का प्रतिनिधिमंडल

किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विकास मॉडल का किया अध्ययन छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की प्रतिनिधिमंडल ने की सराहना रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है। चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

रुदौली में झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण, विपक्ष पर सीएम योगी का हमला

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जनपद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने वहां वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ है, इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे. किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा. अयोध्या को बदनाम करने वालों पर बरसे सीएम सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग केवल बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इनका आचरण सबके सामने है, जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, श्री राम बोलने पर लाठियां चलवाईं और कोर्ट में प्रभु राम के खिलाफ केस लड़े.  मुख्यमंत्री ने नसीहत दी कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई भी इस मामले में बयानबाजी न करे और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करे. उन्होंने भरोसा दिया कि अगर कोई अपराधी है तो वह बचेगा नहीं, यह पूरी तरह कन्फर्म है. बकौल सीएम योगी- सबको अपनी जिम्मेदारी का दायित्व निभाना होगा. जिम्मेदारी का दायित्व निभायेंगे तभी विकास होगा. सपा जय श्री राम कहने पर गोली चलवाती थी. हमने ट्रस्ट की मांग पर SIT बनवाई. जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा. हां, अगर… किसी के पास कोई सुबूत हो तो SIT को दे. लेकिन बयानबाजी से अयोध्या का अपमान न करे. जनता अपमान करने वालों से सावधान रहे. बेटियों के लिए पीएसी की 3 नई बटालियन अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा भाव को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया. उन्होंने घोषणा की कि डबल इंजन की सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और उदा देवी के सम्मान में कई अभियान शुरू किए हैं. इसी कड़ी में सरकार ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदादेवी पासी के नाम पर पीएसी की तीन नई बटालियन गठित की हैं. सबसे खास बात यह है कि इन तीनों बटालियन में केवल बेटियों की ही भर्ती की जाएगी.

रेल संचालन पर चोरों का वार, केबल चोरी से मचा हड़कंप; सतना में दो महिलाएं गिरफ्तार

सतना  मुंबई-हावड़ा रेलखंड पर सतना-मैहर के बीच लगरगवां स्टेशन के पास गुरुवार को सिग्नल की 7 मीटर केबल चोरी हो गई। इस घटना के कारण रेल संचालन लगभग तीन घंटे तक प्रभावित रहा, जिससे अप और डाउन लाइन की 19 ट्रेनें देरी से चलीं।  सिग्नल विभाग के कर्मचारियों ने केबल काट कर ले जा रही महिलाओं को देखा और तत्काल आरपीएफ को सूचित किया। मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम ने पीछा कर दोनों आरोपियों को चोरी की गई केबल के साथ पकड़ लिया। बाद में इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त केबल को जोड़कर रेल संचालन को सामान्य किया। 19 ट्रेनें देरी से चलीं इस घटना से प्रभावित होने वाली ट्रेनों में अप लाइन की अयोध्या-एलटीटी, गोरखपुर-एलटीटी, दानापुर-एसएमवीटी, दरभंगा-अहमदाबाद, वाराणसी-एकता नगर और सतना-कटनी मेमू शामिल थीं। वहीं, डाउन लाइन में डॉ. अंबेडकर नगर-रीवा, एलटीटी-दानापुर स्पेशल, जबलपुर-रीवा शटल सहित पांच से अधिक मालगाड़ियां भी प्रभावित हुईं। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी बीरेन्द्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कल्ली उर्फ सुखमंती (55) निवासी उतैली और चिद्दी उर्फ चिंतामणि निवासी संग्राम कॉलोनी, थाना कोलगवां के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी, कालका-कटरा रेल सेवा बहाल; लंबे इंतजार के बाद आज से दौड़ेगी ट्रेन

कालका कालका, हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब के लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। कालका क्षेत्रवासियों की मांग पर भारतीय रेल ने कालका से कटरा ट्रेन शुरू करने जा रहा है। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहली ट्रेन शुक्रवार 19 जून 2026 को 7.35 बजे चलेगी। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन शुक्रवार और मंगलवार को कटरा के लिए चलेगी। रेल मंत्रालय ने यह ट्रेन चलाकर कालका क्षेत्र सहित हिमाचल के बद्दी, परवाणू, कसौली तथा धर्मपुर, चंडीगढ़ सहित अन्य जगह के लोगों को माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए बड़ी सौगात दी है। कटरा के लिए ट्रेन चलाने की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे। क्योंकि कोरोना काल के दौरान कालका से कटरा जाने वाली ट्रेन को बंद कर दिया गया था। बता दें कि कोरोना काल के दौरान हिमालयन क्वीन, पश्चिम एक्सप्रेस का परिचालन भी रेलवे ने बंद कर दिया गया था। लालगढ़ एक्सप्रेस जोड़ेगा कालका को बठिंडा से रेल मंत्रालय ने कालका को बठिंडा सेे जोड़ने का भी फैसला किया है। इसका अंतिम सर्वे भी हो गया है। हालांकि इस ट्रेन को चलाने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाना है। विभागीय जानकारों के अनुसार कालका से वाया बठिंडा होते हुए लालगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने के लिए रेलवे विभाग ने अंतिम रूप दे दिया है। पहले इस ट्रेन को 5:30 बजे लालगढ़ के लिए रवाना करने का समय निर्धारित किया गया था नए सर्वे के बाद अब इस ट्रेन का कालका से रवाना होने का समय सुबह 9:30 बजे तय किया गया है जबकि लालगढ़ से चलकर सुबह सवा सात बजे यह ट्रेन कालका पहुंचेगी। जानकारी के अनुसार रेलवे ने लालगढ़ एक्सप्रेस का टाइम टेबल तो बना लिया हैं लेकिन इसे चलाने की अधिकारिक घोषणा होनी अभी बाकी है। कटरा के लिए बस सर्विस भी शुरू ट्रेन के साथ साथ माता के भक्त तथा पंजाब और जम्मू साइड में जाने वाले लोग अब हरियाणा रोडवेज की बस सर्विस का भी लाभ उठा सकेंगे। रोडवेज विभाग ने पिछले लंबे समय से बंद पड़े कालका कटरा रूट को पिछले दिनों दोबारा शुरू कर दिया है। कालका बस अड्डे से रोजाना बाद दोपहर 4:40 बजे कटरा के लिए बस रवाना होगी।  

सिंहस्थ तैयारियों पर खास फोकस, उज्जैन में CM मोहन यादव और मनोहर लाल खट्टर लेंगे बड़ी बैठकें

उज्जैन   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर 19 जून को उज्जैन दौरे पर रहेंगे. इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री खट्टर दो महत्त्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों में शामिल होंगे. प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में आयोजित इन बैठकों में कई विभागों की समीक्षा हो सकती है।  शाम को शुरू होंगी दो महत्वपूर्ण बैठकें उज्जैन में सीएम व केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति में पहली बैठक शाम 6 बजे होगी. इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन की राज्य स्तरीय समीक्षा होगी. वहीं, इसके बाद आयोजित दूसरी बैठक में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के अंतर्गत प्रदेश में चल रहे कार्यो और विद्युत वितरण व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ 2028 से जुड़े और अन्य विकास कार्यो की भी समीक्षा कर सकते हैं।  प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में होंगी बैठकें मुख्यमंत्री वीर भारत संघ्राहलय, कान्हा डक्ट परियोजना और केंद्र सरकार की सहायता राशि से चलने वाली अन्य योजनाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं।  तैयार होगा उज्जैन व अन्य शहरों के विकास का रोडमैप दरअसल, उज्जैन में होने वाली समीक्षा बैठकें केवल विभागीय समीक्षा तक समिति नहीं रहेगी बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, बिजली सुधार और धार्मिक पर्यटन विकास के रोडमैप को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है. मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री ल मनोहरलाल खट्टर के दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी हो गई हैं, जिससे समीक्षा बैठकों की व्यवस्थाओं में कोई कमी न हो. हालांकि, इन बैठकों के बाद क्या महत्वपूर्ण निणर्य होने है ये देर शाम आधिकारिक बयानों के बाद ही सामने आ पाएगा।  समीक्षा बैठक में इन मुद्दों पर जोर दे सकते हैं सीएम व केंद्रीय मंत्री मध्यप्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार माना जा रहा है पहली बैठक में निम्लिखित मुद्दों पर सरकार का फोकस हो सकता है।      नगरीय निकायों में कचरा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था को और मजबूत करना.     शहरों की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए विशेष अभियान.     कचरे से खाद और ऊर्जा उत्पादन परियोजना को बढ़ावा.     खुले में कचरा फेंकने और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती बढ़ाना.     सिंहस्थ के कार्यों के साथ-साथ उज्जैन सहित धार्मिक और पर्यटन शहरों में विशेष सफाई मॉडल लागू करना.     नगर निगमों की रैंकिंग के आधार पर जवाबदेही तय करना.     बिजली वितरण कम्पनियों के तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान कम करना.     स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाना.     ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों का उन्नयन.     किसान और घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर.     बिजली चोरी रोकने का विशेष अभियान.

21 जून को NEET री-एग्जाम, परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक सुरक्षा; गेट पर लगेगी बड़ी घड़ी

भोपाल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 21 जून को है। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रदेश के सभी केंद्रों पर CCTV कैमरे और जैमर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए हर सेंटर के बाहर एक बड़ी घड़ी लगाई जाएगी। भोपाल में कुल 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस के साथ रेलवे भी तैयारी कर रहा है। 32 केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को वन-टू-वन मीटिंग की। इसमें बताया गया कि कई बार दो से तीन सेंटरों के नाम एक जैसे होते हैं, जिससे परीक्षार्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए उन्हें केंद्र का नाम और स्थान क्लियर रखें। हमीदिया रोड पर जो सेंटर हैं, उसके रास्ते में लोग गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स को देरी हो सकती है। इसलिए पुलिस गाड़ियों को तुरंत हटा दें। पुराने शहर में मेट्रो का काम चल रहा है। बैरिकेडिंग में सेंटर का नाम छिप सकता है। इसलिए सेंटर की ओर रास्ता दिखाने वाले बोर्ड लगेंगे। भोपाल में 13 हजार 774 छात्र देंगे परीक्षा भोपाल में 13 हजार 774, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है। देखिए ट्रेन का शेड्यूल रेलवे इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह स्पेशल ट्रेन इंदौर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से भोपाल आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगी। गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन 20 जून को किया जाएगा। ट्रेन इंदौर स्टेशन से सुबह 11.25 बजे प्रस्थान कर फतेहाबाद में दोपहर 12 बजे, बड़नगर में दोपहर 12.42 बजे, रतलाम में 1.30 बजे, नागदा में दोपहर 2.23 बजे, उज्जैन में दोपहर 3.25 बजे, मक्सी में शाम 4.30 बजे, शुजालपुर में शाम 5.21 बजे, सीहोर में शाम 6 बजे, बैरागढ़ स्टेशन पर शाम 6.18 बजे और शाम 5 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचेंगी। इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल–रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून 2026 को भोपाल स्टेशन से शाम 7.40 बजे प्रस्थान कर संत हिरदाराम नगर में रात 8.08 बजे, सीहोर में रात 8.34 बजे, शुजालपुर में रात 8.59 बजे, मक्सी में रात 9.59 बजे, उज्जैन में रात 11.05 बजे एवं अगले दिन नागदा रात 12.05 बजे आगमन कर गंतव्य स्टेशन रतलाम रात 12.55 बजे पहुंचेगी। ऐसा रहेगा कोच कम्पोजिशन  ट्रेन में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआर/डी सहित कुल 17 कोच रहेंगे। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ये स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।