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गौतम गंभीर ने उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती में भाग लिया, भारतीय क्रिकेट कोच ने किया दर्शन

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है। शुक्रवार को भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर बाबा के दरबार में पहुंचे। वे यहां सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान वे करीब 2 घंटे तक मंदिर प्रांगण में रहे और नंदी हाल में बैठकर बाबा महाकाल की भस्म आरती देखी। वे पूरी तरह शिव भक्ति में लीन दिखाई दिए। भस्म आरती के दौरान गौतम गंभीर ने नन्दी हाल में बैठकर ओम नमः शिवाय का जाप भी किया। वहीं, दूसरी ओर श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने बाबा महाकाल का प्रसाद व तस्वीर भेंटकर गौतम गंभीर का सम्मान किया। उन्होंने गर्भगृह की चौखट से बाबा महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया। 18 जनवरी को होने वाले मुकाबले के लिए टीम इंडिया इंदौर में मौजूद है। मैच से पहले दोनों कोच सुबह करीब चार बजे महाकाल मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल से टीम इंडिया की सफलता और जीत की कामना की। आरती के पश्चात गौतम गंभीर और शीतांशु कोटक ने गर्भगृह की देहरी से दर्शन किए और नंदी महाराज पर जल अर्पित किया। मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने दोनों का सम्मान भी किया। बगलामुखी धाम में भी की विशेष पूजा गौतम गंभीर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की कामना की। इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। केएल राहुल ने भी लिया बाबा का आशीर्वाद शुक्रवार को ही भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का जाप किया, नंदी महाराज के कान में मनोकामना कही और जल अर्पित किया। पूजन के दौरान केएल राहुल केसरिया दुपट्टा धारण किए हुए नजर आए। राहुल ने गर्भगृह की देहरी से विधिवत पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक सिम्मी यादव ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इंदौर वनडे से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की यह आध्यात्मिक यात्रा क्रिकेट प्रेमियों के बीच खास चर्चा का विषय बनी हुई है।

भोपाल में 111 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई, निगम ने पुलिस को सौंपा एफआईआर करने का आदेश

भोपाल  भोपाल जिले में 111 से अधिक अवैध कालोनियों को चिह्नित किया गया है, जिनकी सूची तैयार हो गई है। जिला प्रशासन ने यह सूची पुलिस को सौंप दी है, जिससे अब संबंधित थाना पुलिस इन अवैध कालोनियों को विकसित करने वाले भूमाफिया और जमीन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है। इसके बाद प्रशासन, नगर निगम के साथ मिलकर अवैध कब्जे तोड़ने की कार्रवाई करेगा। सूची के आधार पर अब तक परवलिया सड़क, सूखीसेवनिया सहित अन्य थाना क्षेत्र में प्रकरण दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि भूमाफिया ने किसानों के साथ मिलकर कृषि भूमि पर ही अवैध कॉलोनी काट प्लाटिंग कर दी है, जिनमें सुविधाओं के नाम पर लोगों को ठगा गया है। 90 प्रतिशत से ज्यादा कृषि भूमि पर कॉलोनियां बनीं कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शहर के हुजूर, कोलार, बैरसिया और गोविंदपुरा तहसील व वृत्त क्षेत्र में भूमाफिया द्वारा पिछले एक साल में 111 से अधिक अवैध कॉलोनियां विकसित की हैं। यहां 90 प्रतिशत से अधिक कृषि भूमि पर यह कॉलोनियां बनी हैं, जिनके पास किसी तरह की कोई अनुमति नहीं है। इसके बाद भी जमीन मालिक और भूमाफिया ने मिलकर लोगों को बिजली, पानी, सड़क, सीवेज, खेल मैदान, मंदिर आदि सुविधाओं का दावा कर प्लाट बेचे हैं। इसके बदले में उन्हें सिर्फ रजिस्ट्री दी गई हैं, जबकि अन्य सुविधाओं के लिए लोग तहसील, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अवैध कॉलोनियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने के आदेश दिए थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए इन्हें सुनवाई का मौका दिया था लेकिन कॉलोनाइजर कोई ठोस दस्तावेज नहीं पेश नहीं कर पाए। यहां अवैध कॉलोनियां, अब तक 10 एफआईआर दर्ज शहर के सेवनियां ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, कालापानी, सुरैया नगर, छावनी पठार, कानासैया, खंडाबड़, सिंकदराबाद, शोभापुर जहेज, सिकंदराबाद, कोलुआ खुर्द, अरेड़ी, नरेला बाजयाफ्त, बंगरसिया, इब्राहिमपुरा, जगदीशपुर, हज्जामपुरा, अचारपुरा, बसई, अरवलिया, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी सड़क, मुबारकपुर, बीनापुर, गोलखेड़ी, चौपड़ा कलां और बांसिया में करीब 111 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गई हैं। इस सूची को पुलिस को दिया गया है, जिसमें भूमाफिया और जमीन मालिकों के नाम दर्ज हैं। इसी के आधार पर थानों में एफआईआर की जा रही हैं, अब तक सूखी सेवनियां, परवलिया सड़क सहित अन्य में करीब 10 एफआइआर दर्ज की चुकी हैं। मां की जमीन पर बेटों ने काटी अवैध कॉलोनी ईंटखेड़ी थाना पुलिस ने अवैध कॉलोनी काटने के मामले में दो एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार पटवारी शुभम श्रीवास्तव ने आवेदन देते हुए बताया कि हुजूर तहसील के ग्राम जगदीशपुर में भूमि स्वामी सीमा हफीज की जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी गई है। इसमें उनके बेटे शाहिद हफीज खां, आमिर हफीज ने बिना अनुमति के प्लाट बेचे हैं। दूसरे आवेदन में बताया कि ग्राम जगदीशपुर में तसनीम आसिफ ने अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लाट बेचे हैं। अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई होगी     भोपाल जिले में अवैध कालोनियों के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है। पुलिस को 100 से अधिक अवैध कॉलोनियों की सूची दे दी गई है। जिसके आधार पर इनमें प्लाट बेचने वाले लोगों व जमीन मालिकों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर रही है, फिर अवैध निर्माण व कब्जे तोड़ने की कार्रवाई होगी। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर  

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद बक्सर के हवलदार सुनील सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल

चौसा/बक्सर. देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जिले के चौसा नगर पंचायत अंतर्गत नरबतपुर निवासी बलिदानी हवलदार सुनील कुमार सिंह (Martyr Sunil Kumar Singh) को भारतीय सेना ने मरणोपरांत 'सेना मेडल (वीरता)' से सम्मानित किया है। यह सम्मान राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित 78वें सेना दिवस समारोह में प्रदान किया गया। सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (operation sindoor)और आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता दिखाने वाले बलिदानियों के परिजनों को यह अलंकरण सौंपा। समारोह के दौरान जब बलिदानी सुनील सिंह के साहस और बलिदान का उल्लेख किया गया, तो उनकी पत्नी सुजाता देवी सम्मान ग्रहण करते समय भावुक हो उठीं। उनकी आंखों से छलकते आंसू हर उपस्थित व्यक्ति को गर्व और पीड़ा दोनों का अहसास करा रहे थे। सेना के अनुसार, हवलदार सुनील कुमार सिंह 237 फील्ड वर्कशाप कंपनी में तैनात थे। 9 मई 2025 की रात पाकिस्तान की ओर से वर्कशाप क्षेत्र पर भीषण गोलाबारी की गई। इसी दौरान उन्होंने छह दुश्मन ड्रोन को अपनी सेंट्री पोस्ट की ओर बढ़ते देखा। बिना देर किए उन्होंने खतरे की सूचना दी और खुले में आकर राइफल से ड्रोन पर फायरिंग शुरू कर दी। तभी शत्रु का गोला पास में फटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में भी उन्होंने अंतिम सांस तक ड्रोन की सटीक जानकारी साथियों को दी, जिससे कई जवानों की जान बच सकी। उनके इस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें मरणोपरांत ‘सेना मेडल (वीरता)’ से सम्मानित किया गया। बलिदानी के सम्मान से पूरा जिला गौरवान्वित है।

ईरान-अमेरिका तनाव से MP में बढ़े ड्राई फ्रूट्स के दाम, केसर की कीमत पहुंची सोने से ऊपर

गुना  कड़ाके की ठंड के इस मौसम मैं जहां शरीर को गर्माहट और ऊर्जा देने के लिए सूखे मेवों (डाय फ्रूट्स) का सहारा लिया जाता है, वहीं इस बार इनकी कीमतों ने आम दमी के पसीने छुड़ा दिए हैं। गुना जिले के बाजारों में मेवों के दाम रॉकेट की रफ्तार से बढ़ यो हैं। आलम यह है कि जिस तरह सोना और चांदी अपनी कीमतों से लोगों को चौकाते हैं, ठीक उसी तरह अब केसर, पिस्ता, बादाम और अंजीर के भाव सुनकर ग्राहकों की नींद उड़ गई है। पिछले दो महीनों के भीतर इन खाद्य पदार्थों की कीमतों में जो जबरदस्त उछाल (Dry Fruits Price)आया है, उसने न केवल आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ा है, बल्कि कारोबारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खीच दी हैं।  केसर ने दिया सबसे बड़ा झटका बाजार में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली तेजी केसर में देखी गई है। ईरान से आने वाले केसर की कीमतों (Saffron Prices) में प्रति किली करीब एक लाख रुपए तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। डेढ़ माह पहले तक जो केसर जिस भाव पर था आज वह बाई लाख से पौने तीन लाख रुपए किलो के स्तर को छू रहा है। हालांकि औषधीय गुणों के कारण इसकी मांग तो बनी हुई है. लेकिन आसमान छूते दामों की वजह से खरीददारों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पिस्ता भी पीछे नहीं है। जो पिस्ता पहले 1800 से 1900 रुपए किलो मिल रहा था, वह अब 2400 रुपए तक पहुंब गया है। यानी सीधे तौर पर 35 फीसदी की बढ़ोतरी। यह है कारण, जिससे बदले समीकरण चाजार विशेषज्ञों और स्थानीय व्यापारियों की मानें तो ड्राय फुट्स की कीमतों में लगी इस आग के पीछे घरेलू से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। वर्तमान में कई देशों के बीच बल रहा आपसी तनाव और सीमाओं पर सैन्य खींचतान ने 'सप्लाई चैन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से ईरान और अमेरिका से जुड़े व्यापारिक समीकरण बदल गए हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ नियमों और खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण आयात महंगा हो गया है। हालात इतने विकट हैं कि तुर्की से आने वाला 'गीला अंजीर तो अब स्थानीय बाजार से लगभग नदारद हो चुका है। बाजार में कहां से क्या आता है ईरान का केसर और पिस्ताः पिस्ता और केसर का मुख्य स्रोत ईरान है। वहां के हालात और परिवहन बाधाओं के कारण आपूर्ति उप जैसे है. जिससे ये सबसे महंगे बिक रहे हैं। अफगानिस्तान का अंजीरः अंजीर का प्रमुख उत्पादन केंद्र अफगानिस्तान है। सीमाई विवादों और राजनीतिक अस्थिरता ने अंजीर की सप्लाई लाइन काट दी है. जिससे इसके दाम 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पाकिस्तान का छुआराः छुआरे की आवक पाकिस्तान से होती है। भारत पाक सीमाओं पर तनाव के चलते माल सीधे नहीं आ पा रहा है। चोरी-छिपे या घुमावदार रास्तों से माल पहुंबने से लागत 300 रु किलो तक पहुंगी है। कैलिफोर्निया बादामः अमेरिकी बादाम पर राष्ट्रपति के टैरिफ फैसलों का साया है, जिससे बादाम की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्या कह रहे हैं कारोबारी ड्राय फ्रूट्स के बड़े कारोबारी बटी जैन बजते हैं कि अपने व्यापारिक जीवन में पिछले दो महीनों जैसी अप्रत्याशित तेजी कभी नहीं देखी। माल की कमी और ऊंची कीमतों ने ग्राहकों को पीछे धकेल दिया है। दुकानदार हुजैफा फारिग का कहना है कि लोग दुकान पर आते तो हैं, लेकिन केसर और पिस्ता के दाम सुनते ही बिना खरीदें लौट जाते हैं। वर्तमान में काजू 1000 रुपए मखाने 1300 रुपए और चिरौंजी 2200 रुपए किलो तक बिक रही है. जो आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है।

गुरदासपुर-मुक्तसर डीसी ऑफिस को उड़ाने की मिली धमकी

गुरदासपुर. पंजाब में बम धमकी भरी ईमेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन आईएस-खोरासान प्रांत (आईएसकेपी) की ओर से अब गुरदासपुर और मुक्तसर साहिब के डीसी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा गया है, जिसके बाद पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारी ईमेल के स्रोत और तकनीकी ट्रेल को खंगाल रहे हैं। हालांकि ईमेल की प्रामाणिकता को लेकर पुष्टि जारी है, लेकिन इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। गुरदासपुर प्रशासन ने तुरंत परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रवेश और निकास द्वारों पर निगरानी दोगुनी कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हर तरह की धमकी को सुरक्षा मानकों के तहत जांचना आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुबह 9.30 बजे ईमेल का पता चला मुक्तसर के डीसी आफिस को खाली करा लिया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस खोजी कुत्तों की मदद से किसी तरह के संभावित बम की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 9 बजे इस मेल का पता चला। इससे पहले अमृतसर, जालंधर और पटियाला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद लुधियाना समेत कई जगहों पर कोर्ट काम्प्लेक्स उड़ाने की भी धमकी मिली थी। हालांकि सर्च में किसी तरह का कोई बम नहीं मिला था। तीन बम  रखने की बात कही गई एसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि डीसी कार्यालय की आफिशियल मेल पर एक मेल आई है। जिसमें तीन बम कंप्लेक्स में रखने की बात कही गई है। जिसके बाद एसएसपी गुरदासपुर आदित्या के निर्देशों पर पूरी जांच की गई है, लेकिन फिलहाल अभी तक ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस की स्टेट साइबर सैल की टीमें जांच कर रही हैं। कंप्लेक्स में भी अभी जांच जारी है और सबकुछ शांतमय चल रहा है श्री हरिमंदिर साहिब को भी ऐसी ही ईमेल मिलीं थी यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले श्री हरिमंदिर साहिब को बीते साल बम से उड़ाने की धमकियां मिली थी। ये एक ईमेल नहीं थी, कई ईमेल थी, जो लगातार श्री हरिमंदिर साहिब प्रबंधकों को भेजी गई थी। उन ईमेल्स में भी तमिलनाडू व डीएमके का जिक्र किया गया था। पुलिस ने लंबी जांच के बाद एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन कुछ भी पुख्ता हाथ ना लगने के कारण किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दो दिन पहले लुधियाना और मोगा में अलर्ट इससे पहले 13 जनवरी 2026 को लुधियाना और मोगा के कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इतना ही नहीं, अमृतसर के भी दो स्कूलों को बम की धमकी से जुड़े ईमेल मिले थे। दोनों स्थानों को तुरंत खाली कराया गया और बम डिस्पोजल स्क्वायड व डॉग स्क्वायड ने कई घंटों तक तलाशी की। हालांकि ये धमकियां नकली साबित हुईं, परंतु कोर्ट का कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित रहा और लोगों में डर का माहौल देखने को मिला। उससे पहले जनवरी 2026 की शुरुआत में रोपड़, आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, मानसा और मोगा अदालतों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जो बाद में hoax निकलीं। दिसंबर 2025 में अमृतसर के 15 स्कूलों को धमकी ईमेल भेजे गए थे, जिसके बाद सभी स्कूलों को खाली कर तलाशी ली गई थी। जानें आईएसकेपी के बारे में आईएसकेपी पाकिस्तान-अफगानिस्तान क्षेत्र में सक्रिय इस्लामिक स्टेट का सहयोगी गुट है, जो समय-समय पर भारत के विभिन्न शहरों को निशाना बनाने की धमकी देता रहा है। पंजाब में बार-बार हो रही बम धमकी ईमेल की घटनाओं से पुलिस और खुफिया एजेंसियों में गहरी चिंता बनी हुई है।

विदेशी फंडिंग से राजनांदगांव में चल रहा था धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क

राजनांदगांव. जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क मिला है। ग्राम धर्मापुर में एक डेविड चाको नामक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थी। जिले के सुदूर अंचल गांवों में जहां बिजली की व्यवस्था नहीं होती थी वहां ग्रामीणों को डिजिटल प्रोजेक्टर लगाकर प्रभावित किया जा रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। मामला लालबाग थाना क्षेत्र के सुकुलदेहन चौकी का है। आरोपी के पास से कुछ विदेशी उपकरण बरामद किए गए है, जिनकी कीमत हजारों डॉलर में है। पुलिस को शक है कि इनकी फंडिंग विदेशों से होती थी। राज्य के कई जिलों में इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले की शुरुआत 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से मिली एक लिखित शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है, जहां नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है और कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। SP अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के पास से सोलर-आधारित हाई-टेक प्रोजेक्टर जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है।

धीरेंद्र शास्त्री ने छतरपुर में आरएसएस को लेकर कहा- ‘अगर RSS न होता तो इतने हिंदू भी न बचते’

छतरपुर जिले के बड़ामलहरा में आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ की सराहना करते हुए कहा कि अगर भारत में आरएसएस न होता, तो आज हिंदू नहीं बचा होता। आरएसएस न होता तो हिंदू नहीं बचता: बाबा बागेश्वर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए महाराज ने चेतावनी दी कि यदि हिंदू आज एकजुट नहीं हुए, तो आने वाले समय में यहां भी बांग्लादेश जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सनातनियों से जातिवाद छोड़कर एक होने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। पीढ़ियों को संस्कार भी सौंपने चाहिए अपने संबोधन में बागेश्वर महाराज ने कहा कि हम अपनी संपत्ति और व्यापार आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाकर रखते हैं, लेकिन इसके साथ ही हमें अपनी पीढ़ियों को संस्कार भी सौंपने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि देश में आरएसएस न होता तो शायद आज जो हिंदू बचे हैं, वे भी न होते। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भरे मंच से आरएसएस की तारीफ करते हुए कहा, ''भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अगर न होता तो इतना भी हिंदू न बचा होता. डॉक्टर हेडगेवार की परंपरा ने अभूतपूर्व कार्य किया. गांव-गांव, गली-गली में समस्त हिंदू समाज को एकजुट करने का कार्य किया.''  यह बात बागेश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर के बड़ा मलहरा के हिंदू एकता वाले मंच से कही. बागेश्वर बाबा ने इस बात पर गर्व जताया कि आज भारत RSS का शताब्दी वर्ष मना रहा है. उन्होंने कहा कि 100 वर्षों की यह तपस्या ही है जो आज हिंदू समाज को संगठित होने का साहस दे रही है. इतना ही नहीं, शास्त्री ने जोर देकर कहा कि जिसके पास ताकत है, समझ लेना उसके पास एकता है. एकता के बिना अस्तित्व संभव नहीं है.  धीरेंद्र शास्त्री ने देश के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए एक कड़ी चेतावनी भी दी. न्होंने कहा कि यदि हिंदू समाज जातियों, भाषावाद और क्षेत्रवाद में बटा रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी वही हालात होंगे जो वर्तमान में बांग्लादेश में दिख रहे हैं.  उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एकता नहीं रही, तो ऐसी परिस्थितियां केवल सीमा पार ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और हमारे छतरपुर जिले तक भी पहुंच सकती हैं.  भारत माता की पूजन से हुए शुरुआत बड़ा मलहरा के स्टेडियम में हुए इस हिंदू सम्मेलन की शुरुआत भारत माता के पूजन के साथ हुई। पं. शास्त्री ने मकर संक्रांति के त्योहार का उदाहरण देते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे तिल अकेले का कोई अस्तित्व नहीं होता, लेकिन गुड़ के साथ मिलकर वह लड्डू बन जाता है, उसी प्रकार एकता से कोई भी शक्ति परास्त नहीं कर सकती। जातिवाद को खत्म करने पर जोर उन्होंने यह भी कहा कि यदि हमें अपनी संस्कृति और संस्कार बचाने हैं, तो जातियां भले ही रहें, लेकिन जातिवाद समाप्त होना चाहिए। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से एकजुट रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक जसूदा सुमन, सहायक क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर, सह प्रांत प्रचारक श्रवण और विभाग प्रचारक शिवेंद्र सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

बिहार में बच्चों के नामांकन पर 119 स्कूलों के प्रधानाध्यापक पटना तलब

पटना. बिहार में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के प्रारंभिक आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है. राज्य के सरकारी विद्यालयों में छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. बीते शैक्षणिक सत्र 2024-25 की तुलना में इस बार कुल 5,44,729 छात्रों की कमी आयी है. राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सभी जिलों को भेजे गये पत्र में बताया गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक नामांकन की समीक्षा की गयी, जिसमें कई जिलों की स्थिति चिंताजनक पायी गयी. आंकड़ों के अनुसार करीब 20 जिलों में नामांकन 10 प्रतिशत से अधिक घटा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024-25 में कुल एक करोड़ 70 लाख 56 हजार 193 बच्चे विभिन्न कक्षाएं नामांकित किये गये. इसकी तुलना में वर्ष 2025-26 में पांच लाख, 44 हजार 729 बच्चों का कम नामांकन हुआ. वर्ष 2025-26 में कुल एक करोड़ 65 लाख छह हजार 771 बच्चों का नामांकन हुआ है. नामांकन का यह आंकड़ा एक जनवरी 2026 तक का है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 जिले में जिसमें सुपौल, सीतामढ़ी, अरवल, सीवान, भोजपुर, अररिया, दरभंगा, बेगुसराय, नालंदा, नवादा, शिवहर, गया, मधुबनी, सहरसा, बक्सर, सारण, मुंगेर, किशनगंज, लखीसराय और गोपालगंज में तीन से 10 प्रतिशत तक तीन से 10 प्रतिशत तक यू-डायस पोर्टल पर पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रविष्ट की गयी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि यू-डायस पोर्टल पर बच्चों की कम प्रविष्ट पर शिक्षा मंत्रालय ने नाराजगी व्यक्त की है. अधिकारियों ने कहा कि 2024-25 में बहुत सारे स्कूलों में दोहरे नामांकन का मामला सामने आया था. जब बच्चों के नामांकन का आधार कार्ड से मिलान किया गया तो बहुत सारे बच्चों का नामांकन कट गया. 2025-26 में फर्जी नामांकन पर रोक लगायी गयी है इसके कारण नामांकन घट गया है. पहली कक्षा में सबसे अधिक गिरावट जिला-स्तरीय समीक्षा में यह सामने आया है कि प्रारंभिक कक्षाओं में नामांकन का संकट सबसे गहरा है. पहली कक्षा में 2,832 विद्यालयों में शून्य नामांकन दर्ज किया गया है. वहीं, छठी कक्षा में 663 विद्यालय, नौवीं कक्षा में 219 विद्यालय, 11वीं में 184 विद्यालयों में नामांकन शून्य रहा है. पटना जिले में सरकारी और निजी स्कूल मिलाकर लगभग 11 लाख बच्चे नामांकित हैं. यू-डायस की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई बड़े जिलों में भी नामांकन घटा है. पटना में 15,133 छात्रों की कमी दर्ज की गयी है. गोपालगंज में 40573, सारण में 39083, नवादा में 20862, मधुबनी में 34275, गया में 28724, पूर्वी चंपारण में छात्रों की गिरावट दर्ज की गयी है. राज्य का कुल नामांकन प्रतिशत 96.81% ही रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है. केंद्र सरकार ने जतायी नाराजगी जीइआर (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो) और एनइआर (नेट एनरोलमेंट रेशियो) में गिरावट को लेकर केंद्र सरकार ने भी असंतोष जताया है. इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विद्यालय एवं छात्रवार नामांकन की गहन समीक्षा कर 10 जनवरी तक शत-प्रतिशत यूडायस पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करें.

हरियाणा पुलिस भर्ती के लिए 1.37 लाख से अधिक युवाओं ने किए आवेदन

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित की जा रही 5,500 पुलिस कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया इन दिनों पूरे शबाब पर है। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति साझा करते हुए उम्मीदवारों के उत्साह की सराहना की है। भर्ती पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, युवाओं में इस भर्ती को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। अभी तक कुल 1,37,533 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कर लिया है। चेयरमैन ने बताया कि आयोग द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से स्थिर है। आवेदन के दौरान आने वाली समस्याओं को लेकर हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल्स की संख्या बहुत ही कम है, जो यह स्पष्ट करता है कि तकनीकी रूप से प्रक्रिया अत्यंत सफल और सुचारू रूप से चल रही है। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन के लिए अंतिम तिथि (25 जनवरी 2026) का इंतजार न करें। अंतिम समय में वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए समय रहते अपना फॉर्म 'फाइनल सबमिट' कर लें। यदि फॉर्म भरते समय कोई समस्या आती है, तो अभ्यर्थी तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800-572-8997 पर संपर्क कर सकते हैं।

‘गर्भवती पत्नी की देखभाल’ की दलील पर हाईकोर्ट ने दे दी जमानत

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज एक आरोपी को उसके बच्चे के जन्म और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान उसकी पत्नी की देखभाल करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। जस्टिस संजय वशिष्ठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की पत्नी पहले से ही गर्भवती थीं और अब 05 जनवरी 2026 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया है। निःसंदेह, इस समय याचिकाकर्ता की पत्नी को अपने सबसे अच्छे साथी यानी अपने पति के साथ की आवश्यकता होगी। याचिकाकर्ता की पत्नी और नवजात शिशु के स्वास्थ्य आदि की देखभाल के लिए उन्हें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पांच जनवरी को दिया था बच्चे का जन्म याचिकाकर्ता ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22 के तहत पंजाब में दर्ज एफआईआर के संबंध में दो महीने की अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। यह याचिका इस आधार पर दायर की गई थी कि याचिका दायर करते समय उनकी पत्नी गर्भावस्था के उन्नत चरण में थीं और बाद में उन्होंने 05 जनवरी को एक बच्चे को जन्म दिया था। पुलिस रिपोर्ट में जमानत देने का विरोध करते हुए बताया गया कि याचिकाकर्ता के पास से ट्रामडोल हाइड्रोक्लोराइड यूएसपी 100 मिलीग्राम की 1,12,000 गोलियां बरामद की गई हैं और वह कथित तौर पर एक बड़े मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का हिस्सा था। राज्य ने आगे तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की पत्नी अपने ससुराल वालों और माता-पिता की देखरेख में है और जमानत पर रिहा होने की स्थिति में याचिकाकर्ता के फरार होने की संभावना है। 'देखभाल और ध्यान की आवश्यता है' दोनों पक्षों की बात सुनने और रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद, न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता की पत्नी द्वारा हाल ही में बच्चे को जन्म देने के तथ्य पर कोई विवाद नहीं था। यह देखते हुए कि ऐसी अवस्था में एक महिला को अपने पति के साथ और समर्थन की आवश्यकता होती है और मां और नवजात शिशु दोनों को ही अत्यधिक देखभाल और ध्यान की आवश्यकता होती है, न्यायालय ने मामले की बारीकियों में जाए बिना यह माना कि याचिकाकर्ता मानवीय आधार पर सीमित अंतरिम राहत का हकदार है। याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत इस शर्त पर दी गई थी कि वह राष्ट्रीयकृत बैंक से 5 लाख रुपए की एफडीआर के रूप में बैंक गारंटी निचली अदालत में जमा करे।