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रतलाम में एमडी ड्रग्स का बड़ा जखीरा बरामद, 16 गिरफ्तार, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

रतलाम  रतलाम जिले के जावरा अनुभाग के ग्राम चिकलाना में पुलिस ने एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है। यहां भारी मात्रा में एमडी तैयार की जा रही थी। मौके से करीब 2 किलो केमिकल का घोल बरामद किया गया है। वहीं 10 किलो एमडी ड्रग्स भी मिली है। पुलिस ने 16 लोगों को को हिरासत में लिया है। यहां से पुलिस को दो जिंदा कारतूस और 12 बोर की बंदूकें जैसे हथियार भी जब्त किए गए हैं। मौके पर दो एडिशनल एसपी समेत 5 थानों के 50 से ज्यादा पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। वहीं दो मोर मिलने की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी भी वहां पहुंच गए हैं। कार्रवाई जारी हैं। अल सुबह 3-4 बजे पुलिस का बड़ा एक्शन जानकारी मिल रही है कि ये पूरी कार्रवाई पुलिस ने शुक्रवार अल सुबह 3-4 बजे तब की जब गांव समेत शहर के सभी लोग गहरी नींद में थे। पुलिस ने यहां दिलावर पठान नामक शख्स के मकान पर ये कार्रवाई की है। दबिश के दौरान यहां भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स बनाई जी रही थी। अब तक क्या-क्या मिला – 10 किलो 900 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद – 16 आरोपी गिरफ्तार – दो चंदन के पेड़ो की लकड़िया – 91 जिंदा कारतूस, 12 बोर कि 2 बंदूके – दो जिंदा मोर – 3 करोड़ रुपए का केमिकल – कुल 15 करोड़ रुपए की कीमत का पूरा माल – वन विभाग के अधिकारी भी पहुंचेंगे मौके पर भोपाल में बना अस्थायी कंट्रोल रूम, मोबाइल बता दें कि इस कार्रवाई को जब अंजाम दिया गया, उस समय एसपी अमित कुमार भोपाल में थे। उन्होंने वहीं अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया। जहां से वे टीम को निर्देश देते रहे। उन्होंने तस्करों की मोबाइल लोकेशन के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया। इस दौरान रतलाम ग्रामीण के एडिशनल एसपी विवेक लाल के साथ जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय थे। रतलाम बल्कि जावरा और उसके आसपास के क्षेत्रों का भी पुलिस बल मौके पर पहुंच चुका था। थोड़ी देर में पुलिस करेगी पूरा खुलासा कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के साथ रतलाम के जावरा और कालूखेड़ा थाना क्षेत्र का पुलिस बल मौके पर मौजूद है। फिलहाल पूरे मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। थोड़ी देर में पुलिस इस मामले का पूरा खुलासा करेगी।

MP विधानसभा का सत्र 16 फरवरी से शुरू, 19 दिनों तक चलेगी कार्यवाही, शेड्यूल हुआ जारी

 भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने आगामी सेशन की अधिसूचना जारी कर दी है. यह 16वीं मध्य प्रदेश विधानसभा का नौवां सत्र होगा. 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट के साथ-साथ कई अहम सरकारी कार्यों को निपटाया जाएगा. हालांकि, यह साफ नहीं है कि FY 2026-27 के लिए राज्य का बजट कब पेश किया जाएगा.  विधानसभा सचिवालय ने सदस्यों के लिए तमाम प्रस्तावों के नोटिस जमा करने की अंतिम तिथियां भी स्पष्ट कर दी हैं. 19-दिवसीय सत्र के दौरान महत्वपूर्ण सरकारी काम होंगे और इसके लिए, प्राइवेट सदस्यों के बिलों के नोटिस 4 फरवरी तक विधानसभा सचिवालय में स्वीकार किए जाएंगे.   4 दिन के बाद 2 दिन का अवकाश मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ 16 फरवरी को शुरू होगा. इसके बाद 20 फरवरी तक सदन चलेगा. 21 फरवरी, दिन शनिवार और 22 फरवरी, रविवार को अवकाश रहेगा. 23 फरवरी से 27 फरवरी तक सदन की कार्यवाही चलेगी. इसके बाद 28 फरवरी से लेकर 4 मार्च तक का अवकाश होगा. 28 फरवरी को शनिवार और 1 मार्च को रविवार है. जबकि 3 और 4 मार्च को होली का अवकाश रहेगा. इसके बाद 5 और 6 मार्च को सदन की कार्यवाही होगी. यह 16वीं विधानसभा का नौवां सत्र होगा. सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगु भाई पटेल विधानसभा पहुंचकर अभिभाषण पेश करेंगे. इसमें सरकार की उपलब्धियों को रखा जाएगा. इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर 17 और 18 फरवरी को कृतज्ञता प्रस्ताव पर चर्चा होगी. होली का रहेगा तीन दिन का अवकाश 28 फरवरी से चार मार्च तक सदन की कार्यवाही नहीं होगी। 28 फरवरी को शनिवार और एक मार्च को रविवार का अवकाश रहेगा। तीन मार्च को होली है। इस दिन पहले और एक दिन बाद अवकाश रखा गया है। इसके पहले 21 और 22 फरवरी को शनिवार और रविवार का अवकाश रहेगा। कम अवधि को लेकर आपत्ति जताएगी कांग्रेस विधानसभा के बजट सत्र में बैठक की कम अवधि को लेकर कांग्रेस आपत्ति जताएगी। पिछले सत्र में इसको लेकर काफी हंगामा हुआ था, जिसके देर रात तक सदन की कार्यवाही संचालित की गई थी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि सरकार सदन में चर्चा कराने से भागती है। यही कारण है कि सत्र की अवधि लगातार घटाई जा रही है। हम विधायक दल की ओर से सरकार से मांग करेंगे कि सत्र की अवधि बढ़ाई जाए ताकि जनहित के मुद्दों पर सदन में सार्थक चर्चा हो सके। 19 जनवरी से 2 फरवरी तक लगा सकेंगे सवाल विधानसभा सत्र के लिए विधायकों द्वारा सवाल लगाने की तारीखें भी निर्धारित कर दी गई हैं. विधायक 19 जनवरी से 2 फरवरी के बीच सवाल लगा सकेंगे. इसके लिए विभागवार अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं. उधर अशासकीय विधेयकों की सूचनाएं 4 फरवरी 2026 और अशासकीय संकल्पों की सूचनाएं 5 फरवरी तक ली जाएंगी. स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण, नियम 267 के तहत सूचनाएं 10 फरवरी 2026 से विधायक विधानसभा सचिवालय में दे सकेंगे. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि प्राइवेट सदस्यों के प्रस्तावों के नोटिस 5 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे. जबकि, स्थगन प्रस्ताव ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के नोटिस 10 फरवरी से विधानसभा कार्यालय में स्वीकार किए जाएंगे. यह 16वीं मध्य प्रदेश विधानसभा का नौवां सत्र होगा, जिसका गठन दिसंबर 2023 के राज्य चुनावों के बाद हुआ था. 

रिश्वत मामले की फाइलें लोकायुक्त कार्यालय से गुम, हाईकोर्ट के रडार पर अधिकारी, FIR की मांग

जबलपुर  लोकायुक्त कार्यालय से गुम हुई रिश्वत संबंधित प्रकरण की फाइल के मामले में हाईकोर्ट सख्त रुख अपनाया है. हाईकोर्ट ने लोकायुक्त के इतने अहम दस्तावेज गुम होने जाने के बावजूद भी एफआईआर दर्ज नहीं करवाए जाने पर हैरानी व्यक्त की है. हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस विनय सराफ ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को लोकायुक्त की फाइल गुमने के संबंध में एफआईआर दर्ज करवाने व सेवानिवृत्त लापरवाह अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय जांच प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए हैं. क्या है लोकायुक्त की फाइल गुमने का मामला? पीडब्ल्यूडी के हेड क्लर्क अनिल कुमार पाठक की ओर से इस मामले में याचिका दायर की गई थी. याचिका में ट्रायल कोर्ट के द्वारा कार्यवाही के दौरान लिए गए आवाज के नमूनों को द्वितीय साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने के आदेश को चुनौती दी गई थी. याचिका में कहा गया था कि लोकायुक्त ने उनके खिलाफ अगस्त 2009 में तीन हजार रु की रिश्वत लेने का प्रकरण दर्ज किया था. प्रकरण संबंधित मूल फाइल गुम जाने के बाद लोकायुक्त ने कार्यवाही के दौरान आवाज के नमूनों को द्वितीय साक्ष्य के रूप के स्वीकार करने ट्रायल कोर्ट में आवेदन दायर किया था. ट्रायल कोर्ट द्वारा मूल फाइल गुम होने के बाद आवाज के नमूनों को द्वितीय साक्ष्य स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने पुर्निरक्षण याचिका दायर की. अधिकारी की लापरवाही आई सामने याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले उपस्थित हुईं. उन्होंने बताया कि मूल फाइल खो जाने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे. इंचार्ज डीएसपी ओसकर किंडो ने फाइल खो जाने के लिए अपनी गलती स्वीकार की थी, जिसके बाद युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि यह समझ से परे है कि लोकायुक्त की एक महत्वपूर्ण फाइल गुमने की एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई गई? डीजीपी को जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए डीजीपी को निर्देशित किया है कि फाइल गुमने के संबंध में एफआईआर दर्ज करवाएं. इसके साथ ही लापरवाह अधिकारी को सेवानिवृत्त हुए चार साल से अधिक का समय नहीं हुआ है, ऐसे में उसके खिलाफ भी विभागीय जांच प्रारंभ की जाए.

लाड़ली बहनों की संख्या 30 महीने में 5.70 लाख कमी, 1.25 करोड़ महिलाओं को मिलेंगे 1836 करोड़ रुपये

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। एक साल के अंतराल में इस योजना में एक लाख से अधिक नाम कम हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव योजना के लिए पात्र बचीं महिलाओं के खातों में आज 1500 रुपए के मान से 1836 करोड़ से अधिक की रकम ट्रांसफर करेंगे। लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त आज नर्मदापुरम के माखननगर में होने वाले आयोजन के दौरान ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना में पहले 1250 रुपए दिए जाते थे, लेकिन नवंबर 2025 से 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार पर हर माह 300 करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय भार बढ़ा है। अक्टूबर 2025 तक 1500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि योजना में एक साथ ट्रांसफर होती थी, जो दिसंबर 2025 में 1850 करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंच गई थी। इस तरह काटे गए लाड़ली बहना योजना में नाम लाड़ली बहना योजना में नए नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं, इसके उलट योजना में पात्र महिलाओं के नाम उम्र और अन्य शर्तों के आधार पर कटते जा रहे हैं। इसी कारण इनकी संख्या 2023, 2024 और 2025 में बढ़ने की बजाय घटी है। जब योजना शुरू हुई थी तो कुल 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 आवेदन आए थे। इसके बाद 2 लाख 18 हजार 858 नाम आपत्तियों को आधार बनाकर काटे गए थे, जिसके बाद यह संख्या 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई थी। अब यह संख्या एक करोड़ 25 लाख से अधिक तक पहुंचने वाली है। योजना अंतर्गत अब तक जून 2023 से दिसंबर 2025 की अवधि में कुल 48 हजार 632 करोड़ 70 लाख रुपए हितग्राही महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। मोहन यादव के सीएम बनने के बाद जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के दौरान 38 हजार 635 करोड़ 89 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। ऐसे दिमाग में आई लाड़ली बहना तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 मार्च 2023 को भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहना योजना बनाने का खुलासा किया था। उन्होंने सभा में सार्वजनिक रूप से कहा कि मैं रात भर जागा। सुबह 4 बजे मैंने पत्नी को जगाया। कहा- एक योजना मेरे दिमाग में आई है। सभी बहनें मुझे भाई मानती हैं। मैं भी तो अपनी बहनों को कुछ दूं। साल में एक बार पैसा देने से काम नहीं चलेगा। हर महीने पैसा देंगे, तो बहनों की समस्या का समाधान होगा। वे इज्जत से जी सकेंगी। इसी विचार से बनी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना। यह योजना नहीं, बहनों की जिंदगी बचाने का महा अभियान है।

मध्यप्रदेश में ठंड का कहर, पारा 4.6 डिग्री तक गिरा, कोल्ड वेव और कोहरे का असर: 20 बाद मावठा गिरने की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस वक्त ठंड अपने चरम पर है. उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि कई जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. सुबह और रात के समय ठंड इतनी तेज है कि लोग घरों से निकलने में भी हिचक रहे हैं. शाजापुर में चला कोल्ड वेव का जोर शाजापुर में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला. यहां कोल्ड वेव की स्थिति बनी रही. तेज ठंडी हवाओं के चलते लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा. सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा और गलियों में कोहरा साफ नजर आया. सुबह होते ही छा गया घना कोहरा आज सुबह मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. खासतौर पर ग्वालियर-चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में घना कोहरा छाया रहा. कई इलाकों में विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी. गुरुवार की रात शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया। शाजापुर, कटनी के करौंदी और मंदसौर में तापमान 4.7 से 4.8 डिग्री के बीच रहा। राजगढ़ में 5.5 डिग्री, रीवा में 6.2 डिग्री, दतिया में 6.6 डिग्री और पचमढ़ी में 6.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उमरिया, नौगांव, मंडला, खजुराहो, सतना, दमोह, सीधी, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मलाजखंड और रतलाम में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी पारा फिर 10 डिग्री से नीचे आ गया। भोपाल में 8 डिग्री, ग्वालियर में 7.4 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कोहरे से जनजीवन प्रभावित शुक्रवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। इसके अलावा भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, सागर, शाजापुर, सीहोर और रायसेन समेत कई जिलों में मध्यम कोहरा देखा गया। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर में विजिबिलिटी घटकर करीब 1000 मीटर रह गई थी। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कोहरे से जनजीवन प्रभावित शुक्रवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। इसके अलावा भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, सागर, शाजापुर, सीहोर और रायसेन समेत कई जिलों में मध्यम कोहरा देखा गया। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर में विजिबिलिटी घटकर करीब 1000 मीटर रह गई थी। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड का असर शाजापुर में भी देखने को मिल रहा है. यहां पर भी सर्द हवाओं ने जनजीवन को खासा प्रभावित कर रखा है. बीते कुछ दिनों में राहत के बाद एक बार फिर से ठंड अपना असर दिख रही है. बीती रात भी यहां पर तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं सुबह घना कोहरा देखने को मिला, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी तो होगी, लेकिन घने कोहरे की मार अभी और झेलना होगी. टीकमगढ़ जिले में भी अब सुखी ठंड ने लोगों को परेशानियों में डाल दिया, जिससे लोग बेहद परेशान है. हाड़ कपाने वाली सुखी ठंड कुहरा, बर्फवारी और शीतलहर वाली ठण्ड से कही ज्यादा खतरनाक होती है. इससे शरीर मे अकड़न होती हाथ पैर सुन्न होते और पूरा शरीर अकड़ने लगता है. जिससे किसानों और ग्रामीणों को खेतो पर जाने में दिक्क़त होती है. हालांकि  बुंदेलखंड में ठंडक और शीतलहर मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण होती है.मखासकर जब पहाड़ों पर बर्फबारी होती है; साथ ही, क्षेत्र की ग्रेनाइट चट्टानों और पथरीली मिट्टी के कारण गर्मी और सर्दी दोनों का असर तीव्र होता है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव महसूस होता है और रात-सुबह घना कोहरा छा जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है. 

दिल्ली में 20 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, जानें आपके राज्य में कब आएगी बारिश और कहां होगी ठिठुरन

नईदिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरे का डबल अटैक जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनी ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों के लिए कई राज्यों में 'गंभीर शीतलहर' की चेतावनी जारी की है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 2.3 डिग्री के साथ जमी दिल्ली दिल्ली में ठंड ने पिछले दो दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पालम में पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 20 साल में सबसे कम है। दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ गया है। दिल्ली का AQI 343 (बहुत खराब) श्रेणी में पहुंच चुका है। दिल्ली में शुक्रवार को भी शीतलहर जारी रहेगी और शाम को बादल छा सकते हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश 16 से 21 जनवरी के बीच उत्तर भारत के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर की डल झील का पानी कई जगहों पर जम गया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में 18 से 20 जनवरी के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है। यूपी में बारिश से बढ़ेगी ठंड वहीं, देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले कई दिनों से दोपहर में हो रही धूप से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर ठंड ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 जनवरी को यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इससे ठंड में और इजाफा होगा। राजस्थान में मौसम का मिजाज राजस्थान के कई हिस्से में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17-18 जनवरी को राज्य के उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इससे आगामी 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने व शीतलहर से राहत मिलने का अनुमान है। वहीं, एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ 22 से 24 जनवरी के दौरान सक्रिय हो सकता है।

उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का कहर! IMD ने जारी किया राहत नहीं मिलने का अलर्ट

लखनऊ  राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों समेत उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है. आज के मौसम की बात करें तो देश के उत्तरी और कुछ दक्षिणी हिस्सों में घना कोहरा (Dense Fog) और निचले इलाकों में बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में अगले 2 दिनों तक कोल्ड डे (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी.  दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इस समय उत्तर भारत के कई इलाको में घना कोहरा है. दिल्ली में भी विजिबिलिटी बेहद कम है. पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई ऐसे इलाके भी हैं जहां विजिबिलिटी जीरो है. IMD का पूर्वानुमान है कि उत्तर भारत में अभी ऐसी ही ठंड और कोहरे का प्रकोप बना रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में अभी 2 दिन तक कोल्ड डे (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी. 16 और 17 जनवरी को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर का दौर जारी रहेगा. वहीं, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 16 जनवरी को भी यह स्थिति देखी जा सकती है. ठंड के कारण नोएडा के स्कूलों की बढ़ीं छुट्टियां घने कोहरे और भीषण सर्दी के कारण नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में 8वीं तक के स्कलों की छुट्टी बढ़ा दी गई है. कक्षा 1 से लेकर 8वीं कक्षा तक सभी स्कूल अब  17 जनवरी तक बंद रहेगै. कश्मीर घाटी में कड़ाके की सर्दी, माइनस में पारा! कश्मीर घाटी में इन दिनों बहुत ठंड पड़ रही है. तापमान लगातार गिर रहा है और शीत लहर (कोल्ड वेव) का असर पूरी तरह दिख रहा है. आज (शुक्रवार) सुबह श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे दर्ज किया गया. कई इलाकों में तापमान माइनस में चला गया है. वहीं, सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता कम हो गई.

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा – तातापानी महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

रायपुर : तातापानी महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: मंत्री रामविचार नेताम स्थानीय कलाकारों ने वनांचल की समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेरी पद्मअनुज शर्मा की सुरीली आवाज पर झूमे दर्शक स्कूली छात्र-छात्राओं ने लोक नृत्यों के माध्यम से प्रस्तुत की परम्परा की झलक रायपुर बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अपनी अनूठी संस्कृति और लोक परंपराओं के लिए अपनी विशेष पहचान रखता है। इसी गौरवशाली विरासत को संजोने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को उत्साह से भर दिया। इस मौके पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।  मंत्री नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि तातापानी महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। प्रशासन और स्थानीय जनभागीदारी से यह आयोजन प्रतिवर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है। महोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आकर्षण प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार और पद्मसे सम्मानित अनुज शर्मा रहे। उन्होंने अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की ऐसी जादुई प्रस्तुति दी कि पंडाल में मौजूद हजारों दर्शक मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन कर वनांचल की समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेरी। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने न केवल पारंपरिक लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया, बल्कि जिले में हो रहे विकास कार्यों को भी रचनात्मक ढंग से मंच पर उतारा। अतिथियों ने बच्चों के इस हुनर की मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे। 

सेना दिवस परेड में दिखा राजस्थान का रंग, विशाल कठपुतली ने बिखेरी लोक कलाओं की छटा

जयपुर सेना दिवस के अवसर पर जयपुर में महल रोड पर आयोजित सेना परेड में राजस्थान पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से प्रस्तुत कलात्मक एवं भव्य झांकी को देखकर वहां उपस्थित दर्शकगण मन्त्रमुग्ध हो गए। राजस्थान की इस भव्य झांकी में ने हमारी गौरवशाली परंपराओं एवं आधुनिक पर्यटन का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें राज्य की सदियों पुरानी वास्तुकला, पारंपरिक हस्तशिल्प और विश्व प्रसिद्ध लोक कलाओं की अनूठी झलक दिखी। भारत माँ की जयकार तथा वहां उपस्थित प्रत्येक भारतीय के मन में राष्ट्रभक्ति की हिलोरों के बीच राजस्थान की लोक कलाओं का खूब जयगान एवं यशगान हुआ। ऐसी रही राजस्थान की झांकी झांकी के आगे की साइड में राजस्थान की सबसे लोकप्रिय लोक कलाओं में से एक, कठपुतली कला को उत्कृष्ट रूप में दर्शया गया। जिसमें एक विशाल कठपुतली (पपेट) राजस्थान की लोक कला एवं संस्कृति की अगुवाई करते नज़र आई। राजस्थान की झांकी में कठपुतली कलाकार राजू भाट की अंगुलियों पर नाचती हुई कठपुतलियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। आर्मी डे परेड में राजस्थान की समस्त लोक कलाओं का नेतृत्व कर रही यह विशाल कठपुतली जैसे आगंतुकों का स्वागत करने की राजस्थान की विशिष्ट परम्परा का निर्वहन कर रही हो। झांकी के वाहन के मध्य भाग पार्ट पर राजस्थान के क्राफ्ट & स्किल्स को दिखाया गया। जिसमें राजस्थान के प्रसिद्ध मोलेला की टेराकोटा में उकेरी गई मूर्तियों का धार्मिक व सांस्कृतिक आकृतियों का कलाकारों द्वारा प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी के बर्तनों का प्रमुखता से प्रदर्शन किया गया है। झांकी में फड़चित्रण दिखाया गया। राज्य के कुटीर उद्योगों की जीवटता को दिखाते हुए झांकी में हस्तशित्य कलाकारों को पारंपरिक पेशभूषा में कार्य करते हुए दिखाया गया है। झांकी के ऊपरी भाग पर राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध फूलों की होली नृत्य की लोक कलाकारों द्वारा मनुहारी प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही बम रसिया नृत्य प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से नई दिल्ली में की सौजन्य मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के क्षमता विस्तार के भूमि-पूजन के लिये किया आमंत्रित प्रदेश की उपलब्धियों और नवाचारों की दी जानकारी भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट कर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के विस्तार की परियोजना के भूमि-पूजन के लिये अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के आयोजन, प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाये जाने, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड-साँची सहकारिता अनुबंध की प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रदेश में एनटी नक्सल अभियान की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी  लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1600 मेगावॉट (स्टेज II, 2×800 MW) क्षमता के विस्तार की अनुमति प्रदान की गई है। इसकी कुल लागत 20 हजार 446 करोड़ रूपये है। परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें एयर कूल्ड कंडेंसर टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक वॉटर कूल्ड कंडेंसर (कूलिंग टॉवरों के साथ) की तुलना में पानी की खपत को 1/3 कम करता है। वर्ष 2026 कृषक कल्याण वर्ष प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष-2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को साकार करने के लिए 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन के लिये जनवरी, 2026 से नवम्बर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है। सभी गतिविधियां 3 साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएंगी। इसमें 16 से अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी। कृषक कल्याण वर्ष-2026 में सरकार के 10 संकल्प प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थानों पर फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाये जाना, कृषि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये सब्सिडी उपलब्ध कराना, कृषि उद्योगों में किसानों की भागीदारी को बढ़ाना के लिये कार्य करेगी। प्रदेश सरकार अगले 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप की स्थापना के लक्ष्य प्राप्ति के लिये कार्य करेगी। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवगत कराया कि 25 दिसम्बर, 2025 को ग्वालियर में भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के विशेष अवसर पर "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन किया गया। समिट का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस अवसर पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत से औद्योगिक/निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमि-पूजन एवं 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदेश की 860 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 725 करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से वितरित की गई। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड एवं सांची के मध्य सहकार्यता अनुबंध के पश्चात दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में  2.50रुपये से 8.50 रुपये. प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। प्रदेश में 1394 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन तथा 661 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील बनाया गया है। इसमें लगभग 150 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन भी सम्मिलित है। उन्होंने बताया कि 22 दिसम्बर, 2025 को दुग्ध संघों द्वारा 12 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त किया गया, जो कि गत वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। हमारा लक्ष्य 50 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त करना तथा प्रदेश के 26 हजार ग्रामों को दुग्ध सहकारी समितियों के कार्य क्षेत्र में लाना है, जिसके लिए हम दृढ़ संकल्पित होकर कार्यरत हैं। नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आपके द्वारा मार्च 2026 तक नक्सल समस्या के खात्मे के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए प्रदेश ने 'नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। अब न सिर्फ मध्यप्रदेश में बल्कि मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन में भी कोई भी सशस्त्र और सक्रिय नक्सली नहीं बचा है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 10 सशस्त्र नक्सलियों को धराशायी किया है, जिन पर 1.46 करोड़ रुपए का ईनाम थाऔर 13 नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्म-समर्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आत्म-समर्पित नक्सलियों से सघन पूछताछ कर समर्थक व्यक्तियों, संगठनों व वित्त पोषण के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। उनके द्वारा जंगल में छुपाई गई नगद राशि, हथियारों आदि को बरामद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे पुनः नक्सली विचारधारा की तरफ न लौट पायें। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में त्वरित विकास के लिए चिन्हित 100 अत्यंत नक्सल प्रभावित गाँवों का माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इसमें गाँवों के सर्वांगीण विकास, आजीविका वृद्धि, मूलभूत सुविधाओं में सुधार आदि को शामिल किया गया है। नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 'बस्तर ओलम्पिक' की तरह बालाघाट में वृहद स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जा रहा है।