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पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम स्वराज की अवधारणा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पेसा एक्ट (पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री श्री पटेल ने गत दिवस भोपाल में जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों तथा प्रदेश के 20 पेसा जिलों से आए जिला समन्वयकों के साथ पेसा एक्ट के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में अधिनियम के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पेसा एक्ट का उद्देश्य अधिसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार सम्पन्न बनाना है, जिससे स्थानीय समुदाय अपनी परंपराओं, संसाधनों एवं विकास संबंधी निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा सके। इसके लिए प्रशासनिक संवेदनशीलता, समन्वय और निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। मंत्री श्री पटेल ने निर्देश दिए कि आगामी फरवरी माह में पेसा विकासखंडों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, जिला समन्वयक एवं विकासखंड समन्वयकों का दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल में आयोजित किया जाए। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पेसा एक्ट के प्रावधानों, प्रक्रियाओं एवं व्यावहारिक क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।  

ग्रामीण क्षेत्रो में पेयजल व्यवस्था की होगी जाँच

मंत्री पटेल ने की जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा, क्रियान्वयन के दिए निर्देश भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विभागीय राज्यमंत्री राधा सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सम्पूर्ण प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता जाँच का अभियान चलायें। यह अभियान 15 फ़रवरी तक पूर्ण होना चाहिए। बैठक में मंत्री श्री पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुँचे। योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे। समीक्षा बैठक में मंत्री श्री पटेल ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (जी राम जी) के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं कार्यात्मक तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएँ, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर सुदृढ़ हो सकें। मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को प्रतिमाह अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे जिलों में किए जा रहे अच्छे नवाचारों को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री श्री पटेल ने जिलों के कार्य निष्पादन के आधार पर मासिक ग्रेडिंग प्रणाली लागू कर ग्रेडिंग सूची जारी करने के निर्देश भी दिए, जिससे अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो और कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि 15 फरवरी तक जल स्रोतों की सैंपलिंग कर जांच कराई जाए तथा पुनः अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से जल गुणवत्ता की समीक्षा की जाए। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है और इसके लिए तकनीकी अमले द्वारा सतत निगरानी रखी जाए।  

मौसम की मार: कोहरे से वाराणसी और प्रयागराज एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन प्रभावित

वाराणसी देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम कुछ ज्यादा ही खराब है। खासकर वाराणसी और प्रयागराज में घने कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ रहा है। इंडिगो ने गुरुवार को यात्रियों को सतर्क रहने के लिए अपनी तरफ से ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। वाराणसी में कोहरे के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स थोड़ी धीरे चल रही हैं। इससे उड़ानों में थोड़ा बदलाव हो सकता है, यानी कुछ फ्लाइट्स लेट हो सकती हैं और कुछ रद्द भी हो सकती हैं। एयरलाइन ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस वेबसाइट या ऐप पर चेक कर लें। इससे किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा। इंडिगो ने ये भी कहा है कि उनकी टीम मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही हालात सुधरेंगे, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी। यात्रियों से भी धैर्य रखने और समझदारी दिखाने की अपील की गई है। एयरलाइन का भरोसा है कि जल्द ही आसमान साफ होगा और यात्रा फिर से आरामदायक और समय पर हो पाएगी। प्रयागराज में भी दृश्यता कम होने और कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ सकता है। एयरलाइन ने कहा कि वे मौसम को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं और पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे फ्लाइट का स्टेटस अपडेट चेक करते रहें और किसी भी मदद के लिए एयरलाइन की टीम से संपर्क कर सकते हैं। इंडिगो ने कहा कि उनका स्टाफ हर कदम पर यात्रियों की मदद के लिए तैयार है। चाहे वह फ्लाइट में बदलाव हो, देरी हो या रद्द हो जाए, एयरलाइन अपनी पूरी कोशिश करती है कि किसी को परेशानी न हो। इंडिगो ने यात्रियों से निवेदन किया है कि थोड़ा धैर्य रखें और समझें कि मौसम की वजह से ये परिस्थितियां अस्थायी हैं। जैसे ही मौसम साफ होगा, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी और यात्रा फिर से सुचारू रूप से हो पाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीधी जिले को देंगे विकास कार्यों की सौगात

बहरी में होगा लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम भी होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में आयोजित विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 201 करोड़ 64 लाख रुपये के 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 179 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 133 करोड़ 62 लाख रुपये लागत के 30 विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम'' योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रूपये की राशि से लाभान्वित करेंगे। विभिन्न विभागों के 179 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा बहरी में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 179 विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों पर 68 करोड एक लाख 40 हजार रुपये की लागत व्यय की गई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। 30 विकास कार्यों का होगा शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग तथा लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत कुल 30 विकास कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इन कार्यों पर कुल 133 करोड़ 62 लाख 67 हजार रुपये की लागत अनुमानित है। प्रशिक्षण एवं हितग्राही उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित बहरी में विभिन्न विभागों के हितग्राहियों का प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित होगा। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों तक सीधे पहुँचेगी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, स्थानीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल श्री विश्वामित्र पाठक, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक धौहनी श्री कुंवर सिंह टेकाम, विधायक चुरहट श्री अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, पूर्व विधायक चुरहट श्री शरदेन्दु तिवारी तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री देवकुमार सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में कैंसर यूनिट और अन्य स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

 भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी चिकित्सालय परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कैंसर यूनिट का निरीक्षण करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर यूनिट का शेष निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं। कैंसर यूनिट का शुभारंभ होते ही रीवा में गंभीर कैंसर रोगियों को उपचार की सुविधा मिलने लगेगी। जिन रोगियों को कैंसर के उपचार के लिए अभी महानगरों की ओर जाना पड़ता है उन्हें रीवा में ही उपचार की सुविधा मिलेगी। कैंसर यूनिट के लिए आधुनिकतम लीनेक मशीन तथा अन्य चिकित्सा उपकरण खरीदे जा रहे हैं। भवन का निर्माण कार्य पूरा होते ही आधुनिकतम चिकित्सा उपकरण स्थापित कर दिए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी हास्टिपल के विस्तार के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल जटिल रोगों के उपचार का केन्द्र बन गया है। इसके विस्तार से बड़ी संख्या में रोगियों को उपचार की सुविधा मिलेगी। संजय गांधी हास्पिटल के विस्तार का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। रीवा को मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के समय मेडिकल कालेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा में विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नरेला विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार करते हुए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत 80 फीट रोड, अशोका गार्डन से भोपाल रेलवे स्टेशन तक, विवेकानंद चौराहे से ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग तक, तथा सुभाष नगर से रायसेन रोड तक डामरीकरण एवं नवीनीकरण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 71 में नेहरू स्कूल से सेठी नगर पुलिया तक सीसी रोड निर्माण तथा गुप्ता कॉलोनी की आंतरिक सड़कों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश मंत्री श्री सारंग ने मंच से ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में सभी विकास कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। खेल सुविधाओं को मिलेगा विस्तार मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राजेंद्र नगर में इंडोर एवं आउटडोर सुविधाओं से युक्त आधुनिक स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अशोका गार्डन क्षेत्र में शीघ्र ही स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाएगा, जिससे युवाओं और आम नागरिकों को खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नरेला विधानसभा के निरंतर विकास के लिये प्रतिबद्ध मंत्री श्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि नरेला विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के बाद नरेला विधानसभा में योजनाबद्ध, सतत और परिणामोन्मुखी विकास की नई दिशा तय की गई है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आज नरेला विधानसभा में बेहतर और सुरक्षित सड़कें, सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, नाली एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं सुलभ कराई गई हैं। इसके साथ ही सांदीपनी विद्यालय, अस्पताल, महाविद्यालय सहित शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना एवं विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है। इसी दृष्टिकोण के साथ नरेला विधानसभा के प्रत्येक वार्ड और कॉलोनी में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। क्षेत्रवासियों ने इन विकास कार्यों के लिये मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासियों की उपस्थिति रही।  

मध्यप्रदेश से असम को दिये जायेंगे एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ

असम से आगामी 3 साल में 3 समूहों में आयेंगे 50 जंगली भैंस एक जोड़ा गेंडा और 3 कोबरा भी आयेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ वन्य जीवों के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा की। दोनों राज्यों के बीच में सहमति बनी कि असम से 50 जंगली भैंसे 3 समूहों में 3 साल में, गैंडे का एक जोड़ा और 3 कोबरा मध्यप्रदेश में लाये जायेंगे। इन्हें भोपाल के वन विहार में रखा जायेगा। मध्यप्रदेश इसके बदले में असम की मांग के अनुसार एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में चीते के बाद अब भैंस पुनर्स्थापना से प्रदेश की जैव विविधता में एक नया आयाम जुड़ेगा। यह प्रयास एक प्रजाति के संरक्षण के साथ ही प्रदेश के जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मध्यप्रदेश पहले ही ‘टाइगर स्टेट’ और ‘लेपर्ड स्टेट’ के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। सफल चीता पुनर्स्थापना के बाद जंगली भैंसों की पुनर्स्थापना से राज्य के जैव विविधता संरक्षण क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ेगा। राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ ही उन प्रजातियों की वापसी के लिए भी प्रतिबद्ध हैं, जो कभी इस भूमि की पहचान हुआ करती थीं। मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों की आबादी पिछले सौ वर्षों से भी अधिक समय पहले समाप्त हो चुकी थी। वर्तमान समय में देश में जंगली भैंसों की प्राकृतिक आबादी मुख्य रूप से असम राज्य तक सीमित रह गई है। छत्तीसगढ़ में भी ये हैं, किंतु इनकी संख्या अत्यंत सीमित है। देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किए गए विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया कि कान्हा टाइगर रिज़र्व जंगली भैंसों के पुनःस्थापन के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र है। अध्ययन में घास के मैदानों की गुणवत्ता, जल स्रोतों की उपलब्धता, मानव हस्तक्षेप की न्यूनता और अन्य शाकाहारी जीवों के दबाव जैसे कारकों का मूल्यांकन किया गया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) तथा भारत सरकार से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पुनर्स्थापन को चरणबद्ध और सुरक्षित ढंग से अंजाम दिया जाएगा। यह योजना दीर्घकालिक संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन को ध्यान में रखकर तैयार की गयी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का करेंगे शुभारंभ

प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को किया जाएगा सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, शुक्रवार 9 जनवरी को सुबह 11 बजे, कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में प्रतिष्ठित डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह में 19वां डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार से प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को सम्मानित करेंगे। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन 9 से 11 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। भारत के विरासत एवं ज्ञान परिदृश्य में यह राष्ट्रीय आयोजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसमें देशभर से प्रख्यात विद्वान, वरिष्ठ प्रशासक, नीति-निर्माता, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं विरासत क्षेत्र के विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश की धरोहर प्रशासन, अंतर्विषयक अनुसंधान एवं वैज्ञानिक संरक्षण पद्धतियों में बढ़ती भूमिका को प्रतिबिंबित करता है। पुरातत्वविद् डॉ. मठपाल को यह सम्मान पुरातत्व एवं शैल-चित्र अध्ययन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। डॉ. मठपाल एक वरिष्ठ पुरातत्वविद्, चित्रकार, क्यूरेटर एवं शैल-चित्र संरक्षण विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने पश्चिमी घाट, हिमालय, विंध्य एवं कैमूर पर्वत श्रृंखलाओं में 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज की है। शैल-चित्र संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियों के विकास में उनके योगदान ने भारत की प्रागैतिहासिक विरासत के अध्ययन एवं संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा प्रदान की है। संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विचारकों एवं विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, सत्र अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इनमें श्री कल्याण कुमार चक्रवर्ती (आईएएस), प्रो. रवि कोरिसेट्टर, श्री अरुण सिंघल (सेवानिवृत्त आईएएस), श्री हरसहाय मीणा (आईएएस), प्रो. आलोक त्रिपाठी, डॉ. नंदिनी भट्टाचार्य साहू, डॉ. ए.के. सिन्हा तथा डॉ. डी. दयालन सहित अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राष्ट्रीय अभिलेखागार एवं विभिन्न राज्य अभिलेखागारों से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ इन सत्रों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे शैक्षणिक गहनता एवं नीतिगत प्रासंगिकता सुनिश्चित होगी। संगोष्ठी में तीन प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी। पुरातत्व, नृवंश-पुरातत्व, पुरातत्वमिति, कलाकृति विश्लेषण एवं सांस्कृतिक संसाधन प्रबंधन में नवीन उपलब्धियाँ; अभिलेखागार एवं दस्तावेज प्रबंधन में उभरती प्रौद्योगिकियाँ, जिनमें हाइब्रिड सिस्टम शामिल हैं; तथा मूर्त एवं अमूर्त विरासत के संग्रह, भंडारण, उपलब्धता एवं संरक्षण में नवीनतम विकास, विशेष रूप से डिजिटल क्यूरेशन पर केंद्रित विमर्श होगा। कार्यक्रम में शोध-पत्रों की प्रस्तुति, विचार-विमर्श एवं साक्ष्य-आधारित अनुशंसाएँ तैयार करने की प्रक्रिया भी सम्मिलित है। शैक्षणिक विमर्श के अतिरिक्त, आयोजन में विशेष प्रदर्शनियाँ, वृत्तचित्र प्रदर्शन तथा भोपाल एवं आसपास के प्रमुख विरासत स्थलों के लिए निर्देशित भ्रमण भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रतिभागियों को क्षेत्र की समृद्ध पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।  

माघ मेला 2026: दूसरे स्नान की तिथि क्या है? यहां देखें शुभ समय

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेला लगा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में कल्पवासी और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं और आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. माघ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा पर किया गया था. अब दूसरा स्नान मकर संक्रांति के पावन पर्व पर किया जाएगा. साल की सभी संक्रांति में मकर संक्रांति बड़ी विशेष मानी जाती है. मकर संक्रांति पर सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. साथ ही उत्तरायण होते हैं. यह देवताओं का समय, शुभ काल माना जाता है. माघ मेले में हर साल मकर संक्रांति का पावन स्नान किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, प्रयागराज के माघ मेले में मकर संक्रांति पर गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करने से हजारों यज्ञ करने के समान पुण्य मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल मकर संक्रांति का स्नान कब किया जाएगा? साथ ही जानते हैं कि स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? मकर संक्रांति पर होगा दूसरा स्नान मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को है. इसी दिन माघ मेले में दूसरा पावन स्नान किया जाएगा. इस दिन षटतिला एकादशी का व्रत भी पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का संयोग 23 सालों बाद हो रहा है. ऐसे में मकर संक्रांति पर माघ मेले में स्नान का महत्व दोगुना माना जा रहा है. मकर संक्रांति पर माघ मेले में 1 करोड़ लोगों के स्नान का अनुमान लगाया जा रहा है. मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 5 बजकर 45 मिनट तक यानी कुल 2 घंटे 32 मिनट रहेगा. वहीं इस दिन महा पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 4 बजकर 58 मिनट तक यानी कुल 1 घंटे 45 मिनट रहेगा. इस समय माघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान किया जा सकता है. मकर संक्रांति ब्रह्म मुहूर्त स्नान शास्त्रों के अनुसार, माघ मेले के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से बहुत पुण्य फल प्राप्त होते हैं. वहीं इस बार मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगा. ये शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.

पंजाब सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, बदले गए अहम विभागों के प्रभार

चंडीगढ़ पंजाब सरकार एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस बार कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लोकल बॉडी (नगर निकाय) विभाग दिया गया है, जबकि डॉ. रवजोत सिंह को एनआरआई विभाग की कमान सौंपी गई है। माना जा रहा है कि ये बदलाव प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए हैं। यह सातवीं बार है जब भगवंत मान सरकार ने अपने मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया है। आप सरकार के सत्ता में आने के बाद लगातार कई मंत्रियों के विभाग बदले गए या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया गया है। जुलाई 2025 में भी हुए थे बड़े बदलाव जुलाई 2025 में संजीव अरोड़ा को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था। उसी समय कुलदीप सिंह धालीवाल को कैबिनेट से हटाया गया और उनका एनआरआई विभाग अरोड़ा को सौंपा गया था। इससे पहले सितंबर 2024 में बड़ा फेरबदल हुआ था, जिसमें चेतन सिंह जौड़ामाजरा, बलकार सिंह,  ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान जैसे चार मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह पांच नए चेहरों को मौका दिया गया था।   राजनीतिक समीकरण और उपचुनाव बने आधार इन बदलावों को मंत्रियों का आंतरिक प्रदर्शन और उपचुनावों के नतीजों से जुड़ा माना जा रहा है। तरुणप्रीत सिंह सोढ़ी के पास पहले उद्योग और वाणिज्य विभाग था, जिसे बाद में अरोड़ा को दे दिया गया। बदले में सोढ़ी को पर्यटन, संस्कृति, श्रम और पंचायत जैसे विभाग दिए गए। यह फेरबदल 2022 से लगातार चल रहे हैं, जब पहली बार मंत्रिमंडल विस्तार किया गया था। अब तक 4–5 मंत्रियों को हटाकर नए विधायकों को मौका दिया जा चुका है, ताकि सरकार में संतुलन और ताजगी बनी रहे। 2027 चुनाव की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा बदलाव राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ये बदलाव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं। वहीं राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इन सभी बदलावों को मंजूरी दे दी है।