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संभल में बड़ा कदम! कब्रिस्तान पर कब्जा करने वालों का डाटा हो रहा तैयार

संभल  संभल में शाही जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की 4,780 वर्गमीटर भूमि पर पैमाइश के बाद बड़े एक्शन की तैयारी हो रही है। अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने अगला कदम बढ़ा दिया है। सीमांकन के बाद चिन्हित किए गए 22 अवैध कब्जाधारकों का पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है। प्रशासन एक-दो दिन के भीतर सभी को नोटिस जारी करेगा। इसके बाद अभिलेख प्रस्तुत करने और जवाब देने के लिए समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में संतोषजनक साक्ष्य न मिलने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उप जिलाधिकारी सदर रामानुज सिंह ने बताया कि मंगलवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कब्रिस्तान की नॉन जेड-ए श्रेणी की भूमि की पैमाइश कराई गई थी। राजस्व अभिलेखों से मिलान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि 22 लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बना रखी हैं। इनमें कुछ निर्माण हाल के वर्षों के हैं, जबकि कुछ कब्जे काफी पुराने बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करेगा और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद संबंधित लोगों को यह बताना होगा कि उनके पास भूमि से संबंधित कौन-कौन से वैध दस्तावेज हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने दावे के समर्थन में अभिलेख प्रस्तुत करता है, तो उनकी विधिवत जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कब्जाधारकों के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत मुकदमा दर्ज कराते हुए कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर और पारदर्शिता के साथ की जाएगी। एसडीएम रामानुज सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे डाटा में प्रत्येक कब्जाधारक का नाम, कब्जे का रकबा, निर्माण का स्वरूप और अनुमानित अवधि का विवरण शामिल किया जा रहा है, ताकि आगे की कार्रवाई में कोई भ्रम न रहे। उन्होंने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकता है। इस मामले में भी कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित करना है।

दिसंबर में GST संग्रह में 6% की बढ़त, सरकार का खजाना पहुंचा 1.74 लाख करोड़

  नई दिल्ली GST Collection से सरकार का खजाना लगातार बढ़ रहा है. गुरुवार 1 जनवरी 2026 को दिसंबर 2025 महीने में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection In December) का आंकड़ा जारी कर दिया गया है और ये शानदार रहा है. कलेक्शन साल के आखिरी महीने में सालाना आधार बढ़ोतरी के साथ 1.74 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है. इससे पिछले साल दिसंबर 2024 में ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) रेवेन्यू 1.64 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था. GST कलेक्शन में 6.1% की बढ़ोतरी सरकार द्वारा जारी किए गए दिसंबर महीने के जीएसटी कलेक्शन के डेटा पर नजर डालें, तो इसमें सालाना आधार पर 6.1 फीसदी की बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. बड़े टैक्स कट (GST Cut) के बावजूद घरेलू बिक्री से रेवेन्यू में धीमी ग्रोथ के बाद ये आंकड़ा सामने आया है. घरेलू ट्रांज़ैक्शन से ग्रॉस रेवेन्यू 1.2% बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, जबकि दिसंबर के दौरान आयातित सामान से रेवेन्यू 19.7% बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये हो गया. इसके अलावा रिफंड 31% के इजाफे के साथ उछलकर 28,980 करोड़ रुपये हो गया. नेट GST रेवेन्यू (रिफंड एडजस्ट करने के बाद) 1.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जो पिछले साल की तुलना में 2.2% ज्यादा है. बीते साल के आखिरी महीने में सेस कलेक्शन घटकर 4,238 करोड़ रुपये रह गया, जबकि दिसंबर 2024 में यह 12,003 करोड़ रुपये था. GST Cut का कलेक्शन पर असर रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 22 सितंबर 2025 से करीब 375 चीजों पर GST Rate Cut किया गया था, जिससे खासतौर पर रोजमर्रा के 99% सामानों के दाम घट गए थे. इसके साथ ही कंपन्सेशन सेस सिर्फ़ तंबाकू और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स पर लगाया जाता है, जबकि पहले लग्ज़री, सिन प्रोडक्ट्स पर भी लागू था. इसमें कहा गया है कि GST रेट कम होने से रेवेन्यू कलेक्शन पर असर पड़ा है.

रायपुर: नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा

रायपुर : नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की कामना रायपुर नववर्ष के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की । उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नई सौगात: छोटे दुकानदारों के लिए अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नये साल में छोटे दुकानदारों को सौगात मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी। श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही प्रदेश में व्यापार को विश्वास के साथ संचालित करने की नीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केवल निरीक्षण और दंड की प्रक्रिया से भिन्न यह नीति व्यापारियों के लिये करगर साबित होगी। श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।  

शिवराज सिंह चौहान ने दी ‘लाड़ला भांजा योजना’ की झलक, भांजों के लिए नई सौगात

रायसेन  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने खास अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। हाल ही में रायसेन के एक कार्यक्रम में उन्होंने बड़ा बयान दिया। शिवराज ने 'लाड़ली बहना योजना' की तरह अब 'लाड़ला भांजा योजना' का इशारा किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना पर वे दोनों सरकारों से बात करेंगे। मंच से किया गया यह वादा अब प्रदेश की राजनीति में गरमागरम चर्चा का विषय बन गया है। इतना ही नहीं, मामा का ये नया दांव अब युवाओं के बीच भी चर्चा का केंद्र बन चुका है। भांजों की मांग पर मामा ने क्या कहा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने मंच से भांजों की एक खास मांग का जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, यहां कई भांजे-भांजियां बैठे हैं। बताया जा रहा है कि लाड़ला भांजा योजना का उद्देश्य युवाओं और बच्चों के भविष्य को मजबूत करना है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सहायता दी जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। लाड़ली बहना योजना के जरिए प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। इसी कड़ी में ‘लाड़ला भांजा योजना’ को सामाजिक संतुलन और परिवार केंद्रित विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। रायसेन में कॉलेज स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए शिवराज ने कही ये बात केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर वादा कर लिया है कि वह लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर लाड़ला भांजा योजना लेकर आएंगे। दरअसल रायसेन में कॉलेज स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए शिवराज ने ये बयान दिया है और इस बयान के बाहर आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कॉलेज स्टूडेंट्स से रूबरू होते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि यहां 'भांजे-भांजियां दोनों बैठे हैं। भांजे कह रहे थे- मामा, लाड़ला भांजा योजना लाओ । इस पर शिवराज ने कहा कि मैं लाड़ला भांजा योजना को लेकर दोनों सरकारों से बात करुंगा।' इस बयान के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। सीएम मोहन यादव की तारीफ  कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी जमकर सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पिछले बयानों का हवाला देते हुए शिवराज ने कहा कि मोहन यादव बहुत तेज गति से काम कर रहे हैं। उन्होंने खुले मन से स्वीकार किया, मुझसे कई गुना ज्यादा ऊर्जा उनमें है। मैं चाहता हूं कि उनकी यह ऊर्जा और बढ़े ताकि वे प्रदेश की बेहतर सेवा करते रहें। शिवराज लाए थे लाड़ली बहना योजना बता दें, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत 2023 में शिवराज सिंह चौहान के समय (जब वे सीएम थे) हुई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत सवा करोड़ महिलाओं के खाते में एक-एक हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। शिवराज ने तब कहा था कि ये राशि तीन हजार तक जाएगी, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और अपनी समस्याओं का हल आसानी से पा सकें। इसी क्रम में, अब मोहन सरकार ने इस राशि को पहले एक हजार से बढ़ाकर 1250 किया, और अब ये 1500 रुपए कर दी गई है। महिलाओं के लिए ऐसी योजना शुरू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य था, हालांकि अब कई और राज्यों में भी महिलाओं के लिए इस तरह की योजनाएं शुरू हो चुकी हैं।

मारुति सुजुकी का ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव, 15 जनवरी को शासकीय आईटीआई चिरमिरी में होगा आयोजन

एमसीबी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था चिरमिरी में आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के निर्देशानुसार भारत की नंबर एक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा भव्य ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट ड्राइव 15 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे शासकीय आईटीआई चिरमिरी, जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) में आयोजित होगी। इस विशेष प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से योग्य एवं इच्छुक आईटीआई पासआउट अभ्यर्थियों को देश की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी में करियर बनाने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। प्लेसमेंट ड्राइव में मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, वायर मैन, शीट मेटल, सीआई ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, टूल एंड डाई तथा पीपीओ ट्रेड के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। पात्रता के अनुसार जॉइनिंग के समय अभ्यर्थी की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 10वीं कक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत एवं आईटीआई में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। अभ्यर्थी का शारीरिक रूप से फिट होना आवश्यक है, जिसमें कोई वर्णांधता, शारीरिक विकृति या अत्यधिक कम अथवा अधिक बीएमआई न हो। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एफटीसी के अंतर्गत 25,300 रुपए प्रति माह सीटीसी के साथ वार्षिक वैधानिक बोनस दिया जाएगा, जो 12 माह के अनुबंध पर आधारित होगा। अप्रेंटिसशिप के लिए 19,500 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सब्सिडी युक्त भोजन एवं छात्रावास, वर्दी, पीपीई एवं सुरक्षा जूते तथा कंपनी की नीति के अनुसार अवकाश और छुट्टियों की सुविधा भी मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों की कार्यस्थल पोस्टिंग मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के गुजरात प्लांट में की जाएगी, जो प्लॉट क्रमांक 334-335, ग्राम हंसपुर, पिराराजी, मंडल तालुका, अकाद, गुजरात में स्थित है। साक्षात्कार में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को 10वीं एवं आईटीआई की मार्कशीट की स्व-सत्यापित प्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड की स्व-सत्यापित प्रति तथा एक पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। यह प्लेसमेंट ड्राइव पूर्णतः निःशुल्क है, इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्लेसमेंट ड्राइव का समन्वय शेपर्स टैलेंट इंडिया द्वारा किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी +91-9953002111, +91-9990724900 अथवा +91-9560015542 पर संपर्क कर सकते हैं। शासकीय आईटीआई चिरमिरी द्वारा सभी पात्र युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।

महाकाल मंदिर दर्शन पर विवाद: नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा, मौलाना ने कहा माफी मांगें

उज्जैन  बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा बीते मंगलवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं. वह बाबा महाकाल के दर्शन कर भस्म आरती में शामिल हुईं थी. अब नुसरत भरूचा के महाकाल मंदिर पहुंचने पर विवाद खड़ा हो गया है. ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है. उन्होंने कहा कि, ''दूसरे धर्म की परंपराओं का पालन कर इस्लाम के खिलाफ है.'' नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा जारी नुसरत भरूचा के महाकाल मंदिर जाने पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सवाल उठाए हैं. ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन का कहना है कि, ''नुसरत ने मंदिर में जाकर पूजा पाठ किया, भगवान को जल चढ़ाया, दर्शन किए, चादर ओढ़ी, माथे पर तिलक लगाया. यह तमाम चीजें शरीयत की नजर में गुनाह हैं. उन्होंने शरीयत के उसूलों का उल्लंघन किया है. इसलिए वह तौबा करें और कलमा पढ़ें. इस्लाम इन सब चीजों की इजाजत नहीं देता है.'' इस मामले पर भोपाल के मुफ्ती रईस अहमद कसमी ने कहा कि, ''मुसलमान एक अल्लाह को मानता है. किसी के सामने सजदा करना मुसलमान को जायज नहीं है. एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के खिलाफ जो फतवा जारी हुआ है वह सोच समझ कर जारी किया होगा. इस्लाम में इस तरह की कोई जगह नहीं है, जहां मूर्ति पूजा की जाए.'' ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने भरूचा के महाकाल दर्शन करने को इस्लाम के विरुद्ध बताया है। हालांकि उज्जैन के साधु-संतों का कहना है कि भगवान महाकाल सबके हैं और भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी, ऐसे में अगर नुसरत के मन में भोले की भक्ति का भाव आता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। BJP बोली-संविधान ने फ्रीडम दिया है नुसरत भरूचा के खिलाफ जारी फतवे पर बीजेपी प्रवक्ता डॉ. वाणी अहलुवालिया का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा कि, ''संविधान ने हमको फ्रीडम दिया है कि हम कहीं भी आ जा सकते हैं. यह समाज की सोच है, परम परमेश्वर ने एक ही रास्ता बनाया है तो वह रास्ता भी एक ही है, कोई भी कही जा सकता है, यह उसका अपना अधिकार है. इसमें किसी भी तरह के मजहब और जाति के नाम पर फतवा जारी करना ठीक नहीं है.'' यह बोले जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद महाराज जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद महाराज ने कहा कि भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी है। अगर हम 1500 साल पीछे जाएंगे, तो पाएंगे की उस समय तो केवल सनातन वैदिक हिंदू धर्म ही था। इसलिए आज कोई अपने आप को किसी भी धर्म का कहे, लेकिन वह है तो सानातनी। अभिनेत्री नुसरत भरूचा के मन में भी शिव भक्ति का भाव इसीलिए आया है। वैसे भी भगवान महाकाल सबके हैं उनका दर्शन करने किसी भी जाति, धर्म का व्यक्ति आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया गया है। नुसरत भरूचा अगर महाकाल दर्शन करने आती हैं, तो इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई विरोध करता है, तो यह संविधान का अपमान है।  सभी धर्मों का सम्मान करती है कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज का कहना है कि, ''संविधान ने हमको आजादी दी है, हम कहीं भी आ जा सकते हैं. किसी भी धर्म को मान सकते हैं, इसमें कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप करना नहीं चाहती है. रही नुसरत भरूचा के खिलाफ फतवा जारी करने की बात तो यह उनका निजी मामला हो सकता है. जिन मुफ्ती साहब ने यह फतवा जारी किया है उनकी क्या सोच है इससे कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है. हम सभी धर्मों का आदर सम्मान करते हैं.'' नुसरत भरूचा ने किए बाबा महाकाल के दर्शन फिल्म अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने मंगलवार को महाकाल मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए थे. उन्होंने काफी वक्त मंदिर में बिताया था. नंदी हाल में बैठकर हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आई थीं. इस दौरान उन्होंने दर्शन व्यवस्था की काफी तारीफ की थी. नुसरत ने हर साल महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन की इच्छा जताई थी. यह नुसरत भरूचा का महाकाल मंदिर में दूसरा दौरा था. इससे पहले भी वह एक बार मंदिर आ चुकी हैं. 

भा.ज.पा. विधायक की फ्लाइट में हनुमान चालीसा पाठ, यात्रियों ने भी जुड़कर किया मंत्रोच्चार

 जयपुर फ्लाइट के अंदर मौजूद यात्रियों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेता बालमुकुंद आचार्य खड़े होकर चालीसा का पाठ करते दिखाई देते हैं। उनके साथ-साथ प्लेन में सवार अन्य लोग भी सस्वर पाठ करते हैं। बताया जा रहा है कि प्लेन में सवार लोग विधायक और उनके परिवार से जुड़े सदस्य हैं। जानिए क्या है पूरा मामला? नेताओं ने दुबई के लिए भरी उड़ान दरअसल राजस्थान में भजनलाल सरकार के कई विधायक और भाजपा नेता नए साल पर एक निजी विदेश दौरे पर रवाना हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी की सुबह इस डेलीगेशन ने हवाई जहाज से दुबई के लिए उड़ान भरी है। इसी फ्लाट के विजुअल्स सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हवामहल सीट से हैं विधायक वीडियो में खड़े होकर चालीसा का पाठ करने वाले नेता राजस्थान के हवामहल सीट से भाजपा के विधायक हैं। उनका नाम बालमुकुंद आचार्य है। वीडियो में अन्य लोग भी दिखाई दे रहे हैं, इनमें से कई विधायक हैं, जबकि अन्य उनके परिवार से जुड़े लोग। ये सभी लोग चालीसा पाठ करने के दौरान भक्ति में लीन दिखाई दिए। 8 दिवसीय दौरे की बात सामने आई एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डेलीगेशन में हवामहल विधानसभा के विधायक समेत अन्य नेता भी शामिल हुए हैं। इनके नाम हैं- बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा, वरिष्ठ नेता अनिता बघेल आदि। जानकारी के मुताबिक, बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा अपने परिवार सहित इस आठ दिवसीय विदेश यात्रा पर गए हैं। यह प्रतिनिधिमंडल दुबई की यात्रा पूरी कर 8 जनवरी की रात को वापस भारत लौटेगा।

दंतेवाड़ा में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के तहत कुपोषण प्रबंधन की शुरुआत

दंतेवाड़ा जिले में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषण से मुक्ति के उद्देश्य से समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सखी केन्द्र दंतेवाड़ा के सभा कक्ष में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर उपस्थित रहीं। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारीगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण की दर में कमी लाना तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाना है। इसके अंतर्गत गंभीर एवं मध्यम कुपोषित (एसएएम,एमएएम) बच्चों, संकटग्रस्त बच्चों तथा चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता वाली गर्भवती माताओं को विशेष समुदाय आधारित प्रयासों के माध्यम से लक्षित किया जाएगा।      अभियान के तहत सुपोषण दूत का चयन किया जाएगा, जो 70 प्रतिशत मध्यम कुपोषित एवं 30 प्रतिशत गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेकर विभागीय योजनाओं एवं समुदाय के सहयोग से उनकी नियमित देखभाल करेंगे। बच्चों को सामान्य पोषण स्तर में लाने पर सुपोषण दूतों को प्रति बच्चा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों को भी कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल हेतु जोड़ा जाएगा, जिन्हें निर्धारित मानदेय के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर प्रबंध समिति का गठन किया गया है। साथ ही कुपोषित बच्चों को स्थानीय निधि से पोषण आहार उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के संभागीय सलाहकार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा महिला स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।

एम.पी. ट्रांसको की 2025 की उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया ड्रोन पेट्रोलिंग के विस्तार का ऐलान

एम.पी. ट्रांसको ने वर्ष 2025 में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियां : ऊर्जा मंत्री तोमर ड्रोन पेट्रोलिंग का 400 व 132 के.व्ही. लाइनों तक विस्तार भोपाल  वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं। ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एम.व्ही.ए. मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की, जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इस वर्ष 33 नये पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये, जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1036 हो गई है। 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माण इस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट कि.मी. की हो गई है, जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया। पहली बार 19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई। ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। मध्यप्रदेश को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है, प्रदेश में 42857 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णतः डिजीटल हो रहा है।