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ED ने पेश की अंतिम चार्जशीट, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के 59 और आरोपी शामिल, ट्रायल की तैयारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का अंतिम चरण पूरा कर लिया है। लगभग तीन हजार करोड़ रुपये के इस मामले में ईडी ने अदालत के समक्ष अंतिम चालान पेश कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप यह चार्जशीट निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा की गई। ईडी द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट में करीब 29 हजार 800 से ज्यादा पन्ने शामिल हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर दस्तावेज़, लेन-देन के विवरण और डिजिटल साक्ष्य जोड़े गए हैं। इस पूरे मामले में अब तक कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। शुरुआत में 22 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जबकि अब 59 और नाम जोड़े गए हैं। इन नए आरोपियों में आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया, पूर्व आबकारी प्रमुख निरंजन दास, एफएल-10 लाइसेंसधारक व शराब डिस्ट्रीब्यूटर समेत कई आबकारी अधिकारी शामिल बताए गए हैं। ED ने  59 नए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सौम्या चौरसिया, निरंजन दास, एफएल-10 लाइसेंस धारक, डिस्टिलर्स और आबकारी अधिकारी शामिल हैं। इस घोटाले में अब तक कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पहले 22 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट सबमिट की गई थी। ईडी के वकील सौरभ पांडे के मुताबिक, 315 पन्नों की विस्तृत प्रॉसिक्यूशन समरी तैयार की गई है। इसमें बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल चैट्स, संपर्कों के विवरण और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण जोड़े गए हैं। उनका कहना है कि जांच में यह सामने आया कि घोटाले की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए पद नियुक्तियाँ तक प्रभावित की गईं। 80 से ज्यादा आरोपी चार्जशीट के दायरे में इस अंतिम चालान में 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व अधिकारी-कारोबारी, शराब सिंडिकेट से जुड़े लोग और कथित तौर पर लाभ पहुंचाने वाले अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वसूली, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पेश हुआ चालान यह चार्जशीट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समय पर दाखिल की गई है और इसमें डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। चार्जशीट पेश होने के बाद अब ट्रायल होगा शुरू अंतिम चार्जशीट पेश होने के बाद अब कोर्ट ट्रायल शुरू करेगा। आरोपियों को चार्ज फ्रेम किए जाएंगे और उसके बाद गवाहों के बयान और सबूतों की सुनवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, चार्जशीट की लंबाई और आरोपियों की संख्या के कारण यह केस लंबा और जटिल हो सकता है। ईडी ने अदालत को बताया कि आबकारी विभाग में पूर्व पदस्थ अधिकारी की जगह निरंजन दास को इसलिए बैठाया गया क्योंकि वे कथित तौर पर इस अवैध सिस्टम को सहजता से चलाने के लिए ‘अनुकूल’ माने गए। उनके कार्यकाल में किसी तरह की सख्त कार्रवाई न होने से यह कथित तंत्र लगातार संचालित होता रहा। चार्जशीट दाख़िल होने के साथ ही मामला अब अदालत की प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है। ईडी का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों का विवरण भी संबंधित प्राधिकरणों को भेजा गया है। आने वाले समय में इस हाई-प्रोफाइल केस पर अदालत में विस्तृत सुनवाई शुरू होगी।   चैतन्य बघेल के खिलाफ रायपुर कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश इससे पहले 22 दिसंबर सोमवार को छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ करीब 3800 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। यह इस प्रकरण में 8वीं चार्जशीट है। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले से 200-250 करोड़ रुपए मिले हैं। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि सिंडिकेट के माध्यम से अवैध उगाही की राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर चैतन्य बघेल से जुड़ा है। घोटाले में चैतन्य बघेल की सीधे संलिप्तता है। जांच में चैतन्य बघेल की भूमिका तत्कालीन समय में आबकारी विभाग में वसूली तंत्र (सिंडिकेट) को खड़ा करने और संरक्षक के रूप में पाई गई है। शराब घोटाला केस…सौम्या चौरसिया को ED ने किया गिरफ्तार वहीं इस मामले में ED ने 16 दिसंबर मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी के मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान राज्य में हुए कई घोटालों में पैसों के मैनेजमेंट में उनकी अहम भूमिका रही। ED ने पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयान के आधार पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया। ED को सौम्या, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर-चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स में कई अहम सबूत भी मिले हैं। ED का दावा है कि सौम्या लीकर स्कैम नेटवर्क में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रही थीं। घोटाले से उन्हें करीब 100 करोड़ रुपए मिलने की जानकारी है। अब जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। जिसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना     डिस्टलरी मालिक से ज्यादा शराब बनवाई। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री करवाई गई। नकली होलोग्राम मिलने में आसानी हो, इसलिए एपी त्रिपाठी … Read more

ठंड का प्रकोप: झारखंड में शीतलहर के कारण KG से 12वीं तक स्कूलों की छुट्टी

रांची पूरा झारखंड शीतलहर की चपेट में है। उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही सर्द हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहरी की चेतावनी को देखते हुए रांची में संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में KG से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूल को बंद रखने का निर्देश जारी हो गया है। 31 दिसंबर तक रांची के सभी स्कूल बंद सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में KG से लेकर 12वीं कक्षा तक 27 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक छुट्टियां पड़ गई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि अत्यधिक ठंड और शीतलहरी से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। खासतौर पर छोटे बच्चों और किशोरों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है और लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासन का कहना है कि अगर इस अवधि में किसी विद्यालय में पहले से निर्धारित परीक्षाएं हैं, तो स्कूल प्रबंधन अपने विवेक से उनका संचालन कर सकता है। आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है बता दें कि उत्तर भारत में लगातार हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से झारखंड में ठंड बढ़ गयी है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह के समय घना कोहरा और धुंध देखी जा रही है, जबकि दिन में मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 27–28 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है।  

सागर का ऐतिहासिक नगर बदलने को तैयार, देवरी 200 साल बाद बनेगा देवपुरी

सागर  मध्य प्रदेश के सागर की सबसे पुरानी नगरपालिका में शुमार देवरी नगरपालिका का जल्द ही नाम बदलने जा रहा है. देवरी नगर का नाम वहां के लोगों की इच्छा के चलते देवपुरी किया जा रहा है. मध्य प्रदेश की सबसे पुरानी नगरपालिका में देवरी का नाम शामिल है. यहां पर मध्य प्रदेश का इकलौता खंडेराव (खंडोबा) मंदिर है, जो महाराष्ट्र के जैजुरी की तर्ज पर मराठाओं द्वारा स्थापित कराया गया था. अब इस ऐतिहासिक नगर का नाम इसी वजह से देवपुरी किया जा रहा है. 1813 तक देवपुरी देवरी के नाम से पहचाना जाता था. दूसरा बड़ा कारण ये भी है कि यहां के लोग और जनप्रतिनिधि देवरी का नाम बदलना चाहते हैं. क्योंकि स्थानीय बातचीत में महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी इसी नाम के साथ किया जाता है. फिलहाल की स्थिति में स्थानीय स्तर और प्रदेश स्तर पर नाम बदलने की होने वाली तमाम औपचारिकताएं हो चुकी हैं और प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया है. जिस पर केंद्र की मुहर का इंतजार किया जा रहा है. स्थानीय बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटैरिया इस सिलसिले में मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं. क्यों आया देवरी को देवपुरी करने का विचार स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया का कहना है कि, ''देवरी का ऐतिहासिक नाम देवपुरी है. यहां करीब 400 साल पुराना ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर है. जो महाराष्ट्र के जैजुरी के बाद सिर्फ देवरी में स्थित है. खंडेराव भगवान शिव के अवतार है, जहां सिर्फ देवरी या बुंदेलखंड नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों और महाराष्ट्र तक के श्रृद्धालु आते हैं. यहां विशाल अग्निकुंड मेला भरता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं. दूसरा कारण ये है कि देवपुरी का नाम धीरे-धीरे देवरी हो गया और बुंदेली भाषा में इस शब्द का उपयोग लोग महिलाओं को छेड़ने और उनके साथ अभद्र बाषा में बातचीत के लिए करने लगे. देवरी की पुरानी पहचान और यहां के प्रसिद्ध मंदिर से नाम को जोड़ने के लिए स्थानीय लोगों के बीच में विचार आया, तो हमने इसकी पहल की. इसके लिए मैंने विधानसभा में अशासकीय संकल्प भी पेश किया और नाम बदलने के लिए होने वाली तमाम औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गयी हैं. राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार की एनओसी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है.'' अब तक ये औपचारिकताएं हो चुकी हैं पूरी स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया बताते हैं कि, ''देवरी का नाम देवपुरी किए जाने की स्थानीय स्तर की औपचारिकताएं सिलसिलेवार पूरी कर ली गयी हैं. 14 फरवरी को देवरी नगरपालिका में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कराया गया था. इसके बाद सागर जिला कलेक्टर ने प्रस्ताव के आधार पर नाम बदलने के लिए 28 जुलाई 2025 को राज्य शासन को पत्र लिखा था. राज्य शासन के राजस्व विभाग ने एक हफ्ते के भीतर ही 4 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मेरे द्वारा 5 दिसंबर 2025 को विधानसभा सत्र में अशासकीय संकल्प पारित किया गया.'' केंद्र की एनओसी का इंतजार राज्य सरकार की तरफ 4 अगस्त 2025 में केंद्र सरकार को एनओसी के लिए लिखे गए पत्र का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. इस मामले में विधायक बृजबिहारी पटैरिया कहते हैं कि, ''इस मामले में मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने मुझे व्यक्तिगत रूप से और सदन में केंद्र को फिर से पत्र लिखकर एनओसी की बात कही है. जैसे ही केंद्र की एनओसी मिलेगी, देवरी को अपनी पुरानी पहचान मिलेगी.'' क्या कहते हैं स्थानीय लोग और विपक्ष देवरी के पूर्व विधायक भानु राणा कहते हैं कि, ''ये एक अच्छी पहल है और देवपुरी नाम होने से हमारे नगर की ऐतिहासिक पहचान फिर वापिस लौटेगी.'' वहीं पूर्व विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे हर्ष यादव कहते हैं कि, ''स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं, सरकार ने इसकी पहल की है, ये स्वागत योग्य है. लेकिन देवरी के विकास पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए. नेशनल हाइवे 44 पर बसे नगर में उद्योग और रोजगार पर भी ध्यान देना चाहिए. क्योंकि नाम बदलने के साथ-साथ विकास भी जरूरी है.''

कोयलांचल से भोपाल का सफर होगा आसान, धनबाद–भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को मिली मंजूरी

रांची झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र, खासकर धनबाद के यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने भोपाल और धनबाद के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दे दी है। जारी आदेश के अनुसार 11631/11632 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इस फैसले से झारखंड और मध्य प्रदेश के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। अब तक धनबाद से भोपाल की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई ट्रेनों में बदलाव करना पड़ता था या फिर लंबा समय लगता था। नई एक्सप्रेस ट्रेन के शुरू होने से यह यात्रा सीधी, आरामदायक और समय की बचत वाली हो जाएगी। खासकर कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी, व्यापारी और छात्र इस ट्रेन से सीधे लाभान्वित होंगे। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस भोपाल से रात 8:55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 8:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी। वहीं, 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस धनबाद से सुबह 7:20 बजे रवाना होकर शाम 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इसका संचालन रविवार, बुधवार और शनिवार को किया जाएगा। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा यह ट्रेन अपने मार्ग में सिंगरौली, चोपन, रेनुकूट, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, बरकाकाना, रांची रोड, बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा और कतरासगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इससे झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों का आपसी संपर्क और मजबूत होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस आधुनिक आईसीएफ कोचों के साथ चलाई जाएगी, जिसमें स्लीपर और जनरल कोच शामिल होंगे। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इस ट्रेन को जल्द से जल्द सुविधाजनक तिथि से शुरू किया जाए। जरूरत पड़ने पर पहली यात्रा को विशेष ट्रेन के रूप में चलाकर बाद में इसे नियमित सेवा में बदला जा सकता है।  

आदि योगी थीम पर कार्निवाल परेड, पचमढ़ी 26-29 दिसंबर तक जश्न में डूबी रहेगी

नर्मदापुरम   मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में कार्निवाल के साथ पचमढ़ी महोत्सव की शुरुआत हो गई है. शुक्रवार को आदि योगी थीम पर कार्निवाल परेड शहर में निकाली गई, जिसमें भगवान शिव की बारात, उनके गण और कार्निवाल जुलूस में शामिल कैरेक्टर आकर्षण का केंद्र रहे. इसके साथ ही आदिवासी समूह ने अपने मनमोहक नृत्य से समा बांधा. देश विदेश से आए हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग कार्निवाल परेड के साथ पचमढ़ी महोत्सव के शुभारंभ में शामिल हुए. हिल स्टेशन पचमढ़ी में 29 दिसंबर तक पचमढ़ी महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें देशभर से आए कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. पचमढ़ी कार्निवाल में हुईं जोरदार प्रस्तुतियां पचमढ़ी महोत्सव के शुभारंभ पर दोपहर 3 बजे से कार्निवाल परेड सीएमराइस स्कूल ग्राउंड से प्रारंभ हुई, जिसमें शिव बारात, क्रिसमस, आदिवासी नृत्य व अन्य कार्यक्रम शामिल थे. महाराष्ट्र से आए विशेष धमाल बैंड न जमकर समा बांधा, जिसकी ताल पर आदिवासी व स्थानीय कलाकारों ने अपने नृत्य प्रस्तुत किए. कार्निवाल परेड का पचमढ़ी महोत्सव ग्राउंड पर महा आरती के बाद समापन हुआ. उम्मीद की जा रही है कि पचमढ़ी उत्सव के दौरान यहां एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंच सकते हैं. आगे फिल्म और टीवी कलाकार देंगे प्रस्तुति पचमढ़ी महोत्सव 2025 में मनोरंजन के कई कार्यक्रम होंगे. अलग-अलग दिन फिल्म और टीवी जगत से जुड़े कलाकार स्टेज परफॉर्मेंस देंगे. कार्यक्रम में बॉलीवुड सिंगर, टीवी एक्टर्स, सारेगामा, इंडियन आइडियल के कलाकार, हास्य/मिमिक्री कलाकार, मैजिशियन, डांस ग्रुप के कलाकार प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा जोश से भरा आर्मी बैंड भी पचमढ़ी में आकर्षक प्रस्तुति देगा. पचमढ़ी महोत्सव में होंगे ये कार्यक्रम     27 दिसंबर : समकालीन शास्त्रीय नृत्यांगना हृतंभरा कुशवाहा, राजा रेंचो स्टैंड अप कॉमेडियन, मैजिशियन एंड माइंड रीडर, गायक कलाकार जतिन श्रॉफ, लक्ष्मी सिंह द्वारा प्रस्तुति. प्रसिद्ध गायक अतुल पंडित द्वारा सह-गायकों के साथ प्रस्तुति और बॉलीवुड डांस परफॉर्मेंस     28 दिसंबर : आर्मी बैंड की शानदार प्रस्तुति, वीवा डांस ग्रुप का प्रदर्शन, वर्सेटाइल सिंगर अनिल नगरूरकर, विनती सिंह और दिव्यांश वर्मा द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी.     29 दिसंबर : बॉलीवुड डांस प्रस्तुति, सारेगामा की फाइनलिस्ट इशिता विश्वकर्मा सदाबहार गानों की प्रस्तुतियां देंगी, वॉइस ऑफ़ इंडिया फेम दीपांशी सुमधुर गानों की प्रस्तुति देंगी. 26 से 29 दिसंबर तक होगा भव्य आयोजन जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन बताया, '' पचमढ़ी महोत्सव के कार्यक्रम को एक भव्य रूप देने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है. इस आयोजन में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल होते हैं और पचमढ़ी की एक सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करते हैं. हमारा आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड, जिला प्रशासन, जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद ओर साडा द्वारा आयोजित किया जा रहा है. यह आयोजन 26 से 29 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है.

शिक्षा सुधार पर मंथन: मंत्री मदन दिलावर ने NCERT की राज्य स्तरीय बैठक का किया शुभारंभ

जयपुर  शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विद्यालयों मे तनाव मुक्त शिक्षा पर जोर देते हुए स्कूलों को सीखने के आनंद का केंद्र बनने का आह्वान किया है! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी, सीकर मे आयोजित मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम संबंधित राज्य स्तरीय विमर्श बैठक के उद्घाटन सत्र को मुख्यअथिति के रूप मे संबोधित कर रहे थे! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने वीडिओ कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि शिक्षा को तनाव मुक्त बनाने के लिए हमें ग्रेड्स और अंको की दौड़ से बाहर निकलकर "सीखने के आनंद" पर ध्यान देना होगा! मनोदर्पण पहल भारत सरकार की इसी दिशा मे एक बड़ा कदम है, जो छात्रों को उनके कठिन समय मे संबल प्रदान करती है! शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला माध्यम नहीं, बल्कि वह छात्र के मानसिक स्वास्थ्य का प्रथम सजग प्रहरी है! मंत्री दिलावर ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों के व्यवहार मे आने वाले शुक्ष्म बदलावो को पहचानना होगा! यदि कोई छात्र अचानक चुप रहने लगे या उसके व्यवहार मे चिड़चिड़ापन आये, तो उसे डांटने के बजाय सहानुभूति के साथ सुनने की अवश्यकता है! एक मानसिक रूप से स्वस्थ शिक्षक ही एक स्वस्थ कक्षा का निर्माण कर सकता है! इसलिए शिक्षकों को भी अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा! हम सब मिलकर ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करें जहाँ हमारे बच्चे न केवल अच्छे डॉक्टर या इंजीनियर बने, बल्कि एक स्वस्थ और संस्कारवान व्यक्तित्व वाले इंसान भी बने! शिक्षा मंत्री कहा कि एक समृद्धि राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब उसके नागरिक मानसिक रूप से सशक्त और खुशहाल हो!  उन्होंने आशा व्यक्त कि की प्रदेश मे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की दिशा मे यह बैठक महत्वपूर्ण साबित होंगी! बैठक मे एन सी ई आर टी, दिल्ली के निदेशक प्रोफ़ेसर दिनेश प्रसाद सकलानी, मनोदर्पण प्रकोष्ठ, एन सी ई आर टी दिल्ली के प्रोफ़ेसर विनोद कुमार सानवाल, शिक्षा विभाग राजस्थान के निदेशक सीताराम जाट, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय बीकानेर के समन्वयक डी पी सिंह उपस्थित थे! सीकर मे आयोजित हो रही इस दो दिवसीय बैठक मे कुल 210 प्रतिभागी भाग ले रहे है! जिनमे से 50% शिक्षक माध्यमिक /उच्च माध्यमिक के! 25% स्कूल कॉउंसलर /विशेष शिक्षक तथा 25% शैक्षिक प्रशासकीय अधिकारी शामिल है! कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों वह हित धारकों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना! प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान वह अंत: क्षेप हेतु आवश्यक कौशलों से परिचित कराना! प्रतिभागियों को मनोदर्पण टेली- हेल्पलाइन व टेली – मानस जैसी राष्ट्रीय पहलो से परिचित करना तथा श्रेष्ठ प्रार्थओ का आदान-प्रदान बढ़ाना व मास्टर ट्रेन तैयार करना है!  

बर्थडे पार्टी के बाद आफ्टर पार्टी का झांसा: उदयपुर मामले में महिला मैनेजर के साथ गंभीर अपराध का आरोप

 उदयपुर  पहले होटल में सीईओ का जन्मदिन मनाया गया. केक कटा, जश्न हुआ और देर रात तक पार्टी चली. इसी जश्न के बीच ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता भी दिया गया, जिसे सामान्य औपचारिकता माना गया. किसी को अंदाजा नहीं था कि यही आफ्टर पार्टी एक महिला मैनेजर की जिंदगी का सबसे भयावह कहानी बन जाएगी. पार्टी खत्म होने के बाद जब महिला मैनेजर को घर छोड़ने की बात आई, तो उसे कार में बैठाया गया. उस कार में पहले से कंपनी का सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद थे. भरोसे और पद की आड़ में यह सफर आगे बढ़ा. आफ्टर पार्टी के नाम पर रास्ते में स्मोक खरीदा गया, कार में सभी ने स्मोक किया और इसके बाद ऐसी घटनाएं हुईं, उसे जिसने भी सुना वह दंग रह गया. अब इसी मामले में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हो चुका है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है. उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला ‘आफ्टर पार्टी’ जैसे शब्दों के पीछे छिपे खतरनाक सच को उजागर करता है. FIR में क्या-क्या दर्ज? एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है. 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी का आयोजन शोभागपुरा स्थित एक होटल में किया गया था. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची. पार्टी देर रात तक चली और करीब 1:30 बजे कार्यक्रम औपचारिक रूप से समाप्त हुआ. पार्टी में कंपनी के सीईओ के साथ महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसका पति भी मौजूद थे. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पार्टी के दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोशी जैसी हालत में आ गई. इसी बीच कुछ लोग उसे घर छोड़ने की बात करने लगे, लेकिन तभी महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने ‘आफ्टर पार्टी’ का प्रस्ताव रखा और उसे उसमें शामिल होने के लिए कहा. ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता और आगे की कहानी एफआईआर के अनुसार, रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बिठाया गया. कार में पहले से ही सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद था. तीनों ने उसे घर छोड़ने का भरोसा दिलाया. रास्ते में एक दुकान से स्मोकिंग सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी स्मोक करने के लिए कहा गया. स्मोकिंग के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई और वह पूरी तरह बेसुध हो गई. कुछ देर बाद जब पीड़िता को होश आया तो उसने आरोप लगाया कि सीईओ उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था. इसके बाद सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता के मुताबिक, वह लगातार खुद को बचाने और घर छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी. सुबह तक चला सिलसिला पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तड़के करीब 5 बजे उसे घर छोड़ा गया. घर पहुंचने पर भी वह पूरी तरह सामान्य नहीं थी. जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पाया कि उसका एक इयरिंग, मोजे और अंडर गारमेंट्स गायब थे. उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई. मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस का रुख किया. कार के डैशकैम ने खोले राज इस मामले में एक अहम मोड़ तब आया, जब पीड़िता और जांच एजेंसियों ने कार के डैशकैम के ऑडियो-वीडियो फुटेज की जांच की. एफआईआर के अनुसार, जांच में सामने आया कि कार में हुई पूरी घटना डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई थी. फुटेज में सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति की गतिविधियां कैद होने का दावा किया गया है. यही फुटेज जांच के लिए अहम सबूत माने जा रहे हैं. पुलिस की कार्रवाई सुखेर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद त्वरित कार्रवाई की. पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना के हर पहलू की गहन जांच कर रही है, जिसमें होटल पार्टी, आफ्टर पार्टी, कार की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्य शामिल हैं. आफ्टर पार्टी क्या होती है? इस पूरे मामले के बाद ‘आफ्टर पार्टी’ शब्द चर्चा के केंद्र में आ गया है. आम तौर पर आफ्टर पार्टी का मतलब किसी मुख्य कार्यक्रम या इवेंट के खत्म होने के बाद होने वाली दूसरी, अनौपचारिक पार्टी से होता है. आसान भाषा में समझें तो जन्मदिन, कॉन्सर्ट या किसी बड़े शो  के बाद जब कुछ करीबी लोग आपस में आराम से मिलते हैं. यहां भी खाना-पीना, संगीत, बातचीत या हल्की-फुल्की मस्ती होती है. लेकिन इस मामले में आरोप है कि इसी आफ्टर पार्टी के बहाने पीड़िता को एक ऐसी स्थिति में ले जाया गया, जहां उसके साथ गंभीर अपराध किया गया.

पचमढ़ी से भी ठंडा भोपाल, राजगढ़ में बर्फीली ठंड, ट्रेनों की रफ्तार थमी

भोपाल   मध्यप्रदेश में काड़के की ठंड का सितम जारी है. प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार की रात तापमान में गिरावट दर्ज की गई. 29 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया. राजधानी भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडे रहे. वहीं घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. विजिबिलिटी कम होने के कारण कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही है.  शुक्रवार और शनिवार की रात में राजधानी भोपाल का तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया, जबकि उमरिया में पारा 4.7 डिग्री तक गिर गया. पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री रहा. वहीं प्रदेश का सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां का तापमान 3.8 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड बढ़ने और कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के कई जिलों में पारे में खासी गिरावट देखने को मिली। भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडे रहे। भोपाल-नौगांव में 4.6 डिग्री और उमरिया में तापमान 4.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री रहा। दूसरी ओर, राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां पारा रिकॉर्ड 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। बड़े शहरों में इंदौर में 6.2 डिग्री, ग्वालियर में 6.7 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो, रीवा, रायसेन, शिवपुरी, दमोह, मंडला, दतिया, सतना, गुना, श्योपुर, धार, रतलाम समेत करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। कोहरे की वजह से ट्रेनें आ रही लेट शुक्रवार सुबह भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, सीहोर समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर-उज्जैन की तरफ आने वाली ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी लेट हो गईं। ऐसा ही असर शनिवार सुबह भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया हुआ है। कोहरे और ठंड की वजह से आम जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। सुबह लोग अलाव जलाते हुए नजर आ रहे हैं। ये ट्रेनें चल रही घंटों लेट ट्रेन  ट्रेनें कितनी देरी से चल रही  पंजाब मेल 2 घंटा 20 मिनट शताब्दी एक्सप्रेस 20 मिनट यशवंतपुर कनार्टका एक्सप्रेस 40 मिनट झेलम एक्सप्रेस 7 घंटे 10 मिनट सचखंड एक्सप्रेस 10 घंटे

भोपाल एयरपोर्ट को मिला शीर्ष स्थान, खजुराहो एयरपोर्ट ने भी दिखाया दम

भोपाल  भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट ने राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे) में लगातार दूसरी बार नंबर एक का दर्जा प्राप्त किया है। देश के 58 हवाई अड्डों पर हुए सर्व में भोपाल अव्वल रहा है। प्रदेश के कम एयर ट्रैफिक वाले खजुराहो एयरपोर्ट को भी पहला स्थान मिला है। ग्वालियर छह एवं जबलपुर एयरपोर्ट सातवें स्थान पर रहा है। इस सर्वे में इंदौर शामिल नहीं था। भोपाल श्रेणी तीन हवाई अड्डा है, जहां यात्री संख्या 15 लाख से अधिक है। एयरपोर्ट कांउसिल द्वारा निर्धारित सर्विस क्वालिटी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट अथारिटी साल में दो बार सीएसआइ इंडेक्स जारी करती है। जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच यात्रियों से सीधे बातचीत के आधार पर हुए सर्वे में भोपाल को लगभग हर पैरामीटर पर पूरे नंबर मिले हैं। ओवरआल रैंकिंग के लिए पांच में 4.99 नंबर मिले हैं। इसी आधार पर भोपाल और खजुराहो को नंबर एक दर्जा मिला है। राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल ही में इंटरनेशनल मापदंड के अनुरूप डिजी यात्रा सुविधा मिली है। ग्राउंड हैंडलिंग, चेक इन सेवाओं एवं फ्लाइट स्क्रीन सूचना सेवा को आसान बनाया गया है। हाल में 'आइ हेल्प यू' कांउटर बना है। फ्लाइब्रेरी एवं केटेगरी-2 आइएलएस सिस्टम लगा है इसका असर सर्वे में नजर आया है। कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान राजा भोज एयरपोर्ट का फ्लाइट शेड्यूल पैंसेजर फ्रेंडली है। भोपाल से दिल्ली एवं मुंबई से देश-विदेश की कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान हैं। इस बिंदु पर यात्रियों ने भोपाल को पांच में से पूरे पांच नंबर दिए हैं। शापिंग सुविधाएं, मनी एक्सचेंज एवं एयरपोर्ट तक ग्राउंड ट्रांसपोर्ट, 24 घंटे पार्किंग सुविधा, चेक इन में प्रतीक्षा समय कम लगना, चेक इन स्टाफ की दक्षता, सिक्युरिटी होल्ड एरिया में खानपान एवं शापिंग सुविधा सहित अधिकांश बिंदुओं पर यात्रियों ने पिछली बार के मुकाबले भोपाल को पूरे नंबर दिए हैं। एयरपोर्ट अथारिटी ने पिछले साल ही लाउंज पर यात्री सहायता काउंटर स्थापित किया था। इस कांउटर पर आने वाले हर यात्री की मदद की जाती है। सीआईएसएफ के जवानों को भी ट्रेंड किया गया है। यात्रियों ने इसी आधार पर भोपाल को भरपूर नंबर दिए हैं। भोपाल के एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी एवं खजुरोहो के एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोषसिंह ने सर्वे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाएं जारी रखने की बात कही है। जो लक्ष्य बनाया था वह पूरा हुआ     हमारे लिए यह बड़ी उपलब्धि है किसर्वेक्षण में यात्रियों ने हमें लगभग हर सुविधा पर पूरे नंबर दिए हैं। मे आई हेल्प यू काउंटर खुलने के बाद पहली बार यात्रा करने वालों को भी कोई परेशानी नहीं होती। लाउंज से सिक्युरिटी होल्ड एरिया तक हर क्षेत्र में सुधार हुआ है। यात्री भी बढ़े हैं। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर भोपाल  

विजय नगर में 200 केवीए फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन, शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ा कदम

इंदौर देश में लगातार आठ बार स्वच्छता में नंबर वन रहने के बाद इंदौर अब ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में विजय नगर क्षेत्र में 200 केवीए सार्वजनिक फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया है। इस चार्जिंग स्टेशन पर लगे सुपर चार्जर से इलेक्ट्रिक कारें 45 मिनट से एक घंटे के भीतर चार्ज हो सकेंगी, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी और लंबी दूरी की यात्रा भी आसान बनेगी। शहर में ईवी और चार्जिंग स्टेशन की स्थिति शहर में वर्तमान में 41 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं 47 नए चार्जिंग स्टेशन पीपीपी (सार्वजनिक–निजी भागीदारी) माडल पर तैयार किए जा रहे हैं लोक परिवहन में 120 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या कुल ईवी वाहन : 68,649 दोपहिया : 44,947 कार : 4,220 ई-रिक्शा (पैसेंजर व कार्गो): 14,639 थ्री व्हीलर : 4,345 ई-बस : 186 डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशन क्या है अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड और रोडग्रिड-विनफास्ट इंडिया द्वारा शुरू किया गया यह डीसी फास्ट चार्जिंग सिस्टम इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने का सबसे तेज तरीका है। इसमें वाहन के आंतरिक एसी-टू-डीसी कनवर्टर को बायपास कर बैटरी को सीधे डायरेक्ट करंट (डीसी) सप्लाई दी जाती है। यह तकनीक लंबी यात्राओं और बड़े वाहनों के लिए अधिक उपयोगी मानी जाती है, हालांकि यह सामान्य चार्जिंग की तुलना में महंगी होती है और बैटरी पर अधिक दबाव डालती है। चार्जर क्षमता और चार्जिंग समय 120 केवी सुपर चार्जर ई-बस और कार 45 मिनट से 1 घंटे में चार्ज शुल्क : 20 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 60 केवी चार्जर कार 45 मिनट से 1 घंटे में चार्ज शुल्क : 18–20 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 22 केवी चार्जर 2 से 3 घंटे में चार्ज शुल्क : 15 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 7.4 केवी चार्जर करीब 6 घंटे में चार्ज शुल्क : 15 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी चार्जिंग स्टेशन पर न करें ये 5 गलतियां हर बार फास्ट चार्जिंग करना गलती : छोटी दूरी या रोजमर्रा के इस्तेमाल के बावजूद बार-बार फास्ट चार्जर लगाना। नुकसान : फास्ट चार्जिंग से बैटरी जल्दी गर्म होती है, जिससे उसकी लाइफ कम होती है। सही तरीका : रोजमर्रा में नार्मल चार्ज, फास्ट चार्जिंग सिर्फ जरूरी होने पर 100% चार्ज करके देर तक प्लग लगे रहने देना गलती : चार्ज पूरी होने के बाद भी गाड़ी को चार्जिंग स्टेशन पर लगाए रखना। नुकसान : ओवरचार्जिंग से बैटरी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। सही तरीका : 80–90% चार्ज पर प्लग हटाएं। गर्म बैटरी को तुरंत चार्ज करना गलती : लंबी ड्राइव या धूप में खड़ी गाड़ी को तुरंत चार्ज पर लगा देना। नुकसान : गर्म बैटरी को चार्ज करने से उसकी क्षमता घटती है। सही तरीका : 10-15 मिनट बैटरी ठंडी होने दें, फिर चार्ज शुरू करें। गलत केबल या ढीला कनेक्शन गलती : अनअप्रूव्ड केबल या ठीक से लाक न हुआ चार्जर इस्तेमाल करना। नुकसान : वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से सेल डैमेज हो सकता है। सही तरीका : कंपनी-अप्रूव्ड केबल, चार्ज शुरू होने से पहले कनेक्शन जांचें। चार्जिंग स्टेशन पर बारिश या नमी गलती : गीले हाथों से प्लग लगाना या पानी भरे स्थान पर चार्जिंग। नुकसान : शार्ट सर्किट और इलेक्ट्रानिक्स फेल होने का खतरा। सही तरीका : सूखी जगह में चार्जिंग, बारिश में अतिरिक्त सावधानी।