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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की रखी सशक्त नींव : केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह

संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की श्रंखला की शुरूआत को बताया दूरदर्शी भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मप्र के संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की श्रंखला आयोजित करने की शुरूआत को दूरदर्शी बताया है। उन्होने कहा कि यह ऐसी शुरूआत श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के लिये की थी। ‘वाइब्रेंट गुजरात’ के नाम से इंडस्ट्रियल समिट आयोजित करने की एक वैज्ञानिक और व्यवस्थित शुरुआत उन्होंने की। इसमें राज्य की राजधानी में बड़े स्तर पर इंडस्ट्रियल समिट आयोजित होते थे और राज्य में व्यापक निवेश आता था। डॉ. यादव ने क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती परग्वालियर में ‘अभुदय : मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में अपने संबोधन मेंकेन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने क्लस्टर इन्वेंस्टमेंट पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं डॉ. मोहन यादव को बधाई देना चाहता हूँ कि उन्होंने राज्य के संतुलित विकास के लिए ‘क्षेत्रीय निवेश कॉन्क्लेव’ की एक नई और दूरदर्शी शुरुआत की है। मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कॉन्क्लेव आयोजित करने और निवेश के भूमिपूजन का जो सिलसिला उन्होंने शुरू किया है, वह आने वाले समय में राज्य के संतुलित विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। आज जो 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है, वह देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन किसी एक क्षेत्र के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। किसी क्षेत्र की जनता के लिए यह निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि राज्य का संतुलित विकास नहीं होता, तो राज्य आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि हर क्षेत्र में अपार संभावनाएँ छिपी होती हैं।जैसे मालवा, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में कपास लंबे समय से किसानों की प्रमुख फसल रही है, लेकिन उन्हें उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब पीएम मित्र पार्क के आने से पारंपरिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है और कपास फिर से किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बन गई है। मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता उसका भौगोलिक लोकेशन है। यहाँ से पूरे देश के आधे हिस्से तक बहुत कम ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में आपूर्ति संभव है। लेकिन इस भौगोलिक लाभ का शत-प्रतिशत उपयोग तभी संभव है, जब राज्य में सिमेट्रिक इंडस्ट्री विकसित की जाए। दक्षिण से जुड़े जिलों में उद्योग स्थापित हों, दिल्ली से जुड़े जिलों, जैसे ग्वालियर में उद्योग लगेंऔर पश्चिमी क्षेत्रों जैसे धार और झाबुआ में भी औद्योगिक विकास हो। तभी मध्यप्रदेश को अपने भौगोलिक लाभ का वास्तविक फायदा मिलेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि इसी सोच के साथ यह आयोजन डॉ. मोहन यादव ने किया है। मैं उन्हें हृदय से बधाई देता हूँ कि उनकी क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट ने मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है।  

HTET 2026 नोटिफिकेशन जारी: अब शुरू हुए आवेदन, इस दिन तक भर सकेंगे फॉर्म

हरियाणा  एचटेट के लिए बीते दिन बुधवार से आवेदन शुरू हो गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 जनवरी है। इस बार आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सिर्फ दस दिन ही दिए गए हैं।आवेदन के लिए बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर लिंक जारी कर दिया गया है। आवेदन में सुधार के लिए अभ्यर्थियों को चार और पांच जनवरी का समय दिया गया है। HTET 2026 के लिए कैसे करें आवेदन? सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट –  bseh.org.in व htet.eapplynow.com पर जाना होगा। इसके बाद होम पेज पर दिख रहे HTET 2026 के लिंक पर क्लिक करना होगा। अब अपनी जरूरी जानकारी भरकर लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक पूरा करें। फॉर्म भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें। अंत में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।

खेती होगी सस्ती और स्मार्ट: हरियाणा में सोलर पंप पर 75% सब्सिडी का ऐलान

हरियाणा  हरियाणा के किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रधानमंत्री कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर एनर्जी पंप लगाने का अवसर दिया जा रहा है। इच्छुक किसान आज से 29 दिसंबर 2025 तक सरकार के सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत किसानों को 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी क्षमता के सोलर पंप 12 अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने पहले बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।   तय समय सीमा में जमा करवाएं आवेदन  वहीं वेटिंग लिस्ट में शामिल पुराने आवेदकों को भी राहत दी गई है। यदि वे अपने सोलर पंप की क्षमता या प्रकार बदलना चाहते हैं, तो वे पुरानी फैमिली आईडी के माध्यम से दोबारा आवेदन कर सकते हैं। ऐसे किसानों को नया चालान जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उनका अंश पहले ही विभाग के पास जमा है। यदि तय समय सीमा में नया आवेदन नहीं किया गया और पंप आवंटित नहीं होता, तो जमा की गई राशि वापस कर दी जाएगी। जानें आवेदन के लिए किसानों के पास क्या-क्या होना चाहिए ऑनलाइन आवेदन के लिए किसानों के पास फैमिली आईडी, कृषि भूमि के रिकॉर्ड या जमाबंदी और यह प्रमाण पत्र होना जरूरी है कि आवेदक के नाम पर कोई बिजली आधारित पंप नहीं है। किसानों को वर्चुअल अकाउंट नंबर के साथ चालान जारी किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी को अपना हिस्सा NEFT या RTGS के माध्यम से जमा करवाना पड़ेगा।  

पंजाब सरकार की चेतावनी: 31 दिसंबर आखिरी तारीख, कर्मचारियों पर सख्ती तय

लुधियाना  सरकार द्वारा बकाया नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस जमा करवाने पर दी गई छूट की डैडलाइन 31 दिसम्बर को खत्म हो जाएगी। इससे पहले पैंडिंग फाइलों के निपटारे के लिए इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट में 26 दिसम्बर को फिर से कैंप का आयोजन किया जाएगा। यहां बताना उचित होगा कि लोकल बॉडीज विभाग द्वारा जारी की गई वन टाइम सैटलमैंट पॉलिसी में एन.सी.एफ. पर छूट के लिए 31 जुलाई तक आवेदन करने की डैडलाइन फिक्स की गई थी और वह लोग 31 दिसम्बर तक बकाया किस्तें जमा करवा सकते थे। लेकिन चेयरमैन के पास पहुंची शिकायतों के मुताबिक मुलाजिमों द्वारा ओ.टी.एस. से संबंधित ज्यादातर आवेदन बिना वजह एतराज लगाकर पैंडिंग रखे गए हैं। इसके मद्देनजर चेयरमैन तरसेम भिंडर द्वारा पहले सारे स्टाफ की मीटिंग बुलाकर अपनी वर्किंग में सुधार लाने की चेतावनी दी गई और फिर 18 दिसम्बर को कैंप लगाकर रजिस्ट्री, ट्रांसफर, एन.ओ.सी. से संबंधित 40 पेंडिंग केस आन द स्पॉट क्लीयर करवाए। इसके बाद भी काफी केस पैंडिंग होने की सूचना मिलने पर चेयरमैन ने 31 दिसम्बर की डैडलाइन खत्म होने से पहले 26 दिसम्बर को एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार फिर कैंप लगाने का फैसला किया गया है। 

लोक प्रशासन में उत्कृष्टता को मान्यता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा

जिलों और विभागों से प्राप्त 312 प्रविष्टियों में से 10 नवाचारों का चयन — तकनीक, परिणाम और नागरिक-केंद्रित सेवा पर विशेष जोर छत्तीसगढ़ के श्रेष्ठ प्रशासनिक नवाचारों को मिलेगा सम्मान “नागरिकों की बेहतर सेवा के लिए शासन का निरंतर विकसित होना आवश्यक है” : मुख्यमंत्री साय रायपुर, छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में हो रहे परिवर्तन और प्रशासनिक संस्कृति के सुदृढ़ होते स्वरूप को रेखांकित करते हुए आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की । यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए उन नवाचारों को सम्मानित करने हेतु दिए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा स्थापित ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आँका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहाँ तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर हो रहे नवाचारों से साकार होता है। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जनहित को केंद्र में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के विजेताओं की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रणालियों को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ निरंतर स्वयं को ढालना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नवाचारों के सम्मान की आज घोषणा की गई  है, वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि भविष्य-उन्मुख शासन के लिए अनुकरणीय और दोहराने योग्य मॉडल हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए एक सुदृढ़ और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य समावेशिता और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिलों से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे। यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि शासन के प्रत्येक स्तर पर समस्या-समाधान की नवाचारी सोच विकसित हो रही है। यह प्रवृत्ति समाधान-केंद्रित प्रशासन की ओर हो रहे सांस्कृतिक बदलाव को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 13 नवाचारों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया और अंततः 10 विजेता नवाचारों का चयन किया गया, जिनमें जिला और विभागीय श्रेणियों से समान संख्या में प्रविष्टियाँ शामिल रहीं। मूल्यांकन के दौरान परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि सम्मान केवल विचारों पर नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली परिणामों पर आधारित हो। जिला श्रेणी के विजेताओं में दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया। जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई। मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है। नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली। विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा। वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन … Read more

लखनऊ में शानदार प्रेरणा स्थल स्थापित कराने पर राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी बधाई

लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक दशक में देश जिन मंत्रों के साथ आगे बढ़ा है, उनमें ‘अपने महापुरुषों-विरासत पर गौरव की अनुभूति करना, उनका सम्मान व संरक्षण करना’ भी है जिसे पीएम मोदी ने दिया है। इस सोच से प्रभावित होकर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में भारत के तीन ऐसे महापुरुषों (पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी) की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो प्रेरणा के मूर्त स्वरूप हैं। इन्होंने आजाद भारत को सम्मान, स्वाभिमान व नई पहचान दिलाने का कार्य किया। रक्षा मंत्री ने प्रख्यात मूर्तिकार रामसुतार के प्रति श्रद्धांजलि और दो प्रतिमा बनाने वाले मांटू राम के प्रति सम्मान प्रकट किया। रक्षा मंत्री ने शानदार प्रेरणा स्थल यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थापित करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।  डॉ मुखर्जी, पं. दीनदयाल व अटलजी के साथ महामना का भी स्मरण  रक्षा मंत्री ने पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने पं. महामना मदन मोहन मालवीय का भी स्मरण किया। कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता व अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए लंबा संघर्ष किया। जम्मू-कश्मीर को धारा-370 के तहत विशेष दर्जा मिला था, उसे समाप्त करने के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्राणों की आहुति दी। पीएम मोदी ने आजाद भारत ने उनके संकल्प को पूरा किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद व अंत्योदय का विचार प्रस्तुत किया था। उन्होंने जो विचारधारा दी, उसी आधार पर पीएम मोदी सशक्त, स्वाभिमानी व स्वावलंबी भारत बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। पं. उपाध्याय का मानना था कि व्यक्ति के मान, सम्मान व स्वाभिमान की भी चिंता की जानी चाहिए। रक्षा मंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन का सार बताते हुए कहा कि तन के सुख के लिए धनधान्य, मन के सुख के लिए मान, सम्मान व स्वाभिमान, बुद्धि के सुख के लिए ज्ञान और आत्मा के सुख के लिए भगवान चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार गरीब कल्याण की प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त कर रही है तो उसके पीछे हमारी प्रेरणा पं. दीनदयाल उपाध्याय हैं।  भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय  रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ संसदीय क्षेत्र के लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से घुले-मिले थे। सभी उनके विनोदी स्वभाव से परिचित हैं। रक्षा मंत्री ने अटल जी के पाकिस्तान दौरे से जुड़ी घटना सुनाते हुए उनकी हाजिर जवाबी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय है।  गांव, गरीब, किसानों के लिए काम कर रहे मोदी रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गांव, गरीब, किसानों के लिए बड़ा काम किया है। पहले मनरेगा में तरह-तरह की धांधली होती थी, उसके स्थान पर जी राम जी के नाम पर संसद में नया विधेयक पारित किया है। पहले श्रमिकों को 100 दिन का काम मिलता था, अब 125 दिन का काम मिलेगा। साथ ही गांवों में स्थानीय बुनियादी ढांचों का विकास भी होगा।  पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास की नई बुलंदियों की तरफ बढ़ रहा भारत  रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास की नई बुलंदियों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार महंगाई की दर एक फीसदी के नीचे गई है। पीएम मोदी के शासनकाल में 8 फीसदी से अधिक की विकास दर दिख रही है। पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष/केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

अटलजी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकहित के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण : मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की।  उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को समर्पित किया राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सीएम योगी ने किया अतिथियों का स्वागत

भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अटल जी का उद्घोष था- अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगाः सीएम योगी   लखनऊ पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर गुरुवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटलजी की विरासत ने भारत को नई दृष्टि दी। आज उनके सपने साकार हैं जिसे देख हर भारतवासी प्रफुल्लित है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डा. मुखर्जी, पं. दीनदयाल व भारत रत्न अटलजी की 65-65 फिट ऊंची कांस्य प्रतिमा और डिजिटल म्यूजियम का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत में एक विधान, एक निशान, एक प्रधान का उद्घोष किया था और आज ऐसा हो चुका है वहीं पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में भी नया परिवर्तन दिखाई दे रहा है। पिछले 11 वर्ष में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठकर सामान्य नागरिक के रूप में जीवनयापन कर रहे हैं।  पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बना आत्मनिर्भर, तीनों महापुरुषों की प्रेरणा ने किया मार्गदर्शन  सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि अंत्योदय के स्वप्न को साकार करने वाले, श्रद्धेय अटल जी के सुशासन को मूर्त रूप देने वाले आत्मनिर्भर व आधुनिक भारत के शिल्पकार, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न दृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल, तीनों महापुरुषों की भव्य प्रतिमा व म्यूजियम का भव्य लोकार्पण हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत का जो वर्तमान स्वरूप देख रहे हैं, उसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी का मार्गदर्शन प्रेरणा के रूप में है।  भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अटल जी का उद्घोष था- अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा  सीएम योगी ने कहा कि यह अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी महोत्सव का वर्ष है। अटल जी कहते थे कि ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’, यह केवल आशा नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उनके अडिग विश्वास, दूरदृष्टि व दृढ़ संकल्प का उद्घोष था। अटल जी ने कवि, पत्रकार, राष्ट्रवादी विचारक व भारत के सच्चे सपूत के रूप में देश को जो विजन-नेतृत्व दिया। पीएम मोदी के नेतृत्व में हर भारतवासी उसे विकास व विरासत के नए रूप में देख रहा है। आज के महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री जी के करकमलों से राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्राप्त हो रहा है।  सीएम ने महामना व बिजली पासी को भी किया याद  सीएम योगी ने भारत माता के सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व महान शिक्षाविद् महामना पं. मदन मोहन मालवीय को भी उनकी जयंती पर याद किया। बोले कि मालवीय जी ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्हें ‘भारत रत्न’ देकर प्रधानमंत्री जी ने उनकी सेवाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराजा बिजली पास को भी नमन किया और कहा कि महान योद्धा बिजली पासी से भी हर भारतीय को नई प्रेरणा प्राप्त होती है।  इस अवसर पर रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

क्रिसमस पर धार्मिक तनाव? चर्च के सामने बजरंग दल ने किया हनुमान चालीसा पाठ, गूंजे जय श्रीराम के नारे

बरेली यूपी के बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में क्रिसमस से एक दिन पहले बुधवार शाम को बजरंग दल के सदस्यों ने सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया और ‘जय श्रीराम' व ‘हर हर महादेव' के नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चर्च द्वारा आयोजित क्रिसमस महोत्सव के दौरान हिंदू धर्म और समाज को गलत और आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे हिंदू जनभावनाओं को ठेस पहुंची है। ईसाई मशीनरी मुर्दाबाद के लगाए नारे  प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "ईसाई मशीनरी मुर्दाबाद" जैसे नारे भी लगाए। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। आधे घंटे से भी कम समय तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष शिवम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी।  बजरंग दल ने लगाया ये आरोप  ज्ञापन के अनुसार, बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि 23 दिसंबर को चर्च में आयोजित क्रिसमस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ऑडियो-विजुअल शामिल थे, जिनमें कथित तौर पर धर्मांतरण, हिंदू मंदिरों और हिंदू समाज से संबंधित मुद्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। सीओ शिवम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है ‘‘और मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।" सीओ ने यह भी कहा कि किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

एक कॉल और उड़ गए 76 लाख! WhatsApp ठगी की आपबीती सुनाकर पूर्व IAS ने किया बड़ा खुलासा

अमृतसर  पंजाब में रिटायर्ड अधिकारी लगातार साइबर ठगों के निशाने पर हैं। पिछले दिनों पूर्व आईजी अमरजीत सिंह चहल ने कथित तौर पर ठगी का शिकार होने के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी हरजिंदर सिंह चहल सामने आए हैं, जिनके साथ तकरीबन 76 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि वह अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए उनके पैसों को वापस कराए। पूर्व आईएएस अधिकारी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान साइबर ठगी के पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम की वजह से मुझे काफी नुकसान हुआ है। पिछले साल सितंबर में उनके साथ 76 लाख रुपए की ठगी हुई थी, लेकिन अभी तक उनका पैसा वापस नहीं लौटा है। उन्होंने कहा, "मुझे एक व्हाट्सएप कॉल मिली थी। अपराधियों ने मुझे अपने झांसे में फंसाया था। इतने सवाल पूछे कि सोचने-समझने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं दिया। स्थिति ये हो चुकी थी कि जो चीजें वह मांगते रहे, मैं उन्हें देता चला गया।" पूर्व अधिकारी ने आगे कहा, "व्हाट्सएप कॉल पर अपराधियों ने उन्हें पैसों की वेरिफेकशन के बहाने तीन अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। जब मुझे शक हुआ कि मेरे साथ ठगी हुई है तो मैंने बैंक से संपर्क किया।" उन्होंने आरोप लगाए कि बैंक मैनेजर ने इस साइबर फ्रॉड को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अगर बैंक की तरफ से तुरंत एक्शन लिया गया होता तो काफी रकम को बचाया जा सकता था। हरजिंदर सिंह चहल ने कहा, "मैं अधिकारियों से गुजारिश करता हूं कि वे इसे वापस पाने में मेरी मदद करें और दूसरों को भी इसका शिकार होने से बचाएं।" बता दें कि कुछ दिन पहले पूर्व आईजी अमरजीत सिंह चहल ने खुद को गोली मारी थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए। बाद में एक तथाकथित नोट से अमरजीत सिंह के साथ करीब 8 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।