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टक्कर के बाद तांडव: वसीम खान का बवाल, हिंदू युवती को खुलेआम हत्या की धमकी

इंदौर गाड़ी टकराने के बाद एक मुस्लिम युवक ने हिंदू युवती को जान से मारने की धमकी दी। उसको कॉल लगाया और कहा कि मेरे पास तुम्हारी तस्वीर है। मैंने तुम्हारा इंतजाम करवा दिया है। पुलिस ने देर रात आरोपित वसीम खान के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। लसूड़िया पुलिस के अनुसार 7 दिसंबर को फरियादी कसक का स्कूटर बाइक से टकरा गया था। उस वक्त उसका भाई स्कूटर चला रहा था। गाड़ी में नुकसान होने पर बाइक (एमपी 09एडब्ल्यू 9207) के चालक ने 10 हजार रुपये दिए और गाड़ी ठीक करवा दी। कसक का आरोप है इसके बाद अनजान नंबर से कॉल आया और उसने वसीम खान नाम बताया। उसने पहले युवती से जानकारी ली। बाद में कहा मेरे पास तुम्हारी तस्वीर आ गई है। मैं तुम्हारा इंतजाम करवा दूंगा। उसने कहा कि तुम्हें 15 दिन के अंदर घायल करूंगा। मैं तांत्रिक हूं। घटना की हिंदू संगठन को जानकारी लगी तो थाने पहुंचे और वसीम निवासी श्रीनगर कांकड़ के खिलाफ केस दर्ज करवाया।   हिंदू संगठन ने लगाया लव जिहाद का आरोप मुस्लिम युवक को पकड़ा, मंगलवार रात आजाद नगर थाना क्षेत्र में भी हंगामा हो गया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक पर लव जिहाद का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने बगैर कार्रवाई के दोनों को छोड़ दिया। टीआइ लोकेशसिंह भदौरिया ने कहा युवती मर्जी से आई थी। घटना तीन ईमली बस अड्डे की है। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी उप्र के सहीम पुत्रल मोहम्मद सलीम को हिंदू युवती के साथ पकड़ा। आरोप लगाया कि वह हिंदू युवती को बहसा फुसला कर ले जा रहा है। हालांकि बाद में युवती ने कहा मैं सहीम के साथ दो साल से रह रही हूं। दोनों काम के सिलसिले में मुंबई जा रहे थे।

भोरमदेव को मिलेगी नई पहचान, 146 करोड़ में बनेगा काशी मॉडल कॉरिडोर

रायपुर, केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा। 1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवन भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का समग्र विकास होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे। भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।

बिहान योजना से बदली शांति दुग्गा की तक़दीर, किराना दुकान से ट्रैक्टर तक का सफर, 5 लाख तक पहुँची सालाना आय

रायपुर,  जिला नारायणपुर के विकासखण्ड ओरछा अंतर्गत ग्राम कुरूषनार की निवासी शांति दुग्गा आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। रोशनी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य और प्रतीज्ञा ग्राम संगठन से जुड़ी शांति दुग्गा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की बिहान योजना के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।       शांति दुग्गा 19 अगस्त 2019 को स्व सहायता समूह से जुड़ीं। इससे पहले उनके परिवार की आजीविका कृषि कार्य और वनोपज संग्रहण पर निर्भर थी, जिससे आय सीमित रहती थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की शुरुआत की। शासन द्वारा समूह को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि एवं 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश कोष राशि प्राप्त हुई, जिससे वित्तीय अनुशासन और आपसी लेन-देन की समझ विकसित हुई।      बैंक लिंकेज के माध्यम से शांति दुग्गा ने पहली बार 1 लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़ा व्यवसाय प्रारंभ किया।  बाजार-हाट के कार्य को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने एक पिकअप वाहन भी खरीदा। नियमित आय के चलते वे समय पर ऋण की किश्तें और ब्याज का भुगतान करती रहीं।      लगातार बढ़ते व्यवसाय और आत्मविश्वास के साथ शांति दुग्गा ने तीसरे चरण में 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। आज उनके परिवार की वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे परिवार का जीवन स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरा है। शांति दुग्गा का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हैं। उनकी सफलता कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

अनुपूरक बजट चर्चा में सीएम योगी बोले- परंपरागत उत्पादों को ब्रांडिंग-पैकेजिंग से मिला नया बाजार, काला नमक बना उदाहरण

ब्रह्मोस मिसाइल के लखनऊ में निर्माण से डिफेंस कॉरिडोर को मिली मजबूतीः योगी आदित्यनाथ वेलफेयर योजनाओं और विकास कार्यों में कोई भेदभाव नहीं, हर विधानसभा तक पहुंच रहा विकास का पैसाः योगी आदित्यनाथ लखनऊ, विधान सभा के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों के साथ-साथ परंपरागत उद्यमों को सशक्त कर एमएसएमई सेक्टर को नई मजबूती दी गई है, जिसका असर आज निवेश, निर्यात और रोजगार के रूप में साफ दिखाई दे रहा है। पहले किसी सरकार ने इन उत्पादों पर ध्यान नहीं दिया, जबकि मौजूदा सरकार ने इनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब के प्रति सरकार की संवेदना अडिग है। 25 करोड़ की आबादी के कल्याण और सुरक्षा के लिए सरकार बिना किसी भेदभाव के मजबूती से खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। काला नमक चावल की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काला नमक चावल पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।  हमारी सरकार ने इसकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शाही जी जहां भी जाते हैं, वहां के श्रेष्ठ स्थानीय खाद्य उत्पादों की जानकारी लेते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए वाराणसी का किस्सा भी सुनाया और कहा कि शाही जी स्वयं परंपरागत उत्पादों के प्रति सजग हैं और काला नमक को विशेष ब्रांड के रूप में स्थापित करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। वहीं, पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि उस समय इच्छाशक्ति की कमी के कारण ऐसे उत्पाद उपेक्षित रहे। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के हर जनपद में एक-एक विशिष्ट उत्पाद था, लेकिन तकनीक, डिजाइन, मार्केट डिमांड और पैकेजिंग की जानकारी के अभाव में वे धीरे-धीरे बंद होते जा रहे थे। सरकार ने इन्हें सुविधाएं दीं और आज उत्तर प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा एमएसएमई नेटवर्क है। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनसे पौने दो करोड़ परिवारों की आजीविका चल रही है। एमएसएमई के जरिए यूपी दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है। 5 लाख करोड़ की जीबीसी होगी जल्द निवेश के मोर्चे पर भी उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक जमीनी स्तर पर उतर चुके हैं। वहीं, 7 लाख से अधिक युवाओं को सीधे रोजगार मिला है। 5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। अब प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटकने को मजबूर नहीं है। ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण अब लखनऊ में हो रहा है, जो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की बड़ी उपलब्धि है। इसमें काम करने वाले सभी युवा उत्तर प्रदेश के हैं। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग पास युवाओं को यहीं रोजगार मिला है। कभी चेहरा देखकर योजनाओं का लाभ नहीं दिया वेलफेयर योजनाओं पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार ने कभी चेहरा देखकर योजनाओं का लाभ नहीं दिया। आवास, राशन, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान कार्ड और मुख्यमंत्री राहत कोष हर योजना बिना भेदभाव लागू की गई है। सूची में उन गरीबों को भी जोड़ा गया, जिन्हें पहले वंचित रखा गया था। सीएम योगी ने कहा कि 403 विधानसभा क्षेत्रों में कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित नहीं रहेगा। पीडब्ल्यूडी समेत हर विभाग की नियमित समीक्षा होती है, जिलों में सांसद और प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में बैठकें होती हैं और योजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट शासन तक पहुंचती है। मुख्यमंत्री राहत कोष में किए गए नए प्रावधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिनके पास आयुष्मान कार्ड है, वे पहले उसका उपयोग करें, आवश्यकता होने पर जिला अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर राहत कोष से सहायता दी जाएगी। कुछ अस्पतालों में गलत बिलिंग की शिकायतों पर कार्रवाई भी की गई है।

फसल बीमा पर बड़ा सवाल: 116 करोड़ का क्लेम लंबित, किसान मुआवजे के लिए भटकने को मजबूर

चंडीगढ़ हरियाणा में प्रधानमंत्री फसार बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने वाले किसानों के 116 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों में फंस गए हैं। तीन साल से फसल खराबे के नुकसान की क्षति पूर्ति के लिए दावा (फ्लेग) कर यो इन किसानों को बीमा कंपनियां भुगतान नहीं कर रहीं। इससे भिवानी, सिरसा, मुंह और चरखी दादरी के किसान सर्वाधिक प्रभावित है। अधिकतर मामलों में फसल कटाई प्रयोगों पर विवाद है। बीमा कंपनियों को हठधर्मिता से नाराज प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अलैकलिस्ट करने की सिफारिश भी कर दी है।  हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने वाले किसानों के 116 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों में फंस गए हैं। तीन साल से फसल खराबे के नुकसान की क्षति पूर्ति के लिए दावा (क्लेम) कर रहे इन किसानों को बीमा कंपनियां भुगतान नहीं कर रहीं। इससे भिवानी, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी के किसान सर्वाधिक प्रभावित हैं। अधिकतर मामलों में फसल कटाई प्रयोगों पर विवाद है। हालांकि बीमा कंपनियों की हठधर्मिता से नाराज प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश भी कर दी है। डबवाली के इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सवाल उठाते हुए पूछा था कि राज्य में पिछले तीन वर्षों 2022-23, 2023-24 तथा 2024-25 के दौरान किसानों को हुए फसल नुकसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनियों के पास कुल कितनी मुआवजा राशि अभी बकाया है।   बकाया मुआवजे का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। क्या सरकार द्वारा भुगतान न करने या भुगतान में देरी करने वाली दोषी बीमा कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने माना कि तीन वर्षों से बीमा कंपनियों के पास 13 जिलों के किसानों के कुल 116 करोड़ 22 लाख रुपये बकाया हैं। इनमें अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और सोनीपत शामिल हैं। नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) के अस्वीकृत होने, बैंक खाते बंद होने और बीमित किसानों की मृत्यु के कारण 22 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि रबी 2023-24 के लिए सरसों, गेहूं और चना के लिए फसल कटाई प्रयोगों से संबंधित विवादों के कारण क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास 85 करोड़ 52 लाख रुपये लंबित हैं। जिला अटका हुआ क्लेम  भिवानी 64.55 करोड़ रुपये सिरसा 30.57 करोड़ रुपये 13.54 कारी इरुपये चरखी बदरी 7.36 करोड़ रुपये खरीफ 2024-25 के लिए क्यास के लिए इंश्योरेंस कंपनी के पास 30.47 करोड़ रुपये लंबित हैं। अब तक एग्रीकल्चर इंस्योरेंस कंपनी (एआइसी) ने सिरसा जिले में खरीफ 2014 के लिए, 79 करोड़ 4 लाख रुपये का भुगतान किया है। सिरसा के 44 गांवों से संबंधित लगभग 30 करोड़ 47 लाख रुपये के कालेम अब भी पेंडिंग हैं क्योंकि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ने जिल्ला स्तरीय निगरानी समिति के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की हुई है। यह प्रक्रियाधीन है। बीते तीन वितीय वर्षों में 223 किन्सानों को 14 लाख का क्लेम दिया गया है।

राजस्थान पंचायत चुनाव अपडेट: बढ़ा चुनावी खर्च, तांगा-ऊंट और बैलगाड़ी से प्रचार नहीं होगा

जयपुर  पंचायती राज संस्थाओं (PRI) और शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों में प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा बढ़ा दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी करते हुए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा को दोगुना कर दिया है। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों और लाउडस्पीकरों के उपयोग पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में प्रत्याशी बड़े वाहन या पशु-चालित गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर के साथ-साथ तांगा, ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी जैसे पशु-चालित वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरपंच के लिए खर्च सीमा 1 लाख, अन्य के लिए ये… पंचायती राज चुनावों में सरपंच पद के लिए खर्च सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। पंचायत समिति सदस्य के लिए यह सीमा 75 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। शहरी निकाय चुनावों में नगर निगम पार्षदों की खर्च सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षदों की 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये और नगर पालिका पार्षदों की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। 15 दिन में पेश करना होगा खर्च का रिकॉर्ड प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को खर्च का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा, अन्यथा कार्रवाई की जा सकती है। वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। जिला परिषद और नगर निगम प्रत्याशी अधिकतम तीन, पंचायत समिति और नगर परिषद प्रत्याशी दो, जबकि सरपंच और नगर पालिका प्रत्याशी केवल एक वाहन का उपयोग कर सकेंगे। वाहनों की जानकारी पहले रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। इसके अलावा, चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी। अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही, वह भी मजिस्ट्रेट की अनुमति से किया जा सकेगा। चुनावी रैलियों के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर बोलते हुए सपा सरकार को जमकर लताड़ा

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर चर्चा करते हुए कहा कि पिछले पौने 9 वर्षों में प्रदेश में विकास की रफ्तार, पहचान और सम्मान तीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। इसके पीछे मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की हालत किसी से छिपी नहीं थी। सड़कों पर गड्ढे, मेट्रो के नाम पर मजाक, रेलवे नेटवर्क में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी थी। बुनियादी ढांचे की बदहाली आम बात थी। उस दौर में प्रदेश की पहचान एक पिछड़े राज्य के रूप में बनती जा रही थी। तत्कालीन सरकारें मजबूरी में गठबंधन करती थीं, लेकिन विकास के नाम पर अराजकता फैलती रही। जब केंद्र में यूपीए और प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब भी आपसी संबंधों और समन्वय की स्थिति बेहतर नहीं रही। वर्ष 2017 से पहले यूपी में महज डेढ़ एक्सप्रेस–वे थे, आज 22 एक्सप्रेस–वे हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महज डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि आज प्रदेश में 22 एक्सप्रेस-वे हैं। यदि ये सभी पूरी तरह संचालित हो जाते हैं, तो देश के कुल एक्सप्रेस-वे में से लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की होगी। आज यह उत्तर प्रदेश की स्पीड है। रेलवे नेटवर्क के मामले में भी प्रदेश आज देश में सबसे आगे है। उत्तर प्रदेश लगभग 16,000 किलोमीटर के नेटवर्क के साथ देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है। इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को फोर लेन में बदला गया है और मेट्रो सिटी के मामले में भी प्रदेश देश में अग्रणी है। देश में सबसे अधिक मेट्रो शहर आज यूपी में हैं। हवाई कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बहुत कम थी, जिनमें से दो पूरी तरह संचालित थे जबकि दो आंशिक रूप से संचालित थे। आज 16 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं, जिनमें चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं। इसके साथ ही पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) जो भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, अगले महीने से संचालित होने जा रहा है। यह प्रदेश के विकास का प्रतीक है। सपा शासनकाल में हाई स्कूल और इंटर में थर्ड डिवीजन को बनाया आयोग का अध्यक्ष देश की पहली रैपिड रेल उत्तर प्रदेश में चल रही है और देश का पहला वॉटर-वे भी यूपी में ही संचालित हो चुका है। वाराणसी से हल्दिया के बीच चल रहे जलमार्ग को प्रयागराज तक और आगे बलिया से अयोध्या तक विस्तार देने की योजना पर काम चल रहा है। यह सभी परियोजनाएं सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी-बड़ी बातें करना समाजवादी पार्टी का अहंकार है। जब व्यक्ति या पार्टी यह कहने लगती है कि मैंने यह कर दिया, तभी अहंकार पैदा होता है और इसी वजह से जनता काे सम्मान नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि सम्मान तब मिलता है, जब दुनिया खुद कहे कि आपने अच्छा काम किया है। आज दुनिया कह रही है कि उत्तर प्रदेश में अच्छा हो रहा है और इसका सम्मान हर उत्तर प्रदेशवासी को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए वर्ष 2017 से पहले शिक्षा और भर्ती आयोगों में कथित गड़बड़ियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले अयोग्य लोगों को अहम पदों पर बैठाया जाता था। उस दौरान हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में थर्ड डिवीजन पाने वाले लोगों को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। यूपी के नौजवानों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ। यूपी ने बनाया बिना घूस के सरकारी नौकरी देने का अनूठा रिकॉर्ड प्रदेश में पौने नौ वर्षों में लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां बिना किसी घूसखोरी के दी गई हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इतनी पारदर्शी और बड़े पैमाने की भर्ती पहले कभी नहीं हुई। वर्ष 2017 से पहले पुलिस प्रशिक्षण की कुल क्षमता केवल 3,000 थी। बड़ी संख्या में भर्ती होने के बावजूद प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था। ट्रेनिंग अवधि को 9 महीने से घटाकर 6 महीने कर दिया गया था, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल के लिए अच्छी ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, सेवा के दौरान उतना ही खून कम बहेगा। हमने वर्ष 2017 के बाद प्रशिक्षण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है ताकि पुलिस बल अधिक सक्षम और पेशेवर बन सके। हमने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती बोर्ड में तकनीकी और प्रशासनिक तंत्र को मजबूत किया गया है। वर्तमान सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी नौकरी के साथ एम्प्लॉयमेंट के नए रास्तों पर भी काम कर रही मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा आयोग में हाल ही में एक रिटायर्ड डीजीपी को नियुक्त किया गया है। उन्होंने जैसे माफियाओं की कमर तोड़ी है, वैसे ही नकल माफिया की कमर भी तोड़ी जाएगी। नकल माफिया की आदतें पिछली सरकारों में बिगड़ीं, लेकिन उन्हें सुधारना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। हमारा उद्देश्य प्रदेशवासियों की रक्षा और दुर्जनों को दंड देना है। मुख्यमंत्री ने परित्राणाय साधूनां, विनाशाय च दुष्कृताम्” का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सरकार केवल औपचारिकता निभाने नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधारने के लिए बैठी है। इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नौकरियों के साथ-साथ एम्प्लॉयमेंट के अन्य रास्तों पर भी काम किया जा रहा है।

यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी! लुधियाना रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म अगले 6 महीने बंद

लुधियाना लुधियाना रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते रेलवे विभाग की तरफ से अमृतसर से चल कर नई दिल्ली की तरफ जाने वाली दर्जन के करीब ट्रेनों का ठहराव ढंडारी कलां रेलवे स्टेशन पर किया गया था लेकिन काम पूरा न होने के कारण इसके समय अवधि में बढ़ौतरी की गई और अब एक बार फिर विभाग की तरफ से 6 महीने के लिए इन गाड़ियों के ठहराव अवधि को बढ़ाया है। रेलवे विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन लुधियाना पर भी 2 व 3 नंबर प्लेटफार्म को 3 महीने के लिए बंद किया गया है। इसके चलते अस्त व्यस्त होने के कारण ही करीब 14 ट्रेनों का ठहराव ढंडारी कलां रेलवे स्टेशन पर किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री 139 या रेलवे ऐप पर भी इसकी जानकारी ले सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार ट्रेन नंबर 12054 अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14604 अमृतसर–सहरसा एक्सप्रैस ,ट्रेन नंबर 15532 अमृतसर–सहरसा जनसेवा एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14674 अमृतसर–जयनगर शहीद एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 19326 अमृतसर–इंदौर एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 22424 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14618 अमृतसर–पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रैस , ट्रेन नंबर 22552 जालंधर सिटी–दरभंगा एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14616 अमृतसर–लालकुआं एक्सप्रैस , ट्रेन नंबर 15212 अमृतसर–दरभंगा जननायक एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 12204 अमृतसर–सहरसा गरीब रथ, ट्रेन नंबर 14680 अमृतसर–नई दिल्ली एक्सप्रैस, ट्रेन नंबर 14650–अमृतसर–जयनगर एक्सप्रैस शामिल हैं। 

विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर पलटवार

लखनऊ, विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को सदन के समक्ष रखा, बल्कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी तथ्यों के साथ जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सुरक्षा, कानून का राज और विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इन्हीं आधारों पर उत्तर प्रदेश की छवि देश और दुनिया में बदली है। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला भी बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आज जो उपदेश हमारी सरकार को दिए जा रहे हैं, वो उपदेश पहले की सरकारों को दिए होते तो प्रदेश की स्थिति कुछ और होती। विपक्ष के उठाए सवालों को गंभीरता से लेगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष और सभी दलीय नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में उठाए गए अधिकांश विषय आम जनमानस से जुड़े हुए हैं और प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को सरकार गंभीरता से लेती है और उन पर आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी हैं तथा उनकी सहजता और सरलता सदन को सकारात्मक दिशा देती है। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि विपक्ष में रहते हुए सरकार के कार्यों की आलोचना की जाती है, क्योंकि विरोध में रहने का भी यही औचित्य होता है। आपने सरकार के बजट के आकार और पिछले लगभग साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सरकार के योगदान पर प्रश्न उठाए हैं। इतना अवश्य पूछना चाहूंगा कि यदि आज से लगभग नौ–दस वर्ष पहले, जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी और भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में थी, आज जो आपने उपदेश यहां दिए हैं, वे उस समय की सरकार को दिए होते तो संभवतः प्रदेश की स्थिति कुछ और होती। 2017 से पहले और बाद का अंतर प्रदेश की जनता देख रही है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, अव्यवस्था और पहचान के संकट की जो स्थिति बनी थी, उसके लिए कौन उत्तरदायी था यह उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है। आपने यह स्वीकार किया है कि अपराधियों और माफियाओं के प्रति सरकार की नीति स्पष्ट और कठोर होनी चाहिए और यह हमारी सरकार ने करके भी दिखाया है। राज्य की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट नीति और उसे लागू करने की इच्छाशक्ति आवश्यक होती है। इसके चार प्रमुख आयाम हैं और उन चारों पर सरकार ने प्रभावी ढंग से कार्य किया है। कोई भी व्यक्ति, समाज या संस्था, सबसे पहले सुरक्षा चाहता है। कानून का राज हो, हर व्यक्ति, हर बेटी, हर व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे यह किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि में जो बदलाव आया है, वह देश और दुनिया दोनों के सामने है। पहले प्रदेश की छवि अच्छी नहीं थी, यह हम सभी को पीड़ा देता था। आज प्रदेश के भीतर या बाहर जाने पर लोग स्वयं कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल है, दंगे नहीं हैं, अराजकता नहीं है। बेटी किसी भी पक्ष की हो उसे न्याय मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय कैसे होता है, इसका उदाहरण भी हमारे सामने है। पूजा पाल प्रकरण इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। आपके समय में माफिया के सामने झुकना मजबूरी थी, लेकिन आज सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि बेटी किसी भी पक्ष की हो, उसे न्याय हर हाल में मिलेगा। यह केवल सत्ता या विपक्ष का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा और सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस रिद्धिमा यादव की बात यहां कही जा रही है उसे भी न्याय हमारी सरकार जरूर देगी। मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों के सवाल पर कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि चाहे कोई भी हो, किसी भी स्मारक, पौराणिक स्थल या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। सरकारी भूमि गरीबों के लिए है, न कि माफिया के लिए। गरीब और वंचितों के लिए लाए गए बिल पर सपा का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य है कि इस सदन में जब ग्रामीण अभिलेख विधेयक लाया गया तो समाजवादी पार्टी ने उसका विरोध किया। ग्रामीण अभिलेख से संबंधित संशोधन विधेयक पहली बार गरीब को उसके मकान का वैधानिक अधिकार देता है। यह अधिकार महिला सदस्य के नाम पर दर्ज होगा, जिससे वह आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेगी। लेकिन यदि कोई माफिया या असामाजिक तत्व सरकारी भूमि पर कब्जा कर अनैतिक गतिविधियाँ करेगा, तो उस पर कठोरतम कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि यही सुरक्षा का वातावरण है, जिसने उत्तर प्रदेश की छवि बदली है और जिसके कारण आज प्रदेश में निवेश आ रहा है। यह परिवर्तन परिणाम आधारित है, और उत्तर प्रदेश की जनता ने इसका उत्तर दिया है और आगे भी देती रहेगी।

खिलाड़ियों का सम्मान, युवा सशक्तिकरण और किसान-ग्रामीणों के लिए सहकारी क्रांति: मंत्री सारंग

खेल और सहकारिता में हुई अभूतपूर्व प्रगति : मंत्री सारंग खिलाड़ियों का सम्मान, युवा सशक्तिकरण और किसान-ग्रामीणों के लिए सहकारी क्रांति भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार की परिकल्पना जहाँ केंद्र और राज्य एक साझा लक्ष्य, साझा गति और साझा परिणाम के साथ काम करते हैं, आज मध्यप्रदेश में ज़मीन पर साकार रूप ले रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सक्षम नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह बात सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को अपेक्स बैंक समन्वय भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। खेल एवं युवा कल्याण विभाग: प्रदेश का गौरव, देश में नई पहचान मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पदक अर्जित कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2024 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित ओलम्पिक व पैरा ओलम्पिक 2024 में प्रदेश के खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता कर पदक अर्जित किये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश ने खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, तमिलनाडु में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने 29 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसी प्रकार 38वें नेशनल गेम्स, उत्तराखण्ड में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 67 पदक अर्जित कर राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक तालिका में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 57 पदक तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 391 पदक अर्जित किए। हॉकी एशिया कप 2025, 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप कजाकिस्तान, खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल श्रीनगर एवं एशियन केनो स्लालम चैंपियनशिप चीन में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने बनाएं नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर न केवल निरंतर पदक अर्जित कर रहे हैं, बल्कि नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिला रहे हैं। पोल वॉल्ट में देव मीणा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। शूटिंग में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 50 मीटर राइफल स्पर्धा में रिकॉर्ड स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की है। वहीं शॉट पुट में समरदीप सिंह ने अपने दमदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप कांस्य विजेता टीम में प्रदेश के 3 खिलाड़ी मंत्री सारंग ने बताया कि तमिलनाडु में आयोजित एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप–2025 में भारतीय टीम ने अर्जेंटीना को 4–2 से पराजित कर पहली बार कांस्य पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में मध्यप्रदेश पुरुष हॉकी अकादमी, भोपाल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अंकित पाल, तलैम प्रियोबर्ता एवं थोनाओजाम इंगालेंबा लुवांग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को बनाएंगे राजपत्रित अधिकारी खिलाड़ियों के सम्मान और भविष्य सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार, एकलव्य, विक्रम, विश्वामित्र और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। विक्रम पुरस्कार प्राप्त 28 खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई है, वहीं ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को राजपत्रित अधिकारी बनाए जाने का प्रावधान किया जा रहा है।  खिलाड़ियों को दी गई सम्मान राशि मंत्री सारंग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यापक प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित करने वाले 1375 खिलाड़ियों को 116 लाख रुपये, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 228 पदक विजेताओं को 153 लाख रुपये तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 51 खिलाड़ियों को 37.83 लाख रुपये दिए गए। पेरिस ओलम्पिक 2024 में 3 कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को 300 लाख रुपये एवं 3 प्रतिभागी खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु 19 खेल संघ संस्थाओं को 50.80 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। क्रांति गौड़ को 1 करोड़ की सम्मान राशि मंत्री सारंग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की विजेता भारतीय महिला टीम की सदस्य प्रदेश की सुक्रांति गौड़ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने का लक्ष्य मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हैं, जहाँ 1300 से अधिक खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होने बताया कि भोपाल के नाथू बरखेड़ा में लगभग 985 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है। प्रदेश में 20 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी सिंथेटिक टर्फ, 10 सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तथा 120 से अधिक स्टेडियम एवं खेल परिसर विकसित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनाना है। खेल विभाग के नवाचार मंत्री सारंग ने बताया कि युवाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने हेतु ‘मेरा युवा मध्यप्रदेश’ पोर्टल को सशक्त किया जा रहा है, जिस पर विभिन्न विभागों की युवा केंद्रित योजनाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तथा युवाओं में खेलों के प्रति रुचि एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान (MPYP) के अंतर्गत प्रदेश के सफल, सक्षम एवं प्रेरणादायी युवाओं को समाज के लिए मार्गदर्शक (मेंटोर) के रूप में विकसित किया जा रहा है। खेल विभाग की आगामी कार्ययोजना मंत्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा लागू कर प्रतिवर्ष 10 सब-इंस्पेक्टर एवं 50 कांस्टेबल की नियुक्ति का प्रावधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री खेल अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध रूप से इंडोर हॉल एवं आधुनिक खेल परिसरों का … Read more