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संवेदनशील फैसला: छुट्टी के बावजूद हाईकोर्ट की सुनवाई, रेप पीड़िता के 25 सप्ताह के गर्भपात को मंजूरी

बिलासपुर रेप पीड़िता नाबालिग किशोरी के गर्भपात को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए महत्वपूर्ण फैसला दिया है। शीतकालीन अवकाश के दौरान भी हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने विशेष सुनवाई करते हुए पीड़िता को गर्भपात की अनुमति प्रदान की। जस्टिस पी.पी. साहू ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल (मेकाहारा) एवं पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में गर्भपात कराया जाए और भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखा जाए। मामला रायपुर जिले की 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी से जुड़ा है, जिसे आरोपी युवक ने प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों को तब संदेह हुआ जब किशोरी के पेट का आकार बढ़ने लगा। पूछताछ में किशोरी ने आपबीती बताई, जिसके बाद परिजन उसे चिकित्सक के पास लेकर गए। मेडिकल जांच में सामने आया कि किशोरी लगभग छह माह (करीब 25 सप्ताह) की गर्भवती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पीड़िता ने अपने परिजनों के माध्यम से हाईकोर्ट में गर्भपात की अनुमति के लिए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 19 दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल और जेएनएम मेडिकल कॉलेज को नोटिस जारी कर मेडिकल बोर्ड गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि गर्भपात से पीड़िता को कोई गंभीर चिकित्सकीय जोखिम नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाईकोर्ट ने शीतकालीन अवकाश के बावजूद विशेष पीठ का गठन कर सुनवाई की। जस्टिस पी.पी. साहू ने याचिका स्वीकार करते हुए गर्भपात की अनुमति प्रदान की। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दुष्कर्म पीड़िता को यह अधिकार और स्वतंत्रता मिलनी चाहिए कि वह स्वयं यह निर्णय ले सके कि वह गर्भावस्था जारी रखना चाहती है या उसे समाप्त करना चाहती है। भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने के भी दिए निर्देश हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि पीड़िता और उसके परिजन अस्पताल अधीक्षक, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं संबंधित मेडिकल कॉलेज प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करें। गर्भपात की प्रक्रिया मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट, 1971 के प्रावधानों के तहत, दो पंजीकृत चिकित्सकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में कराई जाएगी। साथ ही, भविष्य में साक्ष्य के रूप में उपयोग के लिए भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट का यह फैसला न केवल कानूनन अहम है, बल्कि दुष्कर्म पीड़िताओं के अधिकार, गरिमा और मानसिक-शारीरिक सुरक्षा की दिशा में एक संवेदनशील और मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

हाईवे पर सफर होगा सस्ता और आसान, पंजाब में यह टोल प्लाजा हटाने का फैसला

बाघापुराना बाघापुराना-मोगा रोड पर स्थित गांव चंदपुराना में बना टोल-प्लाजा पिछले काफी समय से बंद पड़ा था, लेकिन इसका साजो-सामान तथा स्ट्रक्चर (इमारत) ज्यों का त्यों खड़ा था। यह स्ट्रक्चर सालों से गुजर रहे राहगीरों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था, खास कर इन दिनों में जब धुंध के कारण दृश्यता बहुत कम रहती है। बंद पड़े टोल-प्लाजा के पिल्लरों, शैडों तथा डिवाइडरों ने कई वाहनों को धुंध में धोखा देकर हादसों का कारण बनाया है तथा कई छोटे-बड़े हादसे यहां हो चुके हैं। राहगीरों तथा रोजाना गुजरने वाले डिवाइडरों द्वारा इस स्ट्रक्चर बारे लगातार चिंताएं जाहिर की जा रही थी। लोगों की समस्याओं को देखते हुए पंजाब केसरी द्वारा इस मसले को विशेष तौर पर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर प्रकाशित होने के बाद स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आ गए। लोगों में इस खबर को लेकर काफी रूची तथा उम्मीद पैदा हुई कि शायद अब यह खतरनाक स्ट्रक्चर हटाया जाएगा। आज इस खबर का सीधा प्रभाव सामने आया है। प्रशासन द्वारा बाघापुराना-मोगा रोड पर गांव चंदपुराना में टोल-प्लाजा के साजो-सामान तथा स्ट्रक्चर को हटाना शुरू कर दिया गया है। मशीनरी लगाकर शैडों, बूथों तथा दूसरे बनतरों को हटाया जा रहा है, ताकि सड़क पूरी तरह से खाली करके वाहनों की सुरक्षित आवाजाही यकीनी बनाई जा सके। इस कार्रवाई से राहगीरों तथा स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। उन्होंने पंजाब केसरी द्वारा इस मुद्दे को उजागर करने की प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि जब मीडिया लोगों की आवाज बनकर ऐसे मुद्दे उठाता है, तो प्रशासन तक सच्ची तस्वीर पहुंचती है तथा जनतक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम तुरंत उठाए जाते हैं।  

मंत्री श्रीमती उइके ने कहा- हर घर नल से जल पहुंचने पर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आया निर्णायक बदलाव

महिलाओं का समय बचा, बढ़ा स्वरोजगार और सशक्त हुई नई पीढ़ी पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मध्यप्रदेश ने द्वितीय स्थान किया हासिल भोपाल  प्रदेश सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने पेयजल को नागरिकों का मूल अधिकार मानते हुए जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर तक सुरक्षित, सतत और गुणवत्तापूर्ण जल पहुंचाने की दिशा में ठोस और प्रभावी कार्य किया है। बीते दो वर्षों में विभाग ने न केवल भौतिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, बल्कि ग्रामीण समाज के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 81 लाख 21 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कुल लक्षित परिवारों का लगभग 73 प्रतिशत है। प्रदेश के 10 हजार 440 ग्रामों को हर घर जल घोषित किया जा चुका है और भारत सरकार द्वारा बुरहानपुर जिले को देश का पहला प्रमाणित हर घर जल जिला घोषित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विगत दो वर्षों में 13 लाख 69 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नए नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। पायलट आधार पर 64 ग्रामों में 24×7 जल प्रदाय की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 15 हजार 238 नवीन हैंडपंप और नलकूप स्थापित किए गए हैं। उज्जैन संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में एकल नल जल योजनाओं का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है, जिससे सात लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया गया है। नल से जल आया तो महिलाओं का समय बचा, बढ़ा स्वरोजगार मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि हर घर नल जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में निर्णायक बदलाव लाया है। पहले महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाने में दिन का बड़ा हिस्सा व्यर्थ हो जाता था, जिसके बाद घर या आजीविका से जुड़े अन्य कार्य कर पाना संभव नहीं होता था। अब घर में नल से जल उपलब्ध होने के कारण समय की बचत हो रही है और महिलाएं उस समय का उपयोग आयवर्धक गतिविधियों में कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि समय की बचत से महिलाएं पार्लर, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, किराना दुकान जैसे छोटे स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। इससे उनके लिए आजीविका के नए साधन बने हैं और वे अपने परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं में सहयोग कर पा रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक स्थिति सशक्त हुई है। ग्रामीण जन के स्वास्थ्य स्तर में हुआ सुधार मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों के प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे उपचार पर होने वाला अनावश्यक खर्च घटा है और परिवारों का आर्थिक पक्ष मजबूत हुआ है। बेहतर स्वास्थ्य के कारण कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है, बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित हुई है और महिलाओं को भी घरेलू एवं आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए अधिक समय और ऊर्जा मिल रही है। शुद्ध पेयजल की सतत उपलब्धता ने स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिरता तीनों स्तरों पर ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार किया है। बालिकाओं को पढ़ाई का अवसर, शिक्षा स्तर में सुधार मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि घर में पानी उपलब्ध होने से बालिकाओं को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है। विद्यालय उपस्थिति में वृद्धि हुई है और शिक्षा के स्तर में भी सुधार देखा जा रहा है। जल जीवन मिशन केवल जल आपूर्ति की योजना नहीं, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा और ग्रामीण समाज की समग्र प्रगति का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। गुणवत्ता, निगरानी और पारदर्शिता पर विशेष फोकस मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य की समस्त प्रयोगशालाओं का शत-प्रतिशत एनएबीएल प्रमाणीकरण कराया गया है, जिससे मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में देश में अग्रणी बना है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक जल नमूनों का परीक्षण किया गया है और महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है। योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता के लिए जल रेखा मोबाइल एप, जलदर्पण पोर्टल, शत-प्रतिशत जियो टैगिंग, इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, ट्यूबवेल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और ई-प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण में विभाग लगातार ग्रेड ‘ए’ में रहा है। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर योजनाओं और पाइपलाइन नेटवर्क को रेखांकित करने में प्रदेश को देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। नवाचार और भविष्य की स्पष्ट कार्ययोजना मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि समूह जल प्रदाय योजनाओं में बिजली की आवश्यकता की पूर्ति के लिए नवकरणीय ऊर्जा आधारित प्लांट स्थापित कर 60 मेगावॉट पवन ऊर्जा परियोजना की कार्ययोजना तैयार की गई है। आगामी तीन वर्षों में समस्त ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को क्रियाशील नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि प्रदेश सरकार जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार और योजनाएँ मध्यप्रदेश को जल सुरक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर रही हैं। 

डिजिटल सिस्टम से धोखा: ‘सार्थक’ एप में चेहरे बदलकर हाजिरी, 600 किमी दूर बैठे डॉक्टरों पर कार्रवाई

भोपाल राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। मरीजों के इलाज के लिए तैनात धरती के भगवान ही अब तकनीक को चकमा देकर घर बैठे वेतन पाने की जुगत में लगे हैं। मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का है, जहां तैनात चिकित्सक 'सार्थक एप' के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे। कारण बताओ नोटिस जारी सीएमएचओ कार्यालय द्वारा की गई एप की नियमित समीक्षा में यह गड़बड़ी पकड़ में आई। जांच में पाया गया कि डॉक्टर न केवल कार्यस्थल से नदारद थे, बल्कि तकनीक से छेड़छाड़ कर विभाग को गुमराह भी कर रहे थे। इस गंभीर लापरवाही पर सीएमएचओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।   लोकेशन 600 किमी दूर, फोटो में चेहरे बदले समीक्षा रिपोर्ट में दो बड़े मामले उजागर हुए हैं। पहला मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, गौतम नगर का है। जहां पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव सिंह ने कार्यस्थल से 500 से 600 किलोमीटर की दूरी से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इतना ही नहीं उनकी नियमित अटेंडेंस भी क्लीनिक से करीब 11 किलोमीटर दूर से लगाई जा रही थी। दूसरा मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, बाग मुगालिया का है जहां चिकित्सक डॉ. मिन्हाज के मामले में एप से छेड़छाड़ की बात सामने आई है। उनकी अटेंडेंस में अलग-अलग लोगों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से 'प्राक्सी अटेंडेंस' या तकनीकी हेराफेरी को दर्शाता है।   मरीजों की जान से खिलवाड़ इन चिकित्सकों की अनुपस्थिति का सीधा असर क्लीनिक आने वाले मरीजों पर पड़ रहा था। डॉक्टर के न मिलने से इलाज की प्राथमिकता प्रभावित हो रही थी। विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों के विपरीत और अवैधानिक कृत्य माना है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो इन चिकित्सकों के खिलाफ निलंबन जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर व्यक्त की गहरी शोक-संवेदना

रायपुर  छत्तीसगढ़ के गौरव, वरिष्ठ एवं विख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें तथा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भगवान महाकाल का अभिषेक

भोपाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंगलवार को प्रात:काल महाकाल मंदिर पहुंचकर महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। महाकाल की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। महाकाल मंदिर समिति की ओर से श्री नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का शॉल, श्रीफल, प्रसाद भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया गया। बाबा महाकाल के दर्शन के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल अन्न क्षेत्र में भक्तजनों को प्रसाद वितरण कर स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रभारी श्री महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। 

झारखंड में कंगना रनौत की धार्मिक यात्रा, बैद्यनाथ धाम में की पूजा-अर्चना

रांची बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद झारखंड के देवघर पहुंचीं। यहां उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वहीं, उनके आगमन को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दरअसल, कंगना रनौत दिल्ली से देवघर एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां से कंगना रनौत को देवघर सर्किट हाउस पहुंचीं। सर्किट हाउस में कुछ देर विश्राम के बाद कंगना रनौत बाबा बैद्यनाथ मंदिर के लिए रवाना हुईं। बाबा धाम में उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने पहले भी देश के कई ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए हैं, लेकिन बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन करने का अवसर उन्हें पहली बार मिला है। कंगना रनौत ने इसे अपने लिए सौभाग्य की बात बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें गहरी आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। वहीं, उनके दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।  

मुख्यमंत्री ने कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में आयोजित 134वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन पर छात्र-छात्राओं को दिया मूलमंत्र

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए इतिहास के गौरवशाली क्षणों से प्रेरणा लेना आवश्यक है। इतिहास की गलतियों का समय पर परिमार्जन होना चाहिए, तभी समाज प्रगति करता है। यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसे सुधार करना होगा और अच्छे कार्यों को जीवन की प्रेरणा बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी परंपराओं को पर्व-त्योहारों के माध्यम से संजोकर रखा है। देश में राजनीति अपना काम करती रही, लेकिन राजे रजवाड़ों और समाज के नेतृत्वकर्ताओं ने कभी हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में योगदान दिया। मुख्यमंत्री योगी ने मंगलवार को कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में आयोजित 134वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री योगी ने की मार्च पास्ट की तारीफ मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मार्च पास्ट के दौरान विद्यार्थियों का अनुशासन, कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का जज्बा और समर्पण देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर आजाद हिंद फौज के नौजवान देश की आजादी के लिए स्वयं को समर्पित कर रहे हों। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सराहनीय है और इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा इस संस्था के पूर्व अध्यक्ष कुंवर आनंद सिंह को, जिनके साथ मैंने कई बार इस संस्था के उन्नयन के बारे में चर्चा की। आज वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं है, मैं उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। समाज को जोड़ने में शिक्षा संस्थानों की भूमिका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को तोड़ने वाले तत्व हमेशा मौजूद रहते हैं, लेकिन समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों की होती है। वर्ष 1889 में जब इस संस्थान की स्थापना हुई होगी, तब देश की परिस्थितियां कठिन रही होंगी। उसी कालखंड में वंदे मातरम् जैसे विचारों ने लोगों के मन में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भी गुलामी को स्थायी मान लिया गया था, लेकिन बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यास आनंदमठ के माध्यम से वंदे मातरम् जैसी कालजयी रचना देश को दी। वर्ष 1896 में कांग्रेस के मंच से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे स्वर दिए जाने के बाद यह आजादी के आंदोलन का मंत्र बन गया। भारत की विरासत पर आधारित हाउस प्रणाली की सराहना मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज द्वारा विद्यार्थियों के लिए अजंता, नालंदा, तक्षशिला, सांची और उज्जैन जैसे ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों के नाम पर हाउस बनाना भारत की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखने का उत्कृष्ट प्रयास है। तक्षशिला दुनिया के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में से एक रहा, जहां ढाई हजार वर्ष पहले ज्ञान, विज्ञान, आयुर्वेद और दर्शन की आधारशिला रखी गई। नालंदा की समृद्ध परंपरा, उज्जैन का खगोल ज्ञान और महाराज विक्रमादित्य का न्याय, अजंता और सांची की स्थापत्य विरासत आज भी भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक ऊंचाई का प्रमाण हैं। इन मूल्यों के आधार पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रयास सराहनीय है। ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा महत्वपूर्ण वर्ष मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, यह वर्ष देश के लिए अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा हुआ है। गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती, वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होना देश के गौरवपूर्ण इतिहास की स्मृति कराते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने का उत्सव केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश ने दीपावली के माध्यम से इसे अपनाया। होली सामाजिक समता का पर्व बनी। रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसे पर्वों ने समाज को जोड़ने का कार्य किया। हमारे पूर्वजों ने इन पर्वों को परंपरा के रूप में संरक्षित कर पीढ़ियों तक आगे बढ़ाया। बच्चों को दिया सफलता का मूलमंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। नियमित पढ़ाई के साथ किसी न किसी रचनात्मक गतिविधि से जुड़ना चाहिए। समय पर उठना, समय पर सोना और संयमित दिनचर्या स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी और कहा कि आधे घंटे से अधिक समय तक इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल न करें। भाषा व ज्ञान का विकास समाचार पत्रों और अच्छी पुस्तकों के अध्ययन से होता है, इसलिए पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ लाइब्रेरी में जाकर पौराणिक व ऐतिहासिक रचनाओं को पढ़ें। खेल, फिटनेस और तकनीक पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में देश में खेलकूद को नई ऊंचाइयां मिली हैं। खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है। हर गांव में खेल का मैदान और स्टेडियम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओपन एयर जिम और शारीरिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के नए युग में हम प्रवेश कर रहे हैं। हमें तकनीक को आत्मसात करना है। तकनीक हमारा वाहक बने, हमें तकनीक का वाहक नहीं बनना है। उन्होंने कहा कि एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में अवसर हैं, जिनके प्रति जागरूकता आवश्यक है। साथ ही, वैश्विक परिदृश्य में हो रहे उन्नयन कार्यों के प्रति भी अपडेट रहना चाहिए। कानाफूसी करने वालों से रहने की सलाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में कुछ लोग भ्रम फैलाने का कार्य करते हैं। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए। हार से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कप और शील्ड देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले प्रमुख छात्र-छात्राओं में दिनेश प्रताप सिंह, प्रांजल त्रिपाठी, देवराज सिंह पटेल, आयुषी सिंह और सार्थक त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम में 11 गोरखा राइफल्स के बैंड ने परेड में  मुख्यमंत्री को सलामी दी। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री तथा ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्तिवर्धन सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य राकेश प्रताप सिंह, कॉलेज के प्रबंधक मनीष वर्धन सिंह, प्रबंध समिति के सदस्य विनय कुमार … Read more

सीएम हेल्पलाइन में ‘सेटिंग’ की कीमत 10 हजार! रिश्वत लेते पकड़ा गया छिंदवाड़ा बीएसी

छिंदवाड़ा जिले में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं ।मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अमरवाड़ा विकासखंड में पदस्थ ब्लाक एकेडमिक कोआर्डिनेटर(बीएसी) सत्येंद्र जैन को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, यूनिक पब्लिक स्कूल के संचालक ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि सत्येंद्र जैन उनके स्कूल से जुड़ी एक सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को बंद कराने (नस्तीबद्ध करने) के बदले में पैसों की मांग कर रहे हैं। शिकायत की पुष्टि होने के बाद जबलपुर लोकायुक्त टीम ने मंगलवार शाम को जाल बिछाया। जैसे ही सत्येंद्र जैन ने छिंदवाड़ा के चक्कर रोड स्थित आई.सी.एच. के पास शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है ।

बुरहानपुर में हथियारों का जखीरा: पंजाब का युवक तीन देसी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार

बुरहानपुर पंंजाब के अमृतसर से अवैध हथियार खरीदने आए एक युवक को खकनार थाना पुलिस ने तीन देसी पिस्टलों व एक मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान नंगली मोहल्ला फरीत नगर अमृतसर पंजाब निवासी संदीप सिंह 19 वर्ष के रूप में की गई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक तुकईथड़ के झिरमिटी फाटे के पास अवैध हथियार लेकर खड़ा है। इसके बाद थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने टीम के साथ घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। बैग की तलाशी लेने पर तीन पिस्टल बरामद हुए। आरोपित के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि आरोपित मुख्य तस्कर के लिए पिस्टल खरीदने आया था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।   फरार हथियार तस्कर को भी दबोचा खकनार थाना पुलिस ने एक अफरार हथियार तस्कर को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। थाना एसटीएफ भोपाल के एक मामले में फरार आरोपित शमशेर सिंह 30 वर्ष निवासी पाचोरी व वीरेंद्र सिंह 33 वर्ष निवासी पाचोरी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों ने भोपाल एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान पुलिस झूमाझटकी कर सरकारी काम में बाधा डाली थी। इसके बाद से फरार चल रहे थे। दोनों को मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें खंडवा जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार शमशेर सिंह पर पूर्व में भी दो प्रकरण दर्ज हैं, जबकि वीरेंद्र पर आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं।