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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को जमानत, आजीवन कारावास पर स्टे

उन्नाव  दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत दे दी है। हालांकि, पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में सजायाफ्ता होने के कारण कुलदीप सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने मंगलवार को अपने फैसले में कुलदीप सेंगर की सजा को उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान निलंबित किया है। पेंडिंग अपील में ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें उन्हें 17 साल की लड़की के रेप के लिए दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी और 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने कई शर्तें लगाई हैं। जमानत के लिए कुलदीप सेंगर को 15 लाख रुपए का मुचलका भी देना होगा। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब तक निचली अदालत के दोषी ठहराने के खिलाफ दाखिल अपील पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक जमानत बरकरार रहेगी। हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को आदेश दिया कि वह पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में न आए और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहे। उसे हर सोमवार को पुलिस को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। पूर्व विधायक को जमानत के साथ अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने और पीड़िता को कोई धमकी न देने की शर्तें भी रखी गई हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा, "किसी भी शर्त का उल्लंघन करने पर जमानत रद्द कर दी जाएगी।" 2017 में उन्नाव की एक नाबालिग ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर पर अपहरण और रेप करने का आरोप लगाया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में सेंगर की गिरफ्तारी हुई थी। अगस्त 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले से जुड़े चार मामलों को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया और आदेश दिया कि इसकी सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर की जाए और 45 दिनों के भीतर पूरी की जाए। दिसंबर 2019 में, निचली अदालत ने सेंगर को बलात्कार मामले में दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

ड्रग तस्करों पर शिकंजा: यूपी से सप्लाई हो रही 90 लाख की हेरोइन नारकोटिक्स सेल ने पकड़ी

यमुनानगर उत्तर प्रदेश बॉर्डर से हरियाणा के यमुनानगर जिले में नशे की बड़ी खेत को यमुनानगर एंटी नाकोटिकस सेल की टीम ने पकड़ा है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 80 लाख रुपए है। दोनों नशा तस्कर उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यमुनानगर एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने 810 ग्राम हेरोइन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 90 लाख है।  एंटी नाकोटिक्स सेल की टीम को सूचना मिली थी कि नशा तस्कर यमुनानगर में नशे की बड़ी खेप लेकर आ रहा है। टीम ने नशा तस्कर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और एक नशा तस्कर रजनीश को यमुनानगर रेलवे स्टेशन के पास से 810 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने जब नशा तस्कर रजनीश से सख़्ती से पूछताछ की तो उसने कहा कि यह हेरोइन सहारनपुर में सुफियान के पास सप्लाई करनी थी। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि दोनों नशा तस्कर की क्राइम कुंडली खँगाली जाएगी और संबंधित थाने से इनका रिकॉर्ड भी लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुफियान सहारनपुर जिले का रहने वाला है जबकि रजनीश बरेली जिले का है। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की सप्लाई करना। ऐसे में कई बड़े सवाल खड़ा करता है। पुलिस को पूछताछ में अब यह पता लगाना है कि पकड़ी गई हेरोइन कहां सप्लाई करनी थी और इनके तार किन नशा तस्करों से जुड़े हैं। और यह नशा तस्करी कब से कर रहे थे।

एक बयान और विवादों में नवजोत सिद्धू, क्या फिर छिड़ेगी राजनीतिक जंग?

अमृतसर  पंजाब की राजनीति में अपने साफ अंदाज के लिए जाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। सिद्धू ने साफ कहा कि वह कबूतर की तरह नहीं, बल्कि बाज की तरह जीते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे पलटना आता है, मुझे झपट्टा मारना भी आता है और झपट्टा मारने के बाद पलटना मेरी आदत है।’ इस बयान को उनके राजनीतिक विरोधियों को सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू ने यह भी कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं झुकने वाले हैं, न ही किसी से डरते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सच्चाई, हिम्मत और बहादुरी पर आधारित है। सिद्धू के बयान के बाद पंजाब की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि सिद्धू का बयान आने वाले समय में कांग्रेस की राजनीति और पंजाब के राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। उनके समर्थक इस बयान से उत्साहित हैं, जबकि उनके विरोधी इसे सिर्फ बयानबाजी बताकर खारिज कर रहे हैं। 

मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विगत एक सप्ताह में लूट व चोरी की बड़ी वारदातों का किया खुलासा

68 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति बरामद भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लूट, चोरी तथा संगठित अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाइयाँ की गई हैं। हैं। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने त्वरित विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं सशक्त मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों को गिरफ्तार कर 68 लाख रूपए से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की है। जिलेवार प्रमुख कार्रवाइयाँ सीहोर थाना शाहगंज पुलिस ने बिजली कंपनी से चोरी हुए लोहे के पोल और पाइप बरामद कर 90 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की। इसी प्रकार थाना जावर पुलिस ने ग्राम कजलास की चोरी का खुलासा करते हुए 30 तोला सोना, 3 किलो चांदी और 2 लाख रूपए नगद सहित लगभग 48 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। ग्वालियर थाना कम्पू पुलिस ने शराब कारोबारी के मुनीम से हुई लूट की घटना का खुलासा कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूटी गई 1 लाख 70 हजार रूपए की राशि और घटना में प्रयुक्त कार जब्‍त की। विदिशा थाना कोतवाली पुलिस ने दुकान में चोरी के प्रकरण में एक आरोपी एवं एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया। टीम ने 11 बैटरियाँ, एक ऑटो समेत 2 लाख 64 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की। इसके अतिरिक्‍त शहर के राम जानकी मंदिर, शंकर नगर और मुखर्जी नगर क्षेत्रों में हुई चोरियों का भी खुलासा किया गया। 130 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और पूछताछ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चांदी के आभूषण, नगदी और मोटरसाइकिल सहित कुल 3 लाख 75 हजार की संपत्ति जब्‍त की है। टीकमगढ़ थाना बमोरीकला पुलिस ने मात्र 24 घंटे में चोरी की वारदात का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा 4 लाख 54 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की। बुरहानपुर थाना नेपानगर पुलिस ने बिजली के एल्युमिनियम तार चोरी करने वाले शातिर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से 2 लाख 50 हजार रूपए के तार और घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार सहित कुल 6 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जप्त की है। इन सभी कार्रवाहियों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। पुलिस की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के कारण आमजन की सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में देश में छठवें स्थान पर

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अब तक 9508 मेगावॉट क्षमता हासिल की जा चुकी है। भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 में 5.72 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में मध्यप्रदेश देश में छठवें स्थान पर है। इसमें अब तक 76 हजार घरों पर 292 मेगावॉट के सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किये जा चुके हैं। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने यह बात मध्यप्रदेश सरकार के विकास और सेवा के 2 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में कही। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विगत 2 वर्ष बेमिसाल रहे हैं। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2022 एवं यथा पुनरीक्षित मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 लागू की है। मध्यप्रदेश में बॉयो-फ्यूल प्रोजेक्ट एवं पम्पड् हाइड्रो स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिये मध्यप्रदेश बॉयो-फ्यूल क्रियान्वयन स्कीम-2025, मध्यप्रदेश पम्पड् हाइड्रो स्टोरेज क्रियान्वयन स्कीम-2025 लागू की गई। प्रदेश में आगर-शाजापुर-नीमच में 1045 मेगावॉट क्षमता का सौर पार्क स्थापित किया गया है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर में विश्व की सबसे बड़ी 278 मेगावॉट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित की गई। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के वर्ष 2030 में 500 गीगावॉट के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर कार्य कर आगे बढ़ रहा है। आगर में 550 मेगावॉट का सोलर पार्क और शाजापुर में 450 मेगावॉट का सोलर पार्क स्थापित किया जा चुका है। नीमच में 500 मेगावॉट के सोलर पार्क की स्थापना का कार्य प्रगतिरत है। प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा-अभियान घटक (स) अंतर्गत 14 हजार 500 मेगावॉट के 550 प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें 4 हजार 500 मेगावॉट का क्रियान्वयन भी शुरू हो गया है। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में ग्रिड प्रबंधन व दिन के समय सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिये अनेक नवाचार किये जा रहे हैं। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसान अन्नदाता होने के साथ अब ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा-अभियान घटक-ब (पीएम कृषक मित्र योजना) में अब तक 21 हजार 129 किसानों को लाभान्वित कर सोलर पम्प स्थापित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि समस्त पात्र किसानों को आगामी 3 वर्षों में सोलर पम्प से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 50 हजार सोलर पम्प स्थापनाधीन हैं। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के समस्त शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के 47 जिलों के 1500 शासकीय भवनों पर 70 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम जन-मन) में अब घर अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए 2060 पीवीटीजी घरों में सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किये जाने का कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महा-अभियान घटक-अ में प्रदेश में 1790 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना का कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए ऊर्जा भण्डारण के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में मुरैना सोलर पॉवर प्लस स्टोरेज प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है। इस प्रोजेक्ट में 440 मेगावॉट की ऊर्जा क्षमता हासिल की जायेगी। यह प्रदेश की प्रथम ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इसमें प्राप्त होने वाली प्रति यूनिट दर देश में सबसे कम ऐतिहासिक रूप से मात्र 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट है। पत्रकार वार्ता में अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव और एमडी ऊर्जा विकास निगम श्री अमनबीर सिंह बैंस ने भी पत्रकारों के सवालों के जवाब दिये।  

मेडिकल एजुकेशन में नई क्रांति: धार में बना देश का पहला PPP मॉडल मेडिकल कॉलेज

धार देश के पहले पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल के मेडिकल कालेज का भूमि पूजन मंगलवार को धार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि धार का यह मेडिकल कालेज देश में अपनी तरह का पहला संस्थान है, जो निजी जन-भागीदारी से बनाया जा रहा है। यह केवल एक भवन नहीं होगा, बल्कि यहां से तैयार होकर एमबीबीएस डॉक्टर गांव-गांव तक सेवाएं देंगे। चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंता चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंता यही है कि अधिक से अधिक मेडिकल कालेज खोलने के चक्कर में मेडिकल कालेजों की स्थिति भी इंजीनियरिंग और नर्सिंग कॉलेजों जैसी न हो जाए। गुणवत्ता के लिए सबसे जरूरी फैकल्टी (प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक) हैं, पर इस वर्ष प्रारंभ हुए श्योपुर और सिंगरौली मेडिकल कालेज मात्र 10 प्रतिशत फैकल्टी के सहारे चल रहे हैं।   116 पदों में से 12 ही पदस्थ फैकल्टी की कमी से नुकसान मात्र विद्यार्थियों का ही नहीं बल्कि मरीजों को भी उठाना पड़ रहा है। मेडिकल कालेज के नाम पर आसपास के जिला अस्पतालों से रोगियों को मेडिकल कालेज रेफर किया जाता है, पर सुविधाओं के अभाव में उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पाता है। फैकल्टी की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिंगरौली में फैकल्टी के 116 पदों में से 12 यानी 10 प्रतिशत ही पदस्थ हैं।

चिकित्सा का चमत्कार: AIIMS Bhopal में महाधमनी की हाई-रिस्क सर्जरी, मरीज को मिला नया जीवन

भोपाल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के विशेषज्ञों ने एक 35 वर्षीय मरीज की अत्यंत जटिल सर्जरी कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। यह मरीज पिछले आठ महीनों से पेट के असहनीय दर्द से जूझ रहा था और कई अस्पतालों में इलाज के बाद भी उसे राहत नहीं मिली थी। जानलेवा थी बीमारी, महाधमनी में सूजन एम्स में हुई जांच में सामने आया कि मरीज ''सुप्रा-रीनल एब्डामिनल एआर्टिक एन्यूरिज्म'' नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित था। इसमें पेट की महाधमनी (शरीर की सबसे बड़ी रक्त नली) में खतरनाक सूजन आ गई थी। यह सूजन आंतों और दोनों किडनियों को रक्त पहुंचाने वाली प्रमुख धमनियों तक फैल चुकी थी। स्थिति इतनी नाजुक थी कि मरीज की बाईं किडनी ने काम करना पूरी तरह बंद कर दिया था। यदि समय रहते सर्जरी न होती, तो महाधमनी के फटने से मरीज की जान जा सकती थी। छाती और पेट के रास्ते हुई सर्जरी सीटीवीएस विभाग के प्रमुख डॉ. योगेश निवारिया के नेतृत्व में यह मैराथन सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने पेट और छाती के हिस्से से चीरा लगाकर ऑपरेशन शुरू किया। प्रक्रिया के दौरान सूजनग्रस्त महाधमनी को हटाकर उसकी जगह ग्राफ्ट (कृत्रिम रक्त नली) लगाई गई। साथ ही खराब हो चुकी बाईं किडनी को शरीर से अलग किया गया। सर्जरी का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा दाईं ओर की स्वस्थ किडनी और आंतों की प्रमुख धमनियों को ग्राफ्ट में फिर से जोड़ना (प्रत्यारोपित करना) था, जिसे टीम ने बखूबी अंजाम दिया। विशेषज्ञों की टीम का समन्वय सर्जरी के बाद मरीज को कुछ दिन आईसीयू में निगरानी में रखा गया और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। इस सफलता में डॉ. निवारिया के साथ डॉ. एम किशन, डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. विक्रम वट्टी और डॉ. आदित्य सिरोही शामिल थे। इसके अलावा यूरोलाजी विभाग से डॉ. माधवन, डॉ. केतन मेहरा, एनेस्थीसिया से डॉ. हरीश और सर्जिकल आन्कोलाजी से डॉ. अंकित जैन का विशेष सहयोग रहा।  

भोपाल के कोलार में बड़ी स्वास्थ्य सौगात, CHC में बच्चों को चौबीसों घंटे इलाज और इनडोर सुविधा

भोपाल कोलार और आसपास के रहवासियों को अब बीमार बच्चों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार में बच्चों के लिए 24 घंटे उपचार और भर्ती की सुविधा शुरू की जाएगी। यह निर्देश सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने मंगलवार को अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान दिए। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की मानिटरिंग के निर्देश डॉ. शर्मा ने प्रसूति वार्ड, ओपीडी, पोषण पुनर्वास केंद्र और न्यूबार्न स्टेबलाइजेशन यूनिट का जायजा लिया। उन्होंने संस्था प्रभारी को स्पष्ट किया कि अस्पताल में अब शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो चुकी है। इसलिए केवल डे-केयर (दिन में इलाज) तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरत पड़ने पर बच्चों को वार्ड में भर्ती कर इलाज करें। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल अति गंभीर स्थिति में ही बच्चों को हमीदिया या अन्य उच्च संस्थानों में रेफर किया जाए।   गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने भर्ती प्रसूता महिलाओं से भोजन और इलाज का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क (उच्च जोखिम) वाली गर्भवती महिलाओं की संभावित डिलीवरी डेट से पहले पूरी जांच की जाए, ताकि समय रहते जटिलताओं को रोका जा सके। हाल ही में पकड़ में आए अटेंडेंस फर्जीवाड़े के बाद सीएमएचओ ने कोलार अस्पताल के स्टाफ की बैठक में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक कहा कि डाक्टर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक, सभी को ओपीडी समय पर आना होगा। उपस्थिति केवल 'सार्थक ऐप' के जरिए ही मान्य होगी और उसी आधार पर वेतन आहरित किया जाएगा। साथ ही मरीजों और परिजनों से व्यवहार में शालीनता बरतने की हिदायत दी गई। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।  

शिकायतों पर सख्त रुख: खेल मंत्री गौतम ने कोच को किया सस्पेंड, विभाग में हड़कंप

चंडीगढ़ खेल मंत्री गौरव गौतम ने झन्जर जिले के गांव खरहर के ग्रामीणों द्वारा प्रशिक्षक अजय राठी के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही तथा बच्चों को नियमित प्रशिक्षण न देने संबंधी शिकायत पर कोच को निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। खेल विभाग ने सोमवार को कोच को निलंबित कर दिया और जांच अवधि तक हैड ऑफिस पंचकूला में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। पिछले ही महीने गांव खरहर जिला झज्जर में कार्यरत एथलैटिक्स कोच के ट्रांसफर हो जाने पर नए कोच अजय राठी को विभाग द्वारा स्थानांतरित किया गया था। इसके पश्चात नए कोच अजय राठी के खिलाफ लगातार मैदान पर अनुपस्थिति की शिकायत गांव के सरपंच और अन्य सदस्यों द्वारा डी. एस. ओ. झज्जर को भी दी गई परंतु कोई उचित कार्रवाई न होने के कारण गांववासियों ने खेल मंत्री को कोच के अनुचित व्यवहार से खिलाड़ियों के होने वाले नुकसान से अवगत करवाया था। खेल मंत्री ने जिला खेल अधिकारी और निजी खेल सलाहकार को औचक निरीक्षण के लिए भेजा जिसमें कोच सुबह की ट्रेनिंग से नदारद पाया गया। इस दौरान मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों ने भी अधिकारियों को अवगत करवाया कि संबंधित कोच मैदान पर सिर्फ शाम की ट्रेनिंग पर हफ्ते में 1-2 दिन मौजूद रहते हैं और अधिकांश खिलाड़ी स्वयं ही मैदान पर प्रैक्टिस करते हैं। इस संबंध में जब फोन के माध्यम से कोच से अनुपस्थिति का कारण पूछा गया तो कोच अजय द्वारा फोन पर भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। 

समाज का सेवा भाव देखना अत्यंत आनंददायी : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल जांच शिविर में कहा भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक एक भी बच्चा आनुवंशिक सिकल सेल रोग के साथ जन्म नहीं ले, यह संकल्प लिया है। सिकल सेल को खत्म करने में जन और जन प्रतिनिधि को सरकार का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का सेवा भाव अत्यंत आनंददायी होता है। रोगियों के पोषण और अन्य जरूरतों में सहयोग मानवता की उत्तम सेवा है। राज्यपाल श्री पटेल खरगोन जिले के कसरावद के ग्राम पानवा में आयोजित सिकल सेल जांच शिविर को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग को खत्म करने के लिए जागरूकता का प्रसार जरूरी है। सिकल सेल के रोगियों को ठंडे पानी से नहाने और तैलीय खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, नियमित दवा के सेवन के साथ व्यायाम करना और अधिक पानी पीना चाहिए। डिजिटल कार्ड का मिलान करने के बाद ही विवाह तय किए जाएँ। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 89 पेसा समितियों द्वारा जन जागरुकता के कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में आम जन और जनप्रतिनिधियों को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खरगोन जिले में 10 लाख व्यक्तियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील प्रधानमंत्री श्री मोदी की निर्धन और जनजातीय वर्ग के लिए संवेदनशीलता का परिणाम पीएम आवास योजना, बिरसा मुंडा धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, पीएम जनमन योजना है। सरकार योजनाबद्ध रूप से योजनाओं पर कार्य कर रही है। नागरिकों को भी प्रयास करना होगा कि उनके आसपास के शासकीय योजनाओं के पात्रों को अनिवार्य रूप से लाभ मिले। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं सिकल सेल पेंशन प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, निक्षय मित्र आहार किट, जाति प्रमाण पत्र, नवनिर्मित पीएम आवास की चाबी, लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रमाण पत्र आदि के हितलाभ वितरित किए। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सिकल सेल स्क्रीनिंग, टीबी जांच, कुष्ठ जांच, बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन जांच और औषधि वितरण सहित आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा का अवलोकन किया और शिविर में किए गए पंजीयन और जांच की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विभिन्न स्वसहायता समूहों द्वारा मैक्रम उत्पाद, महेश्वर हैंडलूम साड़ी, मिर्च मसाले, शहद, जैविक हल्दी और जैविक तुअर दाल, फूलबत्ती, चायपत्ती उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और समूह की दीदियों से उनके उत्पादों की विशिष्टता जानी। राज्यपाल के स्वागत में जनजातीय कार्य विभाग की छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सांसद खरगोन श्री गजेंद्र सिंह पटेल, डीएटीसीसी सदस्य श्रीमती नंदा ब्रह्मणे ने भी संबोधित किया। सीईओ जिला पंचायत श्री आकाश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रधानमंत्री आवास हितग्राही के घर किया भोजन राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम पंचायत खलबुजुर्ग के प्रधानमंत्री आवास योजना हितग्राही श्रीमती अन्नूबाई और अशोक मेवाड़े के नवनिर्मित आवास में पारंपरिक निमाड़ी भोजन ग्रहण किया। राज्यपाल के आगमन पर मेवाड़े दंपत्ति ने पुष्प-वर्षा और ढोल-नगाड़े के साथ स्वागत किया। राज्यपाल को तिलक लगाकर, पारंपरिक धनुष-बाण भेंट किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल, निमाड़ रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, पुलिस अधीक्षक श्री रविंद्र वर्मा, पूर्व विधायक कसरावद श्री आत्माराम पटेल, खलबुजुर्ग सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।