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दिल्ली की जहरीली हवा ने छीने 2 साल! RBI ने 4 साल के आंकड़ों से खोली सच्चाई

नई दिल्ली  उत्तर भारत के शहरों में सांस लेना अब महंगा पड़ रहा है। दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में प्रदूषण की वजह से लोगों की औसत आयु लगातार घट रही है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में दिल्ली में लोगों की औसत आयु 1.7 साल कम हो गई है। विशेषज्ञ प्रदूषण के साथ पानी और बदलती जीवनशैली को इसका मुख्य दोषी मान रहे हैं। वहीं, कुछ राज्यों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सुधरी जीवनशैली ने जीवन प्रत्याशा बढ़ाई है। हाल में केंद्रीय बैंक ने सांख्यिकी पुस्तिका 2024-25 में औसत आयु से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015-19 के मुकाबले 2019-23 में दिल्ली में 1.7 साल और पंजाब में दो साल औसत आयु कम हुई। वहीं, हरियाणा में औसत उम्र 1.1 वर्ष कम हो गई। इस तरह, औसत आयु में गिरावट के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर दिल्ली है। हालांकि, इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 0.6 साल बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 70.3 वर्ष की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने और जीवनशैली में सुधार से यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में औसत आयु में वृद्धि दर्ज की गई है। केरल में औसत आयु बेहतर : रिपोर्ट के अनुसार, केरल में औसत आयु सबसे अधिक 75.1 वर्ष है। सबसे कम औसत आयु छत्तीसगढ़ में 64.6 वर्ष है। हालांकि, 2019 के बाद से लगातार औसत आयु में गिरावट के बाद भी दिल्ली में लोगों की उम्र यूपी, पंजाब समेत अन्य राज्यों से अधिक है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बीते पांच-छह वर्षों से लगातार औसत उम्र कम हो रही है। हरियाणा में पांच वर्षों में बढ़ोतरी हुई आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में वर्ष 2019-22 के बीच औसत आयु 68.6 वर्ष की थी, जो वर्ष 2019-23 में 68.8 वर्ष हो गई। यानी बीते पांच वर्षों में हरियाणा में लोगों की औसत आयु में 0.2 वर्ष की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूपी में औसत आयु सबसे अधिक बढ़ी उत्तर प्रदेश के लोगों की औसत आयु 65.6 वर्ष से बढ़कर 68.0 वर्ष हो गई है। यह पूरे देश में सबसे अधिक है। उत्तर प्रदेश में 2015-2019 से वर्ष 2019-2023 के बीच औसत आयु 2.4 वर्ष बढ़ी है। उत्तराखंड में 70.6 वर्ष से बढ़कर 71.3 वर्ष हो गई है। बिहार में औसत आयु 69.2 से बढ़कर 69.3 वर्ष हो गई है। कई अन्य रिपोर्ट में दावा हाल में जारी शिकागो विश्वविद्यालय की 2025 की रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि भारत में वायु प्रदूषण से औसत उम्र 3.5 साल तक घट रही है। अधिकांश आबादी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से ज्यादा प्रदूषित हवा में रहती है। इससे हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां, कैंसर का खतरा बढ़ता है। प्रदूषण कम हो तो जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है, खासकर दिल्ली जैसे शहरों में जो जहरीली हवा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डॉ. संजय राय, प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन, एम्स, ''मौजूदा दौर में जीवनशैली के साथ हवा, भोजन-पानी सब प्रदूषित हो चुका है। हवा और पानी में ऐसे कैंसर कारक तत्व मिले हैं, जिसे कम उम्र में कैंसर हो रहा है। इसलिए प्रदूषण भी जीवन प्रत्याशा कम होने का कारण हो सकता है।''

बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती: दिल्ली में बिना वैध PUCC वाहनों को पेट्रोल पर रोक

 नई दिल्ली दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बीजेपी सरकार ने कई सख्त फैसलों का ऐलान किया है, जिनका असर आम लोगों से लेकर वाहन चालकों और निर्माण क्षेत्र तक पड़ेगा. दिल्ली के पर्यावरण संरक्षण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इन कदमों का मकसद राजधानी की हवा को साफ करना और लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है. पर्यावरण मंत्री मनजींदर सिंह सिरसा ने घोषणा की है कि 18 दिसंबर से पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा, जिनके पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) सर्टिफिकेट नहीं होगा. इस नियम की निगरानी कैमरों के जरिए की जाएगी, ताकि कोई उल्लंघन ना हो सके. नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित वाहन मालिकों और पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या में कमी आएगी. इसके अलावा दिल्ली के बाहर से आने वाले निजी वाहनों को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं. दूसरे राज्यों में रजिस्टर, बीएस-VI उत्सर्जन मानकों से नीचे के निजी वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह फैसला खासतौर पर उन वाहनों पर लागू होगा, जो अधिक धुआं छोड़कर वायु प्रदूषण बढ़ाते हैं. दिल्ली की सीमाओं पर तैनात एजेंसियों को इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण पर भी सरकार ने सख्ती दिखाई है. दिल्ली में ईंट, रेत, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्रियों के ​परिवहन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पर्यावरण मंत्री सिरसा ने दिल्ली वालों से मांगी माफी पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए मंत्री सिरसा ने कहा कि मौजूदा सरकार को 'प्रदूषण की बीमारी विरासत में मिली है'. उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने दिल्ली में प्रदूषण फैलाया, वही आज विरोध कर रहे हैं.' बीजेपी सरकार द्वारा दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि राजधानी के लैंडफिल साइट्स की ऊंचाई में करीब 15 मीटर की कमी आई है और लगभग 8,000 उद्योगों को कड़े प्रदूषण नियंत्रण मानकों के दायरे में लाया गया है. प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर अब तक 9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि लकड़ी जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने 10,000 हीटर वितरित किए हैं. इसके अलावा, बैंक्वेट हॉल्स में डीजे के उपयोग को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री सिरसा ने स्वीकार किया कि दिल्ली में प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पाना इतने कम समय में संभव नहीं है. उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली के लोगों से माफी मांगता हूं, लेकिन सात-आठ महीनों में प्रदूषण को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है.' साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी तंज कसते हुए आरोप लगाया कि पिछले वर्ष इसी अवधि में उन्होंने मास्क नहीं पहने थे, लेकिन अब मास्क पहनकर घूम रहे हैं. प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने उठाए कई कदम पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि शहर में 62 पॉल्यूशन हॉटस्पॉट की पहचान की है, जिनमें से 13 क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में प्रदूषण का स्तर कम दर्ज किया गया है. इसके अलावा, 3,427 इलेक्ट्रिक बसों को डीटीसी में शामिल किया गया है ताकि वाहनों से होने वाले ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम किया जा सके. सिरसा ने यह भी बताया कि वैज्ञानिकों की एक समिति गठित की गई है, जो नियमित रूप से बैठक कर प्रदूषण के रुझानों का अध्ययन कर रही है और आगे के उपायों की सिफारिश कर रही है. दिल्ली में इस समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है. 16 दिसंबर 2025 को सुबह के समय AQI 380 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है. सर्दियों का मौसम आते ही धुंध और स्मॉग की मोटी चादर छा जाने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण स्थलों से उड़ती धूल प्रदूषण को बढ़ाने में सहयोग कर रही है. सरकार का मानना है कि वाहनों से होने वाला प्रदूषण दिल्ली की हवा को खराब करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है. इसलिए PUCC चेक को अनिवार्य बनाकर पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगाई जा रही है. लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपयोग करने की अपील दिल्ली सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें और अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें. दिल्ली सरकार का कहना है कि ये कदम अस्थायी जरूर हैं, लेकिन जनता के स्वास्थ्य को देखते हुए बेहद जरूरी हैं. आने वाले दिनों में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा कर आगे और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं. पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा कि ये कदम दिल्ली को स्वच्छ हवा देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि ये उपाय 18 दिसंबर से लागू हो रहे हैं. उन्होंने नगारिकों से नियमों का पालन करने का अनुरोध किया.

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए

डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का संपूर्ण जीवन रामकाज को समर्पित रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने वेदांती जी महाराज के शिष्यों व अनुयायियों से की निरंतर रामकाज से जुड़े रहने की कामना अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर वशिष्ठ भवन के ब्रह्मलीन महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के वरिष्ठ सदस्य तथा वशिष्ठ भवन, अयोध्या के महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज भौतिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संपूर्ण जीवन अयोध्या धाम के विकास और रामलला के भव्य मंदिर निर्माण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेदांती जी महाराज का पूरा जीवन ही रामकाज को समर्पित था। यह भी एक संयोग है कि प्रभु श्रीराम की पावन कथा का वाचन करते हुए उन्होंने नश्वर देह का त्यागकर साकेतवास किया।  प्रभु श्रीराम से जुड़े हर कार्य में रही वेदांती जी महाराज की सक्रिय सहभागिता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के प्रारंभिक दौर से लेकर उसके मूर्त रूप लेने और आंदोलन के सफल परिणाम को देखने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को श्रीरामजन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण के समारोह में भी वेदांती जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह उनके समर्पण और निरंतर सहभागिता का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1983 में श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के आरंभ से लेकर अब तक आयोजित प्रत्येक आंदोलन और कार्यक्रम में वेदांती जी महाराज की सक्रिय भूमिका रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज को याद करते हुए कहा कि आज भले ही वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साकेतवासी होने पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके शिष्यों व आश्रमवासियों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मैं अयोध्या आया हूं । गोरक्षपीठ से रहा गहरा जुड़ाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ से वेदांती जी महाराज का अत्यंत निकट और आत्मीय संबंध रहा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1949 में अयोध्या धाम में श्रीरामजन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के विग्रह के प्रकटीकरण के समय गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री दिग्विजयनाथ जी महाराज तथा वेदांती जी महाराज के पूज्य गुरु बाबा अभिराम दास जी उस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा थे। मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि वर्ष 1983 में जब श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ और उनके पूज्य गुरुदेव, गोरक्षपीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री अवेद्यनाथ जी महाराज उस समिति के अध्यक्ष बने, तब से डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज वरिष्ठ सदस्य के रूप में निरंतर इस आंदोलन से जुड़े रहे। प्रभु श्रीराम से की श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के पवित्र मंदिर से जुड़े सभी ऐतिहासिक कार्यक्रमों, 5 अगस्त 2020 को मंदिर के शिलान्यास, 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा तथा 25 नवंबर 2025 को धर्मध्वजा आरोहण के वेदांती जी महाराज साक्षी रहे। यह उनके जीवन की साधना और संकल्प का ही परिणाम था कि वे रामलला को विराजमान होते, भव्य मंदिर का निर्माण होते और दिव्य-भव्य अयोध्या को साकार रूप में देखते हुए तथा रामकथा का गायन करते हुए इस लोक से विदा हुए। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि वे वेदांती जी महाराज को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वे विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी स्मृतियों को नमन करते हैं और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वेदांती जी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करते हुए उनके आश्रम के शिष्य और अनुयायी निरंतर रामकाज के अभियान से जुड़े रहेंगे। उल्लेखनीय है कि डॉ. रामविलास वेदांती जी मध्य प्रदेश के लालगांव के समीप स्थित भठवा गांव में रामकथा का वाचन कर रहे थे। कथा का आयोजन 17 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन शनिवार की रात सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद उन्हें उपचार के लिए रीवा लाया गया। वहां एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनका साकेतवास हो गया।

धमकी भरे संदेशों के बाद एक्शन मोड में प्रशासन, स्कूलों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग सतर्क

अमृतसर  जिले के सरकारी, प्राइवेट और एडिड स्कूलों में संदिग्ध व्यक्तियों की एंट्री बैन लगा दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी सैकेंडरी राजेश शर्मा द्वारा स्कूल में आने वाले हरेक व्यक्ति का काम्पलैक्स के मुख्य गेट पर रिकार्ड मुकम्मल दर्ज होने के आदेश दिए हैं। अधिकारी द्वारा स्कूल प्रमुखों को स्पष्ट किया है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति स्कूल काम्पलैक्स में आता है तो इसकी सूचना तुरंत शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को दी जाए। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह से तैयार है और प्रशासन भी इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। राजेश शर्मा ने कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश न करने दें व छात्रों के माता-पिता और स्कूल परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से मुख्य द्वार पर पूछताछ की जाए और उनका डेटा रजिस्टर में दर्ज किया जाए। इसके साथ ही स्कूल के प्रिंसीपलों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल आने वाले प्रत्येक अध्यापक को स्कूल शुरू होने से पहले अपनी कक्षाओं का गंभीरता से निरीक्षण करने के लिए कहें व यदि कुछ भी संदिग्ध पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत स्कूल के प्रिंसीपल को दी जाए। इसके साथ ही, यदि छात्रों को स्कूल में कुछ भी संदिग्ध दिखाई दे तो उन्हें स्कूल के प्रमुखो को सूचित करना चाहिए। जल्द ही स्कूल प्रमुखों को पत्र होंगे जारी राजेश शर्मा ने बताया कि उपरोक्त निर्देशों से संबंधी जल्द ही स्कूल प्रमुखों को पत्र जारी किए जा रहे है। इसके साथ ही स्कूल प्रमुखो को निर्देश दिया गया है कि वे रात के समय भी स्कूलों में सुरक्षाकर्मी तैनात करें और स्कूल काम्पलैक्स की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके अभिभावकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं। स्कूलों में छात्रों को अच्छा शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले समय में अमृतसर जिले के कुछ निजी स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्कूलों में जांच की और ईमेल झूठे साबित हुए। फिलहाल पुलिस प्रशासन भी पूरी तत्परता से काम कर रहा है व फर्जी ईमेल भेजने वाले शरारती तत्वों की तलाश जारी है।

ओपी चौधरी का 35 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र में चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 35 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया. वित्तीय वर्ष समाप्त होने से महज तीन महीने पहले भारी-भरकम अनुपूरक बजट पर कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने सवाल उठाते हुए इसमें विजन नहीं होने की बात कही, वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने रोजगार मूलक उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज कर्ज में डूबते जा रहा है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि 35 हजार करोड़ का भारी-भरकम अनुपूरक बजट की मांग क्यों की जा रही है. वह भी वित्तीय वर्ष के ठीक 3 महीने पहले. मुझे इस अनुपूरक बजट में ऐसी कोई बात दिख नहीं रही है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज महिलाओं के साथ क्या हो रहा है ? महतारी वंदन के नाम पर 1 हजार दिया जा रहा है, लेकिन बिजली बिल पर उससे ज्यादा लिया जा रहा है. सरकार इवेंट मैनेजमेंट पर फोकस है. सरकार कार्यक्रम ज्यादा आयोजित कर रही है, काम कम हो रहा है. उत्सव जनता को मनाने दिया जा रहा है. सरकार उत्सव मनाने के लिए बजट खर्च कर रही है. दरअसल, सरकार का विजन क्या है यह स्पष्ट नहीं है. इस अनुपूरक बजट में भी कोई विजन नहीं है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि नए पदों पर भर्ती की बात की थी, इसमें कुछ नहीं है. अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई थी, नहीं है. 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन ही नहीं हो पाया. किसानों को समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है. गिरदावरी का काम नए लड़कों से करा लिया गया. सड़क, धान, आदिवासी, किसान, युवा, महिलाओं के विकास पर लक्ष्य निर्धारित कर काम करना होगा. रोजगार मूलक उद्योगों को देना होगा बढ़ावा अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट आया है. राजस्व व्यय को बढ़ाने की शुरुआत भूपेश बघेल सरकार ने की. कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी को राजनीतिक विषय बनाया. छत्तीसगढ़ में नए क्षेत्रों में रोजगार का सृजन हो, इस दिशा में काम करना होगा. ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता देना है, जिसमें छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का हित हो. कृषि क्षेत्र आज भी रोजगार का सबसे मजबूत क्षेत्र है. राज्य की ओर से कृषि अनुसंधान केंद्रों को पैसा नहीं मिल रहा है. इसकी चिंता की जाए. भाजपा विधायक ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह की अवधारणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की थी. जिससे आज कुटीर और पारंपरिक उद्योगों के साथ रोजगार के साधन बने. महिलाएं मजबूत हुईं हैं. छत्तीसगढ़ में 42 प्रतिशत से आबादी एससी-एसटी की है. उनके हित के बारे में हमारी सरकार बेहतर काम कर रही है.

राघवेंद्र सिंह का विरोध: अनुपूरक बजट में नहीं दिखा कोई स्पष्ट विजन

  रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज अनुपूरक बजट मांग पर चर्चा हुई. सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट आया है. राजस्व व्यय को बढ़ाने की शुरुआत भूपेश बघेल सरकार ने की. कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी को राजनीतिक विषय बनाया. छत्तीसगढ़ में नए क्षेत्रों में रोजागर का सृजन हो, इस दिशा में काम करना होगा. ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता देना है, जिसमें छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का हित हो. अजय चंद्राकर ने कहा, छत्तीसगढ़ की संस्कृति दुनियाभर में सबसे समृद्ध संस्कृति है. इसे दुनियाभर के लोगों तक लेकर जाना चाहिए. छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने दिल्ली तक लेकर जाएं. अलग-अलग दुनिया के दूतावास के अधिकारियों को दिखाया जाए. इस दिशा में प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा, बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास को लेकर जल्द से जल्द काम होना चाहिए. चंद्राकर ने कहा, कृषि क्षेत्र आज भी रोजगार का सबसे मजबूत क्षेत्र है. राज्य की ओर से कृषि अनुसंधान केंद्रों को पैसा नहीं मिल रहा है. इसकी चिंता की जाए. महिला स्व-सहायता समूह की अवधारणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की थी, जिससे आज कुटीर और पारंपरिक उद्योगों के साथ रोजगार के साधन बने. महिलाएं मजबूत हुई है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में 42 प्रतिशत से आबादी एससी-एसटी की है. उनके हित के बारे में हमारी सरकार बेहतर काम कर रही है. कांग्रेस विधायक राघवेंद्र बोले – सरकार का विजन स्पष्ट नहीं कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ आज कर्ज में डूबते जा रहा है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि 35 हजार करोड़ का भारी-भरकम अनुपूरक बजट की मांग क्यों की जा रही है. वह भी वित्तीय वर्ष के ठीक 3 महीने पहले. मुझे इस अनुपूरक बजट में ऐसी कोई बात दिख नहीं रही है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में आज महिलाओं के साथ क्या हो रहा है ? महतारी वंदन के नाम पर 1 हजार दिया जा रहा है, लेकिन बिजली बिल पर उससे ज्यादा लिया जा रहा है. सरकार इवेंट मैनेजमेंट पर फोकस है. सरकार कार्यक्रम ज्यादा आयोजित कर रही है, काम कम हो रहा है. उत्सव जनता को मनाने दिया जा रहा है. सरकार उत्सव मनाने के लिए बजट खर्च कर रही है. दरअसल सरकार का विजन क्या है, यह स्पष्ट नहीं है. इस अनुपूरक बजट में भी कोई विजन नहीं है. विधायक राघवेंद्र ने कहा, नए पदों पर भर्ती की बात की थी, इसमें कुछ नहीं है. अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई थी, अब तक नहीं की गई है. धान बेचने के लिए 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन ही नहीं हो पाया. किसानों को समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है. गिरदावरी का काम नए लड़कों से करा लिया गया. सड़क, धान, आदिवासी, किसान, युवा, महिलाओं के विकास पर लक्ष्य निर्धारित कर काम करना होगा.

झाड़ियों में छिपाए शव : शिकार के चक्कर में खुद फंसे शिकारकर्ता

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली सुअर के शिकार के लिए अवैध रूप से बिजली के तार से हुकिंग कर बिछाए गए करंट की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद शवों को छिपाने के प्रयास के मामले में पुलिस ने जांच के बाद एक नाबालिग सहित पांच आरोपियों को गैर इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह गंभीर मामला जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम छोटे रेगड़ा निवासी पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री और संदीप एक्का के लापता होने की रिपोर्ट परिजनों ने 12 दिसंबर को थाने में दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। परिजनों द्वारा पुलिस को बताया गया कि दोनों नौ दिसंबर को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। अगले दिन, 13 दिसंबर को ग्राम संबलपुरी से बहने वाली नदी किनारे टिकरा क्षेत्र में दोनों के शव मिलने की सूचना पर एफएसएल टीम और थाना चक्रधरनगर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मर्ग पंचनामा की कार्रवाई की गई और शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों द्वारा दोनों की मृत्यु बिजली के करंट से होना तथा मृत्यु की प्रकृति को दुर्घटनात्मक बताया गया। सबूत मिटाने का है आरोप मृतक पुनीलाल यादव के पुत्र विजय यादव से पुनः पूछताछ में एक अहम खुलासा हुआ। उसने बताया कि 9 दिसंबर को पुनीलाल यादव और संदीप एक्का कुछ साथियों के साथ जंगली सुअर के शिकार के लिए निकले थे, जहां बिजली का करंट बिछाया गया था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से दोनों की मृत्यु हो गई। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को झाड़ियों में छिपाने का प्रयास किया गया था। इस आधार पर थाना चक्रधरनगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 238(ख), और 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। हाई टेंशन बिजली खंभे से अवैध हुकिंग परिजनों से पूछताछ में यह भी पता चला कि पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री और संदीप एक्का ग्राम छोटे रेगड़ा निवासी जयकिशन एक्का, रमेश उरांव, राजू टोप्पो, आकाश टोप्पो तथा एक नाबालिग बालक के साथ शिकार पर गए थे। संदेह के आधार पर जयकिशन एक्का और आकाश टोप्पो को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने स्वीकार किया कि संबलपुरी नाला किनारे हाई टेंशन बिजली खंभे से अवैध हुकिंग कर बिजली का तार बिछाया गया था। डर के कारण शवों को छिपाया बिछाए गए करंट प्रवाहित तार में शिकार फंसा है या नहीं, यह देखने के दौरान पुनीलाल यादव और संदीप एक्का तार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। साथ मौजूद नाबालिग बालक के पैर में भी करंट से जलने की चोट आई। घटना के बाद, आरोपी डर के कारण शवों को झाड़ियों में छिपाने लगे थे। आकाश टोप्पो की निशानदेही पर अवैध हुकिंग में प्रयुक्त तार को बरामद किया गया, जिसे बाद में लपेटकर ले जाया गया था। आरोपियों को भेजा गया जेल एक से अधिक आरोपियों द्वारा बिजली चोरी कर अवैध हुकिंग किए जाने की पुष्टि होने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और विद्युत अधिनियम की धारा 135 भी जोड़ी गई। इसके बाद अन्य आरोपी रमेश उरांव, राजू टोप्पो तथा विधि के साथ संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश टोप्पो (उम्र 18 वर्ष), जयकिशन एक्का (उम्र 19 वर्ष), रमेश उरांव (उम्र 60 वर्ष), राजू टोप्पो (उम्र 19 वर्ष) सभी निवासी ग्राम छोटे रेगड़ा शामिल हैं। विधि के साथ संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

कोहरे ने ली कई जानें: पंजाब में दर्दनाक सड़क हादसा, मौके पर मची चीख-पुकार

चंडीगढ़  पंजाब में कोहरे की वजह से बड़ा हादसा हो गया, जिस दौरान 2 सगे भाईयों को मौत हो गई। घने कोहरे की वजह से बठिंडा-अमृतसर नेशनल हाईवे पर तलवंडी भाई और कोट कारो कलां के बीच एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें 2 भाइयों की मौत हो गई। जानकारी देते हुए तलवंडी भाई थाने के SHO जसविंदर सिंह बराड़ और केस के जांच अधिकारी बलदेव सिंह ने बताया कि कल देर रात फरीदकोट से बकरियां लादकर अमृतसर जा रहा एक ट्रक गांव कोट कारो कलां के टोल बैरियर के पास खड़े ट्रक से टकरा गया।  इस भयानक और दर्दनाक हादसे में ट्रक ड्राइवर जगसीर राम पुत्र राम चंदर, निवासी मिर्जे वाला, श्री गंगानगर, राजस्थान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठे उसके भाई सुरिंदर की भी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि ट्रक ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। टोल अधिकारियों ने क्रेन की मदद से मृतकों और घायलों को बाहर निकाला। पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश कर रही है। 

शिमला के सेब व्यापारी से लुधियाना में 4 लुटेरों ने हथियार की नोक पर 45 हजार रुपए लूटे

लुधियाना  घंटा-घर सुख सागर होटल के निकट गली के बाहर एक शिमला के सेब व्यापारी से 4 लुटेरों ने हथियार की नोक पर 45 हजार रुपए लूट लिए। व्यापारी काफी दहशत में है जिस कारण वह पुलिस कंपलेन करने से भी कतरा रहा है। पंजाब केसरी से बातचीत दौरान शिमला के रहने वाले चिरंजी लाल ने बताया कि उसका सेब का कारोबार है। वह 2 दिन पहने महानगर की सब्जी मंडी में पैमेंट लेने के लिए आया था।  सोमवार रात्रि वह होटल के निकट एक ढाबे से खाना खाकर करीब 10 बजे होटल की तरफ जा रहा था। गली की नुक्कड़ पर 4 बदमाशों ने उसे घेर लिया ओर हथियार की नोक पर धमकाने लगे। बदमाशों ने उसे जान से माने की धमकियां दी उससे 45 हजार रुपए लुट लिए। पीड़ित के अनुसार लुटेरों की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पीड़ित चिरंजी लाल का कहना है कि वह व्यापारी है। लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया है जिस कारण वह काफी दहशत में है। अगर पुलिस उससे संपर्क करती है तो वह सारी जानकारी पुलिस को देने के लिए तैयार है। 

योगी आदित्यनाथ सरकार शहरों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी प्रदान करने को लेकर बना रही है रोडमैप

क्षेत्रीय आवागमन संपर्क को बढ़ाने के साथ ही प्रदेश में ‘अंतिम मील कनेक्टिविटी’ होगी सुनिश्चित: CM  योगी आदित्यनाथ सरकार शहरों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी प्रदान करने को लेकर बना रही है रोडमैप विभिन्न कॉरिडोर के निर्माण से व्यापार, रोजगार व शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की कार्ययोजना को मिलेगा बल ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के तहत प्रदेश में रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ाने पर किया जा रहा है फोकस हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के जरिए शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन तेज व सुगम बनाने का खाका हो रहा तैयार लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार विजन-2047 के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में प्रदेश की परिवहन संरचना को सशक्त और आधुनिक बनाने पर निरंतर कार्य कर रही है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना के तहत सरकार का प्रमुख फोकस क्षेत्रीय आवागमन संपर्क की अवसंरचनाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर है, ताकि प्रदेश के शहरों, कस्बों तथा औद्योगिक क्षेत्रों को तेज, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। रीजनल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई गति प्रदेश सरकार हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने का व्यापक खाका तैयार कर रही है। इसके अंतर्गत प्रमुख शहरों तथा आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इसे प्रदेश में एक हजार किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में किस प्रकार व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाए, इसे लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस नेटवर्क के साकार होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क के विस्तार व कॉरीडोर निर्माण पर जोर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के विस्तार तथा व्यापक कायाकल्प को लेकर जो खाका तैयार किया जा रहा है, उसमें रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुदृढ़ करना भी शामिल है। योजना के अनुसार, प्रदेश में रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए लगभग 1500 किलोमीटर क्षेत्र में विस्तारित परिवहन नेटवर्क के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना निर्माण पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न ऑर्बिटल कॉरिडोर्स के निर्माण को लेकर भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने और नगरीय क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। ये कॉरिडोर औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स हब तथा नगरीय केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। इसी कड़ी में इंटरसिटी हाइपरलूप, प्रदेश के प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं का संचालन और विस्तार तथा वॉटर मेट्रो नेटवर्क को बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा है। व्यापार, रोजगार तथा निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन बेहतर रीजनल कनेक्टिविटी से प्रदेश में व्यापार व उद्योग को नई दिशा मिलेगी। विभिन्न कॉरिडोर तथा परिवहन नेटवर्क के विकास से उद्योगों को कच्चे माल, बाजार तथा श्रम शक्ति तक सुगमता से पहुंच प्राप्त होगी। इससे न केवल प्रदेश में निवेश को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार का मानना है कि सशक्त परिवहन अवसंरचना आर्थिक विकास की रीढ़ होती है। ऐसे में इन योजनाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस दिशा में व्यापक कार्ययोजना निर्माण पर कार्य किया जा रहा है। अंतिम मील कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान प्रदेश सरकार की रणनीति केवल बड़े परिवहन नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतिम मील कनेक्टिविटी को प्रमुख प्राथमिकता दी जा रही है। रीजनल परिवहन प्रणालियों को शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों से जोड़ने के लिए परिवहन साधनों के विकास पर जोर दिया जा रहा है, जिससे लोगों को घर से कार्यस्थल, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच मिल सके। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के बिना प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। विजन-2047 को केंद्र में रखते हुए रीजनल कनेक्टिविटी के साथ ही अंतिम मील कनेक्टिविटी को एकीकृत रूप से विकसित करने को लेकर कार्य जारी है। इन प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक मानचित्र पर भी एक सशक्त तथा विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा रहे हैं।