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मध्य प्रदेश: 7 कैटेगरी स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति बंद, 6 जिलों में वन विज्ञान केंद्र खुलेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की 7 कैटेगरी (दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, कार्यभारित, स्थायीकर्मी सहित अन्य) समाप्त कर दी हैं। अब सिर्फ तीन कैटेगरी रहेंगी, इनमें नियमित, संविदा, आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले।  कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इस संवर्ग में अभी ऐसा प्रावधान नहीं था। जिन कैटेगरी को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, वे अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। उनके रिटायर होते ही वह पद स्वत: समाप्त हो जाएगा। यदि विभाग कर्मचारी की डिमांड करता है, तो उस पद के विरुद्ध नियमित पद का सृजन किया जाएगा और भर्ती की जाएगी। बता दें कि दिग्विजय सरकार ने साल 2001 में दैनिक वेतन भोगी के पद समाप्त किए थे। कोर्ट में नहीं बताना पड़ेगी कैटेगरी सरकार का कहना है कि अभी न्यायालयीन प्रकरणों में अलग-अलग पदों की वजह से काफी गफलत होती है। नई व्यवस्था लागू होने और संबंधित पद समाप्त होने के बाद कोर्ट को यह बताना नहीं पड़ेगा कि कर्मचारी किस कैटेगरी का है। इससे बार-बार सुनवाई से सरकार बच सकेगी। उधर, स्थायी और अस्थायी का अंतर खत्म करने के बाद विभागों को हर साल अस्थायी पदों के लिए कैबिनेट से मंजूरी लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। नियमित और संविदा पर रहेगा फोकस सरकार ने साफ कर दिया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियमित और संविदा कर्मचारियों पर ही फोकस रहेगा। दरअसल, आउटसोर्स कर्मचारी सरकार के कर्मचारी ही नहीं हैं। इन कर्मचारियों की सेवाएं सरकार कंपनियों के माध्यम से लेती है। मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ का प्रावधान भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन व रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इस राशि से मेट्रो संचालन में होने वाले खर्च की व्यवस्था की जाएगी। प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्तुत किया। इस योजना में प्रावधान है कि आमदनी और व्यय का खर्च राज्य शासन को उठाना पड़ता है। इसलिए कैबिनेट ने यह राशि मंजूर की है। 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेज नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना एवं बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज की स्वीकृति दी गई। इसमें पहले से तय बजट में 1782 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया है। इससे 5512 करोड़ रुपए की अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की योजनाओं का पूरा किया जा सकेगा। 71967 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो सकेगी और 125 मेगावाट बिजली जनरेट हो सकेगी। कैबिनेट में इन मुद्दों को भी दी गई मंजूरी जल संसाधन विभाग में रिटायर्ड एसडीओ वीके रावत से देय पेंशन राशि की वसूली से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में रिक्त पदों की पूर्ति एवं राज‌भवन में सेवानिवृत्त कर्मचारी को एक साल के लिए पुनः संविदा नियुक्ति देने तथा संजय सिंह चौहान अतिरिक्त राज्य शिष्टाचार अधिकारी को संविदा नियुक्ति दिए जाने को मंजूरी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत डॉ राजेश गौर पूर्व डीन मेडिकल कालेज दतिया के विरुद्ध लोकायुक्त जांच प्रकरण में विभागीय जांच उपरांत पेंशन रोकने से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूर्व सीईओ जनपद पंचायत राजनगर जिला छतरपुर बीके सिंह के रिटायरमेंट के बाद पेंशन वापस लेने को मंजूरी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के सूचकांक एवं मानदंड निर्धारण पर चर्चा के दौरान योजना का सूचकांक दो से तीन किया गया है। इसके बाद 3810 कार्य 693.76 करोड़ रुपए की लागत से कराए जा सकेंगे। खनिज साधन विभाग के प्रस्ताव पर संचालनालय की स्थापना और खनिजों के सर्वेक्षण की स्थापना जैसी खनिज योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा को मंजूरी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत लोक वित्त पोषित योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति एवं निरंतरता से जुड़े मुद्दे स्वीकृत किए गए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से निरंतर जारी रखने पर निर्णय लिया गया। योजना पांच साल तक चलती रहेगी और इसके लिए 905.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। योजना में 50 हजार से 50 लाख तक लोन दिए जाने का प्रावधान है। वन विभाग के प्रस्ताव पर वन विज्ञान केंद्र की स्थापना संबंधी नई योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 48 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं जो प्रदेश के छह जिलों में बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर रोहिणी प्रसाद गुप्ता और अन्य विरुद्ध एमपी सरकार के मामले में न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में कार्यभारित स्थापना में नियुक्तियों से संबंधित विषय को मंजूरी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अंतर्गत सेवानिवृत्त उप संचालक जीएस चौहान को संविदा नियुक्ति दिए जाने और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रस्ताव पर सलामुद्दीन अंसारी सेवानिवृत्त सहायक संचालक से पेंशन वापसी के संबंध में निर्णय लिया गया। 773 करोड़ से बनेगा इंदौर के एमवाय अस्पताल का भवन मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल का नवनिर्माण 773 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। यह 1450 बिस्तर का होगा, इससे कई कठिनाईयों से राहत मिलेगी। अस्पताल के साथ नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विमेन T20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्य प्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुनीता सराठे, सुषमा पटेल और दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी रहेगी। टीम के तीनों कोच सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपए प्रोत्साहन स्वरूप दे रहे हैं। भरेवा धातु शिल्प को मिला जीआई टैग बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इसके लिए शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। गोंड जनजाति की … Read more

हरियाणवी रैपर का बयान: धीरेंद्र शास्त्री पर विवादित टिप्पणी के बाद कहा, ‘पाखंडियों पर विचार कायम’

छतरपुर  बाबा बागेश्वर पर विवादित टिप्पणी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के हरियाणवी रैपर प्रवीण ढांडा उर्फ ढांडा न्योलीवाला ने सफाई दी है। अपने नए एल्बम पर शुरू हुई कन्ट्रोवर्सी के बीच सोशल मीडिया पर लाइव होकर सिंगर ने एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ से जुड़े विवाद पर बात की। ढांडा न्योलीवाला ने कहा- दुख होता है जब उनके अपने लोग इन मुद्दों पर आपस में लड़ते हैं। फिर भी अपने लोगों का दिल रखने और मामला बंद करने के लिए जिस लाइन पर आपत्ति थी, उसे अब बदला जा रहा है। उनके विचार वही रहेंगे, लेकिन अब बेहतर तरीके से पेश किए जाएंगे। फाइल सब्मिट कर दी गई है और 24 से 48 घंटे में नया वर्जन सामने आ जाएगा। न्योलीवाला ने एल्बम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगाकर ‘साले’ कहा। इसको लेकर सोशल मीडिया में विवाद काफी बढ़ गया था। साध्वी देवा ठाकुर ने तो वीडियो जारी कर कह दिया था- तू साधु-संतों को पीट नहीं सकता। मगर, अब तेरे पिटने का टाइम आ गया है। 2 महीने लग जाओ, 6 महीने लग जाओ, पिटेगा जरूर। अगर मेरी जैसी के हाथ लग गया, तो पक्का पिटेगा। वहीं, रैपर के सपोर्ट में भी कुछ लोग खड़े हुए। गाने की लाइनें, जिस पर कंट्रोवर्सी बढ़ी… ढांडा न्योलीवाला के नए गाने की लाइनें हैं, "भगवा रंग जो मेरे राम ने नहीं पहरा होंदा, भगवान की कसम मैं फेक बाबे बहुत कूटता। बना बना पर्ची ये लाव साले अर्जी, प्राइवेट जेट लेके जावे जदे मर्जी।" इस एल्बम में रैपर ने भगवाधारी बाबाओं को मारने-पीटने और बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगा ‘साले’ कहा, जिस पर विवाद खड़ा हो रहा है। कुछ परसेंट लोग हैं जो कुछ समझना नहीं चाहते बढ़ते हुए विवाद को लेकर ढांडा न्योलीवाला ने कहा कि जिस मुद्दे पर हम बातचीत करना चाह रहे हैं, वह आप सभी को पता होगा। पिछले दो-तीन दिनों से सोशल मीडिया पर देख रहे होंगे कि नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ के गाने की एक लाइन को तोड़-मरोड़कर आपके सामने पेश किया जा रहा है। समझदार, सूझवान और पढ़े-लिखे लोगों को पता है कि सोसाइटी के किन इश्यूज पर हमने बातचीत की है, लेकिन कुछ परसेंट लोग ऐसे हैं जो कुछ भी समझना नहीं चाहते। 2021 के बाद मुद्दों से दूरी की वजह उन्होंने कहा कि 2021 में इन्हीं सोसाइटी के इश्यूज को लेकर उन्होंने आखिरी गाना अप टू यू किया था। अब साल 2025 आ चुका है और 4 साल गुजर चुके हैं। इसलिए इन मुद्दों को मैं नहीं छेड़ता हूं, क्योंकि हम अपनी बात रखेंगे तो समाज उसे एक्सेप्ट नहीं कर पाएगा। चाहते यह थे कि म्यूजिक के हवाले से अपने इर्द-गिर्द की सोसाइटी में जो अच्छे-बुरे काम हो रहे हैं, उन्हें यूथ और नई नस्ल के सामने रखा जाए और फिर कहीं जाकर कार्ल मार्क्स और कृष्णमूर्ति तक बात पहुंचे, लेकिन यहां जो हालात हैं, यहां कुछ भी बदलने वाला नहीं है। यूथ जाति-धर्म के नाम एनर्जी बर्बाद न करे ढांडा न्योलीवाला ने युवाओं से कहा कि एजुकेशन हासिल करो, अपनी क्राफ्ट और स्किल पर काम करो और अच्छा जीवन जीयो। जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई में अपनी एनर्जी और उम्र बर्बाद मत करो। अगर अपने घर में भी कोई गलत बोले, तो उसके खिलाफ खड़े होकर कहना कि यह गलत है। हरियाणवी आर्टिस्ट्स पर गन कल्चर के आरोप ढांडा न्योलीवाला ने कहा कि जब बड़े सीनियर और बुजुर्ग पॉडकास्ट में बैठते हैं और जब कोई जर्नलिस्ट या पॉडकास्ट वाला उनसे पूछता है कि हरियाणवी आर्टिस्ट के बारे में क्या कहना है, तो उनका तय डायलॉग यही होता है कि गन कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं और बदमाशी चल रही है।

MLA फंड घोटाले की जांच सदाचार कमेटी को सौंपी गई, आरोपों में घिरे विधायक

जयपुर विधायक निधि भ्रष्टाचार मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जांच विधानसभा की सदाचार समिति को सौंप दी है। देवनानी ने कहा कि  विधायक निधि में भ्रष्टाचार अत्यंत चिंतनीय है। जनप्रतिनिधियों द्वारा किसी भी तरह का भ्रष्टाचार अस्वीकार्य और लोकतंत्र की गरिमा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रकरणों से जनता के मन में अविश्वास की धारणा बनेगी, जो स्वच्छ लोकतंत्र एवं राजस्थान की छवि के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति को मैंने जांच सौंप दी है, उनसे शीघ्र ही रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले  राज्य सरकार ने आरोपों में घिरे विधायकों के विधायक कोष पर रोक लगा दी है। वहीं बीजेपी ने खींवसर विधायक रेवत राम डांगा व कांग्रेस ने हिंडौन से विधायक अनिता जाटव को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं। वहीं मामले में भरतपुर के बयाना सीट से निर्दलीय विधायक रितु बनावत भी जांच के दायरे में है। इधर राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। इसमें राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग) अध्यक्ष रहेंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव और डीजीपी को कमेटी में शामिल किया गया है। मामले को लेकर अब तक सीएम भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल सहित कई बड़े नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विधायक निधि में भ्रष्टाचार की खबर अत्यंत गंभीर है। सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के विधायक निधि खाते फ्रीज किए गए हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने नोटिस में कहा कि विधायक कोष की राशि को लेकर रिश्वत के आरोप पार्टी अनुशासन का उल्लंघन हैं और आरोपों पर स्पष्टीकरण अनिवार्य है। वहीं, कांग्रेस ने भी मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से संज्ञान लेने की अपील की। डोटासरा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा के लिए चुना जाता है, न कि सौदेबाजी और लूट के लिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी विधायक निधि जारी करने के बदले रिश्वत लेने के आरोपों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बेनीवाल बोले मामले में गिरफ्तारी हो मामला सामने आने के बाद इधर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी कहा है कि  विधायकों द्वारा विधायक निधि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने का मामला उजागर होना गंभीर प्रकरण है | विधायकों का यह कृत्य संघीय और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का बड़ा प्रहार है। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री कहते है कि "न खाऊंगा और न खाने दूंगा" मगर दूसरी तरफ ऐसे मामले का सामने आना पीएम की मंशा पर बड़ा सवालिया निशान है। हनुमान ने मामले को लेकर डांगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग भी सरकार से की। बेनीवाल ने कहा कि ऐसे मामलों से लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होंगी। बेनीवाल ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस व बीजेपी अपनी पार्टियों के विधायकों को पार्टी से बर्खास्त करें ताकि लोकतंत्र में राजनैतिक दलों की व्यवस्था पर भी जनता का भरोसा बना रहे।  

खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल का 11वां संस्करण आज से, 200 फ़िल्मों की होगी प्रदर्शनी

 छतरपुर  विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में पिछले 10 वर्षों से आयोजित होने वाला खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल का 11 वां संस्करण 16 दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक होगा। यह आयोजन दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के शिल्पग्राम परिसर में आयोजित होगा। इस बार का 11वां फिल्म महोत्सव दिवंगत प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र तथा अभिनेता असरानी को समर्पित रहेगा। पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी समारोह का उद्घाटन करेंगे। फेस्टिवल में मशहूर फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी को भी बुलाया गया है। इस बार आयोजन में नौ टपरा टॉकीज बनाई गई हैं। इनमें से एक बमीठा में भी बनाई है। प्रतिदिन की शाम मंच पर शानदार कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस बार 16 देशों का प्रतिनिधि मंडल इस आयोजन में शामिल होगा। जहां देश विदेश की 200 फ़िल्में प्रदर्शित की जाएंगी। आज आएंगे अनुपम खेर इस महोत्सव में युवा कलाकारों को मंच भी मिलता है। जहां वह अपनी फिल्मों को प्रदर्शित करेंगे। विदेशी कलाकारों की फिल्म कला भी इन टपरा टॉकीज में देखने को मिलेगी। महोत्सव शुभारंभ अवसर पर फिल्म अभिनेता अनुपम खेर खजुराहो आएंगे। खास बात यह है कि मुंबई से खजुराहो की फ्लाइट नहीं होने से कई कलाकार खजुराहो नहीं आ पाते। फिर भी कई फिल्मी हस्तियां इस समारोह में शामिल होंगी।     खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल का 11 वां आयोजन 16 दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक रहेगा। जहां देश विदेश के कलाकारों की फिल्मकला देखने को मिलेगी। नौ टपरा टाकीज इस बार बनाए गए हैं।     -राजा बुंदेला, आयोजक, खजुराहो फिल्म फेस्टिवल  

निजी स्कूलों के लिए राहत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मनमानी फीस वसूली के खिलाफ फीस वापसी आदेश निरस्त किया

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को मनमानी फीस वसूली के मामले में हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य के अधिकारियों ने बहुत ही खराब माहौल में काम किया और अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया। दो दर्जन से अधिक प्राइवेट स्कूल संचालकों ने मनमानी फीस वसूली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील दायर करने वाले अधिकांश स्कूल मिशनरी संस्थाओं के द्वारा संचालित किये जा रहे थे। अपील में मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (जिसे आगे एक्ट कहा जाएगा) के सेक्शन 11 और मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम के तहत फीस वापस लौटाने के आदेश जारी किये जाने को चुनौती दी गई थी। अपील में कहा गया था कि राज्य की गाइडलाइन का कथित तौर पर उल्लंघन करने का आरोप में जिला प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से जुडे व्यक्तियों तथा प्राचार्य पर प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया था। अपीलकर्ताओं की तरफ से तर्क दिया गया कि एक्ट के सेक्शन 11 के तहत अंतरिम सुरक्षा देने का कोई अधिकार नहीं है। एक्ट में प्रावधान नहीं होने के बावजूद भी साल 2017-18 के बाद से जमा की गई फीस वापस करने आदेश जारी किये गये हैं। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अधिकारियों ने बहुत खराब माहौल में और अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए अपने अधिकार से बाहर काम किया। राज्य के अधिकारियों का कार्य स्कूलों के मैनेजमेंट में दखलंदाज़ी के बराबर है। स्टूडेंट्स की फीस वापस करने का राज्य सरकार का निर्देश टिकने लायक नहीं है। अधिकारी आरोपों को साबित करने में नाकाम रहे। अधिकारियों के पास फीस तय करने और अलग-अलग निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है, जो स्कूल चलाने वाले मैनेजमेंट या सोसाइटी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। जिस तरह से लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने पूरे मामले को हैंडल किया, उससे स्कूल मैनेजमेंट और पैरेंट्स के बीच अनबन और मतभेद पैदा हो गए, जो स्टूडेंट्स की पढ़ाई और करियर के लिए अच्छा नहीं है। इस मामले को 2017 के एक्ट और 2020 के रूल्स के तहत सही तरीके से हैंडल किया जा सकता था। युगलपीठ ने फीस वापस करने के आदेश को निरस्त करते हुए अपीलकर्ता स्कूलों को राहत प्रदान की। 

प्रदेश में शीतलहर और कोहरे का कहर, ग्वालियर, रीवा में 50 मीटर दृश्यता, भोपाल में शीतलहर जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में जारी शीतलहर के बीच लगभग आधे राज्य में घने कोहरे ने अपनी चपेट में ले लिया है। शीतलहर के साथ कोहरा इतना घना है कि, मौसम विभाग ने सूबे के 22 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। हालात ये हैं कि, कई जिलों में यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। इनमें सड़क परिवहन के साथ साथ रेल सेवा भी शामिल है। प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से रीवा में 5.5 डिग्री, राजधानी भोपाल में 5.8 डिग्री, इंदौर में 6.6 डिग्री, बैतूल में भी 5.8 डिग्री। उमरिया में 7 डिग्री, रायसेन में 7.6, मलाजखंड-नौगांव में 7.8, खजुराहो में 8.1, नरसिंहपुर में 8.2, दमोह-मंडला में 8.5, छिंदवाड़ा में 8.6, टीकमगढ़ में 8.9, ग्वालियर में 9.1, उज्जैन में 9.3, जबलपुर में 9.4, सतना में 9.6 और गुना में 9.9 डिग्री तापमान रहा। मंगलवार सुबह के लिए ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यानी, इन जिलों में 50 मीटर दूर देखना भी मुश्किल रहेगा। वहीं, भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली में कोहरे का येलो अलर्ट है। यहां 1 से 2 हजार मीटर विजिबिलिटी रहेगी। इससे पहले सोमवार सुबह रीवा, मुरैना-रायसेन में इतना कोहरा था कि 50 मीटर के बाद कुछ नहीं दिखा। भोपाल में 500 से 1 हजार मीटर तक विजिबिलिटी दर्ज की गई। दिनभर कोहरा छाया रहा। दोपहर में भी यह स्थिति थी कि 2-ढाई किलोमीटर बाद कुछ नहीं दिखाई दे रहा है। ठंड के सीजन की यह पहली सुबह रही, जब घना कोहरा छाया हो। कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में रहा। छतरपुर के खजुराहो में 50 से 200 मीटर, भोपाल, ग्वालियर, दतिया और सीधी में 500 से 1 हजार मीटर, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर, रतलाम, दमोह और मंडला में 1-2 हजार मीटर दृश्यता रही। अशोकनगर, पचमढ़ी, टीकमगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, देवास में भी कोहरे वाली सुबह रही। दूसरी ओर, तापमान में भी खासी गिरावट देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो सोमवार की रात में भोपाल में सबसे कम 5.8 डिग्री, इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 9.4 डिग्री रहा। प्रदेश में सबसे ठंडे पचमढ़ी और राजगढ़ रहे। यहां तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड-नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, दमोह-मंडला में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.9 डिग्री, सतना में 9.6 डिग्री और गुना में तापमान 9.9 डिग्री रहा। कड़ाके की ठंड बढ़ने की संभावना मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर भारत के पहाड़ों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहां से आ रही सर्द हवाओं के साथ ही इस बार राजस्थान की तरफ से भी शुष्क एवं सर्द हवाएं लगातार चल रही हैं। इस वजह से प्रदेश में ठंड के तीखे तेवर बरकरार हैं। वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर प्रकृति के हैं। इस वजह से मौसम का इस तरह का मिजाज अभी बना रहने की संभावना है।

सिद्धू मूसेवाला के बदले की आग में कबड्डी प्लेयर की हत्या, मोहाली में घटी खौफनाक वारदात

मोहाली  मोहाली के गांव सोहाना में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान प्रमोटर व खिलाड़ी दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की सिर में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पंजाब के कुख्यात बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने के लिए यह मर्डर किया गया है। राणा बलाचौरिया मूलरूप से वह पंजाब के बलाचौर के रहने वाले थे, लेकिन कुछ समय से मोहाली में ही रह रहे थे। दस दिन पहले ही उनकी शादी हुई थी। आज उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। सेल्फी लेने के बहाने आए और सिर में गोलियां मार दीं सोमवार शाम को सोहाना में सेक्टर-82 के मैदान में कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था। राणा बलाचौरिया जालंधर के शकरपुर की टीम के मैनेजर थे। वह टूर्नामेंट में दो टीमें लेकर आए थे। वह ग्राउंड में सेमीफाइनल मैच की टाई डलवाने के बाद बाहर आ रहे थे। इसी दौरान हमलावर ने उनके साथ सेल्फी लेने के बहाने नजदीक आए और सिर में गोलियां मार दीं। हमलावर 3 से 4 थे। हमले के बाद बाइक से कुछ लोगों को फरार होते देखा गया वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर बोलेरो गाड़ी से आए थे। मोहाली के एसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि इसकी बंबीहा गैंग के साथ रंजिश थी। इसकी बंबीहा गैंग के लक्की पटियाल से कोई झगड़ा था। हालांकि, अभी सारे एंगल से पूरे मामले की जांच की जा रही है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, सीआईए की टीमें और मोहाली पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस सोहाना के आसपास के एरिया में सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है। साइबर सेल इंटरनेट पर डाली गई पोस्ट के जरिए आईपी एड्रेस ट्रेस करने के प्रयास में है। हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा है कि आज जो मोहाली में कबड्डी कप में राणा बलाचौरिया का कत्ल हुआ है, उसकी जिम्मेदारी मैं डोनीबल, शगनप्रीत, मोहब्बत रंधावा, अमर खब्बे, प्रभदासुवाल और कौशल चौधरी लेते हैं। राणा हमारे एंटी जग्गू और लॉरेंस के साथ दोस्ती रखता था। इसने सिद्धू मूसेवाला के कातिल को रहने के लिए जगह दिलवाई थी और खुद उन्हें संभाला था। आज राणा को मारकर हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया। यह काम हमारे भाई मक्खन अमृतसर और डिफॉल्टर करण ने किया है। बाकी आज से सभी प्लेयरों और उनके माता-पिता को एक विनती है कि कोई भी जग्गू और हैरी की टीम में न खेले। वर्ना रिजल्ट ऐसे ही मिलेगा। हमें कबड्‌डी से कोई एलर्जी नहीं। बस जग्गू और हैरी की कबड्‌डी में कोई दखल अंदाजी नहीं चाहिए। वेट एंड वॉच। पोस्ट के लास्ट में गोपी घनश्यामपुरिया ग्रुप, मंघनश्यामपुर, दविंदर बंबीहा ग्रुप, पवन शकील, राणा बाई, आफरीदी तूत, मनजोत सिद्धू एचआर और राणा कंदोवाल के नाम लिखे हैं।

सरकारी नौकरी में बदलाव: ‘स्थाई-अस्थाई’ का भेद मिटेगा, 2 बड़े फायदे होंगे कर्मचारियों को

भोपाल मध्यप्रदेश में जल्द ही शासकीय सेवकों के बीच 50 साल पुराना एक और भेद खत्म होने वाला है। यह नियमित शासकीय सेवाओं में स्थाई और अस्थाई पदों का है, जो मध्यप्रदेश के गठन के साथ ही विभागों के लिए तैयार किए जाने वाले मैनपावर के ढांचे की रचना के समय पैदा हुआ था। तब नए विभाग और नए पद सृजित किए गए थे। सभी नियमित पद थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने एक समान वेतन, भत्तों और सुविधाओं के बावजूद स्थाई और अस्थाई की श्रेणी में बांट दिया था। तभी से दोनों श्रेणियों में भर्तियां होती रहीं, लेकिन जो शासकीय सेवक अस्थाई पदों पर सेवा देते आ रहे हैं, उन्हें कई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। कानूनी अड़चनों का सामना वर्तमान में 7.50 लाख से ज्यादा कुल नियमित पद हैं। इनमें 2 से 5 फीसदी अस्थाई हैं। इस वजह से विभागों को नियंत्रण और प्रबंधन में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है तो नियमित श्रेणी के अस्थाई पदों पर भर्ती होकर सेवा कर रहे अधिकारी, कर्मचारियों को भी कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह अहम प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है। सब ठीक रहा तो मंजूरी मिल सकती है। एक जानकारी के अनुसार मंत्रालय सेवा में सहायक अनुभाग अधिकारी 338 हैं। इनमें 284 स्थाई और 54 अस्थाई है। सहायक ग्रेड-2 के 335 पद में 307 स्थाई व 28 अस्थाई हैं। सहायक ग्रेड-3 के कुल 602 पदों में से 534 स्थाई और 68 अस्थाई हैं। वन विभाग की वन सेवा के तहत वन क्षेत्रपाल के कुल 1194 पदों में से 1192 स्थाई और 02 अस्थाई है। इसी तरह दूसरे विभागों में भी है। अस्थाई पद वालों को होंगे ये दो बड़े लाभ -ऐसे शासकीय सेवक यदि दूसरी सेवाओं में चयनित होकर काम करना चाहेंगे और तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद पुरानी सेवा में वापस आना चाहेंगे तो आ सकेंगे। अभी इन्हें, इसकी पात्रता नहीं है। -कई बार राज्य व केंद्र के सार्वजनिक उपक्रमों को अनुभवी मैनपावर की जरुरत होती है, वे भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करते हैं, जिसमें स्पष्ट उल्लेख होता है कि 3 से 5 साल की नियमित सेवा पूरी कर चुके अभ्यार्थी ही उपक्रमों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। अभी अस्थाई पदों पर सेवा देने वाले सेवक इन उपक्रमों में शामिल नहीं हो सकते, जिन्हें स्थायी पदों पर संविलियन करने से यह बाधा दूर होगी। कार्यभारित पदों पर भी होना है निर्णय मंत्रालय समेत प्रदेश में कई विभागों के अंदर कार्यभारित पद भी है, जिन पर शासकीय सेवकों की नियमित भर्ती होती आ रही है। ये पद भी नियमित के समान ही है। सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन पदों पर भी निर्णय होना है। बता दें कि नियमित श्रेणी में अस्थाई पद सबसे ज्यादा मंत्रालय सेवा के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, गृह विभाग समेत लगभग सभी विभागों में हैं। जहां बड़ी संख्या में अस्थाई कर्मचारी सेवा दे रहे हैं। भेद खत्म होने से किस पर क्या पड़ेगा असर सरकार     सेवाओं के प्रबंधन व शासकीय सेवकों पर नियंत्रण में और अधिक मदद मिलेगी। अनावश्यक आदेश-निर्देश की जरुरत नहीं पड़ेगी।     अस्थाई पद: ऐसे जितने भी पद हैं वे धीरेधीरे खत्म होंगे, उन पर कार्यरत शासकीय सेवकों के सेवानिवृत होने के बाद उन पर भर्ती नहीं होंगी। इन पदों को नियमित पदों में शामिल किया जाएगा।     अस्थाई पदों पर सेवारत शासकीय सेवक: ये पूर्व की तरह सेवा में बने रहेंगे। विभाग चाहे तो नियमों में संशोधन कर इन्हें स्थाई श्रेणी में ला सकेंगे।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया संबल योजना के तहत 160 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का ऐलान, सीधे हितग्राहियों के खातों में

भोपाल   एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार 16 दिसंबर को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी संबल योजना के तहत हितग्राहियों को बड़ी राहत देने जा रहे हैं। एक सिंगल क्लिक के माध्यम से वे 7 हजार 227 प्रकरणों में कुल 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। क्या है संबल योजना दरअसल संबल योजना के तहत दी जाने वाली यह अनुग्रह सहायता असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनेगी। दुर्घटना, असामयिक मृत्यु या अन्य आपात परिस्थितियों में यह सहायता राशि परिवारों को तात्कालिक सहारा देती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि संकट के समय परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। सीएम का बड़ा संदेश कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव प्रदेश सरकार की अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाएंगे। इसमें श्रमिक कल्याण, ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्रमुख रहेंगी। यही नहीं सीएम यह भी संदेश देंगे कि सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता हो रही मजबूत राज्य सरकार लगातार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता लाते हुए सरकारी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है, ताकि किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और लाभ सीधे पात्र हितग्राही तक पहुंचे। संबल योजना के तहत होने वाला यह बड़ा भुगतान इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का बड़ा दावा सरकार का दावा है कि आने वाले समय में भी ऐसी योजनाओं के जरिए श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को निरंतर राहत दी जाती रहेगी।

यमुना एक्सप्रेसवे पर कुहासा का कहर: 5 बसों और कारों में आग, मथुरा, उन्नाव और बस्ती में भिड़ीं वाहन

 मथुरा यूपी के कई जिलों में कोहरे का कहर देखने को मिला. मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं जिसमें जनहानि हुई. वहीं, उन्नाव में एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई. इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई. इसी तरह बस्ती, बागपत आदि जिलों में भी सड़क हादसे हुए हैं.    टायर फटने से फॉर्च्यूनर बेकाबू, 4 की दर्दनाक मौत उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ. एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 241 (हवाई पट्टी के पास) पर तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार का टायर फट गया. अनियंत्रित कार पहले एक अज्ञात वाहन से टकराई और फिर डिवाइडर से जा भिड़ी. इस भीषण टक्कर में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में गाज़ियाबाद निवासी अशोक अग्रवाल और अभिनव अग्रवाल की पहचान हुई है. जबकि, अन्य मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है. पुलिस ने क्रेन की मदद से गाड़ी को एक्सप्रेसवे से हटवा दिया है. ट्रैफिक बाधित नहीं हुआ है.  यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर आने वाले रास्ते पर माइलस्टोन 127 के निकट मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे कोहरे के कारण 5 बस और एक कार भिड़ गईं। घटना के बाद इन सभी वाहनों में आग लग गई। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई। जबकी 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलस गया है। वाहनों में अंदर भी कुछ व्यक्ति फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौके पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार यह बसें प्राइवेट हैं और कानपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया की इस भिड़ंत में 21 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलसी अवस्था में अस्पताल भेजा है। इनमें से 38 लोग जिला अस्पताल भेजे हैं, नौ लोग सीएचसी बलदेव में इलाज करा रहे हैं। बस में अंदर कोई जला है या नहीं, यह जानकारी की जा रही है। वाहनों में आग इतनी भीषण लगी कि दूर-दूर तक आग की लपटें देखी जा रही थीं। इन वाहनों में आग लगने के कारण यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर का यातायात रुक गया। हादसे में आग इतनी भीषण थी कि कई शव पूरी तरह झुलस गए और लाशें लोथड़ों में बदल गईं। पोस्टमार्टम के लिए शवों को गठरी बांधकर भेजा गया। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस और आ रहे वाहनों को पहले ही रुकवा दिया। घटना की जानकारी मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के प्रयास शुरू हो गए। कई एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं, जिनके द्वारा घायलों को अस्पताल भेजा जाने लगा। मृतक के परिजनों को मिलेगा 2-2 लाख का मुआवजा वहीं, इस मामले में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के 127 मील के निशान के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें 5 बसें और 2 कारें आपस में टकरा गईं और उनमें आग लग गई। इस हादसे में कई लोग घायल हुए और 10 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने तुरंत घटना का संज्ञान लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर अधिकारियों को भेजा। सीएम योगी ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा रोडवेज ने भी मुआवजा का ऐलान किया है। रोडवेज बस के मृतकों के परिजनों को रोडवेज 5-5 लाख रुपये मिलेगा।