samacharsecretary.com

भोपाल के पास मंडीदीप में हाई टेंशन लाइन को लेकर विरोध, नहार स्पिनिंग मिल्स के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन

भोपाल के पास मंडीदीप में हाई टेंशन लाइन को लेकर विरोध, नहार स्पिनिंग मिल्स के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन मंडीदीप,रायसेन  नहार स्पिनिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपनी दूसरी यूनिट खोलने की तैयारी के तहत नेशनल हाईवे नंबर 46 को क्रॉस करते हुए हाई टेंशन पावर लाइन ले जाए जाने का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। इस प्रस्तावित हाई टेंशन लाइन को लेकर क्षेत्र के मजदूरों और रहवासियों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए आपत्ति जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के ऊपर से और रिहायशी इलाके के नजदीक से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइन से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहेगी। इसी चिंता को लेकर आज मंडीदीप इलाके में नहार कंपनी के खिलाफ मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर वंदे मातरम के नारे लगाए और देशभक्ति गीत गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कंपनी इस हाई टेंशन लाइन को वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग से ले जाए या फिर स्थानीय लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस योजना पर पुनर्विचार करे।  इस पूरे मसले पर नहार कंपनी से बात करनी चाही तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से बचते हुए मिलने से ही इनकार कर दिया. सवाल ये है कि क्या किसी भी फैक्ट्री के ऊपर से हाइ पावर एक्सटेंशन लाइन ले जाई जा सकती है..? अगर भविष्य में इससे कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदार कौन होगा..? क्या इसके लिए नेशनल हाइवे ऑटोरिटी और पावर डिपार्टमेंट से परमिशंस ली गई हैं..? क्या जिस प्राइवेट लैंड पर विशालकाय गड्ढे किए जा रहे हैं उन लैंड ओवर्स की परमिशन ली गई हैं..?  और सबसे बड़ा सवाल अलग फैक्ट्री डालने के लिए कंपनी अलग पावर स्टेशन क्यों नहीं बना रही है.?? इस तरह के कई सवाल हवा में तैर रहे हैं और जल्द ही इन सवालों की जवाबदेही तय नहीं हुई तो भविष्य में इस हाइटेंशन लाइन की वजह से संभावित हादसों की आशंका बढ़ती हुई नजर आ रही है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले इस मामले का समाधान निकाला जा सके। फिलहाल विरोध शांतिपूर्ण रहा और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी…!

भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देश के प्रति सरदार पटेल की सेवाएं व योगदान बना चिरस्मरणीय अध्यायः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहाः सीएम योगी  वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देशः सीएम   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देश  सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा।  सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप भारत का हिस्सा बनीं जूनागढ़ व हैदराबाद रियासत  सीएम योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रिसायतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा। पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहा सीएम योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। पं. नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने किए अनेक उल्लेखनीय कार्य  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, पवन सिंह चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, उमेश द्विवेदी, विधायक ओपी श्रीवास्तव, आशीष सिंह ‘आशु’, भाजपा के महानगर अध्यक्ष  आनंद द्विवेदी, सरदार पटेल स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष राजेश्वरी देवी पटेल, महासचिव शशांक वर्मा आदि मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश में सीजन का पहला कोहरा, मुरैना-रायसेन में 50 मीटर की विजिबिलिटी, 14 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा भी अपना असर दिखाने लगा है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुरैना ज़िले में कँपकँपाती सर्द हवाओं के बीच घने कोहरे ने डेरा डाल दिया, जहाँ दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। यहाँ न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसी तरह, रायसेन ज़िले में भी कोहरे की मोटी चादर बिछ गई, जिससे दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई और सड़कों पर वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। राजधानी भोपाल समेत टीकमगढ़ में भी तेज ठंड के माहौल में कोहरे का आगमन दर्ज किया गया। इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और रीवा संभाग के कुल 14 ज़िलों में घने कोहरे का अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे एक दिन पहले, रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। वहीं, प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन, पचमढ़ी, 5.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना रहा। मुरैना जिले में सुबह से ही सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर रह गई। जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रायसेन में भी इस मौसम का पहला घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी ठंड के साथ कोहरे की दस्तक हुई, जबकि टीकमगढ़ में भी मौसम का पहला कोहरा दर्ज किया गया। दूसरी ओर, तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसके अलावा बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, दमोह और मंडला में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.9 डिग्री, सतना में 9.6 डिग्री और गुना में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इससे ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, 17 दिसंबर की रात से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में दिखाई देगा, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। पचमढ़ी-कल्याणपुर सबसे ठंडे, भोपाल में 7 डिग्री पहुंचा पारा मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा और यहां तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़-कल्याणपुर में 5.6 डिग्री, शाजापुर में 6.1 डिग्री, मंदसौर में 6.7 डिग्री, रीवा-उमरिया में 7.2 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.3 डिग्री, रायसेन-दतिया में 8.4 डिग्री, मंडला में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, नरसिंहपुर, टीकमगढ़-दमोह में 9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री और सतना में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन : प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्यः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’ प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं। सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  अन्नदाता किसान की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही सरकार ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री जी ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं।  प्रदेशवासियों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे।  बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में भी पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

पांच राज्यों के शहरी विकास रोडमैप पर भोपाल में बड़ा मंथन, मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों में शहरी विकास की नई योजनाएं भोपाल में बनाई जाएंगी। इसे लेकर 20 दिसंबर को भोपाल में क्षेत्रीय बैठक बुलाई गई है। इसमें केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शामिल होंगे। यहां आयोजित की गई है बैठक कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में आयोजित बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के शहरी विकास का रोडमैप तैयार कर चुनौतियों व समाधान पर भी बात होगी। मध्य प्रदेश की ओर से दिया जाएगा ये ब्योरा इन पांच राज्यों के अधिकारी और मंत्री बैठक में शामिल होंगे। बैठक में पांचों राज्य अपने नवाचार और शहरी विकास में क्या काम किए, यह भी बताएंगे। मध्य प्रदेश की ओर से पीएम आवास, लीगेसी वेस्ट जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं में अब तक कितना काम हुआ और शहरी विकास में राज्य सरकार ने क्या काम किए, इनका ब्योरा दिया जाएगा। 20 दिसंबर से भोपाल में भी मेट्रो आम लोगों के लिए दौड़ने लगेगी वहीं, भूमि विकास नियम में संशोधन के साथ ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और मेट्रोपॉलिटन सिटी की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। 20 दिसंबर से भोपाल में भी मेट्रो आम लोगों के लिए दौड़ने लगेगी। लोकार्पण कार्यक्रम मिंटो हॉल में होगा इसका लोकार्पण कार्यक्रम मिंटो हॉल में ही होगा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुभाष नगर मेट्रो डिपो या एम्स मेट्रो स्टेशन जाकर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। एमपी मेट्रो कारर्पोरेंशन के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने बताया कि 20 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का लोकार्पण किया जाएगा। शासन ने लोकार्पण की तारीख आधिकारिक रूप से तय कर दी है और मेट्रो प्रबंधन को इसकी औपचारिक सूचना भेज दी गई है। लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन मिंटो हाल में दिन के समय होगा।   7.5 किलोमीटर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाई जाएगी बता दें कि पहले चरण में ऑरेंज लाइन के 7.5 किलोमीटर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाई जाएगी। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक रहेगा। इस रूट के शुरू होने से हजारों यात्रियों को रोजाना राहत मिलेगी और दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा समय भी काफी घटेगा। पीएम मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम मध्य प्रदेश मेट्रो कार्पोरेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

मुजफ्फरपुर में पिता ने पत्नी की मौत के बाद पांच बच्चों के साथ फांसी लगाई, दो की जान बची

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. सकरा थाना क्षेत्र के नवलपुर मिश्रौलिया गांव में एक पिता ने अपने पांच बच्चों के साथ फांसी लगाने की कोशिश की. इस हृदयविदारक घटना में पिता और उसकी तीन बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बेटों की किस्मत अच्छी थी और वो किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे. पांच बच्चों के साथ लगाई फांसी मृतक की पहचान अमरनाथ राम (40) के रूप में हुई है. मृत बेटियों में राधा कुमारी (11), राधिका (9) और शिवानी (7) शामिल हैं. बताया जा रहा है कि अमरनाथ राम की पत्नी की इसी साल जनवरी में मौत हो गई थी. पत्नी की मौत के बाद से वह मानसिक तनाव में था और अकेले ही अपने पांचों बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था. परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, रविवार की रात पूरे परिवार ने एक साथ खाना खाया था. सोमवार की अहले सुबह अमरनाथ राम ने पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर अपने तीनों बेटियों और दो बेटों के गले में फंदा डाला. इसके बाद साड़ी को छत से बांधकर सभी बच्चों को ट्रंक से कूदने के लिए कहा गया. दो बेटों की बच गई जान बताया जा रहा है कि पिता के कहने पर तीनों बेटियां उसके साथ कूद गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, छह साल का शिवम कुमार ने गला कसने पर सूझबूझ दिखाते हुए फंदा ढीला कर लिया और अपने छोटे भाई चंदन (4) के गले से भी फंदा खोल दिया. दोनों बच्चे किसी तरह घर से बाहर निकले और शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे. घटना की सूचना मिलते ही सकरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. एक ही परिवार में एक साथ चार मौतों से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों ने कहा, 'भगवान ने बचाई जान' ग्रामीणों का कहना है कि पत्नी की मौत के बाद अमरनाथ राम पूरी तरह टूट चुका था. वह नियमित रूप से काम नहीं करता था और जो भी थोड़ा-बहुत राशन मिलता था, उसी से परिवार का गुजारा चलता था. बड़ी बेटी ही घर का काम और खाना बनाने की जिम्मेदारी संभाल रही थी. ग्रामीणों ने कहा कि दो बेटों की किस्मत अच्छी थी और भगवान ने ही उन्हें बचा लिया. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.  

संजय गांधी अस्पताल में नवजात की आग से मौत, प्रशासन ने 11 घंटे तक घटना को छिपाए रखा, अधीक्षक का विवादित बयान

रीवा  रीवा में संजय गांधी अस्पताल में एक गंभीर घटना सामने आई है. यहां अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में आग लग गई. आग लगने के दौरान सर्जरी के बाद ऑपरेशन थिएटर में रखे एक नवजात बच्चे का शव आग की लपटों में घिर गया और बुरी तरह जल गया, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने लगभग 11 घंटे तक इस घटना को छिपाए रखा और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी. अस्पताल के ओटी में लगी आग दरअसल, रविवार को दोपहर करीब 1 बजे संजय गांधी अस्पताल के गायनेकोलॉजी वार्ड में आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी और दहशत फैल गई. अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में एक नवजात बच्चा बुरी तरह जल गया. सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इस गंभीर घटना को करीब 11 घंटे तक छिपाए रखा और बच्चे का शव परिवार को नहीं सौंपा. आधी रात के आसपास जब मामला ऊंचे अधिकारियों तक पहुंचा तब अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की कि नवजात का शव जल गया था. अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था. इसी बीच OPD एरिया में भी आग लग गई, जिससे पूरे अस्पताल में दहशत फैल गई. वहीं संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि नवजात मृत अवस्था में पैदा हुआ था। उनके अनुसार, मृत बच्चे को पॉलिथीन में रखा जा रहा था, तभी शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस घटना में नवजात का शव झुलस गया। अस्पताल प्रशासन ने किसी भी प्रकार की जनहानि से इनकार किया है। आधी रात सच्चाई उजागर गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का आपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई। डिप्टी सीएम बोले- बच्चे की जानकारी नहीं दी   इधर, डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि संजय गांधी अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं होने की जानकारी डिप्टी सीएम तक को थी। इसके बावजूद समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही ने अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को और संदिग्ध बना दिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अस्पतालों की सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। संजय गांधी अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और गांधी स्मारक अस्पताल इन तीनों के पास फिलहाल फायर एनओसी नहीं है। ये तीनों ही अस्पताल नगर निगम के फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं करते हैं।  परिजनों के आरोप, मामला पहुंचा उच्च स्तर तक जानकारी के मुताबिक, गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई। डिप्टी सीएम बोले- नवजात के शव की जानकारी नहीं दी गई मामले में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल जांच से जिम्मेदारी तय होगी या लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। निगमायुक्त बोले- हादसा हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं नगर निगम आयुक्त सौरभ सोनवड़े पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निगम की ओर से अस्पताल प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक फायर एनओसी के पैमाने पूरे नहीं किए गए। उनका कहना है कि चेतावनी दी जा चुकी है, इसलिए आगजनी की स्थिति में नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं होगी।

मंत्री परमार ने जिले के विकास कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश

दमोह जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : प्रभारी मंत्री परमार मंत्री परमार ने जिले के विकास कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश प्रभारी मंत्री परमार की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई संपन्न समिति के सदस्यों ने रखे अपने महत्वपूर्ण सुझाव, प्रभारी मंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश भोपाल दमोह जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए जनप्रतिनिधियों ने तीन गांव बोतराई, सदगुवां और लुहर्रा गांव को चयनित किया है और यहां पर नरवाई प्रबंधन पर कार्य किया जाएगा। जिले में प्लंबर का प्रशिक्षण शुरू कराया जाये और इसका प्रस्ताव दिया जाये, सोलर की भी ट्रेनिंग प्रारंभ कराई जाये। पॉलिटेक्निक और आईटीआई दोनों जगह, इस पर काम प्रारंभ कराये जायें। आने वाला समय सोलर एनर्जी का ही रहेगा। आगामी बैठक सिंचाई और पेयजल पर रखी जाये, जिसमें यह सुनिश्चित किया जायेगा की हर जगह अंतिम छोर तक पानी की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। इस आशय की बात प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने रविवार को, कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में कही। जिले के प्रभारी मंत्री परमार ने जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन व समयबद्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर जिले के विकास के लिये किये गये प्रयासों, उपलब्धियों पर गहन चर्चा की गई, निर्देशानुसार कार्यवाई की जाये। प्रभारी मंत्री परमार ने कहा पीजी कॉलेज में एक उन्नत लाइब्रेरी बनाई जाये और इसकी राशि उपलब्ध करा दी जाएगी, इसका तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजा जाये। इस लाइब्रेरी में महाविद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा जो विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वह भी आकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने जिले में महिलाओं के लिए दोना पत्तल के काम समूह से जोड़कर कराए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा दोना पत्तल की आज हर जगह काफी डिमांड है, इस दिशा में तेजी से काम प्रारंभ किए जायें, प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया जाये, लोगों में जन जागृति पैदा की जाये और प्लास्टिक के नुकसान से अवगत कराया जाये। परमार ने कहा प्लास्टिक से गंभीर बीमारियां पैदा हो रही है। बैठक में बताया गया अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के युवा जो शिक्षक, प्राध्यापक बनना चाहते हैं, उन्हें कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाये ताकि वह सफल हो सके, विशेष कर मैथ्स इंग्लिश के बड़ी संख्या में पद खाली है, उन्हें भरा जा सकेगा । जिले के जिन स्कूलों में पहुंचने में वर्षा के दिनों में बच्चों को दिक्कतें पहुंचती है वहां पर ग्रेवल सड़क प्राथमिकता से बनवा दी जाए। दमोह शहर में पेयजल लाइन डालने के लिए जहां सड़के खोदी गई है, पुर्ननिर्माण का कार्य तेजी से कराये जाये नगर पालिका अधिकारी इसे तत्काल सुनिश्चित करायें। उन्होंने बैठक के दौरान समिति के सदस्यों से कहा खाद वितरण की टोकन व्यवस्था जिले में प्रारंभ की गई है, इसका किस तरह का रिस्पांस है। बैठक में मौजूद सदस्यों ने बताया कि यह प्रणाली बहुत अच्छी है, जबसे टोकन मिला है लाइन में लगने से मुक्ति मिल गई है, व्यवस्था बेहतर है। प्रभारी मंत्री ने प्रत्येक गांव की सिंचाई की मैपिंग के संबंध में कहा यह काम तेजी से किया जाये जिस पर जिला कलेक्टर द्वारा बताया गया की कार्य मैपिंग का शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया केन बेतवा परियोजना के तहत सर्वे का काम तेज गति से चल रहा है अगले तीन माह में डीपीआर और सर्वे हो जायेगा। बैठक में पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने सड़कों पर सब्जी बाजार के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहां 15-15 लाख की लागत से पांच प्रसाधन के निर्माण के लिए राशि शासन से मिली है, इसके टेंडर किए जाकर शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने चाहिए। बैठक में सतेंद्र सिंह लोधी ने 7 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल की विस्तार से जानकारी दी। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि सागर-दमोह मार्ग की स्वीकृति हाल ही में मंत्रिपरिषद की बैठक में दी गई है, जिसके तहत 2059.85 करोड़ रुपए से फोर लाइन मार्ग बनाया जायेगा। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित किया जायेगा। कोचर ने बताया मेडिकल कॉलेज दमोह के लिए 330 नियमित और 205 आउटसोर्स पर पद स्वीकृत किए गए हैं, साथ ही झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना 165.006 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, इससे तेंदूखेड़ा तहसील के 17 गांवों में सिंचाई होगी। कलेक्टर कोचर ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत जिले में 829 लाख सब्सिडी से पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत 1063 घरों में सोलर यूनिट स्थापना का कार्य नवंबर 2025 में किया गया, जिसमें स्वयं की बिजली बनाकर घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा विगत दो वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 6 पुलों का निर्माण कार्य किया गया है। यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत संपर्क विहीन सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है, जिसमें 241 संपर्क विहीन बसाहटों का चिंन्हांकन किया गया है। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना तहत 100 तक की आबादी का संपर्क विहीन बसाहटों का सर्वे की भी किया गया है ,जिसमें कुल 82 संपर्क विहीन बसाहटें शामिल की गई है। कलेक्टर कोचर ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि जिले में 2023 में निर्मित सीतानगर सिंचाई परियोजना द्वारा 16200 हेक्टर सिंचाई क्षेत्र में सिंचाई की गई है, जिसके माध्यम से दमोह एवं पथरिया तहसील के 51 ग्रामों में एक हेक्टर तक के चक में पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। जिले में परियोजना का कार्य 95% पूर्ण हो गया है, आगामी तीन-चार माह में पूर्ण प्रस्तावित है, इसके माध्यम से 7620 सेक्टर क्षेत्र में सिंचाई पाइपलाइन के माध्यम से होगी। कलेक्टर कोचर ने बताया कि लाडली लक्ष्मी योजना अंतर्गत 91000 से अधिक बेटियां लाभान्वित हो रही है और लाड़ली बहन योजना अंतर्गत 245000 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही है। औद्योगिक निवेश और कौशल विकास तथा रोजगार के संबंध में कलेक्टर ने बताया युवा संगम के माध्यम से 7000 से अधिक युवाओं … Read more

नाबार्ड के सुरेश कुमार साहू का फोकस: प्रदेश में सहकारी संरचना को मजबूत बनाने के प्रयास

भोपाल  अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज, भोपाल में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता की अध्यक्षता, नाबार्ड के महाप्रबंधक सुरेश कुमार साहू, उप महाप्रबंधक नन्दू नायक,अपेक्स बैंक के प्राचार्य पी.एस.तिवारी, वि.क.अ अरुण मिश्र, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन, सहायक महाप्रबंधक अरविंद बौद्ध, विषय विशेषज्ञ अमूल राहंणेकर, चार्टड अकाउंटंट की उपस्थित में *नाबार्ड की साफ्टकेब पालिसी के अन्तर्गत अपेक्स बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए सहकारी बैंकों पर लागू सभी कराधान पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं कांफ्रेंस हाल का उद्घाटन किया । अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने कहा कि आप लोग सचमुच भाग्यवान हैं कि आपको प्रदेश के किसानों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है, इसलिए आप सभी आज के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्ण मनोयोग से ज्ञान अर्जित कीजिए,  यदि किसी प्रकार की जानकारी आप चाहते हैं तो उसे जरूर पूछिये, ताकि विषय विशेषज्ञ आपको उसकी जानकारी से अवगत करा सकें। गुप्ता ने कहा कि हमारा प्रयास इस प्रशिक्षण संस्थान को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाने का है।  हमारा प्रयास बेहतर माहौल व आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण वातावरण में आप सभी को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है, इसी कड़ी में आज इस कांफ्रेंस हाल का उद्घाटन हुआ है। आपसे अपेक्षा है कि आप पैक्स के सुदृढ़ीकरण हेतु व्यवसाय के विविधीकरण पर सार्थक प्रयास करेंगे । नाबार्ड के महाप्रबंधक सुरेश कुमार साहू ने प्रदेश में अल्पकालीन सहकारी संरचना को सुदृढ़ीकरण बनाने के प्रयास करने पर जोर दिया। आरंभ में अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य पी.एस.तिवारी अतिथियों का स्वागत एवं आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया कि प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के दूरदर्शी व सकारात्मक दृष्टिकोण व नाबार्ड के सहयोग से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर व संख्या दुगनी होने में हमें सफलता प्राप्त हुई है और नाबार्ड के लखनऊ स्थित संस्थान "बर्ड" ने हमें "ए" एक्रिडेशन प्रदान किया है । आभार प्रदर्शन संकाय सदस्य आर.के.दुबे ने किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से शुरू हुआ रामलला पार्क निर्माण

-अमृत 2.0 योजना के तहत 17.22 करोड़ की लागत से नगर विकास विभाग करा रहा रामलला पार्क का निर्माण -पार्क में ओपन एयर थियेटर, फाउंटेन, स्टैच्यू, किड्स प्ले एरिया और ओपन जिम की सुविधा -प्रवेश द्वार से लेकर पार्किंग तक आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा रामलला पार्क अयोध्या रामनगरी अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अनोखा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से प्रेरित रामलला पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह पार्क भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा। अमृत 2.0 योजना के तहत 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर साकेत सदन के पीछे स्थित लगभग 5 एकड़ भूमि पर फैले इस पार्क का निर्माण नगर विकास विभाग द्वारा कराया जा रहा है। कुल 17.22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पार्क से अयोध्या को एक नया आकर्षण मिलेगा, जो धार्मिक पर्यटकों के लिए विशेष महत्व रखेगा। रामलला पार्क न केवल एक मनोरंजन स्थल होगा, बल्कि यह श्रीराम की जीवन गाथा को चार जोनों में विभाजित कर दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगा।  हर वर्ग को आकर्षित करेगा रामलला पार्क कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार के अनुसार, पार्क में प्रवेश द्वार से लेकर पार्किंग तक सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें वाच टावर, टिकट काउंटर, स्क्रीन वॉल और शौचालय जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। पार्क को चार मुख्य जोनों में बांटा गया है। जोन प्रथम में भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य, जोन द्वितीय में उनकी बाल अवस्था के दृश्य, जोन तृतीय में गुरुकुल जीवन और जोन चतुर्थ में ताड़का वध की कथा को मूर्त रूप दिया जाएगा। इन दृश्यों को स्टैच्यू और अन्य कलात्मक तरीकों से सजाया जाएगा, जो आगंतुकों को रामायण की इन महत्वपूर्ण घटनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराएंगे। पार्क की अन्य सुविधाओं की बात करें तो यहां ओपन एयर थियेटर, म्यूजिकल फाउंटेन, भव्य स्टैच्यू, बच्चों के लिए प्ले एरिया और ओपन जिम की व्यवस्था होगी। इसके अलावा रोड, वाटर बॉडी और हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। ये सभी विशेषताएं पार्क को परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षक बनाएंगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य चल रहा हैं। रोजाना एक लाख के करीब श्रद्धालु कर रहे दर्शन रामलला के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। रोजाना करीब एक लाख दर्शनार्थी रामलला के दर्शन कर रहे हैं। ऐसे में रामलला पार्क जैसे नए केंद्र अयोध्या को विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जल्द ही पर्यटकों के लिए खुलेगा यह पार्क : नगर आयुक्त राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ शहर में नए पार्क, संग्रहालय और अन्य परियोजनाएं चल रही हैं। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि रामलला पार्क भी इसी क्रम की एक कड़ी है, जो राम भक्तों को श्रीराम के जीवन से जुड़ी यादें ताजा कराएगा। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही यह पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पार्क न केवल धार्मिक भावनाओं को मजबूत करेगा, बल्कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।रामनगरी अब विश्व पटल पर एक आदर्श तीर्थ स्थल के रूप में उभर रही है।