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आर्थिक और सामाजिक रुप से कमजोर प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग बनी मददगार

योगी आदित्यनाथ सरकार की नि:शुल्क आवासीय और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग बनी मॉडल   प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है रोजगार, पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए आवेदन का आज आखिरी दिन लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में युवा सशक्तिकरण के लिए 8 नि:शुल्क आवासीय और 150 मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग चला रही है। इसके माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार मिलने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर विशेष फोकस है। वो चाहते हैं कि प्रतिभाशाली युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में किसी भी बाधा का सामना न करना पड़े।  छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किया जाता है तैयार उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग प्रतियोगी छात्रों के लिए दो तरह की कोचिंग चलाता है। रेजिडेंशियल कोचिंग में पढ़ाई के साथ साथ रहने की भी सुविधा होती है और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग में केवल क्लास चलती है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का दायरा काफी विस्तृत है। यहां से मिलने वाली कोचिंग सिर्फ यूपीपीसीएस तक सीमित नहीं है, बल्कि यूपीएससी, अधीनस्थ सेवाएं, विभिन्न भर्ती बोर्ड, बैंकिंग, एसएससी, अर्धसैनिक बल, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस, बीएड, टीईटी जैसी लगभग हर प्रमुख परीक्षा इसमें शामिल है।  150 सेंटर में 23000 से ज्यादा छात्रों का रजिस्ट्रेशन उत्तर प्रदेश के 150 अभ्युदय कोचिंग सेंटर में इस साल अब तक 23801 अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सिविल सर्विसेस के लिए 8663, NEET के लिए 5574, JEE के लिए 2018, एनडीए/सीडीएस के लिए 801 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 6745 छात्र अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसमें छात्रों को पाठ्यक्रम और क्वेश्चन बैंक भी दिए जाते हैं, ताकि उनकी तैयारी पूरी तरह परीक्षा-केन्द्रित और व्यवस्थित हो।  पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए नि:शुल्क कोचिंग समाज कल्याण विभाग ने लखनऊ के गोमतीनगर में छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान में पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु मुफ्त आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की है। अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुष उम्मीदवार, जिनकी पारिवारिक आय छह लाख रुपये तक है वो आज 12 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। अब तक अनुसूचित जाति के 19, अनुसूचित जनजाति के 2 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 25 प्रतियोगी छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि कोचिंग सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन और लाइब्रेरी की सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलेगी। इसके साथ ही हर विषय के विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेंगे। मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास कराया जाएगा, मॉडल टेस्ट कराए जाएंगे और परीक्षा पैटर्न के मुताबिक खास सत्र भी चलेंगे।  अभ्युदय कोचिंग से प्रदेश के युवाओं का बदला जीवन अभ्युदय कोचिंग करियर को दिशा देने वाला मजबूत मंच बनकर उभर रहा है। इसमें कोचिंग, अध्ययन सामग्री और गाइडेंस सब कुछ नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है ताकि प्रतिभाएं सिर्फ संसाधनों की कमी के कारण पीछे न छूट जाए। यूपीएससी सीएसई 2023 में 882वीं रैंक हासिल करने वाली श्रुति श्रवण ने बताया कि इस योजना से उनको परीक्षा में सफल होने, खुद को अच्छी तरह से तैयार करने और अपने प्रदर्शन का आकलन करने में काफी मदद मिली।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026: आयोजन के लिए नौ सदस्यीय सलाहकार समिति गठित

नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा साहित्य उत्सव रायपुर अगले वर्ष 23 दिसंबर से नवा रायपुर में होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव के लिए राज्य शासन ने सलाहकार समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में नौ सदस्य बनाए गए हैं। समिति में सदस्य के रूप में श्री अनंत विजय, डॉ. सुशील त्रिवेदी, श्री सतीश कुमार पंडा, श्रीमती जयमति कश्यप, श्री संजीव कुमार सिन्हा, श्री शंशाक शर्मा, श्री पंकज कुमार झा और श्री विवेक आचार्य को भी शामिल किया गया है। समिति रायपुर साहित्य उत्सव के सफल और प्रभावी आयोजन के लिए विशेष सलाह देगी। इसके साथ ही साहित्यकारों के चयन और आयोजन के विषयों पर भी आयोजकों को सहयोग करेगी। जनसंपर्क संचालनालय के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल समिति के सदस्य सचिव होंगे। उल्लेखनीय है कि नए वर्ष की शुरुआत के साथ आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।

राज्यपाल पटेल ने किया गौवंश का पूजन मुरारीलाल तिवारी गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरूवार को इंदौर के सांवेर रोड़ स्थित मुरारीलाल तिवारी गौशाला का भ्रमण किया। उन्होंने गौशाला में गौवंश का पूजन किया और गौमाता को लड्डू खिलाये। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि गायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। भारत में गौमाता के पूजन की परम्परा वर्षों पुरानी है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को विधायक सुश्री उषा ठाकुर और गौशाला संचालकों ने गौशाला की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौशाला में तीन सौ से अधिक गायों की देख भाल और सेवा की जाती है। उनका पूरा ध्यान रखा जाता है। राज्यपाल श्री पटेल को गौशाला के सचिव श्री सुभाष गोयल ने गौशाला से संबंधित साहित्य भेंट किया।  

अम्बेडकर DBT वाउचर स्कीम: अंतिम तारीख 31 दिसंबर, जल्दी करें ऑनलाइन आवेदन

जयपुर राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के वर्ष 2025-26 हेतु आवेदन प्रक्रिया जारी है। विभाग के उपनिदेशक श्री जितेंद्र सेठी ने बताया कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में नियमित रूप से अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इच्छुक विद्यार्थी अपनी SSO ID के माध्यम से sso.rajasthan.gov.in और sjms.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है, जिससे विद्यार्थी सरलता से निर्धारित अवधि में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। विभाग ने पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन कर योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप होता है : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान सभी जगह नहीं पहुँच पाते हैं, इसलिए उन्होंने चिकित्सक बनायें हैं। भगवान का दूसरा रूप चिकित्सक ही होता है। सम्मेलन आयोजन की सराहना करते हुए अपेक्षा की है कि चार दिवसीय सम्मेलन का निष्कर्ष समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल श्री पटेल गुरूवार को न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) द्वारा आयोजित 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने न्यूरोलॉजी विषय पर दो पुस्तकों का लोकार्पण किया। विद्वान चिकित्सकों को सम्मानित किया। विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मानव शरीर का मुख्य संचालक मस्तिष्क होता है। मस्तिष्क ही सभी इंद्रियों का नियंत्रणकर्ता है। हमारा मस्तिष्क स्वस्थ और शांत रहे, इस दिशा में न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की विशेष भूमिका है। न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उन्नत चिकित्सा, प्रमाणिक ज्ञान और संवेदनशीलता से मस्तिष्क का ईलाज करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और मन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक तंदुरूस्ती भी जरूरी है। इसके लिए मस्तिष्क का स्वस्थ और शांत रहना बहुत जरूरी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि हम सभी अच्छी सेहत के लिए मोटे अनाज का सेवन करें। खूब पानी पीयें, अच्छी नींद लें और नियमित व्यायाम करें। फास्ट फूड खाने से बचे। मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर स्वास्थ्य की राजधानी है। यहाँ के चिकित्सक मरीजों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। सेवा भावना के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार शोध और अनुसंधान हो रहे हैं। चिकित्सा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में एनएसआइकॉन के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल, डॉ. मानस  पाणिगही, अध्यक्ष डॉ. मानस पाणिग्रही,  अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. के. श्रीधर, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. लुईस बोर्बा और बड़ी संख्या में न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उपस्थित थे।  

एयरपोर्ट में नजर आएगा स्विस एफिशिएंसी और भारतीय आतिथ्य का संगम

क्षेत्रीय विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं का होगा मेल पूरी तरह भारतीय पारंपरिक डिजाइन से प्रेरणा लेकर तैयार की गई है एयरपोर्ट की वास्तुकला लखनऊ/ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का जल्द ही शुभारंभ होने को है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यात्री यहां उतरते ही भारतीय संस्कृति और उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत का अनुभव कर सकें। स्विस दक्षता और भारतीय मेहमाननवाजी का अद्भुत संयोजन यात्रियों को एक अनूठी, सहज और आरामदायक यात्रा का अनुभव देगा। आधुनिकतम तकनीक और सुविधाओं के साथ यह हवाईअड्डा वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार हो रहा है।  यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने अभिनव डिजाइन, अत्याधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक समृद्धि के साथ न केवल यूपी बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार है। यह हवाई अड्डा यात्रियों के लिए हर कदम पर आरामदायक, तेज और यादगार अनुभव का वादा करता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वयं दिन प्रतिदिन इसकी निगरानी कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने यहां का भ्रमण कर प्रगति का जायजा लिया और दिशा निर्देश भी दिए। ‘घाट’ और ‘हवेली’ की झलक देती आकर्षक डिजाइन एयरपोर्ट की वास्तुकला पूरी तरह भारतीय पारंपरिक डिजाइन से प्रेरणा लेकर तैयार की गई है, ताकि यात्री यहां उतरते ही उत्तर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को महसूस कर सकें। टर्मिनल बिल्डिंग में लैटिस स्क्रीन जैसे नक्काशीदार डिजाइन लगाए गए हैं, जो न केवल सौंदर्य बढ़ाते हैं, बल्कि प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन के प्रवाह को भी नियंत्रित करते हैं। प्रवेश द्वार पर वाराणसी और हरिद्वार के प्रसिद्ध घाटों की याद दिलाने वाली चौड़ी व आकर्षक सीढ़ियां बनाई गई हैं, जो इस क्षेत्र की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। टर्मिनल के भीतर एक हवेली शैली का विस्तृत आंगन बनाया जा रहा है, जो यात्रियों को खुला, हवादार और आरामदायक माहौल प्रदान करेगा। यह डिज़ाइन पारंपरिक भारतीय वास्तुकला में आंगन की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है। इसके साथ ही यूपी की प्रमुख नदियों की शांति व प्रवाह को दर्शाने वाली सफेद, तरंगाकार छत पूरे टर्मिनल को आधुनिकता और प्रकृति के संयोजन का प्रतीक बनाती है। इन सभी डिज़ाइन तत्वों का उद्देश्य है एक ऐसा वातावरण तैयार करना जहां यात्री तनावमुक्त, सहज और आत्मीय अनुभव के साथ अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकें। एक ऐसा अनुभव जो भारतीय संस्कृति की गर्मजोशी और आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं का अनूठा मेल हो। मिलेगा डिजिटल अनुभव, पूरी तरह टेक-सक्षम होगा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों को एक अत्याधुनिक और डिजिटल-फर्स्ट अनुभव प्रदान करने जा रहा है। एयरपोर्ट पर ऐसी आधुनिक तकनीकें लगाई जा रही हैं, जो यात्रा को तेज और सहज बनाएंगी। यात्री स्वयं ही सेल्फ बैग-ड्रॉप मशीनों के माध्यम से अपना सामान जमा कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारों में लगने की जरूरत कम होगी। इसी तरह सेल्फ बोर्डिंग गेट्स के जरिए बोर्डिंग प्रक्रिया और अधिक तेज़ और सुविधाजनक होगी। एयरपोर्ट के सभी गेट DigiYatra सुविधा से लैस होंगे, जिसमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के माध्यम से यात्रियों को बिना किसी दस्तावेज दिखाए तेजी से प्रवेश और बोर्डिंग की सुविधा मिलेगी। स्मार्ट साइनेज, यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस और डिजिटलीकृत प्रक्रियाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर यात्री को एक तनावमुक्त, सुगम और अत्याधुनिक यात्रा अनुभव मिले। यह एयरपोर्ट भविष्य की यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जहां तकनीक यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। शॉपिंग और डाइनिंग का यादगार अनुभव नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों को शॉपिंग और डाइनिंग का ऐसा अनोखा अनुभव मिलेगा, जो उनकी यात्रा को और भी खास बना देगा। यहां यूपी और भारत के असली स्वादों का आनंद लेने के साथ-साथ स्थानीय और वैश्विक व्यंजनों का बेहतरीन मिश्रण उपलब्ध होगा। पारंपरिक व्यंजनों से लेकर इंटरनेशनल क्यूज़ीन तक, हर स्वाद का ध्यान रखते हुए एक क्यूरेटेड F&B अनुभव तैयार किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा होगा। साथ ही, एयरपोर्ट पर शॉपिंग का आनंद भी यात्रियों को रोमांचक सांस्कृतिक यात्रा का एहसास कराएगा, जहां स्थानीय हस्तशिल्प, आर्टवर्क, आधुनिक रिटेल ब्रांड्स और विशेष सॉवेनियर्स का आकर्षक संगम देखने को मिलेगा। यहां का हर अनुभव यात्रियों को सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि उत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा। साथ ही शॉपिंग के लिए ड्यूटी-फ्री स्टोर्स, प्रीमियम ब्रांड्स और यूपी के विशेष हस्तशिल्प जैसे बनारसी सिल्क, चिकनकारी और अतर के आकर्षक विकल्प यात्रियों को उपलब्ध होंगे। इस संपूर्ण व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यात्रियों को यहां सिर्फ एक ट्रांजिट स्पेस नहीं, बल्कि एक यादगार सांस्कृतिक यात्रा का आनंद मिले। ग्रीन एयरपोर्ट का बनेगा सजीव उदाहरण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक ग्रीन एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है, जहां निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर सतत विकास को प्राथमिकता दी गई है। एयरपोर्ट परिसर में नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सोलर और ऑफ-ग्रिड विंड सिस्टम का अधिकतम उपयोग किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी। वर्षा जल संचयन प्रणाली और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के साथ-साथ अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान करेंगे।

धमतरी में रिकॉर्ड रफ्तार से धान खरीदी, किसानों को 409 करोड़ का हुआ भुगतान

रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। जिले में 10 दिसंबर तक 1,72,568.60 मी.टन धान खरीदा गया है, जिसके एवज में किसानों को 409.32 करोड़ रुपये का त्वरित भुगतान किया गया है। कुल 37,084 किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक संबल मिला है। कस्टम मिलिंग में भी तेज प्रगति कस्टम मिलिंग हेतु 5,52,336 मी.टन धान की अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से 4,54,272 मी.टन का अनुबंध मिलर्स से किया जा चुका है। अब तक 19,611 मी.टन धान का डी.ओ. जारी होने के साथ समितियों से 7,966 मी.टन धान का उठाव भी पूर्ण किया गया है। समितियों में 1,64,602.60 मी.टन धान शेष है, जिसके त्वरित उठाव के निर्देश दिए गए हैं। टोकन सिस्टम से पारदर्शी खरीदी टोकन आधारित व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया है। 10 दिसंबर तक 17,134 टोकन जारी किए गए, जिनसे 1,34,59.92 क्विंटल धान का उपार्जन दर्ज हुआ। इसी अवधि में 3,133 कृषकों ने 86.53 हेक्टेयर रकबे से धान बेचा है। लंबित आवेदन केवल 7 हैं, जिनका शीघ्र निराकरण किया जा रहा है। अवैध परिवहन पर सख्ती प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,652.40 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपये आँकी गई है। फोटो अपलोड एवं सत्यापन 99.68% पूर्ण धान बेचने वाले 3,133 किसानों में से 3,123 किसानों ने फोटो अपलोड कर दिया है, जो 99.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। कृषक श्रेणीवार प्रगति जिले में सीमांत, लघु और दीर्घ श्रेणी सहित 37,084 किसानों ने धान बेचा है। पंजीकृत 74,611 किसानों में से 18,768 किसानों ने अब तक विक्रय किया है। शेष किसानों को निर्धारित तारीखों के अनुसार टोकन के माध्यम से बुलाया जाएगा। कमांड सेंटर से की जा रही है सतत निगरानी कलेक्टर के निर्देशन में कमांड सेंटर द्वारा धान उपार्जन, रकबा समर्पण, शिकायत निवारण और फोटो सत्यापन की निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए, खरीदी बिना किसी बाधा के हो और भुगतान शीघ्र किसानों के खातों में पहुँचे। धमतरी जिले में धान खरीदी कार्य पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानहित में निर्बाध रूप से प्रगति पर है।

घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई: योगी सरकार ने जांच तेज करने को दिए कड़े निर्देश

वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को काशी के दौरे पर आ रहे हैं। वे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इससे पूर्व बुधवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक हुई।  'सही ढंग से कराई जाए जांच' बैठक में महापौर ने सभी जोनल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार शहर में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की जांच शत-प्रतिशत सही ढंग से कराई जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।         होगी सख्त कार्रवाई महापौर ने कहा कि वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों द्वारा फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसकी जांच के लिए अपर नगर आयुक्त सविता यादव के नेतृत्व में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति द्वारा दोषी पाए जाने वाले फर्जी प्रमाण-पत्रों को तत्काल निरस्त करने तथा संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।  

जबरन वसूली–गैंगवार का कहर! कांग्रेस सांसद पहुंचे गृह मंत्री शाह के दरवाजे

लुधियाना कांग्रेस के लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने गुरुवार को पंजाब में जबरन वसूली पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप की मांग की। वारिंग ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि पूरे पंजाब में भय का माहौल है। उन्होंने कहा, "लोगों, विशेषकर व्यापारियों, को विदेशों और जेलों से फोन आ रहे हैं और फिरौती की मांग की जा रही है।" उन्होंने कहा कि फिरौती न देने वालों की हत्या की जा रही है। हाल ही में लुधियाना में एक शादी समारोह के दौरान दिनदहाड़े गोलीबारी हुई। दोपहर करीब 1:30 बजे दो प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच गैंगवार छिड़ गया और गोलीबारी में दो मेहमान मारे गए। कांग्रेस सांसद ने शिरोमणि अकाली दल पर एक गैंगस्टर को टिकट देने और अपराधियों को राजनीति में खुली छूट देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि गुंडे खुलेआम सरपंचों को फोन करके वोट मांगने के लिए उन्हें धमका रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि अब बदमाश नेताओं और नौकरशाहों को भी फोन करके धमका रहे हैं। वारिंग ने अधिकारियों के हालिया उस फैसले की भी आलोचना की जिसमें एक कुख्यात गैंगस्टर को दूसरे राज्य की जेल में ही बंद रखा गया है, जिससे उसे मुकदमे के लिए दूसरे राज्यों में ले जाने पर प्रतिबंध लग गया है। उन्होंने कहा, "पंजाब जल रहा है और अधिकारी बेबस होकर देख रहे हैं।" इन सब घटनाओं के बावजूद, राज्य सरकार और पुलिस मूकदर्शक बने रहे। ऐसी स्थिति में, मैं गृह मंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने और पंजाब को संकट से उबारने का आग्रह करता हूं। 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या पंजाब में गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों की ओर इशारा करने वाले सबसे चर्चित अपराधों में से एक थी। इस मामले ने लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह की गतिविधियों को सुर्खियों में ला दिया था। नवंबर 2024 में, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई, अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अवैध दस्तावेजों का उपयोग करके देश में प्रवेश करने के आरोप में कैलिफोर्निया में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे वापस भारत लाया गया था। अनमोल से पूछताछ करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार, वह बीकेआई-बिश्नोई गिरोह का एक प्रमुख सदस्य है और इसके संचालन में सक्रिय भूमिका निभाता है। उसके संदिग्ध खालिस्तानी संबंध और व्यापक आपराधिक नेटवर्क में उसकी संलिप्तता जांच के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। अनमोल कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है, जिनमें महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश का मामला भी शामिल है, जिनकी पिछले साल अक्टूबर में मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले, कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धमकी मिलने के कुछ ही समय बाद पंजाब में उनके बेटे पर गोली चलाई गई थी।

ग्राफ्टेड बैंगन से बदली खेती की तस्वीर – खरसिया के किसान मुरलीधर साहू ने

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना ने दी नई दिशा, कम लागत में लाखों की आय का रास्ता खुला आधुनिक तकनीक व उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से 80 क्विंटल से बढ़कर 170 क्विंटल तक पहुँची उपज रायपुर  ग्राफ्टेड बैंगन एक ऐसा पौधा है जो दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़कर बनाया जाता है, एक मजबूत जड़ वाला पौधा (रूटस्टॉक) और एक उच्च गुणवत्ता वाला फल देने वाला पौधा (स्कायन)। इस तकनीक से बैंगन की पैदावार बढ़ती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, और मिट्टी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। रायगढ़ जिले के विकासखण्ड खरसिया के ग्राम करूमौहा के किसान श्री मुरलीधर साहू आज आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। कभी परंपरागत धान की खेती करने वाले श्री साहू को लागत अधिक और लाभ कम होने के कारण खेती में संतुष्टि नहीं थी। इसी बीच उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। यही मार्गदर्शन उनके कृषि जीवन में बड़ा बदलाव साबित हुआ। कम लागत में उत्पादन में बड़ा इजाफा उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण एवं प्रेरणा से उनका रूझान पारंपरिक खेती से बदलकर उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ा। विभाग की अनुशंसा पर उन्होंने अपनी एक हेक्टेयर भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन फसल का रोपण किया। जैविक खाद और जैविक दवाओं के प्रयोग से लागत भी कम रही और उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा देखने को मिला।    आधुनिक तकनीक से तीन गुना लाभ  राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपए का अनुदान भी मिला। इससे आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था हुई और खेती की दिशा व दशा दोनों बदली। पहले जहां उपज 80 से 85 क्विटंल उत्पादन होता था वहीं आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद उपज बढ़कर 150 से 70 क्विंटल तक पहुँच गई। बाजार भाव अच्छा मिलने पर कुल आय 4.5 लाख रुपए और कुल लाभ लगभग 3 लाख रुपए तक पहुँच गया, जो पहले की तुलना में तीन गुना है। जैविक पद्धति और कम लागत में अधिक उत्पादन मुरलीधर साहू की सफलता को देखकर आसपास के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक पद्धति और कम लागत में अधिक उत्पादन का संदेश दूर-दूर तक फैल रहा है। उनकी यह सफलता कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और योजनाओं का लाभ लेकर किसान आज आर्थिक रूप से मजबूती की दिशा में बड़े कदम उठा सकते हैं। एक हेक्टेयर से बनी मिसाल”, ग्राफ्टेड बैंगन ने बदली आर्थिक स्थिति खरसिया के किसान मुरलीधर साहू ने एक हेक्टेयर में ग्राफ्टेड बैंगन की आधुनिक खेती अपनाकर उत्पादन को लगभग दोगुना कर दिया। जैविक विधियों, विभागीय मार्गदर्शन और बागवानी मिशन से प्राप्त अनुदान के सहारे उन्हें इस सीजन में करीब 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। इस उपलब्धि ने क्षेत्र के किसानों में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है।