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छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: रायपुर समेत 4 शहरों में पारा 10°C से नीचे, शीतलहर का अलर्ट जारी

रायपुर दिसंबर की दस्तक के साथ ही उत्तरी हवा ने रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश में शीत लहर का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 8 दिसंबर की रात से 10 दिसंबर की सुबह तक छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इधर, रायपुर में न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मैनपाट में रात का पारा 4°C से नीचे चला गया है और वहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गई हैं। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5°C, पेंड्रा में 8°C और जगदलपुर में 9.8°C दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 30.4°C रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया। इन जिलों में अलर्ट जारी वहीं मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों के एक-दो हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी रहेगी। मैदानी इलाके में हवा तेज मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में उत्तर-पूर्वी हवा सक्रिय है, जिससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बीते 24 घंटों में कई जगह पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। पर्वतीय और उत्तरी अंचलों में सुबह के समय कोहरा छाने और शाम ढलते ही गलन बढ़ने की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी जिलों जैसे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा में भी इसी अवधि में हवा की तीव्रता बढ़ने से ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आमजन को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने, दिन में भी हल्के ऊनी कपड़े पहनने और रात में घरों को गर्म रखने की सलाह दी गई है। किसान भाइयों से भी अपील की गई है कि वे फसलों पर पाला पड़ने से बचाव के उपाय करें। अगले दो दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन हवा की नमी कम होने और तापमान गिरने से शीत लहर का असर और तेज हो सकता है। शीत लहर चलने की वजह उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिरने के कारण वहां से आने वाली उत्तर-पूर्वी बर्फीली हवाएं छत्तीसगढ़ में पहुंचकर ठंड को अचानक बढ़ा रही हैं। रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके। रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी डॉ जया बाजपेयी (MBBS DNB, मेडिसिन) बताया कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…     शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।     स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।     घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।  

पुस्तक सिर्फ शब्द नहीं, संवेदनाओं का संगम है: नायब सैनी — मुख्यमंत्री ने किया भव्य विमोचन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘हैंडबुक फॉर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स’ का विमोचन किया। यह पुस्तक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. केके खंडेलवाल और हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह द्वारा लिखी गई है। हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर हरियाणा आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए सार्थक बताते हुए कहा कि यह साधारण समारोह नहीं है, बल्कि यह विचारों का उत्सव है। जब एक पुस्तक लिखी जाती है तो वह केवल शब्दों का संगम नहीं होती, बल्कि वह लेखक की सोच, उसकी साधना और उसकी संवेदनाओं का संगम होती है। पुस्तक केवल लाइब्रेरी की शोभा ही नहीं बनती, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों का एक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र संविधान को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का यह विमोचन इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि यह पुस्तक ऐसे समय में प्रकाशित हो रही है, जब देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2023 ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, 1973 का स्थान लिया है। यह परिवर्तन न्याय प्रक्रिया को तेज, सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हरियाणा में इन तीनों आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू कर दिया है। ऐसे परिवर्तन के दौर में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि, वे प्रशासनिक प्रणाली का वह स्तंभ हैं, जिनके कंधों पर कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा, शांति और निष्पक्ष न्याय की सीधी जिम्मेदारी होती है। 10 भाग और 45 अध्याय सीएम ने कहा कि इस पुस्तक की विशेषता यह है कि यह कानूनों का संकलन मात्र नहीं है। यह एक ऐसा व्यापक मार्गदर्शक है, जो कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका से लेकर उनकी शक्तियों, व्यावहारिक प्रक्रियाओं, कानूनी आवश्यकताओं और जमीनी परिस्थितियों में उनके प्रयोग तक, हर पहलू को अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करती है। 10 भागों और 45 अध्यायों में लिखी गई यह पुस्तक अपने आप में एक संपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है। यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में विभिन्न पहलुओं का विस्तृत, विवेचनात्मक और अत्यंत व्यावहारिक विवरण दिया गया है। इनमें निवारक न्याय, सुरक्षा कार्यवाही, मजिस्ट्रियल जांच, मृत्यु घोषणाओं, पहचान परेड, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, दंगा नियंत्रण, मानहानि, अवमानना, अनुशासनिक अधिकार आदि शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली, स्पष्टता प्रदान करने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी।   मुख्यमंत्री ने दोनों लेखकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. के.के. खंडेलवाल का इंजीनियर, विधि विशेषज्ञ, प्रशासक, लेखक और सार्वजनिक सेवक के रूप में व्यापक अनुभव प्रशासनिक प्रणाली के लिए अमूल्य रहा है। वर्तमान में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के चीफ नेशनल कमिश्नर के रूप में उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है। इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने ऊर्जा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, शहरी एस्टेट, खनन, सिंचाई एवं जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपने नेतृत्व से राज्य को नई दिशा प्रदान की है। यह पुस्तक दोनों के अनुभव और दृष्टि का उत्कृष्ट समन्वय है। संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अक्सर ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ता है, जहां कुछ मिनटों में बड़े निर्णय लेने होते हैं। ऐसे समय में अनुभव और कानून दोनों का संतुलन ही अधिकारी को सक्षम और प्रभावी बनाता है। यह पुस्तक उसी संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सदैव सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। हमारा लक्ष्य है कि प्रशासन का हर स्तर आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण बनाए। फील्ड अधिकारियों के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ : सुधीर राजपाल अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि नये अधिकारियों को जब अचानक फील्ड में या कार्यालय में जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तब उन्हें एक ऐसी पुस्तक की आवश्यकता होती है, जो उनके लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ का कार्य करे। यह पुस्तक उसी सोच का परिणाम है कि वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम को मजबूत बनाने और हर कदम पर मार्गदर्शन देने के लिए कैसे साथ खड़े रहें।  

राउज एवेन्यू कोर्ट का सोनिया गांधी को नोटिस, 1980 वोटर लिस्ट में बिना नागरिकता नाम जोड़ने का सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। यह मामला 1980 की मतदाता सूची में उनके नाम के कथित अनधिकृत रूप से जुड़ा होने को लेकर है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह र्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और जालसाजी का मामला हो सकता है। अदालत 6 जनवरी 2026 को मामले पर अगली सुनावाई करेगी। यह विवाद 1980 के मतदाता पंजीकरण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज किया गया था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में प्राप्त की थी। उनका यह भी कहना है कि 1982 में उनका नाम हटाया गया और 1983 में नागरिकता के बाद फिर जोड़ा गया, जोकि संदिग्ध है। कोर्ट ने सोनिया गांधी को भेजा नोटिस यह विवाद दशकों पुराना है लेकिन हाल ही में फिर से सुर्खियों में आया है। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी ने सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई थी। मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर को इस शिकायत को खारिज कर दिया था। लेकिन इसके बाद विकास त्रिपाठी ने रिवीजन पिटीशन दाखिल की। इसपर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी। ये है मामला याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी के अनुसार, सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की 1980 की मतदाता सूची में शामिल किया गया था। लेकिन उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। इस याचिका में सवाल किया गया है कि जब नागरिकता तीन साल बाद मिली तो 1980 में उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी का कहना है कि किसी गैर-नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना अपराध है और इस मामले की जांच की जाए कि क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया था। इस मामले में उन्होंने जालसाजी की आशंका भी जताई है।  

‘ब्राह्मण बहू चाहिए’ का विवाद दिल्ली पहुंचा, IAS संतोष वर्मा की नौकरी और प्रमोशन पर सवालिया निशान

भोपाल  मध्य प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में इन दिनों 'शब्दों के बारूद' ने आग लगा रखी है। आईएएस अधिकारी और अजाक्स अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा द्वारा ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान ने अब एक ऐसे सियासी और कानूनी चक्रव्यूह का रूप ले लिया है, जिससे निकलना उनके लिए नामुमकिन लग रहा है। आलम यह है कि इस विवाद की गूंज भोपाल की फाइलों से निकलकर दिल्ली के गलियारों और बिहार विधानसभा तक पहुंच चुकी है। क्या चली जाएगी नौकरी? वहीं, ऐसे में कुछ लोगों को लग रहा है कि आईएएस संतोष वर्मा की नौकरी तो गई? लेकिन क्या ऐसा होने जा रहा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों 'शब्दों की मर्यादा' और 'नियमों की धज्जियां' उड़ती दिख रही हैं। आईएएस संतोष वर्मा के 'ब्राह्मण बेटियों' वाले विवादित बयान ने जहां दिल्ली तक हड़कंप मचा रखा है, वहीं अब सांसद जनार्दन मिश्रा की चिट्ठी ने उनकी पदोन्नति के 'फर्जीवाड़े' के आरोपों से हड़कंप मचा दिया है। पहले भी आईएएस करते रहे हैं बखेड़ा पहले भी कई आईएएस अलग-अलग तरह के बयान देकर राजनीतिक और सामाजिक बखेड़ा खड़े करते रहे हैं। पूर्व आईएएस शैलबाला मार्टिन ने मंदिरों के लाउडस्पीकर पर ट्वीट करके एक नया धार्मिक और सियासी बवंडर खड़ा कर दिया था। दूसरी तरफ, आईएएस लोकेश जांगिड़ ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए 9 तबादलों का जो 'दर्द' बयां किया था, उन्होंने तो सरकार की कार्यशैली पर ही सवाल दाग दिए थे। पूर्व आईएएस नियाज खान भी ब्राह्मण और मुस्लिमों लेकर सोशल मीडिया में काफी मुखर दिखते थे। भ्रष्टाचार की बात करें तो अरविन्द जोशी और टीनू जोशी जैसे नामों ने पहले ही प्रशासनिक साख को दागदार किया है। हालांकि यह सब बयान इस तरह खराब नहीं कहे जा सकते, जितना घृणित बयान संतोष वर्मा का माना जा रहा है। सीएम के पाले में है गेंद संतोष वर्मा पर कार्रवाई कब होगी, यह गेंद अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के पाले में है। क्या वे इन 'विवादित रत्नों' पर कड़ी कार्रवाई कर प्रशासन की गिरती साख को बचा पाएंगे, या फाइलों के 'परीक्षण' का यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा? यह जंग अब केवल अनुशासन की नहीं, बल्कि सत्ता के इकबाल की है।  

बिजली क्षेत्र में बड़ा बदलाव: पंजाब के सुधरते पावर मॉडल की नई कहानी

चंडीगढ़  पंजाब में बिजली क्षेत्र में हो रहे सुधारों ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को एक नए युग में प्रवेश कराया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पहल पर शुरू किए गए व्यापक सुधारों ने वर्षों पुराने कर्ज, बिजली कटौती और अव्यवस्था की समस्याओं को धीरे-धीरे पीछे छोड़ दिया है। मान सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का पावरकॉम कर्ज चुकाकर ऊर्जा क्षेत्र को स्थिरता और भरोसे के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। जुलाई 2022 में लागू 600 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जनता के लिए बड़ा राहत पैकेज सिद्ध हुई है। इस योजना के कारण लगभग 90% परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। घरेलू उपभोक्ता, किसान और उद्योग—सभी को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। आज पंजाब देश के सबसे कम दरों पर बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में गिना जाता है।   ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने पछवाड़ा कोयला खदान को फिर से चालू किया, जिससे कोयले की आपूर्ति में रुकावट की समस्या समाप्त हुई। राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार निजी क्षेत्र के जीवीके थर्मल प्लांट (गोइंदवाल साहिब) को अधिग्रहित किया। इसे 1,080 करोड़ रुपये में खरीदकर “श्री गुरु अमरदास जी थर्मल प्लांट” नाम दिया गया, जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विरासत का प्रतीक है। ‘रोशन पंजाब परियोजना’ के तहत 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बिजली ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है। 13 नगर निगमों में नंगी तारों को बदलना, पुराने मीटर बॉक्सों की सुरक्षा, ट्रांसफार्मरों का उन्नयन और नेटवर्क को भूमिगत बनाने का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री का कहना है, “पंजाब में पहली बार किसी सरकार ने संपत्तियाँ बेची नहीं, खरीदी हैं। यह बदलाव का नया अध्याय है।” ऊर्जा सुधारों ने न केवल आर्थिक मजबूती दी है बल्कि आत्मनिर्भर पंजाब के सपने को वास्तविकता के करीब ला दिया है।

स्वर्ण मंदिर पहुंचे दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल, श्रद्धा से किया नतमस्तक

अमृतसर  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों ने सोमवार को यहां स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। मत्था टेकने के बाद गुप्ता ने कहा कि वह दिल्ली के लाल किले में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद शुक्रिया अदा करने आई हैं। रेखा गुप्ता के साथ मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रवींद्र इंद्राज और मनजिंदर सिंह सिरसा भी थे। रेखा गुप्ता ने सिरसा के साथ स्वर्ण मंदिर परिसर में बर्तन भी साफ किए। निरंतर आशीर्वाद की कामना करते हुए गुप्ता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री हरमंदिर साहिब में शीश नवाने के बाद मेरे मन को संतुष्टि मिली। वाहेगुरु जी, आप अपनी कृपा दृष्टि सभी पर बनाए रखें।’’ सिरसा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘आज इस पवित्र स्थान पर आकर मेरे मन को अपार शांति मिली, और मुझे उस ‘अकाल पुरख’ की असीम उपस्थिति और शांति का भी अनुभव हुआ।’ इससे पहले, मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल किले में आयोजित ‘गुरमत समागम’ की ‘‘असाधारण सफलता गुरु साहिब की कृपा है’’ जबकि नवंबर में तीन दिवसीय समारोह से कुछ दिन पहले आतंकवादी हमले के कारण भय का माहौल था। गुप्ता ने कहा कि छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बिना किसी बाधा के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। बाद में गुप्ता और उनके मंत्रियों ने अमृतसर में दुर्ग्याणा मंदिर के भी दर्शन किए। श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू के नेतृत्व में स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।

UPSC CSE 2024 कैडर आवंटन: MP को मिले 5 नए IAS अफसर, शक्ति दुबे बनीं AIR 1, जानें पूरी लिस्ट

भोपाल  कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए आवंटन लिस्ट (UPSC CSE IAS Allocation List 2024) जारी कर दी है। 90 से अधिक आईएएस अफसर को अलग-अलग राज्यों के कैडर आवंटित किए गए हैं। 20 को उनके होम स्टेट का कैडर मिला है।  यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2024 में प्रथम स्थान लाने वाली शक्ति दुबे को उत्तर प्रदेश कैडर अलॉट किया गया है, दूसरा  दूसरी रैंक लाने वाली हर्षिता गोयल को गुजरात कैडर दिया गया है, जिनका होम स्टेट हरियाणा है। लिस्ट में आईएएस अधिकारियों की कैटेगरी, होम स्टेट और अलॉट किए गए कैडर की जानकारी दी गई है। बता दें यूपीएससी सीएसई फाइनल रिजल्ट 22 अप्रैल 2024 को जारी किया गया था। तीसरा स्थान डोंगरे अर्चित पराग को कर्नाटक और चौथा स्थान प्राप्त करने वाले मार्गी चिराग गुजरात कैडर दिया गया है। वही पांचवा स्थान प्राप्त करने वाले आकाश गर्ग को AGMUT कैडर मिला है। मध्यप्रदेश में हुई इन आईएएस अफसरों को नियुक्ति  6वां रैंक प्राप्त करने वाली आयुषी बंसल को भी मध्य प्रदेश कैडर दिया गया है। रैंक 18 लाने वाली सौम्या मिश्रा को एमपी  कैडर में भेजा गया है। इसके अलावा श्लोक वैकर और माधव अग्रवाल को भी इसी राज्य का कैडर दिया गया है। यूपी को मिले 20 नए आईएएस अफसर उत्तर प्रदेश को कल 20 नए आईएएस अफसर मिले हैं। सूची में को रैंक 6 प्राप्त करने वाली कोमल पूनिया भी शामिल हैं। इसके अलावा आदित्य विक्रम अग्रवाल, मयंक त्रिपाठी, हेमंत, संस्कृति त्रिवेदी, रिया सायनी, शिवांश सुभाष जगड़े, शिवम सिंह सलोनी, गौतम सिद्धार्थ सिंह, श्वेता और रेखा सियाक का नाम भी शामिल है। पश्चिम बंगाल में 8 आईएएस अलॉट किए गए पश्चिम बंगाल में 8 नए आईएएस अफसर अलॉट किए गए हैं। मुदिता बंसल जिनका होम स्टेट पंजाब है, उन्हें पश्चिम बंगाल  कैडर दिया गया है। वहीं रावुला जयसिंह रेड्डी को बंगाल कैडर दिया गया है, जिनका होम स्टेट तेलंगाना है। रितिका रथ, चौगुले अदिति संजय, अभिषेक चौधरी, मेघना  चक्रवर्ती और सक्षम भाटिया को भी यही कैडर मिला है।

सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए 2059 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक में बुंदेलखंड के विकास पर विशेष फोकस बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सागर जिले के मसवासी ग्रट की स्थापना के प्रस्ताव के तहत उद्योगों को अनेक सुविधाओं को स्वीकृति सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए 2059 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति प्रदेश के 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को 2वर्ष में रोजगार के लिए जापान और जर्मनी भेजने का निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की खजुराहो में हुई बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार संपन्न बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सड़कों के निर्माण सहित नौरादेही अभ्यारण्य में चीता के रहवास के लिए विकास कार्यों को स्वीकृति जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने बुंदेलखंड के विकास पर केंद्रित विकास के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर करतल ध्वनि से स्वागत किया गया। बैठक में छतरपुर और दमोह के मेडिकल कालेजों में पदों की स्वीकृति सहित शासकीय चिकित्सालयों के उन्नयन और नवीन पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सागर के औद्योगिक क्षेत्र 'मसवासी ग्रंट' के लिए एक विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी। स्वीकृति अनुसार भूमि प्रब्याजी और वार्षिक भू-भाटक की दर केवल एक रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त, विकास शुल्क चुकाने के लिए 20 समान वार्षिक किश्तों की सुविधा दी गई है और संधारण शुल्क 8 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक तय किया गया है। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से पांच वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट दी गई है। वित्तीय सहायता पैकेज के तहत वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों पर उद्योग संवर्धन नीति 2025 और निवेश प्रोत्साहन योजना 2025 के नियम लागू होंगे, जबकि एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए एमएसएमई विकास नीति-2025 और एमएसएमई प्रोत्साहन योजना-2025 के प्रावधान प्रभावी होंगे। सीमेंट निर्माण इकाइयों को इस विशेष वित्तीय सहायता पैकेज का लाभ नहीं मिलेगा। यह विशेष पैकेज आगामी पांच वर्षों के लिए प्रभावशील रहेगा। सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर-दमोह मार्ग, लंबाई 76.680 किमी 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण के लिए परियोजना वित्तीय लागत  2,059 करोड़ 85 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार लागत का 40% हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60% राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भू अर्जन एवं अन्य कार्यों के लिए 323 करोड़ 41 लाख रूपये का भुगतान भी राज्य बजट से किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, एक आरओबी, 13 वृहद जंक्शन और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा।  दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए नियमित और आउटसोर्स पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दमोह, छतरपुर और बुधनी के संचालन के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में 330 नियमित पद सृजन और 205 व्यक्तियों को आउटसोर्स पर नियोजित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लखेनीय है कि सितंबर 2022 में कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में पहला और अप्रैल 2025 में गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर में दूसरा चीता रहवास प्रारंभ किया गया है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल 31 चीते हैं। कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में 28 और गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर 02 चीतों का रहवास है। इसके अतिरिक्त जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 चीते कुनो में पहुंचना संभावित है। दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील की झापननाला मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 165 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के तहत तेंदूखेड़ा तहसील के 17 ग्रामों का कुल 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। निर्णय अनुसार नीमच जिले के भादवामाता उप स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जाएगा। शाजापुर के मक्सी स्थित 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में किया जाएगा। इसी प्रकार, उज्जैन के जीवाजीगंज और खंडवा के ओंकारेश्वर स्थित 20 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों का विस्तार कर उन्हें 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त पन्ना के अजयगढ़, खरगौन के महेश्वर, सिंगरौली के देवसर और रीवा के हनुमना स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में अपग्रेड किया जाएगा। बड़े उन्नयन कार्यों में बैतूल के भीमपुर, सिंगरौली के चितरंगी और अनूपपुर के कोतमा स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में बदलना शामिल है। साथ ही, सागर जिले के बीना स्थित 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का उन्नयन कर उसे 100 बिस्तरीय किया जाएगा। इन संस्थाओं के संचालन के लिए मंत्रि-परिषद ने 345 … Read more

तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

देश को विभाजित करने वाले जयचंद व मीरजाफर जैसे पापी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता में मौका मिलने पर सिर्फ परिवार के बारे में ही सोचते हैं देश तोड़क तत्व : सीएम योगी सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन जनरल रावत की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन, प्रदर्शनी का किया अवलोकन पीएम मोदी के पंच प्रण को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाएं नागरिक : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज और देश को विभाजित करने वालों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे लोग जयचंद और मीरजाफर जैसा पाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि की तोड़ने के लिए बहुत से लोग हैं। कोई जाति के नाम पर, कोई क्षेत्र और कोई भाषा के नाम पर बांट रहा है। समाज और देश तोड़क इन तत्वों को जब सत्ता में आने मौका मिलता है तो वे सिर्फ अपने और परिवार के बारे में सोचते हैं। परिवार के लिए प्रॉपर्टी, विदेश में होटल और द्वीप खरीदते हैं। ऐसे लोग देश को दरिद्र करने का षड्यंत्र करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जाति, क्षेत्र आदि के नाम के तात्कालिक लॉलीपॉप से समाज और देश का कल्याण नहीं हो सकता। देश का कल्याण तभी होगा जब भेदभाव नहीं होगा, सबमें एकता होगी।  सीएम योगी मंगलवार को सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने एक हजार से अधिक की क्षमता के ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का भी अनावरण किया और महान सैन्य नायक को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की तरफ से कराई गई है। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को याद किया तथा देश के समसामयिक हालात पर भी चर्चा करते हुए विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिलाए गए पंच प्रणों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत को पंच प्रण के प्रति समर्पित योद्धा बताते हुए कहा कि हम सभी को पंच प्रणों को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाना होगा।  सीएम योगी ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया था कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक हमें कैसा भारत चाहिए, इसके लिए एक कार्ययोजना  बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई सच्चा भारतीय गरीब, असुरक्षित या कमजोर भारत चाहता होगा? इसका जवाब भी उन्होंने खुद दिया और कहा कि एक सच्चा भारतीय मजबूत, विकसित और आत्मनिर्भर भारत ही चाहेगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है तो वह सच्चा भारतीय हो ही नहीं सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अगर विकसित और सुरक्षित बनाना है तो पीएम मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।  विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके प्रगति नहीं कर सकता समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के पहले प्रण ‘विरासत पर गौरव की अनुभूति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों, महापुरुषों को का सम्मान करना होगा। श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति वीर शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई की विरासत और परंपरा पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके समाज प्रगति नहीं कर सकता। इसमें किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए। विदेशी आक्रांता नहीं हो सकता महान सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के दूसरे प्रण ‘गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करना’ का जिक्र करते हुए कहा कि हमें गुलामी की मानसिकता को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। देश में बनी चीज खराब और विदेशी विदेशी ही अच्छा है, इस सोच को तिलांजलि देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने बल पर सबकुछ देश में ही खड़ा करके दिखाएंगे, हमें इस मानसिकता के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़े हैं। पीएम मोदी के दूसरे प्रण को और विस्तार से समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिकंदर को महान क्यों कहें? हमारे लिए महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, जनरल बिपिन रावत और परमवीर चक्र विजेता सैनिक महान हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए विदेशी आक्रांता महान नहीं हो सकता।  सेना के जवानों की वजह से मिलती है चैन की नींद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के तीसरे प्रण ‘सैन्यबलों के प्रति सम्मान भाव’ की चर्चा करते हुए कहा कि हम अपने घरों में चैन से इसलिए सो पाते हैं कि सेना के जवान देश की सीमा पर रखवाली करते हैं। अर्धसैनिक बल पैट्रोलिंग करते हैं और पुलिस के जवान मेहनत करते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि एक व्यक्ति की गलती से पूरी फोर्स खराब नहीं हो जाती। हमें जवानों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना होगा।  हर नागरिक के मन में हो भारतीयता का भाव चौथे प्रण ‘सामाजिक एकता’ के सूत्र को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति तभी होगी, कल्याण तभी होगा जब समरस समाज की स्थापना होगी। हर नागरिक के मन में भारतीयता का भाव होगा। जिसके मन में भारतीयता का भाव नहीं है वह देश का नहीं बल्कि पराया है। सीएम ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के एक वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि सबसे पहले और सबसे अंत में भी मेरी पहचान एक भारतीय की है। वही देश महान जहां नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग पांचवें प्रण ‘नागरिक कर्तव्य’ की विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद अधिकारों के संरक्षण की बात तो खूब हुई लेकिन उसकी तुलना में नागरिक कर्तव्यों की चर्चा नहीं हुई। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों की सजगता को लेकर देश के … Read more

योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर

मिशन शक्ति : उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति को मिली नई उड़ान  योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर  आत्मनिर्भर दीदी बना रहीं समृद्ध उत्तर प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद से ही आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन पर जोर दिया है। नारी को सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति पर सरकार का जोर है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नारी सम्मान का ऐसा मॉडल बना है, जहां सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से महिलाओं को नई दिशा मिल रही है। मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया मॉडल है।  मिशन शक्ति 5.0- उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति का नया दौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश है 'नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है'। 24 दिसंबर तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत हर विभाग प्रतिदिन जागरूकता अभियान चला रहा है। पुलिस चौपालों से लेकर सड़क रैलियों तक 'सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार' का उद्घोष गूंज रहा है।  प्रदेश के 1647 थानों में हेल्प डेस्क सक्रिय, अब हर महिला का सहारा ग्रामीण-शहरी हर क्षेत्र में व्यापक महिला बीट प्रणाली और एंटी रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से हर महिला को अभूतपूर्व सुरक्षा का कवच प्रदान किया जा रहा है। पिंक पेट्रोल 24×7 उपलब्धता के साथ स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तुरंत पहुंच रहा है। तकनीक का व्यापक उपयोग – 1090, साइबर मॉनिटरिंग सेल और डिजिटल ट्रैकिंग ने स्टॉकिंग, फर्जी अकाउंट्स पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। कॉलेजों में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप से छात्राओं को सशक्त बनाया जा रहा है।  सुरक्षा-सम्मान का यूपी मॉडल, नारी उत्थान से समृद्ध प्रदेश महिला अपराधों में त्वरित जांच से हर पीड़िता को पूर्ण न्याय सुनिश्चित, अभूतपूर्व निस्तारण दर के साथ कठोर सजाएं दी जा रही हैं। मिशन शक्ति केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी 3-5 वर्ष तक तैनात रहेंगे। आर्थिक सशक्तिकरण में भी क्रांति आ रही है। ग्राम पंचायतों में बीसी सखी, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन ने बेटियों को नई उड़ान दी है। हर नारी को मिलेगा सम्मान और अपराधियों पर होगी दो-गुनी तेजी से कार्रवाई  मिशन शक्ति के साथ ही उज्ज्वला और स्वामित्व योजना ने घर-घर तक सशक्तिकरण पहुंचाया है। पोषण अभियान, रानी लक्ष्मीबाई कोष ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत किया।  मिशन शक्ति 5.0 सशक्त नारी से समृद्ध प्रदेश का आधार बन गया है।