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मध्यप्रदेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन और ऊर्जा भंडारण समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद पर विचार-मंथन के लिए भोपाल में एकत्र हुईं विद्युत कम्पनियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, पावर कट से पावर सरप्लस स्टेट अर्थात बिजली गुल से बिजली फुल राज्य बना है। हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो अपनी ऊर्जा जरूरत से आगे बढ़कर देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण केवल देश ही नहीं, अपितु समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज मध्यप्रदेश में 32 हजार मेगावाट की ऊर्जा क्षमता है, जिसमें से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। मध्यप्रदेश, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद विषय पर आयोजित ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का होटल मैरिएट में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पुस्तक 'सैलियंट पॉवर स्टैटिस्टिक्स वर्ष 2024-25 से 2025-26' विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनियों के इस साझा मंच से ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों के ठोस समाधान निकलेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न विद्युत कम्पनियों के प्रतिनिधि तथा ऊर्जा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में बिजली अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। राज्य सरकार बिजली की खपत बढ़ाने के साथ-साथ इसके उत्पादन और संधारण पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक के साथ नई इकाईयां प्रारंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में 360 डिग्री बदलाव आया है। जब जी-20 सम्मेलन में ग्रीन-क्लीन एनर्जी का उत्पादन बढ़ाने और उपयोग का मुद्दा उठा, तो भारत ऐसा देश रहा, जिसने 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करके दिखाया है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से ही संभव हो पाया है। अब हम नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ते जा रहे हैं। राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपनी एक अलग विशेषता है। ग्रीन- गो ने नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट क्षमता का प्लांट स्थापित किया है। यह देश का सबसे अनूठा और सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। आमतौर पर इतनी बड़ी परियोजना का काम पूरा होने में 4 से 6 वर्ष लग जाते हैं, लेकिन सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में यह काम केवल दो से ढाई साल में पूर्ण हो रहा है। राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी प्रकार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सौर ऊर्जा की शक्ति से परिचित कराया है। देश में सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण कार्बन उत्सर्जन में 20 करोड़ टन से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। थर्मल पॉवर और अन्य पारंपरिक तरीकों के स्थान पर अब हम विंड, सोलर और पंप स्टोरेज से बिजली बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में अब पानी से और पानी पर भी बिजली बन रही है। सस्ती भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी कार्यशाला ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र अभूतपूर्व बदलाव से गुजर रहा है। हमारी जिम्मेदारी केवल बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करना नहीं, बल्कि उसे विश्वसनीय, टिकाऊ और किफायती बनाना है। भविष्य के लिए हमें सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण का ऐसा संतुलित मिश्रण विकसित करना होगा, जिससे ऊर्जा संक्रमण की लागत न बढ़े और उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार न पड़े। मंत्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में नई संगठनात्मक संरचना और नई भर्तियों को मिली स्वीकृति, निश्चित ही हमारी विद्युत कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस कार्यशाला से ऐसे व्यावहारिक सुझाव निकलेंगे जो हमारी वितरण कंपनियों को अधिक सक्षम, वित्तीय रूप से मजबूत और भविष्य के लिए तैयार कर सकेंगे। कार्यशाला सस्ती और भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार ने कांफ्रेस के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने कॉन्फ्रेंस में पधारने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।  

राज्यमंत्री गौर मार्गों के गड्ढे तत्काल भरने और बंद स्ट्रीट लाइटें चालू करने के दिए निर्देश

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौर ने अवधपुरी में किया सड़कों का निरीक्षण राज्यमंत्री गौर मार्गों के गड्ढे तत्काल भरने और बंद स्ट्रीट लाइटें चालू करने के दिए निर्देश राज्यमंत्री गौर ने कहा अतिक्रमण हटाकर मार्ग चौड़ीकरण एवं संधारण का कार्य रात्रि में कराएँ रहवासी क्षेत्र में संचालित अवैध गोदाम को सील करें भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के अवधपुरी स्थित आदर्श विहार, रीगल टाउन, सरला स्टेट, न्यू फोर्ट कॉलोनी एवं कंचन नगर में सड़कों की स्थिति तथा मूलभूत नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मार्गों की जर्जर स्थिति, स्थान-स्थान पर उभरे गड्ढों एवं खुले सीवेज नेटवर्क को देखकर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कार्यपालक एजेंसियों एवं ठेकेदारों की शिथिलता पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सुधारात्मक कार्यवाही पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतने दिया जाएगा। आगामी पर्वों एवं त्योहारों के दृष्टिगत नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं बाधारहित आवागमन उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों के गड्ढों का भराव कार्य तत्काल एवं पूर्ण मजबूती के साथ कराने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व एवं नगर निगम दल को सीमांकन कर सड़कों पर व्याप्त अतिक्रमण अविलंब हटाने तथा आवश्यकतानुसार मार्ग चौड़ीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि दिन के समय आमजन की आवाजाही एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सड़कों के निर्माण एवं संधारण कार्य मुख्य रूप से रात्रिकालीन समय में निष्पादित किए जाएं। क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के संबंध में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बंद पड़ी समस्त स्ट्रीट लाइटों को आगामी 10 दिवस की निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने रहवासी क्षेत्र में नियमों के विपरीत संचालित गोदाम को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर सीलिंग की कठोर कार्यवाही करने के भी आदेश दिए। रहवासियों से संवाद करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि मानसून पश्चात क्षतिग्रस्त मार्गों के स्थाई एवं गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर पालिक निगम भोपाल तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।  

नवा रायपुर में मंत्री राजेश अग्रवाल का जनदर्शन, दूर-दराज से पहुंचे नागरिकों से किया संवाद

जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन, दूर-दराज से पहुंचे नागरिकों से आत्मीय संवाद कर सुनीं समस्याएं और मांगें अधिकारियों को प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने दिए निर्देश रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों एवं आगंतुकों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने आमजन से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी मांगों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी ली। जनदर्शन में दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से मंत्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री अग्रवाल ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का निराकरण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के साथ ही प्रकरणों पर समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित करें। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। आमजन से निरंतर संवाद के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए प्रभावी निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनदर्शन के माध्यम से नागरिकों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिल रहा है और प्राप्त प्रकरणों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जनदर्शन के दौरान नागरिकों ने अपनी समस्याओं के साथ विभिन्न सुझाव भी साझा किए। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आमजन के सुझाव शासन की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।

भटगांव के 7 धान उपार्जन केंद्र होंगे सुविधा-संपन्न, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से भटगांव विधानसभा के 7 धान उपार्जन केंद्र होंगे सुविधा-संपन्न 69.58 लाख रुपए से पक्के फड़ एवं समतलीकरण कार्य को मिली स्वीकृति, किसानों को मिलेगी बेहतर उपार्जन सुविधा रायपुर  किसानों को धान उपार्जन के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भटगांव विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र के 7 धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण कार्य के लिए 69.58 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इससे इन केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और किसानों को धान बेचने के दौरान अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर विकासखंड के टमकी, सिरसी, करोटी बी, खोपो, बतरा, सांवारांवां एवं कुर्रीडीह स्थित धान उपार्जन केंद्र शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र में 9.94 लाख रुपए की लागत से पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण का कार्य किया जाएगा। धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ और समतलीकरण होने से उपार्जन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। इससे धान की आवक, खरीदी और रख-रखाव के दौरान होने वाली व्यावहारिक परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को गति देने के क्रम में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा भटगांव विधानसभा क्षेत्र में किसानों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के प्रयासों का यह एक और परिणाम है। इससे धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों को सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

दिल्ली-पटना हवाई यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 7 दिन तक कैंसिल रहेंगी ये फ्लाइट्स

 पटना  दिल्ली और पटना के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी दिल्ली-पटना-दिल्ली उड़ान संख्या IX1346 और IX1348 को 24 से 30 सितंबर 2026 तक रद कर दिया है। एयरलाइन की ओर से इसे परिचालन संबंधी कारणों से रद किए जाने की जानकारी दी गई है। इन उड़ानों के रद रहने से इस अवधि में दिल्ली से पटना और पटना से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों का सहारा लेना पड़ेगा। उड़ान की स्‍थ‍ित‍ि की जानकारी लेकर ही निकलें अचानक उड़ान रद होने से यात्रियों को टिकट बदलने या दूसरी उड़ान में यात्रा की व्यवस्था करने में परेशानी हो सकती है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से यात्रियों को उड़ान की स्थिति की जानकारी लेकर ही एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है। जिन यात्रियों ने 24 से 30 सितंबर के बीच इन उड़ानों में टिकट बुक कराया है, उन्हें एयरलाइन से संपर्क कर आगे की यात्रा के विकल्प की जानकारी लेनी होगी।  

75 आश्रमों में हर सप्ताह स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क दवाएं; पेयजल, टीवी, पुस्तकालय और योग-ध्यान की भी सुविधा

लखनऊ  वृद्धावस्था में बुजुर्गों को सुरक्षित आश्रय के साथ स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन मिले, इसके लिए योगी सरकार की ओर से वृद्धाश्रमों में सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्रदेश के सभी 75 वृद्धाश्रमों में नियमित साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में चिकित्सकों की टीम आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों की बीपी, शुगर, नेत्र और सामान्य स्वास्थ्य की जांच करती है। जरूरत के अनुसार उन्हें आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। हर सप्ताह डॉक्टरों की टीम, स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों की टीम आश्रमों में पहुंचकर संवासियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का परीक्षण करती है। बीपी, शुगर और नेत्र जांच के साथ सामान्य स्वास्थ्य की भी जांच की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर जरूरी दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना है। पेयजल से पुस्तकालय तक, दैनिक जीवन की सुविधाओं पर जोर समाज कल्याण विभाग की ओर से बुजुर्गों के दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ उनके मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। वृद्धाश्रमों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ मनोरंजन के लिए टीवी और पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बुजुर्गों को सक्रिय और सकारात्मक दिनचर्या से जोड़ने के लिए योग और ध्यान के सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से आश्रमों के बुनियादी ढांचे और दैनिक जीवन स्तर में सुधार की भी निरंतर निगरानी की जा रही है। आश्रय के साथ पेंशन और आयुष्मान का भी सहारा समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि वृद्धाश्रमों में सुविधाओं के विस्तार के साथ बुजुर्गों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने पर भी सरकार का जोर है। प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में वर्तमान में 6,607 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें 4,901 पात्र वृद्धजनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है, जबकि 2,551 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 1,073 नए बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है।

25 किलो अनाज का लालच देकर खुलवाए 65 खाते, बाद में पहुंची संदिग्ध रकम

पटना  बाढ़ में सामने आए साइबर फ्रॉड के इस मामले में ‘मनी म्यूल अकाउंट’ के इस्तेमाल की आशंका ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 में एक महिला ने अनाज देने का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए और बाद में उन खातों से जुड़ा सिम, पासबुक और एटीएम अपने पास रख लिया। साइबर अपराध की भाषा में ‘मनी म्यूल’ ऐसे बैंक खाते या खाताधारक को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति की संदिग्ध या अवैध रकम प्राप्त करने, निकालने अथवा आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। कई मामलों में खाताधारक को यह जानकारी नहीं होती कि उसका खाता साइबर अपराध की रकम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन बैंक रिकॉर्ड में खाता उसके नाम पर होने के कारण जांच की शुरुआती कड़ी उसी तक पहुंचती है। 25 किलो अनाज मिलने का लालच कोंदी पंचायत के सरपंच रूपेश कुमार के अनुसार, वर्ष 2024 में सीता देवी नाम की एक महिला ग्रामीणों के संपर्क में आई थी। आरोप है कि उसने हर महीने 25 किलो अनाज मिलने का लालच देकर लोगों के बैंक खाते खुलवाए। बताया गया कि करीब 65 लोगों के आधार कार्ड के माध्यम से नए सिम लिए गए और उन्हीं नंबरों से सेंट्रल बैंक तथा केनरा बैंक में सीएसपी के जरिए खाते खुलवाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खाते खुलने के बाद नए सिम, पासबुक और एटीएम भी महिला ने अपने पास रख लिए। शुरुआत में कुछ लोगों को अनाज दिया गया, जिससे ग्रामीणों का विश्वास कायम हुआ। बाद में अनाज मिलना बंद हो गया और खाताधारकों को अपने खातों में होने वाले लेन-देन की जानकारी भी नहीं रही। मध्य प्रदेश और हैदराबाद से संदिग्ध पैसे आए मामले में हड़कंप तब मचा, जब कुछ खातों में मध्य प्रदेश और हैदराबाद से संदिग्ध रकम आने की जानकारी सामने आई और पुलिस संबंधित खाताधारकों के घर पहुंची। खाताधारकों का कहना है कि उन्हें इन पैसों के स्रोत की जानकारी नहीं थी। इसके बाद बड़ी संख्या में महिला और पुरुष खाताधारक बैंक पहुंच गए और अपने खाते बंद कराने की मांग करने लगे। इस पूरे मामले में मनी म्यूल का एंगल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि साइबर अपराध में सीधे अपराधी के खाते के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल रकम प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। इसके बाद रकम को नकद निकालने या दूसरे खातों में भेजने की प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि खाताधारक को इस गतिविधि की जानकारी नहीं है, तब भी जांच में उसके बैंक खाते का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण कड़ी बन जाता है। पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच बैंक प्रबंधन का कहना है कि कोई भी ग्राहक निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैंक में खाता खुलवा सकता है, लेकिन खाता खुलने के बाद उसे किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए सौंपना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। बैंक का कहना है कि ऐसे मामलों में साइबर फ्रॉड की रकम खाते में आने पर पुलिस सबसे पहले खाताधारक से ही पूछताछ कर सकती है। इस मामले में फिलहाल पुलिस के पास आवेदन दिए जाने की जानकारी नहीं है। फिलहाल, जांच का सबसे अहम बिंदु यही होगा कि 65 खातों में रकम भेजने वाले कौन थे, रकम किसने निकाली और इन खातों के पीछे वास्तविक ऑपरेटर कौन था। यदि इन कड़ियों के बीच आपराधिक नेटवर्क स्थापित होता है, तो मनी म्यूल के जरिए बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क तक पहुंचने की संभावना की भी जांच की जा सकती है।

संत गहिरा गुरु विवि को मिले 5 राज्य स्तरीय NSS पुरस्कार

संत गहिरा गुरु विवि को मिले 5 राज्य स्तरीय NSS पुरस्कार  सरगुजा संभाग ने लहराया सफलता का परचम ​ रायपुर        राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा ने संपूर्ण प्रदेश में अपना परचम लहराया है। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी वर्ष 2025-26 की राज्य स्तरीय एनएसएस पुरस्कार चयन सूची में विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी संस्थाओं तथा स्वयंसेवकों ने कुल पांच पुरस्कार अपने नाम किए हैं। इस शानदार उपलब्धि में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय स्तर की श्रेणी में पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर सरगुजा संभाग का गौरव बढ़ाया है।       ​संस्थागत श्रेणी में सरगुजा जिले के सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, अम्बिकापुर को राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं महाविद्यालयीन स्वयंसेवक श्रेणी में राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर के शिवम शर्मा और शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर नगर की कु. नेहा यादव ने बाजी मारी है। इसके अलावा विद्यालय स्तर की स्वयंसेवक श्रेणी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अधिना (सूरजपुर) की कु. मीना राजवाड़े का चयन हुआ है।        ​राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस के अवसर पर 24 सितम्बर को रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा, जहाँ इन सभी उत्कृष्ट संस्थाओं और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के अंतर्गत सरगुजा संभाग के छह जिलों में 158 इकाइयां संचालित हैं, जो जमीनी स्तर पर समाजसेवा और सामुदायिक विकास के कार्यों में जुटी हुई हैं।     ​विश्वविद्यालय की इस ऐतिहासिक सफलता पर कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले ने सभी विजेताओं, प्राचार्यों और कार्यक्रम अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का समर्पण ही राष्ट्र निर्माण की असली नींव है और यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन व निष्ठा का ही परिणाम है।

यूपी में शिक्षकों की नियुक्ति पर CM योगी का सख्त संदेश, बोले- लेनदेन करने वालों पर होगी कार्रवाई

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को मंगलवार को नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर उन्होंने दो टूक कहा कि यदि नियुक्ति पत्र पाने वालों से किसी ने पैसे मांगे तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। सीएम ने कहा कि किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन के सामने अपनी बात रखे, लेकिन नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी ने लेनदेन की बात की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि आज 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और पिछले एक सप्ताह में वह 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे। सीएम योगी ने पूर्ववती सपा सरकार पर सियासी वार करते हुए कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है। पहले युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। लेकिन, अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। सीएम योगी का आरोप, 2015-16 में घूसखोरी का शिकार बने युवा सीएम योगी ने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक की आंखों में आंसू भरे थे और उसने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने के अंदर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। जब लोग परिणाम पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि परिणाम यह है कि जो उत्तर प्रदेश नौ वर्ष पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। यही युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा है। एक शिक्षक 100 छात्रों से संवाद करे सीएम योगी ने कहा कि यदि एक शिक्षक प्रतिवर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरेक्शन करता है तो 3,567 शिक्षक एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों के साथ संवाद और उनका मार्गदर्शन करेंगे। बच्चों को गाइड करना, उनका मार्गदर्शन करना ही नए भारत की आधारशिला है। भारत तब विश्वगुरु था, जब वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय भारत की धरोहर रहे हैं। यह धरोहर पहले से मौजूद है, केवल उसे पहचानने और जानने की आवश्यकता है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर गति कैसे होनी चाहिए, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेगा। सरकार उद्योग लगाने का माहौल दे सकती है और उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन वह उद्योग इनोवेशन और रोजगार का आधार बनेगा या नहीं, यह प्रशिक्षित छात्र तय करेंगे। सरकार लैब बना सकती है, लेकिन वह लैब बेहतरीन शोध का आधार बने और छात्र उसके योग्य बनें, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना पूरी होगी।

Lado Lakshmi Yojana 2: जींद में 72,332 महिलाएं पात्र, जानें कौन कर सकता है आवेदन और जरूरी दस्तावेज

 जींद  दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना-2 के तहत जिले में 72 हजार 332 महिलाएं पात्र हैं। जिनमें से 2,767 पात्र महिलाओं ने लाडो लक्ष्मी योजना-2 के तहत पंजीकरण करवाया है। मंगलवार को एडीसी प्रदीप कुमार ने प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए कहा कि पात्र महिलाएं हरियाणा सरकार द्वारा संचालित इस योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवाएं। योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक जागरूकता व पंजीकरण संबंधी गतिविधियां निरंतर की जा रही हैं। जिले में में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत फिलहाल 61 हजार 350 महिलाएं लाभ प्राप्त कर रही हैं। सरकार द्वारा पात्र महिलाओं को योजना के दूसरे चरण जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। योजना-2 के तहत पात्र लाभार्थियों को सरकार द्वारा निर्धारित नियम एवं पात्रता के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पात्र महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाएं और पंजीकरण प्रक्रिया के संबंध में उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करें। ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय स्तर पर पात्र लाभार्थियों की पहचान करने के साथ-साथ उन्हें योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। पात्र महिलाएं योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर समय पर अपना पंजीकरण करवाएं और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना-2 के लिए पात्र महिलाएं 1. महिला की उम्र 23 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। 2. एक लाख 80 हजार प्रति वर्ष तक की आय वाले परिवार की महिलाएं। 3. कम से कम 15 वर्ष से हरियाणा निवासी होनी चाहिए। 4. यदि कोई महिला पहले से निम्नलिखित सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त कर रही हैं, तो वह महिला इनके साथ दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पात्र हैं। (क) तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कैंसर पीड़ित महिला (ख) दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित महिला (ग) हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया व अन्य कोई योजना जो हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित की गई हो। 5. महिला जो ऐसे परिवार से संबंधित है जिसकी सत्यापित वार्षिक आय एफआइडीआर के अनुसार प्रति वर्ष तीन लाख रुपये तक है और जिनके बच्चे राज्य सरकार के स्कूलों में पढ़ते हैं और उन्होंने हरियाणा बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन (बीएसईएच) या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में कक्षा 10 या कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करके शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। जिनके बच्चे, राज्य सरकार के स्कूलों में पढ़ते हुए, ग्रेड 1, 2, 3 और 4 में पढ़ने और समझने व संख्या जानने की राष्ट्रीय पहल (निपुण भारत मिशन) के तहत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार ग्रेड स्तर की योग्यता हासिल कर चुके हैं। या जिन्होंने अपने बच्चों को गंभीर तीव्र कुपोषण या मध्यम तीव्र कुपोषण से सफलतापूर्वक बाहर निकाला है, जैसा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सत्यापित किया गया है। जरूरी दस्तावेज 1. हरियाणा का स्थायी निवासी प्रमाण पत्र। 2. मोबाइल नंबर, जोकि आधार से लिंक हो। 3. परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड। 4. अगर महिला विवाहित है, तो ससुराल के सभी सदस्यों के आधार कार्ड 5. बिजली बिल का कनेक्शन नंबर 6. हरियाणा कौशल वितरण रोजगार निगम, अगर कोई निगम में सेवा में है। 7. परिवार के सभी सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड वाहनों का विवरण 8. महिला के नाम पर रजिस्टर्ड बैंक खाता विवरण। 9. आवेदक का पैन कार्ड