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श्री रामकथा पोस्टर-कैलेंडर लॉन्च: मुख्यमंत्री साय ने दी शुभकामनाएं

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्यारे राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने आगामी श्री रामकथा कार्यक्रम हेतु तैयार किए गए पोस्टर एवं कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि श्री रामकथा का आयोजन 28 दिसंबर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक दुर्ग जिले के जामुल नगर में किया जाएगा।  प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को इस पावन आयोजन में सादर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए प्यारे राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया एवं आयोजन की सफलता हेतु शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मंच के संरक्षक दिलेश्वर उमरे, संयोजक ईश्वर उपाध्याय, तथा जागेश्वर मल सोनी, उमेश निर्मलकर, नेत राम साहू, जितेंद्र साहू, इंद्रजीत उपाध्याय,  वैभव उपाध्याय सहित मंच के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

सीएम की घोषणा: होम गार्ड जवानों को मिलेगा स्थायी आवास, स्थापना दिवस पर परेड की सलामी ली

भोपाल  मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस इस बार राज्य स्तरीय आयोजन के रूप में मनाया गया। भोपाल स्थित होम गार्ड मुख्यालय में हुए समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। यहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और बल की भूमिका को राज्य के लिए अनमोल बताया। पूरी टुकड़ी का किया निरक्षण मुख्यमंत्री परेड निरीक्षण वाहन से ग्राउंड पर पहुंचे और पूरी टुकड़ी का निरीक्षण किया। इसके बाद होम गार्ड्स की टीम ने उन्हें सलामी देकर सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड ऐसा अनुशासित समूह है जो हर चुनौती और हर स्थिति में सबसे आगे खड़ा मिलता है। उन्होंने जवानों के साहस को राज्य की ताकत बताते हुए कहा कि यह बल हमेशा अपने कर्तव्यों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभाता है। मुख्यमंत्री ने होम गार्ड परेड निरीक्षण वाहन से परेड का निरीक्षण किया, जिसके बाद होम गार्ड परेड टीम ने उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाेम गार्डस के लिए स्थायी आवास देने की घोषणा की। इसके अलावा, अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार देने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि होम गार्ड एक ऐसा अनुशासित समूह है जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करता है। उन्होंने कहा कि “हर प्रस्तुति में, हर चुनौती में, सबसे आगे खड़े रहने वाला यह होम गार्ड का समूह है”। होमगार्ड के लिए की कई अहम घोषणाएं  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड के जवानों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए 5 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। बेगा, सहरिया और भारिया समुदायों की बटालियन बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 10 टीमों को अदम्य साहस पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रत्येक टीम को 51-51 हजार रुपये की राशि दी जाएगी और यह पुरस्कार हर साल प्रदान किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने की घोषणा की ताकि होमगार्ड के परिवारों को अधिक सहायता मिल सके। हर देवालय में होमगार्ड सुरक्षा प्रदान करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। होमगार्ड के जवानों के लिए स्थायी आवास बनाने की योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड के दो महीने के सेवा बाध्यकाल को समाप्त करने की भी घोषणा की। अदम्य साहस पुरस्कार और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस के अवसर पर अदम्य साहस सम्मान देने की घोषणा की और विभिन्न जिलों से आए उन अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हर साल इस पुरस्कार को नियमित रूप से दिया जाएगा ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों का उत्साह बढ़े। रेस्क्यू टीमों को प्रोत्साहन राशि मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में NDRF के गठन के बाद से रेस्क्यू बलों ने हमेशा उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसका बड़ा उपयोग आगामी सिंहस्थ (Simhastha) में होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल होम गार्ड जवानों ने 5 हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई, इसलिए उनकी भूमिका जलदूतों के समान मानी जाती है। स्थायी आवास निर्माण का सीधा आदेश समारोह की सबसे अहम घोषणा होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण से जुड़ी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जवान को सुरक्षित और स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में तुरंत काम शुरू करेगी। उन्होंने दो महीने के सेवा बाध्यकाल की अनिवार्यता समाप्त करने की भी घोषणा की। नई भर्ती का ऐलान मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए 5 हजार नए होम गार्ड भर्ती किए जाएंगे। इसके साथ ही बेगा, सहरिया और भारिया समुदाय के लिए विशेष बटालियन बनाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने और प्रदेश के हर देवालय में होम गार्ड जवानों के लिए प्रार्थना आयोजित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड पुलिस से न कम है और न अलग। जहां जरूरत पड़ती है, वहां यह बल तुरंत मौजूद होकर जिम्मेदारी निभाता है। 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में NDRF का गठन हुआ था और तब से इस बल ने उत्कृष्ट तरीके से अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने जानकारी दी कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आगामी उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। आवास सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल, MP में फंसे यात्री: शादी के लिए ट्रेन पकड़ी, री-शेड्यूलिंग के कोई आसार नहीं अगले 3 दिन

भोपाल / इंदौर   देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लगातार बिगड़ते संचालन से मध्यप्रदेश के एयरपोर्ट पर हालात संभल नहीं रहे। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में कुल मिलाकर 65 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। पिछले चार दिनों में कंपनी देशभर में 1700 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर दिखाई दे रहा है। कई यात्रियों ने रातें एयरपोर्ट पर बिताईं, जबकि दूसरी एयरलाइन्स ने किराया तीन से चार गुना बढ़ा दिया। बता दें, आज (6 दिसंबर) भी पूणे से भोपाल और इंदौर से पूणे की फ्लाइट कैंसिल की गई है। इसमें फ्लाइट संख्या 6E-147 (इंदौर से पूणे) रात 11.05 बजे और फ्लाइट संख्या 6E-258 (पूणे से भोपाल) सुबह 01.40 बजे शामिल है। दिल्ली में रोका, भोपाल में फंसी दुल्हन शुक्रवार को भोपाल से 18 फ्लाइट कैंसिल हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली जाने वाली डॉ. गुंजन भी उन्हीं यात्रियों में शामिल थीं, जिनकी इंडिगो फ्लाइट कैंसिल हो गई। शनिवार को दिल्ली में उनका रौका समारोह था, दूल्हा वहां इंतजार कर रहा था। जबकि दुल्हन भोपाल एयरपोर्ट पर दूसरे साधन की तलाश में भटक रही थीं।     हनीमून जाने के लिए करनी पड़ी ट्रेन     भोपाल के ही विवेक और साक्षी मिश्रा हनीमून के लिए ऊटी जा रहे थे। भोपाल से मुंबई और वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद दोनों ने ट्रेन से सफर करने का फैसला किया। वे एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से रवाना हुए।     क्रू संकट के चलते यात्रियों को अंतिम समय में यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ रही हैं और एयरलाइंस की ओर से स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। इंदौर में सबसे ज्यादा असर, किराए आसमान पर इंदौर एयरपोर्ट इंडिगो संकट का सबसे बड़ा शिकार बन गया। यहां उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की लंबी कतारें और अफरा-तफरी देखी गई। बच्चों और बुजुर्गों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दूसरी एयरलाइन्स ने मौके का फायदा उठाते हुए किराए तीन से चार गुना बढ़ा दिए। कई यात्रियों ने कहा कि एयरलाइन कोई ओनरशिप नहीं ले रही, सिर्फ इतना बताया जा रहा है कि फ्लाइट्स कैंसिल है और रिफंड ले लो। जबलपुर में अचानक 10 उड़ानें रद्द जबलपुर में भी हालात बिगड़े। यहां से आने-जाने वाली करीब 10 फ्लाइट्स अचानक रद्द कर दी गईं। लगभग 900 से 1000 यात्री पहले से टिकट बुक करा चुके थे। कई लोगों को फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना मैसेज में मिली, जबकि कई यात्रियों को किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। डुमना एयरपोर्ट पर यात्रियों ने नाराजगी जताई और एयरलाइन पर मनमानी का आरोप लगाया। केवल इंदौर के लिए फ्लाइट्ससंचालित रहीं। इंडिगो की सर्विस से यात्री के खासे नाराज इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रभावित लोग मानते हैं कि सूचना प्रणाली कमजोर है और ग्राउंड स्टाफ कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा। कई यात्रियों का कहना था कि वे रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे, लेकिन एयरलाइन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। DGCA के नए नियमों ने बढ़ाया दबाव इस संकट के पीछे DGCA के नए सुरक्षा नियमन हैं, जिनका सीधा असर crew availability पर पड़ा है।     मुख्य बदलावों में शामिल हैं,     क्रू मेंबर्स को लगातार 7 दिन काम करने के बाद 48 घंटे का अनिवार्य आराम देना।     पायलट पहले 6 नाइट लैंडिंगकरते थे, अब केवल दो की अनुमति है।     किसी भी क्रू मेंबर को एक सप्ताह में दो से अधिक नाइट ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती।     प्री और पोस्ट फ्लाइट ड्यूटी में एक घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता। इन बदलावों के कारण इंडिगो के पास पर्याप्त क्रू नहीं बच पा रहा और बड़ी संख्या में फ्लाइट समय पर संचालित नहीं हो पा रहीं। भोपाल में हज यात्रियों का ग्रुप भी फंसा भोपाल एयरपोर्ट पर शुक्रवार को 18 फ्लाइट्स रद्द होने से यात्रियों का धैर्य टूट गया। कई लोग दो दिन से अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उस हज ग्रुप को हुई, जिसके 41 यात्रियों को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। होटल और ट्रांसपोर्ट पहले से बुक थे, इसलिए हर यात्री का प्रतिदिन 5 से 6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। कई लोगों का 6 हजार रुपए का टिकट बढ़कर 30 से 35 हजार तक पहुंच गया और फिर भी यह भरोसा नहीं कि नई टिकट से यात्रा हो ही जाएगी। पहले जानिए क्यों बनी ऐसी स्थिति दरअसल, इंडिगो एयरलाइन क्रू मेंबर्स की कमी से जूझ रही है। इसके कारण इंदौर, भोपाल, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट पर 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गईं। यात्री 24-24 घंटे से फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि 1 नवंबर से DGCA ने पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए थे। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया। पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ था। वहीं, 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू हुआ। नए नियमों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने पर जोर दिया गया है। इस कारण एयरलाइन कंपनियों के पास पायलटों और क्रू मेंबर्स की अचानक कमी पड़ गई है। यात्रियों को 4-5 गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है, फिर भी यह भरोसा नहीं कि नई टिकट से सफर हो ही जाएगा। भोपाल एयरपोर्ट पर हज ग्रुप के 41 यात्रियों को रोक दिया गया, होटल और ट्रांसपोर्ट पहले से बुक, रोज प्रति यात्री 5–6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। किसी का टिकट 6 हजार से बढ़कर 35 हजार तक पहुंच गया, किसी को रातभर एयरपोर्ट पर रुकना पड़ा…यात्रियों का आरोप है कि “एयरलाइन कोई ओनरशिप नहीं ले रही, बस कहती है फ्लाइट कैंसिल है, रिफंड ले लो। हज यात्री बोले- सारी बुकिंग कन्फर्म, नुकसान हमारा अयाज हसन, अल-बिलाल टूर्स एंड ट्रैवल्स ऑपरेट करते हैं। वह भोपाल एयरपोर्ट पर बेहद परेशान नजर आए। उनके मुताबिक, 6 दिसंबर को उन्हें अपने 41 यात्रियों के साथ अहमदाबाद पहुंचना था, जहां से … Read more

तेजप्रताप यादव के निजी आवास पर बिजली का 3.56 लाख का बकाया, लालू के बेटे ने तीन साल से नहीं चुकाया बिल

पटना  बिहार में जहां हर घर में स्मार्ट मीटर लगाकर प्रीपेड बिलिंग सिस्टम लागू किया जा चुका है, वहीं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के निजी आवास का बिजली कनेक्शन अब भी पोस्टपेड है. हैरत की बात यह है कि पिछले तीन वर्षों से बिजली बिल जमा न होने के बावजूद उनका कनेक्शन काटा नहीं गया है. बेउर स्थित उनके निजी घर पर 3 लाख 56 हजार रुपये से अधिक का बकाया हो चुका है. 3 साल से बिल नहीं जमा, फिर भी कनेक्शन चालू तेजप्रताप नगर में स्थित उनके घर के कंज्यूमर अकाउंट नंबर 101232456 पर आखिरी बार जुलाई 2022 में बिल जमा किया गया था. उस समय उन्होंने 1,04,799 रुपये का भुगतान किया था. इसके बाद नवंबर 2025 तक एक भी बिल जमा नहीं हुआ. इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड के अनुसार उनके नाम दर्ज इस कनेक्शन पर-      ऊर्जा बकाया: 2,30,160.54     विलंब शुल्क: 23,681.59     अन्य शुल्क: 71,142.15     कुल बकाया: 3,24,974.28     नवंबर 2025 का बिल जोड़ने के बाद बकाया 3,56,135 तक पहुंच गया है. नियमों के अनुसार 25 हजार रुपए से अधिक बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है, लेकिन तेज प्रताप यादव के मामले में यह कार्रवाई अब तक नहीं हुई. स्मार्ट मीटर वाला राज्य, लेकिन ‘पोस्टपेड’ कनेक्शन कैसे एक्टिव? सरकार ने पूरे राज्य में स्मार्ट मीटर अभियान शुरू कर यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी उपभोक्ता पर बिल का भारी बकाया न हो. रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कट जाती है. लेकिन तेज प्रताप यादव के निजी कनेक्शन में यह व्यवस्था लागू नहीं की गई है. हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि विभाग किसी जनप्रतिनिधि को कोई विशेष छूट नहीं देता और उनके लिए सिर्फ “कंज्यूमर आईडी” ही मायने रखती है. 2012 में लगा था कनेक्शन, घर में आना-जाना जारी तेज प्रताप यादव के नाम से इस मकान में तीन फेज का अर्बन कनेक्शन 7 जुलाई 2012 को लगाया गया था. बताया जाता है कि उनका इस घर में आना-जाना लगा रहता है, जबकि वे फिलहाल सरकारी आवास में रहते हैं. बकाया वसूली के लिए शुरू हुई सख्त कार्रवाई साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सभी इंजीनियरों को लेटर भेजकर पुराने बकाए की वसूली तेज करने का निर्देश दिया है. 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के बाद उपभोक्ताओं में पुराने बिल की वसूली में गिरावट आई है, जिस कारण विभाग पर राजस्व संकट बढ़ गया है. इसी के मद्देनजर कंपनी ने मार्च 2026 तक हर शाखा में तीन-तीन कर्मियों को दैनिक पारिश्रमिक पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है. यह टीम ई-वॉलेट के जरिए रोजाना 30 बड़े बकाएदारों तक पहुंचकर वसूली करेगी. 

प्रयागराज में डिजिटाइजेशन की सफलता, 16 कदम दूर शत-प्रतिशत लक्ष्य

प्रयागराज मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में शुरुआती चुनौतियों को पारकर अब जिला काफी आगे बढ़ चुका है। अगर शहरी मतदाताओं ने सहयोग दिया होता तो स्थिति और बेहतर हो चुकी होती। शुक्रवार तक जिले में 84 फीसदी डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो गया। यानी शत प्रतिशत काम होने से महज 16 कदम दूरी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को संगम सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान मतदाताओं से तत्काल प्रपत्र जमा करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि देरी करना उचित नहीं है। क्योंकि मैपिंग में भी वक्त लग रहा है। जिले की 12 विधानसभा क्षेत्रों की बात की जाए तो कोरांव में शुक्रवार तक 98 फीसदी तक डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। वहीं बारा 95 फीसदी के साथ दूसरे और सोरांव 92 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है। अच्छी खबर यह है कि मतदान में सबसे पीछे रहने वाले इलाहाबाद उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने एसआईआर प्रक्रिया में अपनी रुचि दिखाई है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र में भी इस वक्त 80 फीसदी के आसपास डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। हालांकि अब महज छह दिन बचे हैं। डीएम ने बताया कि जिले के 469280 मतदाताओं में अब तक लगभग 40 लाख प्रपत्रों को डिजिटाइज करने का काम पूरा हो चुका है।

एक-दो महीने के अंदर ही चतुर्थ श्रेणी, संविदा, सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय देने की गारंटी उपलब्ध कराएगी सरकारः मुख्यमंत्री

बाबा साहेब की मूर्ति के किनारे बनाए जाएंगे बाउंड्रीवाल व लगाए जाएंगे छत्रः सीएम योगी  एक-दो महीने के अंदर ही चतुर्थ श्रेणी, संविदा, सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय देने की गारंटी उपलब्ध कराएगी सरकारः मुख्यमंत्री भारत का अहित कर रहे तुष्टिकरण की नीति पर चलने वाले दलः सीएम योगी आदित्यनाथ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खास बातें        • हर गरीब-वंचित, जरूरतमंद को मिल रहा मकान और 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर”     • डबल इंजन सरकार करेगी सुनिश्चित, अभाव में न रहे कोई भी परिवार”     • बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर की शिक्षाओं से प्रेरित होकर किया जा रहा विकास योजनाओं का विस्तार       • धरातल पर मिल रहा छात्रवृत्ति, आवास, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ      • दलित, वंचित, पिछड़े समेत समाज के हर तबके तक सुविधाएं पहुंचा रही डबल इंजन सरकार     • “जीरो पॉवर्टी मिशन को मिल रही गति: कोई भी परिवार लाभ से वंचित नहीं रहेगा” लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर शनिवार को बड़ी घोषणा की। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि प्रायः कुछ शरारती तत्व मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास करते हैं, इसलिए उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है कि जहां भी बाबा साहेब की मूर्तियां लगी हैं, वहां बाउंड्रीवाल बनाकर उन मूर्तियों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही मूर्तियों पर छत्र भी लगाया जाएगा, जिससे बाबा साहेब की मूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।  एक-दो महीने के अंदर ही चतुर्थ श्रेणी, संविदा, सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय देने की गारंटी उपलब्ध कराएगी सरकार सीएम योगी ने डॉ. निर्मल के उस वक्तव्य का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी, संविदा, सफाई कर्मचारियों को उचित मानदेय मिले। सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने कॉरपोरेशन का गठन किया है। अगले एक-दो महीने के अंदर ही सरकार चतुर्थ श्रेणी, संविदा, सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय देने की गारंटी उपलब्ध कराएगी। जीरो पॉवर्टी अभियान भी उसी का हिस्सा है। अभी भी जो वंचित हैं और सुविधा का लाभ नहीं पा सके, उनके लिए कार्य हो रहे हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति, अतिपिछड़ी के गरीबों को चिह्नित करने का कार्य लगभग फाइनल हो गया है। किसी के राशन, पेंशन कार्ड बन रहे तो किसी को अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जिसके पास आवास, आयुष्मान कार्ड नहीं होगा, उन्हें आवास व पांच लाख रुपये के आयुष्मान की सुविधा भी दिलाएंगे। कोई भी गरीब-वंचित अभावग्रस्त नहीं रहेगा। डबल इंजन सरकार उसे सभी सुविधाओं से संपन्न कराने का कार्य कर रही है।  भारत का अहित कर रहे तुष्टिकरण की नीति पर चलने वाले दल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें संविधान और बाबा साहेब पर गौरव की अनुभूति होती है। सीएम ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने उस समय भी खतरों से जागरूक किया था। कांग्रेस के बड़े नेता का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 1923 में वंदे मातरम गाने से इंकार कर दिया था। जब उनका अंतिम समय आया तो उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि येरूशलम में मरूं। तब बाबा साहेब ने टिप्पणी की थी कि जो व्यक्ति भारत में पैदा होकर यहां की सुविधा का उपभोग करके भी भारत की धरती को पवित्र न मानता हो, उसका वक्तव्य कभी भी भारतवासियों के हित में नहीं हो सकता। सीएम ने कहा कि तुष्टिकरण की नीति पर चलने वाले दल न केवल भारत का अहित कर रहे हैं, बल्कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का भी अपमान कर रहे हैं और देशवासियों को उनकी सुविधाओं से वंचित करने की कुत्सित चेष्टा भी कर रहे हैं।  बाबा साहेब ने वंचितों, दलितों व अतिपिछड़ों को सम्मानजनक जीवन देने का अवसर उपलब्ध कराया  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन सभी के लिए प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब ने जमीन से आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए परिश्रम किया। वे चुनौतियों से जूझे, कठिनाइयों का सामना किया और सामाजिक भेदभाव के रुढ़िगत विषमताओं से जकड़े समाज से उबरकर कोटि-कोटि वंचितों, दलितों, अतिपिछड़ों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए अवसर उपलब्ध कराया। महापरिनिर्वाण दिवस उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का समारोह है।  बाबा साहेब ने संविधान की प्रस्तावना में न्याय, समता और बंधुता का किया था जिक्र  सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब के शिक्षाओं से प्रेरित होकर पीएम मोदी के नेतृत्व मे देश के अंदर अभियान चल रहे हैं। बाबा साहेब ने जब भारत का संविधान बनाया तो संविधान शिल्पी के रूप में अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया। उसकी प्रस्तावना में तीन महत्वपूर्ण शब्द (न्याय, समता और बंधुता) रखे थे। मोदी जी ने सबका साथ, सबके विकास के भाव के साथ बिना भेदभाव हर वंचित, दलित, गरीब, पिछड़े, महिला, युवा को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया। गरीब को राशन, वंचित को मकान, हर गरीब के घर शौचालय निर्माण, स्वास्थ्य की बेहतरीन सुविधा प्राप्त हो सके। जहां घर है, घरौनी के माध्यम से वहां का मालिकाना हक उपलब्ध कराना भी न्याय, समता व बंधुता का हिस्सा है। समाज की मुख्य धारा के साथ जोड़ने के लिए ऐसे अभियान चलाए गए। प्रेरणा देता है बाबा साहेब का जीवन दर्शन  सीएम योगी ने कहा कि जो भी सुविधा व संपन्नता आज प्राप्त हो रही है, वह बाबा साहेब की प्रेरणा से हो रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति के साथ ही उनका सम्मान करता है। पंचतीर्थ निर्माण, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी, दलित के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति समेत अन्य सुविधाएं भी उसी क्रम का हिस्सा है। सीएम ने कहा कि हर मलिन, दलित, अनुसूचित जाति- जनजाति बस्तियों को कनेक्टिविटी के साथ जोड़ने की कार्रवाई कर रहे हैं। फिर भी कहीं कुछ बचा है तो उसे पूरी तरह कनेक्टिविटी से जोड़ेंगे। सीएम ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन दर्शन नई प्रेरणा देता है। उन्होंने हर गरीब, दलित, वंचित नागरिकों को आश्वस्त किया कि बाबा साहेब की प्रेरणा से प्रेरित होकर समाज व राष्ट्र को सशक्त बनाने, भारत के संविधान के गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में डबल इंजन सरकार प्रयत्नशील होकर कार्य … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 15 विषयों के 7466 पदों के लिए होगी भर्ती परीक्षा

मिशन रोजगार :  उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) की परीक्षा दिसंबर और जनवरी माह में होगी आयोजित   पारदर्शी व्यवस्था से युवाओं के सपनों को मिल रही नई ऊंचाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 15 विषयों के 7466 पदों के लिए होगी भर्ती परीक्षा परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए की जा रहीं व्यापक तैयारियां विगत 8.5 वर्षों में 8.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार प्रदान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता लगातार साकार हो रही है। इसी कड़ी में लोक सेवा आयोग द्वारा दिसंबर और जनवरी माह में सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से 15 विषयों में कुल 7466 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। यह परीक्षा, योगी सरकार के मिशन रोजगार के माध्यम से युवाओं के सपनों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के तहत परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराने की व्यापक तैयारी की गई है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन जनपदों में परीक्षा केंद्र हैं, वहां के जिलाधिकारी स्वयं व्यक्तिगत रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश के समय बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग की कड़ाई, पूर्णतः क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे, एलआईयू और एसटीएफ की निगरानी टीमों की सक्रिय उपस्थिति के साथ ही संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता सुनिश्चित की जाएगी।प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने हेतु कलर एवं कोड आधारित एसएमएस प्रणाली लागू होगी। ट्रेजरी से गोपनीय सामग्री की निकासी और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित समय पर की जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा का पूरा ध्यान सभी परीक्षा केन्द्रों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश, बैठने की समुचित व्यवस्था सहित अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी समय से पूर्ण कर लिया गया है। विगत 8.5 वर्षों में 8.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाओं में 8.5 लाख से अधिक नियुक्तियां प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पारदर्शी, त्वरित और तकनीक-आधारित भर्ती व्यवस्था से युवाओं को व्यापक अवसर मिल रहे हैं। साथ ही, राज्य में बढ़ते निवेश के परिणामस्वरूप निजी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हुए हैं।

पीड़िता का मजाक उड़ाने वाले थाना प्रभारी और डीएसपी पर होगी कार्रवाई

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए उपहास, दुर्व्यवहार और एफआईआर दर्ज न किए जाने को अत्यंत गंभीर मामला माना है। कोर्ट ने ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक को संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मामले की विवेचना को पुलिस थाना गिरवाई से हटाकर किसी अन्य अधिकारी से कराने को कहा है। अदालत ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि अधिकारी अपने विधिक दायित्वों का पालन नहीं करते, विशेषकर यौन अपराधों के मामलों में सहानुभूति नहीं दिखाते, तो यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है। एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया दुष्कर्म पीड़िता ने हाई कोर्ट में प्रस्तुत अपनी याचिका में कहा कि 26 अप्रैल 2025 को वह अपने साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गिरवाई पुलिस थाना पहुंची थी। उस समय थाना प्रभारी सुरेंद्रनाथ यादव और डीएसपी ग्रामीण चंद्रभान सिंह चिडार मौजूद थे। लेकिन दोनों अधिकारियों ने न सिर्फ उसका मजाक उड़ाया बल्कि उसे बेहद लज्जित किया, दुर्व्यवहार किया और एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया। गिरवाई थाने में दर्ज हुई एफआईआर पीड़िता ने बताया कि वह रात दो बजे तक अपने स्वजन के साथ थाने में बैठी रही, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बजाय उसकी शिकायत की मात्र प्राप्ति देकर उसे थाने से भगा दिया गया। घटना से आहत पीड़ित के स्वजन ने तत्काल मोबाइल से पुलिस अधीक्षक और आईजी ग्वालियर को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। अगले दिन पीड़िता ने खुद पुलिस अधीक्षक और आईजी से मुलाकात कर पूरी घटना बताई। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद, तीसरे दिन यानी 28 अप्रैल 2025 को पुलिस थाना गिरवाई में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की गई।

JP नड्डा ने बैद्यनाथ मंदिर में की शिव पूजा, BJP नेताओं की रही मौजूदगी

देवघर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा झारखंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वह बीते शुक्रवार को देवघर आए। आज यानी शनिवार को जेपी नड्डा देवघर के बाबा धाम मंदिर में पूजा -अर्चना के लिए पहुंचे। जेपी नड्डा ने श्रद्धा के साथ बाबाधाम मंदिर में पूजा -अर्चना की। इस दौरान उनके साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और बाबूलाल मरांडी मौजूद रहे। पूजा स्थल पर पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने जेपी नड्डा का स्वागत किया। नड्डा ने मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। सूत्रों के मुताबिक जेपी नड्डा आज पूजा -अर्चना के बाद देवघर में पार्टी के नवनिर्मित जिला भाजपा कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन करने वाले हैं। नड्डा इस दौरान वर्चुअल रूप से गुमला जिला भाजपा कार्यालय का भी उद्घाटन करेंगे। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार रात झारखंड पहुंचे और उन्होंने राज्य में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक की। नड्डा देवघर में विमान से उतरे और हवाई अड्डे पर भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और मधु कोड़ा ने उनका स्वागत किया।  

कूनो पार्क में मादा चीता वीरा के शावक की मौत, 24 घंटे पहले जंगल में छोड़े गए थे

 श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से चिंताजनक खबर सामने आई है. यहां मादा चीता वीरा के एक शावक की खुले जंगल में मौत हो गई. शावक का शव शुक्रवार को दोपहर बाद जंगल के इलाके में मिला, जिसके बाद पूरे वन विभाग व चीता प्रोजेक्ट टीम में हलचल मच गई. ठीक एक दिन पहले 4 दिसंबर की दोपहर को मादा चीता वीरा और उसके दो शावकों को खुले जंगल में रिलीज किया गया था. रिलीज के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि यह दुखद घटना सामने आ गई. कूनो नेशनल पार्क के चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने कहा है कि मृत पाया गया शावक करीब 10 महीने का था. उसे 4 दिसंबर को अपनी मां वीरा और दूसरे शावक के साथ जंगल में छोड़ा गया था. लेकिन रिलीज के बाद रात के दौरान यह शावक अपनी मां और भाई से अलग हो गया. शुक्रवार दोपहर बाद वह मृत अवस्था में मिला. उन्होंने कहा कि शावक की मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. फिलहाल, मादा चीता वीरा और उसका दूसरा शावक साथ हैं और स्वस्थ हैं. उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि टीम लगातार मौके पर निगरानी रख रही है. बाहर छोड़े जाने के बाद शावकों के लिए यह शुरुआती अवधि बेहद संवेदनशील होती है. वन्यजीव विशेषज्ञों और मेडिकेशन टीम को सतर्क किया गया है. इस मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब कुल 28 चीते बचे हैं. इनमें 8 वयस्क (5 मादा और 3 नर) और 20 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं. पार्क प्रबंधन का दावा है कि बाकी सभी चीते स्वस्थ हैं और उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है. फिलहाल प्रबंधन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शावक की मौत किस वजह से हुई.