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मध्यप्रदेश पुलिस के डायल-112 की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया

मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 की संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाया भोपाल  मध्यप्रदेश में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली लगातार आम जन की सुरक्षा और जीवन रक्षा में प्रभावी भूमिका निभा रही है। बीते दिनों रायसेन, देवास और छिंदवाड़ा जिलों में तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाने में डायल-112 के पुलिसकर्मियों ने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीयता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। रायसेन जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में मखनी गाँव में एक 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा स्वयं को कमरे में बंद कर आत्महत्या के उद्देश्‍य से फाँसी लगाने का प्रयास कर रहा था। जिसकी सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल में प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन घटना स्थल के लिए रवाना हुआ। आरक्षक संजय श्रीवास्तव एवं पायलेट रोहित कुमार ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़ कर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल फंदे से उतारा। डायल 112 जवानों ने पीड़ित व्यक्ति को एफआरव्ही वाहन से लेकर तत्काल जिला शासकीय चिकित्सालय रायसेन में भर्ती करवाया। दूसरी घटना देवास जिले के थाना भौंरासा क्षेत्र की है, जहाँ एक 21 वर्षीय महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या का प्रयास किया। यह सूचना प्राप्त होते ही आरक्षक अरुण रावत और पायलट अनुराग चौधरी मौके पर पहुँचे। उन्होंने समझाइश, संवाद और संवेदनशील व्यवहार के माध्यम से महिला को आत्मघाती कदम उठाने से रोका और उसे सुरक्षित थाना भौंरासा लाया गया। तीसरी घटना छिंदवाड़ा जिले के थाना अमरवाड़ा क्षेत्र में हुई, जहाँ 24 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। सूचना प्राप्त होते ही सैनिक गेंदालाल यादव एवं पायलट उमेश पुरी गोस्वामी ने युवक को तुरंत सिविल अस्पताल अमरवाड़ा पहुँचाकर उपचार शुरू कराया। युवक का इलाज जारी है। डायल-112 की इन लगातार त्वरित और प्रभावी कार्रवाइयों ने यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की यह सेवा आपात पुलिस सहायता के साधन के साथ मानव जीवन की रक्षा करने वाली ‘जीवन-रेखा’ बनती जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या संकट की स्थिति में स्वयं को नुकसान पहुँचाने के बजाय सहायता के लिए पुलिस या अपने निकटवर्ती लोगों से संपर्क करें।  

मध्यप्रदेश में 6 दिसंबर को मनाया जाएगा होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस

मध्यप्रदेश में 6 दिसंबर को ‍होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि आपदा में वीरता दिखाने वाले जवानों को मिलेगा पहली बार प्रारंभ “मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार” भोपाल  मध्यप्रदेश में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा संगठन का स्थापना दिवस 6 दिसंबर 2025 को पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन जहांगीराबाद, भोपाल स्थित होमगार्ड्स परेड ग्राउंड में प्रातः 10 बजे से किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, आपदा मित्र तथा बड़ी संख्या में होमगार्ड अधिकारी-सैनिक उपस्थित रहेंगे। ,होमगार्ड संगठन प्रतिवर्ष 6 दिसंबर को स्थापना दिवस मनाता है। यह कार्यक्रम राजधानी सहित प्रदेश के सभी जिलों में भी आयोजित किया जाता है। संगठन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ बाढ़, दुर्घटनाओं, आगजनी, प्राकृतिक आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। संकट की घड़ी में फँसे लोगों की सहायता करने में होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस ने सदैव अद्वितीय साहस और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। पहली बार मिलेगा मुख्‍यमंत्री अदम्‍य साहस पुरस्‍कार इस वर्ष राज्य शासन द्वारा पहली बार “मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार” प्रारंभ किया गया है। यह पुरस्कार उन होमगार्ड सैनिकों, एसडीईआरएफ सदस्यों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने आपदा के समय स्वयं की परवाह किए बिना नागरिकों की जान बचाई। मुख्यमंत्री चयनित बहादुर जवानों को राज्यस्तरीय समारोह में सम्मानित करेंगे। विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर इंदौर, सिवनी, गुना, रतलाम, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन की कुल 10 टीमों को 51-51 हजार रूपए की राशि वितरित की जाएगी। मुख्‍यमंत्री को परेड की सलामी दी जाएगी कार्यक्रम के दौरान परेड द्वारा मुख्‍यमंत्री को सलामी दी जाएगी। इसके बाद परेड का निरीक्षण, मार्च-पास्ट एवं मुख्य अतिथि का उद्बोधन होगा। एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों द्वारा आपदा के दौरान किए जाने वाले रेस्क्यू कार्यों का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया जाएगा। स्थापना दिवस पर होमगार्ड की सशस्त्र प्लाटून और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की टुकड़ी भी मुख्यमंत्री को सलामी देगी। मेधावी छात्र-छात्राओं का होगा सम्‍मान स्थापना दिवस समारोह में होमगार्ड सैनिकों के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से लेकर डिप्लोमा, स्नातक, तकनीकी शिक्षा और स्नातकोत्तर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 10 मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि 5 हजार रूपए से 30 हजार रुपए तक प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में होमगार्ड नागरिक सुरक्षा के अधिकारी सैनिकों और उनके परिजनों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यकम, खेल गतिविधि और महिलाओं संबंधी इवेंट भी आयोजित किए जाएंगे।  

14 एनर्जी स्टेशनों के साथ तैयार हो रहा भारत का सबसे लंबा ई-हाईवे दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर

नई दिल्ली देश में पहली बार सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन स्रोतों से बिजली उत्पन्न कर ई-वाहनों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए नेशनल हाईवे फॉर ईवी (NHEV) 3जी एनर्जी स्टेशन स्थापित करेगा। यह पहल दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होगी और साथ ही बिजली की बचत भी सुनिश्चित करेगी। गुरुग्राम के ग्वाल पहाड़ी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) में शुक्रवार को एनएचईवी वर्किंग कमेटी की सातवीं बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा कॉरिडोर पर पहले चरण में 14 अत्याधुनिक 3जी एनर्जी स्टेशनों का अंतिम रोडमैप तैयार किया जाएगा। इन चार्जिंग स्टेशनों पर 200 से 500 किलोवॉट तक के अल्ट्रा-फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे, जिससे कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन केवल 30 मिनट में 100 से 200 किलोमीटर तक चलने के लिए चार्ज हो सकेगा। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संचालित होने के कारण प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। तीन हजार 200 किलोवॉट क्षमता वाले हाइब्रिड सर्विस हब सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन माइक्रो-इलेक्ट्रोलाइज़र से संचालित होंगे। भविष्य में इन्हें पूरी तरह हाइड्रोजन आधारित तकनीक में बदला जाएगा। दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा को जोड़ने वाले विश्व के सबसे बड़े ईवी कॉरिडोर के निर्माण के लिए शुक्रवार की बैठक में विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।  अभिजीत सिन्हा, निदेशक, एनएचईवी एनएचईवी का उद्देश्य देश के लगभग 5,000 किलोमीटर लंबे हाईवे को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त बनाना है। पहले चरण में यह पहल दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा हाईवे पर शुरू की जाएगी। इस कदम से यात्रियों को यात्रा में आसानी और सुविधा प्राप्त होगी। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 5 ट्रक हब बनेंगे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए एनएचईवी पांच बड़े इलेक्ट्रिक ट्रक चार्जिंग हब भी स्थापित करेगा। ये नए हब गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा और गाजियाबाद में बनाए जाएंगे। वर्तमान में रोजाना लगभग 15,000 डीजल ट्रक राजधानी में प्रवेश करते हैं, जो वायु प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। नई चार्जिंग सुविधाओं की मदद से 24 घंटे में करीब 10,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे डीजल ट्रकों का प्रवेश धीरे-धीरे कम होगा और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। इस पहल से नागरिकों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम होकर गुजरेगा विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे: वर्तमान में जर्मनी के बर्लिन में 109 किमी लंबा ई-हाईवे है। देश का पहला ई-हाईवे दिल्ली के इंडिया गेट से जयपुर के अलबर्ट पिंटो हॉल तक घोषित किया गया है। लगभग 280 किमी लंबा यह हाईवे पूरी तरह तैयार होने के बाद विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे बन जाएगा। पहले इसका प्रारंभिक बिंदु गुरुग्राम था, जिसे बाद में इंडिया गेट तक बढ़ाया गया। दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और फिर दिल्ली-आगरा कॉरिडोर के पूरा होने पर यह हाईवे लगभग 500 किमी लंबा हो जाएगा। 3 प्वाइंट में समझें 3G चार्जिंग स्टेशन ग्रीन एनर्जी: ये चार्जिंग स्टेशन 100% नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) से संचालित होंगे। इसमें सोलर पैनल, पवन टरबाइन, हाइड्रोजन और स्टोरेज बैटरी से पावर जनरेट की जाएगी, और कोई ग्रिड कनेक्शन नहीं होगा। प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन CO₂ उत्सर्जन बचाया जा सकेगा, जिससे हाईवे पर चलने वाली ईवी वास्तविक रूप से शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) वाली होंगी। यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जो थर्मल पावर को पूरी तरह बायपास करेगा। गिगानटिक क्षमता: इस पहल के तहत 3.2 मेगावॉट क्षमता वाले विशाल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। एक ही स्थान पर 60-120 kW फास्ट चार्जर, ट्रक और बस के लिए 600 kW पैंटोग्राफ, वायरलेस चार्जिंग पैड, बैटरी स्वैप सिस्टम और हाइड्रोजन डिस्पेंसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। चार 800 kWh के सब-स्टेशन मिलाकर कुल 3,200 kWh बिजली उत्पन्न की जाएगी, जिससे एक साथ लगभग 300 कारें या 50 ट्रक-बसे चार्ज हो सकेंगी। जेनरेशन नेक्स्ट: ये चार्जिंग स्टेशन 5G नेटवर्क, AI आधारित लोड मैनेजमेंट और जियो रूट प्लानिंग से लैस होंगे। वाहन अपने आप यह जानकारी देगा कि अगला 3G स्टेशन कहां है, कितनी चार्जिंग बची है और कितनी देर रुकना है। भविष्य में, 2047 तक इन स्टेशनों को 6.4 मेगावॉट क्षमता वाले 5G स्टेशन में अपग्रेड किया जाएगा। पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बूस्ट: यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) पायलट का हिस्सा है, जो नेशनल हाईवे को ई-हाईवे (NHEV) में बदलने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से इलेक्ट्रिक टैक्सी और टूरिस्ट बसों की संख्या बढ़ेगी। वर्तमान में अधिकांश लोग पेट्रोल-डीजल वाहन ही चुनते हैं क्योंकि चार्जिंग स्टेशन न मिलने का डर रहता है। अब हर 50 किमी पर चार्जिंग उपलब्ध होने से लोग EV से निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी इलेक्ट्रिक ट्रक चलाने की तैयारी कर रही हैं।

3rd ग्रेड टीचर भर्ती में आज लास्ट डेट! अब तक आए इतने लाख आवेदन

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से निकाली गई थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए कल 6 दिसंबर 2025 आवेदन की अंतिम तिथि है। बुधवार शाम तक रीट लेवल लेवल 1 के लिए 2 लाख से अधिक और रीट लेवल 2 में 5 लाख से अधिक फॉर्म भरे जा चुके हैं। यानी कुल 7 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। थर्ड ग्रेड लेवल-1 (कक्षा 1 से 5 तक) और लेवल-2 (कक्षा 6 से 8 तक) के 7759 पदों के लिए आवेदन 7 नवंबर से शुरू हुए थे। जिन रीट पास अभ्यर्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है वे rssb.rajasthan.gov.in या recruitment.rajasthan.gov.in पर जाकर एप्लाई करें। राजस्थान थर्ड ग्रेड लेवल-1 में 5636 जबकि लेवल-2 में 2123 पदों पर भर्ती निकाली गई है। दोनों लेवल के लिए रीट पात्रता परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। राजस्थान थर्ड ग्रेड अध्यापक भर्ती परीक्षा 17 से 21 जनवरी 2026 तक होगी। इस परीक्षा का रिजल्ट 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा। रिजल्ट आने पर मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को फाइनल पोस्टिंग दी जाएगी। लेवल-2 अध्यापक भर्ती में सबसे अधिक विज्ञान-गणित के 1043 पद जबकि संस्कृत के 389 पद, हिंदी के 174 पद, अंग्रेजी के 221 पद और एसएसटी के 296 पद हैं। लेवल-1 में संस्कृत शिक्षा में 636 पदों और सामान्य शिक्षा में 5 हजार पदों पर भर्ती होगी। पदों का ब्योरा राजस्थान थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती- लेवल-1 विभाग- पद संस्कृत शिक्षा विभाग- 636 प्रारम्भिक शिक्षा विभाग – 5000 राजस्थान थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती- लेवल-2 विभाग व पद एसएसटी – 296 हिंदी – 174 इंग्लिश – 221 संस्कृत- 389 गणित-विज्ञान – 1043 शैक्षणिक योग्यता- 1. प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सामान्य शिक्षा कक्षा 1 से 5 (स्तर-प्रथम) के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक अथवा इसके समकक्ष तथा प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा (चाहे किसी भी नाम से जाना जाता हो) होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार ने राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) उत्तीर्ण की होनी चाहिए। 2. अध्यापक (स्तर-द्वितीय) कक्षा 6 से 8 (विषय सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, गणित-विज्ञान, हिन्दी) के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम स्नातक और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा (चाहे किसी भी नाम से जाना जाता हो) होना चाहिए। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन में भर्ती के लिए योग्यता और शैक्षणिक योग्यता को जरूर चेक करें। आयु सीमा- उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। उम्मीदवार ने 40 वर्ष आयु प्राप्त नहीं की होनी चाहिए। उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार बनाकर की जाएगी। न्यूनतम पासिंग मार्क्स नॉन टीएसपी एरिया सामान्य श्रेणी – 60 अंक एससी-एसटी, ओबीसी, एमबीसी, EWS – 55 अंक विधवा, परित्यकता, एक्स सर्विसमैन – 50 अंक निशक्तजन श्रेणी – 40 अंक सहारिया जनजाति – 36 अंक टीएसपी एरिया सामान्य श्रेणी – 60 अंक एससी, ओबीसी, एमबीसी, EWS -55 अंक एसटी और विधवा परित्यकता – 36 अंक आवेदन शुल्क- 1. सामान्य वर्ग व कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग / अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक – 600 रुपये 2. राजस्थान के नॉन कीमलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग / अति पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदक- 400 रुपये सामान्य श्रेणी – 60 अंक एससी, ओबीसी, एमबीसी, EWS -55 अंक एसटी और विधवा परित्यकता – 36 अंक      

सावधान झारखंड! अगले 48 घंटे में बदल जाएगा मौसम, ठिठुरन बढ़ने के संकेत

  रांची झारखंड में ठंड ने फिर से अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलटर् दिया है। यानी आने वाले 48 घंटे मौसम में बड़े बदलाव के साथ ठंड में काफी वृद्धि होने वाली है, जो लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। गुमला में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया मौसम विभाग के अनुसार पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी और रामगढ़ में शीतलहर का सबसे ज्यादा खतरा है। यहां तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल, पिछले 24 घंटों में तापमान में बड़ी कमी देखी गई है। गुमला जिले में न्यूनतम तापमान मात्र 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जो पूरे राज्य में सबसे कम है। वहीं चाईबासा में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे दिन और रात के तापमान में भारी अंतर हो गया है। इस कड़कड़ाती ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नेशनल हेल्थ मिशन ने भी एडवाइजरी जारी की उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के लगातार प्रभाव से लोग सर्दी से बचने के लिए स्वेटर, जैकेट और अलाव जैसी गर्माहट देने वाली चीजें फिर से निकालने लगे हैं। मौसम में आए इस बदलाव ने झारखंड में सर्दी की दूसरी लहर आने का संकेत दे दिया है। इस दौरान नेशनल हेल्थ मिशन ने भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लोगों को गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकलने, पर्याप्त भोजन करने और यदि सर्दी, जुकाम या फ्लू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता या डॉक्टर से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही ठंड से होने वाली किसी भी गंभीर समस्या जैसे बेहोशी या भाषा लड़खड़ाने की स्थिति में शीघ्र चिकित्सीय मदद लेने की सलाह दी गई है।  

10 साल में एमपी के 32,000 से अधिक स्कूल हुए बंद, शिक्षकों व छात्रों की संख्या घटी; CBI जांच की मांग तेज

भोपाल  प्रदेश में वर्ष 2013-14 की तुलना में 2025-26 तक शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2013-14 में सरकारी स्कूलों की संख्या 1,14,972 थी, जो घटकर 82,128 रह गई। यानी 32,844 विद्यालय कम हुए। इसी अवधि में शिक्षकों की संख्या 2,91,992 से घटकर 2,33,817 रह गई, जो कुल 61,175 की कमी है। क्या कहा मंत्री ने मंत्री ने बताया कि 2025-26 में 21,193 शासकीय माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें 20 से कम विद्यार्थी हैं। वहीं 29,486 स्कूलों में छात्रों की संख्या 40 से कम है। प्रदेश के 8,533 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 28,716 स्कूलों में सिर्फ दो शिक्षक हैं। बढ़ा बजट वर्ष 2010-11 में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट 6,374.25 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 36,581.64 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक विद्यार्थियों की संख्या 2010-11 में 133.66 लाख थी, जो घटकर 2025-26 में 79.39 लाख रह गई। यानी कुल 54.27 लाख विद्यार्थियों की कमी हुई है। मंत्री ने बजट बढ़ने के कारण के रूप में सातवें वेतनमान और महंगाई भत्ते को वजह बताया। जबकि विद्यालय और शिक्षक संख्या में कमी के पीछे शालाओं के मर्ज होने और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति को कारण बताया गया। हालांकि, विद्यार्थियों की संख्या में भारी कमी को लेकर कोई कारण नहीं बताया गया। वहीं मीडिया से बातचीत में विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि वर्ष 2014-15 में 82 लाख विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति दी गई थी, जो 2025-26 में घटकर 58 लाख रह गई। वर्ष 2013-14 में 93.7 लाख बच्चों को निश्शुल्क पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या घटकर 56.82 लाख रह गई। मध्यान्ह भोजन के लाभार्थी 75.75 लाख से घटकर 37.23 लाख और निश्शुल्क साइकिल योजना के लाभार्थी 3.29 लाख से घटकर 1.63 लाख रह गए। सीबीआई जांच की मांग ग्रेवाल ने सवाल उठाया कि स्कूल, शिक्षक, छात्र और सभी योजनाओं के लाभार्थी कम हो रहे हैं, फिर भी बजट कई गुना कैसे बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्कूलों को बंद कर निजी स्कूलों को संरक्षण दे रही है और शिक्षा व्यवस्था शिक्षा माफिया के हाथों में जाती दिख रही है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

इंदौर में तीन दिवसीय जैविक महोत्सव 12 दिसंबर से, ग्रामीण हाट बाजार में होगा आयोजन

इंदौर  स्वस्थ तन, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इंदौर एक बार फिर तैयार है। शहर में 12, 13 और 14 दिसंबर को एक भव्य जैविक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय मेला इंदौर के ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार में लगेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में होने वाले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। चार विशेष भागों में बंटा होगा मेला आगंतुकों की सुविधा के लिए मेले को चार आकर्षक भागों में विभाजित किया गया है। पहला भाग: श्री अन्न प्रदर्शनी मेले का पहला हिस्सा मिलेट्स यानी श्री अन्न पर आधारित होगा। यहां कोदो, कुटकी, कंगनी, रागी और सामा जैसे पारंपरिक और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज प्रदर्शित किए जाएंगे। लोग न केवल इनके फायदे जान सकेंगे, बल्कि इन्हें खरीद भी सकेंगे। दूसरा भाग: तिलहन और शुद्ध तेल दूसरे हिस्से में सरसों, तिल्ली, मूंगफली, अलसी और सूरजमुखी जैसे तिलहनों की प्रदर्शनी लगेगी। खास बात यह है कि यहां घानी से निकाला गया शुद्ध तेल उपलब्ध रहेगा, जिससे लोगों को स्वदेशी तेलों की शुद्धता और लाभों का पता चलेगा। तीसरा भाग: ज्ञान सत्र किसानों और जिज्ञासु लोगों के लिए विशेष ज्ञान सत्र आयोजित होंगे। इसमें विशेषज्ञ स्वदेशी तेलों के लाभ, तिलहन खेती, मिलेट्स के नए प्रयोग और प्राकृतिक खेती की तकनीकों पर मार्गदर्शन देंगे। चौथा भाग: स्वाद और सेहत मेले का सबसे आकर्षक हिस्सा इसका फूड जोन होगा। यहां जैविक उत्पादों से बने पारंपरिक व्यंजन जैसे दाल-पानिया, मिलेट्स की खिचड़ी, मिलेट्स के पोहे और गिर गाय के दूध से बनी जलेबी का आनंद लिया जा सकेगा। इस आयोजन का मकसद नागरिकों को जैविक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। आयोजन के मुख्य सहयोगी यह मेला आत्मा परियोजना, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, मां रेणुका फूड्स, आनंदम ऑर्गेनिक और शगुन नैचुरल के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि इंदौर स्वच्छता के साथ-साथ अब स्वस्थता के क्षेत्र में भी देश में अपनी अलग पहचान बनाए। 

MP में 329 पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज, विधानसभा में खुलासा, जनता के रखवाले भी कटघरे में

भोपाल  मध्यप्रदेश की विधानसभा में आज एक अहम और बड़ी जानकारी निकलकर सामने आई है। जनता के रखवाले खाकी वर्दी वालों पर भी मामले दर्ज हैं। कानून तोडऩे में पुलिस वाले भी पीछे नहीं हैं। विधानसभा में एक सवाल में सरकार ने जो जानकारी दी है वो खाकी पर सवाल खड़े करने वाली है। दरअसल पिछले दो साल में विभिन्न थानों में 329 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कई धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिसवालों के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले भोपाल शहर में है, जहां 48 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं। वहीं फिर ग्वालियर जिला आता है। विधानसभा में विधायक बाला बच्चन के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने यह जानकारी साझा की है। जानकारी में बताया गया है कि  पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज 61 प्रकरणों में अभी विवेचना चल रही है, जबकि 259 मामलों में चालान पेश किया जा चुका है। ज्यादा प्रकरण भोपाल शहर, ग्वालियर, इंदौर, गुना, सिवनी, बालाघाट में दर्ज किए गए हैं । विभिन्न  मामलो की बात करें तो भोपाल शहर में 48, ग्वालियर में 27, गुना में 17, बालाघाट में 13 तो सिवनी में 18 और इंदौर शहर और देहात में17-17 मामले पुलिस वालों पर दर्ज है। गौर करने वाली बात है कि  इंदौर और भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद भी लूट, चोरी जैसे अपराधों में बढ़ोतरी हुई है जो सोचने वाली बात है।

दिसंबर से दौड़ेंगी कई स्पेशल ट्रेनें, रेलवे ने जारी किया रूट और शेड्यूल, भारत गौरव ट्रेन को लेकर भी नई जानकारी

भोपाल   रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने दिसंबर में छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार और यूपी के रास्ते स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इसके अलावा रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के परिचालन की अवधि बढ़ा दी गई है। गाड़ी संख्या 09619 अजमेर-रांची स्पेशल पांच दिसंबर से 26 दिसंबर तक संचालित की जाएगी। गाड़ी संख्या 09620 रांची- अजमेर स्पेशल का सात दिसंबर से 28 दिसंबर तक परिचालन किया जाएगा। दिसंबर में चलेगी 14 स्पेशल ट्रेन     गाड़ी संख्या 09633 रेवाड़ी-रींगस स्पेशल 6, 7, 13, 14, 15, 20, 21, 25, 27, 28, 29, 30 और 31 दिसंबर को रेवाड़ी से सुबह 10:50 बजे रवाना होकर दोपहर 1:35 बजे रींगस पहुंचेगी। वापसी में रींगस-रेवाड़ी स्पेशल 5, 7, 8, 14, 15, 16, 21, 22, 26, 28, 29, 30, 31 दिसंबर और 1 जनवरी 2026 को दोपहर 2:20 बजे रींगस से रवाना होकर शाम 5:20 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। मार्ग में अटेली, नारनौल, डाबला, नीम का थाना, कावंट व श्रीमाधोपुर स्टेशनों पर ठहराव होगा।     गाड़ी संख्या 09634 रेवाड़ी-रींगस स्पेशल 6, 7, 13, 14, 15, 20, 21, 25, 27, 28 और 31 दिसंबर को रेवाड़ी से 11:45 बजे रवाना होकर 2:45 बजे रींगस पहुंचेगी। वापसी में उन्हीं तिथियों पर दोपहर 3:05 बजे रींगस से रवाना होकर शाम 6:20 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 08243 बिलासपुर-वलसाड शीतकालीन स्पेशल ट्रेन बिलासपुर से 18 दिसम्बर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को तथा गाड़ी संख्या 08244 वलसाड-बिलासपुर शीतकालीन स्पेशल ट्रेन वलसाड से 19 दिसम्बर 2025 से 09 जनवरी 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी।     गाड़ी संख्या 06007 एम.जी. रामचंद्रन (चेन्नई सेन्ट्रल)-बनारस विशेष 06 दिसम्बर 2025 को एम.जी.रामचंद्रन सेंट्रल (चेन्नई सेन्ट्रल) से 04.15 बजे प्रस्थान कर, दूसरे दिन नागपुर, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज छिवकी और बनारस 23.15 बजे पहुंचेगी। 06008 बनारस से 11 दिसम्बर को 23.00 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन प्रयागराज छिवकी , सतना ,कटनी जं. जबलपुर जं., इटारसी, आमला, नागपुर, तीसरे दिन विजयवाड़ा से होते हुए एम.जी.रामचंद्रन (चेन्नई सेन्ट्रल) 23.30 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 06181 कोयम्बटूर-जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल 18 से 25 दिसंबर तक (02 ट्रिप) कोयम्बटूर से प्रत्येक गुरुवार को 2.30 बजे रवाना होकर शनिवार को 13.25 बजे जयपुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 06182, जयपुर-कोयम्बटूर साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल 21 से 28 दिसंबर तक (02 ट्रिप) जयपुर से प्रत्येक रविवार को 22.05 बजे रवाना होकर बुधवार को 8.30 बजे कोयम्बटूर पहुंचेगी।     गाड़ी नंबर 07117 सिरपुर कागजनगर से कोल्लम जंक्शन 13 दिसंबर शनिवार और 07119 चेर्लापल्ली से कोल्लम जंक्शन से 17 और 31 दिसंबर को चलेगी।     गाड़ी नंबर 07121 चेर्लापल्ली से कोल्लम जंक्शन से 20 दिसंबर को और 07123 एचएस नांदेड़ से कोल्लम जंक्शन से 24 दिसंबर को चलेगी।     गाड़ी नंबर 07118 कोल्लम जंक्शन से चेर्लापल्ली से 15 दिसंबर और 07120 कोल्लम जंक्शन से चेर्लापल्ली19 दिसंबर और 2 जनवरी को चलेगी.     गाड़ी नंबर 07122 कोल्लम जंक्शन से चेर्लापल्ली 22 दिसंबर और 07124 कोल्लम जंक्शन से एचएस नांदेड़ 26 दिसंबर को चलेगी। दिसंबर से फरवरी तक रद्द रहेगी ये ट्रेन     गाड़ी संख्या 15620 कामाख्या-गया एक्सप्रेस 8, 15 , 22 , 29 दिसंबर, 5, 12 , 19 , 26 जनवरी, 2 , 9 , 16 और 23 फरवरी को रद्द     गाड़ी संख्या 15619 गया-कामाख्या एक्सप्रेस दिसंबर से 24 फरवरी तक शनिवार को रद्द ।     गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर 06 और 07 दिसम्बर  रद्द।     गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर 06 और 07 दिसम्बर रद्द।     गाड़ी संख्या 68733 गेवरा रोड -बिलासपुर- मेमू पैसेंजर 06 और 07 दिसम्बर रद्द     गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर 06 और 07 दिसम्बर रद्द     गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर 06 और 07 दिसम्बर रद्द     गाड़ी संख्या 58204 रायपुर- कोरबा- पैसेंजर 07 और 08 दिसम्बर 2025 रद्द     गाड़ी संख्या 58205 रायपुर- नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर 6 व 7 दिसम्बर रद्द ।     गाड़ी संख्या 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर 07 और 08 दिसम्बर रद्द     गाड़ी संख्या 68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर 06 और 07 दिसम्बर को रद्द     गाड़ी संख्या 68745 गेवरा रोड -रायपुर मेमू पैसेंजर 07 एवं 08 दिसम्बर को रद्द     गाड़ी संख्या 22198 वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी)-कोलकाता एक्सप्रेस- 05.12.25 से 27.02.206 तक     गाड़ी संख्या 22197 कोलकाता-वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) एक्सप्रेस- 07.12.25 से 01.03.26 तक     गाड़ी संख्या 14003 मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस- 06.12.25 से 28.02.26 तक जनवरी में भारत गौरव पर्यटन ट्रेन,  कराएगी दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों का दर्शन      इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ”भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 18 जनवरी 2026 को बिहार के बेतिया से चलेगी।     पर्यटन ट्रेन का रूट बेतिया से शुरू होकर रक्सौल, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, पटना जंक्शन, बख्तियारपुर, किऊल और जसीडीह सहित बिहार के प्रमुख शहरों से लोग सवार हो सकते हैं और वापसी में उतर भी सकते हैं।     यात्रा में श्रद्धालुओं को तिरुपति बालाजी, पद्मावती मंदिर, रामेश्वरम स्थित रामनाथस्वामी ज्योतिर्लिंग, मदुरै का मीनाक्षी अम्मन मंदिर, कन्याकुमारी मंदिर और विवेकानंद रॉक मेमोरियल, तिरुवनंतपुरम के पद्मनाभस्वामी मंदिर, मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग और पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ धाम का दर्शन कराया जायेगा।     यात्रियों को कुल 14 रात और 15 दिन का पैकेज मिलेगा।इकानमी क्लास का किराया 27,535/ रुपये है, जिसमें स्लीपर ट्रेन यात्रा, नान-एसी होटल, शाकाहारी भोजन और नान-एसी परिवहन शामिल है।स्टैंडर्ड क्लास का किराया 37,500 रुपये है, जिसमें 3 एसी ट्रेन यात्रा, एसी होटल, शाकाहारी भोजन और नान-एसी वाहन से भ्रमण की सुविधा मिलेगी। कम्फर्ट क्लास का किराया 51,405 रुपये है, जिसमें 2 एसी ट्रेन यात्रा, एसी होटल, शाकाहारी भोजन और एसी वाहन से दर्शन शामिल है।    

कॉलेज में नई भाषा सीखने का अवसर, परिवार और दोस्तों को भी मिलेगा शामिल होने का मौका, माइक्रो-प्रमाणपत्र होगा प्रदान

ग्वालियर  देश के उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक रोचक पहल शुरू की जा रही है। भारतीय भाषा समिति ने 'एक और भारतीय भाषा सीखें' पहल के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें सभी छात्र अब कम से कम तीन भाषाओं का ज्ञान लेंगे। यानि छात्रों को अपनी मातृभाषा के अलावा कम से कम एक स्थानीय और एक अतिरिक्त भारतीय भाषा सिखाना है। यह आदेश यूजीसी के द्वारा जारी किया गया है, इसमें खास बात यह है कि इसमें सिर्फ छात्र के लिए नहीं बल्कि उनके मित्र और स्वजन भी शामिल हो सकेंगे। इसके लिए शिक्षार्थियों को नामांकन करवाना होगा। पढ़ाई माध्यम ऑनलाइन भी होगा, साथ ही इसमें प्रवेश और निकास दोनों ही सुलभ होंगे। बता दें कि कोर्स पूरा करने वालों को माइक्रो प्रमाणपत्र और डिजिटल बैज भी दिया जाएगा। पाठ्यक्रम में खास     उच्च शिक्षण संस्थान कम से कम तीन भारतीय भाषाओं (एक स्थानीय भाषा और दो अन्य 22 अनुसूचित भाषाओं में से) में योग्यता संवर्धन पाठ्यक्रम (एईसी), क्रेडिट पाठ्यक्रम, या ऑडिट पाठ्यक्रम प्रदान करेंगे।     पाठ्यक्रम को बेसिक, इंटरमीडिएट और एडवांस जैसे तीन स्तरों में विभाजित किया जाएगा, जिसमें आसान प्रवेश और निकास की सुविधा होगी। आप अपनी सुविधानुसार किसी भी स्तर पर प्रवेश कर सकते हैं और बाहर निकल सकते हैं।     इन स्तरों को नए क्रेडिट ढांचे के तहत तीन माइनर के रूप में पेश किया जा सकता है, जिससे आपकी प्रतिलिपि (ट्रांस्क्रिप्ट) पर ये क्रेडिट दर्ज होंगे और क्रेडिट पोर्टेबिलिटी की अनुमति मिलेगी।     इन पाठ्यक्रमों का मुख्य फोकस बोलने, पढ़ने और लिखने में प्रभावी संचार कौशल विकसित करना होगा। दोस्त, परिवार, रिश्तेदार भी होंगे शामिल इस प्रक्रिया में सभी स्नातक, स्नातकोत्तर और डाक्टरेट छात्र इस पहल के मुख्य लाभार्थी होंगे। इसके अलावा छात्रों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे अपने मित्रों, अभिभावकों और रिश्तेदारों को भी इन भाषा पाठ्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करें। स्थानीय समुदाय के इच्छुक व्यक्ति भी इन पाठ्यक्रमों में नामांकन करा सकते हैं। बता दें कि यदि पाठ्यक्रम ऑनलाइन पेश किए जाते हैं, तो ये दुनियाभर के शिक्षार्थियों के लिए खुले होंगे। माइक्रो प्रमाण-पत्र मिलेंगे इस प्रक्रिया में पाठ्यक्रम पूरा करने वाले शिक्षार्थियों (छात्र और उनके स्वजन व मित्र) को माइक्रो-प्रमाणपत्र मिलेंगे। जो लोग नई भारतीय भाषाएं सीखते हैं, उन्हें भाषा बंधु, भाषा मित्र, लिपि गौरव, भाषादूत जैसी मानद उपाधियां प्रदान की जा सकती हैं। नई भाषा सीखने वालों को उस राज्य की सांस्कृतिक और शैक्षिक 'सम्मान यात्रा' कराई जाएगी, जहां वह भाषा बोली जाती है। इसके अलावा अतिरिक्त भाषा सीखने वाले छात्रों को अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय दौरों में प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि हर साल 11 दिसंबर को ऐसे योग्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भारतीय भाषा उत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा छात्रों को 'प्रमाणित भाषा दूत-2025' जैसे डिजिटल बैज जारी किए जाएंगे, जिन्हें वे अपने डिजिटल प्रोफाइल और सोशल मीडिया पर प्रदर्शित कर सकते हैं।