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तेजस्वी ने सम्राट से मिलाया हाथ, विजय सिन्हा ने छुए सीएम नीतीश के पैर—सदन में दिखे रोचक पल

पटना बिहार विधानसभा की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथग्रहण के साथ शुरू हुआ। वहीं, शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में कई रोचक पल भी देखने को मिले। तेजस्वी ने सम्राट से हाथ मिलाया दरअसल, गृहमंत्री सम्राट चौधरी की शपथ के बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अपनी सीट से खड़े हो गए और सम्राट चौधरी के साथ हाथ मिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुनार के पैर छुए। इसके बाद तेजस्वी यादव से गले मिले। शपथ ग्रहण के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच सौहार्द दिखाई दिया। बता दें कि तारापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले शपथ ली। उनके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली, जो लगातार चौथी बार लखीसराय से विधायक हैं। शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों ने प्रोटेम स्पीकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभिवादन किया। गौरतलब हो कि राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र खास माना जा रहा है। लगभग 10 वर्षों बाद सत्ता पक्ष में 200 से अधिक विधायक बैठेंगे, जिससे सदन का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रचंड बहुमत के कारण सरकार के लिए विधायी एजेंडा आगे बढ़ाना आसान होगा, जबकि विपक्ष मात्र 38 सदस्यों तक सिमट गया है। ऐसे में विपक्ष पर अधिक प्रभावी ढंग से अपनी भूमिका निभाने का दबाव रहेगा। गौरतलब है कि इससे पहले 2010 में राजग विधायकों की संख्या 200 से अधिक थी। 

मध्य प्रदेश की ऋषिका का दमदार प्रदर्शन, करनाल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 65 किग्रा उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम

नर्मदापुरम  हरियाणा के करनाल के कल्पना चावला ऑडिटोरियम में 28 से 30 नवंबर तक वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में इटारसी की रहने वाली ऋषिका पटेल ने पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता. रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन रजिस्टर्ड इंडिया, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग यूनियन और ब्रिटिश पावरलिफ्टिंग फेडरेशन ने संयुक्त रूप से इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन किया. इसमें भारत, इंग्लैंड और ब्रिटेन सहित कई देशों की टीमों ने हिस्सा लिया. ऋषिका पटेल ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का मान चैंपियनशिप में फुल पावरलिफ्टिंग, स्ट्रिक्ट कर्ल, बेंच प्रेस, डेडलिफ्ट, इक्विप्ड और अनइक्विप्ड रॉ जैसी विभिन्न कैटेगरी शामिल थीं. खिलाड़ियों ने युवा, टीन्स, जूनियर, सीनियर, मास्टर और फिजिकली डिसेबल्ड वर्गों में प्रतिस्पर्धा की. इसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रविवार को इटारसी की ऋषिका पटेल ने देश और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया. 48 किग्रा वेट कैटेगरी में 65 किग्रा उठाया वजन ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली. ऋषिका ने मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है. ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली. ऋषिका इटारसी पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्रा है. उनके पिता राकेश पटेल इटारसी के वरिष्ठ पत्रकार हैं. ऋषिका की इस उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और खेलप्रेमियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं ऋषिका ऋषिका के कोच ने बताया कि, ''वह एक मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य पर केंद्रित खिलाड़ी है. उनके नियमित अभ्यास और फिटनेस रूटीन ने उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह सफलता दिलाई है. भविष्य में उसे राष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर भी एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है.'' ऋषिका ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और कॉलेज प्रबंधन को दिया. उन्होंने कहा कि, ''अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का पल है.''

नौकरियों पर असर: सरकार ने सभी पुरानी भर्ती मांगें की खत्म, विभागों को नई रिक्तियां भेजने को कहा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तथ्यपूर्ण बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि पहले भेजी गई ग्रुप-सी के खाली पदों की मांग अब मान्य नहीं मानी जाएगी। यानी अब तक विभागों द्वारा कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गई रिक्विज़िशन पूरी तरह निरस्त मानी जाएगी और उन पर आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि कई विभागों द्वारा भेजी गई रिक्तियों में गलतियां, दोहराव और अधूरी जानकारी पाई गई थी। अब सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर रिक्तियों की नई, सत्यापित और अद्यतन सूची तैयार करें। यह सूची अब 10 दिसंबर तक कर्मचारी चयन आयोग के पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य होगी। पहले यह समय सीमा 15 नवंबर थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 दिसंबर किया गया है ताकि विभागों को सही आंकड़ा तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। क्लर्क भर्ती पर रोक पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा क्लर्क के पदों को लेकर है। आदेश में स्पष्ट लिखा है कि फिलहाल क्लर्क के पदों पर कोई नई मांग नहीं भेजी जाएगी। यदि किसी विभाग ने पहले से क्लर्क पदों की मांग भेज दी है, तो उसे तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही, कर्मचारी चयन आयोग को निर्देशित किया गया है कि ऐसी मांगों पर आगे कोई कार्यवाही न करे। इससे साफ संकेत मिलता है कि क्लर्क श्रेणी के पदों की संख्या और आवश्यकता की सरकार पुनर्समीक्षा कर रही है। अब प्रक्रिया नए सिरे से यह बदलाव किसी नियम में संशोधन नहीं है, बल्कि रिक्तियों को सही रूप में संकलित करने की प्रक्रिया का पुनर्गठन है। पहले विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग समय पर डिमांड भेजे जाने से आंकड़ों में असमानता और भ्रम पैदा हो जाता था। अब सभी विभाग एक साथ अद्यतन सूची भेजेंगे, जिसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती सही, सटीक और एकीकृत जानकारी के आधार पर हो, न कि पुराने या गलत आंकड़ों पर। सभी विभागों को भेजे गए आदेश यह पत्र राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और सभी बोर्डों एवं नगर निकायों के प्रबंध निदेशकों को भेजा गया है। यानी यह आदेश पूरे प्रदेश की शासन प्रणाली पर लागू होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अब भर्ती प्रक्रिया तभी आगे बढेगी, जब सभी विभाग सही और अद्यतन रिक्तियों की सूची भेज देंगे। इसका असर सीधे उन युवाओं पर पड़ेगा जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि अब आगे होने वाली भर्तियां नई रिक्विज़िशन के आधार पर ही होंगी।  

रायपुर में जुटेंगी भारत-दक्षिण अफ्रीका टीमें, कल तैयारी में जुटेंगे खिलाड़ी

रायपुर रांची में वनडे सीरिज की जीत के साथ शुरुआत करने के बाद टीम इंडिया सोमवार शाम को रायपुर पहुंचेगी. साथ ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी भी चार्टेड प्लेन से पहुचेंगे. इसके दूसरे दिन यानी 2 दिसंबर को दोपहर डेढ़ बजे दक्षिण अफ्रीका और शाम 5.30 बजे भारतीय टीम प्रैक्टिस सत्र में शामिल होगी. नवा रायपुर के शहीद वीर नारायाण सिंह स्टेडियम में 3 दिसंबर को वनडे सीरिज का दूसरा मुकाबला मैच खेला जाएगा. बीसीसीआई के क्यूरेटर्स ने मैच के लिए मैदान और पिच टेकओवर कर लिया है. क्यूरेटर्स ने रविवार को बताया कि रायपुर स्टेडियम की आउटफील्ड रांची स्टेडियम से तेज रहेगी, क्योंकि यहां मैदान में नियमित फर्टिलाइजर के उपयोग के साथ ही समय पर वाटरिंग और खुली धूप के कारण यह बेहतर बन चुका है. पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल है. दूसरे सत्र में ओस के कारण यहां की बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम को मुश्किल होगी. लक्ष्य बचाने उतरे गेंदबाजों को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ सकता है. बीसीसीआई के क्यूरेटर्स आने के साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के क्यूरेटर्स अभी पिच को बेहतर बनाने के लिए रोलिंग हल्के रोलर से कर रहे हैं. इसके बाद रात में ओस से बचाने के लिए इसे ढंका जा रहा है. यहां दोपहर 2 बजे की धूप सेंटर पिच नंबर 5 व 6 को दी जा रही है. स्टेडियम के पास काउंटर पर असमंजस बूढ़ातालाब किनारे इंडोर स्टेडियम में ऑनलाइन टिकट बुकिंग वालों को 2 दिसंबर की शाम तक ही फिजिकल टिकट मिल पाएगी. क्रिकेट संघ ने इसके बाद दर्शकों की सुविधा के लिए नवा रायपुर रेलवे स्टेशन के आसपास उपयुक्त जगह पर अस्थायी टिकट काउंटर खोलने की अनुमति नवा रायपुर विकास प्राधिकरण से मांगी थी. उसका जवाब अब तक नहीं आ पाया, इसलिए तीन दिसंबर को खुलने वाले काउंटर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. पहली बार लगेगा स्पाइडर कैमरा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में बीसीसीआई की ब्रॉडकॉस्टिंग टीम ने मैदान के ऊपर बीचों-बीच स्पाइडर कैमरा लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी के साथ मैदान के चारों ओर लगभग 4 के अल्ट्रा क्वालिटी के 40 अतिरिक्त कैमरे भी लगाये जा रहे हैं. इसी प्रकार स्टेडियम के चारों ओर अधिकृत विज्ञापन एजेंसियों के बोर्ड बाउंड्री के पार लगाने का काम 1 दिसंबर को सुबह से शुरू कर दिया है.

संगीत सोम ने मौलाना मदनी के विवादित बयान पर जताया गुस्सा, बोले- ‘सनातनी दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा’

 मेरठ  यूपी के मेरठ में बीजेपी के पूर्व विधायक और फायर ब्रांड नेता संगीत सिंह सोम ने मौलाना मदनी द्वारा दिए गए जिहाद वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो बीमार मौलाना हैं. उनकी मानसिकता बीमार है. संगीत सोम ने आरोप लगाते हुए कहा कि मदनी एक ऐसे संस्थान से आते हैं जहां से हमेशा आतंकी निकलते हैं, वह अपनी मानसिकता नहीं बदल सकते.  सोम ने कहा- 'ये लोग संविधान की बात करते हैं लेकिन पत्नी रखेंगे चार. बात संविधान की करेंगे और संविधान को ही अपने तरीके से मोड़ना चाहते हैं. देश में जब-जब आतंक होता है, उसको सही ठहराते हैं. मैं सलाह देना चाहता हूं कि कहीं ऐसा ना हो कि देश के सनातनी सड़कों पर उतर आएं और तुम जैसे मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारना शुरू कर दें. यहां से पाकिस्तान तक दौड़ाकर ले जाएं और वहीं तुम्हारे घर में घुसा के आएं.' संगीत सोम ने आगे कहा कि इनकी समझ में अभी आ नहीं रहा है, मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं, होश में आ जाओ. वैसे… इनके बारे में टिप्पणी करना बेकार है. ये किसी तरीके से संविधान को नहीं मानते और ये अपनी इस मानसिकता से बाहर भी नहीं आना चाहते हैं.  मदनी के 'जिहाद' वाले बयान पर भड़के संगीत सोम दरअसल, मदनी ने कहा था कि 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा'. इसपर संगीत सोम ने कहा कि ये लोग देश का संविधान अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं और जहां संविधान की बात आती है, वहां शरिया कानून की बात करते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चार बीवी और 21 बच्चे रखने की बात आती है, तब संविधान याद नहीं आता, लेकिन जिहाद को सही ठहराना चाहते हैं. सोम ने कहा, "पूरी दुनिया में अगर मुस्लिम कहीं सुरक्षित हैं तो वह भारत में हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग "खाते भारत की हैं और गाते पाकिस्तान की हैं." सोम ने सीधे तौर पर कहा कि आतंकी मदरसों से निकलते हैं, खासकर देवबंद से, और देश में मदरसे बंद होने चाहिए. संगीत सोम ने चेतावनी दी कि अगर मौलाना नहीं सुधरे, तो "यहां का सनातनी सड़कों पर उतर के इनको दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा और दौड़ा-दौड़ा के पाकिस्तान तक छोड़कर आएगा." उन्होंने घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर भेजने की भी बात कही. मदनी का बयान- जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक कार्यक्रम में न्यायपालिका के हालिया फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 'बाबरी मस्जिद और तलाक जैसे मामलों के फैसलों से ऐसा लगता है कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं.' उन्होंने आगे कहा था कि अदालतों के कई ऐसे फैसले सामने आए हैं, जिनमें संविधान में दिए गए अल्पसंख्यकों के अधिकारों का खुले तौर पर उल्लंघन हुआ है.

सरकारी योजनाओं से 17 आदिवासी परिवारों का किनारा, SIR बहिष्कार से जिला प्रशासन अलर्ट

कांकेर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की टीम जब आदिवासी परिवारों के पास पहुंची तो उन्होंने फॉर्म लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने न केवल एसआईआर बल्कि सरकार की अन्य योजनाओं का भी सामूहिक बहिष्कार कर दिया है. करीब 17 आदिवासी परिवार स्वीकृति के बाद न तो पीएम आवास और न ही आवंटित सरकारी राशन ले रहे हैं. आदिवासियों के इस सामूहिक बहिष्कार से जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई है. दरअसल, पूरा मामला सरोना तहसील के ग्राम पंचायत लेंडारा का है. ग्राम स्तर पर कई बार बैठक कर समझाइश और संवाद की कोशिशें की गईं. लेकिन परिवार प्रशासन से किसी भी तरह की बातचीत को तैयार ही नहीं है. बीएलओ टीम के अनुसार, कई बार तो आदिवासी परिवार के लोग सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं. वहीं राशन दुकान संचालक रामकुमार यादव का कहना है कि पहले 4 परिवार ही राशन लेने से मना कर रहे थे, लेकिन नवंबर महीने से अन्य परिवार भी राशन नहीं लेने की बात कह रहे हैं. ग्राम पंचायत सचिव संतोष कुमार निषाद ने बताया कि शासकीय योजनाओं के विरोध की जानकारी मिलने पर गांव में बैठक कराई गई. हालांकि इन परिवारों ने किसी भी मुद्दे पर जानकारी देने से इनकार कर दिया. अब तो आवास निर्माण से भी मना कर रहे हैं. गांव में SDM, तहसीलदार, BLO को भेजकर करेंगे बातचीत की कोशिश इस मामले में जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि लेडारा गांव के कुछ ग्रामीण शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले रहे है और एसआईआर फॉर्म नहीं भर रहे हैं ऐसी जानकारी मिली है. उस गांव में एसडीएम, तहसीलदार,बीएलओ व कर्मचारियों को भेजकर ग्रामीणों से बातकर किया जाएगा.

एक साथ 7 IAS अफसरों के तबादले, बिहार सरकार ने दी नई जिम्मेदारियों की मंजूरी

पटना  नवंबर महीने की आखिरी तारीख को बिहार में प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने एक साथ पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को स्थानांतरण (IAS Transfer 2025) किया गया है। प्रधान सचिव,  अपर मुख्य सचिव और आयुक्त समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव देखा गया है। इसके अलावा दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। कुछ को एडिशनल चार्ज से मुक्त भी किया गया है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने 30 नवंबर 2025 रविवार को जारी कर दिया है। बैच 1991 के आईएएस अधिकारी सी.के अनिल, परामर्शी, बिहार राज्य योजना परिषद पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पद पर पदस्थ किया गया है। दीपक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग को महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को मिला एडिशनल चार्ज बैच  2010 के आईएएस अधिकारी कौशल किशोर को पर मंडलीय आयुक्त तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वह प्रमंडलीय आयुक्त दरभंगा प्रमंडल पद पर कार्यरत हैं।  संजय कुमार सिंह को विशेष कार्य पदाधिकारी गृह विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। वर्तमान में वह सचिव वाणिज्य कर विभाग पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा सचिव स्वास्थ्य विभाग, वाणिज्य कर आयुक्त, वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी के अपर आयुक्त और जांच आयुक्त सामान्य प्रशासन विभाग पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। इसके अलावा कार्तिकेय धनजी को धारित सचिव उद्योग विभाग के अतिरिक्त प्रभाव से मुक्त किया गया है। इन आईएएस अफसरों का भी हुआ तबादला  मिहिर कुमार सिंह को विकास आयुक्त बिहार के पद बिहार पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह अपर मुख्य सचिव उद्योग विभाग पद का पद पर कार्यरत थे। साथ ही अतिरिक्त प्रभार के तौर पर अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग और महानिदेशक सह जांच आयुक्त पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। कुंदन कुमार को सचिव उद्योग विभाग पद पर भेजा गया है।  राज कुमार को सचिव परिवहन विभाग के पद पर पदस्थापित किया गया है, जो पहले प्रमंडलीय आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

क्रिकेट मैच की ब्लैक टिकट बिक्री का भंडाफोड़, दो युवक रंगे हाथों पकड़े गए

रायपुर रायपुर पुलिस ने 3 दिसंबर को होने वाले भारत-दक्षिण अफ्रिका मैच की टिकटें ब्लैक करते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों युवकों के पास से 2500 रुपए वाली 7 टिकटें बरामद की गई है, जिसे वह दोगुनी कीमत पर बेच रहे थे. मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है. मैच से पहले सभी थानों को टिकटों की कालाबाजारी की शिकायत को लेकर अधिकारियों ने तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सीएसपी सिविललाइंस रायपुर रमाकांत साहू ने जानकारी दी कि टिकटों की कालाबाजारी रोकने कई स्तरों पर तैयारी की गई है. लोगों से टिकट ब्लैक करने वालों के बारे में सूचना देने की अपील की गई है. पुलिस ने ग्राहक बनकर बुलाया था ब्लैकरों को गिरफ्तार आरोपियों के नाम ऋतिक माखीजा पिता दीपक माखीजा (25 वर्ष) और देवव्रत माखीजा पिता संजय माखीजा (21 वर्ष) बताए गए हैं. दोनों आरोपी फाफाडीह में अमित सेल्स के पास रहते हैं और रिश्तेदार बताए जा रहे हैं. शिकायत मिलने पर पुलिस के मुखबिर ने इनसे ग्राहक बनाकर फोन से संपर्क किया. 5 हजार रुपए में रेट तय होते ही आरोपी टिकट लेकर शंकरनगर में भारत माता चौक पहुंचे और सिविललाइंस थाने की टीम ने उन्हें दबोच लिया. दोनों फोन के जरिये ग्राहकों से संपर्क कर रहे थे.

दिल्ली धमाके में गिरफ्तारी के बाद NIA की बड़ी कार्रवाई, डॉक्टर शाहीन के घर छापा—परिजनों से सख्त पूछताछ

लखनऊ  राजधानी लखनऊ के खंदारी बाजार क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब सोमवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम दिल्ली विस्फोट कांड की मुख्य आरोपी डॉ शाहीन के घर पहुंची। एनआईए के अधिकारियों ने डॉ शाहीन के आवास पर करीब छह घंटे तक छापेमारी की और घर की गहन तलाशी ली। घर में मौजूद शाहीन के पिता और भाई शोएब से पूछताछ भी की। कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक डिवाइस कब्जे में लेने की बात कही जा रही है। टीम के बाहर निकलने पर मीडिया ने बात करने की भी कोशिश की लेकिन किसी सदस्य ने कोई जवाब नहीं दिया।   दिल्ली में पिछले महीने लाल किले पर हुए कार ब्लास्ट में डॉ शाहीन को मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। इस मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच के दौरान नाम सामने आने के बाद एटीएस ने शाहीन के भाई परवेज को भी लखनऊ से गिरफ्तार किया था। परवेज अलग घर लेकर रहता था। तब उसके घर से दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की गई थी। आज एनआईए के पहुंचने पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। खंदारी बाजार की कई गलियों में आम लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई। बताया जा रहा है कि टीम में फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। अलसुबह करीब छह बजे टीम शाहीन के घर पहुंची और एक-एक कोने की गहन तलाशी ली है।  

अक्तूबर-नवंबर में बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में पर्यटन बढ़ा, सैलानियों की संख्या 13% ऊपर

उमरिया  बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में इस साल का पर्यटन सत्र पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक उत्साहजनक साबित हो रहा है। अक्तूबर और नवंबर 2025 में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उद्यान प्रबंधन के अनुसार इस अवधि में सैलानियों की संख्या में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो कि संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। बीटीआर क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि वर्ष 2024 के अक्तूबर में कोर क्षेत्र में 13,323 भारतीय और 1,331 विदेशी तथा बफर क्षेत्र में 928 देशी और 44 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। उसी महीने कुल 15,626 सैलानियों ने भ्रमण किया। नवंबर 2024 में आंकड़ों में और वृद्धि दिखी। कोर क्षेत्र में 14,666 भारतीय और 3,013 विदेशी पर्यटक आए, जबकि बफर क्षेत्र में 2,964 देशी और 99 विदेशी सैलानी शामिल हुए। इस प्रकार, अक्तूबर और नवंबर 2024 में कुल 36,368 पर्यटक उद्यान पहुंचे थे, जिनमें 31,881 देशी और 4,487 विदेशी शामिल थे। इस वर्ष पर्यटन ने नया अध्याय लिखा। 2025 के अक्तूबर में कोर क्षेत्र में 14,999 भारतीय और 1,697 विदेशी सैलानी आए, जबकि बफर क्षेत्र में 3,985 देशी और 143 विदेशी पर्यटक पहुंचे। वहीं नवंबर में कोर क्षेत्र में 15,425 भारतीय और 3,366 विदेशी तथा बफर क्षेत्र में 1,553 देशी और 151 विदेशी पर्यटक शामिल हुए। इस वर्ष इसी अवधि में कुल 41,319 पर्यटक बांधवगढ़ आए, जिनमें 36,962 भारतीय और 5,357 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2024 की तुलना में 2025 में 4,951 अधिक पर्यटक पहुंचे। इनमें 4,081 भारतीय और 870 विदेशी नागरिक थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बांधवगढ़ न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता, बाघों की सक्रिय मौजूदगी और बेहतर प्रबंधन ने पर्यटकों को आकर्षित किया है। डॉ. सहाय ने कहा कि यह वृद्धि वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन संवर्धन मॉडल की सफलता को दिखाती है। बांधवगढ़ के जंगलों ने इस वर्ष फिर साबित किया है कि प्रकृति जब संजोई जाती है, तो दुनिया खुद उसे देखने चली आती है।