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दिव्यांगजन को विशेष अवसर देने पर बल, वंचित समाज को मुख्यधारा में लाया जाएगा

महिला और बाल विकास पर विशेष प्राथमिकता, महिलाएं देश और समाज की मुख्य धुरी कामकाजी महिलाओं के लिए पिंक इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा, पिंक ट्रांसपोर्ट की भी व्यवस्था उत्तर प्रदेश 2047 तक बनेगा विकसित प्रदेश, AI और महिला सशक्तिकरण से होगा वास्तविक विकास  स्टेकहोल्डर वर्कशॉप में सामाजिक सुरक्षा पर बनी रणनीति विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047 पर एक साथ 9 विभागों ने साझा की अपनी रणनीति समाज कल्याण विभाग की स्टेकहोल्डर वर्कशॉप में योजना के क्रियान्वयन पर दिया गया जोर लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने बुधवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में विभागीय स्टेकहोल्डर वर्कशॉप आयोजित की। यह वर्कशॉप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समावेशी व सक्षम उत्तर प्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इसमें प्रदेश के 9 विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग कर उज्जवल भविष्य की नई परिकल्पना और नीतियों को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। 2047 तक प्रत्येक क्षेत्र में होगा समेकित विकास समाज कल्याण विभाग की इस कार्यशाला का उद्देश्य सशक्त समाज, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी प्रगति, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श करना था। हितधारकों के सामूहिक विमर्श ने राज्य के दीर्घकालिक विकास एजेंडे को नई दिशा देने का कार्य किया। ‘उत्तर प्रदेश बनेगा बदलाव का मॉडल’ समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि विजन 2047 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि समाज-केन्द्रित बदलाव का संकल्प है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक कमजोर वर्ग महिलाएं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, अल्पसंख्यक और ट्रांसजेंडर समुदाय तक नीतियों का लाभ तेजी और समानता के साथ पहुंचे। दिव्यांगजन को विशेष अवसर देने की रणनीति पर बल समाज कल्याण विभाग की इस कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि समाज के हर वर्ग और समुदाय का विकास होगा। उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ है जिसमें 75 लाख दिव्यांगजन हैं। विकसित उत्तर प्रदेश के तहत उनके सर्वांगीण विकास पर काम किए जाने के लिए एक रुपरेखा प्रस्तुत की गई । इस कार्यशाला में दिव्यांगजन के उत्थान पर विशेष चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश सरकार नौकरी के साथ साथ, उद्योग के लिए ऋण की भी व्यवस्था कराएगी। वंचित समाज और बुजुर्गों को मुख्यधारा में लाया जाएगा उत्तर प्रदेश विकसित सही मायने में तभी बनेगा जब हाशिए पर पड़ी अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी और अल्पसंख्यकों को भी शिक्षित और समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा और विकास पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्धता जताई गई। कार्यशाला में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में अभी 3 करोड़ वृद्धजन हैं। इनके लिए सेवा साथी एप से रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में काम किया जा रहा है। वृद्धजनों के लिए एक व्यापक रणनीति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि इनके सामाजिक सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। वृद्धों के लिए आवास बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। युवाओं और बच्चे के विकास पर जोर देना होगा उत्तर प्रदेश के विकास में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आगे निभाएंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध करना सरकार की प्राथमिकता है जिस पर कई विभाग अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही जो बच्चे विकास की दौड़ में पीछे छूट गए हैं उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा।     महिला और बाल विकास पर विशेष प्राथमिकता विकसित उत्तर प्रदेश @47 विजन में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके स्वावलंबन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इसके लिए पिंक इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा जो केवल कामकाजी महिलाओं के लिए होगा। इस इंडस्ट्रियल पार्क में केवल महिलाएं ही उद्योग संचालित करेंगी और काम करेंगी। उनके लिए  महिला आधारित पिंक ट्रांसपोर्ट सेवा होगी जिसमें केवल महिलाएं ही यात्रा करेंगी। इस इंडस्ट्रियल पार्क में क्रेच होगा जहां छोटे बच्चों का ध्यान रखा जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को उचित पोषाहार महिला और बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि अगर सही मायने में विकास करना है तो सबको साथ में मिलकर काम करना होगा। हमें केवल योजनाएं ही नहीं बनानी है बल्कि उसका क्रियान्वयन भी करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1890000 आंगनबाड़ी हैं। इसके माध्यम से बच्चों के पोषण का भरपूर ध्यान रखा जा रहा है। इसके माध्यम से हम बच्चों का ध्यान रखते हैं। उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। जब बच्चें स्वस्थ होंगे तो स्वत: प्रदेश और देश का विकास हो जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने से देश सशक्त होता है। उन्होंने बच्चों के मानसिक विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित होंगे ‌ 2047 तक उन्हें प्ले स्कूल की तरह विकसित किया जाएगा।  2047 के लिए एक विस्तृत रुपरेखा पर काम करने का आवश्यकता  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि देश काल और परिस्थिति तीनों को ध्यान में रखते हुए काम करना होगा। भारत अन्य देशों के मुकाबले भिन्न है इसलिए इसकी विविधता को देखते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें 2047 में प्रदेश की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना होगा।   

वैश्विक जंबूरी में दमकेंगे उत्तर प्रदेश के रंग–संस्कृति, शिल्प और उद्यमिता को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

लखनऊ बनेगा सांस्कृतिक राजधानी: जंबूरी में यूपी की कला, शिल्प और स्वाद दिखेगा दुनिया को ओडीओपी की वैश्विक उड़ान: जंबूरी में बढ़ेगी यूपी के शिल्पकारों की अंतरराष्ट्रीय पहचान छह दशक बाद ऐतिहासिक मेजबानी: जंबूरी से यूपी में पर्यटन और निवेश को नई गति बनारसी साड़ी से चिकनकारी तक—जंबूरी में दुनिया देखेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर लखनऊ उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और शिल्पकला अब वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाने जा रही है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी में इस वर्ष पहली बार बड़े पैमाने पर एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के प्रोडक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश छह दशक बाद इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें 23 से 29 नवंबर तक लाखों प्रतिभागियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत राजधानी लखनऊ करेगी।  योगी सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित इस जंबूरी में उत्तर प्रदेश के शिल्पकारों और स्थानीय उत्पादों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। बनारसी और रेशम की साड़ियाँ, चंदौली की ज़री-ज़रदोज़ी, लखनऊ की चिकनकारी, आगरा का पेठा, ग़ाज़ीपुर की जूट वॉल हैंगिंग्स, जौनपुर के ऊनी कारपेट—इन सभी को समर्पित ओडीओपी पवेलियन  में विशेष स्थान दिया गया है। यह पवेलियन न केवल उत्पादों की सुंदरता को दर्शाएगा बल्कि इनके पीछे काम करने वाले शिल्पकारों की मेहनत और कौशल को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। राष्ट्रीय जंबूरी जैसा बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच उत्तर प्रदेश के लिए बहुआयामी आर्थिक अवसर लेकर आया है। हजारों प्रतिभागियों और विदेशी प्रतिनिधियों की उपस्थिति से स्थानीय उद्योगों, पारंपरिक कलाओं और शिल्पकारों को व्यापक बाजार और नई पहचान मिलेगी। ओडीओपी उत्पादों का ऐसा वैश्विक प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँच बनाने का एक सशक्त माध्यम है, जिससे मांग बढ़ेगी और प्रदेश के कारीगरों को नए आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे। यह प्रयास राज्य में रोजगार सृजन और निवेश आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। असिस्टेंट रीजनल ऑर्गनाइजेशन कमिश्नर जयप्रकाश दक्ष ने बताया कि विश्वभर से आए स्काउट्स, गाइड्स और प्रतिनिधि इन कारीगरों के कौशल को नज़दीक से समझ सकेंगे। यह अवसर न केवल युवा प्रतिभागियों को प्रेरित करेगा बल्कि उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत की गहराई से भी परिचित कराएगा। वहीं लीडर ट्रेनर स्काउट अमिताभ पाठक ने कहा कि यह मंच उत्तर प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल शिल्पकारों को सम्मान मिलेगा बल्कि उनकी कृतियों की अंतरराष्ट्रीय मांग भी बढ़ेगी। जंबूरी में भारत की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रदर्शन खान पान, परिधान और लोक कलाओं के माध्यम से भी होगा। पूड़ी–कचौरी, जलेबी, बनारसी पान, चाट और क्षेत्रीय मिठाइयाँ जैसे पारंपरिक व्यंजन प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश के स्वाद से रूबरू कराएँगे। विविध लोककलाओं, पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागी देश की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत अनुभव करेंगे। “सशक्त युवा–विकसित भारत” की थीम पर आधारित यह जंबूरी 32,000 से अधिक प्रतिभागियों की मेजबानी करेगी, जिनमें एशिया–प्रशांत क्षेत्र के लगभग 2,000 प्रतिनिधि शामिल हैं। यह आयोजन न केवल युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता का उत्सव है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी है। जंबूरी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की कला, व्यंजन, विरासत और लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इस आयोजन से पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है। अंततः यह वैश्विक मंच उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक उपस्थिति को दुनिया में मजबूत करेगा और राज्य की दीर्घकालिक प्रगति के नए द्वार खोलेगा।

इंदौर में स्टूडेंट वीज़ा का दुरुपयोग! अफ्रीकी युवती कोकीन सप्लाई करते पकड़ी गई, मोबाइल से मिले कोडवर्ड नंबर

इंदौर इंदौर नारकोटिक्स पुलिस ने रेसिडेंसी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अफ्रीकी युवती लिंडा अनाबा को कोकीन के साथ गिरफ्तार किया है। 25 वर्षीय लिंडा जून में स्टूडेंट वीजा पर भारत आई थी। तलाशी के दौरान उसके फोन में कोडवर्ड में सेव किए गए संदिग्ध नंबर मिले, साथ ही उसने अवैध धंधे में शामिल होने और ड्रग्स सप्लाई करने की बात भी स्वीकार की है। DIG (नारकोटिक्स) महेशचंद्र जैन ने बताया कि लिंडा मूल रूप से अफ्रीकी देश कोटे दी आईवोर के एक शहर की रहने वाली है और इन दिनों मुंबई के नालासोपारा क्षेत्र में रह रही थी। मंगलवार रात पुलिस ने उसे उस वक्त पकड़ा जब वह कोकीन लेकर पहुंची थी। महिला अधिकारियों ने उसकी तलाशी लेकर 31 ग्राम कोकीन बरामद की।   निरीक्षक हरीश सोलंकी के अनुसार, पूछताछ में लिंडा ने बताया कि भारत आने के बाद उसकी मुलाकात अनैतिक गतिविधियों में शामिल एक एजेंट से हुई, जिसके साथ वह मुंबई सहित कई शहरों में जाने लगी। एजेंट उसे इंदौर भी लेकर आए थे और ड्रग डिलीवरी करवाते थे। इंदौर आने से पहले उसे मुंबई में ही कोकीन का पैकेट सौंपा गया था। पुलिस लिंडा के वीजा संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रही है और संबंधित जानकारी दूतावास को भेज दी गई है। वह इंटरनेट कॉलिंग का उपयोग करती है और उसके फोन की चैट 24 घंटे में डिलीट हो जाती है। कई नंबर कोडवर्ड में दर्ज होने के कारण पूछताछ में कठिनाई आ रही है। साइबर एक्सपर्ट की मदद से डिलीट डेटा रिकवर करवाया जा रहा है।  

नक्सल विरोधी कार्रवाई पर बोले पूर्व सीएम बघेल: हमने युद्ध स्तर पर किया था काम

रायपुर नक्सलवाद के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाई है. उन्होंने कहा कि नक्सली मामले में हमने अच्छा काम किया था. हमने युद्ध जैसे लड़ाई नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी. हमारी सरकार के समय से नक्सलियों का कमर टूटना शुरू हुआ. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में वहीं बिजली बिल हाफ की घोषणा पर तंज कसते हुए कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरा है. सरकार भी लोगों को ठगने लगी है. सरकार बिजली बिल का रेट तीन बार बढ़ा चुकी है. आम जनता को लाभ नहीं होगा. वहीं आज प्रदेशभर में मारे गए एसीबी-ईओडब्ल्यू के छापे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वसूली पर लगे हुए हैं. इनके ऊपर छापे पढ़ने चाहिए. रोज हत्याएं हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं. आईजी वसूली में लगा हुआ है. SISI के जुड़े दो नाबालिगों की रायपुर में गिरफ्तारी पर भूपेश बघेल ने कहा कि ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार यह काम कर रही है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद कहा गया था कि अब एक्ट ऑफ वार होगा, फिर अब दाएं-बाएं क्यों कर रहे हैं. एक-दो लोग पकड़ाते रहेंगे, लेकिन कश्मीर से राजधानी तक आतंकी पहुंचे इसका जिम्मेदार कौन है. वहीं सुरक्षा एजेंसी पर निशान साधते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसी विपक्षियों की जासूसी में लगी है. देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिए हैं. वहीं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री 3100 सौ रुपए में मध्य प्रदेश में धान खरीद रहे हैं. छत्तीसगढ़ में बारदाना आया है, उसमें 40 किलो धान नहीं आ पा रहा है. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू नहीं हो पाई है. लाखों किसान इससे वंचित हो गए हैं.

महिलाओं को मिलेगा फ्री स्किल ट्रेनिंग: जानें कौन कर सकता है आवेदन

रांची बिहार की नीतीश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में  पटना समेत 4 शहरों में पिंक बसें चलाने का बड़ा महत्वपूर्ण फैसला किया गया। प्रदेश में पिंक बस सर्विस शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यह था कि महिलाएं सुरक्षित होकर आराम से सफर कर सकें। पिंक बसों में सफर करने वाली महिलाओं की सुविधा और सहूलियत का ध्यान रखते हुए बस को चलाने की कमान भी महिलाओं को ही सौंपी गई है। इन महिला चालकों की तैनाती समाज को यह संदेश भी दे रहा है कि अब बिहार की महिलाएं खुद को सशक्त करते हुए अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत भी कर रही हैं। अब बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने महिला चालकों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। महिलाएं 15 दिसंबर 2025 तक कर सकती आवेदन इच्छुक महिलाएं 15 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकती हैं। चयनित उम्मीदवारों को 20 जनवरी 2026 से दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। योग्यता और जरूरी दस्तावेज . ड्राइविंग लाइसेंस . कम से कम तीन साल का ड्राइविंग अनुभव . आयु सीमा 21 से 40 वर्ष, जो 1 जनवरी 2026 तक मान्य होगी . कम से कम 10वीं पास महिलाएं आवेदन से संबंधित पूरी जानकारी निगम की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय परिवहन कार्यालय से प्राप्त कर सकती हैं। राजधानी समेत 5 शहरों में चल रही पिंक बस इस वर्ष मई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीएनजी से चलने वाली 20 पिंक बस को हरी झंडी दिखाई थी। इनमें 8 बसों का परिचालन राजधानी की सभी रूटों पर सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक किया जाता है। इसमें रोजाना 1500 से दो हजार महिलाएं और छात्राएं सफर कर रहीं हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर जिले में चार, गया, पूर्णिया और दरभंगा जिले में दो-दो पिंक बस चल रही है। सभी बसों में दो-दो महिला कंडक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि बीएसआरटीसी राजधानी के सभी कॉलेजों में पिंक बस का पास बनाने के लिए विशेष कैंप आयोजित करेगा।  

पुलिस छापे में खुला रैकेट: पॉश एरिया से मिली महंगी अंग्रेजी शराब, तस्कर मौके से भागा

भोपाल शाहपुरा क्षेत्र की पॉश कॉलोनी से बुधवार को आबकारी टीम ने साढ़े तीन लाख की अंग्रेजी शराब बरामद की है। आबकारी टीम को सूचना मिली थी कि बावड़िया कलां क्षेत्र की एक कॉलोनी में तस्कर कार से महंगे ब्रांड की शराब अवैध रूप से लेकर जा रहा है। इससे टीम मौके पर पहुंची तो तस्कर कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। विभाग ने अज्ञात तस्कर के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जिला आबकारी कंट्रोलर आरजी भदौरिया ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी थी कि बावड़िया कलां स्थित आकृति रिट्रीट कॉलोनी परिसर में एक कार से अज्ञात व्यक्ति महंगी अंग्रेजी शराब लेकर जा रहा है। इससे मौके पर टीम को भेजा गया, जहां घेराबंदी कर दबिश दी तो कार चालक भाग खड़ा हुआ। टीम ने वाहन को जब्त कर तलाशी ली तो उसमें से विभिन्न महंगे ब्रांडेड अंग्रेजी शराब के 34 कार्टनों में करीब 306 लीटर शराब बरामद हुई है।   शराब की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये इसकी कीमत करीब तीन लाख 56 हजार रुपये आंकी गई है। टीम ने अज्ञात आरोपित की तलाश शुरू कर दी है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि टीम को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाए।

बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले अटकलें तेज: मैथिली ठाकुर पर BJP लगा सकती है बड़ा दांव

रांची बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा (JDU) और जदयू (JDU) मंत्रियों के नाम पर मंथन कर रही है। बात करें भाजपा की तो वह इस बार युवा, महिलाएं और सामाजिक रूप से प्रभावशाली वर्गों को कैबिनेट में बड़ा प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है। इसी रणनीति के तहत मैथिली ठाकुर, श्रेयसी सिंह समेत कई नए चेहरों के नाम लगातार सुर्खियों में हैं। दरभंगा के अलीनगर से जीतकर आईं 25 वर्षीय लोकगायिका और BJP MLA मैथिली ठाकुर नई कैबिनेट के सबसे चर्चित नामों में शामिल हो गई हैं। पहली बार चुनाव लड़कर उन्होंने RJD उम्मीदवार विनोद मिश्रा को 11,730 वोटों से हराया और 2025 के चुनाव में सबसे युवा विधायकों में जगह बनाई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उनकी बढ़ती लोकप्रियता, सांस्कृतिक पहचान और युवाओं में गहरी पकड़ को देखते हुए यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि वे कला-संस्कृति, युवा मामलों या सामाजिक न्याय जैसे अहम विभागों की दावेदार हो सकती हैं। शपथ ग्रहण में साफ होगा कैबिनेट का चेहरा नीतीश कुमार अपनी 10वीं पारी के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। नए मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे, इसका खुलासा शपथ ग्रहण समारोह में होगा, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि बिहार की नई राजनीति में मैथिली ठाकुर की एंट्री प्रभावशाली साबित हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में घुटन भरी हवा, ग्रेटर नोएडा का AQI खतरनाक स्तर पर पहुंचा

नोएडा  दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति पर पहुंच चुका है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर दर्ज किया गया है। मंगलवार को जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 454 तक पहुंचा था, वहीं बुधवार सुबह नॉलेज पार्क–V स्टेशन पर एक्यूआई बढ़कर 473 तक जा पहुंचा, जो सीजन का सबसे भयावह स्तर है। यह स्तर ‘गंभीर श्रेणी’ से भी आगे निकल चुका है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे जीवन के लिए अत्यंत हानिकारक बता रहे हैं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है।  दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई 400 से 450 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जबकि नोएडा में सेक्टर-125, सेक्टर-116 और सेक्टर-1 जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर 430 से 445 के बीच बना हुआ है। गाजियाबाद में संजय नगर और लोनीमें एक्यूआई 440 से ऊपर दर्ज किया गया, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती प्रदूषण की भयावह तस्वीर पेश करता है। ऐसे हालत तब बने हैं जब दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप -3 (ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान) के नियम लागू हैं। इस चरण में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक, जेनरेटर सेट पर प्रतिबंध, डीजल ट्रकों की एंट्री पर नियंत्रण और सड़क पर पानी का छिड़काव जैसे कई सख्त कदम उठाए जाते हैं। बावजूद इसके, प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते वाहन, कचरा जलाना, निर्माण कार्य, औद्योगिक धुंआ और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने जैसी वजहें लगातार हवा की गुणवत्ता को और खराब कर रही हैं। उधर मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह तेज़ हवाओं या बारिश की संभावना नहीं है, वहीं न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने तथा दिनभर कोहरे की स्थिति बनी रहने से प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहेंगे। इसका मतलब है कि आगामी दिनों में प्रदूषण से राहत की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय या श्वास संबंधी रोगियों के लिए अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने लोगों को घर के बाहर अनावश्यक न निकलने, मास्क पहनने और सुबह-शाम की सैर टालने की सलाह दी है। 

पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से फरवरी 2026 तक होगी धान की खरीद

खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा धान साधारण धान 2369 रुपए और ग्रेड 'A' 2389/ रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा धान की खरीदारी को लेकर सहकारिता विभाग पैक्स एवं व्यापार मंडलों के लिए जारी कर चुका है आवश्यक निर्देश धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए किसान कर सकते हैं टॉल फ्री नंबर 1800 1800 110 पर फोन पटना  सहकारिता विभाग ने कहा है कि राज्य में किसानों से धान की अधिप्राप्ति नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक चलेगी। अर्थात किसानों से धान की खरीदारी फरवरी तक की जाएगी। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अन्तर्गत पंचायत स्तर पर पैक्स एवं प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल के माध्यम से किसानों से धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद किया जाएगा। जिसमें साधारण धान की खरीद 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी। वहीं ग्रेड-'A' धान के लिए किसानों को 2389 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। पैक्सों और व्यापार मंडलों के जरिए होने वाली इस धान की खरीदारी से किसानों को बिचौलियों के शोषण से सुरक्षा मिलती है। साथ ही साथ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने से अच्छी आय भी होती है। धान क्रय के बाद राशि का भुगतान सीधे किसान के नामित खाते में पीएफएमएस के माध्यम से किया जायेगा। कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर किसान निबंधन कराकर धान की बिक्री कर सकते हैं। इसके लिए इच्छुक किसानों के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर धान की संभावित मात्रा एवं भूमि संबंधी अद्यतन विवरणी प्रविष्ट करना आवश्यक होगा। कृषि विभाग के पोर्टल पर निबंधन 15 सितम्बर, 2025 से ही प्रारंभ है। भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें पैक्स या व्यापार मंडल सहकारिता विभाग ने कुछ दिनों पूर्व ही अपने एक निर्देश में पैक्सों और व्यापार मंडलों को कहा था कि धान अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ होने के पहले सभी पैक्स/व्यापार मंडल भंडारण की व्यवस्था, नमी मापक यंत्र, माप-तौल यंत्र का नवीकरण, किसानों का आधार आधारित सत्यापन के लिए आवश्यक उपकरण, बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराना आदि सुनिश्चित कर लें। धान खरीद का काम अंकेक्षित तथा गैर-प्रमादी पैक्स/व्यापार मंडलों के माध्यम से किया जाएगा। वहीं विभाग ने कहा है कि निबंधन/अधिप्राप्ति कार्य में असुविधा होने पर या कोई जानकारी लेने के लिए किसान टॉल फ्री नम्बर-1800 1800 110 पर फोन कर सकते हैं।

जिले की स्वच्छता यात्रा:खुले में शौच से ओडीएफ और सस्टेनेबल स्वच्छता की ओर

विश्व शौचालय दिवस आज बिलासपुर,  स्वच्छ  भारत मिशन के जिले में बेहतर क्रियान्वयन से अब कभी खुले में शौच की समस्या से जूझते ग्रामीण इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। शौचालय निर्माण से लेकर ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन तक आम जनता की भागीदारी से स्वच्छ भारत का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से गांवों में स्वच्छता अभियान ने जोर पकड़ा है ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत शौचालय निर्माण से ग्रामीणों को राहत मिली है।     स्वच्छ भारत मिशन के पहले चरण में ग्रामीण परिवारों की  व्यक्तिगत शौचालय की आवश्यकता थी लेकिन संसाधन और जागरूकता की कमी बड़ी चुनौती थी। प्रशासन, पंचायतों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से जिले में 2,03,091 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हुआ। इनमें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 1 लाख 38 हजार 770, मनरेगा के तहत 30 हजार 574, डीएमएफ 5 हजार 68 एवं अन्य योजनाएँ 28 हजार 679 शौचालय शामिल है। इन शौचालयों के निर्माण ने हजारों परिवारों को गरिमा, सुरक्षा और स्वच्छ जीवन जीने की राह दिखाई। महिलाएँ, जो पहले अंधेरा होने का इंतज़ार करती थीं, अब उनके पास अपने घर में सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध है। इसी चरण ने जिले को ओडीएफ की ओर अग्रसर करने की मजबूत नींव रखी।      बिल्हा ब्लॉक के ग्राम नवगंवा की श्रीमती गायत्री खरे और रानी सूर्यवंशी कहती है कि शौचालय निर्माण से उनकी एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है अब उन्हें किसी भी मौसम में बाहर जाना नहीं पड़ता।।मस्तूरी ब्लॉक के  ग्राम ढेका निवासी युवा खुशबू राजपूत ने कहा कि सरकार द्वारा शौचालय निर्माण महिलाओं की  गरिमा का सम्मान है।  स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में जिले ने केवल शौचालय निर्माण तक खुद को सीमित नहीं रखा। यहाँ लक्ष्य था स्वच्छता को स्थायी और सस्टेनेबल बनाना। पहले से निर्मित शौचालयों के अलावा इस चरण में भी 13,987 नए शौचालयों का निर्माण किया गया, जिससे नई बस्तियों और जरूरतमंद परिवारों को सुविधा मिली। ग्राम बाजार, हाट-बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 512 सामुदायिक शौचालयों ने स्वच्छता को और सुदृढ़ किया। गाँवों में गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और प्रबंधन की दिशा में 636 इकाइयाँ स्थापित की गईं। अब कचरा नालियों या सड़कों में इकट्ठा नहीं होता कृ व्यवस्थित निपटान से गाँवों की स्वच्छता स्तर पहले से कई गुना बढ़ गया है। जिले के 4 विकासखण्डों में 4 यूनिट्स स्थापित की गईं, जहाँ प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिकल स्लज निपटान हेतु एक क्रियाशील और एक निर्माणाधीन इकाई स्थापित की गई है। यह ग्रामीण स्वच्छता के उन्नत स्तर की ओर बड़ा कदम है, जिससे जल स्रोतों के प्रदूषण में भारी कमी आई है। जिले में 8 बायोगैस संयंत्र क्रियाशील हैं। इससे न केवल कचरे का उपयोग हो रहा है, बल्कि स्वच्छ, धुआँ-रहित ऊर्जा भी ग्रामीण परिवारों को मिल रही है।     उल्लेखनीय है कि विश्व शौचालय दिवस हर वर्ष 19 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के महत्व के प्रति जागरूकता के लिए समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस की शुरुआत दुनिया भर में मौजूद स्वच्छता संकट की ओर ध्यान दिलाने के लिए किया।सुरक्षित शौचालय की सुविधा न होने से विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ फैलती हैं और लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।