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राजधानी भोपाल में 8 पुलिसकर्मी को सस्पेंड, ये पुलिसकर्मी ट्रांसफर के आदेश को नहीं मान रहे थे

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता को लेकर 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Policeman Suspended) कर दिया है. इन पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रांसफर आदेशों का पालन न करने और ट्रांसफर वाली जगह पर आमद नहीं देने पर निलंबित किया गया है. DCP श्रद्धा तिवारी द्वारा यह कार्रवाई की गई है. सस्पेंड होने वालों में एक सब इंस्पेक्टर, ASI, 2 कांस्टेबल, 4 हेड कांस्टेबल शामिल हैं.  निलंबित किए गए ये पुलिसकर्मी     साबिर खान- उप निरीक्षक (थाना टीलाजमालपुरा)     रामअवतार- सहायक उप निरीक्षक (रक्षित केंद्र)     नरेश कुमार शर्मा- प्रधान आरक्षक क्रमांक 1906 (थाना श्यामला हिल्स)     मनोहरलाल- प्रधान आरक्षक क्रमांक 1851 (थाना बागसेवनिया)     चंद्रमौल मिश्रा प्रधान आरक्षक क्रमांक 2091 (थाना कमलानगर)     वीरेंद्र यादव आरक्षक क्रमांक 1517 (थाना हनुमानगंज)     कपिल चंद्रवंशी आरक्षक क्रमांक 4682 (थाना हनुमानगंज)     प्रशांत शर्मा आरक्षक क्रमांक 3305 (थाना अपराध शाखा)

रीवा में सरकारी अस्पताल के डॉ. अशरफ पर नर्सिंग छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए , अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा

रीवा  रीवा के संजय गांधी अस्पताल में नर्सिंग की 80 छात्राओं ने डॉ. अशरफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉ. अशरफ उनके साथ गंदा व्यवहार करते हैं। इस वजह से वे अब उनके साथ काम करने से मना कर रही हैं। यह मामला तब सामने आया जब कुछ दिन पहले इसी ईएनटी (ENT) विभाग में एक नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया था। नर्सिंग कॉलेज की 80 छात्राओं ने एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईएनटी विभाग में काम करने वाले डॉक्टर अशरफ उनके साथ गंदी भाषा में बात करते हैं, अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हैं और क्लीनिकल प्रैक्टिस के दौरान बार-बार मानसिक रूप से उन्हें परेशान करते हैं। नर्सिंग छात्राओं ने गंदे व्यवहार के लगाए आरोप     नर्सिंग कॉलेज की 80 छात्राओं ने मामले को लेकर प्राचार्य को लिखित शिकायत दी। इन्होंने कहा कि ईएनटी विभाग में काम करने वाले डॉ. अशरफ उनके साथ गंदी भाषा में बात करते हैं, गलत-गलत कमेंट करते हैं और क्लीनिकल प्रैक्टिस के दौरान बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। इस शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने डाॅक्टर की ड्यूटी ईएनटी विभाग से हटा दी। नाबालिग ने गैंगरेप का भी लगाया था आरोप हाल ही में ईएनटी विभाग में एक अन्य घटना भी घटी थी। इसमें एक वॉर्ड बॉय पर नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। नाबालिग ने गैंगरेप का भी आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। अब यह नया मामला सामने आया है। इसमें नर्सिंग छात्राओं के साथ डॉ. अशरफ के व्यवहार को लेकर शिकायत की गई है। प्राचार्य ने डीन को लिखा पत्र प्राचार्य ने छात्राओं की शिकायत के आधार पर डीन को पत्र लिखा है। पत्र में डॉ. अशरफ के गंदे व्यवहार का उल्लेख किया गया। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू करने का आदेश दिया। इस जांच का नेतृत्व नेत्र रोग विभाग की प्रमुख डॉ. शशि जैन करेंगी। टीम में डॉ. नीरा मराठे, पीएसएम, रीना पटेल (स्टाफ नर्स), और कमलेश सचदेवा (खुशी फाउंडेशन) भी शामिल हैं। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य, प्रवीण पटेल ने पुष्टि की है कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इस कारण उनकी ड्यूटी ईएनटी विभाग से हटा दी गई है। उनका मानना है कि इससे छात्राओं को मानसिक शांति मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई और कार्य कर सकेंगी। यह कदम इस बात को भी उजागर करता है कि अस्पताल प्रबंधन को कर्मचारियों और छात्रों की सुरक्षा के मामलों में सख्त रवैया अपनाने की जरूरत है। अब यह देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के बाद क्या कार्रवाई की जाती है और क्या इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो -मुख्यमंत्री

लखनऊ  सावन महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था की कमान सीएम योगी खुद संभाल रहे हैं. गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से बिजनौर तक हेलीकॉप्टर द्वारा पूरे यात्रा मार्ग का उन्होंने हवाई निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक भावना के सम्मान में कोई कमी न रह जाए. मुख्यमंत्री  साफतौर पर कहा कि कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का विषय है. ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से यात्रा की पवित्रता बनाए रखने पर बल दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी व्यक्ति खानपान की वस्तुओं को दूषित करने या श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान करने जैसा कोई भी निंदनीय प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और संबंधित आरोपियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज किया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में यात्रा का वातावरण बिगड़ना नहीं चाहिए. अव्यवस्था फैलाने वालों को नहीं मिलेगी रियायत मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव, झगड़ा, विवाद या अव्यवस्था फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो भी व्यक्ति व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही उन्होंने जोर दिया कि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की सतत निगरानी और पर्याप्त बल की तैनाती हो. श्रद्धालुओं के लिए पूरी हो व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में कांवड़ मार्ग पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द से जल्द काम किया जाए. सीएम ने कहा कि  टेंट, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल शौचालय, और एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाओं को हर हाल में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.. उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां कांवड़िए रुकते हैं, वहां साफ-सफाई, साफ पेयजल और ठहरने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, यात्रा मार्ग पर उचित विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो. स्वयंसेवी संस्था भी बनें हिस्सा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि इस यात्रा में स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक समूहों की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की सहभागिता से न केवल व्यवस्थाएं बेहतर होंगी, बल्कि जनसहयोग का संदेश भी जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि  समाज के सहयोग से व्यवस्था और मजबूत होगी. सेवा का भाव ही इस यात्रा की आत्मा है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार और गंगा नदी से जल लाकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आते हैं. यह यात्रा कई जिलों से होकर गुजरती है. इसलिए सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. गर्मी और बारिश को ध्यान में रखते हुए उनके लिए ठंडे पानी की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र, आराम स्थल और यातायात की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

मेले के चलते मेमू ट्रेन अवकाश में भी चलेगी, मेमू ट्रेन बुधवार और गुरुवार को मेंटनेंस के कारण बंद रहती

 खंडवा  दादा धूनीवाले की नगरी खंडवा में मंगलवार से गुरुपूर्णिमा महोत्सव की धूम शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से हजारों श्रद्धालु खंडवा पहुंच रहे हैं। पूरे शहर में जगह-जगह भंडारों की तैयारी हो चुकी है, जहां पुड़ी-सब्जी के साथ 56 प्रकार के व्यंजन परोसे जायँगे।  शहर में लगातार बारिश के बीच भी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। मंदिर क्षेत्र और प्रमुख पंडालों में वाटरप्रूफ टेंट और डोम लगाए गए हैं। ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। मेले के चलते मेमू ट्रेन अवकाश में भी चलेगी खंडवा से सनावद के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन बुधवार और गुरुवार को मेंटनेंस के कारण बंद रहती है, लेकिन सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयास से रेलवे ने गुरुपूर्णिमा के दो प्रमुख दिनों (10-11 जुलाई) के लिए इसका संचालन जारी रखने का निर्णय लिया है। 5 दिन बंद रहेगी अनाज मंडी गुरुपूर्णिमा महोत्सव के चलते 9 से 11 जुलाई तक कृषि उपज मंडी में नीलामी बंद रहेगी। इसके बाद 12 को शनिवार और 13 को रविवार की छुट्टी होने से कुल 5 दिन मंडी में काम नहीं होगा। मंडी सचिव ने किसानों से अपील की है कि वे इन दिनों अपनी उपज लेकर मंडी न आएं। आज खंडवा पहुंचेंगे सांसद बंटी साहू छिंदवाड़ा सांसद बंटी साहू पैदल यात्रा करते हुए खंडवा आ रहे हैं। वे मंगलवार को दादा धाम पहुंचेंगे। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी चल रहे हैं। रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं और संत दादा गुरु ने भी उनका स्वागत किया। 11 जुलाई तक जारी रहेगी बारिश मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के मुताबिक, 11 जुलाई तक अच्छी बारिश के आसार हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सतर्कता बरतें। सभी कार्यक्रमों की व्यवस्था मौसम को देखते हुए की गई है।  

रीवा में महिला थाना प्रभारी की ऑन ड्यूटी रील वायरल, आईजी ने दी सख्त चेतावनी

रीवा  रीवा जिले के पुलिस विभाग से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, मामला ये है कि सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने थाने के अंदर एक रोमांटिक गाने पर रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रीवा रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) राजेश सिंह ने संभाग के समस्त पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर रील बनाने या ऐसी कोई भी पोस्ट डालने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो विभाग की गरिमा के खिलाफ हो। आरजू फिल्म के गाने पर बनाई रील यह मामला शनिवार को सामने आया, जब सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के एक रोमांटिक गाने पर बनाया गया रील वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अंकिता मिश्रा ने आरजू फिल्म का गाना, "अब तेरे दिल में हम आ गए…' पर रील बनाई। अंकिता मिश्रा ने पुलिस स्टेशन के अंदर रील बनाई थी, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठने लगे। वर्दी में रील नहीं बनाने का आदेश डीआईजी राजेश सिंह ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने सोमवार को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को एक कड़ा आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिसकर्मी वर्दी में या सिविल ड्रेस में किसी भी तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें। उन्होंने आदेश में लिखा है कि ऐसे कृत्यों से पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर इस तरह की गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आती हैं और पद की गरिमा के प्रतिकूल हैं, जिससे जनता के बीच पुलिस की छवि खराब होती है। सख्त कार्रवाई की चेतावनी डीआईजी राजेश सिंह ने अपने आदेश में यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आदेश में लिखा- छवि पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव डीआईजी ने अपने आदेश में लिखा कि प्रायः देखा जा रहा है कि बहुत से पुलिसकर्मी वर्दी में अथवा सिविल में अपनी रील बनाकर सोशल मीडिया में वायरल/अपलोड करते हैं। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा किया जाना अनुशासन के सर्वथा विपरीत होकर उसकी पद और गरिमा के भी प्रतिकूल है। इससे आज जनता के मध्य पुलिस की छवि पर भी अत्यधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि भविष्य में इस किस्म की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए अथवा कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन इस कार्यालय को भेजें। जिसके लिए वह अधिकारी या कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होगा। तीन मामले जब पुलिसकर्मियों की रील सामने आईं 1. शनिवार को सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा की अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के रोमांटिक गाने पर थाने के अंदर बनाई रील सामने आई थी। यह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। लोगों ने थाना प्रभारी को सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ ने तो यहां तक लिखा कि आपको पुलिस विभाग नहीं, बल्कि मुंबई में होना चाहिए। 2.16 अप्रैल 2025 को सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक संध्या वर्मा के वीडियो जमकर वायरल हुए थे। जहां प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी टाइम में कई फिल्मी और रोमांटिक गानों पर वर्दी में रील बनाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। जिसके बाद सभी वीडियो बैक टू बैक जमकर वायरल हो गए और पुलिस विभाग की जमकर किरकरी हो गई। इस पर इन्हें एसपी विवेक सिंह ने नोटिस जारी किया था। 3. 25 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाना रीवा जिले के एक पुलिस आरक्षक को महंगा पड़ गया था। जिले के सोहागी थाना अंतर्गत त्योंथर चौकी में पदस्थ आरक्षक मुन्ना यादव ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन किया था। आरक्षक ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया गया था। जिसकी रील जमकर वायरल हुई थी जिसमें उसने कहा था कि 400 का नारा धरा रह जाएगा। देखते ही देखते यह वीडियो और रील सोशल मीडिया में वायरल हो था। जिसके बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए रीवा एसपी विवेक सिंह ने आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया था। आदेश का सख्ती से पालन कराने के दिए निर्देश डीआईजी ने अपने आदेश में कहा- सभी पुलिस अधीक्षक सख्त निर्देश का पालन सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को देकर इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि वे यह निर्देश सभी कर्मचारियों को 3 दिवस तक रोल काल में पढ़कर सुनाएं और इस आशय की रिपोर्ट रोजनामचा सान्हा में भी दर्ज करें और पुलिसकर्मियों को दें। कृपया निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

उज्जैन के आर्यन चौहान ने मोबाइल गेमिंग में जीते ₹1.25 करोड़, अब लक्ष्य 605 करोड़ रुपए पर

उज्जैन  उज्जैन के 20 साल के युवक ने मोबाइल गेमिंग में 1 करोड़ 25 लाख की इनामी राशि अपने नाम की है। युवक का नाम आर्यन चौहान है, उसने अपनी 4 सदस्यीय टीम के साथ मिलकर BGMI (बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया) प्रो सीरीज 2025 (BMPS) का फाइनल जीता है। आर्यन ने बताया कि इस प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले दिल्ली के यशोभूमि सेंटर में 4 से 6 जुलाई तक हुआ था। इसमें देश की टॉप 16 गेमिंग टीमें शामिल थीं। आर्यन की टीम में उज्जैन के अलावा देवास, सूरत और रांची के खिलाड़ी थे। अब यह टीम सऊदी अरब में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेगी, जिसमें कुल पुरस्कार राशि लगभग 605 करोड़ रुपए है। अब भिड़ंत होगी इंटरनेशनल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में बीएमपीएस जीतने के बाद आर्यन की टीम अब 8 जुलाई से 24 अगस्त 2025 तक रियाद (सऊदी अरब) में होने वाले ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप (EWC) 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। इस प्रतियोगिता की कुल इनामी राशि 70.45 मिलियन डॉलर (लगभग 605 करोड़ रुपए) है। क्या है BGMI गेम? BGMI यानी बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया एक ऑनलाइन मोबाइल गेम है, जिसमें खिलाड़ी वर्चुअल दुनिया में टीम बनाकर लड़ते हैं। इसमें रणनीति, टीमवर्क और तेज रिफ्लेक्स की जरूरत होती है। ये गेम भारत में युवाओं के बीच काफी पॉपुलर है और अब प्रोफेशनल लेवल पर इसके टूर्नामेंट भी होते हैं, जिनमें करोड़ों की प्राइज मनी मिलती है। 90 दिनों में आएगी प्राइज मनी आर्यन ने बताया, "दिल्ली में चार राउंड हुए थे। मैंने टीम बनाई थी जिसमें देवास, रांची और सूरत के तीन अन्य खिलाड़ी शामिल थे। इस प्रतियोगिता में हमारी टीम 'टीएमजी गेमिंग' ने पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर रही एनओएनएक्स टीम को 55 लाख रुपए, जबकि तीसरे स्थान पर रही लॉस हरमनोस टीम को 35 लाख रुपए की इनामी राशि मिली। हमें बताया गया है कि प्राइज मनी 90 दिनों के भीतर हमारे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। बचपन से मोबाइल पर गेम खेलना पसंद था। घरवाले पहले नाराज होते थे लेकिन मम्मी ने हमेशा सपोर्ट किया। आज इस मुकाम तक पहुंचकर बहुत खुशी हो रही है। अब मेरा अगला लक्ष्य सऊदी अरब में होने वाला इंटरनेशनल मुकाबला है, जहां दुनिया भर के गेमर्स हिस्सा लेंगे।" मां ने किया सपोर्ट आर्यन की मां मीनाक्षी चौहान ने कहा, शुरुआत में जब वह मोबाइल पर गेम खेलता था तो अच्छा नहीं लगता था। लेकिन बाद में महसूस हुआ कि वह इसे गंभीरता से ले रहा है और इसमें उसका भविष्य हो सकता है। इसलिए हमने उसे कभी रोका नहीं। आज वह जो कर रहा है, उस पर हमें गर्व है।

समग्र विकास के पथ पर अग्रसर नरेला- मंत्री सारंग

मंत्री सारंग ने किया नरेला विधानसभा के तीन वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है- मंत्री सारंग समग्र विकास के पथ पर अग्रसर नरेला- मंत्री सारंग भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75, 70 एवं 69 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। बारिश की तेज़ बौछारों के बीच कार्यक्रम समय पर आरंभ हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि नरेला के नागरिक विकास के प्रति कितने जागरूक और प्रतिबद्ध हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के नित नए आयाम स्थापित कर रही है। विकास, लोक-कल्याण, गरीब कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि के साथ विरासत का सम्मान के प्रति सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के हर नागरिक से किया गया हर वादा प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। नरेला के हर घर में नर्मदा जल, सीएम राइज स्कूल, शासकीय कॉलेज, थीम आधारित आधुनिक पार्क, फ्लाईओवर, स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और आदर्श ड्रेनेज सिस्टम जैसी अधोसंरचनाएं क्षेत्र की तस्वीर बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेला के रहवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध जीवन मिले यही हमारा संकल्प है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे। भीषण बारिश में भी लोगों का उत्साह नहीं हुआ कम कार्यक्रम के दौरान तेज़ बारिश के बावजूद न तो रहवासियों की उपस्थिति कम हुई और न ही उनका उत्साह। लोग बारिश में भीगते हुए भी मंत्री सारंग का उद्बोधन सुनते रहे। रहवासियों को मिली इन विकास कार्यों की सौगात नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 75 के बजरंग कॉलोनी छेहगरा व कृषक नगर में नवीन सीसी सड़क निर्माण एवं वार्ड 70 के बिजली नगर कॉलोनी में पार्क का विकास, पुलिया निर्माण, सांस्कृतिक मंच निर्माण, सी.सी बेंच निर्माण व सीवेज पाइपलाइन का निर्माण तथा वार्ड 69 के ओल्ड सुभाष नगर में नाली निर्माण व लाला लाजपत राय कॉलोनी में पेवर ब्लॉक निर्माण की रहवासियों को सौगात मिली है।  

टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश की वजह से नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंडला, डिंडौरी, श्योपुर, शहडोल, उमरिया समेत कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सोमवार को 30 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर चला। वहीं, मंगलवार को 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     नरसिंहपुर के कौड़ियां गांव में बाढ़ आ गई है। रहवासियों का कहना है कि घर में बैठने तक की जगह नहीं है।     बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोल दिए गए हैं।     टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए हैं।     नर्मदापुरम में जिला शिक्षा अधिकारी ने बारिश को देखते हुए मंगलवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।     मंडला में नर्मदा नदी 438.10 मीटर पर बह रही है। ये खतरे के निशान 437.8 से ऊपर है।     सोमवार रात मंडला में उफनती नदी पार करने के दौरान बाइक सवार बह गए। दो युवक बाहर निकल आए, जबकि एक लापता है। आज इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।

भारी बारिश के कारण सुबह बागेश्वर धाम में एक दीवार गिरने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो

 छतरपुर भारी बारिश के कारण छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में एक दीवार गिरने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबने से 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना मंगलवार तड़के की है, यह सभी लोग बागेश्वर धाम में दर्शन करने आए थे और पास में ही एक ढाबे पर रुके हुए थे, जहां यह हादसा हुआ। यूपी से आए थे सभी श्रद्धालु मिली जानकारी के अनुसार, मृतका और सभी घायल श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और बागेश्वर धाम के दर्शन कर लौट रहे थे। वे गढ़ा गांव में एक ढाबे पर रुके थे, तभी अचानक भारी बारिश के कारण कमजोर हुई एक दीवार भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई है और 10 श्रद्धालु घायल हैं। एक-दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल अस्पताल में भर्ती बमीठा थाना पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

प्रदेश से जब तक नक्सली हिंसा और उग्रवाद का अंत नहीं हो जाता हम चुप नहीं बैंठेंगे: CM

रायपुर छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने वन क्षेत्र और विविध जनजातीय समुदायों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। बस्तर के विकास में बाधक रहे नक्सलवाद के अब यहां से नक्सल उन्मूलन की अंतिम लड़ाई जारी है। बस्तर संभाग अपनी कला एवं संस्कृति के लिए विशिष्ट पहचान रखता है अकेले बस्तर संभाग में ही हल्बी, गोड़ी, भतरी दोलरी जैसे पारंपरिक बोली, बोली जाती है। वर्षों से अशांत रहे बस्तर अंचल में ढोल और मांदर की थाप अब फिर से सुनाई देने लगेगी। मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया है। सटीक रणनीति के साथ यहां आतंक के खात्मे और सामाजिक- आर्थिक विकास के काम हो रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में जिस तरह लोगों ने भागीदारी की वो इस बात का प्रमाण है की बस्तर में अब शांति स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मानना है कि ‘‘लाल आतंक के खात्मे के लिए नक्सलियों के खिलाफ हमारी निर्णायक लड़ाई जोर शोर से जारी है। इसका परिणाम है कि नक्सलियों की कमर अब टूट गई है। प्रदेश से जब तक नक्सली हिंसा और उग्रवाद का अंत नहीं हो जाता हम चुप नहीं बैंठेंगे।’’  केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 22 जून 2025 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए थे इस दौरान उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएंगे। सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल ऑपरेशन जारी रहेगा।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के वीर जवान कठिन चुनौतियों और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद नक्सलवाद के खात्मे के अभियान को ऐतिहासिक सफलता की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों का अद्वितीय साहस और बलिदान न केवल हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को प्रदर्शित करता है, बल्कि पूरे देश को एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि हमारा देश अब नक्सलवाद की बेड़ियों से मुक्त होने की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ में बीते 21 मई 2025 को माओवादी सरगना बसव राजू के साथ अबूझमाड़ के जंगल में 26 नक्सलियों को सुरक्षा बल के जवानों के हाथों मारे जाने से नक्सलवाद की कमर टूटी है। इस पर सवा 3 करोड़ का ईनाम घोषित था। तीन दशकों में पहली बार हुआ है कि जनरल सेक्रेटरी रैंक का कोई माओवादी न्यूट्रलाइज किया गया। यह असाधरण कामयाबी है और इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सल के ताबूत में हमने अंतिम कील जड़ दिया है। इसके अलावा शीर्ष ईनामी नक्सली लक्ष्मी नरसिम्हा चालम उर्फ सुधाकर भी 05 जून 2025 को नेशनल पार्क एरिया में पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया, इस पर 1 करोड़ का ईनाम था।   नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना नक्सल प्रभावित इलाकों में गेम चेन्जर्स साबित हो रही है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों एवं ग्रामीणों को 17 विभागों की 59 हितग्राहीमूलक योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा। प्रदेश में पिछले डेढ़ साल के भीतर सुरक्षाबलों ने अपनी बहादुरी से 438 नक्सलियों को मार गिराया है। साथ ही 1515 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 1476 नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर विवश किया है। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सुरक्षा बल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से हमारी सरकार अंदरूनी गांवों तक सुरक्षा के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करने में सफल हो रहे हैं।  आखिर क्यों खास है पूवर्ती गांव     सुकमा जिले के अंदरूनी व अतिसंवेदनशील क्षेत्र में बसा हुआ पूवर्ती गांव एक वक्त नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करता था। एक करोड़ रूपए का ईनामी नक्सली हिड़मा तथा टेकलगुड़ा कैंप निर्माण के दौरान नक्सली हमले की घटना का मास्टरमाइंड देवा का यह पैतृक गांव होने के कारण हमेशा चर्चा में रहा है। माओवादियों का प्रभाव में होने के कारण पूवर्ती गांव में शासन की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन अब इस गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने से यहां के लोगों को तेजी से मूलभूत सुविधाएं सुलभ होने लगी है। आदिवासी बाहुल्य आबादी, अनुपम नैसर्गिक सुंदरता और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर बस्तर में आज विकास का सबसे बढ़ा अवरोधक है नक्सली हिंसा। पिछले 3 दशकों में नक्सलियों ने यहां अपने पैर पसारे। बंदूक के दम पर हिंसा के साथ विकास कार्यों में बाधा पहुंचाई। नक्सलियों ने अपने झूठे, खोखले सिद्धांतों के जरिए लंबे समय तक भोले-भाले आदिवासियों को भ्रम में डाला, हिंसा का सहारा लेकर उन्हें डराने की कोशिश की। बच्चों से उनके स्कूल छीने, उनका बचपन छीना उन्हें हिंसा की राह पर धकेला। कई परिवारों को बर्बाद किया, सुहागनों की सिंदूर उजाड़े, बेटियों को अगवा किया और उन्हें भी हिंसा के रास्ते पर ले गए। इसी वजह से संसाधनों से परिपूर्ण बस्तर पर देश के सबसे पिछड़े इलाकों में एक होने का धब्बा लगा। लेकिन अब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ विकास के इस अवरोध को पूरी तरह से समाप्त करने पर डटी हुई है। बस्तर में विकास का अब नया सबेरा होने वाला है। यहां नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। लोगों को अब खुशहाल बस्तर मिलेगा। पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान पूरे हौंसले के साथ नक्सल मोर्चे पर डटे और अब जल्द ही नक्सलियों का समूल अंत होगा।