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विधानसभा नियुक्ति विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा—अभी नहीं होगी CBI जांच

रांची झारखंड विधानसभा में नियुक्तियों और पदोन्नतियों में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल इस मामले में सीबीआई जांच शुरू नहीं होगी। अदालत ने मंगलवार को सीबीआई द्वारा दायर उस इंटरलोक्यूटरी आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उसने विधानसभा नियुक्ति घोटाले पर लगी रोक हटाकर प्रारंभिक जांच (प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी) आगे बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने सुनवाई के दौरान झारखंड विधानसभा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है।  जब भी इस तरह के मुद्दे आते हैं, सीबीआई बिना कारण बीच में कूद पड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट पहले ही सीबीआई जांच पर रोक लगा चुकी है, इसलिए सीबीआई का इस मामले में आगे बढ़ने का कोई आधार नहीं है। सीबीआई की ओर से एएसजी एसवी राजू ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि नियुक्तियों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और एजेंसी को जांच करने दी जानी चाहिए। हालांकि, पीठ ने यह तर्क अस्वीकार कर दिया और कहा कि दायर आवेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है। सुनवाई के दौरान पीठ ने सीबीआई की भूमिका पर तीखी टिप्पणी की। सीजेआई गवई ने सवाल किया, ''आप अपनी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए एजेंसी का इस्तेमाल क्यों करते हैं? कई मामलों में हमने कहा है कि जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर रोक लगनी चाहिए।'' दरअसल, सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि विधानसभा में बड़े पैमाने पर अवैध नियुक्तियां हुई हैं, जिनकी सीबीआई कराई जानी चाहिए। याचिका में कहा गया था कि 2018 में तत्कालीन राज्यपाल ने विधानसभा में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए 30 बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। सितंबर 2024 में झारखंड हाईकोर्ट ने शर्मा की याचिका स्वीकार करते हुए सीबीआई को प्रारंभिक जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि आरोप गंभीर हैं और इनमें ''उच्च पदों पर बैठे लोगों की मिलीभगत'' की आशंका है, इसलिए राज्य पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच संभव नहीं मानी जा सकती।  हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ झारखंड विधानसभा और राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। इस याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने बिना मजबूत आधार के, राज्य की एजेंसी को अयोग्य बताते हुए सीधे सीबीआई को पहली जांच एजेंसी बना दिया, जो न्यायिक दृष्टि से सही नहीं है। इस याचिका पर नवंबर 2024 में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहले यह तय किया जाएगा कि क्या सीबीआई को सीधे जांच सौंपने का आधार मजबूत था या नहीं। मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट सीबीआई के आवेदन और हाईकोर्ट के आदेश की वैधता पर विस्तृत सुनवाई करेगा।

350वें शहीदी दिवस पर CM सैनी का नमन: कहा- गुरु तेग बहादुर की त्याग-परंपरा सदैव अमर

यमुनानगर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज यमुनानगर पहुंचे, जहां उन्होंने सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले साढ़ौरा स्थित ऐतिहासिक गुरुघर में पूरे सम्मान के साथ शीश नवाया और माथा टेका।  गुरु तेग बहादुर का जीवन पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदानों और शहादत को नमन करते हुए उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का जीवन और उनकी शहादत पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने पूरी दुनिया को सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाया। मुख्यमंत्री ने इस बात को राज्य का सौभाग्य बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर की शहादत की याद में निकाली जा रही 'हिन्द की चादर यात्रा' का आयोजन हरियाणा में हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा प्रदेश के हर कोने में निकाली जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य गुरु श्री तेग बहादुर जी के ऐतिहासिक बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाना है।  24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा पवित्र यात्रा का समापन  मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि इस पवित्र यात्रा का समापन 24 नवंबर को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में होगा। प्रदेशभर से निकली सभी यात्राएं कुरुक्षेत्र में एकत्रित होंगी। इसके उपरांत, 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय महा समागम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे और गुरु साहिब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।  ये रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुज्जर समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में सिख संगत ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। मुख्यमंत्री सैनी ने सभी को गुरु तेग बहादुर जी के बलिदानों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।  

नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में नियुक्ति प्रक्रिया अधोसंरचना विकास कार्यों और उपकरण खरीद प्रक्रियाओं की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचना विकास कार्यों, भर्ती प्रक्रिया और उपकरण खरीद की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का नियमित फॉलोअप किया जाए और निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण होना सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं—विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, पैरा-मेडिकल स्टाफ और तकनीकी पदों—की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, मेरिट और गति—इन तीनों का समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बुदनी चिकित्सा महाविद्यालय और सिंगरौली मेडिकल कॉलेज से जुड़े निर्माण, उपकरण और अकादमिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि दोनों संस्थानों के सभी आवश्यक कार्य समय पर पूर्ण हों। उन्होंने एयर एम्बुलेंस सेवा के सुदृढ़ीकरण पर भी जोर दिया और निर्देश दिए कि गंभीर रोगियों को तेज, सुरक्षित और सक्षम आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के लिए इस सेवा को और अधिक प्रभावी एवं सुगठित बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एमपीपीएचएससीएल के माध्यम से की जा रही उपकरण खरीद प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए जोर दिया कि चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोपरि हो। उन्होंने आपूर्ति समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा प्राथमिकता वाले संस्थानों में उपकरणों की शीघ्र उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, तथा एमपीपीएचएससीएल के प्रबंध संचालक श्री मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

पहली बार यूपी में सफलता: पीजीआई डॉक्टरों ने एडवांस तकनीक से किया जटिल घुटना सर्जरी का कमाल

लखनऊ संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस) ने उत्तर प्रदेश में उन्नत आर्थोपेडिक सर्जरी का नया मानक स्थापित करते हुए पहली बार दो अत्याधुनिक तकनीकों को एक साथ उपयोग कर जटिल घुटना सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया है। एसजीपीजीआईएमएस के आर्थोपेडिक विभाग ने दो हाई-एंड तकनीकों—आर्थ्रोस्कोपिक माइक्रोफ्रैक्चर और हाइब्रिड हाई टिबियल ऑस्टियोटॉमी—को एक ही ऑपरेशन में संयोजित करते हुए सफल घुटना सर्जरी की है।  इस जटिल प्रक्रिया के बाद 46 वर्षीय महिला मरीज तेजी से स्वस्थ हो रही है और सामान्य रूप से चलने लगी है। मरीज कई वर्षों से तीव्र घुटना दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी झेल रही थी। वेरस विकृति (बो-लेग्ड) के कारण वजन घुटने के अंदरूनी हिस्से पर ज्यादा पड़ रहा था, जिससे कार्टिलेज लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा था। दवाओं और फिजियोथेरेपी से राहत न मिलने पर परिजन उन्हें एसजीपीजीआईएमएस लेकर पहुंचे, जहां विस्तृत जांच के बाद विशेषज्ञों ने सर्जरी को अंतिम समाधान माना। सर्जरी का नेतृत्व एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के आर्थोपेडिक्स विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार ने किया। टीम ने दो चरणों में ऑपरेशन पूरा किया। पहले चरण में आर्थ्रोस्कोपिक माइक्रोफ्रैक्चर तकनीक का उपयोग कर हड्डी के नीचे नई फाइब्रोकार्टिलेज बनने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे दर्द में कमी और जोड़ की कुशनिंग मजबूत होने की संभावना बढ़ी। दूसरे और सबसे चुनौतीपूर्ण चरण में हाइब्रिड हाई टिबियल ऑस्टियोटॉमी की गई। इसमें टिबिया की हड्डी को नियंत्रित रूप से काटकर दुबारा ऐसा संरेखित किया गया कि शरीर का भार क्षतिग्रस्त हिस्से से हटकर घुटने के स्वस्थ हिस्से पर आने लगे। यह तकनीक न केवल विकृति सुधारती है, बल्कि प्राकृतिक जोड़ की उम्र भी बढ़ाती है। डॉ. अमित कुमार के मुताबिक संयुक्त सर्जरी युवा और सक्रिय मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि यह घुटना प्रत्यारोपण की आवश्यकता को काफी हद तक टाल देती है। संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश में उन्नत आर्थोपेडिक उपचार का नया अध्याय खोलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अत्याधुनिक तकनीक उन मरीजों के लिए आशा की किरण है, जो गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस या वेरस विकृति से लंबे समय से परेशान हैं और पारंपरिक उपचारों से लाभ नहीं पा सके हैं।

दिल्ली कूच की तैयारी पर ब्रेक: 100 किसानों को नर्मदापुरम में ट्रेन से रोका, विरोध में रेलवे स्टेशन पर किया प्रदर्शन

नर्मदापुरम अपनी मांगों के लिए तमिनलाडु से दिल्ली प्रदर्शन करने जा रहे लगभग 100 किसानों को पुलिस ने सोमवार शाम रेलवे स्टेशन पर उतारा। राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन के तत्वावधान में किसान जीटी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर किसानों को उतारा। किसानों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया ट्रेन से उतारे जाने के विरोध में किसानों ने रेलवे स्टेशन पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। साथ ही तमिल भाषा में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी किसानों में पुरुषों के साथ बुजुर्ग, महिलाएं भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारी किसानों को उतारने के साथ ही प्रशासन अब उन्हें वापस करने का इंतजाम कर रहा है। वर्तमान में शहर के एक निजी गार्डन में किसानों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। तमिलनाडु एक्सप्रेस से भी उतारे किसान नर्मदापुरम की तरह की इटारसी रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस से प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लगभग 80 किसानों को उतारा गया। सभी किसानों को बस के माध्यम से नर्मदापुरम लाया गया। इन किसानों के लिए रात्रि भोजन की व्यवस्था भी नर्मदापुरम में प्रशासन ने की है। साथ ही सुबह सभी किसानों को वापस तमिलनाडु पहुंचाने का इंतजाम किया जाएगा।

प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के अनुकरणीय प्रयासों को सराहना

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये किये जा रहे हैं प्रयास भोपाल  प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षण नेतृत्व और शैक्षिक वातावरण में गुणवत्ता के नये मानक प्रस्तुत कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये इन विद्यालयों में शिक्षकों को उनके नवाचारी प्रयासों के लिये राज्य स्तरीय पहचान प्रदान करने तथा उनके प्रोत्साहन के लिये "प्रेरक प्रयास" कार्यक्रम की अभिनव पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल से विद्यालयों के स्कूल लीडर्स और शिक्षकों द्वारा किये जा रहे अनुकरणीय एवं प्रभावी कार्यों को हर सप्ताह राज्य स्तर से सभी विद्यालयों में विस्तारित किया जा रहा है। प्रेरक प्रयास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांदीपनि विद्यालय स्तर पर हो रहे हर सकारात्मक प्रयास, चाहे वह छोटा हो या बड़ा उनकी समय पर पहचान हो और सबसे सामने लाया जाये। इस प्रयास से सीखने और सिखाने की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है। इस कार्यक्रम में हर सप्ताह विद्यालयों में नेतृत्व, शिक्षण पद्धति, विद्यार्थी की उपस्थिति एवं प्रगति, नवाचार को पहचान कर चयन किया जाता है, जिन्हें तीन श्रेणियों में आरंभकर्ता, प्रयासकर्ता, सर्वोत्तम गुणवत्ता के रूप में बांटा जाता है। उन्हें विद्यालय स्तर पर सम्मानित कर राज्य स्तर पर बढ़ावा देने के लिये बहुरंगीय पोस्टर के माध्यम से सभी शिक्षकों के बीच साझा किया जाता है। प्रदेश में 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 से अधिक शिक्षकों के अनुकरणीय प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान दिलायी गयी है। विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवकों को आमंत्रण केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यांजलि पोर्टल की शुरूआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल शिक्षा को सामुदायिक भागीदारी से मजबूत करने के प्रयास किये जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सहभागिता को प्रोत्साहित करने के बिन्दु को मुख्य रूप से जोड़ा गया है। विद्यांजलि एक ऐसा मंच है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े लोग जैसे पेशेवर, सेवानिवृत्त, गृहणियां और स्वयंसेवी संगठन अपने समय, कौशल और संसाधनों के माध्यम से शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार में सहभागी बन सकते हैं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप शुरू की गयी है।  

नई सरकार का मंत्रिमंडल फाइनल? इस मंत्रालय पर बढ़ी खींचतान, BJP-JDU में मंथन तेज

पटना  बिहार में नई सरकार बनने से पहले जेडीयू–बीजेपी गठबंधन में मंत्रिमंडल के स्वरूप और विभागों के बंटवारे को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली में जेडीयू नेताओं राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ करीब ढाई घंटे लंबी बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रालयों के बंटवारे, विधानसभा अध्यक्ष पद और दोनों दलों की भूमिकाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। गृह मंत्रालय पर अटका मामला बीजेपी इस बार गृह मंत्रालय और शिक्षा विभाग अपने पास चाहती है और इसके बदले स्वास्थ्य व वित्त मंत्रालय छोड़ने के लिए तैयार है। जेडीयू शिक्षा विभाग छोड़ने पर सहमत दिख रही है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है। साल 2005 से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गृह मंत्रालय अपने पास रखते आए हैं। कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार नियंत्रण पर सीधी पकड़ की वजह से वे इसे छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय को लेकर सहमति बनना अभी मुश्किल माना जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष पद पर बनी सहमति विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर चली खींचतान अब खत्म हो गई है। बीजेपी के खाते में विधानसभा अध्यक्ष और जेडीयू के खाते में उपाध्यक्ष पद तय कर दिया गया है। इसके बाद मंत्रिमंडल की संभावित संरचना पर बातचीत और तेज हो गई है। संभावित विभागीय बंटवारा   बीजेपी के खाते में संभावित प्रमुख विभाग: राजस्व सहकारिता पशु एवं मत्स्य संसाधन विधि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण उद्योग पर्यटन पथ निर्माण (बीजेपी गृह और शिक्षा विभाग भी चाहती है; बदले में स्वास्थ्य और वित्त छोड़ने की पेशकश) जेडीयू के खाते में संभावित प्रमुख विभाग: कृषि खान एवं भूतत्व जल संसाधन संसदीय कार्य ऊर्जा योजना एवं विकास विज्ञान एवं प्रावैधिकी तकनीकी शिक्षा ग्रामीण विकास खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण अंतिम सहमति का इंतजार दोनों दलों के बीच कुल हिस्सेदारी लगभग तय मानी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा मतभेद गृह मंत्रालय को लेकर है, जिसे नीतीश कुमार अपने पास रखने पर अडिग हैं। विधानसभा अध्यक्ष पद पर सहमति के बाद उम्मीद है कि आज देर रात एक और बैठक होगी, जिसमें सरकार की अंतिम रूपरेखा स्पष्ट होने की संभावना है।  

चारबाग़ रेलवे स्टेशन पर डी.आर.आई द्वारा 3.110 किग्रा हेरोइन जब्त

लखनऊ एक गोपनीय सूचना के आधार पर राजस्व आसूचना निदेशालय  (DRI), लखनऊ के अधिकारियों द्वारा चारबाग़ रेलवे स्टेशन पर 18.11.2025 को सवेरे 3.110 kg हेरोइन जब्त की गयी I DRI अधिकारियों को न्यू जलपाईगुड़ी से दिल्ली की ओर यात्रा कर रही दो महिला यात्रियों के पास मादक पदार्थों होने की सुचना प्राप्त हुई । प्राप्त सूचना के आधार पर, अधिकारियों की टीम ने रेलवे स्टेशन पर निगरानी रखी और ट्रेन के आगमन पर संदिग्ध यात्रियों की गुप्त रूप से पहचान की। जांच के दौरान दोनों यात्रियों के सामान की तलाशी ली गई, जिसमें उनके सामान के भीतर छिपाकर रखे गए कई पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में सफेद रंग का पाउडरनुमा पदार्थ पाया गया। बरामद पदार्थ का परीक्षण NDPS फील्ड टेस्टिंग किट से किया गया, जिसमें वह हेरोइन पाया गया। इस प्रकार कुल 3.110 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर जब्त की गई।  इस जब्त मादक पदार्थों का अवैध बाजार में अनुमानित मूल्य लगभग ₹21.77 करोड़ है। हेरोइन एक अत्यंत नशीला एवं खतरनाक मादक पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य एवं सामाजिक जोखिम उत्पन्न करता है। इसका अवैध परिवहन एवं सेवन, एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। दोनों महिला यात्रियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड सायकोट्रोपिक सब्स्टेन्सेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

नए बिजली कनेक्शन वालों के लिए खुशखबरी, पंजाब सरकार ने किया अहम ऐलान

चंडीगढ़ पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य सरकार के एक बड़े जन-हितैषी फैसले का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) अब आवेदकों को आवश्यक गारंटी जमा करवाने के बाद बिना NOC  के भी बिजली कनेक्शन जारी करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि नागरिकों को बिना देरी के बुनियादी सुविधाएं मिलें और कानूनी प्रक्रिया भी सुचारू रूप से पूरी हो सके। मंत्री ने बताया कि पहले बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदकों को स्थानीय निकायों जैसे MC, GAMADA, GLADA, JDA, ADA, PDA या BDA से NOC, रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट या पास बिल्डिंग प्लान आदि दस्तावेज जमा करवाने पड़ते थे। कई बार यह मंज़ूरियां मिलने में देरी होती थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अब इसका व्यावहारिक समाधान लागू कर दिया गया है। नए नियम क्या कहते हैं?     यदि आवेदक यह लिखित रूप में देगा कि भविष्य में किसी भी योग्य विभाग द्वारा उसकी इमारत को अवैध घोषित किया जाता है तो उसका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है,     तो उसे सप्लाई कोड 2024 के अनुसार कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा।     आवेदक को सामान्य शुल्कों के साथ-साथ डिसमेंटलिंग (तोड़–फोड़) चार्ज को कवर करने के लिए सर्विस कनेक्शन चार्ज के बराबर राशि सुरक्षा के रूप में जमा करानी होगी।     मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था जनता की सुविधा और सुरक्षा—दोनों को ध्यान में रखकर लागू की गई है।     उन्होंने कहा कि मान सरकार का मानना है कि हर परिवार को बुनियादी सेवाएं मिलनी चाहिए और कोई भी नागरिक बिजली जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। फार्म सरल होंगे, रिकॉर्ड डिजिटल होंगे बिजली मंत्री ने बताया कि बिजली कनेक्शन से जुड़े आवेदन फॉर्म को सरल बनाया जा रहा है और रिकॉर्डों का डिजिटलाइजेशन तेज गति से किया जा रहा है।

फरीदाबाद हथियार मामला: पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बताया यात्रा रोकने का षड्यंत्र, जांच की मांग

छतरपुर दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा संपन्न होने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं को धन्यवाद दिया। मंगलवार को उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में जो भारी विस्फोटक और हथियार मिले, इन सबका मकसद यात्रा को रोकना था, लेकिन बालाजी ने यात्रा नहीं रुकने दी। हनुमान जी की कृपा से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई। पूरी दुनिया ने इसमें हिंदुओं का ज्वार भाटा देखा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का हमने जो प्रण लिया है, वह सबकी एकजुटता से अवश्य पूरा होगा। सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 7 नवंबर को दिल्ली के कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू हुई और 16 नवंबर को वृंदावन में संपन्न हुई।   पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहां बांके बिहारी के दर्शन कर बागेश्वर धाम पहुंचे। मंगलवार को बालाजी की दर्शन पूजा कर पुरानी पेशी का दरबार लगाते हुए भक्तों को आशीर्वाद दिया। पदयात्रा से त्वरित मिली तीन सफलताएं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक जा रहा है। इसकी तीन सफलताएं त्वरित दिखाई दे रही हैं। इससे न सिर्फ हिंदू एकता को ताकत मिली, बल्कि समरसता का संदेश भी गया है। रास्ते में जहां भी उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया जिन्हें लोग अछूत कहते हैं वहां-वहां समरसता की चर्चा हुई।