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कर्मचारियों को राहत: प्रमोशन के बाद डिमोशन नहीं, हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय

ग्वालियर  मध्यप्रदेश हाई कोर्ट(MP High Court) ने पुलिस विभाग की दो अलग-अलग कार्रवाइयों को अवैध करार देते हुए अहम फैसले सुनाए हैं। कोर्ट ने एक मामले में प्रमोशन के बाद डिमोशन(Demotion After Promotion) को असंवैधानिक बताया, वहीं दूसरे मामले में पहले से सजा हो चुके कर्मियों के खिलाफ दोबारा विभागीय जांच(second Departmental Inquiry) शुरू करने को नियम विरुद्ध ठहराया है। मामला 1: प्रमोशन के बाद डिमोशन अवैध यह केस प्रमोद कुमार दुबे से जुड़ा है, जिन्हें वर्ष 2010 में सहायक उपनिरीक्षक (एमटी) से उपनिरीक्षक (एमटी)के पद पर प्रमोट किया गया था। लेकिन बाद में विभाग ने यह कहकर उनका प्रमोशन रद्द कर दिया कि वर्ष 2007 में उन पर एक वेतनवृद्धि रोकने की सजा लगाई गई थी, जिसका प्रभाव 5 वर्षों तक माना गया। विभाग का आरोप था कि उन्होंने सेवा पुस्तिका में इस सजा का रिकॉर्ड छिपाया। लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि प्रमोशन के लिए केवल पिछले 3 वर्षों में कोई बड़ी सजा नहीं होनी चाहिए, न कि 5 वर्षों की। कोर्ट ने यह तर्क मानते हुए कहा कि तीन साल की शर्त पूरी होती है, और विभाग का यह दावा कि सजा का प्रभाव 5 साल तक माना जाएगा, कानूनी और नीतिगत रूप से अस्थिर है। अतः कोर्ट ने डिमोशन का आदेश रद्द कर प्रमोशन को वैध घोषित किया। मामला 2: दोबारा विभागीय जांच अवैध दूसरे मामले में हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्ति से पहले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ दोबारा विभागीय जांच शुरू करने को अवैध बताया है। यह मामला उपनिरीक्षक मनीराम नादिर और प्रधान आरक्षक ओमवीर सिंह की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उनके खिलाफ पहली विभागीय जांच 14 दिसंबर 2020 को पूरी हो चुकी थी, जिसमें मनीराम पर 10 हजार रुपये का जुर्माना और ओमवीर सिंह की एक वेतनवृद्धि 6 महीने के लिए रोकी गई थी। इसके बावजूद विभाग ने 26 अक्टूबर 2022 को दोबारा जांच का नोटिस जारी किया, जिसे कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र से बाहर और अवैध करार दिया। शासन पक्ष इस दोबारा जांच को न्यायोचित ठहराने में असफल रहा। कोर्ट ने साफ कहा कि एक बार सजा देने के बाद, बिना पूर्व आदेश रद्द किए दोबारा जांच करना कानूनन गलत है। 

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

अलवर टैक्सी स्टैंड पर मारपीट, दिल्ली से आया युवक गंभीर रूप से घायल

अलवर अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दाउदपुर फाटक के पास टैक्सी स्टैंड पर बुधवार को टैक्सी वालों पर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक जो कल ही दिल्ली से आया था, गम्भीर रूप से घायल हो गया। हमलावर लाठी डंडे और तलवारों से लैस थे। घायल युवक दीपचंद ने बताया कि वह दिल्ली से आया था और शिवाजी पार्क का निवासी है। वह टैक्सी स्टैंड पर खड़ा था। तभी कुछ लोग लाठी, तलवार और सरिया लेकर आए और वहां पर हमला कर दिया। दीपक ने बताया कि जब तक वह कुछ समझ पाता हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा और हालात यह हो गए कि उसे पीट-पीटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर दाउदपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। मेव समुदाय से संबंधित थे। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल को इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में करणी सेना के जिला अध्यक्ष देवेंद्र का कहना था कि वह दाउदपुर के मुसलमान के लोग थे। उन्होंने उन पर आरोप लगाया वे लोग यहां पर आए और गरीब लोगों पर हमला किया। ऐसे में अब पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस पूरी घटना में राशिद नाम का युवक भी घायल हुआ है। उसका पुलिस ने प्राथमिक उपचार जिला अस्पताल में करवाया। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल भी अपने लोगों के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने टैक्सी वालों से तुरन्त रिपोर्ट करने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि शहर के हालात खराब होते जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन कार्रवाई भी कर रहा है, लेकिन फिर भी समुदाय विशेष के लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।  

अलवर टैक्सी स्टैंड पर मारपीट, दिल्ली से आया युवक गंभीर रूप से घायल

अलवर अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दाउदपुर फाटक के पास टैक्सी स्टैंड पर बुधवार को टैक्सी वालों पर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक जो कल ही दिल्ली से आया था, गम्भीर रूप से घायल हो गया। हमलावर लाठी डंडे और तलवारों से लैस थे। घायल युवक दीपचंद ने बताया कि वह दिल्ली से आया था और शिवाजी पार्क का निवासी है। वह टैक्सी स्टैंड पर खड़ा था। तभी कुछ लोग लाठी, तलवार और सरिया लेकर आए और वहां पर हमला कर दिया। दीपक ने बताया कि जब तक वह कुछ समझ पाता हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा और हालात यह हो गए कि उसे पीट-पीटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर दाउदपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। मेव समुदाय से संबंधित थे। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल को इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में करणी सेना के जिला अध्यक्ष देवेंद्र का कहना था कि वह दाउदपुर के मुसलमान के लोग थे। उन्होंने उन पर आरोप लगाया वे लोग यहां पर आए और गरीब लोगों पर हमला किया। ऐसे में अब पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस पूरी घटना में राशिद नाम का युवक भी घायल हुआ है। उसका पुलिस ने प्राथमिक उपचार जिला अस्पताल में करवाया। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल भी अपने लोगों के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने टैक्सी वालों से तुरन्त रिपोर्ट करने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि शहर के हालात खराब होते जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन कार्रवाई भी कर रहा है, लेकिन फिर भी समुदाय विशेष के लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।  

डैम से पानी छोड़े जाने के बाद अलर्ट, रीवा-डिंडौरी समेत कई जिलों में बंद हुए स्कूल

छतरपुर / टीकमगढ़ मानसून ट्रफ और डिप्रेशन की वजह से मध्यप्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर बाढ़ के हालात हैं। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल के 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना में बाढ़ के हालात।  इससे पहले गुरुवार को सतना, डिंडौरी, मऊगंज समेत 26 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। नदी-नाले उफान पर आ गए। इस वजह से कॉलेज की परीक्षा कैंसिल करनी पड़ी। वहीं, भोपाल में सड़क, शहडोल में सीवर लाइन की खुदाई में मिट्‌टी धंस गई। इस वजह से दो मजदूर दब गए। उनकी मौत हो गई।     छतरपुर के रनगुवां डैम के सभी 12 और कुटनी बांध के 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।     छतरपुर में तेज बारिश की वजह से अलग-अलग गांवों में दो मकान ढह गए।  पहली घटना में बेटी की मौत हो गई, मां घायल है। दूसरी घटना में युवक की जान चली गई।     धामची गांव में उर्मिल नदी का पानी घुसने से 200 परिवार फंस गए थे।  एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि टीमें भेजकर 15 लोगों को रेस्क्यू कराया है।     बानसूजारा बांध का जलस्तर बढ़ गया। गुरुवार रात करीब 11 बजे डैम के 3 गेट खोल दिए गए। 180 क्यूमैक पानी छोड़ा गया।     टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर है। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बह रहा है। झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया है।     टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल जिले में सीवर लाइन कार्य के दौरान हुई दुर्घटना व्यक्त किया शोक

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शहडोल जिले में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दो श्रमिकों मुकेश बैगा एवं महिपाल बैगा के दबने से हुए निधन पर गहन दुःख व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक बताया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिजनों को यह वज्र समान पीड़ा सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जिला प्रशासन को पीड़ित परिवारों को शीघ्र सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।  

‘नर्मदा’ नाम से जुड़ा चिकन ब्रिड विवाद, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

हरदा  एक प्राइवेट कॉलेज ने मुर्गियों की बिक्री का विज्ञापन दिया है। इस विज्ञापन में एक नस्ल का नाम 'नर्मदा' लिखा था। इससे बड़ा विवाद हो गया। नर्मदा नदी को मानने वाले लोगों ने इस नाम पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान है। नर्मदा नदी के भक्तों, खासकर नर्मदीय ब्राह्मण समाज ने इसका विरोध किया। समाज के लोगों ने कॉलेज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। कॉलेज ने कहा कि उसका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन, समाज के लोग नाम हटाने की मांग पर अड़े रहे और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। जिला कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन नर्मदीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अशोक पराशर के नेतृत्व में समाज के सदस्य जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार नागू को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 'नर्मदा' नाम का गहरा धार्मिक महत्व है। यह उस देवी से जुड़ा है जिसकी लाखों लोग पूजा करते हैं। खासकर नर्मदा घाटी क्षेत्र में। कॉलेज ने दिया है विज्ञापन विवाद तब शुरू हुआ जब कॉलेज ने मुर्गियों की बिक्री के लिए एक विज्ञापन जारी किया। इसमें 'नर्मदा' और 'सोनाली' नाम की नस्लों का उल्लेख था। समाज के सदस्यों ने दावा किया कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। खासकर सनातन धर्म के अनुयायियों और नर्मदा के भक्तों की। जबलपुर के पोल्ट्री सेंटर से लिए नाम कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए नाम जबलपुर के एक पोल्ट्री सेंटर से लिए गए थे। उस सेंटर में नस्लों के नाम कड़कनाथ, नर्मदा और सोनाली थे। कॉलेज का कहना है कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। संस्थान के निदेशक राजीव खरे से संपर्क नहीं हो सका। नर्मदा नाम हटाने की मांग नर्मदीय ब्राह्मण समाज ने तुरंत चिकन नस्ल से 'नर्मदा' नाम हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे आंदोलन करेंगे। अशोक पराशर ने कहा कि नाम हटाने तक वे विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ा है और वे इसे हल्के में नहीं लेंगे। कॉलेज से माफी की मांग विज्ञापन में 'नर्मदा' नाम के इस्तेमाल से लोगों में गुस्सा है। वे कॉलेज से माफी मांगने और नाम बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि 'नर्मदा' नदी उनके लिए पवित्र है और इसका इस्तेमाल मुर्गियों के नाम के लिए करना गलत है।  

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव: मोहम्मद अकबर और शिव डहरिया को नई भूमिकाएँ

रायपुर  कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश के बाद अब पीसीसी चीफ दीपक बैज ने जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है. मंडल और सेक्टर कमेटी के पुनर्गठन के लिए सभी 33 जिलों में नियुक्तियां की गई है. पूर्व मंत्री शिव डहरिया रायपुर शहर एंव ग्रामीण का प्रभारी बनाए गया है. पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर बलौदा बाजार, रविंद्र चौबे दुर्ग भिलाई, उमेश पटेल बिलासपुर, मोहन मरकाम जगदलपुर के प्रभारी बनाए गए हैं. इस संबंध में लिस्ट जारी की गई है. जिला प्रभारी अपने-अपने जिलों में जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और मोर्चा संगठनों के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक कर मंडल और सेक्टर कमेटियों का गठन करेंगे. इस प्रक्रिया में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेताओं से आवश्यक सलाह ली जाएगी. कमेटियों के गठन के लिए प्रक्रिया को तय समय में पूरा करना होगा और साथ ही प्रगति की लगातार जानकारी देनी होगी. ब्लॉक प्रभारी पूरे प्रकिया की मॉनिटरिंग करेंगे. आदेश में यह भी बताया गया कि उदयपुर नवसंकल्प शिविर में पारित प्रस्ताव के अनुसार, इन कमेटियों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला वर्ग को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य होगा. प्रत्येक कमेटी में 50 वर्ष से ऊपर और 50 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं में से एक-एक व्यक्ति को शामिल करना होगा. सभी अनुसूचित मंडल कमेटियों के गठन के लिए 31 जुलाई की तारिख तय की गई है.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, चैतन्य बघेल को किया गया गिरफ्तार

भिलाई  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने अरेस्ट कर लिया है. उन्हें भिलाई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है, जब आज सुबह ईडी ने भूपेश बघेल के घर पर छापेमारी की. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है. चैतन्य का आज जन्मदिन भी है.  बताया जा रहा है कि इस मामले में नए साक्ष्य मिलने के बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत चैतन्य को गिरफ्तार किया है. ईडी ने शुक्रवार सुबह-सुबह भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य के भिलाई घर पर छापेमारी की थी. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे.  शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब घोटाले और उससे जुड़ी आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के तहत की गई है. फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. भिलाई स्थित घर पर मौजूद हैं भूपेश बघेल गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे. पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर उन्होंने हाल ही में ग्रामीणों से मुलाकात भी की थी. हालांकि आमतौर पर विधानसभा सत्र के दौरान वह रायपुर में रहते हैं, लेकिन इस बार वह भिलाई में ही मौजूद थे- जहां ईडी की टीम पहुंची.  भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में “साहेब” ने ईडी भेज दी है।  ईडी ने पहले कहा था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले की आपराधिक आय का ‘प्राप्तकर्ता’ होने का संदेह है। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अपराध से प्राप्त 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में गई। कार्रवाई के बीच विधानसभा के लिए निकले बघेल ईडी के कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा के सत्र के लिए अपने निवास से निकल गए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार केंद्रीय एजेंटीयों का दुरुपयोग कर रही है। जिसे जो करना है वह कर ले मुझे न्याय पालिका पर भरोसा है।  उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुझे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है परंतु मैं हार नहीं मानूंगा। भूपेश बघेल अपने निवास से 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे पैदल ही समर्थकों के साथ चल कर आए। इस दौरान फोरलेन पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के घर छापा आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ का आबकारी घोटाल अब 2100 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़ का हो गया है। मामले में एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं।मंगलवार को ईडी टीम ने होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के भिलाई स्थित निवास के साथ-साथ होटल और कई अन्य ठिकानों पर छापा मारा था।  बता दें कि छापेमारी के दौरान विजय अग्रवाल के जुड़े गोवा और दिल्ली के ठिकानों पर भी टीम ने दबिश दी थी। जिसमें ईडी को 70 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। होटल कारोबारी विजय अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में अब शुक्रवार को सुबह तड़के ईडी ने भूपेश बघेल के घर छापा मार दिया है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि- ईडी आ गई। आज विधानसभा के सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठाना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ED भेज दी है।  बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है। ऐसे में भूपेश बघेल ने साय सरकार पर आरोप लगाया है कि सदन में तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाया जाना था, लेकिन ऐसा न हो सके इसलिए लिए यह ईडी की कार्रवाई की जा रही है। शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं. शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं.