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डा. सतीश पूनिया ने कहा, हरियाणा की प्रगति के लिए पीएम मोदी और सीएम सैनी का विशेष प्रयास

चंडीगढ़  हिसार में  आयोजित दादा बाढ़ देव जन्मोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा में मुख्यमंत्री एक जाति का नहीं, बल्कि हरियाणा का मुख्यमंत्री सभी कौम का मुख्यमंत्री है, जनता का मुख्यमंत्री है। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। डा. पूनिया ने कहा कि हर कौम का अपना इतिहास और स्वाभिमान होता है। हरियाणा की धरती ने मुगलों के दांत खट्टे किए और अंग्रेजों को भगाने के लिए अपनी शहादत देकर आजादी की सांस दी। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान से खड़ा होना आजादी की लड़ाई लड़ना यह दुनिया में पराकम्र के मामले कोई धरती अनूठी है तो हरियाणा की धरती है और मैं इस धरती को नमन करता हूं। भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि इतिहास गवाह है जब किसानों का पसीना धरती पर गिरता है तो धरती अन्नपूर्णा होती है और इन्हीं की कोख से जन्मा जवान देश की सीमा पर खड़ा होकर देश की सुरक्षा करता है। उन्होंने कहा कि भारत ओलंपिक के मेडल के लिए तरसता था। उन्होंने कहा कि भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना होती थी। हरियाणा की धरती ने उन्नत खिलाड़ी पैदा किए जिन्होंने मेडल लाकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाने का काम किया। डा. सतीश पूनिया ने कहा कि हमारी पहचान गोत्र से नहीं, बल्कि सभी जातियों को साथ लेकर समाज की सेवा करने और देश के लिए समर्पण के लिए होती है। समय बदल गया, राजनीति में मुद्दे आ गए, सत्ता आई और चली गई। आज भी भारत को कोई ताकत दे सकता है तो किसान देता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बहुत से मुद्दे थे, चुनौतियां थी, आशंकाएं थी, लेकिन हरियाणा की जनता ने भारतीयता और राष्ट्रवाद को चुना, मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में सरकार बनाई जिसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। कार्यक्रम में बिहार चुनाव पर बोलते हुए डा. सतीश पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का बिहार में पगफेरा भी शुभ था। उन्होंने कहा कि बिहार में जलेबियां बंट रही थी, वहां के लोगों ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी जलेबियां लेकर आए थे। हरियाणा की जलेबी की करामात है कि आज बिहार में जनता ने प्रचंड जनादेश दिया है। डा. पूनिया ने कहा कि हमें अच्छी सरकार मिली है, अच्छा मुख्यमंत्री मिला है और अच्छे प्रतिनिधि मिले हैं और इस टीम में तड़का इतना खूबसूरत है कि पीएम मोदी हरियाणा से उतना ही प्रेम करते हैं जितना वे गुजरात करते हैं। हरियाणा की तरक्की पीएम मोदी का सपना नहीं बल्कि मिशन है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम देश और प्रदेश को बदलता देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल विहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान किसानों को क्रेडिट कार्ड की सौगात मिली। गांवों को शहरों से जोड़ा गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी सरकार के कामों को मोदी सरकार ने आगे बढ़ाया है। मोदी सरकार ने गरीबों को छत, फ्री इलाज जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं दी। इंडी गठबंधन और कांग्रेस का नाम लिए बिना डा. पूनिया ने विरोधी पार्टियों पर इशारो-इशारों में हमला करते हुए कहा कि आज भी हरियाणा की पावन भूमि पर धर्म युद्ध जारी है। अब कौरव नहीं है, लेकिन नीयत वही है और रूप अलग-अलग है। जाति को जाति से वर्गों को वर्गों से कैसे लड़ाया जाए, शांति को भंग कैसे किया जाए यही प्रयास विपक्ष द्वारा चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में नायब सरकार ने जो संकल्प पत्र जारी किया था उन संकल्पों को नायब सरकार पूरा कर रही है। डा. सतीश पूनिया ने कहा कि 25 नवंबर को देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म भूमि कुरूक्षेत्र आ रहे हैं। हमें प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन करना है। उन्होंने कहा कि हम सियासी नहीं समाज के लोग हैं, समाज के लिए जो बनेगा अपने पसीने से पूरा करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, हांसी विधायक विनोद भयाणा, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री डॉ कमल गुप्ता, पूर्व मंत्री अनूप धानक, पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, भाजपा प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, हिसार भाजपा जिलाध्यक्ष आशा खेदड़, हांसी जिलाध्यक्ष अशोक सैनी, जिला परिषद के चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा, महापौर प्रवीण पोपली, पूर्व चेयरमैन रणधीर सिंह धीरू, पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा, विजय सिंह पुनिया, धर्मपाल मकड़ौली, फणीन्द्र, महामंडलेश्वर देवी शक्ति पुरी बिजेंद्र दास, सरपंच कृष्णा पुनिया, संजीव रेवड़ी, ओमप्रकाश पूनिया, संदीप आजाद तथा अनेक गणमान्य नागरिक तथा भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

MP में कड़ाके की ठंड, पेरेंट्स बोले- बच्चे बीमार हो रहे; 1941 के बाद पहली बार पारा 5.2°C

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। रविवार–सोमवार की रात राजधानी भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो नवंबर महीने का इतिहास का सबसे कम तापमान है। इससे एक ही रात में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने पुष्टि की कि यह पारा 84 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। मौसम साफ होने और पवर्तीय क्षेत्रों से आ रही उत्तरी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में बीते एक सप्ताह से शीत लहर का दौर जारी है. प्रदेश में पड़ रही ठंड ने नवंबर के महीने में बीते कई सालों का रिकार्ड तोड़ दिया. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात इतिहास में पहली बार नवंबर के महीने में भोपाल का न्यमनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले 30 नवंबर 1941 को भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में अभी और ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. अगले 3 दिनों तक शीतलहर का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''बीते 24 घंटे में मध्य प्रदेश में रेनफाल का डिस्ट्रिब्यूशन ड्राय रहा. कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई.'' शर्मा ने बताया कि, ''वर्तमान में श्रीलंका तट के उपर के एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इसके साथ ही एक साइक्लोन सकुर्लेशन समुद्रतल से 7.5 किलोमीटर की उंचाई पर फैला है और दक्षिण-पश्चिम की दिशा में झुका हुआ है. अगले 24 घंटे में इसके पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. ऐसे में अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश में शीत लहर का दौर जारी रहेगा.'' कई जिलों में नहीं बदला स्कूलों का समय अगले 2 दिन तक कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इसके बावजूद कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग नहीं बदली गई है। ऐसे में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सर्दी में स्कूल जाने की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। पेरेंट्स को भी खासी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन को स्कूल लगने का समय बढ़ाना चाहिए। दरअसल, भोपाल में ज्यादातर स्कूलों की शुरुआत सुबह 7.30 बजे ही हो रही है। स्कूल की दूरी ज्यादा होने पर सुबह 6.30 बजे से वैन-बसें बच्चों को लेने पहुंच जाती हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से बात करके टाइमिंग बढ़ाई जाएगी। जल्द आदेश जारी कर देंगे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक, इंदौर में अभी कोल्ड डे जैसी स्थिति नहीं है। अगर सोमवार को मौसम बहुत ज्यादा सर्दी रही या कोल्ड डे जैसे स्थिति बनी तो शिक्षा विभाग से समन्वय कर स्कूलों के टाइमिंग को लेकर निर्णय लेंगे। वहीं, उज्जैन शिक्षा विभाग के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया कि ठंड के कारण सुबह के समय लगने वाले स्कूलों में अभी समय परिवर्तन के लिए कोई निर्णय नहीं हुआ है। मौसम में पहली बार 5 डिग्री सेल्सियस पर पारा बीती रात मध्य प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस मौसम में अब तक किसी भी शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज नहीं किया गया. वहीं भोपाल का पारा भी 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा. प्रदेश में रविवार को सभी शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा. जबकि बीती रात प्रदेश के 16 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. बीते 24 घंटे में बैतूल, भोपाल, धार, खंडवा, राजगढ़ और रतलाम में माइनस एक डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है. जबकि सागर में 21 डिग्री सेल्सियस का परिवर्तन दर्ज किया गया. इंदौर-रीवा में 10 सालों का रिकार्ड टूटा मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात इंदौर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. वहीं रीवा का न्यूनतम तापमान 74 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बीते 10 सालों में नवंबर के महीने में दोनों ही शहरों में इससे कम न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम साफ है, इसलिए बारिश की कोई संभावना नहीं है. लेकिन अभी अगले 3 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर का दौर जारी रहेगा. आज इन 17 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट आज सोमवार को धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास, भोपाल, शिवपुरी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, मैहर, रीवा और सतना में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार को 11 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर, भोपाल, राजगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर और जबलपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में बदल गया स्कूल लगने का समय हालांकि, ग्वालियर में 1 नवंबर से कुछ स्कूलों ने सुबह 8 बजे के बाद क्लासेस शुरू होने का समय कर दिया है। छिंदवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी ने भी आदेश जारी किया है कि सुबह 8:30 बजे से पहले कोई भी स्कूल नहीं लगेगा। देवास जिले में लगातार गिरते तापमान को देखते हुए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। झाबुआ में कलेक्टर नेहा मीना ने आदेश जारी किया है कि नर्सरी से कक्षा तीसरी तक की क्लासेस सुबह 9 बजे और चौथी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगाई जाएंगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कथित तौर पर अल्लाह का पैगाम और जिहाद का विषय शामिल होने की रिपोर्ट

लखनऊ  फरीदाबाद विस्फोटक और दिल्ली ब्लास्ट में गिरफ्तार लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद और उसके भाई डॉ परवेज अंसारी यूपी और देश के अलग हिस्सों में अटक की पाठशाला चला रहे थे. दोनों से अब तक हुई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि डॉ शाहीन वीडियो कॉल के माध्यम से लड़कियों को जिहाद की ट्रेनिंग दे रही थी.  जबकि उसका डॉ परवेज और साथ डॉ आरिफ युवाओं को जिहाद में शामिल होने के लिए ब्रेनवॉश कर रहा था. तीनों मुस्लिम युवकों और युवतियों को कहते थे कि ‘यह आतंक की राह नहीं है. यह अल्लाह का पैगाम है. और अल्लाह के लिए कुर्बानी देनी होगी. इसके लिए अल्लाह ने हमें चुना है. अब तक की पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि डॉ शैं की इस वीडियो पाठशाला में कानपुर से गिरफ्तार डॉ आरिफ, उसका भाई डॉ परवेज और हापुड़ से गिरफ्तार डॉ फारूक अहमद भी जुड़ा हुआ था. डॉ शाहीन मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को भड़काऊ भाषणों से जिहाद के लिए तैयार कर रही थी. वह शादीशुदा महिलाओं से कहती थी कि इसके लिए उन्हें अपने शौहर को तलाक भी देना होगा और परिवार छोड़ना होगा। बैंक खातों की जांच जैश की लेडी विंग की कमांडर डॉ शाहीन शाहिद खुद अपने पति को तलाक दे चुकी है.  तलाक देने के बाद वह अपने बच्चों कभी मिलने नहीं गई.  इतना ही नहीं वह लखनऊ भी अपने परिवार से मिलने नहीं आती थी. जांच में पता चला है कि वह अपने भाई डॉ परवेज से संपर्क में थी. दोनों कई बार सहारनपुर में मिले भी थे. पुलिस को शक है कि दिल्ली ब्लास्ट के बारे में डॉ परवेज को पहले से ही पता था. फिलहाल जांच एजेंसियां डॉ शाहीन के बैंक खातों की तफ्तीश कर रही हैं. तीन बार पाकिस्तान भी गई थी डॉ शाहीन  सूत्रों के मुताबिक डॉ शाहीन तीन बार पाकिस्तान भी गई थी. 2013 में वह थाईलैंड भी गई थी. डॉ शाहीन ने अपने पासपोर्ट में कई बार अभिवकों के नाम चेंज करवाए. शादी के बाद शौहर का नाम था. फिर तलाक के बाद भाई परवेज को अभिभावक बनाया था.

दिल्ली धमाके में महू का संबंध सामने आया, हैदराबाद से गिरफ्तार हुआ अल-फलाह मालिक का भाई

महू दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके के पीछे की साजिश के तार अब मध्य प्रदेश के शहर महू से भी जुड़ते दिख रहे हैं। धमाके की जांच में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर्स की ‘टेरर टीम’ का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों और पुलिस की नजर अब इस यूनिवर्सिटी पर टिक गई है। महू पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चांसलर और महू के रहने वाले जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद सिद्दीकी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। हमूद की पिछले 25 साल से तलाश थी, लेकिन वह हर बार कानून की पकड़ से फिसल जाता था। आरोप है कि हमूद ने महू में चिटफंड के नाम पर ‘पैसा दोगुना’ करने का झांसा देकर कई परिवारों को लूटा था। उसके शिकार बनने वालों में महू के व्यापारी, नौकरीपेशा परिवार और फौजी परिवार तक शामिल थे। दिल्ली ब्लास्ट में महू कनेक्शन सामने आते ही पुलिस ने जवाद सिद्दीकी और उसके पूरे परिवार की जन्म-कुंडली खंगालनी शुरू कर दी थी। पुराने ठगी के मामलों की परतें खुलते ही पुलिस ने हमूद की खोज तेज कर दी और आखिरकार उसे हैदराबाद से दबोच लिया। पुलिस को शक है कि जवाद ने अपने फरार भाई हमूद के नाम पर अल-फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी खड़ी की थी और इसी का इस्तेमाल कर लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए। अब अगर पूछताछ में हमूद अपने भाई का नाम उगल देता है तो पुलिस जवाद पर भी कानूनी शिकंजा कसने में देर नहीं करेगी। हैदराबाद में हमूद खुद को शेयर ट्रेडिंग का कारोबारी बताकर घूम रहा था। पुलिस ने सिद्दीकी परिवार के रिश्तेदारों से बारीकी से जानकारी बटोरी और फिर एक योजनाबद्ध कार्रवाई में उसे पकड़ लिया। अब उसे महू लाया जाएगा, जहां उसके पुराने काले कारनामों की पूरी फाइल खोली जाएगी। महू छोड़ने के बाद वह कहां-कहां किन लोगों से संपर्क में रहा, उसकी आय किन-किन रास्तों से आती रही, सबकी परतें उधेड़ी जा रही हैं। महू में अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी चलाते समय हमूद ने हजारों निवेशकों को ‘दोगुना रिटर्न’ का लालच देकर करोड़ों रुपये का खेल किया था। कागजों पर कंपनी का कर्ताधर्ता वही था और पुलिस में उसके खिलाफ ठगी की शिकायत भी दर्ज थी। निवेशकों ने जैसे ही उस पर अपने पैसे लौटाने का दबाव बढ़ाया, हमूद ने कुछ रकम लौटाकर लोगों को शांत करा दिया और फिर रातों-रात पूरा परिवार महू से गायब हो गया था।  

लालू परिवार में उथल-पुथल: रोहिणी समेत तीन बेटियों ने घर छोड़ा, विवाद बढ़ा

पटना  बिहार की फर्स्ट फैमिली यानी लालू यादव-राबड़ी देवी के परिवार में मचा भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिता लालू यादव को किडनी डोनेट करने वाली बेटी रोहिणी आचार्य के घर छोड़ने के बाद उनकी तीन अन्य बहनों रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी ने भी अपने माता-पिता का घर छोड़ दिया है. रोहिणी ने शनिवार शाम में एक्स पर एक पोस्ट कर तहलका मचा दिया था. उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि उनको सवाल पूछे जाने के कारण चप्पल से मारने की कोशिश की गई. उनको गालियां दी गईं. उनको घर से निकाल दिया गया. इसके बाद रविवार को भी उन्होंने कई पोस्ट किया किए. उन्होंने तेजस्वी यादव और उनके करीबियों संजय यादव- रमीज खान पर गंभीर आरोप भी लगाए. रोहिणी ने  यह भी कहा कि उन्होंने अपने पति और ससुराल की राय लिए बिना अपने पिता को अपनी किडनी दान की लेकिन, अब उनको अफसोस हो रहा है. उन्होंने कहा कि उनको गंदी महिला कहा गया और अपनी गंदी किडनी पिता को देने की बात कही गई. रोहिणी ने ये सारी बातें अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को निशाना बनाकर कही. रोहिणी ने आगे कहा कि वह कहना चाहती है कि किसी भी बेटी को शादी के बाद अपने ससुराल और अपने परिवार पर ध्यान देना चाहिए. पार्टी पर कब्जे की कवायद इस पूरे विवाद में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप ने भी कूद पड़े है. वह अपनी बहन के अपमान को बर्दास्त नहीं करने की बात कह रहे हैं. तेजप्रताप को पहले ही परिवार से बाहर कर दिया गया है. जानकार बताते हैं कि परिवार में भाई-बहनों के बीच विवाद की मुख्य वजह राजद की कमान लेने को लेकर है.  बिहार चुनाव में बुरी हार के बाद तेजस्वी यादव अपने आलोचकों के साथ-साथ परिवार में भी निशाने पर हैं. इस चुनाव में राजद सिमटकर केवल 25 सीटों पर आ गई है. पूरा महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया है.

सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव

सीएम योगी के विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” से बदलेगी उत्तर प्रदेश की तस्वीर सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान के अंतगर्त प्रदेशवासियों को विगत 8 वर्ष के विकास के बारे में दी गई जानकारी 75 जनपदों के नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा नागरिकों से विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर लिया गया फीडबैक सोनभद्र, बदाऊं, गौतमबुद्ध नगर से नागिरकों ने विकसित प्रदेश बनाने को लेकर दिए सुझाव इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास को लेकर मिली सलाह पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि से उत्तर प्रदेश बनेगा वन ट्रिलियन इकॉनमी डॉलर की अर्थव्यवस्था भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित होगा प्रदेश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लिए “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @2047- समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान” के विजन पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इसके अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों-छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयं सेवी संगठन श्रमिक संघठन, मीडिया एवं आम जनमानस के साथ विगत 8 वर्षों से प्रदेश की विकास यात्रा के संबंध में जानकारी दी गई तथा विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर फीडबैक प्राप्त किया गया। भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं इसके अंतर्गत सोनभद्र से निशांत वर्मा का सुझाव है कि सोनभद्र जिसे "भारत की ऊर्जा राजधानी’’ के रूप में जाना जाता है, 2047 तक एक प्रमुख पर्यावरण-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनने की स्थिति में है। यह India 2047 और टिकाऊ शहरों (SDG 11) और सभ्य कार्य (SDG 8) पर संयुक्त राष्ट्र SDG का समर्थन करता है। जिले के अनूठे आकर्षण- 1400 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्मों वाला सलखन जीवाश्म पार्क, लखनिया दरी जलप्रपात, रिहंद बांध और विजयगढ़ किला एकीकृत पर्यटन सर्किट के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करते हैं। पीएम गति शक्ति के तहत बेहतर सड़क और रेल संपर्क के साथ, सोनभद्र 2030 तक पर्यटकों के आगमन में 12-15% वार्षिक वृद्धि हासिल कर सकता है। इसका लक्ष्य 2047 तक सालाना 5-6 मिलियन पर्यटकों का आगमन करना है। पर्यावरण-पर्यटन, साहसिक खेलों, सांस्कृतिक उत्सवों और आदिवासी हस्तशिल्प को बढ़ावा देने से समावेशी आजीविका का सृजन होगा। विरासत संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और सामुदायिक भागीदारी में संतुलन बनाकर सोनभद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के पर्यटन प्रवेश द्वार के रूप में उभर सकता है, जो 2047 तक भारत की अनुमानित 1 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित प्रदेश संभव बदाऊं से अक्षत कुमार सिंह ने भी विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के लिए सुझाव दिया है। उनका कहना है कि शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को मज़बूत करने के लिए सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना और डिजिटल परिवर्तन में निवेश करना होगा। ई-गवर्नेस प्लेटफॉर्म का एक मज़बूत नेटवर्क बनाने से पारदर्शिता, दक्षता और तेज नागरिक सेवाएं संभव होगी। क्लाउड आधारित प्रणालियां, एआई-संचालित विश्लेषण और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड भ्रष्टाचार को कम कर सकते हैं। मैन्युअल देरी को कम कर सकते हैं। ग्रामीण और अर्थ-शहरी क्षेत्रों को किफायती इंटरनेट पहुंच और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों से लैस किया जाना चाहिए ताकि सभी नागरिक समान रूप से लाभान्वित हो सकें। सरकारी विभाग सूचनाओं को निर्बाध रूप से साझा करने और त्वरित निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन प्रणालियों को अपना सकते हैं। संवेदनशील डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए साइबर सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आईटी में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने से नवाचार और लागत प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सुगम लेनदेन के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों और मोबाइल एप्लिकेशन का विस्तार किया जाना चाहिए। आईटी को पूरी तरह से अपनाकर, सरकार एक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित प्रशासन स्थापित कर सकती है जो दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देता है। गौतमबुद्ध नगर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से होगा विकास गौतमबुद्ध नगर से बबली प्रजापति जी के अनुसार स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए सुझाव निवारक और सामुदायिक चिकित्सा पर जोर, स्वास्थ्य सेवा शिक्षा में निवारक और सामुदायिक चिकित्सा को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। निजी संस्थानों में फीस को नियंत्रित और निजी संस्थानों और मानद विश्वविद्यालयों में फीस और शुल्कों को विनियमित करके आयुर्वेदिक शिक्षा को सस्ता और अधिक सुलभ बनाया जाना बाहिए। आयुष औषधालयों और अस्पतालों के उन्नयन पर भी जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकारी आयुष औषधालयों और अस्पतालों का उन्नयन किया जाना चाहिए और नए आयुष औषधालयों की स्थापना की जानी चाहिए। ये भी सुझाव आया कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष सुविधाओं की स्थापना होनी चाहिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में आयुष सुविधाओं की सह-स्थापना की जानी चाहिए। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। शिक्षा और प्रशिक्षण में सुधार के लिए सुझाव, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, आयुष शिक्षकों और पेशेवरों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जाने चाहिए। आम जनमानस की राय एवं सुझाव पोर्टल से प्राप्त हुए समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में प्रदेश के नागरिकों से samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 9,374,946 फीडबैक प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 7,237,136 सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 2,137,810 सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें 4,683,375 सुझाव आयु वर्ग 31 वर्ष से कम, 4,255,453 सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग, तथा 436,118 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों का विवरण निम्न प्रकार है: कृषि-2541,739, पशुधन एवं डेरी 387.087, इंडस्ट्री-377,585 आईटी एवं टेक. 281,887, पर्यटन-224,551, ग्रामीण विकास 1.843,620, इनक्रा-86,074, संतुलित विकास-129,157, समाज कल्याण-704,711, नगरीय एवं स्वास्थ्य-632,799, शिक्षा क्षेत्र- 1,988,044 तथा सुरक्षा सम्बंधित 177.690 सुझाव मिले है। जनपदों के अनुसार फीडबैक में टॉप पाच में जौनपुर (842.482) संभल (807,236), गाजीपुर (352,817), गाजियाबाद (291,166) और हरदोई (221.580) शामिल हैं। वहीं बॉटम पाँच में गौतमबुद्ध नगर (51.325), मधुरा (55,019), इटावा (55.399), बलरामपुर 157.553), और बागपत (60.233) से 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हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव के उद्देश्य से कर रहे हैं कार्य पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक

गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव के उद्देश्य से कर रहे हैं कार्य पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पाञ्चजन्य समय से पहले सावधान करने और धर्म के मार्ग पर चलने का प्रतीक है। पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक है और यह अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही है। भगवान कृष्ण ने उन्हें प्राप्त पाञ्चजन्य और सुदर्शन चक्र सदैव अपने साथ रखा। यह दोनों प्रतीक उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व की विशिष्टता के रूप में सभी के मन मस्तिष्क में विद्यमान हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप में उज्जैनी के संदीपनि आश्रम में प्राप्त शिक्षा-दिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राष्ट्रीय स्वयं संघ के सह कार्यवाह मध्य क्षेत्र  हेमंत मुक्तिबोध, प्रांत संघचालक  अशोक पांडे और पाञ्चजन्य के संपादक  हितेष शंकर ने सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पाञ्चजन्य का विशेष अंक भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू  विजय मनोहर तिवारी, निदेशक स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी डॉ. प्रवीण रेड्डी और प्रबंध निदेशक डीबीजी टेक्नॉलाजी  अभिशेक गर्ग का सम्मान किया। राज्य सरकार ने समाज के साथ मिलकर त्यौहर मनाने के परिपाटी आरंभ की मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रत्येक गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव लाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। आम जनता के सुख के लिए हर संभव प्रयास करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस पथ पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार ने कई नवाचार किए हैं। प्राकृतिक संसाधनों को सबके हित में वितरण को सुनिश्चित करते हुए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत गतिविधियां प्रारंभ की गई हैं। इससे नदियों का मायका कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के साथ तुलनात्मक रूप से कम जल सम्पदा वाले राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों का भी लाभ होगा। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर का नाम कुलगुरू कर, शिक्षा के मंदिरों को भारतीयता की भावना के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने गुरूपूर्णिमा, गीता जयंती सहित अन्य प्रमुख त्यौहार समाज के साथ मिलकर मनाने की परिपाटी आरंभ की है। समाज में आनंद और उत्सवीय वातावरण का संचार करना राज्य सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के साथ किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा पम्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस नवाचार से सब्सिडी से बची राशि को विकास के अन्य कार्यों में लगाया जाएगा। भावान्तर योजना, लाड़ली बहना योजना, युवाओं के लिए रोजगार के उद्देश्य से प्रदेश में संचालित उद्योग संवर्धन गतिविधियों के माध्यम से राज्य सरकार अन्नदाता, महिलाओं और युवाओं की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज संचालित करने का नवाचार भी किया गया है। सभी विश्वविद्यालयों में कृषि आधारित कोर्स आरंभ किये गए हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वीकृत पीएम मित्र पार्क से तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रदेश में दो मेट्रो पॉलिटन क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए राज्य सरकार विशेष रियायतें और अनुदान उपलब्ध करा रही है। रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव से क्षेत्रीय स्तर पर उद्योग गतिविधियों को विस्तार मिला है। यह नवाचार करने वाला मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेना हम सबके लिए गर्व का विषय है। इस समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन जारी है और 6 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जा चुका है। एक साथ ढाई लाख करोड़ रुपए लागत की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन और लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री  मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह से समय देने का अनुरोध किया है। देश में सबसे तेज गति से निवेश संवर्धन का कार्य मध्यप्रदेश में जारी है, हम 24 प्रतिशत की ग्रोथ रेट पर चल रहे हैं। साथ ही सभी विभागों के लक्ष्य तय कर गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणी संवर्धन, पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने, राजधानी के सात प्रमुख मार्गों पर प्रदेश की संस्कृति को अभिव्यक्त करते द्वारों के निर्माण की जानकारी भी दी।  

उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, बच्चों को बैग से मिलेगी राहत—ये है पूरा प्लान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार अब स्कूलों में बच्चों का बोझ कम करने और पढ़ाई को मजेदार बनाने पर जोर दे रही है. इसी पहल के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में 10 दिन बैगलेस क्लास लागू की गई है. इससे बच्चों को किताबों की जगह खेल, गतिविधियां और प्रैक्टिकल सीखने का मौका मिलेगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत चल रही “आनंदम योजना” के अनुसार एक बड़ा बदलाव किया है. अब सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को पूरे साल में 10 दिन स्कूल बैग लाने की जरूरत नहीं होगी. शनिवार को स्कूल में 6से 8 तक के बच्चों को खेल कूद,पिकनिक, भाषण,बाद विवाद जैसी प्रतियोगिता में शामिल कराया जाएगा. सरकार की आनंदम योजना के तहत बच्चों में Ground activity बढ़ाने के उद्देश्य से पूरे शैक्षणिक सत्र के लिए 10 days bagless को लागू किया गया इन दिनों को Bagless Days कहा जाएगा. इन बैगलेस दिनों में बच्चों को क्लासरूम में पढ़ाने के साथ-साथ बल्कि उन्हें विभिन्न तरह की मजेदार और सीख देने वाली गतिविधियों में शामिल किया जाएगा. इनका मकसद है कि बच्चे सिर्फ किताबों से ही नहीं, बल्कि अनुभव और खेल से भी सीखें. क्या-क्या होगा बैगलेस दिनों में? खेल-कूद भाषण प्रतियोगिता वाद-विवाद (डिबेट) पिकनिक कला, संगीत, डांस जैसी गतिविधियां ग्राउंड एक्टिविटी और टीम वर्क क्रिएटिव प्रोजेक्ट सरकार का उद्देश्य आनंदम योजना का मुख्य उद्देश्य है—बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें तनाव से मुक्त रखना. इसके साथ ही किसी भी काम को सीखने को मजेदार बनाना, ग्राउंड और आउटडोर गतिविधियां बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि उनकी प्रतिभा को पहचानने का मौका मिले.इसके लिए पूरे शैक्षणिक वर्ष में 10 बैगलेस दिन अनिवार्य किए गए हैं.

ATS की बड़ी रेड: लखीमपुर में आरोपी सुहैल खान के घर से ISIS फ्लैग बरामद

लखीमपुर खीरी गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने गुजरात ISIS मॉड्यूल मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में छापेमारी की है. यूपी पुलिस के साथ की गई इस कार्रवाई में लखीमपुर निवासी आतंकी मोहम्मद सुहैल खान के घर से ISIS का फ्लैग बरामद किया गया है. गुजरात ATS की तहकीकात में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले दोनों गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद सुहैल खान और आजाद सुलेमान शेख हाल ही में कश्मीर भी गए थे. दोनों आतंकी   हथियार और केमिकल की डिलीवरी का रूट देखने के लिए गए थे.  बता दें कि गुजरात ATS ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर 9 नवंबर को ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक MBBS डॉक्टर भी शामिल था. ये तीनों आतंकी खतरनाक जहर का इस्तेमाल करके आतंकी हमले की प्लानिंग में जुटे थे. इन्हीं आतंकियों ने लखनऊ स्थित RSS दफ्तर, दिल्ली की आजादपुर मंडी और अहमदाबाद में हमले के लिए रेकी भी की थी.  गिरफ्तार सुहेल के पिता ने कहा, 'किसी याराना-दोस्ताना या कैसे भी उसको फंसाया गया है.'' ये गिरफ्तारियां तब हुईं जब ये संदिग्ध हथियार लेने-देने के लिए इकट्ठा हुए थे. इनके पास से पाकिस्तान से भेजी गईं पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं.  ATS के मुताबिक, ये संदिग्ध दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इसके लिए इन्होंने कुछ जगहों की रेकी भी की थी. गिरफ्तार किए गए युवकों में एक लखीमपुर, दूसरा शामली का रहने वाला है, जबकि तीसरा हैदराबाद का है. फिलहाल गुजरात एटीएस और यूपी एटीएस समेत कई एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा

चरणबद्ध तरीके से करें संभल का विकासः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का करें पुनरुद्धारः मुख्यमंत्री  दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड आदि कार्यों पर रखें फोकस मुख्यमंत्री जी का महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर रहा जोर  संभल का विकास सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जनपद संभल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने यहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। फिर शासन व जनपद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि चरणबद्ध तरीके से संभल का विकास करें। संभल का विकास सरकार की प्राथमिकता है।  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का पुनरुद्धार कराएं। दूसरे चरण में म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस रखें। मुख्यमंत्री जी ने संभल में जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी के निर्माण की प्रक्रिया पर जल्द कार्रवाई के लिए भी कहा। मुख्यमंत्री जी ने राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास समेत कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। प्रदेश सरकार इन तीर्थों के जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों को तेज गति से कराने का निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों का कार्यालय हो। मुख्यमंत्री जी को बताया गया कि आवासीय व अनावासीय भवन के लिए 93 फीसदी भूमि क्रय कर ली गई है। मुख्यमंत्री जी ने डीपीआर बनाने के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि 24 कोसीय परिक्रमा के साथ ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के समीप भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण व सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं।  मुख्यमंत्री जी ने महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदियां जीवनदायिनी है। सरकार नदियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। नमामि गंगे के अंतर्गत प्रोजेक्ट तैयार कराकर पुनरुद्धार कार्य में तेजी लाई जाए।  मुख्यमंत्री ने जी नगर विकास विभाग की वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील/पोखर/तालाब योजना व पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति के बारे में जाना और निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें।  मुख्यमंत्री जी ने सीबीजी प्लांट के निर्माण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।