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‘देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती है विपक्ष’ — डिप्टी सीएम शर्मा का आरोप, ममता ने बीजेपी पर उठाए सवाल

रायपुर प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार छत्तीसगढ़ में पहचान छुपाकर या बदलकर रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापिस भेजने की कार्रवाई कर रही है. लेकिन पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर बांग्लाभाषियों पर उत्पीड़न नहीं रुका, तो गंभीर नतीजा भुगतना होगा. उनके इस बयान पर अब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार किया है. डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती हैं. फर्जी आधार बनवाकर लोग बंगाल से छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. बोलने के लहजे और एक्सेंट से सब साफ पता चल जाता है. पूछने पर गांव, जन्म स्थान तक नहीं बता पाते हैं. बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं. PM मोदी के बंगाल दौरे से ठीक पहले कोलकाता में आयोजित एक रैली में CM ममता बनर्जी ने BJP सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश भर में पश्चिम बंगाल के मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. CM ममता ने कहा- “मैं बंगालियों के प्रति केंद्र और भाजपा के रवैए से निराश और शर्मिंदा हूं.” उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनको बंगालियों से इतनी नाराज़गी क्यों है? “आगे से मैं और ज़्यादा बांग्ला बोलूंगी. CM ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि “बीजेपी में हिम्मत है तो मुझे डिटेंशन शिविर में बंद कर दिखाए. बंगाल के लोगों को डिटेंशन शिविरों में रखने की स्थिति में राज्य के लोग BJP को चुनाव के जरिए राजनीतिक डिटेंशन शिविर में भेज देंगे. अगर बांग्लाभाषियों का उत्पीड़न नहीं रुका तो भाजपा को इसका गंभीर राजनीतिक नतीजा भुगतना होगा.” छत्तीसगढ़ को स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार मिलने पर डिप्टी सीएम शर्मा ने दी बधाई छत्तीसगढ़ के निकायों को स्वच्छता के लिए आज राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसपर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को स्वच्छता में आज राष्ट्रीय सम्मान मिला है. दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं रायपुर नगर निगम की टीम को सम्मानित किया है. उन्होंने आगे कहा कि निकायों ने अच्छा काम किया है, इसलिए स्वच्छता में इनाम मिला, लेकिन अभी और काम बाकी है. इसके साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव और टीम को बधाई दी है.    विधानसभा में भारतमाला प्रोजेक्ट पर हंगामा भारतमाला प्रोजेक्ट पर विधानसभा में संभावित हंगामे को लेकर डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस खुद घोटालेबाज है. “यह तो वही बात हो गई, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की है. जो दोषी हैं वो जेल जाएंगे. स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल डिप्टी सीएम शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी की चिंता है. आपके (मीडिया) माध्यम से ध्यान खींचा जा रहा है, जरूर देखा जाएगा. आने वाले समय में सब ठीक होगा.

विपरीत मौसम में भी पहुंचा प्रशासन: गृह मंत्री ने दादिया में 12 करोड़ के लोन किए वितरित

जयपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुरुवार को जयपुर दौरे पर पहुंचे। उनका दादिया में आयोजित सहकार एवं रोजगार उत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम था। शाह दोपहर करीब 12:15 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से उन्हें हेलिकॉप्टर द्वारा सभास्थल दादिया जाना था लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिस कारण वे सड़क मार्ग से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित दादिया पहुंचे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शाह ने राजस्थान पुलिस के 100 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने सहकारी उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसके साथ ही गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1400 गोपालकों को 12 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। इसके साथ ही शाह ने वर्चुअली 500 मीट्रिक टन क्षमता के 24 अनाज गोदामों और 64 मिलेट्स (मोटा अनाज) केंद्रों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान मंच की साज-सज्जा और बैठने की व्यवस्था ने भी राजनीतिक संकेत दिए। मंच पर अमित शाह के बाएं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और दाएं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को स्थान दिया गया। इसके अतिरिक्त उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक, पशुपालन व डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत और मुख्य सचिव सुधांश पंत भी मंच पर मौजूद रहे।

स्वच्छता में नंबर वन इंदौर ने अनोखे अंदाज़ में मनाया जश्न, आतिशबाजी के बाद खुद की सफाई, जिम्मेदारी भी निभाई

इंदौर का स्वच्छता मॉडल बना ग्लोबल आइकन, 50 देशों के प्रतिनिधि हुए प्रेरित इंदौर की सफाई को कांग्रेस सांसद ने बताया मिसाल, कहा – यूरोप नहीं, यहां से सीखें स्वच्छता में नंबर वन इंदौर ने अनोखे अंदाज़ में मनाया जश्न, आतिशबाजी के बाद खुद की सफाई, जिम्मेदारी भी निभाई इंदौर पिछले कई वर्षों से ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ में सबसे साफ शहर बनकर उभरा इंदौर अब वैश्विक स्तर पर स्वच्छता के लिए जाना जाने लगा है। इसके सख्त सफाई और कचरा प्रबंधन नीतियों ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र भी बना दिया है, जहां दुनियाभर के देश अपने प्रतिनिधियों को भेजकर इसकी प्रणाली सीखने की प्रेरणा पा रहे हैं। कुछ साल के अंदर कई दल इंदौर आ चुके हैं और उन्होंने यहां से सीखी स्वच्छता की बातों को अपने देशों में भी लागू किया है। अब तक देश के अलग अलग शहरों के 100 से अधिक प्रतिनिधि स्वच्छता मॉडल को देखने के लिए आ चुके हैं।  दुनियाभर के 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भी यहां पर आकर स्वच्छता के गुर सीख चुके हैं। फ्रांस से लेकर फिजी और जाम्बिया तक के देशों ने इंदौर के सफाई मॉडल पर विश्वास दिखाया है। देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने इसकी उत्कृष्टता को सराहा और उसे सीखने की इच्छा जताई है, जो स्वच्छ भारत और ग्लोबल सिटी मॉडल की दिशा में एक मजबूत कदम है।   प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भी स्वच्छता रही मुख्य आकर्षण साल 2023 में इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान दुनियाभर के देशों से लोग इंदौर आए। यहां पर सभी के लिए स्वच्छता आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। विदेशी दलों को नगर निगम की टीम पर्यटन स्थलों के साथ में स्वच्छता के मुख्य केंद्रो पर भी ले गई।  बांग्लादेश ने भेजा विशेष दल बांग्लादेश के ज्वाइंट सेक्रेटरी निरोद चंद्र मंडल के नेतृत्व में 13 बांग्लादेशी प्रतिनिधियों का दल इंदौर आया। इन्होंने शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी इकट्ठा की। इसके साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट सिस्टम को भी समझा बारीकी से समझा। विदेशी प्रतिनिधिमंडल आए 22 सदस्यीय विदेशी टीम इंदौर आई। यह 6 अलग-अलग देशों से थी। इन्होंने इंदौर के बायो‑CNG संयंत्र, घर-घर कूड़ा संग्रह, कंपोस्टिंग समाधान और सफाई स्टाफ की प्रशिक्षण विधियों का ज्ञान साझा किया। इस टीम में यह देश शामिल थे… फ्रांस (France) उरुग्वे (Uruguay) फिजी (Fiji) जाम्बिया (Zambia) ग्वाटेमाला (Guatemala) होंडूरस (Honduras)  प्रदेशों ने भी भेजे अपने दल उत्तर प्रदेश का एक दस-सदस्यीय दल  जिसमें “Safai Mitra” एवं राज्य के अधिकारी शामिल थे, नवंबर 2022 में इंदौर आया। उन्होंने इंदौर की बायो-CNG संयंत्र सुविधा को समझा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल की पूरी जानकारी ली और अपनी नगरपालिकाओं में इसके मॉडल को लागू करने की योजना बनाई। हैदराबाद की मेयर और 40 GHMC निगम सदस्य सितंबर 2024 में आए, ताकि इंदौर के door-to-door collection, स्रोत पर कचरा विभाजन (segregation), और सफाई कर्मचारियों के सशक्त बनावट मॉडल को सीख सकें।  इन सभी दलों ने इंदौर के कई पहलुओं को समझा, जिनमें मुख्य रूप से यह बातें शामिल थी… wet waste से bio-CNG उत्पादन, बायो‑CNG संयंत्र (Asia's largest) dry waste का पुनः उपयोग  100% door-to-door कचरा संग्रह होम कंपोस्टिंग टेक्निक zero-landfill नीति सफाई संगठनों (Safai Mitras) की कार्यप्रणाली 'Reduce‑Reuse‑Recycle' मॉडल आईआईएम ने शुरू किया कोर्स, देशभर से आ रहे अधिकारी इंदौर आईआईएम द्वारा शुरू की गई पहल अन्वेषण से देशभर में स्वच्छता के लिए जागरूकता बढ़ रही है। अन्वेषण आईआईएम इंदौर द्वारा चलाया जा रहा कोर्स है जिसमें देशभर के निगम आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी स्वच्छता से जुड़ी ट्रेनिंग लेते हैं। अपशिष्ट प्रबंधन और वॉश (WASH: Water, Sanitation and Hygiene – जल, स्वच्छता और सफाई) पर केंद्रित अन्वेषण की कई बैच निकल चुकी हैं। चार दिवसीय कार्यक्रम में देश के कई राज्यों के नगर निगम आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। अन्वेषण की यह बैच अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के माध्यम से देशभर के अधिकारियों को एक मंच पर लाने का काम करती है। आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान और अंतर्दृष्टि का उपयोग कर सभी अधिकारी अपने संबंधित शहरों में स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को लागू कर रहे हैं। इससे स्वच्छ भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान हो रहा है।  इंदौर की सफाई को कांग्रेस सांसद ने बताया मिसाल, कहा – यूरोप नहीं, यहां से सीखें इंदौर का स्वच्छता का डंका न सिर्फ देश में बल्कि दुनियाभर में बजता है। भारत में ही हर पार्टी के नेता इंदौर की स्वच्छता के गुर सिखाने के लिए अपने दल भेजते रहते हैं। समय समय पर देशभर के जनप्रतिनिधि इंदौर की तारीफ भी करते रहते हैं।  कांग्रेस सांसद बोले स्वच्छता सीखने यूरोप क्यों जा रहे, इंदौर जाइए इस साल मार्च में चेन्नई का विशेष दल स्वच्छता के गुर सीखने यूरोप जा रहा था। कांग्रेस के सांसद कार्ति चिदंबरम इस पर नाराज हो गए और कहा कि चेन्नई नगर निगम के अधिकारियों को कचरा प्रबंधन के गुर सीखने के लिए यूरोप क्यों जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे पहले इंदौर का दौरा किया जाना चाहिए।  रायपुर की महापौर बोली इंदौर जैसे काम करेंगे, नंबर वन बनेंगे पिछले महीने इंदौर आई रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने इंदौर में दो दिवसीय कार्यक्रम में स्वच्छता की बारीकियां सीखी। यहां से लौटने के बाद रायपुर की स्वच्छता और विकास के लिए कई ठोस कदमों की घोषणा की। महापौर ने बताया कि इंदौर से मिले अनुभव और मॉडल को रायपुर में अपनाकर शहर को स्वच्छता के मामले में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा। महापौर चौबे ने कहा कि रायपुर में इंदौर की तरह सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए आमजन को जागरूक किया जाएगा। इसमें एनजीओ की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही शहर के सभी 10 जोनों में आरआरआर (रियूज, रिड्यूस, रिसाइकल) केंद्र खोलकर उनके प्रभावी संचालन के लिए एनजीओ के सहयोग से रणनीति बनाई जाएगी।  भागलपुर की महापौर बोली इंदौर की ट्रेनिंग से हुआ फायदा भागलपुर की महापौर वसुंधरा लाल ने अपने शहर के सफाई कर्मचारियों को इंदौर भेजा ताकि वे वहां की सफाई व्यवस्था को समझकर भागलपुर में लागू कर सकें। वसुंधरा ने कहा कि इंदौर में सफाई व्यवस्था की ट्रेनिंग … Read more

राजधनी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क धंसी, हुआ 10 फीट का गड्ढा

 भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारी बारिश के बाद महाराणा प्रताप नगर चौराहे के पास एक व्यस्त सड़क पर 10 फीट से बड़ा गड्ढा बन गया. यह सड़क भोपाल की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है और इसके नीचे एक पुराना नाला बह रहा है. बताया गया कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आती है. गड्ढा सुबह से हो रही बारिश के बाद बनने की बात सामने आई है.इस घटना को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया सड़क पर ही गड्ढे के पास धरने पर बैठे और प्रदर्शन किया. हाल ही में भोपाल की सड़कों पर गड्ढों को लेकर PWD मंत्री राकेश सिंह के बयान, "जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गड्ढे रहेंगे," की भी चर्चा हो रही है.  इससे पहले ग्वालियर शहर की चेतकपुरी रोड भी चर्चा का विषय बन गई थी. यहां बारिश के चलते 4 करोड़ रुपए की नई बनाई गई सड़क पर गुफानुमा गड्डे हो गए थे. इससे नगर निगम की काफी किरकिरी हुई थी.  मध्य प्रदेश में तेज बारिश होने की वजह से मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह तक कई जिलों में बाढ़ के खतरे की आशंका जताई है। पूर्वी हिस्से के छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना और टीकमगढ़ में अचानक बाढ़ आ सकती है।  पिछले 24 घंटे में सीधी में 3.1 इंच पानी गिर गया। रीवा में 2.2 इंच, नर्मदापुरम में 1.9 इंच, जबलपुर में 1.4 इंच, उमरिया में 1.3 इंच, ग्वालियर में 1.1 इंच और पचमढ़ी में 1 इंच बारिश हो गई। भोपाल में सुबह से कभी तेज, कभी हल्की बारिश हो रही है। यहां आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा है।     भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया। सड़क के इसी हिस्से के नीचे से सीवेज लाइन गुजर रही है।     सतना में शासकीय स्वशासी महाविद्यालय की 17, 18 और 19 जुलाई को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। SDM ने रोड धसकने की क्या वजह बताई? पूरा मामला महाराणा प्रताप नगर (एमपी नगर) में फुटपाथ से सटे लिंक रोड नंबर 1 का है। यहां की सड़क का एक हिस्सा आज सुबह बारिश के दौरान ढह गया। इसकी जानकारी लेने पहुंचे एसडीएम एल के खरे ने वहां मौजूद मीडिया वालों को बताया, इस सड़क के नीचे एक नाला है। बारिश के कारण नाले की मिट्टी और फुटपाथ की मिट्टी खिसकने से सड़क धंस गई है। इसके साथ ही उन्होंने शाम तक सड़क की मरम्मत कराने की भी बात कही है। फूल माला चढ़ाकर जलाई अगरबत्ती कांग्रेस से जुड़े समर्थकों ने गड्डे के पास पहुंचकर नारेबाजी और धरना प्रदर्शन भी किया। लोगों ने वहां पहुंचकर पाइप पर फूलों का हार चढ़ाया और अगरबत्ती लगाकर पूजा की। पूजा करने पर लोगों ने बताया कि हमने भ्रष्टाचार की पूजा अर्चना की है। ये एमपी नगर की हालत है तो अन्य इलाकों की क्या हालत होगी। एक शख्स ने गड्डे में उतरकर नारेबाजी भी करी। सड़कों में गड्डे खुल गई पोल… चोरी करना बंद करो… दलाली करना बंद करो। मंत्री बेशर्म बयान देते रहेंगे और…, कांग्रेस एमपी नगर शहर के अहम इलाकों में से एक है। यहां सड़क धसने की खबर सामने आई तो सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैलने लगी। कांग्रेस की मध्य प्रदेश शाखा ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा- ग्वालियर और इंदौर के बाद अब भोपाल में हुआ करीब 8 फ़ीट का गड्ढा हुआ है। मंत्री बेशर्म बयान देते रहेंगे और कमीशन से बनी सड़कें अपना भ्रष्टाचार उजागर करती रहेंगी।     डिंडौरी में अतिवर्षा के चलते सरकारी स्कूलों में आज अवकाश रहा। मऊगंज के भी सभी स्कूलों में छुट्‌टी रही।     हरदा की मटकुली नदी में पुलिसकर्मी की कार बह गई। उसने पुलिया पर पानी होने के बावजूद कार निकालने का प्रयास किया था। पुलिसकर्मी ने समय रहते कार से कूदकर जान बचा ली।     सतना में रपटे को पार करने की कोशिश में कार तेज बहाव में बह गई। लोगों ने कार सवार युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।     मऊगंज जिले के नई गढ़ी कस्बे में कई घरों में पानी घुस गया है। लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। थाना परिसर भी पानी में डूबा हुआ है।     चित्रकूट की गुप्त गोदावरी गुफा में तेज बहाव के साथ पानी बह रहा है। पर्यटकों के लिए गुफा को बंद करा दिया गया है।     पीथमपुर में तीन मंजिला मकान की निर्माणाधीन दीवार बारिश के कारण गिर गई। हादसे में दो माह की बच्ची की मौत हो गई जबकि पिता घायल हैं।

सदन की गरिमा पर सवाल: विपक्षी आचरण से आहत स्पीकर, डॉ. रमन ने जताई कड़ी आपत्ति

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को खाद संकट पर विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी से प्रश्नकाल बाधित हुआ. इससे नाराज स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने बीच में प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया. स्पीकर डॉ. रमन सिंह कहा कि प्रश्नकाल को बाधित करना बहुत ही गलत परंपरा है. आज जो कुछ हुआ 25 साल के इतिहास में नहीं हुआ. मेरे द्वारा आग्रह करने के बाद विपक्षी सदस्य गर्भगृह में नारेबाजी करते रहे. यह बहुत ही दुःखद था. मैं बहुत दुखी मन से विपक्षी सदस्यों को सदन की आज पूरे दिन की कार्यवाही से निलंबित करता हूँ. कांग्रेस विधायकों को उकसा रहे थे भूपेश बघेल संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी पर कहा आज विपक्ष का व्यवहार बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण रहा है. छत्तीसगढ़ के संसदीय परंपरा के इतिहास के लिए जो कुछ प्रश्नकाल के दौरान हुआ वह दुःखद है. कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए कि विपक्ष को चला कौन रहा था ? भूपेश बघेल जी कांग्रेस विधायकों को उकसाने का प्रयास कर रहे थे.

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को मिला नया मुख्य न्यायाधिपति, संजीव सचदेवा ने ली शपथ

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ मनोनीत न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरूवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहे। राज्यपाल पटेल और उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने नव नियुक्त मुख्य न्यायाधिपति सचदेवा को शपथ ग्रहण के बाद पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा न्यायाधीश संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधिपति नियुक्त किए जाने की अधिसूचना का वाचन किया। शपथ ग्रहण समारोह में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, विधायक रामेश्वर शर्मा, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, लोकायुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, सदस्य मानवाधिकार आयोग राजीव टंडन, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, रजिस्ट्रार जनरल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय धरमिंदर सिंह, महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायालय एवं बार के सदस्य, विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी सहित जन प्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

सदन में खाद संकट की गूंज: विपक्ष ने घेरा सरकार को, धरना देकर लगाए ‘इस्तीफा दो’ के नारे

रायपुर  विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन खाद संकट पर विपक्ष ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को घेरा. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल के सदस्यों ने पहले गर्भगृह में पहुंचकर ‘खाद की कालाबाजारी बंद करो’ जैसे नारे लगाए, इसके बाद सदन से वॉकआउट किया. कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने सदन ने प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश खाद की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने खाद का पूछा कि जून तक करीब आधा भंडारण हुआ है आपूर्ति का क्या प्लान है? कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि भारत सरकार से लगातार संपर्क में है, किसी तरह की कोई कमी खाद की नहीं हो इसपर नजर है, डीएपी की जहां कमी थी वहां दूसरे खाद को प्रमोट कर रहे हैं, डीएपी नैनो को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं. बहुत से रैक प्वाइंट पर खाद पहुंचने वाला है. 20 जुलाई तक 18850 मैट्रिक टन खाद यानि कुल 24 रैक अभी मिलने वाला है, जिसमें एनपीके और डीएपी खाद भी रहेगा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि डीएपी की कालाबाजारी क्यों हो रही है? इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अभी तक 1 लाख 72 हजार मैट्रिक टन डीएपी आ गया है, 18 हजार मैट्रिक टन अगले 5 दिन में और आ जाएगा, कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी.

ग्राम प्रधान से लेकर मुख्यमंत्री तक बनेगा एकीकृत सिस्टम, यूपी में डिजिटल प्रशासन का नया मॉडल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जल्द ऐसी तकनीकी व्यवस्था लागू करने जा रही है जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर ग्राम प्रधान तक और सभी विभाग एक ही नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। वन स्टेट वन नेटवर्क योजना आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग तैयार कर रहा है। जिससे प्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। यह जानकारी बुधवार को आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने दी। अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालय और ग्राम सभा स्तर तक सभी संस्थाएं मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी। विभागों में बेहतर तालमेल होगा और कामकाज में तेजी के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डेटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लागू की जा रही इस योजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों के साथ मंथन किया जा रहा है। राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही है। जमीन आवंटन का कार्य किया जा रहा है और जल्द दूसरे शहरों में भी एआई सिटी स्थापित की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्री ने बताया कि योजना को अमली जामा पहनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। डाटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। मंत्री ने जानकारी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए लखनऊ में एआइ सिटी की स्थापना की जा रही है। इसके लिए जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी एआइ सिटी विकसित की जाएगी। प्रदेश में जल्द ही इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वार्ता के दौरान सरकारी स्कूलों के विलय और धर्मांतरण से जुड़े सवालों पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष अच्छे कार्यों में भी बाधा डालता है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण मामले में सिर्फ छांगुर नाम का एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है, जिसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सपा को परिवारवाद की पार्टी बताया और कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित लोकतांत्रिक पार्टी है, जो राष्ट्रहित में निर्णय लेती है। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सपा पर हमला बोला उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के कार्य में सिर्फ छांगुर ही नहीं बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। स्कूल मर्जर और अन्य मुद्दों पर उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया और कहां की वह हर अच्छे कार्य में अवरोध पैदा करता है। सपा परिवारवादी पार्टी है और भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है ।

प्रोटोकॉल में भारी चूक: दूषित डीजल से सीएम काफिले की कारें बंद, पेट्रोल पंप संचालक पर कार्रवाई

रतलाम  रतलाम में मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल से जुड़ी गाड़ियों में मिलावटी डीजल भरने का मामला अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है। 27 जून को एमपी राइज 2025 कार्यक्रम के दौरान सीएम के प्रोटोकॉल में शामिल 19 इनोवा कारें डोसीगांव स्थित भारत पेट्रोलियम के मेसर्स से रिफ्लिंग कराई गई थी।  रतलाम जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील कर तीन डीजल सैंपल लिए, जिन्हें BPCL लैब मांगलिया भेजा गया। अब आई जांच रिपोर्ट में डीजल में पानी की मिलावट की पुष्टि हुई है। पंप संचालक शक्ति बुंदेल और पंप मैनेजर अमरजीत डाबर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में पाया गया कि पंप के डीजल टैंक में 197.43 लीटर पानी मौजूद था, और स्टॉक में 720 लीटर का अंतर मिला। घटना के बाद से पेट्रोल पंप अब तक बंद है और आगे की कार्रवाई पुलिस के हाथों में है। बता दें कि 26, जून की रात सीएम के काफिले में शामिल होने के लिए प्राइवेट गाड़ियां इंदौर से रतलाम आई थीं। डोसीगांव में स्थित भारत पेट्रोलियम के मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पाईंट पर 19 इनोवा कारों में एक साथ डीजल भराया। डीजल भराने के बाद कारे कुछ दूरी तक ही चली और बंद हो गई। इन सभी को धक्का मारकर पेट्रोल पंप पर लाकर खड़ा किया था। जब प्रशासन को इस बारे में जानकारी लगी तो हड़कंप मच गया। अधिकारी पेट्रोल पंप पहुंचे। गाड़ियों के टैंक खुलवाकर डीजल खाली कराया तो उसमें डीजल के साथ पानी निकला। मामला सीएम से जुड़ा होने के कारण उसी रात पेट्रोल पंप को सील कर दिया। रात में ही प्रशासन ने इंदौर से अन्य गाड़ियों का इंतजाम किया। दूसरी गाड़िया इंदौर से रतलाम पहुंची। 27 जून को 3 सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट आई मामला सामने आने के बाद 27 जून को जिला आपूर्ति विभाग ने डीजल के 3 सैंपल लेकर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के मांगलिया लेब में टेस्ट के लिए भेजे गए। करीब एक पखवाड़ा बाद लेब से टेस्ट रिपोर्ट मिल गई है। जिला आपूर्ति विभाग ने आगे की कार्रवाई को लेकर थाना औद्योगिक क्षेत्र को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले की रिपोर्ट पर 27 जून को थाना औद्योगिक क्षेत्र ने पेट्रोल पंप संचालक शक्ति बुंदेल पति हेमराज बुंदेल और पंप मैनेजर अमरजीत पिता बल्लू डाबर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज किया था। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार जांच में पाया कि पंप संचालक ने लापरवाही बरतते हुए वाहनों में अपमिश्रित डीजल भरा गया, जो कि उन्हें नहीं करना चाहिए था। तब से लेकर आज तक पेट्रोल पंप बंद है। पेट्रोल पंप संचालक जनसुनवाई में कलेक्टर के पास भी पहुंचे थे, ताकि पेट्रोल पंप को चालू कराया जा सके। जिला आपूर्ति अधिकारी ने टाली जवाबदेही जांच रिपोर्ट के संबंध में जब दैनिक भास्कर ने जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले से जानकारी मांगी, तो वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने शुरुआत में कहा कि रिपोर्ट सीधे पुलिस को भेज दी गई है। जब रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी मांगी गई तो उन्होंने मामले को पुलिस की जांच से जोड़ते हुए कहा कि उनका काम केवल सैंपल लेकर जांच के लिए भेजना था। विभागीय जिम्मेदारी की बात उठाने पर उन्होंने कैमरे के सामने आने से बचते हुए स्वीकार किया कि जांच में डीजल में पानी की मिलावट पाई गई है। लेकिन जब आगे की कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे पुलिस का मामला बताकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। विशेष रूप से चिंताजनक यह है कि मामला मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़ा होने के बावजूद जिला आपूर्ति अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यहां तक कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। प्रशासन का दावा: गाड़ियां सीएम काफिले की नहीं मामले में ड्राइवरों और प्रशासन के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। जहां ड्राइवरों ने गाड़ियां बंद होने पर बताया कि वे इंदौर से सीएम के काफिले में शामिल होने के लिए आए थे, वहीं जिला प्रशासन ने अगले दिन स्पष्ट किया कि ये केवल प्रोटोकॉल के लिए आई वीआईपी गाड़ियां थीं। प्रशासन के अनुसार, इन गाड़ियों के लिए मेसर्स इम्पेक्ट ट्रेवल्स इंदौर अधिकृत एजेंसी है। एजेंसी को शर्तों के तहत अपडेटेड कंडीशन में गाड़ियां, डीजल और ड्राइवर सहित प्रोटोकॉल के लिए उपलब्ध करानी थीं। गाड़ियों में ईंधन भरवाने की जिम्मेदारी भी ट्रेवल एजेंसी की थी, न कि जिला प्रशासन की। जानकारी के अनुसार, इम्पेक्ट ट्रेवल्स इंदौर ने इनोवा गाड़ियां रतलाम भेजीं और उन्हीं के द्वारा मेसर्स शक्ति फ्यूल्स पाइंट डोसीगांव रतलाम से डीजल भरवाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ये गाड़ियां मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि अन्य प्रोटोकॉल के लिए थीं। डीजल भरवाने के बाद ये गाड़ियां कुछ दूरी तय करने के बाद बंद हो गईं। स्टॉक में मिला अंतर – जांच रिपोर्ट अधिकारियों ने पंप के डेंसिटी और स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान डीजल के विक्रय के बाद शेष स्टॉक एवं डीप स्टॉक में 720 लीटर का अंतर पाया गया। यह मान्य छूट सीमा 426 लीटर से अधिक था। ऑटोमेशन डिस्प्ले में डीजल टैंक में वाटर लेवल 6.63 सेंटीमीटर तथा पानी की मात्रा 197.43 लीटर दिखाई दे रही थी, जो स्पष्ट करता है कि डीजल टैंक में पानी मिल रहा था। अधिकारियों ने पंप से 5995 लीटर पेट्रोल एवं 10657 लीटर डीजल जप्त किया। 184 में से मात्र 50 पंपों की जांच रतलाम जिले में कुल 184 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन आपूर्ति विभाग अब तक केवल 50 पेट्रोल पंप की ही जांच कर पाया है। मुख्यमंत्री से मामला जुड़ा होने के कारण भोपाल स्तर से प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप की जांच के आदेश दिए गए थे। कलेक्टर द्वारा हर तीन माह में पेट्रोल पंप की जांच का रोस्टर भी बनाया गया है। भारत पेट्रोलियम कंपनी के एरिया मैनेजर श्रीधर ने जांच रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्होंने आपूर्ति अधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है और इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। कलेक्टर राजेश बाथम ने कहा-पेट्रोल कंपनी को भेजेंगे रिपोर्ट प्रोटोकॉल की अधिकृत वैंडर की गाड़िया थीं। डीजल में पानी मिलने की … Read more

सिवनी में दिल दहला देने वाला कांड: अपहरण के बाद 6 और 9 साल के बच्चों की गला रेतकर हत्या

सिवनी  सिवनी जिले में मंगलवार शाम से लापता दो मासूम भाइयों की गला रेतकर हत्या कर दी गई।  दोपहर को दोनों के शव अंबा माई के जंगल में बरामद हुए। मृतकों की पहचान मयंक ढाकरिया (9) और दिव्यांश ढाकरिया (6) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। कोतवाली थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने बताया कि सुभाष वार्ड निवासी पूजा ढाकरिया (30) ने मंगलवार रात अपने दोनों बेटों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि शाम करीब 5 बजे वह घरों में काम करने गई थी, इस दौरान दोनों बच्चे घर पर ही थे। रात करीब आठ बजे वह वापस लौटी तो बच्चे घर में नहीं मिले। रात 11 बजे तक भी उनका कोई पता नहीं चला तो उसने पुलिस को सूचना दी।  पुलिस ने बच्चों की तलाश शुरू की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बच्चों के शव अंबा माई के जंगल में मिले जो घर से करीब 13 किलोमीटर दूर है। दोनों बच्चों की बेरहमी से गला रेतकर हत्या की गई है। आरोपियों ने शवों को पत्थरों से ढंक दिया था।  पुलिस को शुरुआती जांच में वारदाम में किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। डूंडा सिवनी और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। घटनास्थल से डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए हैं। बच्चों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।