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कार ब्लास्ट की गुत्थी सुलझी? डॉक्टर मोहम्मद आरिफ यूपी ATS की गिरफ्त में

नई दिल्ली/कानपुर  दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में एक और संदिग्ध, डॉक्टर मोहम्मद आरिफ, को हिरासत में लिया गया है। मोहम्मद आरिफ कार्डियोलॉजी से पढ़ाई कर रहा था। उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे कानपुर से पकड़ा है। सामने आया है कि डॉक्टर परवेज से कड़ी पूछताछ के बाद एटीएस ने कानपुर में दबिश दी और मोहम्मद आरिफ को हिरासत में ले लिया। वहीं, देर रात एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम डॉक्टर परवेज को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। उत्तर प्रदेश एटीएस ने मंगलवार शाम को डॉक्टर परवेज को हिरासत में लिया था। वह संदिग्ध आतंकवादी डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी का भाई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान डॉक्टर परवेज से तीन कीपैड फोन मिले। जांच एजेंसियों को डॉक्टर परवेज के पास से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और धारदार हथियार भी बरामद हुए, जिससे आतंकी मॉड्यूल में उसकी अहम भूमिका की आशंका जताई गई है। फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड के समय डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी हुई थी। जांच एजेंसियों ने 10 नवंबर को बड़ी कार्रवाई के दौरान लगभग 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया था। इसी आतंकी मॉड्यूल के तार दिल्ली कार ब्लास्ट से जुड़े हैं। यह शक्तिशाली विस्फोट सोमवार शाम लगभग 6:52 बजे हुआ। यह विस्फोट भारत के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक लाल किले के पास हुआ। फिलहाल, आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों में है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को यह जांच सौंपी थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि कार में उच्च-स्तरीय इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगे थे। जांच टीमें अब विस्फोटकों के स्रोत का पता लगा रही हैं और विस्फोट से पहले के दिनों में उमर उन नबी की गतिविधियों का पता लगाने की भी कोशिशें जारी हैं। आतंकी उमर उन नबी दिल्ली कार ब्लास्ट में मारा जा चुका है। डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई है कि लाल किले के पास विस्फोट करने वाला व्यक्ति उमर उन नबी ही था।

लाखों पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी: पंजाब सरकार की नई स्कीम से बढ़ेगा फायदा

मोहाली पंजाब सरकार के आदेशों के अनुसार जिला कोष कार्यालय मोहाली में 13 नवंबर यानी आज से 15 नवंबर तक “पेंशनर सेवा मेला” लगाया जा रहा है। आज से पेंशन धारकों को बड़ी सुविधाएं मिलने जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य जिले के सभी पेंशनरों को आवश्यक ई-केवाईसी प्रक्रिया से संबंधित सुविधा प्रदान करना है ताकि वे नए शुरू किए गए “पेंशनर सेवा पोर्टल” पर अपनी रजिस्ट्रेशन करवा सकें। इस संबंध में मोहाली की जिला कोष अधिकारी रेनुका कटियाल ने बताया कि सरकार ने 3 नवंबर को सभी पेंशन संबंधी सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था। पेंशनरों के लिए पोर्टल पर अपनी रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। उन्होंने जिले के सभी पेंशनरों से अपील की कि वे अपनी रजिस्ट्रेशन करवाने और सरल डिजिटल पेंशन सेवाओं का अनुभव करने के लिए मेले के दौरान जिला प्रशासनिक परिसर, सेक्टर-76 मोहाली की पहली मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 257 में पहुंचें। इस पोर्टल के माध्यम से शुरुआत में पेंशनरों को 6 मुख्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें “जीवन प्रमाण” मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाना, पेंशन को पारिवारिक पेंशन में बदलने के लिए आवेदन देना, लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) के लिए आवेदन देना, पेंशन से संबंधित शिकायतें दर्ज करवाना और पेंशनरों के व्यक्तिगत विवरण को अपडेट या बदलना शामिल है। पेंशनर इस पोर्टल पर उपलब्ध आधार प्रमाणीकरण सुविधा के माध्यम से ई-केवाईसी पूरी कर “पेंशनर सेवा पोर्टल” पर रजिस्टर हो सकते हैं। एक बार रजिस्टर होने के बाद वे अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर या लैपटॉप का उपयोग करके पोर्टल पर अपनी लॉगिन आईडी से घर बैठे ही इन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। सरकार की ओर से पेंशनरों की शिकायतों के समाधान के लिए निदेशालय स्तर पर तीन समर्पित हेल्पलाइन नंबर — 18001802148, 01722996385 और 01722996386 जारी किए गए हैं, जो सभी कार्यदिवसों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सक्रिय रहेंगे। 

भोपाल में 2000 एकड़ क्षेत्र में बनेगी नॉलेज एंड एआई सिटी

साइंस सिटी प्रोजेक्ट के लिये 25 एकड़ भूमि होगी आवंटित मध्यप्रदेश, भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बनेगा हब 15 हजार 896 करोड़ का निवेश और 64 हजार से अधिक के रोजगार के अवसर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत में तकनीकी विकास का प्रारंभ हुआ स्वर्णिम युग एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों ने निवेश के प्रति जताई रूचि भोपाल  एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक नई उड़ान भरने जा रहा है। हम बहुत जल्द स्पेस टेक पॉलिसी-2025 लागू करने जा रहे हैं, जिससे राज्य में सैटेलाइट डेटा, रिमोट सेंसिंग और स्पेस स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन मिलेगा। भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर नॉलेज एण्ड एआई सिटी विकसित की जायेगी। यह सिटी आधुनिक हाईटेक सिटी और सायबर सिटी की तर्ज पर बनाई जायेगी। यहां विश्वस्तरीय संस्थान, अनुसंधान केन्द्र और स्टार्ट-अप्स एक साथ आएंगे जिससे मध्यप्रदेश भारत का एआई हब बन जायेगा। साइंस सिटी प्रोजेक्ट के लिये 25 एकड़ भूमि आवंटित्‍की जा रही है। यहां विज्ञान, नवाचार, और तकनीकी अनुसंधान के लिये अत्याधिक सुविधाएं विकसित की जायेंगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में हमारे युवाओं और विद्यार्थियों के लिये ज्ञान और प्रयोग का केन्द्र बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तकनीकी विकास का स्वर्णिम युग प्रारंभ हुआ है। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र को नई गति देने के लिये मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन इंदौर में किया है। यह आयोजन प्रदेश को भारत में उभरते टेक्नालॉजी मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में की दिशा में ऐतिहासिक कदम सिद्ध हुआ है। राज्य सरकार की प्रगतिशील नीतियां, सुदृढ़ बुनियादी ढांचा, निवेश अनुकूल वातावरण और कुशल मानव संसाधन ने मध्यप्रदेश को ग्लोबल निवेशकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बना दिया है। आईटी, एआई, सेमी कंडक्टर, ड्रोन, फिनटेक, क्लाउड और इएसबीएम जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की प्रगति तीव्र गति से हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में कुल 68 कार्य हुए जिनमें उद्घाटन, भूमि-पूजन, आवंटन-पत्र वितरण, एग्रीमेंट, एमोयू, नीति एवं पोर्टल लॉन्च सहित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई। इनसे प्रदेश में कुल 15 हजार 896 करोड़ का निवेश आएगा साथ ही 64 हजार 85 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट से अप्रेल 2025 में हुए टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 1.0 तक लगभग 99 निवेश प्रस्ताव हुए थे, जिससे लगभग 34 हजार करोड़ रूपये के निवेश और 2 लाख लोगों के लिये रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इसमें 27 प्रोजेक्ट, जमीन आवंटन के साथ अन्य कार्यप्रगतिरत है। साथ ही 8 प्रोजेक्ट साइट विजिट के चरण में है, जो प्राप्त प्रस्तावों का 47 प्रतिशत है। मात्र 8 महिने में लगभग 6 हजार करोड़ का निवेश एवं 50 हजार लोगों का रोजगार का सपना साकार हुआ है। यह मध्यप्रदेश की टेक ड्रिवन ग्रोथ का सकारात्मक परिणाम है। 9 कंपनियों को प्रदाय किए भूमि आवंटन के आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में निवेश और उद्योग संवर्धन लिए 9 कंपनियों को भूमि आवंटन के लिये आशय पत्र जारी किए गए। इन इकाइयों से प्रदेश में कुल 10.61 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 740 नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। इन आशय पत्रों से विभिन्न टेक्नोलॉजी, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की कंपनियों को निवेश के लिए आवश्यक भूमि और संसाधन उपलब्ध कराए जाएँगे जिससे मध्यप्रदेश में उद्यमिता और औद्योगिक विकास को और मजबूती मिलेगी। टॉस, इजीसॉफ्ट कंपनी, ओम्निस बिल्डकेयर एलएलपी, फ्लैट ट्रेडब्रोकिंग सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, असिस्ट क्लिक प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिमोंक, मैमथ एग्जॉस्ट्स इंडिया, एमपी ऑनलाइन, रिद्धि एंटरप्राइज को भूमि आवंटन पत्र जारी किए गए हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में 7 महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन एमओयू से प्रदेश में लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश होगा तथा 10 हजार 500 से अधिक नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। ये एमओयू सिलिकॉन वेफर विनिर्माण संयंत्र, आईटी पार्क विकास, टेक्नोलॉजी रिसर्च, गेमिंग, स्किल डेवलपमेंट एवं नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस पहल में सोमवेदा एंटरप्राइज, डीएवीवी आईटी पार्क, एएनएसआर, गेम डेवलपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंडस आंत्रप्रेन्योर्स राजस्थान, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग महू, कोडयोगी फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। राज्य सरकार एवं भारतीय सेना के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के मध्य सायबर सुरक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र और नागरिक तकनीकी क्षेत्र के बीच सहयोग को सुदृढ़ करते हुए अत्याधुनिक तकनीकों के विकास, नवाचार और कौशल वृद्धि को बढ़ावा देना है। यह पहल मध्यप्रदेश को उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  निवेश के लिये हुए एग्रीमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 85.51 करोड़ निवेश के महत्वपूर्ण एग्रीमेंट् पर हस्ताक्षर हुए। इसमें आईआईएसईआर भोपाल के सहयोग से एआई-संचालित ड्रोन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना शामिल है, जिसमें उन्नत प्रयोगशालाएँ और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। एल एंड टी एड्यूटेक के साथ मिलकर प्रदेश में स्किल ट्रेनिंग हेतु मास्टर सर्विस एग्रीमेंट किया जाएगा, इससे नये तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत एलएनसीटी कॉलेज, ओरिएंटल ग्रुप, बंसल कॉलेज, सेज यूनिवर्सिटी, आईईएस यूनिवर्सिटी शामिल हैं। सायबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने सीआईएसओ पोर्टल किया लांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकारी विभागों में सायबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सीआईएसओ पोर्टल की शुरुआत की। यह सुरक्षित और केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, थ्रेट इंटेलिजेंस और अनुपालन प्रबंधन को सक्षम बनाएगा, जिससे सरकारी प्रणालियों में सुरक्षा, पारदर्शिता और दक्षता में अभूतपूर्व सुधार होगा। ड्रोन डेटा रिपॉज़िटरी का हुआ शुभारंभ “डिजिटल मध्यप्रदेश” की परिकल्पना को सशक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव  ने ड्रोन डेटा रिपॉज़िटरी (DDR) का भी शुभारंभ किया। यह पहल भूमि प्रबंधन, शहरी नियोजन, वन संरक्षण, सिंचाई और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन-आधारित डेटा के उपयोग … Read more

बीजेपी पर बरसे सचिन पायलट, कहा— लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही केंद्र सरकार

जयपुर कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन मतदाता सूची की निष्पक्षता को लेकर सजग हैं, लेकिन जिस तरह से निर्वाचन आयोग काम कर रहा है, वह गंभीर सवाल खड़े करता है। सचिन पायलट ने कहा, “हम सब चाहते हैं कि वोटर लिस्ट की छंटनी हो और गलत नाम उसमें न जोड़े जाएं, लेकिन आज जिस जल्दबाजी और मंशा के साथ यह प्रक्रिया चलाई जा रही है, वह संदेह पैदा करती है। बिहार में जो हुआ था, वही अब अन्य राज्यों में दोहराया जा रहा है।” कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश भारतीय जनता पार्टी संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर रही है। निर्वाचन आयोग को आगे रखकर जिंदा लोगों को मरा हुआ दिखाया जा रहा है, मरे हुए लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं और एक ही मकान में सैकड़ों वोट बनवाए जा रहे हैं। यह मिलीभगत का काम है और कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं, विधायकों और नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची की जांच करें, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा हरियाणा और महाराष्ट्र में हुई ‘वोट चोरी’ के प्रमाण निर्वाचन आयोग को सौंपे गए हैं, लेकिन आयोग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा राहुल जी से एफिडेविट मांगा जा रहा है, जबकि जांच करना आयोग की जिम्मेदारी है। सचिन पायलट ने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चला रही है, जिसका समापन इस महीने के अंत में दिल्ली में एक बड़े आयोजन के साथ होगा। उन्होंने कहा, “हमारा संदेश स्पष्ट है, वोट चोर गद्दी छोड़।”  

मप्र में जनजाति वर्गों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं

जेईई और नीट में हुआ चयन, मप्र देश में दूसरे स्थान पर भोपाल मध्यप्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल के जनजातीय विद्यार्थियों ने जेईई और नीट जैसी कठिन परीक्षाएं उत्तीर्ण कर मध्यप्रदेश को देश की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर ला दिया है। वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश से जेईई मेंस में 51 विद्यार्थियों, जेईई एडवांस्ड में 10 और नीट में 115 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। इससे देश में मध्यप्रदेश का स्थान दूसरे नंबर पर आ गया है। वर्ष 2022-23 तक इन परीक्षाओं में विद्यार्थियों के पास होने का आंकड़ा मात्र 2 था। स्पष्ट है कि शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई से अब इन शालाओं से ज्यादा से ज्यादा बच्चे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में पास हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय आदिवासी कार्य मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल संचालित है। देश में ऐसे 485 स्कूल है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा 75 और तीसरे नंबर पर झारखंड में 51 स्कूल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय बहुल क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए है। मध्यप्रदेश में शैक्षणिक सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं। जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा शैक्षणिक सुविधाएं मिल रही है। प्रदेश में 34,557 शैक्षणिक संस्थाएं हैं। इनमें प्राथमिक शालाओं की संख्या 12913, माध्यमिक शाला 6788, हाई स्कूल 788, 1109, उच्चतर माध्यमिक शाला 804, सांदीपनी विद्यालय 94, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय 63, माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिषद 82, आदर्श आवासीय विद्यालय 8, छात्रावास 1593, आश्रम 1078 और क्रीड़ा परिषद 25 शामिल है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए 2025-26 में 47296 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है जो पिछले बजट की तुलना में 15.91% ज्यादा है। शैक्षणिक और प्रशासनिक संवर्ग सहित 4600 पदों की पूर्ति की जा रही है। जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य 139422 विद्यार्थियों को छात्रावास और आश्रम शालाओं में प्रवेश देकर 94% सीट क्षमता का उपयोग किया गया है। जनजाति वर्ग में सिकल सेल एनीमिया की समस्या पर नियंत्रण के लिए विभाग की संस्थाओं और छात्रावास में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग निरंतर की जा रही है। अभी तक कुल 1,11,744 विद्यार्थियों की जांच की जा चुकी है। विद्यार्थियों को निरंतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित महाविद्यालय छात्रावास में मेस संचालन के लिए 10 माह के स्थान पर 12 माह की शिष्यवृत्ति स्वीकृत की गई है। इन समुदायों के युवाओं को रोजगारमूलक प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने के उद्देश्य में 10 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र की स्वीकृति भारत सरकार से मिल गई है। भारत दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत 125 छात्र एवं 126 छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। इस साल 300 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। विभाग द्वारा अनुबंधित नॉलेज पार्टनर संस्थाओं से जनजातीय कार्य विभाग की शैक्षणिक संस्थानों सांदीपनि आवासीय विद्यालयों में जीवन कौशल प्रशिक्षण एवं फंडामेंटल लिटरेसी-न्यूमैरेसी के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के माध्यम से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1806 शैक्षणिक स्टॉफ और 40 प्राचार्य की नियुक्ति की गई है। आकांक्षा योजना के अंतर्गत 841 मेधावी विद्यार्थियों को जेईई और नीट कोचिंग दी जा रही है। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजाति वर्ग के 1000 विद्यार्थियों को सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2 करोड़ के प्रावधान राशि वितरित की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 5 संभागों में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र निर्माण को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है।  

कल बिहार के सभी स्कूल रहेंगे बंद, सरकार ने जारी किए निर्देश

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के तहत पटना जिले के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना राजधानी पटना के एएन कॉलेज में शुक्रवार, 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना के दौरान यातायात प्रबंधन, जनसुविधा और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं और इसी क्रम में पटना जिले के सभी विद्यालयों में 12वीं कक्षा तक के पठन-पाठन कार्य 14 नवंबर को स्थगित कर दिए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी- सह- जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने बताया कि मतगणना स्थल के आसपास सुरक्षा और व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। साथ ही जनता की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि विद्यालय एक दिन के लिए बंद रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मतगणना स्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगायें और यातायात नियमों का पालन करें।

रामपाल विवाद में फिर बवाल! झड़प के बाद अब 4 गांवों में पंचायतें सक्रिय

भिवानी  भिवानी जिले के गांव खरक राजान में रामपाल को भगवान कहने पर समर्थकों और गांव के युवाओं के बीच हाथापाई हो गई। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए खरक राजान की धर्मशाला में चारों पंचायतों की बैठक बुलाई गई, जिसमें मामले पर चर्चा की जाएगी। जानकारी के अनुसार 10 नवंबर को गांव के सरपंच प्रदीप कुमार पानी निकासी की समस्या को लेकर कुछ ग्रामीणों के साथ इलाके में एकत्र हुए थे। इसी दौरान वहां मौजूद रामपाल समर्थकों ने रामपाल को भगवान कहा जिस पर कुछ युवाओं ने एतराज जताया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। बाद में ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।  युवाओं का कहना था कि कोई भी अपने मत या इष्ट के प्रति श्रद्धा रख सकता है, लेकिन उसे भगवान का दर्जा देना या अन्य धर्मों का अपमान करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी बात को लेकर रामपाल के समर्थक और ग्रामीणों में जमकर बवाल हुआ। अब गांव के शांति के लिए वीरवार शाम 4 बजे खरक राजान की धर्मशाला में पंचायत की बैठक बुलाई गई है।    इन 4 गांवों की बुलाई पंचायत सरपंच प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बैठक में खरक राजान, खरक खांडयान, खरककलां और खरक खुर्द की पंचायतों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में विवाद के निपटारे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक सहमति बनाई जाएगी। पुलिस को नहीं दी गई शिकायत वहीं इस मामले में गांव खरक कलां चौकी इंचार्ज वीरेंद्र ने बताया कि 10 नवंबर को 2 पक्षों के बीच झगड़ा होने की सूचना मिली थी, लेकिन अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। लेकिन इस आपसी मतभेद मामलें में पुलिस नजर बनाए हुए हैं।  

ग्वालियर को स्मार्ट सिटी के रुप में पहचान मिलेगी : मंत्री तोमर

मंत्री श्री तोमर ने किया 1.04 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को उप नगर ग्वालियर में 1.04 करोड़ से अधिक राशि की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री तोमर ने आसमानी माता मंदिर होटल क्लार्क इन के पास वार्ड क्रमांक-33 स्थित विभिन्न गलियों में एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले सीवर लाइन कार्य का भूमि-पूजन किया। आसमानी माता मंदिर होटल क्लार्क इन के पीछे 4 लाख रुपये लागत के नलकूप खनन कार्य का भी भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि विकास की दिशा में यह कदम स्वच्छता, सुरक्षित जल और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।  उन्होंने कहा कि ग्वालियर सांस्कृतिक, औद्योगिक और पर्यटन केन्द्र के रुप में विकसित हो रहा है। बीते कुछ समय में शहरी बुनियादी ढांचे के उन्नयन के साथ पर्यावरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया गया है। शहर में चल रहीं विभिन्न विकास योजनाओं के पूरा होने से न केवल सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि ग्वालियर को स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर लवी खंडेलवाल, पार्षद श्रीमती सुनीता अरुण कुशवाह, पार्षद श्रीमती भावना कन्नोजिया, श्री भीकम खटीक, पूर्व पार्षद श्री चन्द्रू सेन, गिरजा शंकर शर्मा, रामशरण भदौरिया, जिला एवं नगर निगम प्रशासन, विद्युत वितरण कम्पनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मतगणना की तैयारी पूरी: 44 केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम, सुबह 8 बजे से गिनती शुरू

पटना दो चरणों में संपन्न हुये बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें शुक्रवार, 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना का कार्य राज्य के सभी 38 जिलों में स्थित 44 मतगणना केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शुरू होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि पूरे प्रदेश में मतगणना की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो। मतगणना के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके लिये पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस बलों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के वरीय अधिकारी ने बताया है कि मतगणना की प्रक्रिया पोस्टल बैलट की गिनती से शुरू होगी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से वोटों की गिनती की जायेगी।  CCTV से होगी हर चरण की निगरानी अधिकारी ने यह भी कहा है कि मतगणना के प्रत्येक चरण की निगरानी के लिये सीसीटीवी कैमरे और वीडियो रिकॉडिर्ंग की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अधिकारियों के अनुसार‘चुनाव परिणाम पारदर्शी तरीके से घोषित किये जाएंगे। सभी मतगणना केंद्रों पर पर्यवेक्षक और एजेंटों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जायेगी।‘ प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और समर्थकों से शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और मतगणना केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ से बचने की अपील की है।

दिल्ली से सोनीपत अब इलेक्ट्रिक बस से सफर, जानें पूरा शेड्यूल व किराया

हरियाणा  देश की राजधानी दिल्ली से हरियाणा के सोनीपत तक इंटरस्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईएसबीटी कश्मीरी गेट से नई ईवी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बस सेवा जहां दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स (X) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि, “ISBT कश्मीरी गेट से हरियाणा के सोनीपत तक अंतरराज्यीय बस सेवाओं का शुभारंभ हुआ है। आज नई ईवी बसों को हरी झंडी दिखाकर जनता की सेवा में समर्पित किया।” उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार डीटीसी बेड़े में ईवी बसों को शामिल कर रही है ताकि सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण-मुक्त बनाया जा सके। सीएम ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का पूरा सार्वजनिक परिवहन जल्द ही पूर्णतः "emission-free" हो, जिससे राजधानी में वायु प्रदूषण नियंत्रण को और मजबूती मिले। इस मौके पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बसों का टाइमिंग और रूट दिल्ली आईएसबीटी से सोनीपत के लिए:     सुबह – 4:45 बजे, 5:15 बजे, 5:45 बजे     शाम – 4:45 बजे, 5:15 बजे, 5:45 बजे सोनीपत से दिल्ली के लिए:     सुबह – 7:10 बजे, 7:35 बजे, 8:10 बजे     शाम – 7:30 बजे, 8:00 बजे, 8:30 बजे रूट आईएसबीटी कश्मीरी गेट, जीटीबी नगर, आजादपुर टर्मिनल, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मुकर्बा चौक, अलीपुर, दिल्ली सिंघु बॉर्डर, इंडस्ट्रियल एरिया कुंडली, टीडीआई सिटी, रसौई, नांगल रोड, बिस्वा मिल राय, बहालगढ़, जत लोशी, फाजिलपुर सोनीपत और सोनीपत बस स्टैंड। किराया और संचालन दिल्ली से सोनीपत के बीच लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। एक तरफा किराया 67 रुपये रखा गया है। इस बस सेवा का संचालन दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की ओर से किया जाएगा।