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कड़ाके की सर्दी की शुरुआत: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर

रायपुर प्रदेश में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है. अम्बिकापुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है. अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इधर, राजधानी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस और माना में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. मंगलवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 29.5 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 28.2 डिग्री, पेंड्रारोड में 26.8 डिग्री, अम्बिकापुर में 26.2 डिग्री, जगदलपुर में 30.7 डिग्री और दुर्ग में 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 12.6 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 12.6 डिग्री, पेंड्रारोड में 9 डिग्री, अम्बिकापुर में 7.6 डिग्री, जगदलपुर में 16.4 डिग्री, दुर्ग में 10.2 डिग्री और राजनांदगांव में 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर में बुधवार को आकाश साफ रहने और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

Ease of Doing Business में आगे हरियाणा: कारोबारियों के लिए आसान हुए नियम

चंडीगढ़ हरियाणा ने निवेशकों के अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। राज्य सरकार ने अपने विनियमन-मुक्ति (डीरेग्युलेशन) अभियान के तहत 9 प्रमुख सुधार लागू कर दिए हैं, जबकि 13 अन्य सुधारों को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक सभी 23 सुधारों को पूर्ण करना है, जिससे प्रदेश में उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।  कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की संयुक्त अध्यक्षता में आज यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इन सुधारों पर प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना, श्रम, उद्योग एवं वाणिज्य तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुतियां दीं। श्री के.के. पाठक ने अनुपालन बोझ कम करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शासन में डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने संबंधी सुधारों को लागू करने के लिए हरियाणा के प्रयासों की सराहना की। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज़) विकास की अनुमति देते हुए ज़ोनिंग को अधिक लचीला बनाया है। इससे एक ही जोन में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। साथ ही, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (आईआईएलबी) से एकीकृत जीआईएस आधारित औद्योगिक भूमि डेटाबैंक भी शुरू किया गया है, जिससे निवेशकों को औद्योगिक प्लॉटों की पहचान और आवंटन में आसानी होगी। भूमि उपयोग परिर्वतन (सीएलयू) प्रक्रिया को सरल बनाते हुए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 19 से घटाकर केवल तीन कर दी गई है। अब इसके लिए स्वामित्व प्रमाण, परियोजना रिपोर्ट और क्षतिपूर्ति बांड की ही आवश्यकता होगी। औसत स्वीकृति समय अब घटकर 36 दिन रह गया है। ग्रामीण उद्योगों के लिए न्यूनतम सड़क चौड़ाई को घटाकर 20 फुट करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। हरियाणा भवन संहिता (बिल्डिंग कोड) में संशोधन हेतु सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया जारी है, जिसके अंतर्गत डेटा सेंटरों और आईटी पार्कों के लिए एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) बढ़ाने, सेटबैक कम करने तथा औद्योगिक परिसरों में औद्योगिक आवास बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। श्रम विभाग ने कई प्रगतिशील सुधार लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों को सशक्त बनाना और उद्योगों को परिचालन सम्बन्धी अधिक स्वतंत्रता प्रदान करना है। अब महिलाओं को फैक्टरियांे और दुकानों समेत सभी क्षेत्रों में रात्रि पाली (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) में कार्य करने की अनुमति दी गई है। फैक्टरी बंद करने और छंटनी से संबंधित प्रक्रियाओं को भी सरल एवं तर्कसंगत बनाया गया है। इन सुधारों का मकसद उद्योगों के संचालन में सुगमता लाने के साथ-साथ श्रमिक कल्याण भी सुनिश्चित करना है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंसेंट टू एस्टैब्लिश (सीटीई) और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की स्वीकृति अवधि को 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दिया है। ग्रीन कैटेगरी उद्योगों के लिए सीटीओ की स्वचालित नवीनीकरण प्रणाली अब 15 वर्ष तक के लिए लागू की गई है। इसके अलावा, 734 गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को व्हाइट कैटेगरी में पुनः वर्गीकृत करते हुए नियमित निरीक्षणों से छूट दी गई है। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अब सेल्फ सर्टिफिकेशन और थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन प्रणाली लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सभी प्रमुख सेवाओं को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम  से एकीकृत कर दिया है। इससे निवेशकों को सभी अनुमतियां, लाइसेंस और प्रोत्साहन एक ही मंच पर प्राप्त हो सकेंगे। इसके साथ ही, हरियाणा ने जन विश्वास अधिनियम के अनुरूप अपना स्वयं का ढांचा लागू किया है। इसके अंतर्गत छोटे व्यावसायिक अपराधों को अपराध की श्रेणी से निकालकर सिविल दंड व्यवस्था में शामिल किया गया है। अनुमतियों और शिकायत निवारण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट भी शुरू किए गए हैं, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व तेज हुई है। औद्योगिक एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की हाल ही की मूल्यांकन रिपोर्ट में अनुपालन और गति के मामले में हरियाणा को उच्च स्थान प्राप्त हुआ है।  बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनीत गर्ग, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षा गुणवत्ता पर फोकस: 22 अधिकारी स्कूलों में करेंगे निगरानी

रायपुर शिक्षा गुणवत्ता में सुधार और बोर्ड परीक्षा में बेहतर रिजल्ट लाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन का कितना पालन जिलों और स्कूलों में हो रहा है, इसकी मॉनिटरिंग करने के लिए 22 राज्य स्तरीय अफसरों को जवाबदारी सौंपी गई है. ये अफसर आबंटित जिलों में जाकर अधिकारियों की न केवल बैठक लेंगे बल्कि स्कूलों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से रूबरू होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के गत वर्ष के रिजल्ट को देखते हुए इस बार कार्ययोजना तैयार की गई है ताकि रिजल्ट में सुधार किया जा सके. हर माह यूनिट टेस्ट लिया जाएगा. इसके अलावा बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चों को ब्लू प्रिंट से अवगत कराया जा सकेगा. कमजोर बच्चों के लिए स्कूल के शिक्षकों को मेंटर नियुक्त करते हुए बच्चों का समूह बनाकर जिम्मेदारी दी जाएगी. शिक्षा विभाग द्वारा बनाई गई कार्ययोजना का फील्ड में क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर के अफसर करेंगे. लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इसके लिए संयुक्त संचालक से लेकर सहायक संचालक स्तर के 22 अफसरों को जिले आबंटित कर जवाबदारी सौंपी गई है. ये अफसर आबंटित जिलों में जाकर अधिकारियों की बैठक लेकर प्रोत्साहित करेंगे तथा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से अवगत होंगे. संचालनालय ने कहा है कि सभी अफसर 20 नवंबर तक निरीक्षण प्रतिवेदन लोक शिक्षण संचालनालय में प्रस्तुत करेंगे. कार्ययोजना के अनुसार बच्चों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया गया है. छमाही परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक-दूसरे स्कूलों तथा वार्षिक परीक्षा का मूल्यांकन दूसरे विकासखंडों में कराया जाएगा. इसके अलावा बच्चों की हैंडराइटिंग, होमवर्क पर विशेष ध्यान देने कहा गया है. किस अधिकारी को कौन से जिले की जिम्मेदारी संयुक्त संचालक किशोर कुमार को जगदलपुर और बीजापुर, उप संचालक आशुतोष चावरे बालोद और गरियाबंद, राकेश पांडेय बलरामपुर व जशपुर, हेमन्त उपाध्याय सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, आर. एल. ठाकुर कवर्धा, दुर्ग, अशोक नाराण बंजारा बिलासपुर, रायगढ़, बनवारी देवांगन कोरिया, एमसीबी, आनंद सारस्वत कांकेर, राजेश सिंह सुकमा, नारायणपुर, डी.के. कौशिक दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, सहायक संचालक महेश नायक महासमुंद और रायपुर, हरिश्चंद्र दिलावर मुंगेली, अमरदास कुर्रे धमतरी, लवकुमार साहू बेमेतरा, आदित्य पाटनवार गौरेला-पेंड्रा मरवाही, रामजी पाल कोरबा, सतीश नायर, जांजगीर-चांपा, इंदिरा गांधी बलौदाबाजार, बजरंग प्रजापति केसीजी, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, ओमप्रकाश देवांगन कोण्डागांव, प्रकाशचंद्र मिश्र सूरजपुर और अखिलेश तिवारी को अंबिकापुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

पति के इलाज के लिए केरल गईं अलका सिंह, घर लौटने पर बंगले में सोने-चांदी के जेवर और घड़ियों की चोरी का खुलासा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डिप्टी कलेक्टर के बंगले में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोर सोने-चांदी के सारे जेवर समेटकर ले गए। कई घड़ियां भी अपने साथ लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि डिप्टी कलेक्टर अपने पति का इलाज कराने के लिए केरल गई थी। वीवीआईपी इलाके में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे है। यह पूरा मामला हबीबगंज थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह के चार इमली वाले बंगले में चोरी की घटना हुई। बताया जा रहा है कि चोर उनके बंगले से सोने-चांदी के जेवरात समेटकर ले गए। घड़ियां भी चुरा ले गए। डिप्टी कलेक्टर अपने पति का इलाज कराने के लिए केरल गई हुई थी। जब वहां से वापस भोपाल लौटी तब चोरी का खुलासा हुआ। यह कोई पहला मामला नहीं है। चार इमली इलाके में सिलसिलेवार आपराधिक घटनाएं हो रही है। इसके बाद भी प्रशासन इन वारदातों पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रहा है। वीवीआईपी इलाके में हुई चोरी की घटना के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में आम इलाकों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इन घटनाओं को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाती हैं।

जननायकों की जीवनी को पाठ्यक्रमों में किया गया शामिल

कदम से कदम मिलाकर करेंगे सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में आल इंडिया एनजीओ मीट का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम गौरव से भरे हैं कि मध्यप्रदेश, देश का सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला प्रदेश है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग की 21 प्रतिशत आबादी निवास करती है। जनजातीय वर्ग के लोग प्रकृति का संरक्षण करते हुए इसी की छाया में अपना जीवन बिताते हैं। इन सभी जनजातियों के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को बेहद गौरवपूर्ण तरीके से मनाई जाएगी। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए विचार मंथन जरूरी है। इसके लिए देशभर से स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भोपाल में एकत्रित हुए हैं। इस विचार मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमारी पूंजी है। जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार सभी स्वयंसेवी संस्थाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने वाली संस्थाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार में जनजातीय वर्ग से जुड़े कल्याण कार्यों के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए नवाचारों के धनी हैं। उन्होंने जनजातीय वर्ग के चिकित्सकों को माला के स्थान पर आला भेंटकर न केवल सम्मान किया वरन सभी को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में केन्द्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऑल इंडिया एनजीओ मीट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर एक दिवसीय मीट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक कल्याण के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस पुनीत कार्य में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ संस्थाओं के साथ खड़ी है। जनजातीय कल्याण हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार ने रानी दुर्गावती के 300वें जयंती वर्ष में उन्हें समर्पित कैबिनेट बैठक का आयोजन जबलपुर में किया। राज्य सरकार राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह के जनहितैषी कार्यों को भी जनता के बीच लेकर आई है। हमारी सरकार ने खरगोन जैसे ट्राइबल बेल्ट में टंट्या मामा भील के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन के कार्यों में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग मिलने से लक्ष्य प्राप्ति में आसानी होती हैं। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर 2025 को प्रदेश के जबलपुर और आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के जरिए भगवान बिरसा मुण्डा का 150वां जन्म जयंती समारोह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम गौरवान्वित हैं कि देश-प्रदेश के जनजातीय भाईयों के कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रहे एनजीओ के नेशनल कॉन्क्लेव आयोजन का सौभाग्य हमें मिला है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार ने हमेशा जनजातीय सशक्तिकरण को ही अपनी नीतियों के केन्द्र में रखा है। जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू करने तथा दूर-दराज के क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, रोजगार, पर्यटन विकास जैसे क्षेत्रों में एनजीओ बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मध्यप्रदेश है जनजातियों से पुष्पित और पल्लवित भूमि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातियों का घर है। देश में सबसे ज्यादा जनजातियां मध्यप्रदेश में निवास करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातियों का गौरव लौटा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी उन्हें पूज रहे हैं। आज राष्ट्रपति भवन से लेकर गांवों के पंचायत भवनों तक जनजातीय भाई-बहनों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। पीएम जन-मन और धरती आबा जैसे अभियान जनजातीय भाई-बहनों के सशक्तिकरण का आधार बन रहे हैं। गरीब कल्याण के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं से जनजातीय भाई-बहनों का जीवन आसान हुआ है। पेसा नियमों ने जनजातीय भाई-बहनों को सशक्त बनाया है। मध्यप्रदेश में जनजातीय जननायकों की स्मृतियों को सहेज रही है हमारी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना हो या देश भर में जननायकों के सम्मान में संग्रहालयों और स्मारकों का निर्माण हो। हम अपने जननायकों की स्मृतियां सहेज रहे हैं। पाठ्यक्रमों में जननायकों की जीवनी को शामिल किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने असली नायकों से परिचित हो सके। हमारी सरकार ने जन-जन तक अमर राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह की वीरता को पहुँचाने और उनकी स्मृतियों को सहेजने के लिए जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण कराया है। भोपाल स्थित हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति के नाम पर और पातालपानी रेलवे स्टेशन का नामकरण जननायक टंट्या भील स्टेशन किया गया। हम प्रदेश में जननायकों और वीरांगनाओं की शौर्य गाथा जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। वीरांगना रानी दुर्गावती को समर्पित 2 कैबिनेट बैठक जबलपुर और सिंग्रामपुर (दमोह) में हो चुकी हैं। बीते 3 जून को हमने पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह को समर्पित कैबिनेट बैठक की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एन.जी.ओ. समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, वंचितों एवं हाशिये पर खड़े समूहों की आवाज उठाने व सरकार और जनता के बीच एक कडी के रूप में कार्य करने वाली संस्थाएं हैं। एन.जी.ओ. ग्रामीण विकास एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में योजनाओं को लागू करने और सरकारी नीतियों को जमीनी स्तर पर पहुँचाने में सरकार एवं जनता की मदद करते हैं। एन.जी.ओ. का शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन आदि के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज के इस नेशनल कॉन्क्लेव में 4 सेक्टरों शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार अधिनियम एवं ट्राइबल गर्वनेंस पर इन्टरैक्टिव चर्चाएं होंगी। इसमें प्राप्त निष्कर्ष केन्द्र एव राज्य सरकार को अपनी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर जनरल सुश्री अंशु सिंह ने कहा कि जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से पीएम जन-मन और धरती आबा जनजातीय … Read more

तरनतारन विधानसभा: शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार की बेटी के खिलाफ FIR दर्ज

तरनतारन तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल पार्टी की उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में थाना सराय अमानत खां में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पिछले मंगलवार को तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में उम्मीदवारों का कवरेज कर रही शिरोमणि अकाली दल बादल पार्टी की उम्मीदवार प्रिंसिपल सुखविंदर कौर और उनकी बेटी कंचनप्रीत कौर आए दिन सुर्खियों में नजर आ रही थीं। गत दिन मंगलवार को सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी कंचनप्रीत कौर निवासी गांव मियांपुर और करण गिल निवासी मियांपुर द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है, जिसके चलते उनके द्वारा चुनाव प्रचार से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम तरनतारन गुरमीत सिंह के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है। गौरतलब है कि कल कंचनप्रीत कौर ने मीडिया के सामने जानकारी साझा की थी कि पुलिस उनके बूथ को निशाना बना रही है और अकाली कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रही है। कंचनप्रीत कौर ने यह आशंका भी जताई थी कि पुलिस उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है, क्योंकि पुलिस सिविल वर्दी में उनके पीछे पड़ी है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीएसपी सिटी राजेश कक्कड़ ने बताया कि रिटर्निंग ऑफिसर गुरमीत सिंह के बयानों के आधार पर कंचनप्रीत कौर निवासी मियांपुर और करण गिल निवासी मियांपुर, जिला तरनतारन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

सुरक्षा और सम्मान साथ-साथ—महासमुंद में जरूरतमंदों को मिल रहा नियमित पेंशन लाभ

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की सामाजिक सुरक्षा पहलों ने महासमुंद जिले में बुजुर्गों, विधवाओं, निराश्रितों और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता और जीवनयापन में सम्मान प्रदान किया जा रहा है। सितम्बर 2025 तक जिले में कुल 99,381 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। इनमें—इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 34,310,राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 9,997,राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना अंतर्गत 973 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 24,686,सुखद सहारा पेंशन योजना से 9,272 और मुख्यमंत्री पेंशन योजना अंतर्गत 20,143 पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।इन योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिली है, जिससे वे गरिमा के साथ जीवनयापन कर सकें। इसके अलावा, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत अब तक 54 जरूरतमंद परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह अल्पकालिक सहायता परिवारों को मुश्किल समय में राहत पहुंचाने में कारगर सिद्ध हुई है।जिले में निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन पहलों ने दिव्यांगजनों की गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान की है। सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों ने महासमुंद जिले में जरूरतमंदों के जीवन में राहत और आत्मसम्मान का माहौल बनाया है। सरकार की ये योजनाएँ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को सशक्त बनाकर खुशहाली की दिशा में सार्थक कदम सिद्ध हो रही हैं।

फरीदाबाद में बड़ा खुलासा! धमाके में इस्तेमाल कार बेचने वाला डीलर गिरफ्तार

फरीदाबाद दिल्ली में लाल किले के पास हुए भीषण धमाके के बाद जांच एजेंसियां और पुलिस टीम ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। इस बीच लाल किले के पास उस शाम जिस कार में धमाका हुआ था,उसे बेचने वाला मालिक पकड़ा गया है। इस कार डीलर ने फरीदाबाद में बकायदा सेकंड हैंड शोरूम खोल रखा था और उसने ही इस हुंडई आई20 कार बिकवाई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। फरीदाबाद के सेक्टर 37 में कार डीलर अमित का सेकंड-हैंड कार शोरूम, 'रॉयल कार जोन' खोल रखा था। अमित ने इसी शोरूम से उस कार को आतंकियों को बेचा था। शोरूम के मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, विस्फोट होने के तुरंत बाद, रॉयल कार प्लाजा के मालिक अमित को फरीदाबाद पुलिस की सहायता से उनके सेक्टर 37 स्थित कार्यालय से हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने कहा, "अमित से पूछताछ की जा रही है। पुलिस गाड़ी के स्वामित्व (ownership) की पूरी कड़ी का पता लगाने और यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही है कि यह संदिग्ध व्यक्ति के हाथों तक कैसे पहुंची। हम यह जांच कर रहे हैं कि कार को अमित के शोरूम तक कौन लाया था और डॉ. उमर नबी उसके संपर्क में किसके माध्यम से आया।" स्पेशल सेल बिक्री में शामिल संभावित बिचौलियों की पहचान करने के लिए डीलरशिप के रिकॉर्ड, लेनदेन विवरण और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद में अल-फलाह विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. उमर नबी विस्फोट के समय कार चला रहा था।  

मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत है निवेशकों का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कम्पनी मध्यप्रदेश में करेगी 950 करोड़ रूपए का निवेश पदाधिकारियों ने कहा – हम सरकार की निवेश प्रोत्साहन योजना का लेंगे भरपूर लाभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पुण्यधरा पर सभी निवेशकों का हृदय से स्वागत है। निवेशकों को सरकार अपनी योजनाओं का लाभ देने के साथ इकाई या कारखाना स्थापित करने में सहयोग भी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी (जापानी समूह द्वारा अधिगृहित) के भारतीय एवं जापानी पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस कंपनी का मुख्यालय जापान एवं पंजाब में है। यह समूह करीब 950 करोड़ रुपए की लागत से धार जिले के पीथमपुर के औद्योगिक प्रक्षेत्र के सेक्टर-7 में करीब 71,200 टन सालाना क्षमता की बीओपीपी एवं सीपीटी फिल्म निर्माण इकाई स्थापित करना चाहता है। यह शत-प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रूप में होगा। इसी सिलसिले में निवेश की अग्रिम कार्यवाही के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कम्पनी पदाधिकारियों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर कम्पनी के सीएफओ एवं होल टाईम डायरेक्टर श्री अमित जैन, कमर्शियल हेड श्री रितेश तिरखा, मैनेजिंग एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री हिरोशी सुजुकी, जनरल मैनेजर श्री तासुकु सेना, सेक्टर स्टाफ श्री तोमोहिरो कोमा एवं टेक्निकल एडवाईजर श्री तोशीयुकी माकी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश में निवेश की अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि कम्पनी द्वारा मध्यप्रदेश पहली बार निवेश किया जा रहा है। कम्पनी मध्यप्रदेश की निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन को अधिक से अधिक प्राप्त करना चाहती है। कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1988 में टोपान समूह की स्थापना एक भारतीय कंपनी के रूप में हुई थी, जिसे आगे चलकर जापानी समूह द्वारा अधिग्रहित किया गया। कंपनी मुख्य रूप से पैकेजिंग फिल्म, लेबल फिल्म, ग्राफिक लेमिनेशन फिल्म के निर्माण का कार्य करती है। इकाई की पंजाब स्थित विनिर्माण इकाई लगभग 45 एकड़ में स्थापित है। इस समूह का वैश्विक टर्नओवर एक लाख 25 हजार करोड़ रूपये (14 बिलियन यू.एस. डॉलर) है। समूह का भारत में टर्नओवर 1500 करोड़ रूपये है। कम्पनी का भारत में सिंगल लोकेशन प्लान्ट पंजाब में है। मध्यप्रदेश में इकाई की स्थापना के लिए औद्योगिक प्रक्षेत्र पीथमपुर सेक्टर-7 में 14 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसका प्राथमिक अवलोकन इकाई के प्रतिनिधियों द्वारा किया जा चुका है।  

क्रिकेट कोच मर्डर केस सुलझा, विदेश भागने की कोशिश में था आरोपी

गन्नौर  क्राइम यूनिट टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। यनिट ने पूर्व क्रिकेट कोच रामकरण की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी सुनील लंबू को 7 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी दो मामले दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को बिसवा मिल से गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जानकारी देते हुए डीसीपी नरेंद्र कादियान में बताया कि आरोपी लंबू ने पूर्व क्रिकेट कोच की गोली मार कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद आरोपी फरार चल रहा था। आरोपी हत्या करने के बाद मथुरा तो उसके वाद जम्मू कश्मीर छिप गया था। पुलिस ने देर रात सोनीपत के बिसवा मिल से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस पूछताछ के आरोपी ने बताया कि चुनावी रंजिश के चलते आरोपी ने रामकरण की गोली मारकर हत्या की है। आरोपी के खिलाफ पहले भी दो मामले दर्ज है। आरोपी बाहर विदेश जाने की फिराक में था। लंबू का रिकॉर्ड आपराधिक रहा है। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश ओर रिमांड पर लगी और पूछताछ करेगी। हत्या में ओर कोन शामिल है और आरोपी से हथियार भी बरामद करेगी।