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जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान से राजधानी आए किसानों ने सीएम योगी से साझा किए अपने अनुभव

‘बाबाजी’ का राज है, कोई कैसे पैसे छीन लेगा जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान से राजधानी आए किसानों ने सीएम योगी से साझा किए अपने अनुभव जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों ने कहा- विकास की डोर सीधे 'आदित्य' के हाथ में हज से लौटे बुजुर्ग किसान ने मुख्यमंत्री को दिया आशीर्वाद, किसानों ने कहा- मोदी जी ने भारत और योगी जी ने उत्तर प्रदेश बदल दिया लखनऊ,   जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद में विकास, कानून-व्यवस्था पर खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की डोर सीधे ‘आदित्य’ के हाथ में है। यह ‘बाबाजी’ का राज है, जेवर में आज किसी की हिम्मत नहीं कि किसान या आमजन से पैसे छीन ले। हज से लौटे एक बुजुर्ग किसान ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सबसे बड़ा एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और बड़े प्रोजेक्ट जेवर की नई पहचान बने हैं। पहली बार हवाई जहाज में बैठकर लखनऊ पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री से कहा कि जिस जमीन पर कभी वे खेती करते थे, आज उसी जमीन से उड़ान भरते विमान उत्तर प्रदेश के बदलते भविष्य की कहानी लिख रहे हैं। उन्होंने कहा, "मोदी जी ने भारत और योगी जी ने उत्तर प्रदेश बदल दिया।" मुस्लिम भी बोलते हैं,  कैसे कोई पैसा छीन लेगा किसान हंसराज ने कहा कि जैसे ही वह सुबह एयरपोर्ट पहुंचे, उनके साथ आए अधिसंख्य किसानों के लिए यह अनुभव विशेष था। उनके साथ आए 99 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिन्होंने आज तक हवाई जहाज को केवल आसमान में उड़ते हुए देखा था, लेकिन मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से उन्हें उसमें बैठकर यात्रा करने का अवसर मिला। हंसराज ने वर्ष 2017 से पहले की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक वृद्ध महिला पेंशन निकाल कर गांव लौट रही थी। मोटरसाइकिल सवार दो बदमाश आए और उसके पैसे छीनकर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 की एक घटना सुनाई। बताया कि भूमि मुआवजे का वितरण हो रहा था। उनके गांव में स्थित बैंक से एक मुस्लिम भाई ने 25 लाख रुपये निकाले और उन्हें तौलिया में बांधकर सिर पर रख लिया। दोपहर करीब 12 बजे वह इसी तरह पैसा लेकर जा रहे थे। हंसराज ने उनसे पूछा कि इतने पैसे इस तरह सिर पर रखकर ले जा रहे हो, कोई छीन लेगा। इस पर उन्होंने जवाब दिया, "कैसे कोई छीन लेगा, यह बाबाजी का राज है।" हंसराज ने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 से पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि वह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सीएम योगी फिर से मुख्यमंत्री बनें। हज से लौटकर योगी जी को आशीर्वाद देने आया: जफरू खां बुजुर्ग किसान जफरू खां ने कहा कि प्रदेश के मुसलमान भी कह रहे हैं कि "बाबा का शासन बहुत शानदार है।" आज मैं चप्पल पहनकर हवाई जहाज में बैठा। यह मेरे लिए एक विशेष अनुभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में क्षेत्र के लोगों को काफी तरक्की देखने को मिली है। सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना है। अनेक कंपनियां और फिल्म सिटी भी क्षेत्र में स्थापित हो रही है। बड़े-बड़े प्रोजेक्ट तैयार हो रहे हैं, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। बच्चों के भविष्य के लिए बहुत अच्छे कार्य हुए हैं। मैं हज से लौटकर मुख्यमंत्री जी को आशीर्वाद देने आया हूं। सीएम योगी ने बनाया उत्तम प्रदेश: जयवीर सिंह मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान किसान जयवीर सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मुझे अपनी जमीन से बहुत प्रेम था। लेकिन, मेरे भैया ने कहा कि जरूरत पड़ने पर योगी जी के सहयोग के लिए जान तक अर्पित कर देंगे। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के विकास के लिए बहुत मेहनत की है। उन्होंने कहा था कि मैं उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना दूंगा, जिसे आज हम सच होता देख रहे हैं।  तो अधूरा रह जाता एमबीबीएस का सपना: डॉ. हिरा राशिद एएमयू से एमबीबीएस करने वाली जेवर के किसान की बेटी डॉ. हिरा राशिद ने कहा कि अगर योगी जी का राज नहीं होता तो मेरा एमबीबीएस डॉक्टर बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाता। मुझे यह कहते हुए बड़ा गर्व महसूस हो रहा है कि जिस भूमि पर मेरे पिता अन्न उगाते थे, आज उसी भूमि से उड़ान भरकर मैं मुख्यमंत्री से मिलने आई हूं। एक समय ऐसा था जब क्षेत्र में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे और स्कूल जाने के लिए बस की सुविधा भी ठीक से नहीं थी। लेकिन सीएम योगी जी के नेतृत्व में जैसे-जैसे विकास हुआ,  क्षेत्र में तरक्की बढ़ी और शिक्षा के अवसर बेहतर हुए। वर्ष 2021 में मैंने बिना किसी कोचिंग के नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। मुझे इसके लिए जो भी बुनियादी सुविधाएं मिलीं, वह सब योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की वजह से संभव हो पाया। पुराने और नए जेवर में जमीन-आसमान का अंतर: रीता संवाद के दौरान रीता ने जेवर क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने और नए जेवर में जमीन आसमान का अंतर है। वर्ष 1997 में उनकी शादी हुई थी। उस समय क्षेत्र में कुछ भी नहीं था। पढ़ाई के लिए लोगों को खुर्जा या अन्य स्थानों पर जाना पड़ता था। 2017 के बाद क्षेत्र में एकदम से कनेक्टिविटी बढ़ी। इसकी वजह से बच्चों को इतनी सुविधाएं मिली हैं कि वे वहीं रहकर उच्च शिक्षा तक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जेवर के किसी किसान को कभी ऐसा अवसर नहीं मिला था कि वह विमान में बैठकर यहां पहुंच सके। जब वे लोग विमान की खिड़की से बाहर देख रहे थे तो एक-दूसरे से कह रहे थे, "यह तुम्हारा खेत है, यह हमारा खेत है।" इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए हम लोग मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं। इतना बड़ा प्रोजेक्ट बिना किसी विरोध-प्रदर्शन के साकार हुआ है, जिसमें हम सभी लोगों की भागीदारी रही है।  एयरपोर्ट से क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा: महेंद्र शर्मा किसान महेंद्र शर्मा ने कहा कि योगी जी के प्रयासों से आज उनके क्षेत्र … Read more

मारवाड़ को बड़ी राहत, सेई टनल की क्षमता 4 गुना बढ़ाने का काम अंतिम चरण में

 जयपुर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को उदयपुर जिले के कोटड़ा का दौरा किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। श्री कुमावत ने टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति देखी और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। योजना के लिए ₹100 करोड़ का बजट, 95% काम पूरा कुमावत ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुँचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चौड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल ₹100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी। जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध कुमावत ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। 4 गुना  क्षमता बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में टनल की चौड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुँचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 एमसीएफटी पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चौड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा। इको-टूरिज्म और सौंदर्यकरण योजना   कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, श्री रविकांत रावल भी मौजूद रहे।  

योगी सरकार प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री

जेवर से खुले विकास के नए आसमान, वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में दूरदर्शी पहल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिला वैश्विक कनेक्टिविटी का नया द्वार आधुनिक सुविधाओं से सहज होगी यात्रा, क्षेत्रीय विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति योगी सरकार प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  भविष्य में  जेवर हवाई अड्डे सालाना क्षमता 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना लखनऊ  नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश ने विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। इंडिगो ने यहां से हवाई सेवाओं का शुभारंभ किया। लखनऊ से आई उद्घाटन उड़ान के स्वागत के बाद बेंगलुरु के लिए पहली प्रस्थान उड़ान रवाना हुई। यह केवल एक नए हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिली है। जेवर स्थित यह विश्वस्तरीय हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के लाखों यात्रियों को सुविधाजनक हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे पर्यटन, निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण को प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की सेवा के लिए विकसित किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर सालाना 7 करोड़ (70 मिलियन) से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।  यात्रा होगी अधिक सुगम और सुविधाजनक नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यहां डिजिटल यात्रा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता कम होगी। सेल्फ चेक-इन, सेल्फ बैग ड्रॉप, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा सहज मार्गदर्शक प्रणालियां यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाएंगी। हवाई अड्डे के टर्मिनल का डिज़ाइन आधुनिक तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती कलाकृतियां, वाराणसी के घाटों से प्रेरित स्थापत्य शैली, जालीदार डिज़ाइन तथा प्राकृतिक प्रकाश का व्यापक उपयोग यात्रियों को एक विशिष्ट अनुभव प्रदान करेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप आधारित कैब सेवाएं और दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के विभिन्न शहरों को जोड़ने वाली बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन से यह हवाई अड्डा वैश्विक संपर्क का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। योगी सरकार के विजन से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की शुरुआत को योगी सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर और निवेश अनुकूल वातावरण के साथ यह परियोजना उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। हवाई अड्डे पर एयर इंडिया सैट्स द्वारा विकसित आधुनिक कार्गो सुविधाएं प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष दो लाख मीट्रिक टन माल ढुलाई की क्षमता रखती हैं, जिसे भविष्य में 15 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना है। इससे ई-कॉमर्स, कृषि उत्पादों के निर्यात और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन शुरू होना भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह हवाई अड्डा हवाई संपर्क को नई मजबूती प्रदान करेगा और व्यापार, पर्यटन, निवेश तथा रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए यहां अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

सभी समाजों और परंपराओं को जोड़ने का आह्वान, आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव व श्रावण महोत्सव मनाने की अपील: CM डॉ. यादव

सभी समाजों को, उनकी परम्पराओं को जोड़ें, आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव और श्रावण महोत्सव भी मनायें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव संस्कृति विभाग की करें पुनर्संरचना, गतिविधियों का भी करें विस्तार सम्राट विक्रमादित्य के नाम से बनायें पृथक अकादमी राज्य के ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों और प्रसिद्ध देवस्थानों को भी जोड़ें तीर्थदर्शन योजना में प्रदेश में बन रहे 17 सांस्कृतिक लोक और 20 संग्रहालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की संस्कृति विभाग की गहन समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी छह-सात माह में बड़े त्यौहार, सांस्कृतिक पर्व एवं मेले मनायें जायेंगे। ये सभी त्यौहार हमारी धार्मिक आस्थाओं और प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता के प्रतीक हैं। इन सभी अवसरों पर संस्कृति विभाग सभी समाजों को, उनकी आस्थाओं और सांस्कृतिक परम्पराओं को जोड़कर वृहद आयोजन करें। आल्हा-ऊदल वीर रस गायन के प्रतीक हैं, उनकी स्मृति में आयोजन किए जाएं। श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व भी मनाएं। नागपंचमी पर जैव विविधता संरक्षण (सर्प प्रजातियों के संरक्षण) का संदेश दिया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति विभाग लोगों को जोड़कर ऐसे आयोजन करें, जिनसे हमारी कला और संस्कृति के संवर्धन के साथ ही सरकार के संदेश का भी प्रसार हो। मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रालय में संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की कला, संस्कृति, परम्पराएं और समृद्ध पुरातात्त्विक धरोहरें प्रदेश की अमूल्य पूंजी हैं, जिन्हें संरक्षित और संवर्धित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए योजनाबद्ध और प्रभावी प्रयास किए जाएं। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए हमारी सरकार हर जरूरी प्रयास कर रही है। हम समाज को साथ लेकर इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बैठक में संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किये गये 'कला पंचांग' का विमोचन भी किया। इसमें विभाग द्वारा वर्ष भर की जाने वाली कलात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का पूरा कैलेंडर तैयार किया गया है। अब इन्हें सिलसिलेवार क्रियान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का दायरा और तेजी से बढ़ेगा। विभागीय आंतरिक विशेषताओं और विशेषज्ञताओं का समुचित संयोजन करते हुए संस्कृति विभाग की और बेहतर पुनर्संरचना की जाये। विभागीय गतिविधियों का आधुनिक संदर्भों में विस्तार भी किया जाये। उन्होंने कहा कि संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग सभी मिलकर काम करें, ताकि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले। इससे प्रदेश में उत्कृष्ट कारीगरी से निर्मित होने वाले क्रॉफ्ट आइटम्स, हैंडलूम आइटम्स और कशीदाकारी को भी पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट वीर विक्रमादित्य के नाम से एक पृथक अकादमी का गठन किया जाये। इसमें विक्रमादित्य के जीवनवृत्त पर समग्र शोध एवं अन्य संगत गतिविधियां भी संचालित की जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के बाहर के प्रसिद्ध मंदिरों और देव स्थानों के अतिरिक्त अब प्रदेश में मौजूद 2 ज्योतिर्लिंगों, जागृत एवं मंशापूर्ण शक्ति पीठों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को भी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में शामिल किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इनके निर्माण कार्यों में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उक्त दोनों परियोजनाएं धार्मिक आस्था के केंद्र होने के साथ ही प्रदेश के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनका कार्य शीघ्र पूर्ण होने से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक गतिविधियों में जनसहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए, ताकि नई पीढ़ी अपनी समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति विभाग की विभिन्न योजनाओं, संरक्षण कार्यों तथा आगामी सांस्कृतिक आयोजनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के नजदीक जगदीशपुर स्थित पुराने किले की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस किले के इतिहास को जीवंत करने और इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भविष्य में जल्द ही यहां स्टेट कैबिनेट मीटिंग की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में जन्मे या यहां से निकलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले गायकों, कलाकारों और अन्य जनों की जानकारी एकत्रित कर इन्हें मध्यप्रदेश में प्रस्तुति देने के लिए राज़ी किया जाये। इससे मध्यप्रदेश की कला एवं सांस्कृतिक विविधताओं को देश-दुनिया में नई पहचान और एक्सपोजर मिलेगा और अपनी माटी से जुड़कर ऐसे कलाकारों को भी खुशी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पद्म पुरस्कारों के लिए प्रदेश के कलाकारों, समाजसेवियों, पर्यावरणविदों के केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर संस्कृति विभाग भी अपनी ओर से अनुशंसा करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं की आर्थिक मदद के लिए एक स्थायी योजना तैयार की जाये, ताकि जरुरतमंदों को शासन की योजना के तहत आर्थिक सहयोग दिया जा सके। अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेख़र शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 धार्मिक/सांस्कृतिक लोक और 20 संग्रहालयों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक संस्कृति विभाग के अधीन करीब 4160 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों पर काम जारी हैं। कुछ काम पूरे भी हो चुके हैं। जल्द ही लोकार्पण भी कराया जायेगा। प्रदेश में श्रीराम वन गमन पथ निर्माण पर 160 करोड़ रुपए के काम जारी हैं। महाकाल लोक में मूर्ति स्थापना के कार्य प्रगति पर है। ओरछा में भगवान राम राजा लोक एकदम नये स्वरूप में (छह नई थीम पर) तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के सभी लोकों के नियमित संचालन के लिए स्थायी प्रबंधन भी किये जा रहे हैं। प्रदेश के सभी संगीत महाविद्यालयों और सांची स्थित बौद्ध भारतीय ज्ञान … Read more

किसानों ने कहाकि उनके गांव में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से उनको मिली बड़ी पहचान, सीएम योगी ने निभाया हर वादा

सीएम योगी का आभार जताने पहली उड़ान से लखनऊ आए जेवर के किसान, बोले- सपना कर दिया साकार किसानों ने कहाकि उनके गांव में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से उनको मिली बड़ी पहचान, सीएम योगी ने निभाया हर वादा  जेवर की महिला किसानों ने योगी सरकार को सराहा, विकास का सहभागी बनने की चेहरों पर दिखी खुशी अपने गांव से ही पहली बार हवाई सफर कर भावुक हुए किसान, सीएम योगी को कहा धन्यवाद लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को पहली उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई, जो कई किसानों के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक पल बन गई। इस उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें यात्री के रूप में वे किसान भी सवार थे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे किसानों के चेहरे पर खुशी, गर्व और भावुकता साफ दिखाई दी। वे अपने गांव से सीधे प्रदेश की राजधानी में उतरे थे। मुख्यमंत्री योगी ने किसानों का सम्मान बढ़ाया किसानों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हवाई जहाज में सफर करने का सालों पुराना उनका सपना आज पूरा हो गया है। किसानों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। जेवर की रहने वाली पूनम ने बताया कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत हुई थी। उन्होंने कहा कि आज पहली बार हवाई जहाज में बैठने का अवसर मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों का सम्मान बढ़ाया है। पूनम ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिलने आईं हैं और इस अवसर को जीवन का सबसे सुखद पल मानती हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा कि उनके गांव में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। उन्होंने कहा कि हवाई चप्पल पहनने वाले किसानों को हवाई जहाज में बैठाकर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह का विशेष आभार जताते हुए कहा कि किसानों से किया गया हर वादा पूरा किया गया है। उड़ान में शामिल हिरा रशीद भी बेहद उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा कि लखनऊ तक की हवाई यात्रा उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक धीरेंद्र सिंह को दिया।  योगी जी ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया – किसान किसान हाजी जफर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने ऐसा काम किया है कि हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान घर-घर जाकर किसानों की सहमति ली गई थी और किसानों ने खुशी-खुशी अपनी जमीन दी। हाजी जफर ने कहा कि उन्हें इस विकास कार्य पर गर्व है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है और इससे आम लोगों का जीवन बदल रहा है। उन्होंने कहा कि योगी जी मुस्लिम समाज में काफी लोकप्रिय हैं क्योंकि उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ भेदभाव के बिना सभी लोगों तक पहुंचाया है। सभी को सुरक्षा दी है। सालों पुराना सपना आज पूरा हो गया- सुमन इसी तरह किसान इकबाल कल्लू ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एयरपोर्ट के लिए उनकी जमीन गई थी और आज उसी एयरपोर्ट से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को केवल मुआवजा ही नहीं दिया बल्कि उन्हें विकास यात्रा का सहभागी भी बनाया है। महिला किसानों में भी उत्साह देखने को मिला। किसान सुमन ने बताया कि उन्होंने जीवन में पहली बार हवाई जहाज में सफर किया है। यह उनका वर्षों पुराना सपना था, जो अब जाकर पूरा हुआ है। मीनू ने भी अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद पहली बार उन्होंने अपनी जमीन को आसमान से देखा है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की नई धारा बह रही है और इसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है।   कई सरकारें देखी, लेकिन इतना अच्छा दौर पहले नहीं देखा- जयवीर, किसान बुजुर्ग किसान जयवीर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई सरकारें देखी हैं, लेकिन विकास का ऐसा दौर पहले कभी नहीं देखा। जयवीर ने कहा कि किसानों को सम्मान देने की यह पहल हमेशा याद रखी जाएगी। जयकरन सिंह ने कहा कि किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनने से आने वाली पीढ़ियों को नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों से किया संवाद

अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवरः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों से किया संवाद जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत   जेवर एयरपोर्ट से 28 महिलाओं समेत कुल 170 किसानों ने की लखनऊ तक की यात्रा, सीएम का जताया आभार  सीएम ने किसानों को किया आश्वस्त- डबल इंजन सरकार से आपको कभी निराश-हताश नहीं होना पड़ेगा किसानों से बोले सीएम- वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं तो कुछ बिखर भी जाते हैं लखनऊ,  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसान सोमवार को लखनऊ पहुंचे। जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे इन किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। यहां किसानों ने अपने उद्गार व्यक्त किए, मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया और उनके प्रति आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। उन्होंने कर्मशियल फ्लाइट प्रारंभ करने के लिए इंडिगो के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।  यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा सीएम ने कहा कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया तो मैंने नोएडा के जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से कहा कि 100 दिन के भीतर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ हो जाए, लेकिन इस अवधि तक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई। मैंने वहां पहुंचकर समीक्षा बैठक ली तो पता चला कि कोई प्रगति नहीं हुई है। तब मैंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक की। मैंने कहा कि एयरपोर्ट बनाना है तो किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। असमंजस की स्थिति थी। मैंने कहा कि हम यहां विकास करना चाहते हैं, फिर भी लोगों ने मना कर दिया। मैंने अनुरोध किया कि एक घंटे का समय है, सोचिए। यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा।  वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं तो कुछ बिखर जाते हैं सीएम ने कहा कि मैंने बुजुर्गों से अनुरोध किया कि विकास का मॉडल क्या होता है, यह दिखाने का समय है। वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं और कुछ बिखर जाते हैं। जो अवसर का लाभ लेता है, इतिहास उसी का बनता है। जो मौके को गंवा देता है, वह अवसर से बिखर जाता है। आपने मुझ पर विश्वास किया, धीरेंद्र सिंह ने सहयोग किया। यीडा व उप्र के नागरिक उड्डयन विभाग ने कार्रवाई को युद्धस्तर पर बढ़ाया तो परिणाम यह रहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पर कार्य शुरू हुआ। चार फेज में एयरपोर्ट बनेगा, पहले फेज की कार्रवाई संपन्न हुई।  आज का दिन एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक  सीएम ने कहा कि भारत में सर्वाधिक संभावनाओं वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आज से कमर्शियल फ्लाइट प्रारंभ की है। ऐसे में आज का दिन जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उप्र, प्रदेश व देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है, इसके पीछे प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की और योगदान किसानों का है। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस कड़ी को जोड़ा है।  जेवर ने इतिहास रच दिया सीएम ने कहा कि जेवर अब पुराना जेवर नहीं रहा, इसने इतिहास रच दिया है। जेवर क्षेत्र 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था। शाम होते आवागमन बंद हो जाता था। बेटी असुरक्षित थी, नौजवान के सामने भविष्य का संकट और किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। किसानों का उत्पीड़न भी किसी से छिपा नहीं था। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, स्कूल, रोजगार, गरीबों के लिए कोई पहल नहीं होती थी।  अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवर सीएम ने कहा कि आज बड़ी से बड़ी कंपनियां जेवर आना चाहती हैं। वहां अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला कार्गो व एमआरओ केंद्र बनने जा रहा है। अन्न, फल, मत्स्य, सब्जी आदि पैदा करने वाला उत्तर प्रदेश का किसान यहां कार्गो से अपने उत्पादों को दुनिया में पहुंचाएगा। स्थानीय बाजार में उसे दाम भले कम मिले, लेकिन दुनिया के बाजार में कई गुना दाम मिलेगा। आम का दाम यहां अधिकतम 50 रुपये पहुंचेगा, लेकिन दुनिया के बाजार में 800 से 1000 रुपये किलो बिकता है। 200 रुपये प्रति किलो कार्गो खर्च जोड़ लें, तब भी किसान को 600 रुपये का लाभ मिलेगा। जिस किसान को यहां 10 रुपये प्रति किलो का लाभ नहीं मिल पा रहा, उसे 600 रुपये का लाभ मिलेगा तो वह समृद्ध बनेगा।   दुनिया के पांच बड़े विश्वविद्यालय कैंपस आएंगे जेवर सीएम ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर यूनिट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, ट्वाय पार्क, अपरैल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स की विश्व स्तरीय सिटी भी जेवर क्षेत्र में स्थापित होगी। विश्व रैंकिंग वाले दुनिया के पांच बड़े प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय यहां कैंपस स्थापित करने आ रहे हैं।  किसानों से कहा था- आपकी सोच से ज्यादा पैसा मिलेगा सीएम ने कहा कि जब किसानों ने पहली रजिस्ट्री की तो वे विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ मेरे पास आए थे। मैंने ग्रेनो में भी किसानों से कहा था कि आप रजिस्ट्री कराइए, पैसा वह मिलेगा जो आपने सोचा भी नहीं होगा। हम सौदेबाजी नहीं कर रहे हैं। आपका हक देंगे। सिर्फ आप रहेंगे और हम रहेंगे, बीच में कोई नहीं रहेगा। किसानों के कारण वह क्षेत्र और भावी पीढ़ी का भविष्य, दोनों बदलने जा रहे हैं।  अब एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस, रिपेयरिंग व ओवरहॉलिंग के लिए भी लोग यहां आएंगे सीएम ने किसानों ने कहा कि आपकी पीढ़ियां हजारों वर्षों से वहां रह रही हैं। आपके पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, विपरीत परिस्थितियों को झेला और अपनी जमीन को बचाकर रखा। आपने जब सही समय पर सही निर्णय किया तो भारत का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया। वहां कार्गो व एमआरओ की सुविधा भी होगी। अब तक भारत में एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस, रिपेयरिंग व ओवरहॉलिंग की सुविधा नहीं थी, इसके लिए सिंगापुर व दुबई जाना पड़ता था। अब इसके लिए भी लोग यहां आएंगे।  युवाओं को घर पर ही मिलेगी नौकरी सीएम ने कहा कि नौजवानों को इंजीनियर के रूप में ट्रेंड … Read more

सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं

जनता दर्शन  आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरत पर खड़ी है साथः मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से बोले सीएम- एस्टिमेट बनवाकर उपलब्ध कराइए, तत्काल सहायता मिलेगी  किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं, जरूरतमंदों को निरंतर आवास उपलब्ध करा रही सरकारः सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा भी की, गायों को खिलाया गुड़ व हरा चारा गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को विश्वास दिलाया कि आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से कहा कि आप एस्टिमेट बनवाइए और मरीज का ध्यान रखिए, इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दीजिए। वहीं आवास की मांग को लेकर पहुंचे फरियादियों को भी सीएम ने आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को निरंतर प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास दिला रही है।  मुख्यमंत्री ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा, फिर भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।  कुछ लोगों ने पुलिस व राजस्व से जुड़े मामलों में लेटलतीफी की शिकायत की, तो सीएम ने डीएम को तत्काल मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने आवास, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।   परंपरागत रही सीएम की दिनचर्या, गोसेवा की, बच्चों से पढ़ाई के बारे में भी पूछा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर दुलारा-पुचकारा। चॉकलेट दी और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। सीएम ने बच्चों को खूब पढ़ने-आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, 1.5 लाख शिक्षकों की होगी TET परीक्षा; असफल होने पर कार्रवाई संभव

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्कूली छात्रों को को पढ़ा रहे डेढ़ लाख शिक्षकों की काबिलियत जल्द ही कर्मचारी चयन मंडल परखने जा रहा है। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) कराने राजधानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से गाइड तैयार की जा रही है। इसके आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बताया जा रहा है कि, जल्द ही परीक्षा की तारीख तय कर ली जाएगी। खास बात ये है कि, परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। आपको बता दें कि, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के चलते विभाग द्वारा ये कदम उठाया जा रहा है। हालांकि, विभाग की ये तैयारी विरोध प्रदर्शन के बीच की जा रही है। राजधानी समेंत प्रदेश के स्कूलों में 3.5 लाख शिक्षक हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर इनकी पात्रता परीक्षा कराई जाएगी। आयोजन लोक शिक्षण संचालनालय कराएगा। परीक्षा के दायरे में 2009 से पहले तक भर्ती शिक्षक हैं। इनकी संख्या डेढ़ लाख है। परीक्षा के खिलाफ शिक्षकों ने याचिका दायर की थी। जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इन्हें रहेगी छूट इस परीक्षा से उन शिक्षकों को छूट है जिनकी भर्ती 2009 के बाद हुई। इसके अलावा रिटायरमेंट के करीब शिक्षकों को भी इसमें बाहर रखा गया है। बाकी को इसे क्वालिफाई करना होगा। क्या कहते हैं जिम्मेदार? मामले को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक के.के द्विवेदी का कहना है कि, टीईटी के लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है। ये सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक किया जा रहा है। परीक्षा कर्मचारी चयन बोर्ड के द्वारा कराई जानी है। मामले में विधि विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। शिक्षक संगठनों के सुझाव भी इसमें शामिल किए जा रहे हैं।

अब हवा में नहीं टकराएंगे विमान! भोपाल एयरपोर्ट पर पलक झपकते होगी एयरक्राफ्ट की पहचान

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की सुरक्षा और विमानों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने यहां अत्याधुनिक 'मोनोपल्स सेकेंडरी सर्विलांस रडार' लगाने का काम शुरू कर दिया है। इस नई तकनीक के आने से न सिर्फ विमानों की पहचान तेजी से हो सकेगी, बल्कि सेंट्रल इंडिया के इस प्रमुख हवाई हब पर एयर ट्रैफिक सेफ्टी भी पहले से कई गुना मजबूत हो जाएगी। सितंबर तक शुरू हो जाएगी सेवा यह नया रडार सिस्टम एयरपोर्ट के पुराने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। राजा भोज एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि इस रडार की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है और इसे आगामी सितंबर तक पूरी तरह से कमीशन कर दिया जाएगा। वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे पुराने सिस्टम की तुलना में MSSR रडार विमानों की स्थिति और उनकी पहचान से जुड़ा बेहद सटीक डेटा देने में सक्षम है। राजा भोज एयरपोर्ट पर MSSR तकनीक की शुरुआत सर्विलांस क्षमता और यात्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक समय पर उठाया गया कदम है। यह रीयल-टाइम डेटा भविष्य में ऑटोमेशन और एडवांस सर्विलांस टूल्स को अपनाने का रास्ता साफ करेगा, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। रामजी अवस्थी, डायरेक्टर (राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल) हवाई दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार, रडार से मिलने वाली सटीक जानकारी की मदद से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को आसमान की वास्तविक स्थिति समझने में आसानी होगी। किसी भी आपातकालीन या असामान्य स्थिति में प्रतिक्रिया देने का समय घटेगा और विमानों की गलत पहचान का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, यह रडार 'कोलिजन-अवॉयडेंस' (विमानों को आपस में टकराने से रोकने) और पड़ोसी एयरस्पेस के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा। उड़ानों की लेटी-लतीफी से मिलेगी राहत क्षेत्र में लगातार बढ़ती उड़ानों की संख्या को देखते हुए यह अपग्रेड बेहद जरूरी माना जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रणाली से व्यस्त समय के दौरान रनवे पर विमानों के उतरने और उड़ान भरने के क्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे कमर्शियल और जनरल विमानों का संचालन सुगम होगा, जिससे फ्लाइट्स की ऑपरेशनल देरी में कमी आएगी और यात्रियों का कीमती समय बचेगा।  

भुसावल-इटारसी रेल रूट पर बढ़ेगी रफ्तार, नई लाइनों से ट्रेनों की लेटलतीफी होगी कम

बुरहानपुर   मध्य प्रदेश से मुंबई जाने वाली ट्रेनें अब इटारसी रूट पर नहीं पिटेंगी, साथ ही साथ अब इस रूट की ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी. दरअसल, भुसावल-इटारसी मुबंई रूट की तीसरी और चौथी लाइन का काम शुरू हो गया है. इस लाइन के बनने से इटारसी जंक्शन पर भी दबाव कम होगा और ट्रेनें तेज रफ्तार से मुंबई रूट पर दौड़ेंगी. मुंबई जाने वाले मध्य प्रदेश के यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।  देश के सबसे व्यस्त रेल रूटों में से एक है भुसावल-इटारसी रूट मध्य प्रदेश से होकर गुजरा इटारसी-भुसावल रूट देश के सबसे व्यस्ततम रेल रूटों में से एक है. इस रेल रूट से रोजाना 50 नियमित और एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि 100 से ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनें गुजरती हैं. वर्तमान में दो लाइनें होने के बावजूद इस रूट पर भारी दबाव होता है. यही वजह है कि केंद्र सरकार द्वारा भुसावल-इटारसी के बीच तीसरी व चौथी लाइन बनाने के कार्य को प्राथमिकता दी गई है।  मुंबई जाने वाली यात्रियों को होगा फायदा मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन से होते हुए महाराष्ट्र के मुंबई व अन्य शहरों को जाने वाले यात्रियों को इससे फायदा होगा. तीसरी व चौथी लाइन तैयार होने से ट्रेनों का वेटिंग टाइम कम होगा और तकनीकी समस्या आने या किसी अन्य ट्रेन की देरी की वजह से सारी ट्रेनें प्रभावित नहीं होंगी. इससे सीधे तौर पर यात्रियों को फायदा होगा।  तीसरी और चौथी लाइन के लिए काम तेज बुरहानपुर से लगे लालबाग रेलवे स्टेशन से भुसावल-इटारसी रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है. इस रेलवे लाइन में अड़ंगा बन रहे अतिक्रमणों को भी तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुो गई है. शनिवार को चिंचाला क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ सहित जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देकर तोड़ दिया ह., एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, सीएसपी गौरव पाटिल और लालबाग पुलिस, जीआरपी सहित आरपीएफ ने व्यवस्थाओ को संभाला, इस दौरान रेल भूमि की जद में आ रहे मकानों को हटाया गया है।  बुरहानपुर के रेलवे स्टेशन के पास ग्राम चिंचाला में भी रेलवे और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने रेल भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की. इस दौरान अतिक्रमण करने वाले करीब 17 मकानों को तोड़ा गया. रेलवे प्रशासन ने करीब दो महीने पहले ही प्रभावित लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे।  एसडीएम अजमेर सिंह के मुताबिक, '' रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि अतिक्रमण की जद में आ रही भूमि खाली होने के बाद जल्द ही तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा, इससे रेलवे यातायात को गति मिलेगी, जिन-जिन स्थानों पर अतिक्रमण हुआ है, वहां अतिक्रमण हटाओ मुहीम शुरू हो चुकी है।