samacharsecretary.com

सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल

महासमुंद जिले के 53 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिली पेंशन राशि सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांग हितग्राहियों को लंबित पेंशन राशि का भी किया गया भुगतान रायपुर,  छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक सुरक्षा और मुख्यमंत्री पेंशन योजनाएं वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन से जरूरतमंदों को महंगाई के इस दौर में सम्मानजनक जीवन जीने की वास्तविक सुविधा मिल रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सहायता एवं पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले के हजारों जरूरतमंद हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 53 हजार 561 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। राज्य शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक सहयोग           महासमुंद जिले के उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 253, सुखद सहारा योजना के 9 हजार 76 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 232 हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल रही है। केंद्रीय पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिला लाभ          समाज कल्याण विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई थी देरी          भारत सरकार द्वारा नवीन एसएनए-एस्पर्श प्रणाली लागू किए जाने के कारण पेंशन भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब की स्थिति बनी थी। अब प्रक्रिया सुचारु होने के बाद पात्र हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि जारी कर दी गई है। 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला भुगतान          केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 52, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 469 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 945 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल           सामाजिक सहायता योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित पेंशन भुगतान से वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता मिल रही है। शासन की इन योजनाओं से हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।

शराबबंदी पर सरकार सख्त: 100 से ज्यादा शराब माफियाओं की अवैध संपत्ति होगी जब्त

पटना बिहार में शराबबंदी और शराब माफिया दोनों ही अहम मुद्दा है। सरकार यह दावा करती रही है कि राज्य में कई सालों से लागू शराबबंदी को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए वो कटिबद्ध है। दूसरी तरफ शराब माफिया राज्य में शराबबंदी का माखौल बनाने में जुटे रहते हैं। पुलिस-प्रशासन समय-समय पर इन माफियााओं पर नकेल कसती है और माफियाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाती है। अब सम्राट चौधरी सरकार ने शराब माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई का प्लान तैयार कर लिया है। जिसके तहत 100 से ज्यादा माफियाओं की संपत्ति जब्त कर ली जााएगी। बिहार में शराब से अवैध संपत्तियां बनाने वाले 127 माफिया को चिह्नित कर लिया गया है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने इन शराब माफिया की संपत्तियां जब्त करने को लेकर बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय को प्रस्ताव भेजा है। प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि बिहार की विभिन्न जिलों की पुलिस ने 2026 में प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की है, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (3,14,610 लीटर) से 11 फीसदी अधिक है। इसी तरह, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने वर्ष 2026 में औसत प्रतिमाह 1,06,237 लीटर शराब बरामद की, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (85,645 लीटर) से 24 फीसदी अधिक है। 2026 में माह मई तक राज्य पुलिस द्वारा कुल 38,474 लीटर स्पिरिट जब्त की गयी है। मई महीने तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए मद्य निषेध डीआईजी ने यह भी बताया है कि शराब माफिया के खिलाफ 2026 में मई तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए। इनमें पांच ऑपरेशन यूपी में जबकि एक झारखंड में चला। इन ऑपरेशन में पांच करोड़ रुपये से अधिक की शराब और वाहन जब्त हुए। 57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई डीआईजी ने इसके साथ ही यह भी जानकारी दी है कि इस साल अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस ने इस साल मई तक 19,877 कारोबारी समेत कुल 57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई है। इनमें 37,027 पीने वाले रहे। इस दौरान राज्य के अंदर से 569 कारोबारी जबकि अन्य राज्यों से पांच बड़े कारोबारी गिरफ्तार किए गए। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2016 से मई 2026 तक कुल बरामद शराब का 97 फीसदी हिस्सा नष्ट किया जा चुका है।

AI स्किल्स से लैस होंगे यूपी के युवा, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

लखनऊ यूपी में कौशल विकास का प्रशिक्षण ले रहे डेढ़ लाख युवाओं को मुफ्त प्रोफेशनल एआई ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। उप्र कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) व आईबीएम स्किल फाउंडेशन के बीच एमओयू किया गया है। यूपीएसडीएम व दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के 1000 केंद्रों पर प्रशिक्षण ले रहे युवा इससे लाभान्वित होंगे। यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि आईबीएम स्किल फाउंडेशन के साथ हुए एमओयू का लाभ युवाओं को रोजगार हासिल करने में मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए मेगा जॉब फेयर लगाए जाएंगे और प्लेसमेंट ड्राइव भी चलाई जाएगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही रोजगार सहभागिता गतिविधियां आयोजित की जाएगी। जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को उद्योग जगत की कार्य प्रणाली, रोजगार बाजार व करियर के अवसरों को बेहतर ढंग से समझाया जाएगा। इंटरव्यू की भी कराएंगे तैयारी रोजगार आसानी से मिले इसके लिए उन्हें इंटरव्यू की तैयारी कराई जाएगी। करियर वर्कशॉप के माध्यम से संचार कौशल, पेशेवर व्यवहार, आत्मविश्वास व कार्यस्थल की अपेक्षाओं से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवाओं को सिर्फ पारंपरिक ज्ञान ही नहीं बल्कि एआई जैसी उभरती तकनीकी का ज्ञान देकर उन्हें दक्ष बनाया जाएगा। एमओयू कार्यक्रम के दौरान सोमवार को राजधानी स्थित यूपीएसडीएम मुख्यालय में एआई फॉर पब्लिक सर्विस एंड गुड गवर्नेंस कार्यशाला का आयोजन कर अधिकारियों व कर्मचारियों को एआई के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को 10 मानक लागू कर बनाया जाएगा निपुण वहीं, परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों को भी निपुण बनाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। 10 मानकों को लागू कर विद्यार्थियों को निपुण बनाया जाएगा। अभी प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक निपुण मिशन चलाया जा रहा था। अब इसका विस्तार किया जा रहा है। विद्यार्थियों के सामाजिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कक्षा के वातावरण को सहज, सुरक्षित व सकारात्मक बनाया जाएगा। नियमित अभ्यास कार्य दिया जाएगा और उसके आधार पर फीडबैक लिया जाएगा, बच्चों की समझ को परखने के लिए शिक्षक यह देखेंगे कि वह कितना समझ पा रहे हैं और उनका नाम लेकर कक्षा में सवाल पूछे जाएंगे, बच्चों के सीखने के स्तर के नियमित आंकलन के साथ कमजोर बच्चों के लिए कैच-अप अभियान चलेगा, बच्चों को कक्षा में चर्चा में शामिल किया जाएगा, शिक्षण योजना ऐसी तैयार करनी होगी जिससे सीखने के समय को बढ़ाने में मदद मिले। शिक्षक बच्चों को स्वतंत्र रूप से लेखन के लिए अभ्यास कार्य देंगे, छोटे-छोटे छात्र समूह बनाकर उन्हें टास्क दिया जाएगा और गणित के कठिन सूत्रों को समझने के लिए टीएलएम का नियमित प्रयोग होगा। अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव: बिहार सरकार 33 मेडिकल कॉलेजों का संचालन निजी हाथों को सौंपने की तैयारी में

पटना बिहार के सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द ही प्राइवेट कंपनियों की एंट्री होगी। जी हां, राज्य सरकार जल्द ही कई मेडिकल कॉलेजों की अहम जिम्मेदारियां निजी हाथों में सौंपने के प्लान पर काम कर रही है। इसके लिए बिहार के मेडिकल कॉलेज एंड अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल अपनाने का प्लान बनाया गयाा है। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने 33 सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के संचालन और उनके विकास के लिए हितधारकों से परामर्श मांगा है। सरकार का मकसद मुख्य निजी स्वास्थ्य सेवा और इस क्षेत्र से जुड़े खिलाड़ियों को बिहार के सार्वजनिक क्षेत्र में लाना है ताकि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर किया जा सके। राज्य सरकार की योजना है कि 17 नए मेडिकल कॉलेज ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत और 16 मौजूदा या आगामी संस्थानों को ब्राउनफील्ड के तहत विकसित किया जाए। इसके बाद इन सभी का संचालन वैसे निजी संस्थाओं को सौंपा जाए जिन्हें मेडिकल कॉलेजों और अस्पताल श्रृंखलाओं के प्रबंधन का अनुभव हो। इस संबंध में 17 जून को पटना में एक अहम बैठक भी होगी। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि बिहार को वैसे नामचीन प्राइवेट प्लेयरों से भागीदारी की उम्मीद है जिन्हें मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को चलाने में पूर्व का अनुभव हासिल है। ब्राउनफील्ड मॉडल के तहत हम उन्हें 16 मेडिकल कॉलेज देंग जहां या तो आधारभूत संरचनाओं का निर्माण हो चुका है या फिर अगले छह महीने या एक साल में हो जाएगा। इसी तरह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में 17 नए वैसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल हैं जिनके लिए सरकार 60 साल की लीज पर जमीन देगी। ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट में वैसे 16 संस्थानों आएंगे जो अभी चालू हैं, नवनिर्मित हैं या निर्माणाधीन हैं, जिन्हें 30 साल की रियायत अवधि के लिए संचालन और प्रबंधन के लिए दिया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि सरकार ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों ही प्रोजेक्ट के लिए अपने विचार रखेगी और संभावित बोलीदाताओं से विभिन्न विषयों पर उनका फीडबैक मांगेगी। इनमें जमीन की आवश्यकता, एकल-खिड़की मंजूरी तंत्र और प्रमाणन समेत अन्य विषय शामिल हैं। राज्य सरकार इन विषयों पर मिले परामर्श के आधार पर इस सेक्टर में अपनाए गए बेहतरीन प्रक्रियाओं जिसमें केद्र सरकार द्वारा पीपीपी को लेकर जारी गाइडलाइन भी शामिल है का गहन अध्य्यन करेगी। इसके बाद ही सरकार अपने दस्तावेज तैयार करेगी। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने आगे बताया कि इसके बाद सरकार एक सलाहकार नियुक्त करेगी जो नियम और शर्तों से संबंधित विस्तृत दस्तावेज तैयार करेंगे। इसमें रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इलाज शुल्क को लेकर अस्पतालों को छूट दी जाएगी कि वो मार्केट आधारित रेट पर इसका संचालन करें। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज के लिए सब्सिडी दिए जाने को लेकर बाद में फैसला लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि प्राइवेट-सेक्टर के विशेषज्ञों की एंट्री और इनवेस्टमेंट से मेडिकल कॉलेजों के निर्माण में तेजी आएगी। इससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगीं और एडवांस हेल्थकेयर को बल मिलेगा।

गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, गोल्डी ढिल्लों गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार

पटियाला  गैंगस्टरों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत पटियाला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गैंग के पांच गुर्गों को भारी मात्रा में हथियारों समेत गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 पिस्तौल समेत 20 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी पटियाला में जबरन वसूली के लिए किसी टारगेट किलिंग को अंजाम देने की तैयारी में थे। समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी से यह वारदात होने से टल गई।  आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले  आरोपियों के खिलाफ पहले भी कत्ल, कत्ल की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अर्शदीप सिंह निवासी 16 फाटक के पास गांव रसूलपुर सैदा ज़िला पटियाला, जतिंदर गुप्ता निवासी गोपाल कॉलोनी, पटियाला, यशवैद उर्फ़ यौधा निवासी अजूबा पैलेस के पास संगरूर रोड, पटियाला, अभिषेक निवासी गांव सिहसर तहसील नरवाना, जिला जींद (हरियाणा), अखिल अहमद निवासी ऋषि कॉलो, पटियाला शामिल हैं। सभी आरोपियों को पटियाला में साधु बेला रोड के पास एक सुनसान जगह से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर की गश्त सोमवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि सीआईए टीम थाना अर्बन एस्टेट के इलाकों में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस पार्टी को गोपनीय सूचना मिली कि गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गैंग के गुर्गे अर्शदीप सिंह पुत्र बिंदर, जतिंदर गुप्ता पुत्र रमेश चंद गुप्ता, यशवैद उर्फ यौधा पुत्र अशोक कुमार, अभिषेक पुत्र राजेश कुमार और अखिल अहमद पुत्र हरीश अहमद पटियाला में साधु बेला रोड के पास एक सुनसान जगह पर बैठकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम जेने की योजना बना रहे हैं। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में थाना अर्बन एस्टेट पटियाला में मामला दर्ज किया और आरोपियों को साधु बेला रोड के पास सुनसान जगह से गिरफ्तार कर लिया।  हथियार और नशा तस्करों के संपर्क में थे आरोपी  पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 पिस्तौल 32 बोर, 4 पिस्तौल 315 बोर और एक रिवॉल्वर 32 बोर (कुल 10 पिस्तौल समेत 20 कारतूस) बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का अपराधिक रिकार्ड है, इनके खिलाफ कत्ल, कत्ल की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में ये गिरफ्तार होकर कईं बार जेल जा चुके हैं। जेलों में बंदी के दौरान यह आरोपी पंजाब की सीमा से सटे जिलों के नशा और हथियार तस्करों के संपर्क में आए। आरोपी यशवैद उर्फ यौधा ने जेल से बाहर आकर सोशल मीडिया के जरिये तरनतारन से संबंधित अपने एक साथी से संपर्क किया और उससे हथियारों की खेप मंगवाने का सौदा किया। ये हथियार गिरफ्तार आरोपियों ने विरोधी गिरोहों के साथ गैंगवार करने और गुटबाजी के दौरान वारदातें करके विरोधियों को जानी नुकसान पहुंचाने के लिए मंगवाए थे। पटियाला पुलिस यह भी पता कर रही है कि आरोपियों ने हथियारों की यह खेप मंगवाने के लिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए हवाला डीलर या किसी दूसरे वित्तीय माध्यम का इस्तेमाल किया है। 

जैविक खेती बनेगी किसानों की समृद्धि का आधार, पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा: केदार कश्यप

जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल – वन मंत्री केदार कश्यप किसानों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों से जोड़ने कृषि कार्यशाला का सफल आयोजन दंतेवाड़ा को जैविक कृषि का मॉडल जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रायपुर,  किसानों और कृषि प्रेमियों को रासायनिक खादों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती करने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु आयोजित की गई है। दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया। जैविक खेती स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि का आधार                कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां और किसानों की मेहनत जैविक कृषि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। जैविक खेती अपनाकर किसान भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन कर सकते हैं। किसानों के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं                वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से खेतों की मेड़ों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भूमि संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलेगा। जैविक खेती बनेगी दंतेवाड़ा की नई पहचान               क्षेत्रीय विधायक चौतराम अटामी ने कहा कि जिले के किसान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर खेती को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की। वैज्ञानिकों ने दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी              कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक उत्पादों के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। किसानों की समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया। विभिन्न विभागों ने लगाए जानकारी एवं प्रदर्शनी स्टॉल              कार्यक्रम में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा भूमगादी संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को कृषि आदान सामग्री एवं आम के पौधों का वितरण भी किया गया। महिला स्व-सहायता समूहों ने प्रदर्शित की नवाचार क्षमता               कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा रागी से तैयार केक का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि ने केक काटकर महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।  कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न गांवों से आए किसान, ग्रामीण युवा और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

सीएम योगी का बड़ा ग्रामीण रोजगार मॉडल : 7500 गोशालाओं से जुड़ेंगी 40-40 युवाओं की टीमें

गो संरक्षण विशेष गांवों में बनेंगे पंचगव्य क्लस्टर, तीन लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार सीएम योगी का बड़ा ग्रामीण रोजगार मॉडल : 7500 गोशालाओं से जुड़ेंगी 40-40 युवाओं की टीमें. महिला समूहों, किसानों और युवाओं को दी जाएगी प्राथमिकता पंचगव्य से बनेंगे साबुन, पेंट, खाद, औषधियां और अन्य उत्पाद लखनऊ उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए योगी सरकार बड़ा मॉडल तैयार कर रही है। प्रदेश की 7500 से अधिक गोशालाओं के जरिए गांवों में पंचगव्य क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जहां 40-40 युवाओं की टीमें उत्पादन और उद्यमिता का जिम्मा संभालेंगी। इस पहल से प्रदेश के करीब तीन लाख युवाओं को स्वरोजगार और आय के अवसर मिलने की संभावना है। महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और ग्रामीण युवाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। योगी सरकार का लक्ष्य गोशालाओं को केवल पशु संरक्षण केंद्र तक सीमित न रखकर उन्हें उत्पादन और रोजगार के केंद्र में बदलना है। गांवों में बनने वाले पंचगव्य क्लस्टरों में देसी गायों से प्राप्त दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर के आधार पर जैविक कीटनाशक, जैव उर्वरक, औषधियां, धूपबत्ती, साबुन, पेंट तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री तैयार की जाएगी। इन उत्पादों के विपणन की व्यवस्था भी क्लस्टर स्तर पर विकसित की जाएगी। गो आधारित उद्योगों को मिलेगा संगठित स्वरूप उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि पंचगव्य क्लस्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ गो-आधारित उद्योगों को संगठित स्वरूप प्रदान करेंगे। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की लागत कम होगी। साथ ही गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ऐसे काम करेगा मॉडल प्रदेश की 7500 गोशालाओं को क्लस्टर से जोड़ा जाएगा और प्रत्येक क्लस्टर में 40 युवाओं की टीम रहेगी। ये टीम उत्पादन से लेकर विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई महिलाओं की इसमें सक्रिय भागीदारी रहेगी। टीम स्थानीय स्तर पर उत्पादन से लेकर विपणन तक की व्यवस्था संभालेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एग्रो सौर पीवी परियोजना के लिए हुआ महत्वपूर्ण एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में एग्रो सौर पीवी के लिए हुआ एमओयू नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग तथा इंडो-जर्मन एग्रीवोल्टाइक परियोजना मिलकर करेंगे काम प्रदेश में एग्री सौर पीवी के विकास में जर्मन कम्पनी जीआईजेड करेगी सहयोग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रदेश में एग्रो सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की मंशा पर एक और उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड तथा जर्मन सरकार समर्थित इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना (आईजीसीए) के मध्य सोमवार को मंत्रालय, भोपाल में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। एग्री वोल्टाइक, कृषि एवं सौर ऊर्जा के संयुक्त उपयोग को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया एक संगठन है। इसका उद्देश्य कृषि भूमि पर खेती के साथ-साथ उसी खेत में ही सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, जिससे अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता कम हो, खाद्य सुरक्षा बनी रहे तथा भूमि संबंधी विवादों से भी बचा जा सके। इस काम में जर्मन कम्पनी सरकार को सहयोग देगी। यह पहल पीएम-कुसुम 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं के अनुरूप राज्य में विशिष्ट एग्रीवोल्टाइक ढांचा विकसित करने, किसानों की आय बढ़ाने, भूमि उपयोग दक्षता सुधारने, उत्पादित ऊर्जा की सुरक्षा सुदृढ़ करने तथा जलवायु-अनुकूल ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी। यह गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन मई 2030 तक प्रभावी रहेगा। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड अमनवीर सिंह बैंस, भारत में जर्मन दूतावास के पदाधिकारी, एग्री वोल्टाइक संगठन से एलेक्जेंडर, जर्मनी की जीआईजेड कम्पनी के पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। एग्री सौर पीवी के तहत सरकार किसानों को सब्सिडी देगी। इससे किसान अपनी जमीन के मालिकाना हकदार होंगे। किसान जमीन में खेती करेंगे और उसी खेत में सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित करेंगे। यह किसानों के लिए डबल सौगात होगी। राज्य सरकार और इंडो-जर्मन एग्री वोल्टाइक सहयोग परियोजना के मध्य हुई इस परस्पर साझेदारी के अंतर्गत कम्पनी द्वारा एग्रीवोल्टाइक परियोजनाओं की पहचान, तकनीकी एवं आर्थिक मूल्यांकन, डिजाइन, वित्तीय व्यवहार्यता और क्रियान्वयन में सहयोग किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, ऊर्जा विकासकर्ताओं, डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनीज (डिस्कॉम) एवं अन्य संबंधित हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कम्पनी द्वारा राज्य में कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा को संरक्षित रखते हुए उपयुक्त नीतिगत एवं नियामक ढांचा विकसित करने में भी सहयोग किया जाएगा।  

भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर रही है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय

शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर रही है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय स्कूली शिक्षा में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का संत समाज ने किया स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विभिन्न संत-महात्माओं ने की सौजन्य भेंट, आध्यात्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्णय पर जताया आभार रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के महंत सुरेंद्र दास जी महाराज, शदाणी दरबार से उदय लाल जी  तथा कबीर आश्रम सोनपैरी के देवकर साहब जी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर संत-महात्माओं ने छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों एवं नैतिक शिक्षा से जुड़े पारंपरिक श्लोकों और मंत्रों को पुनः शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। संतों ने कहा कि पूर्व में विद्यालयों में विद्यार्थियों को "गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वर" जैसे मंत्रों एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया जाता था, जिससे बच्चों में संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास होता था। समय के साथ ये परंपराएं शैक्षणिक वातावरण से धीरे-धीरे विलुप्त होती गईं, किंतु अब राज्य सरकार द्वारा इन्हें पुनः स्थापित करने की पहल अत्यंत स्वागतयोग्य है। संत समाज ने कहा कि विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र तथा अन्य प्रेरणादायी वैदिक एवं सांस्कृतिक प्रार्थनाओं का समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों के विकास का आधार भी है। हमारी सरकार बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र एवं अन्य प्रेरणादायी प्रार्थनाओं के समावेश से विद्यार्थियों में अनुशासन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास होगा। यह पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए एक संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस पहल के लिए साधुवाद देते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया तथा कहा कि यह निर्णय प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर जारी, 17 जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

चंडीगढ़  पंजाब में आज बरसात और तेज हवाओं का अलर्ट है। सुनाम और पठानकोट में सुबह हुई बरसात के बाद माैसम सुहाना हो गया। इससे पहले सोमवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।  बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और पारा सामान्य के करीब पहुंच गया। राज्य में सबसे अधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान फरीदकोट में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए पंजाब के 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, मानसा, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। विभाग के अनुसार बुधवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 18 जून से मौसम और अधिक सक्रिय होने के आसार हैं। विभाग ने 18 से 20 जून तक तीन दिन के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। बुधवार को छोड़ 19 जून तक मौसम में ये बदवाल जारी रहने वाला हैं। वहीं, सोमवार राज्य के तापमान में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला, जिसके चलते तापमान सामान्य के करीब बना रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार 16 जून से 19 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ दिन और राहत मिलने की उम्मीद है। फरीदकोट रहा सबसे गर्म शहर सोमवार को पंजाब में औसत अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। राज्य का सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 39.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा चंडीगढ़ में 38.0 डिग्री, पटियाला में 37.6 डिग्री, बठिंडा हवाई अड्डा क्षेत्र में 37.5 डिग्री, चंडीगढ़ हवाई अड्डा क्षेत्र में 37.0 डिग्री, भाखड़ा बांध क्षेत्र में 36.9 डिग्री, मोहाली और पठानकोट में 36.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 37.8 डिग्री, पठानकोट का 37.6 डिग्री और बठिंडा का 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की वृद्धि हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया। आंधी-तूफान से पावरकाॅम को 20.73 करोड़ का नुकसान पंजाब में 11 व 12 जून को आए तेज आंधी-तूफान से बिजली वितरण सिस्टम को भारी नुकसान हुआ था। पावरकाॅम की ओर से तैयार रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब भर में 9,981 बिजली के खंबे, 1,630 ट्रांसफार्मर और 331 किलोमीटर लंबी बिजली के तार क्षतिग्रस्त हुए। इससे पावरकॉम को 20.73 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक 9.14 करोड़ का नुकसान बाॅर्डर जोन में हुआ है। वहीं वेस्ट जोन में 3.90 करोड़, सेंट्रल जोन में 3.02 करोड़, साउथ जोन में 2.83 करोड़, नार्थ जोन में 1.42 करोड़ और ईस्ट जोन में सबसे कम 44 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बाॅर्डर जोन के अधीन पड़ते अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट में कुल 719 ट्रांसफार्मर और 4,420 बिजली के खंबे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि वेस्ट जोन के बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब व फाजिल्का में 421 ट्रांसफार्मरों और 2,567 खंबे, सेंट्रल जोन के जिला लुधियाना में 150 ट्रांसफार्मर और 429 खंबे, साउथ जोन के अधीन पड़ते पटियाला, संगरूर, बरनाला, रोपड़ और मोहाली में 216 ट्रांसफार्मर और 1,550 खंबे, नाॅर्थ जोन के अधीन पड़ते जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और एसबीएस नगर में 96 ट्रांसफार्मर और 749 खंबे और ईस्ट जोन में 28 ट्रांसफार्मर और 266 खंबे क्षतिग्रस्त हुए।  बीते कुछ वर्षों के दौरान मौसम की मार से बिजली वितरण सिस्टम को हुआ यह सबसे बड़ा नुकसान बताया जा रहा है। इससे पंजाब के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई थी। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस दौरान पावरकाॅम को रिकाॅर्ड गिनती में शिकायतें मिलीं। कईं घंटों के बाद पावरकाॅम की ओर से जरूरी मरम्मत कार्य करके इन शिकायतों का निपटारा करते हुए बिजली सप्लाई बहाल की जा सकी थी। जानें कैसा रहेगा अब मौसम 16 जून : मंगलवार को अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, पटियाला और चंडीगढ़ सहित अधिकांश मैदानी जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में किसी प्रकार का मौसम अलर्ट नहीं है और मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। 17 जून : पूरे पंजाब में किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं। 18 जून : इस दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर सक्रिय होगा। एक बार फिर राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सीमावर्ती और मालवा क्षेत्र के साथ-साथ दोआबा और माझा क्षेत्र के कई जिलों में मौसम सक्रिय रह सकता है। 19 जून : पंजाब के लगभग सभी जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने अधिकांश जिलों को येलो जोन में रखा है। इस दौरान किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।