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पालक, विद्यार्थी और शिक्षक शिक्षा व्यवस्था में आए सुधार से प्रसन्न

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से संबलपुर स्कूल में शिक्षकों की बहाली, पढ़ाई को मिली रफ्तार राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही  पालक, विद्यार्थी और शिक्षक शिक्षा व्यवस्था में आए सुधार से प्रसन्न रायपुर प्रदेशभर में शालाओं में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड स्थित पीएमशासकीय प्राथमिक शाला संबलपुर में शिक्षकों की वर्षों पुरानी कमी अब दूर हो गई है। शिक्षकों की पदस्थापना से अब विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था न केवल व्यवस्थित हुई है, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्राप्त हो रही है। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत यहां दो नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे विद्यालय में अब कुल पांच शिक्षक कार्यरत हैं। विद्यालय में शिक्षकों की इस बहुप्रतीक्षित नियुक्ति को लेकर शाला विकास समिति, पालकगण और ग्रामीणों ने प्रसन्नता जाहिर की है। साहित्यकार एवं शिक्षाविद बिरेन्द्र निरोटी तथा शाला विकास समिति के अध्यक्ष गंगाराम निषाद ने राज्य शासन की इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि विद्यालय में 150 से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं, किंतु पूर्व में केवल तीन शिक्षक कार्यरत थे। अब दो अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से कक्षाएं नियमित और विषयवार संचालित हो रही हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी हिमांशु मिश्रा ने जानकारी दी कि युक्तियुक्तकरण के तहत विद्यालय में श्रीमती बसंती टिकेश्वर और राबिन नागवंशी की नियुक्ति की गई है। वर्तमान में विद्यालय में प्रधानपाठक श्रीमती वीणा ठाकुर, अनिल दिल्लीवार और श्रीमती सुनीता सहित कुल पाँच शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे हैं। विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों में पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है। पालकों ने बताया कि अब बच्चे घर आकर स्कूल की गतिविधियों के बारे में खुशी से चर्चा करते हैं। शासन की इस पहल से न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति (ड्रॉपआउट) पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने इस सकारात्मक पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया है और विश्वास व्यक्त किया है कि ऐसी योजनाएं शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगी।

दो शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, बच्चों व पालकों में दिखा उत्साह

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से बदली तस्वीर : पतरापारा महलोई प्राथमिक शाला में पढ़ाई को मिली रफ्तार राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई युक्तियुक्तकरण नीति का प्रभाव अब गांव-गांव में नजर आने लगा दो शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, बच्चों व पालकों में दिखा उत्साह रायपुर राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई युक्तियुक्तकरण नीति का प्रभाव अब गांव-गांव में नजर आने लगा है। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पतरापारा महलोई स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षकों की नई पदस्थापना से शैक्षणिक वातावरण में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। पहले यह स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा था, लेकिन अब दो शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति के बाद पढ़ाई में नई ऊर्जा और दिशा आई है। विद्यालय में वर्तमान में कक्षा 1 से 5 तक कुल 78 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पूर्व में एक ही शिक्षक के भरोसे सभी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था, जिससे न केवल शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी, बल्कि विद्यार्थियों को विषय आधारित शिक्षा भी सीमित रूप से मिल पा रही थी। अब दो शिक्षकों की उपस्थिति से समयबद्ध, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित हुआ है। विद्यालय के परिवेश में आए इस सकारात्मक बदलाव से पालकों में भी उत्साह का माहौल है। अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने आई श्रीमती प्रमिला परजा ने कहा कि अब उनके बच्चे घर लौटकर स्कूल की पढ़ाई और गतिविधियों के बारे में खुशी से बताते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्हें इस बात की चिंता रहती थी कि एक शिक्षक इतने सारे बच्चों को कैसे सम्हालेंगे, लेकिन अब दो शिक्षकों की नियुक्ति से बच्चों को ध्यानपूर्वक पढ़ाया जा रहा है और वे पढ़ाई में भी अधिक रुचि लेने लगे हैं। राज्य शासन की इस पहल से न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिला है, बल्कि ड्रॉपआउट दर में भी गिरावट की उम्मीद जताई जा रही है। शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता से बच्चों की पढ़ाई अब नियमित और व्यवस्थित रूप से हो रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सीधा सुधार देखा जा रहा है। युक्तियुक्तकरण योजना के तहत की गई यह पहल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है। इससे बच्चों को न केवल उनके गांव में ही बेहतर शिक्षा मिल रही है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत हो रही है।  

युक्ति युक्तकरण से सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के शिक्षकविहीन स्कूल को मिला शिक्षक

रायपुर  इस  गाँव में शिक्षा की मशाल जल चुकी है…स्कूल खोलकर यहाँ के विद्यार्थियों को शिक्षा से न सिर्फ जोड़ा जा चुका है..अब वर्षों से शिक्षकविहीन इस विद्यालय में नियमित शिक्षक की नियुक्ति से विद्यार्थियों के साथ गाँव के लोगों में खुशियों का वातावरण है। शिक्षकविहीन की श्रेणी में आने वाले इस विद्यालय में राज्य शासन के फैसलों के बाद अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण की अपनाई गई प्रक्रिया ने यहाँ ज्ञान की नई रोशनी और उम्मीदों का दीया जला दिया है।        कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। अब जब विद्यालय में नियमित शिक्षक की नियुक्ति हुई है, तो गांव में उत्सव जैसा माहौल है।      गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था। अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी।       शासन की युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक शेखरजीत टंडन ने बताया कि विद्यालय शहर से बहुत दूर है और अभी नई नियुक्ति के साथ ही लेमरू में ठहरने की व्यवस्था कर वहाँ से नियमित विद्यालय आते हैं। उन्होंने बताया कि बारिश में आवागमन थोड़ा चुनौती है, आने वाले समय में रास्ता पक्का हो जाने के साथ ही समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग प्रक्रिया में उन्होंने इस विद्यालय का चयन किया है। विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इससे पहले दूरस्थ क्षेत्र श्यांग के स्कूल में भी पदस्थ रहकर अध्यापन कर चुके हैं, अब सांचरबहार के शासकीय प्राथमिक शाला में नियुक्त है।

उत्तर प्रदेश : हापुड़ में भयानक सड़क हादसा, एक ही बाइक पर सवार 5 की मौत

हापुड़ उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बाइक सवार लोगों को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार सभी लोगों की मौत हो गई, इनमें चार बच्चे भी थे। बता दें, ये सभी बाइक सवार स्विमिंग करके वापस लौट रहे थे, तभी ये हादसा हुआ। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। यह हादसा थाना हाफिजपुर क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर हुआ। हादसे के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली। हादसे में मरने वालों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। बता दें, घटना के तुरंत बाद मृतकों को निजी अस्पताल में ले जाया गया था। अब पुलिस अधिकारियों ने इस घटना के बारे में जानकारी लेने के बाद सभी मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में भेज दिया है। मृतकों की पहचान दानिश (उम्र 36, महिरा (उम्र 6 वर्ष), समायरा (उम्र 5 वर्ष, पुत्री दानिश), समर (उम्र 8 वर्ष), और माहिम (उम्र 8 वर्ष) के रूप में हुई है। ये पांचों एक ही बाइक से गुलावठी के गांव मिठ्ठेपुर गए थे। पांचों ने बाग स्थित स्वीमिंग पुल में स्नान किया और रात करीब साढ़े दस बजे वापस लौट रहे थे तभी हाफिजपुर थाना क्षेत्र में एक कैंटर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि बाइक पर सवार सभी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हाफिजपुर के एसएचओ आशीष पुंडीर ने बाइक चला रहे दानिश के नशे में होने की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक इसी वजह से वह बाइक को नियंत्रित नहीं कर पाया। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। मौके पर पुलिस अधिकारियों की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।  

लड़की की आंत में फंसी मॉइस्चराइजर की बोतल, डॉक्टर ने सिग्मॉइडोस्कोपी प्रक्रिया से बोतल निकाल कर बचाई आंत

नई दिल्ली  यौन जिज्ञासा के कारण 27 साल की युवती ने बोतल को निजी अंग में डाला था, जो प्राइवेट पार्ट में फंस गई। जिसके बाद निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना सर्जरी किए सिग्मॉइडोस्कोपी की मदद से युवती की आंत में फंसी मॉइस्चराइजर की बोतल निकाली। इससे पहले युवती पेट में दर्द और दो दिनों से शौच न होने की समस्या से परेशान रही। युवती ने बोतल अपनी प्राइवेट पार्ट में डाली जिसके बाद उसे निजी अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। पूछताछ करने पर युवती ने बताया कि उसने यौन सुख की चाह में दो दिन पहले एक मॉइस्चराइजर की बोतल अपनी प्राइवेट पार्ट में डाली थी। वहीं इसके बाद डॉक्टरों ने बोतल निकालने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। इसके बाद युवती के पेट का एक्स-रे किया गया, जिसमें बोतल प्राइवेट पार्ट के ऊपरी हिस्से में फंसी हुई दिखाई दी। युवती की गंभीर हालत और आंत फटने की आशंका को देखते हुए उसे तुरंत रात में सर्जरी के लिए ले जाया गया। जल्दी ठीक होने में मिली मदद बता दें कि सिग्मॉइडोस्कोपी की मदद से बोतल को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। इस प्रक्रिया से पेट या आंत को नहीं काटना पड़ा, जिससे मरीज को कम दर्द और जल्दी ठीक होने में मदद मिली। हालांकि पूरी बोतल को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं मरीज की हालत में सुधार होने पर उसे अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस मामले में डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों में समय बर्बाद किए बिना प्रक्रिया करना जरूरी होता है। इससे आंत फटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि एंडोस्कोपी, सिग्मॉइडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी जैसी मिनिमल इनवेसिव तकनीकों से इनका इलाज सुरक्षित रूप से किया जा सकता है जबकि अन्य डॉक्टर ने बताया कि अक्सर ऐसे मरीज अकेलापन महसूस करते हैं और इलाज के दौरान इस पहलू का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मरीज यदि मनोरोग से ग्रसित हैं तो उनकी काउंसलिंग की जा सकती है।  सिग्मॉइडोस्कोपी की मदद से बोतल को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। इस प्रक्रिया से पेट या आंत को नहीं काटना पड़ा। पूरी बोतल को सुरक्षित निकाल लिया गया और मरीज की हालत में सुधार होने पर उसे अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी टीम में डॉ. तरुण मित्तल, डॉ. आशीष डे, डॉ. अनमोल आहूजा, डॉ. श्रेयष मंगलिक और एनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रशांत अग्रवाल शामिल थे। डॉ. अनमोल आहूजा ने कहा कि ऐसे मामलों में समय बर्बाद किए बिना प्रक्रिया करना जरूरी होता है। इससे आंत फटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि एंडोस्कोपी, सिग्मॉइडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी जैसी मिनिमल इनवेसिव तकनीकों से इनका इलाज सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। डॉ. तरुण मित्तल ने बताया कि अक्सर ऐसे मरीज अकेलापन महसूस करते हैं, और उपचार के दौरान इस पहलू का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मरीज यदि मनोरोग से ग्रसित हैं तो उनकी काउंसलिंग की जा सकती है। 

योगी सरकार का एक्शन मोड: कांवड़ पथ, रोजगार मिशन और JPNIC पर लिया गया बड़ा निर्णय

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई. बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें रोजगार मिशन, बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे लिंक जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. योगी कैबिनेट के अहम प्रस्तावों में चौधरी चरण सिंह कावंड मार्ग को भी मंजूरी दिया जाना शामिल रहा. इसके तहत मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद से होकर 111.490 KM लंबा कांवड़ मार्ग बनाया जाएगा. राज्‍य के वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना का कहना है कि ये फैसले राज्य के रोजगार, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देंगे. यूपी कैबिनेट मींटिंग में हुए फैसलों के बारे में जानते हैं.. यूपी रोजगार मिशन में लाखों को मिलेगा रोजगार यूपी कैबिनेट ने श्रम विभाग के दो प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए ‘यूपी रोजगार मिशन’ के गठन को हरी झंडी दिखाई. इस मिशन के तहत एक वर्ष में 25,000 लोगों को विदेशों में रोजगार और 1 लाख लोगों को देश के अंदर रोजगार के मौके दिए जाएंगे. विदेशों में ड्राइवर, मिस्त्री और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्ध होंगी. यह मिशन न केवल युवाओं को रोजगार देगा, बल्कि उनकी स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान देगा.. इससे यूपी के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें. महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया. अब सभी 29 कम खतरनाक कारखानों में महिला वर्करों को काम करने की अनुमति होगी. अभी सिर्फ 5% महिलाएं कारखानों में काम करती है, लेकिन इस फैसल से उनकी भागीदारी काफी बढ़ने की उम्मीद है.   बुंदेलखंड में आएगी औद्योगिक क्रांति बुंदेलखंड के विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए. इसके तहत बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) को विकसित करने के लिए आवश्यक जमीन के अधिग्रहण में संशोधन को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही बुंदेलखंड के लिए विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन नीति को भी स्वीकृति मिली, जिसके तहत विभिन्न कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई. नोएडा की तर्ज पर बुंदेलखंड में एक आधुनिक इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा, जो क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक समृद्धि लाएगा. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे लिंक को मंजूरी कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 49.96 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी. इस प्रोजेक्ट की लागत 4,776 करोड़ रुपये होगी. यह लिंक एक्सप्रेसवे यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन में आसानी होगी. JPNIC को LDA को सौंपा गया कैबिनेट ने समाजवादी पार्टी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंपने का फैसला किया. JPNIC के संचालन के लिए बनी सोसाइटी को भंग कर दिया गया है. अब LDA इस प्रोजेक्ट का मेंटेनेंस और संचालन करेगा. लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से बना JPNIC लंबे समय से विवादों में घिरा था. वहीं, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्मिकों की अधिवर्षता आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. यह संस्थान, भाषा विभाग नियंत्रण अधीन स्वशाषी संस्थान है. संस्थान मे 4 कार्मिक कार्यरत हैं.

512 करोड़ का फर्जीवाड़ा करने वाला Mastermind Arrested का साथी भी हुआ गिरफ्तार

भोपाल   देश में चल रहे बड़े जीएसटी घोटाले में एक और गिरफ्तारी हुई है। भोपाल पुलिस ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के मरवाही से शेख जफर को पकड़ा है। जफर, घोटाले के मुख्य आरोपी विनोद सहाय का साथी बताया जा रहा है। पुलिस ने विनोद सहाय को पहले ही रांची से गिरफ्तार कर लिया था। उसकी गिरफ्तारी 25 जून को हो चुकी है। जांच में पता चला है कि जफर और सहाय मिलकर फर्जी बिल और शेल कंपनियों के जरिए कोयले के व्यापार में हेराफेरी कर रहे थे। उन्होंने लगभग 512 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया। पुलिस अब जफर से पूछताछ कर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। एक्शन में जांच एजेंसियां ईडी और दूसरी जांच एजेंसियां भी इस नेटवर्क पर नजर रख रही हैं। यह मामला एमपी से लेकर छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र तक फैले एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का हिस्सा माना जा रहा है। जांच में पता चला है कि शेख जफर मध्य प्रदेश के अनूपपुर का रहने वाला है। वह विनोद सहाय के साथ मिलकर फर्जी बिल बनाता था। ये लोग शेल कंपनियों के नाम पर कोयले का व्यापार दिखाते थे। इस तरह उन्होंने करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। फर्जी कंपनियां बनकर किया धोखा आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को लगभग 512 करोड़ रुपये का जीएसटी में चूना लगाया। शेख जफर के नाम पर भी दो कंपनियां हैं। इनके नाम अम्बर कोल डिपो और अनम ट्रेडर्स हैं। ये कंपनियां जबलपुर के रानीताल में रजिस्टर्ड हैं। इन कंपनियों के जरिए अभिजीत ट्रेडर्स, मां रेवा ट्रेडर्स, नमामि ट्रेडर्स के साथ व्यापार दिखाया गया।  

MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान, भोपाल-इंदौर में बारिश का यलो अलर्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश में झमाझम पानी बरस रहा है। 1 जून से अब तक 51% ज्यादा बारिश हो चुकी है। 147.7 मिमी पानी गिरना था लेकिन 222.6 मिमी वर्षा हुई। ग्वालियर, मुरैना, निवाड़ी, श्योपुर सहित 12 जिलों में 200 फीसदी से ज्यादा बरसात हो चुकी है। मौसम विभाग ने गुरुवार (3 जुलाई) को जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल सहित 17 जिलों भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 4 दिन तक MP में तेज बारिश की संभावना है। 5 और 6 जुलाई को सभी जिले तरबतर हो जाएंगे। मौसम विभाग के अनुसार, जिन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें पन्ना, दमोह, मैहर और कटनी शामिल हैं। यहां 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, गुना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा और सतना में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। आज इन जिलों में झमाझम बरसेगा पानी मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, दमोह, मैहर और कटनी में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, गुना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा और सतना में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। कल इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानित के मुताबिक, मध्यप्रदेश में 2 ट्रफ गुजर रही है। इसलिए सूबे में तेज बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन तक ऐसा की मौसम रहेगा। 5 और 6 जुलाई को सभी जिले तरबतर हो जाएंगे। 4 जुलाई को अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह और पन्ना में अति भारी बारिश हो सकती है। श्योपुर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश हो सकती है। इस वजह से हो रही प्रदेश भर में तेज बारिश प्रदेश से 2 टर्फ गुजर रही है। इनमें से एक मानसून टर्फ है। इस वजह से पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चल रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले 4 दिन तक पूरे प्रदेश में तेज बारिश होने की संभावना है। 5 और 6 जुलाई को सभी जिले तरबतर हो जाएंगे। प्रदेश के 27 जिलों में हुई बारिश  इससे पहले बुधवार को पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर रहा। 27 जिले ऐसे रहे, जहां बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शिवपुरी, उज्जैन-रतलाम, नौगांव में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, बड़वानी, मऊगंज, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, सीहोर, शहडोल, बैतूल, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, श्योपुर, मंडला, सागर, सतना, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा में भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।  वहीं, टीकमगढ़ जिले में मकान गिर गया। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, क्योंकि जब मकान गिरा, तब परिवार अंदर ही सो रहा था। रतलाम के सैलाना में बांसवाड़ा रोड स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना बह निकला। आसपास पहाड़ियों पर हरियाली छा गई है। जो देखने लायक बन गई है। ऊंची नीची पहाड़ियों के बीच अलग अलग झरने बह रहे हैं। यहां थाने में भी पानी भर गया। भोपाल के कई इलाकों में जलभराव के हालात बन गए। बड़ा तालाब में आधा फीट पानी भर गया।  भोपाल में दीवार गिरी, टीकमगढ़ में मकान भोपाल, रायसेन, सीहोर सहित कई जिलों में बुधवार को अच्छी बारिश हुई। भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल बढ़ गया है। सड़कों पर जलभराव था। एक मकान की दीवार ढह गई। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। राजगढ़ के खिलचीपुर में गाडगंगा नदी पुल के ऊपर से बह रही है। जानिए एमपी में कैसे और कहां से आया मानसून भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल में दस्तक दी। फिर कर्नाटक पहुंचा। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। अब पूरे सूबे में झमाझम बारिश हो रही है।

जबलपुर के मंदिरों में महिला दर्शनार्थियों के लिए एक नया ड्रेस कोड जारी

जबलपुर  महाकाल अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल ने जबलपुर के मंदिरों में महिला दर्शनार्थियों के लिए एक नया ड्रेस कोड जारी किया है. संगठन का कहना है कि मंदिरों में महिलाओं को पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर ही प्रवेश करना चाहिए.  इसके तहत जींस, टॉप, बरमूडा, मिनी स्कर्ट जैसे परिधानों में महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस दिशा में सक्रियता दिखाते हुए शहर के 50 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं. मंदिर में प्रवेश करने समय सिर ढकना अनिवार्य  इन पोस्टरों में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि जो महिलाएं भारतीय संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक वस्त्रों में नहीं आएंगी, उन्हें मंदिर परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बजरंग दल की ओर से जारी पोस्टरों में यह भी लिखा गया है कि महिलाओं और बालिकाओं को मंदिर में प्रवेश के समय सिर ढकना अनिवार्य होगा. इन दिशा-निर्देशों को मंदिरों के मुख्य द्वार और दीवारों पर चिपकाया गया है, जिससे हर दर्शनार्थी इसे देख सके. किन मंदिरों में लगाए पोस्टर? अब तक ये पोस्टर शहर के 30 से अधिक मंदिरों में लगाए जा चुके हैं. इनमें बगुला मुखी मंदिर, खाटू श्याम जी मंदिर सहित कई सिद्ध मंदिर शामिल हैं. बजरंग दल के अनुसार यह कदम महिलाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने और मंदिर की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. संगठन का कहना है कि मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं और संस्कृति के केंद्र होते हैं, जहां मर्यादा और अनुशासन का पालन जरूरी है. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का तर्क है कि भारतीय संस्कृति की रक्षा करना समाज के हर वर्ग का दायित्व है और महिलाएं इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं. उनका मानना है कि महिलाएं हमेशा से धर्म के कार्यों में अग्रणी रही हैं, इसलिए उन्हें मंदिरों में भी अपनी परंपरा के अनुरूप ही आना चाहिए. हालांकि, इस फरमान को लेकर समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा मान रहे हैं तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बता रहे हैं.

दमोह : सेंट जॉन्स सीनियर स्कूल अब अभिभावकों के 6 करोड़ 25 लाख रुपए लौटाने पड़ेंगे

 दमोह  दमोह स्थित सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को बड़ा झटका लगा है। राज्य समिति ने सेंट जॉन्स स्कूल की अपील को खारिज कर दिया है। अपील खारिज होने के बाद अब विद्यार्थियों के अभिभावकों के 6 करोड़ 25 लाख से ज्यादा रुपए लौटाने पड़ेंगे। 2 लाख रुपए की शास्ति भी जमा करनी होगी। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के अन्तर्गत गठित जिला समिति ने स्कूल प्रशासन को दोषी पाया है। जिला प्रशासन की गठित जिला समिति ने जांच में स्कूल प्रंबधन को दोषी पाया है। इन वर्षों की अधिक फीस करनी होगी वापस जांच में पाया गया है कि सरप्लस के बाद भी सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वारा सत्र 2022-23 में 2,160 विद्यार्थियों से 1 करोड़ 95 लाख 28 हजार 600 रुपए, सत्र 2023-24 में 2,179 विद्यार्थियों से 2 करोड़ 7 लाख 16 हजार 340 रुपए व सत्र 2024-25 में 2,234 विद्यार्थियों से 2 करोड़ 23 लाख 41 हजार 350 इस प्रकार वसूली गई। कुल फीस 6 करोड़ 25 लाख 86 हजार 290 रुपए अधिक वसूली गई है। जिसे जिला समिति द्वारा 30 दिवस के भीतर विद्यार्थियों या अभिभावकों के खाते में फीस वापस किए जाने का आदेश जारी किया गया है।