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मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं इंदौर स्वच्छता में सिरमौर, अब बन रहा है शुद्धता का भी पर्याय जबलपुर और ग्वालियर में भी लैब जल्द ही प्रारंभ होंगी फूड एंड ड्रग टेस्टिंग के लिए चलाई जायेंगी मोबाईल लैब्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इंदौर में फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की नई लैब का लोकार्पण इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिये हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सिखाया कि शासन का सच्चा अर्थ जन-कल्याण, न्याय और संवेदना है। आज जब हम इस खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जैसी माडर्न लैब का लोकार्पण कर रहे हैं तो यह उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसके मूल में “जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा” सम्मिलित है। शुद्धता और स्वच्छता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी कही जाती है। खाना बहुत अच्छा बना हो लेकिन शुद्धता और स्वच्छता की कसौटी पर खरा न हो तो बीमार कर देता है। इंदौर में संभागीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की कृपा से यह प्रयोगशाला स्वाद, सुरक्षा और पोषण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हमने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय लिया था, आज हम इंदौर में इसका साकार रूप देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुड़िया मोरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब) का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई लैब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लैब से इंदौर संभाग के सभी नागरिकों को फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर और संभागीय स्तर पर ही मिल जायेंगी। जांच का दायरा बढ़ाएगी इंदौर लैब- 20 हजार सैम्पल प्रतिवर्ष का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली हमारी संवेदनशील सरकार है। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सिर्फ एक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थित है। यहां जांच की क्षमता सालाना 6000 सैंपल की थी। इंदौर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ अब खाद्य सामग्रियों के परीक्षण की क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक हो जाएगी। इंदौर में लैब खुलने से पूरे मालवांचल को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य सामग्री एवं दवाओं में मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कोई गलत काम करेगा तो सरकार उसे छोड़ने वाली नहीं है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां लागू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को कई प्रकार की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 3 माह में जबलपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चलित प्रयोगशालाएं (मोबाइल लैब्स) शुरू करने पर भी काम कर रही है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा भी मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों के बाद सभी जिलों में भी खाद्य एवं औषधि परीक्षण की ऐसी ही प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यह प्रयोगशालाएं जन-जागरूकता एवं सर्टिफिकेशन जैसे कई प्रकार के कार्य भी करेंगी। अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अद्भुत और अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला 3700 वर्ग फीट में बनी है। इसकी लागत 8 करोड़ रुपए से अधिक है। यह प्रयोगशाला ऐसे प्रहरी है जो हमारे भोजन और औषधियों दोनों की गुणवत्ता और शुद्धता की रक्षा करेगा। पूरी तरह से आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त यह लैब संभाग की सेहत की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में नई लैब के खुलने से आसपास के सभी जिलों को बड़ी आसानी होगी। इससे जांच का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां खाने-पीने की चीजों और दवाओं के सैंपल की जांच नई और भरोसेमंद मशीनों से होगी ताकि लोगों को सटीक और सुरक्षित रिपोर्ट मिल सके। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि नागरिकों को हर वस्तु शुद्ध मिले, यह राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए तैयारियां चल रही हैं। सरकार अन्नदाता और मातृ शक्ति के कल्याण के लिए नई-नई योजनाओं की सौगात दे रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सौगातों को पूरा करने की गारंटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैं। आज प्रदेश की दूसरी खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ है। अगले तीन माह में जबलपुर में तीसरी, ग्वालियर में चौथी और पांचवीं खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में स्थापित कर दी जाएगी। सिंहस्थ-2028 के आयोजन के मद्देनजर यह प्रयोगशाला राष्ट्रीय स्तर की होगी। कार्यक्रम में विधायक मधु वर्मा, महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सबका साथ, सबका विकास ही हमारी सरकार की पहचान

हर समाज को साथ लेकर चलना ही हमारी सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 करोड़ रूपये की सीवर लाइन परियोजना का भूमिपूजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा दिवाली का यह समय शुभ अवसर है, जब जनकल्याण के कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है। सरकार का संकल्प है कि विकास की हर योजना जनता के द्वार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी वर्गों और समाजों को साथ लेकर समान अवसर और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुख और सुविधा पहुंचाना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ के विचार को मूर्त रूप देने का प्रयास हमारी हर योजना में झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ब्लू लोटस गार्डन इंदौर में आयोजित भूमिपूजन समारोह और सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के तहत सुदामा नगर सेक्टर-डी और ई में ₹30 करोड़ की लागत से 34.235 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना से नागरिकों को ड्रेनेज चोकिंग की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और जल-मल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि पहली बार रानी दुर्गावती के नाम पर जबलपुर में कैबिनेट आयोजित की गई और खरगोन में टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम हर समाज के महापुरुषों के योगदान को सम्मान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहाँ प्रदेश का वार्षिक बजट 20 हज़ार करोड़ रुपये तक सीमित था, वहीं आज यह 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हमारी सरकार ने 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा, जो हमारे किसान सम्मान के संकल्प का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘2047 अमृत काल’ के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में विकास के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल एरिया में एक आधुनिक मेट्रोपॉलिटन सर्किट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मालवा क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा। विधायक मती मालिनी गौड़, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव और  सुमित मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनसेवा भावना और समरसता की नीति ने प्रदेश में एक नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित की है। इस अवसर पर मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  मनोज पटेल, पूर्व महापौर  कृष्ण मुरारी मोघे, सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप करोसिया,  निशांत खरे,  सावन सोनकर,  सुमित मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

छठ पर्व पर महिलाओं ने अर्पित किया अर्घ्य, आमातालाब घाट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

लोक आस्‍था के पर्व छठ पर महिलाओं ने अस्‍ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्‍य, आमातालाब छठ घाट पर उमड़े श्रद्धालु रायपुर लोक आस्था का महापर्व छठ पर  व्रती महिलाओं राजधानी रायपुर के आमातालाब छठ घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. 4 दिनों तक चलने वाले इस लोक आस्था के पर्व का आज तीसरा दिन है। रायपुर विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने बताया कि राजधानी रायपुर के आमातालाब छठ घाट पर लोक आस्था का महापर्व छठ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. सोमवार शाम को अस्‍ताचलगामी सूर्य को अर्घ्‍य देने के लिए आमातालाब छठ घाट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. पारंपरिक गीतों और पूजा के बीच माहौल आस्थामय नजर आया. इस मौके पर भोजपुरी इंडस्‍ट्री के कलाकार भी भक्ति में सराबोर नजर आए. घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष टीम तैनात की थी. छठ पूजा की खासियत यह रही कि लोग सुबह से ही तैयारी में जुटे रहे और शाम होते ही सूर्य को अर्घ्‍य देने के लिए घाटों पर पहुंचे. सोमवार को इस पर्व के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। कल 28 अक्टूबर को प्रातः 6 बजे उषा अर्घ्य उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक एवं पार्षद गण,मंडल अध्यक्ष सहित समाज के सभी सदस्य सपरिवार उपस्थित रहेंगे। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से  विश्वकर्मा समाज के पूजन व्यवस्था हेतु युवा वर्ग से सुरज शर्मा,विनय शर्मा,रोहित,विश्वकर्मा संतोष विश्वकर्मा,शंकर शर्मा,सुनील शर्मा,सन्नी शर्मा,आकाश शर्मा एवं अन्य सदस्यों ने अपना योगदान दिया है।  

विकसित उत्तर प्रदेश: 57 लाख से ज्यादा नागरिकों ने साझा किया अपना फीडबैक

विकसित यूपी के लिए अब तक 57 लाख से अधिक लोगों ने दिया फीडबैक फीडबैक में शीर्ष पर रहे जौनपुर, संभल और गाजीपुर 75 जिलों में नोडल अधिकारियों ने किया जनसंवाद  ग्रामीण इलाकों से आए 45 लाख से अधिक सुझाव  28 लाख युवाओं ने दिया भविष्य के विकास पर मत  करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में हुई बैठकें और गोष्ठियां  शिक्षा, कृषि और आईटी पर जनता ने दिए सर्वाधिक सुझाव मुख्यमंत्री योगी का विजन 2047 बना जनआंदोलन  जनता के सुझावों से बनेगा यूपी का विजन डॉक्यूमेंट  सामूहिक भागीदारी से साकार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश' का सपना लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक समर्थ और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान' जनसहभागिता का एक ऐतिहासिक अभियान बन गया है। इस महाभियान के तहत सोमवार तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर जनता से संवाद स्थापित किया और प्रदेश के विकास यात्रा से संबंधित जानकारी साझा की। इस दौरान छात्रों, शिक्षकों, व्यापारियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों, मीडिया और आम नागरिकों के साथ विकास के रोडमैप पर चर्चा कर सुझाव लिए गए। प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 57 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 45 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और 12 लाख नगरीय क्षेत्रों से सुझाव आए हैं। फीडबैक देने वालों में करीब 28 लाख युवा (31 वर्ष से कम आयु), 26 लाख मध्यम आयु वर्ग (31-60 वर्ष) और करीब 3 लाख वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) शामिल हैं। इन सेक्टर के लिए मिले अमूल्य सुझाव विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में लगभग 14.4 लाख, पशुधन एवं डेरी में 2.3 लाख, उद्योग क्षेत्र में 2 लाख, आईटी एवं टेक सेक्टर में 1.6 लाख, पर्यटन क्षेत्र में 1.4 लाख, ग्रामीण विकास में 11.4 लाख, इन्फ्रास्ट्रक्चर में 50 हजार, संतुलित विकास में 83 हजार, समाज कल्याण में 4.4 लाख, नगरीय एवं स्वास्थ्य में 3.9 लाख, शिक्षा क्षेत्र में 13.4 लाख और सुरक्षा सम्बंधित 1 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। सुझाव देने में ये हैं टॉप और बॉटम जिले जनपदवार सर्वाधिक फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (4.5 लाख), संभल (3.8 लाख), गाजीपुर (2.5 लाख), प्रतापगढ़ (1.8 लाख) और बिजनौर (1.7 लाख) रहे। वहीं सबसे कम फीडबैक इटावा (20 हजार), महोबा (26 हजार), हापुड़ (29 हजार), गौतमबुद्ध नगर (29 हजार) और ललितपुर (30 हजार) से मिले। व्यापक जनसंवाद और गोष्ठियों का हुआ आयोजन महाभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में नगर निकायों से लेकर ग्राम पंचायतों तक संवाद बैठकों और गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इनमें 214 नगर पालिकाओं में बैठकें, 227 नगर पालिकाओं में सम्मेलन/गोष्ठियां, 18 नगर निगमों में बैठकें एवं सम्मेलन, 63 जिला पंचायतों में गोष्ठियां, 556 नगर पंचायतों में बैठकें और 577 में सम्मेलन, 751 क्षेत्र पंचायतों में बैठकें और गोष्ठियां तथा करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में भी सफल आयोजन किए गए। इन बैठकों से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद और समन्वय को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047' के अनुरूप प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य सरकार विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है। यह महाभियान जनसहभागिता और सामूहिक विकास की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।    

एयर एम्बुलेंस सेवाओं के प्रदाय में प्राथमिकता से निर्णय लें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य जनसामान्य को सुगम, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस दिशा में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा आवश्यक है ताकि स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का समयबद्ध सुदृढ़ीकरण और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि एयर एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं उत्कृष्ट चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। अतः इसके संचालन में समय का विशेष ध्यान रखा जाए तथा इमरजेंसी प्रकरणों में तत्काल निर्णय लेकर मरीजों को शीघ्रतम राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सेवा केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि जीवनरक्षक प्रणाली का अभिन्न अंग है, इसलिए इसके संचालन में समन्वय और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ओ.पी.डी. सेवाओं के समय को जनसुविधा के दृष्टिकोण से और प्रभावी बनाने के लिए इसे प्रातः 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को बेहतर और विस्तारित समयावधि में चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने मेडिकल रिकूटमेंट प्रक्रिया को विभाग की शीर्ष प्राथमिकताओं में रखते हुए निर्देश दिए कि रिकूटमेंट एजेंसियों के साथ नियमित संवाद कायम रखा जाए। सभी लंबित प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएँ और औपचारिकताओं की पूर्ति कर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार आएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एमआरआई एवं सीटी स्कैन सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को इन सुविधाओं का सुविधाजनक, पारदर्शी और निर्बाध प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। मशीनों की कार्यशील स्थिति और रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाए। आगामी वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के प्रस्ताव भविष्य की आवश्यकताओं और चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएँ। इन संस्थानों में शिक्षण, अनुसंधान और सेवा – तीनों पहलुओं में संतुलन बनाकर दीर्घकालिक उपयोगिता और स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दवाओं की गुणवत्ता एवं पर्याप्त उपलब्धता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक जिला और मेडिकल कॉलेज में दवाओं की आपूर्ति प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल टीचर्स के वेतन एवं आयुष्मान भत्ते के वितरण, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में छात्रावास निर्माण और नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।  

युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री

61 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश की मेजबानी में आयोजित होगी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जंबूरी, मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के लिए गौरवपूर्ण अवसर युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में होगा 19वां राष्ट्रीय जंबूरी, 30,000 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की मुख्यमंत्री ने महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और खानपान की व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए 300 एकड़ क्षेत्र में फैले जंबूरी स्थल पर 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम और 100 रसोईघरों की होगी व्यवस्था मुख्यमंत्री का निर्देश, सुरक्षा, सुविधा और समन्वय का मानक होगी राष्ट्रीय जंबूरी, कहा, डिजिटल इंडिया की झलक भी दिखे पहली बार होगा दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो, आरएफआईडी स्मार्ट आईडी कार्ड और व्हाट्सएप कम्युनिकेशन नेटवर्क राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी देखने को मिलेंगी आयोजन पूर्णतः ग्रीन और सस्टेनेबल हो, कचरा पृथक्करण, ई-कार्ट और ग्रीन वॉल जैसी व्यवस्था भी हो: मुख्यमंत्री विकसित भारत के युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रतीक बनेगी 19वां राष्ट्रीय जंबूरी : मुख्यमंत्री जंबूरी में रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज, प्लैंक ब्रिज जैसी स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट एक्टिविटीज का भी होगा आयोजन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आगामी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह प्रतिष्ठित आयोजन 23 से 29 नवम्बर 2025 तक लखनऊ स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिलना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवसर युवा शक्ति के अनुशासन, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की दक्षता, व्यवस्था, सुरक्षा और आतिथ्य क्षमता का परिचायक बने। उन्होंने निर्देश दिए कि महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आवास, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी व्यवस्थाएं पूरे समन्वय के साथ की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की थीम 'आत्मनिर्भर-स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत' हर स्तर पर प्रतिबिंबित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबिली का ग्रैंड फिनाले होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 28,000 से 29,000 स्काउट्स एवं गाइड्स, विदेशों से लगभग 1,000 से 2,000 प्रतिभागी तथा करीब 5,000 स्वयंसेवक एवं स्टाफ सदस्य सम्मिलित होंगे। आयोजन स्थल लगभग 300 एकड़ क्षेत्रफल में फैला होगा, जिसकी परिधि 7 किलोमीटर से अधिक होगी। योजना के अनुसार, 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम, 100 रसोई और 4 सेंट्रल किचन की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 10 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल वाले मुख्य एरीना स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की सुविधा होगी, जिसमें 12 प्रवेश द्वार, 11 एलईडी स्क्रीन और 5 जर्मन हैंगरयुक्त वीवीआईपी गैलरी बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश को अपनी परंपराओं, संस्कृति और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि एक्सपो ग्राउंड में प्रदर्शनी स्टॉल स्थापित किए जाएं, जिनमें राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन युवाओं में तकनीकी, सामाजिक और नेतृत्व कौशल को विकसित करने का अवसर बनेगा। इस उद्देश्य से आईटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना की जा रही है, जहां डिजिटल लर्निंग, लीडरशिप और इनोवेशन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट स्काउटिंग की दिशा में नया अध्याय सिद्ध होगी। बैठक में बताया गया कि आयोजन स्थल पर 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, नियंत्रण कक्ष, 11 फायर टेंडर सहित फायर स्टेशन, प्रशासनिक कार्यालय, ओवरसीज कैफेटेरिया और मीडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संपूर्ण आयोजन परिसर को 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रखा जाए, जिसमें नाइट विजन, फेस डिटेक्शन और पीटीजेड कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली हर समय सक्रिय रहे। प्रकाश व्यवस्था अच्छी हो। उन्होंने यह भी कहा कि देश-विदेश से आ रहे प्रतिभागी युवाओं का लखनऊ प्रवास सुखद हो, इसके लिए आवश्यक है कि विभिन्न विभागों द्वारा तैनात कार्मिकों को अच्छे व्यवहार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और सतत विकास की अवधारणा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जंबूरी पूरी तरह ग्रीन और सस्टेनेबल हो। अधिकारियों ने बताया कि गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण तथा 'ग्रीन वॉरियर्स' कार्यक्रम के माध्यम से यह लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। ई-कार्ट परिवहन, ग्रीन प्लेज वॉल और थीमैटिक सेल्फी पॉइंट्स जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जंबूरी में आने वाले देश-दुनिया के अतिथियों के उत्तर प्रदेश भ्रमण के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। बैठक में यह भी बताया गया कि पहली बार जंबूरी में दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों ड्रोन समन्वित रूप में आकाश में स्काउटिंग और युवा सशक्तीकरण की कहानी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, आरएफआईडी आधारित स्मार्ट आईडी कार्ड से प्रतिभागियों की एंट्री और उपस्थिति प्रबंधन किया जाएगा। व्हाट्सएप आधारित संचार प्रणाली के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को रियल-टाइम अपडेट और सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि जंबूरी में स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट गतिविधियाँ जैसे रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज और प्लैंक ब्रिज आयोजित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा: हर नगरीय निकाय में बनेगा गीता भवन, भव्य रूप से मनाई जाएगी गीता जयंती

सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनेंगे- श्रद्धा और भक्ति से मनाई जायेगी गीता जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री नंदा नगर में आयोजित कथा में शामिल हुएव्यास पीठ की पूजा और आरती की प्रधानमंत्री  मोदी के कार्यकाल में देश में बह रही है सांस्कृतिक धारा   इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाये जायेंगे। सभी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाये जायेंगे। आगामी दिनों में गीता जयंती भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जायेगी। बीते दिनों राज्य शासन ने विजया दशमी पर उत्साह के साथ शस्त्र पूजन के कार्यक्रम किये दीपोत्सव में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाए गये। इस उत्सव को गौ-संवर्धन के रूप में मनाया। राज्य शासन गौ-पालन को बढ़ावा देने के लिये हर स्तर पर कार्य कर रही है। गौ-शालाओं का बढ़ावा देने के साथ उसे संरक्षण भी दे रही है। गायों को खुराक के लिये दिये जाने वाली राशि बढ़ाकर दुगुनी कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नंदा नगर स्थित गणेश परिसर में मलूक पीठाधीश स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज की कथा के अवसर पर अपना सम्बोधन दे रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के शासन में देश में एक ऐसी सांस्कृतिक धारा बह रही है। जिसके कारण चारों और उत्साह का वातावरण है। साधु-संतों का सम्मान हो रहा है। धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओ की संख्या बढ़ रही है।  विदेश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भारत में आते हैं, तो हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी उन्हें हमारे मंदिरों का भ्रमण कराते है और उन्हें गीता और रामायण जैसे ग्रंथ भेंट करते हैं। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन की काया ही बदल गई है। अब वहाँ रिकार्ड तोड संख्या में  श्रद्धालु आ रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की गौरव गाथाओं का गुणगान महानाट्य विक्रमादित्य के माध्यम से किया जा रहा है। इसका मंचन राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य स्थानों पर भी हो चुका है। पहले कैलेण्डर में शक संवत होता था अब उसे विक्रम संवत कर दिया गया है। प्रधानमंत्री  मोदी के दृढ़ संकल्पों से काशी विश्वनाथ में सुंदर कॉरिडोर बन गया है। अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के पथ जहां-जहां पड़े वहाँ राम पथ बनाया गया है। चित्रकूट धाम का भी जीर्णोद्धार किया जायेगा। जहां-जहां योगेश्वर कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, वहां भी तीर्थ स्थान बनाएं जायेंगे।  जानापाव में भगवान परशुराम की जन्म स्थली का भी विकास किया गया है। ऐसे और भी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों के द्वारा कही गई  कथा से हम सबको अच्छे संस्कार मिलते हैं। हमारे जीवन में नयी ऊर्जा का संचार होता है। जहां सामान्य मनुष्य की सोच समाप्त होती है, वहाँ से संतों के सोचने की शुरूआत होती है। उन्होंने कहा कि  मानव शरीर परमात्मा की सुंदर रचना है और इसके रोम-रोम में परमात्मा है। इस शरीर में सारी शक्तियां समाहित है। इसकी अनुभूति हमें संत कराते हैं। संतों के पास बैठने से हमारा जीवन मंगलमय होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन किया और आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने मलूक पीठाधीश स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य महराज  स्वागत किया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह आयोजन विधायक  रमेश मेंदोला के माता-पिता की स्मृति में किया जा रहा है। इस तरह के आयोजन लगातार होना चाहिए। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायक  मधु वर्मा,  रमेश मेंदोला,  सुमित मिश्रा तथा  श्रवण सिंह चावड़ा, डॉ. निशांत खरे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव आदि मौजूद थे।  

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

छठ हमारी सामाजिक एकता, आध्यात्मिक उन्नयन और प्राचीन विरासत का प्रतीक है- सीएम योगी  लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक निर्मल होगी नदी- सीएम योगी  छठ पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है- सीएम योगी – नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता- सीएम – मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में दी शुभकामनाएं, कहा- छठ मईया सबके जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेके आवें – स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक ही आत्मनिर्भर भारत का आधार हैं- सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने की अपील- सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, स्वच्छता ही ईश्वर की सेवा है – तपस्या, आस्था और नारी शक्ति का अद्भुत संगम है छठ, बहनों की साधना लोककल्याण की भावना को सशक्त करती है- मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा न केवल आध्यात्मिक उन्नयन का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता, प्राचीन भारतीय विरासत और प्रकृति से संवाद का प्रतीक भी है। गोमती तट के किनारे लक्ष्मण मेला मैदान में छठ घाट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने छठ गीतों का आनंद लिया और भोजपुरिया सनेश स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में संबोधन देकर श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती निर्मल व अविरल होगी। सीएम योगी ने कहा कि छठ महापर्व विश्वभर में बसे भोजपुरी समाज को आत्मशुद्धि और लोक कल्याण के मार्ग से जोड़ता है। उन्होंने भोजपुरी में शुभकामनाएं देते हुए कहा, "छठ मईया के कृपा सबके ऊपर बनल रहे सभन लोगन के परिवार मे शुख समृद्धि और खुशहाली रहे एकरे खातिन हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत आनी जितना लोग व्रत बाटें उहें खातिर हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत बानी की सबके भगवती उनके सपने के पूरा करें।"  छठ पर्व परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन विरासत को दर्शाता है और प्रकृति से संवाद सिखाता है। चार दिनों की कठिन साधना में बहनों की तपस्या को विशेष रूप से सराहते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौराणिक काल से चली आ रही यह परंपरा अब पूरे भारत में फैल चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी इलाकों तक लाखों श्रद्धालु जुड़ रहे हैं। उन्होंने गाजियाबाद और नोएडा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 50 हजार से एक लाख तक भक्त छठ मना रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि कोई मंदिर, सरोवर या तालाब ऐसा नहीं जहां श्रद्धालु न जुड़े हों। यह एकता न केवल सांस्कृतिक है, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है। स्वच्छता सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि कोई देश तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसके नागरिक राष्ट्रीय कर्तव्य से नहीं जुड़ते। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को छठ से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का आधार है। सीएम योगी ने सिंगल-यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन और कूड़े के अंधाधुंध उपयोग पर रोक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारकों को हटाएं, उसे नदी-नालों में न फेंकें। अगर हर व्यक्ति इसका पालन करे, तो आधे से अधिक समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में यह प्रयास मदद करेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गोमती में जल स्तर कम होने और बदबू की शिकायतें आईं, लेकिन इस बार प्रशासन, सिंचाई विभाग, नगर निगम और स्वयंसेवी संगठनों की मेहनत से सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले बैठकें हुईं और अखिल भारतीय भोजपुरी समाज ने स्वच्छता अभियान चलाया। परिणामस्वरूप, गोमती का जल शुद्ध और पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि जल का अर्घ्य अगर शुद्ध न हो, तो भगवान कैसे स्वीकार करेंगे? पूजा स्थल की तरह नदी भी साफ-सुथरी होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि एक से डेढ़ वर्ष में लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि कल प्रातः आयोजन समाप्त होने के बाद स्वच्छता अभियान चलाएं। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है, हर लखनऊवासी और प्रदेशवासी की जिम्मेदारी। सीएम योगी ने की अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना कार्यक्रम में सीएम ने अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना की और कहा कि सम-विषम परिस्थितियों में उन्होंने आयोजन को नई ऊंचाई दी। मुख्यमंत्री ने छठ को घरों से लेकर नदी तट तक मनाने की परंपरा का जिक्र किया और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठी मैया से प्रार्थना है कि सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, परिवार और समाज में सुख-समृद्धि आए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय, मॉरिशस प्रधानमंत्री के पूर्व सचिव सुरेश रामबरन समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहे।

डॉ. यादव का दावा: प्रदेश में बढ़ रही है सामाजिक समरसता और सद्भावना

डॉ. यादव का दावा: प्रदेश में बढ़ रही है सामाजिक समरसता और सद्भावना सरकार के प्रयासों से प्रदेश में बन रहा है सामाजिक सौहार्द का माहौल: मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति में सोमवार को इंदौर में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 का सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जो विकास एवं सामाजिक समरसता का सिलसिला प्रारंभ हुआ था, वह वर्तमान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का सामाजिक समरसता के क्षेत्र में योगदान अमूल्य है। उनके बताए मार्गों पर चलकर प्रदेश में सामाजिक एकता और समानता का नया वातावरण स्थापित किया जा रहा है। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  महेंद्र हार्डिया,  गोलू शुक्ला, डॉ. निशांत खरे,  सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। शहर में ड्रेनेज, जलप्रदाय लाइन और सड़कों का तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज 600 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया गया है। विधायक  महेंद्र हार्डिया ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां हर समाज और वर्ग के लोग मिलकर विकास में भागीदार बन रहे हैं। कार्यक्रम को  सुमित मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाज के वरिष्ठ जन और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। 

छठ महापर्व का पारंपरिक उल्लास, दिल्ली से पटना तक गूंजे छठ गीत और भक्ति की स्वर लहरियाँ

भोपाल  चार दिन तक चली सूर्य उपासना की परंपरा मंगलवार को सुबह पूरी हो गई। कार्तिक शुक्ल सप्तमी पर आज छठ महापर्व का आखिरी दिन है। भोपाल के 52 घाटों पर सुबह की पहली किरण के साथ श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को दूध, जल और प्रसाद से अर्घ्य अर्पित किया। इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत पूर्ण हुआ। नगर निगम ने घाटों पर सुरक्षा, रोशनी, पेयजल और सफाई की व्यवस्था की थी। पुलिस और प्रशासनिक टीमें भी सुबह से मौजूद रहीं। श्रद्धालुओं ने शांति और अनुशासन के साथ पूजा संपन्न की। दरअसल, भोपाल में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का समापन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ हुआ। चार दिनों से चल रही सूर्य उपासना की परंपरा भक्ति, अनुशासन और उत्साह के माहौल में पूरी हुई। प्रदेशभर के साथ भोपाल में भी श्रद्धालु सुबह की पहली किरण के साथ घाटों पर पहुंचे और सूर्य देव तथा छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। लोक आस्था और सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा देशभर में पूरे उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली से लेकर नोएडा, चंडीगढ़ और मुंबई तक घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ घाट, पटना के कंकड़बाग और दीघा घाट, और नोएडा के कालिंदी कुंज तट पर हजारों श्रद्धालु परिवारों सहित पहुंचे. छठ महापर्व के दौरान घाट भक्ति गीतों, ढोलक की थाप और पारंपरिक गीतों से गुलजार रहे. छठ घाटों पर वेदी को केले से पारंपरिक तौर पर सजाया गया.. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी बीजेपी नेता संजय मयूख के आवास पर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया. प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए. चार दिन चलने वाला यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना के साथ संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर पूरे देश को आस्था और एकता के रंग में रंग दिया. दिल्ली के यमुना नदी के वासुदेव घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठ पूजा में हिस्सा लेने वाले हैं. उनकी इस यात्रा के मद्देनजर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी खुद घाटों का दौरा कर पूजा की तैयारियों का जायजा लिया है. बिहार में इस बार छठ का राजनीतिक रंग भी देखने को मिला. विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दलों के उम्मीदवार घाटों पर पहुंचे और श्रद्धालुओं का आशीर्वाद लिया. राजनेताओं की मौजूदगी ने माहौल को और भी खास बना दिया. छठ का महापर्व फिर से बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है, जहां हर कोई सूर्य देव के प्रति आस्था और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करता नजर आ रहा है. देश के कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे पटना, गोपालगंज, मऊ, वाराणसी, नोएडा, और दिल्ली के घाटों पर सुबह और शाम की पूजा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है. आस्था का अद्भुत संगम राजधानी के 52 घाटों पर मंगलवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कमला पार्क, वर्धमान पार्क, खटलापुरा घाट, प्रेमपुरा घाट, हथाईखेड़ा डैम, बरखेड़ा और घोड़ा पछाड़ डैम पर हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए। घाटों पर पारंपरिक गीतों की गूंज, दीयों की रोशनी और पूजा की तैयारियों से वातावरण भक्ति से भर गया। 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरण जल में पड़ी, व्रती महिलाओं ने दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त हुआ। अर्घ्य के बाद व्रती महिलाओं ने पारण कर व्रत का समापन किया। भोजन में चावल, दाल, साग, सब्जी, पापड़, बड़ी, पकौड़ी और चटनी का पारंपरिक प्रसाद शामिल रहा। पुलिस का अमला रहा तैनात नगर निगम की ओर से सभी घाटों पर सफाई, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की गई थीं। पुलिस व प्रशासनिक अमला सुबह से ही तैनात रहा। शीतलदास की बगिया में भी छठ पर्व की रौनक देखने लायक रही। यहां भोपाल दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी ने पहुंचकर श्रद्धालुओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं। भोजपुरी एकता मंच की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोकगीतों और भजनों ने समा बांध दिया। इस साल अधिक श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे भोजपुरी एकता मंच के अध्यक्ष कुंवर प्रसाद ने बताया कि सोमवार शाम अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालु पूरी रात भजन-कीर्तन में लीन रहे। मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ चार दिन की पूजा संपन्न हुई। इस बार पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। दीपों की जगमगाहट, फूलों की सजावट और लोकगीतों की मधुर ध्वनि से पूरा भोपाल छठ मैया की भक्ति में डूबा नजर आया।