samacharsecretary.com

वरिंदर घुमान की मौत ने हिला दिया खेल जगत, परिवार की हालत अभी भी सामने नहीं आई

जालंधर पंजाब के मशहूर बॉडी बिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुम्मन पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनका अंतिम संस्कार जालंधर के मॉडल टाउन श्मशान घाट में किया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।   परिवारजन बेटे की अर्थी को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। मां का रुदन हर किसी की आंखें नम कर गया — वह रोते हुए बार-बार कह रही थीं, "हाय मेरा वरिंदर पाल मोड़ दो!"। अंतिम यात्रा में कई राजनीतिक हस्तियां और सामाजिक संगठनों के लोग भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, जालंधर के बस्ती शेख स्थित घई नगर के निवासी वरिंदर घुम्मन का निधन अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में हुआ।   बीते दिन एक छोटे से ऑपरेशन के दौरान उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपने बाइसेप्स की मामूली सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती थे। मृतक के समर्थकों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत तरीके से ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। करीब 53 वर्ष की आयु में वरिंदर घुम्मन ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके चाहने वालों के दिलों में उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।  

कोर्ट का निर्देश: शराब घोटाले में EOW कार्यालय के सभी CCTV रिकॉर्ड्स को तुरंत संरक्षित किया जाए

रायपुर  विशेष अदालत ने राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) को अपने कार्यालय के 122 दिनों के सीसीटीवी फुटेज और आवक-जावक रजिस्टर सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। यह निर्देश 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े एक मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल (CG Liquor Scam News) की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई के बाद दिया गया। कोर्ट का आदेश EOW-ACB विशेष न्यायाधीश नीरज शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 5 जून 2025 से 5 अक्टूबर 2025 तक के सभी सीसीटीवी फुटेज और कार्यालय के आवक-जावक रजिस्टर को न्यायालय के अवलोकन के लिए सुरक्षित रखा जाए। इस दौरान कोर्ट में राज्य के उप महाधिवक्ता और एसीबी के विशेष लोक अभियोजक डॉ. सौरभ कुमार पांडेय तथा एडीपीओ एक्का मौजूद रहे। न्यायालय ने उन्हें निर्देश दिया कि वे इस आदेश की जानकारी संबंधित प्राधिकरण को तुरंत दें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जेल से किया गया दूसरा आवेदन चैतन्य बघेल की ओर से दाखिल एक अन्य आवेदन में आग्रह किया गया कि उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल में अपने एकाउंटेंट, लेखा परीक्षक, प्रबंधकीय कर्मचारियों और व्यवसायिक सहयोगियों से अलग कक्ष में प्रत्येक कार्य दिवस पर मुलाकात की अनुमति दी जाए। इस पर एसीबी की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई। कोर्ट ने चैतन्य बघेल के अधिवक्ता फैजल रिजवी को निर्देश दिया कि वे मुलाकात करने वाले व्यक्तियों के नाम के साथ पृथक आवेदन प्रस्तुत करें, जिस पर आगे निर्णय लिया जाएगा। जांच के लिए अहम माना गया आदेश शराब घोटाले की जांच के बीच यह आदेश बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है। कोर्ट के इस निर्देश से अब EOW कार्यालय की कार्यप्रणाली और वहां हुई गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जो जांच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

हथियारों के दम पर परिवार को बनाया बंधक, उड़ाए लाखों रुपये, जांच में जुटी पुलिस

गिरिडीह झारखंड में गिरिडीह जिले के चिताखरा गांव में बृहस्पतिवार को करीब छह नकाबपोश बदमाशों ने एक व्यक्ति के घर में घुसकर कथित तौर पर पांच लाख रुपये की नकदी और कीमती सामान लूट लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हथियारबंद बदमाश पिछले दरवाजे से संजय वर्मा के घर में दाखिल हुए थे। बगोदर-सरिया के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) धनंजय राम ने बताया कि वर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह और परिवार के सदस्य सो रहे थे कि तभी बदमाश अचानक घुस आए और हथियारों का डर दिखाकर धमकाया। उन्होंने कहा कि बदमाश 2.5 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आभूषण लूट ले गए। एसडीपीओ ने बताया कि घर से निकलते समय उन्होंने घर के लोगों को शोर न मचाने की धमकी दी और घर को बाहर से बंद कर दिया। मामले में पुलिस ने आसपास के इलाके में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज एकत्र की है और पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।  

मंदिरों पर अब नहीं लगेगा प्रॉपर्टी टैक्स, रायपुर महापौर ने नगर निगम को दिए सख्त निर्देश

 रायपुर  शहर में मौजूद किसी भी मंदिर से अब संपत्तिकर (Property Tax) नहीं वसूला जाएगा। रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम द्वारा किसी भी जोन या वार्ड के मंदिर को संपत्तिकर वसूली का नोटिस नहीं भेजा जाएगा। यह निर्णय नगर निगम की नियमावली के तहत लिया गया है। हाल ही में जोन-4 के ब्राह्मणपारा वार्ड स्थित सोहागा मंदिर को नगर निगम राजस्व विभाग की ओर से संपत्तिकर का नोटिस जारी किया गया था। इस घटना पर महापौर मीनल चौबे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों सुशांत और अमर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। महापौर ने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जोन आयुक्तों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में मंदिरों को संपत्तिकर वसूली का नोटिस न दिया जाए। मीनल चौबे ने कहा, 'इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही, हीला-हवाला या नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि मंदिरों के सम्मान और नियमों के पालन में कोई चूक न हो।' बताया जा रहा है कि रायपुर शहर में वर्तमान में लगभग 450 मंदिर स्थित हैं, जिन पर यह निर्णय लागू रहेगा।

पप्पू यादव के खिलाफ FIR, बाढ़ पीड़ितों को पैसे बांटने पर उठे सवाल

वैशाली वैशाली जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पैसे बांटने को लेकर चुनाव आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के आरोप में बिहार के सांसद पप्पू यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य यादव के खिलाफ यह मामला वैशाली जिले के सहदेई थाने में बृहस्पतिवार रात जिला प्रशासन की शिकायत पर दर्ज किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) ललित मोहन शर्मा ने बताया, “सीसीटीवी फुटेज और चुनावी ड्यूटी में तैनात एक अधिकारी के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।” राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो जाती है।  

पंजाब की राजनीति गर्माई! सिद्धू-प्रियंका बैठक से बदल सकते हैं समीकरण

चंडीगढ़  नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। वह आज अचानक दिल्ली पहुंचे और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। नवजोत सिद्धू ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और मुश्किल वक्त में साथ देने के लिए प्रियंका गांधी और उनके भाई राहुल गांधी का शुक्रिया भी अदा किया। इस मुलाकात को इसलिए अहम माना जा रही है क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू लंबे समय से राजनीति से गायब हैं। वह न तो किसी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा ले रहे हैं और न ही कोई बयान दे रहे हैं। हाल ही में उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भी 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। अब नवजोत सिंह सिद्धू और प्रियंका गांधी के बीच हुई इस मुलाकात के बाद कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं। 

हरियाणा IPS सुसाइड केस में बड़ा एक्शन: 14 अधिकारियों पर FIR, पत्नी ने उठाए SSP पर सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा के सीनियर IPS अफसर पूरन कुमार के सुसाइड केस में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित 14 अफसरों पर गुरुवार देर रात एफआईआर दर्ज कर ली गई।सेक्टर 11 थाने में घटना के तीसरे दिन सुसाइड नोट के आधार पर धारा 108 आरडब्ल्यू 3(5) बीएनएस और 3(1)(आर) पीओए (एससी/एसटी) अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई। पूरण कुमार ने अपने सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत 10 से अधिक अधिकारियों पर उत्पीड़न, जातिगत प्रताड़ना और सार्वजनिक अपमान के आरोप लगाए थे।    सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज इस मामले में पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार ने बुधवार को सेक्टर 11 थाने में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की शिकायत दी थी। चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज करके सभी आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। जल्द आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। SSP को चिट्ठी में क्या लिखा? हरियाणा के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार रात को सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज किया था। बावजूद इसके एडीजीपी वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस की महिला एसएसपी कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर एफआईआर को अधूरा बताया है। अमनीत पी कुमार ने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर में कई गंभीर खामियां हैं, जिनमें मुख्य आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किए गए हैं। वहीं आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कमजोर धाराएं लगाई गई हैं। अमनीत पी कुमार ने पत्र में लिखा कि एफआईआर की प्रति उन्हें 9 अक्तूबर की रात 10:22 बजे स्वयं एसएसपी द्वारा उनके सेक्टर-24ए स्थित आवास पर सौंपी गई थी, लेकिन वह बिना हस्ताक्षर और अधूरी थी। उन्होंने कहा कि शिकायत में जिन दो अधिकारियों डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया के नाम दर्ज थे, उन्हें एफआईआर के कॉलम नंबर 7 में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) को भी जोड़ा जाए, क्योंकि वर्तमान में लगाई गई धाराएं कमजोर हैं और वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। उन्होंने एसएसपी से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर एफआईआर में संशोधन और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाया कि आईपीएस वाई पूरण कुमार द्वारा छोड़े गए फाइनल नोट की प्रतियां अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। अमनीत ने मांग की है कि 7 अक्तूबर 2025 की दिनांक वाले दोनों नोट एक जो मृतक की जेब से और दूसरा लैपटॉप बैग से बरामद हुआ की प्रमाणित प्रतियां तुरंत उपलब्ध कराई जाएं, ताकि एफआईआर में उल्लिखित सामग्री की सच्चाई की पुष्टि की जा सके।    अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं वीरवार सुबह तक चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से पहले कानूनी राय लेने की बात कह रहे थे लेकिन रात होते-होते एफआईआर दर्ज कर ली गई। इस मामले में कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन भी अधिकारियों पर सुसाइड नोट में आरोप लगाए गए हैं उन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सुसाइड नोट में इनका नाम शामिल डीजीपी शत्रुजीत कपूर, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, एडीजीपी संजय कुमार, आईजी पंकज नैन, आईपीएस कला रामचंद्रन, आईपीएस संदीप खिरवार, आईपीएस सिबार कविराज, पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, एसपी नरेंद्र बिजारणिया और अन्य का नाम है। किस अधिकारी पर क्या आरोप लगाए गए थे डीजीपी शत्रुजीत कपूर पंचकूला में सरकारी आवास आवंटन के दौरान वाई पूरण कुमार के केस में अतिरिक्त नियम लगा दिए थे। आधिकारिक वाहन वापस ले लिया गया। डीजीपी कार्यालय की ओर से जानबूझकर गुमनाम शिकायत दी। वार्षिक रिपोर्ट में लिखित रूप में जातिवादी टिप्पणी की गई। एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो  आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर कार्यवाही करने की साजिश रचने व सार्वजनिक रूप से अपमानित व परेशान करने का आरोप। एडीजीपी संजय कुमार  सार्वजनिक रूप से परेशान और अपमानित करने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी व कपूर और ढिल्लों के साथ मिलकर प्रस्तावित विभागीय कार्यवाही की जानकारी मीडिया में लीक करने का आरोप  आईजी पंकज नैन  कपूर व ढिल्लों के साथ मिलकर निराधार व दुर्भावनापूर्ण शिकायतें तैयार करने का आरोप। आईपीएस कला रामचंद्रन डीजीपी के कहने पर झूठा हलफनामा दायर करने का आरोप। आईपीएस संदीप खिरवार व सिबास कविराज दोनों पर झूठे और परेशान करने वाले मामले में फंसाने की कोशिश। पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद  तीनों बैचमेंट अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण, जाति आधारित मानसिक उत्पीड़न और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप। नरेंद्र बिजारणिया  डीजीपी के कहने पर परेशान करने का आरोप एडीजीपी के सुसाइड नोट में जिन-जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं उन सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।– कंवरदीप कौर, एसएसपी, चंडीगढ़ अमनीत सीएम से बोलीं- जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक पोस्टमार्टम और संस्कार नहीं होगा इससे पहले जापान दौरे से लौटे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार दोपहर 12.28 बजे एयरपोर्ट से सीधे सेक्टर 24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पर पहुंचे। अमनीत ने वीरवार को मुख्यमंत्री के सामने स्पष्ट कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सिस्टम ने पूरण कुमार की हत्या की है। जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं होगा। मुख्यमंत्री यहां करीब 44 मिनट तक रुके। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने लगभग 20 मिनट तक अमनीत पी कुमार से बातचीत की। इस दौरान अमनीत ने कहा कि सुसाइड नोट में उनके पति को प्रताड़ित करने का जिक्र है। इसके बाद साजिश के तहत रोहतक में मुकदमा करवाकर उनकी छवि को भी खराब किया गया।  इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने … Read more

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला का शुभारंभ

इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी सुगमता व सुरक्षा से आया व्यापक निवेश : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला का शुभारंभ देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री बीमारू राज्य से उद्यम प्रदेश बनना, यूपी की नई तस्वीर  : मुख्यमंत्री गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) और मजबूत कानून व्यवस्था से सुरक्षा का माहौल हो तो वहां दुनिया के निवेश को आने से कोई भी नहीं रोक सकता। उत्तर प्रदेश में आज शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस है तो यहां की कानून व्यवस्था नजीर मानी जाती है। इनके समन्वय से उत्तर प्रदेश में देश और दुनिया से व्यापक निवेश आया है। आज का उत्तर प्रदेश, देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।  सीएम योगी शुक्रवार को गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में आयोजित यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेला के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला का आयोजन राज्य के हर जिले में हो रहा है। इसके पहले प्रदेश में बने उत्पादों को मंच देने के लिए 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया गया था। इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2250 से अधिक उद्यमियों ने अपने उत्पादों की शो केसिंग की थी। 500 से अधिक विदेशी क्रेता यहां आए थे और इस ट्रेड शो में 11200 करोड रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई। यह नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है जो बीमारू राज्य से उबरकर इसे उद्यम प्रदेश के रूप में प्रस्तुत करती है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उद्यम लगेंगे तो रोजगार मिलेगा। उद्यम लगेंगे तो कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी और उस कनेक्टिविटी की सुविधा का लाभ उद्योग ही नहीं बल्कि आम नागरिकों को भी मिलेगा। उद्यम लगेंगे तो नई तकनीकी आएगी और रोजगार के नए-नए अवसर भी सृजित होंगे। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने जो प्रगति की है, उससे वह बीमारू की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।  सपना था 2017 के पहले यूपी में उद्यम लगाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में उद्यम लगाना एक सपना था। तब ऐसी अराजकता थी कि लोग यूपी से भागने की फिराक में रहते थे। 2017 के बाद डबल इंजन सरकार में सुरक्षा का जबरदस्त वातावरण बना। जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उद्योगों से जुड़े नियमों का सरलीकरण किया गया। इस ऑफ़ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाया गया। एमएसएमई में एक हजार दिनों तक एनओसी लेने की छूट दी गई। इससे उद्यमिता का जबरदस्त माहौल बना। प्रदेश में जो एमएसएमई यूनिट्स बंद हो रही थी, उन्हें संजीवनी मिलने लगी। आज एमएसएमई सेक्टर में 96 लाख यूनिट क्रियाशील हैं और इसके जरिए दो करोड लोगों को नौकरी और रोजगार मिलना सुनिश्चित हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार सृजन एमएसएमई में है। यह संकट के समय में भी रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौर में जब देश के अन्य राज्यों से 40 लाख श्रमिक उत्तर प्रदेश आए, तब उन्हें एमएसएमई सेक्टर का ही सहारा मिला।  हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मॉडल बन रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता के हर एक क्षेत्र में मॉडल बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश ने कानून व्यवस्था के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। हाईवे, रेलवे, एयरवे, इनलैंड वॉटरवे में प्रगति की लंबी छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में मात्र दो एयरपोर्ट की क्रियाशील थे जबकि आज 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा के जेवर में बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 6 छह शहरों में मेट्रो ट्रेन की सेवाएं मिल रही हैं। राज्य के सभी बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इस माह प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस निर्माण के उद्यम का उद्घाटन भी होने जा रहा है। अब इलेक्ट्रिक बस उत्तर प्रदेश में भी बनेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण तो होगा ही रोजगार भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का पहला इनलैंड वॉटरवे वाराणसी से हल्दिया तक उत्तर प्रदेश में है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है। देश में पहली रैपिड रेल चलाने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। सड़कों के मामले में सबसे सुदृढ़ इंटरस्टेट कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश की है। यूपी में गांव गांव तक सड़कों का संजाल बिछ चुका है।  स्वदेशी अपनाएं, ताकि देश में ही रहे देश का पैसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं का ही इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब हम स्वदेशी अपनाएंगे तो कारीगरों, शिल्पियों के श्रम का सम्मान होगा। स्वदेशी से देश का पैसा देश में ही रहेगा। स्वदेशी का मुनाफा देश के निर्माण के काम आएगा। उन्होंने सचेत किया कि विदेशी वस्तुओं के खरीदने पर उसके मुनाफे का पैसा कई बार देश के खिलाफ, आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववाद पर खर्च होता है। उन्होंने कहा कि जब देश का पैसा स्वदेशी के माध्यम से देश में ही खर्च होगा तो विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गोरखपुर का सपना भी तेजी से साकार होगा। आगे बढ़ाना है वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल के अभियान को सीएम योगी ने स्वदेशी के माध्यम से हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल के अभियान को आगे बढ़ाना है। सब लोग ठान लें तो कोई बाधा भी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले दीपावली पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्तियां उस चीन से आती थीं जो देवी देवताओं पर विश्वास ही नहीं करता है। आज ओडीओपी के जरिये टेराकोटा की मिट्टी की बनी मूर्तियां मार्केट में हैं। अब तो टेराकोटा को जीआई टैग भी मिल गया है। यह देश दुनिया में कहीं भी बिना किसी सवाल के बिक सकता है। सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक जीआई टैग उपलब्ध कराने वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक प्रगति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ … Read more

मासिक धर्म पर हुई खुली बातचीत, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान से सशक्त हुई बालिकाएं

मिशन शक्ति 5.0: व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद से बेटियों का बढ़ा आत्मविश्वास मासिक धर्म पर हुई खुली बातचीत, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान से सशक्त हुई बालिकाएं विशेषज्ञों ने बताया सेनेटरी पैड का सुरक्षित उपयोग और भ्रांतियों का समाधान – प्रदेश के सभी 131 बाल देखरेख संस्थानों में आयोजित हुआ संवाद कार्यक्रम – मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण ने छुआ जन-जागरूकता का नया रिकॉर्ड – विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों के माध्यम से 14.64 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ  मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार ने बालिकाओं के स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3 से 11 अक्टूबर) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी महिला व बाल देखरेख संस्थानों में 'व्यक्तिगत स्वच्छता संवाद' कार्यक्रम ने बालिकाओं में मासिक धर्म स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति नई चेतना जगाई। योगी सरकार के इस पहल ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़कर बालिकाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान की सीख भी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने बालिकाओं से खुलकर संवाद किया। सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, उनके उचित निस्तारण और मासिक धर्म से जुड़े मिथकों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चर्चा हुई। बालिकाओं ने बेझिझक अपने सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और स्पष्ट जवाब दिया। यह संवाद न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि बालिकाओं को यह सिखाने में सफल रहा कि स्वच्छता उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नींव है।  महिलाओं के प्रति समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है योगी सरकार इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश सरकार मासिक धर्म को सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में स्थापित कर समाज में व्याप्त झिझक को तोड़ने में कामयाब हो रही है। स्वच्छता की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं जैसे संक्रमण और प्रजनन संबंधी जटिलताएं बालिकाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं। मिशन शक्ति के इस प्रयास ने न केवल जागरूकता फैलाई, बल्कि बालिकाओं को यह विश्वास दिलाया कि वे अपने स्वास्थ्य और सम्मान के लिए स्वयं निर्णय ले सकती हैं। योगी सरकार का यह अभियान नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। व्यक्तिगत स्वच्छता पर केंद्रित यह संवाद बालिकाओं के सुनहरे भविष्य की नींव रख रहा है, जहां स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और स्वाभिमान उनके जीवन का आधार बनेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता पर जागरूकता बालिकाओं के संपूर्ण विकास का अभिन्न हिस्सा है। मासिक धर्म स्वच्छता पर खुलकर संवाद समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाएगा। मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार बालिकाओं को न केवल शिक्षित और आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सम्मान को प्राथमिकता दे रही है। बता दें कि प्रदेश में संचालित 131 बाल देखरेख संस्थानों, 8 महिला शरणालयों, एक संरक्षण गृह और मानसिक मंदित महिलाओं के लिए प्रकोष्ठ के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में फंसी बालिकाओं और महिलाओं को आश्रय, कौशल विकास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य हो रहा है। यहां रह रही महिलाएं औऱ बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया।   मिशन शक्ति 5.0 के पांचवें चरण में 22 सितंबर से 10 अक्टूबर तक 14.64 लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं।

सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी

गरीबों को दीपावली से पहले घर का सपना हुआ साकार सीएम योगी ने गोरखपुर में 160 परिवारों को सौंपी फ्लैट की चाबी मुख्यमंत्री 118 करोड़ की 50 विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास – सीएम योगी ने कहा- हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध, रखरखाव के लिए गठित हों आवासीय समितियाँ  – आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ, जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को मिली प्राथमिकता- मुख्यमंत्री – उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को मिल चुका है अपना आवास- सीएम योगी – प्रदेश में माफियाओं द्वारा कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को दिए जा रहे हैं आवास- मुख्यमंत्री  – उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे- सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले गोरखपुर में गरीबों को अनमोल उपहार सौंपा। पाम पैराडाइज, देवरिया बाईपास स्थित हाई-राइज बिल्डिंग में 160 परिवारों को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स की चाबियां भेंट कीं। इनमें 80 फ्लैट्स आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 80 निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए हैं। साथ ही, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 118 करोड़ रुपये की 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सीएम ने पौधारोपण भी किया।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर परिवार की एक तमन्ना होती है कि उसका अपना एक घर हो, सर ढकने को छत मिले। आज 160 परिवारों को यह दीपावली का शुभ उपहार मिल रहा है। कार्तिक मास के शुभ मुहूर्त में यह उपलब्धि और भी खास है। उन्होंने कहा कि एक परिवार में औसतन 5-6 सदस्य होने पर करीब 700-800 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। यह किसी भी व्यक्ति के लिए केवल आवास ही नहीं, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण घटना होती है। आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता दी गई। शेष 120 परिवारों का चयन लॉटरी से हुआ। 9,000 से अधिक आवेदनों में से ये सौभाग्यशाली हैं। विकास प्राधिकरण को चाहिए कि बाकी जरूरतमंदों के लिए आवास प्रक्रिया तेज करें। ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स 35 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी बाजार कीमत 13-15 लाख रुपये है, लेकिन सब्सिडी से मात्र 5.40 लाख रुपये में उपलब्ध। एलआईजी फ्लैट्स 41 वर्ग मीटर के हैं, बाजार मूल्य 19-20 लाख के मुकाबले 10.80 लाख रुपये में। उन्होंने कहा कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि ईमानदार होंगे तो गरीबों को अपना घर मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने की आवास के लोकेशन की तारीफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकेशन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस आवास के पास रामगढ़ ताल, जू और खोराबार का बेहतरीन स्थान है। यहीं पर कुछ दूरी पर सांसद रवि किशन का आवास भी है। हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं है। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को चाहिए कि हाईराइज बिल्डिंग के रखरखाव के लिए आवासीय समितियाँ गठित हों, जिससे लिफ्ट और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित मेंटेनेंस हो सके। उन्होंने पूर्व योजनाओं गोरख एंक्लेव, राप्ती नगर और पत्रकारपुरम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर तबके गरीब, स्ट्रीट वेंडर, श्रमिक, पत्रकार, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, और व्यापारियों के लिए के लिए भी समय-समय पर विशेष योजनाएँ लाई जाएँगी। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को मिल चुके हैं आवास  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर 4 करोड़ गरीबों को फ्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को आवास मिल चुके हैं। अच्छी नियत से अच्छे कार्य होते हैं। जनता अच्छी सरकार चुनती है, तो विकास गरीब तक पहुंचता है। सीएम योगी ने कहा कि खोराबार स्कीम जल्द आगे बढ़ेगी। माफियाओं द्वारा कब्जाए जमीन पर गरीबों के लिए बन रहे आवास सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज में माफियाओं से कब्जाई गई जमीन पर गरीबों के लिए 76 फ्लैट बनाए गए थे। इसी तरह लखनऊ में भी कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन शुक्ल, यूपी के गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, विपिन सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ल, यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि व गणमान्यय मौजूद रहे।