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त्योहारों में भीड़ से मिलेगी राहत, रांची स्टेशन पर 1920 वर्गमीटर में बनेगा पैसेंजर होल्डिंग एरिया

रांची  रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा (नार्थ साइड) में यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बड़े एवं आधुनिक पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण किया जा रहा है। 1920 वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस होल्डिंग एरिया में एक साथ करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी। तीन जोन में व्यवस्थित होगा होल्डिंग एरिया होल्डिंग एरिया को यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। इसमें प्री-टिकटिंग जोन, टिकटिंग जोन और पोस्ट-टिकटिंग जोन होंगे। इससे यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त सीटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। टिकट काउंटर के साथ एटीवीएम की सुविधा यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया में पर्याप्त संख्या में टिकट काउंटर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) भी लगाई जाएगी। इससे यात्री स्वयं टिकट ले सकेंगे और टिकट काउंटर पर लगने वाली कतार और प्रतीक्षा समय को कम करने में मदद मिलेगी। शौचालय और पेयजल की भी व्यवस्था होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए आधुनिक शौचालय और मूत्रालय की सुविधा होगी। इसके अलावा पेयजल के लिए वाटर बूथ भी बनाए जाएंगे। इससे ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाने से पहले ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। अलग प्रवेश और निकास द्वार, 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए होल्डिंग एरिया में अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था होगी। पूरा परिसर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। इससे यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर रखने में मदद मिलेगी। त्योहारों में स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद रांची स्टेशन पर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के दौरान प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में होल्डिंग एरिया यात्रियों को एक जगह व्यवस्थित रूप से ठहराने में मदद करेगा। पर्याप्त बैठने की व्यवस्था होने से यात्रियों को ट्रेन के इंतजार के दौरान सुविधा मिलेगी। वहीं, अलग प्रवेश-निकास और तीन अलग जोन होने से यात्रियों की आवाजाही को भी व्यवस्थित रखा जा सकेगा। रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा में पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसमें करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। टिकटिंग, बैठने, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। -श्रेया सिंह, सीनियर डीसीएम, रांची रेल मंडल इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 रेलवे कर्मचारियों ने दिखाया जौहर अब तक अलग-अलग विभागों में रेल परिचालन और यात्रियों की सेवा में जुटे रांची रेल मंडल के कर्मचारी शुक्रवार को खेल के मैदान में एक साथ नजर आए। मौका था पहली बार आयोजित किए जा रहे इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 का। दक्षिण पूर्व रेलवे खेल संघ (सेरसा), रांची की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को हटिया स्थित हाकी स्टेडियम में हुआ। मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा, रांची करुणा निधि सिंह और सर्वो, रांची की अध्यक्षा निधि सिंह ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उद्घाटन के अवसर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पुरुष एवं महिला कर्मचारियों के लिए 100 मीटर दौड़ तथा पुरुष कर्मचारियों के लिए 400 मीटर रिले दौड़ हुई। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा करुणा निधि सिंह ने खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। पहली बार आयोजित इस इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट के माध्यम से रांची रेल मंडल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। आयोजन से कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलने के साथ खेल गतिविधियों के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा। कार्यक्रम में सर्वो, रांची की उपाध्यक्षा अजीता रानी, अपर मंडल रेल प्रबंधक हेमराज मीना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजू तिर्की, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सह मंडल क्रीड़ा अधिकारी राजा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्रेया सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के चयनित अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना की

लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर नौकरी मिलने से उनका वर्षों का सपना पूरा हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बताते हुए योगी सरकार की सराहना की। मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को मिली सफलता लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी और मार्च 2026 में परिणाम आया। संजीव ने कहा कि पूरी नियुक्ति निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से हुई है। मेहनत करने वालों को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता ने बताया कि उनका चयन भी उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। यूपी पुलिस में यह उनका दूसरा चयन है। वर्ष 2020 में वह आरक्षी पद पर चयनित हुए थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में भर्तियां निष्पक्ष हो रही हैं। लिखित परीक्षा, टाइपिंग और मेडिकल की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता रही। केवल फॉर्म भरने में खर्च किया था पैसा वहीं, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर चयनित अंजू भारती ने कहा कि उनका चयन बिना किसी पक्षपात, लेनदेन और सिफारिश के हुआ है। उन्हें केवल फॉर्म भरने में पैसा खर्च किया था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में बिना सिफारिश नौकरी मिलना संभव हो रहा है। इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने कहा कि भर्ती में कहीं भी सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी। उन्हें केवल योग्यता के आधार पर नियुक्ति मिली है। दर्शना बाजपेयी ने बताया कि तीन साल की तैयारी के बाद मिली सफलता उनके और परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने की है खुशी पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद पर चयनित धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। 5 साल से तैयारी कर रहे थे, अब जाकर सफलता मिली है। आज बहुत खुशी का दिन है, मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र मिला है। सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) के पद पर उनका चयन हुआ है। पूरी भर्ती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराई गई है। 2021 से लगातार तैयारी कर रहे थे, आज नियुक्ति पत्र पाकर बहुत अच्छा लग रहा है।

अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

लखनऊ विधान परिषद सदस्य व उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सपा सरकार के कार्यकाल को सबसे घटिया बताया, कहा-इसमें खूब दलित उत्पीड़न हुए। इनके कार्यकाल में दो लाख दलित अधिकारी रिवर्ट कर दिए गए थे। इन्होंने नई राजस्व संहिता बनाकर दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता को समाप्त कर दिया और इनके सजातीय बंधुओं ने दलितों की जमीनों पर कब्जा कर लिया। डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि सपा शासन में डॉ. आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा गया। लखनऊ में इनके कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा की गर्दन उड़ा दी थी। गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन में इनके चहेते मंत्री आजम खान ने डॉ. आंबेडकर को भूमाफिया कहा और रामपुर तारामंडल से डॉ. आंबेडकर का नाम मिटा दिया। एमएलसी ने कहा कि सपा स्थापना काल से ही दलित विरोधी रही है, इसीलिए इन्होंने सार्वजनिक रूप से दलितों के प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया और लोकसभा में आरक्षण का बिल फाड़ डाला। अपनी सरकार में इन्होंने ठेकेदारी और आउटसोर्स में दलितों का आरक्षण समाप्त कर दिया। डॉ. निर्मल ने सपा और भाजपा सरकार की तुलना की। कहा कि अखिलेश यादव ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया तो योगी जी ने उन्हें इन्हें सम्मान दिलाया और दलितों का सशक्तिकरण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव द्वारा समाप्त किए गए  संत रविदास नगर भदोही की बहाली की। कन्नौज मेडिकल कालेज का नाम पुनः डॉ. आंबेडकर के नाम से बहाल किया। उनकी प्रतिमाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए 403 करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया।  योगी जी ने दलितों की मांग पर ऐशबाग में डॉ. आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना भी की ।

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के वीडियो पर BJP हमलावर, मां पर टिप्पणी को लेकर जताई आपत्ति

इंदौर/नई दिल्ली. शनिवार को इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करने को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जुबानी जंग हुई. छात्रों पर केंद्रित इस कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि मंच पर आए और मोदी के हाव-भाव और विदेशी नेताओं से बात करने के उनके अंदाज की नकल की. इस प्रस्तुति में मोदी की विदेश नीति, उनकी मां और बच्चों के साथ प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक का ज़िक्र किया गया. मणि ने मोदी के विदेशी नेताओं के साथ बातचीत की नकल करते हुए बार-बार “my friend” का इस्तेमाल किया. उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा, “My friend, how are you?” लोकसभा में विपक्ष के नेता ने जवाब दिया, “I am fine, how are you Modi ji?” मणि ने जवाब दिया, “Great harassment” और मोदी के हाव-भाव को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए “my friend” का इस्तेमाल जारी रखा. इस प्रस्तुति में गलगोटियास यूनिवर्सिटी और इंडिया ग्लोबल AI समिट में यूनिवर्सिटी द्वारा दिखाई गई चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट को लेकर हुए विवाद का भी ज़िक्र किया गया. इसके बाद गांधी ने कहा, “Very nice to meet you,” और मणि से कहा कि “tell me more”. इसके बाद कॉमेडियन ने प्रधानमंत्री की मां का ज़िक्र करते हुए हंसते हुए और मोदी की नकल करते हुए कहा, “मां को कुर्सी दो, मां.” इसके बाद उन्होंने कहा, “Setting, my friend.” मणि ने बच्चों के साथ बातचीत के दौरान मोदी द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक की भी नकल की. उन्होंने सिक्का अपने माथे पर रखा, जिस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां और आवाज़ें लगाईं. कांग्रेस ने इस बातचीत के वीडियो क्लिप एक्स पर बड़े पैमाने पर शेयर किए. इसके आधिकारिक हैंडल ने एक वीडियो को “Narendra Modi ki Foreign Policy” कैप्शन के साथ पोस्ट किया, जबकि दूसरे पर लिखा था, “My friend!! Great Harassment!!” कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी वीडियो शेयर किया और लिखा: “इंदौर में हंसने वाला स्मार्ट व्यक्ति आया, माथे पर सिक्का चिपकाया और ‘great harassment’ का शानदार शो किया.” इसके बाद BJP ने गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा, खासकर मोदी की दिवंगत मां के जिक्र को लेकर. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा: “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दिवंगत मां के बारे में आपत्तिजनक शब्द बोले जाना और राहुल गांधी का उस पर हंसना बेहद शर्मनाक और दुखद है.” उन्होंने कहा, “मां राजनीति का विषय नहीं है. किसी मां का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता.” धामी ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी की दिवंगत मां के बारे में की गई अभद्र टिप्पणियों पर हंसना आपकी अपनी राजनीतिक संस्कृति को उजागर करता है. राहुल गांधी जी, राजनीतिक विरोध में शालीनता की सभी सीमाएं पार करना न तो लोकतंत्र है, न सेवा है और न संस्कृति. देश की मातृशक्ति सब कुछ देख रही है. ऐसी संवेदनहीनता और मजाक किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका “गैर-जिम्मेदार रवैया बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अनुचित है”. यादव ने कहा, “हमारे देश की संस्कृति और माताओं के सम्मान का अपमान करके उन्होंने युवाओं के भविष्य को गलत दिशा में ले जाने को बढ़ावा दिया है.” CM ने कहा कि प्रधानमंत्री की मां का “अपमान” देश की सभी माताओं का “अपमान” है और उन्होंने गांधी से माफी मांगने की मांग की. यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की सार्वजनिक छवि का इस्तेमाल व्यंग्य के लिए किया है. अगस्त में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में गांधी ने मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए पार्टी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया था. दीक्षित ने मज़ाक करते हुए कहा था, “आप मुझे गले लगाते समय यह तो नहीं सोच रहे थे कि मैं मेलोनी हूं?” गांधी ने जवाब दिया था, “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं.” BJP ने इस बातचीत की आलोचना की थी. दोनों पार्टियों के बीच सोशल मीडिया पर भी व्यापक लड़ाई चल रही है, जिसमें AI से बनाई गई तस्वीरों को लेकर विवाद भी शामिल है. इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस की केरल इकाई ने BJP नेताओं को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई तस्वीरें शेयर की थीं. इनमें एक तस्वीर में अमित शाह जैसे दिखने वाले व्यक्ति को Maruti Omni में बैठे हुए दिखाया गया था और दूसरी में मोदी को रेलवे स्टेशन पर दिखाया गया था. इसके बाद गुजरात, केरल और तेलंगाना की BJP इकाइयों ने सोनिया गांधी को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई कई तस्वीरें शेयर कीं. तेलंगाना BJP की एक पोस्ट में एक महिला को बार में दिखाया गया था और कैप्शन था, “Lusiana, Italy. Circa-1970s”, जिसमें सोनिया गांधी के जन्मस्थान का जिक्र किया गया था. इसके बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह कुछ पोस्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.

SGPC के सदस्य व अतिरिक्त हेड ग्रंथी पर बड़ी कार्रवाई, खालसा पंथ से निष्कासन; सेवा पर आजीवन रोक

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब ने गंभीर आरोपों और सिख मर्यादा से जुड़े मामलों में रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य अमरजीत सिंह और अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकित सिंह के खिलाफ फैसला सुनाया। पांच सिंह साहिबान की बैठक में दोनों को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। साथ ही, किसी भी सिख संस्था में जीवनभर सेवा करने पर रोक लगा दी गई है। यह मामला एक महिला की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा बताया गया है। अकाल तख्त साहिब ने दोनों मामलों पर विचार करने के बाद प्रस्ताव पारित किए।श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में रविवार को कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह की अगुवाई में पांच सिंह साहिबान की बैठक हुई। इसमें सिख मर्यादा और गुरुद्वारा प्रबंध से संबंधित विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद चार प्रस्ताव पारित किए गए। अमरजीत सिंह के मामले में फैसला पहले प्रस्ताव में अमरजीत सिंह के मामले पर निर्णय सुनाया गया। बैठक में कहा गया कि उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों से सिख संगत की भावनाएं आहत हुई हैं और सिख संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचा है। अकाल तख्त साहिब ने उन्हें खालसा पंथ से निष्कासित करते हुए कहा कि जब तक वह खुद को निर्दोष साबित कर अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश नहीं होते, तब तक संगत उनसे किसी प्रकार का संबंध न रखे। इसके अलावा, सिख संस्थाओं में काम करने पर भी आजीवन रोक लगाई है। मलकित सिंह पर भी कार्रवाई दूसरे प्रस्ताव में मलकित सिंह के मामले पर फैसला लिया गया। बैठक में कहा गया कि जिम्मेदार पदों पर रहने वाले व्यक्तियों का आचरण गुरु की शिक्षाओं और सिख मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए। उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों और मामले से सिख पंथ की बदनामी होने का हवाला देते हुए उन्हें भी खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। उन पर सिख संस्थाओं में जीवनभर सेवा करने की रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही मलकित को निलंबित कर चुकी है। दिल्ली की गुरुद्वारा कमेटी को चेतावनी तीसरे प्रस्ताव में नई दिल्ली के सुभाष नगर स्थित श्री गुरु सिंह सभा की प्रबंधक कमेटी को अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। कमेटी के प्रधान भूपिंदर सिंह और सदस्यों को चेतावनी दी गई कि आदेशों की अवहेलना जारी रहने पर पंथक मर्यादा के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुंबई गुरुद्वारा प्रबंध विवाद पर हिदायत चौथे प्रस्ताव में मुंबई के मीरा रोड ईस्ट स्थित श्री गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध से जुड़े विवाद पर विचार किया गया। अकाल तख्त साहिब ने कमेटी के प्रधान दलवीर सिंह और जनरल सचिव दविंदर सिंह को आदेशों का पालन करने की हिदायत दी। आदेशों का पालन नहीं होने पर अगली पंथक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

UP पुलिस में 912 युवाओं को मिली नौकरी, लोकभवन में CM योगी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

लखनऊ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज 912 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटें। रविवार को कार्यक्रम राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित किया गया। सीएम योगी ने पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इन अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस में नौकरी मिली है। इस कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत अन्य मौजूद रहे। चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। नियुक्ति पत्र पाने वाले चयनित युवा यूपी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे। इस दौरान सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी। हर जगह भाई-भतीजावाद हावी था। भर्ती में बिना शामिल हुए भी नौकरी मिल जाती थी। 2017 के बाद हमारी सरकार ने इसमें बदलाव किया। ग्रुप सी और डी पर हमने साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी। पहले साक्षात्कार में खेल कर दिया जाता था। हमने इस चरण को ही खत्म कर दिया। सारे पद पहले जैसे ही हैं, सिर्फ काम करने का तरीका बदला है। पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे। महीनो-महीनो कर्फ्यू रहता था। मुजफ्फरनगर में तो छह महीने दंगे होते रहे। कोसीकलां से शुरू होता था दंगा। माफिया का काफिला आने पर ज्यूडिशरी के अधिकारियों का भी काफिला रोक दिया जाता था। पहले माफिया निकलता था। आज भला कोई असलहा लहरा सकता है, आज कोई त्योहारों के पहले दंगा कर सकता है। सीएम योगी ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि 66 करोड़ श्रद्धालु आए। लोग उनसे बोलते थे कुछ तो गलत बोलिए, वो लोग कहते थे खाक कुछ बोले, इतनी अच्छी व्यवस्था है। 2017 से पहले जिनके पास क्षमता थी, वो यूपी से बाहर बेटियों को रखते थे। जिनके पास क्षमता नहीं होती थी, वो घर में ही रखते थे। आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता। उसको अंजाम पता है। यदि वह ऐसी हरकत करता है तो वह अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन कर रहा है। आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है। लोग कहते हैं कि अब दंगा नहीं होता है। सीएम ने सपा पर तंज कसा कि आज हम दंगों की मॉक ड्रिल कराते हैं, ताकि लोग भूल न जाएं। सीएम योगी ने अंत में ये भी कहा कि यूपी सरकार अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां देगी। सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उन राज्यों में शामिल है जो कह सकता है कि वह रेवेन्यू सरप्लस है। हमने 9.5 साल में 9.5 लाख युवाओं को नौकरी दी है। आज यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है।

राजस्थान में बढ़ रहा मधुमक्खी पालन, भरतपुर-टोंक में बनेंगे एक्सीलेंस सेंटर; निर्यात को मिलेगी रफ्तार

जयपुर राजस्थान में शहद अब सिर्फ मिठास नहीं, रोजगार और निर्यात का जरिया भी बन रहा है। देश-दुनिया में बढ़ती मांग के बीच राजस्थान में मधुमक्खी पालन तेजी से विस्तार ले रहा है। इसी संभावना को देखते हुए सरकार भरतपुर और टोंक में 17.5 करोड़ रुपए की लागत से मधुमक्खी एक्सीलेंस सेंटर तैयार कर रही है। यहां युवाओं को प्रशिक्षण, कॉलोनी व बॉक्स निर्माण, शहद की एक्सपोर्ट क्वालिटी तैयार करने और गुणवत्ता जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। राजस्थान में 2.52 लाख से ज्यादा मधुमक्खी कॉलोनियां पंजीकृत हैं। देशभर में 16 हजार 788 पालक और संस्थाएं पंजीकृत हैं, जबकि कॉलोनियों की संख्या 24,92,101 है। ऐसे में मधुमक्खी पालन का दायरा अब छत्ते और शहद के उत्पादन से आगे बढ़ रहा है। युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण भी दोनों एक्सीलेंस सेंटर में पालन से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ कॉलोनी और बॉक्स तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक युवाओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा भी होगी। तैयार शहद की प्रोसेसिंग और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था भी यहीं होगी, ताकि उत्पाद घरेलू के साथ विदेशी बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। अक्टूबर-नवंबर में कॉलोनी तैयार करने के अनुकूल मौसम को देखते हुए उद्यान विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग 5 हजार कॉलोनी बॉक्स के साथ किट भी वितरित करेगा। बढ़ता बाजार, राजस्थान के लिए अवसर देश में शहद उत्पादन 2014-15 के 80,530 मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 1,51,690 मीट्रिक टन हो गया। इसी अवधि में निर्यात 29,600 मीट्रिक टन से बढ़कर 1,14,570.19 मीट्रिक टन पहुंच गया। भारत प्राकृतिक शहद के निर्यात में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। राजस्थान में शुरुआत भरतपुर, कोटा और श्रीगंगानगर तक सीमित थी, लेकिन अब 25 जिलों में मधुमक्खी पालन हो रहा है। सरसों में फूल आने के समय मधुमक्खियां छोड़ने से उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ता है। एक नजर में राजस्थान पंजीकृत मधुमक्खी पालक/संस्थाएं – 1197 पंजीकृत मधुमक्खी कॉलोनियां – 2,52,179 देश में हिस्सेदारी – करीब 10 फीसदी स्वीकृत परियोजनाएं – 584 राज्य के टॉप जिले जिला – कॉलोनियों की संख्या भरतपुर – 1,22,600 अलवर – 35,740 हनुमानगढ़ – 25,547 गंगानगर – 11,577 जहां फूल, वहीं मधुमक्खियों का डेरा मधुमक्खियां मौसम के साथ ठिकाना बदलती हैं। राजस्थान में पालक सालभर फूलों की उपलब्धता के अनुसार कॉलोनियां एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। नवंबर से जनवरी तक सरसों के खेत इनका प्रमुख ठिकाना रहते हैं। फरवरी-मार्च में धनिया और जंगली बबूल के फूलों के बीच पहुंचती हैं। अप्रेल-मई में रंजका और बरसीम के खेतों में इनका डेरा रहता है। 15 मई से जून तक फर्रुखाबाद और कन्रोज क्षेत्रों में मक्का-बाजरा के फूलों के बीच कॉलोनियां पहुंचती हैं। जुलाई से सितंबर तक भरतपुर-करौली के आसपास तिल और बाजरा के फूलों पर मधुमक्खियां मंडराती हैं। अक्टूबर में इनका कारवां ग्वालियर-शिवपुरी क्षेत्र में अजवाइन के खेतों तक पहुंच जाता है। कुछ पालक उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक कॉलोनियां लेकर जाते हैं। अभी भी राज्य की मधुमक्खियां भ्रमण पर हैं।

31 अक्टूबर से चंडीगढ़ में रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप, खिलाड़ियों को मिलेगा नेशनल तक पहुंचने का मौका

चंडीगढ़. शहर में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 48वीं चंडीगढ़ स्टेट रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएसएफआई) के तत्वावधान में होने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच भी होगी। चैंपियनशिप को 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2026-27 के लिए क्वालीफाइंग प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जा रहा है। स्टेट चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन का अवसर मिलेगा। 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन 5 से 15 दिसंबर तक कर्नाटक में किया जाएगा। ऐसे में चंडीगढ़ स्टेट चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। प्रतियोगिता में खिलाड़ी अपनी गति, तकनीक और खेल कौशल का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर की टीम में जगह बनाने का प्रयास करेंगे। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के अनुसार, राज्य चैंपियनशिप का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने के साथ प्रतिभावान स्केटर्स की पहचान करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

सीधी में धर्म परिवर्तन का मामला, 3 लोगों पर FIR; प्रचार सामग्री बरामद

सीधी. धर्म परिवर्तन को लेकर मिली शिकायत के बाद बहरी थाना पुलिस ने जांच तेज करते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस टीम शिकायत की तस्दीक के लिए मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राजेन्द्र बहादुर सिंह, राजपति सिंह और गिब्सन थोमस के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 एवं 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया। बतादें कि मामला आज 19 सितंबर का है। फरियादी ने बहरी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीनों लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था। शिकायत मिलते ही बहरी थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की और जांच के दौरान पुलिस ने मौके से प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल की जा रही सामग्री जब्त की। पुलिस ने जब्त सामग्री और मौके से मिले तथ्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं और मामले में अन्य कोई व्यक्ति या गतिविधि सामने आती है या नहीं। हरी थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

दुर्ग में अवैध कीटनाशक का कारोबार पकड़ा, बनाने और बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. जिले में फिर अवैध कीटनाशक निर्माण का मामला पकड़ में आया आया है। कृषि विभाग की टीम ने दुर्ग के गंजपारा में अवैध कीटनाशक निर्माण के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। महीने भर पहले ग्राम अमलेश्वर में भी करोड़ों के कीटनाशक का अवैध भंडारण पकड़ा गया था इसमें अवैध निर्माण की आशंका को लेकर विभाग ने मामले में नोटिस भी जारी किया था। उपसंचालक कृषि संदीप कोई के अनुसार कृषि विभाग की टीम ने जांच के दौरान बिना स्रोत लाइसेंस के एक कृषि केन्द्र में कीटनाशकों का विक्रय करना पाया था। इस पर उक्त कीटनाशक कहां से क्रय किया इसका पता लगाने विभाग की टीम लगाई तो पता चला निर्माणकर्ता इसकी रायपुर से विक्रय कर बिल में डोंगरगढ़ से मार्केटिंग करने का उल्लेख था। बाद में विभाग ने तह तक जाकर जांच की तो पता चला उक्त कीटनाशक का अवैध रूप से निर्माण गंजपारा दुर्ग में किया जा रहा है। कृषि विभाग की टीम द्वारा मामले में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यहां यह बताना लाजिमी है पूर्व में भी विभाग की काईवाई रायपुर नाका क्षेत्र अवैध कीटनाशक निर्माण को लेकर कार्रवाई हुई थी। वहीं 8 एवं 9 अगस्त को पाटन विकासखंड के ग्राम अमलेश्वर में कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के कीटनाशकों एवं जैव उत्प्रेरकों के अवैध भंडारण और विक्रय का मामला पकड़ा था। दो दिनों तक चली कार्रवाई में दो कंपनियों के अलग- अलग गोदामों से 50 से अधिक प्रकार के करीब 9 हजार 50 लीटर कीटनाशक तथा 4 हजार 56 किलो जैव उत्प्रेरक एवं संबंधित सामग्री जब्त की गई थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवसान तिथि के बाद की सामग्री, खाली कंटेनर, इस्तेमाल किए गए बोरे और 34 बोरी खाली रैपर भी बरामद हुए थे। उपसंचालक कृषि का कहना कि विभाग की टीम लगातार जांच की कार्रवाई कर रही है।