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नीट री-एग्जाम के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, परीक्षार्थियों को मिलेगा फ्री बस सफर का लाभ

चंडीगढ़ नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट) की दोबारा होने वाली परीक्षा में देने वाले अभ्यर्थी और एक अटेंडेंट पंजाब रोडवेज की बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे। 20 जून से 22 जून तक पंजाब रोडवेज की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह घोषणा बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में की गई। पंजाब कैबिनेट के फैसले के अनुसार 21 जून को आयोजित होने वाले नीट री-एग्जाम में शामिल होने वाले सभी छात्र पंजाब रोडवेज की बसों में फ्री यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा परीक्षा से पहले और बाद की यात्रा को ध्यान में रखते हुए तीन दिनों तक उपलब्ध रहेगी। एक अभिभावक को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इससे खासकर दूर-दराज के इलाकों से परीक्षा देने आने वाले छात्रों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजित किए जाने के बाद कई छात्रों ने यात्रा खर्च और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आने वाली दिक्कतों को लेकर चिंता जताई थी। छात्रों की इन्हीं समस्याओं और सुझावों को देखते हुए पंजाब सरकार ने यह विशेष व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। मुफ्त सफर सुविधा का वित्तीय बोझ ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा उठाया जाएगा और वित्त विभाग द्वारा इसकी भरपाई की जाएगी। लेक्चरार कैडर के 1,013 पद भरे जाएंगे, आयु सीमा में पांच साल की छूट पंजाब मंत्रिमंडल ने एजुकेशन रिक्रूटमेंट डायरेक्टोरेट के माध्यम से लेक्चरार कैडर (ग्रुप-बी) के बैकलॉग और नए सृजित पदों सहित 1,013 मंजूरशुदा रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरार कैडर के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल की एकमुश्त छूट भी दी है। इस कदम का उद्देश्य नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। लोक निर्माण विभाग में भरे जाएंगे जेई के 156 पद एक और अहम फैसला लेते हुए मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में 156 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। इसमें जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 127 पद और जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के 29 पद शामिल हैं। इस भर्ती से विभाग का कामकाज और सुचारू बनेगा और प्रभावी योजना, निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। ये सभी पद पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (पी.एस.एस.एस.बी.) द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। पटियाला, जालंधर में गीले कचरे पर आधारित सी.बी.जी. प्रोजेक्ट को मंजूरी कचरे के स्थायी प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने नगर निगम पटियाला और नगर निगम जालंधर में 100 टी.पी.डी. की क्षमता वाले गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है और ये प्रोजेक्ट नामांकन के आधार पर एच.पी.सी.एल. रीन्यूएबल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एच.पी.आर.जी.ई.) को सौंपे जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत गीले कचरे की वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेसिंग की जाएगी। वहीं, पंजाब के औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 और पंजाब उद्योग क्रांति पहल के तहत विभिन्न सेक्टोरल नीतियों में संशोधनों को भी मंजूरी दी गई है।

एनडीए से निकलकर आसमान की उड़ान, दादरी की दो बेटियां उड़ाएंगी लड़ाकू विमान

चरखी दादरी हरियाणा के चरखी दादरी जिले के छपार गांव निवासी इशिता सांगवान व भागवी निवासी मीनाक्षी ने देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने साढ़े तीन साल की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और हैदराबाद में आज दोनों कमीशन प्राप्त करेंगी। उनकी पहली पोस्टिंग तेलंगाना के बीदर सेंटर में हुई है और अब वो देश के लिए लड़ाकू विमान उड़ाएंगी। खास बात यह है कि एनडीए के जरिए पहली बार देश की दो बेटियां फाइटर पायलट बनी हैं। इशिता सांगवान के पिता चरण सिंह सांगवान ने बताया कि वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया था कि बेटियां भी एनडीए के जरिए सेना में जा सकती हैं। इससे पहले इशिता का सपना सिविल सर्विसेज में जाना था, लेकिन कोर्ट के इस निर्णय के बाद बेटी ने फैसला बदल दिया। उस दौरान इशिता 12वीं की परीक्षा की तैयारियों में जुटी थीं कोर्ट के इस निर्णय के एक माह बाद ही एनडीए की लिखित परीक्षा थी और इशिता ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। 6 अगस्त 2022 को ज्वाइनिंग लेटर घर पहुंचा और 9 अगस्त को इशिता ने पुणे जाकर ज्वाइन कर लिया। पिता रविंद्र भी है सेना में है मीनाक्षी के पिता रविंद्र का भी सेना से जुड़ाव रहा है और उनकी बेटी भी एयरफोर्स में जाकर देश सेवा करेगी। मीनाक्षी की इस उपलब्धि पर गांव भागवी में खुशी का माहौल है। सरपंच प्रमिला कुमारी ने बताया कि रविवार को होनहार बेटी के सम्मान में ग्राम पंचायत की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसकी तैयारियां चल रही हैं। बेटी इस उपलब्धि पर पूरे गांव को नाज है। उन्होंने बताया कि मीनाक्षी एनडीए के जरिए सेना में जाने वालीं 19 बेटियों के बैच में शामिल थीं। पुणे के खड़गवासला में उन्होंने तीन साल की ट्रेनिंग पूरी की। ट्रेनिंग पूरी होने पर मीनाक्षी को एयरफोर्स विंग मिली। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में छह माह की फाइटर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग ली, जो हाल ही में पूरी हुई है। यह ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वो हैदराबाद में 13 जून को कमीशन प्राप्त करेंगी। इसके लिए स्वजन हैदाराबाद पहुंच चुके हैं वहीं इशिका के पिता चरण सिंह सांगवान, मां अनीता देवी समेत बहन व भाई भी मौजूद रहेंगे। बेटी की कामयाबी ने सिर फख्र से ऊंचा किया इशिता के पिता चरण सिंह व मां अनीता देवी और मीनाक्षी के पिता रविंद्र का कहना है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। उन्हें आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। दोनों बेटियों ने देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनकर उनका सिर से फक्र से ऊंचा कर दिया है। जून 2025 में इशिता पहुंची थीं पैतृक गांव इशिता सांगवान पुणे में तीन साल की ट्रेनिंग पूरी कर जून 2025 में पैतृक गांव छपार पहुंची थीं। उस दौरान वो सीधे गांव के बाबा जमुना दास मंदिर पहुंची थीं और वहां मत्था टेक कर महंत से आशीर्वाद लिया था। इशिता की उम्र फिलहाल करीब साढ़े 22 साल वर्ष है। माता-पिता का कहना है छुट्टी पर आते ही इशिता दोबारा गांव जाकर स्वजनों व ग्रामीणों से मिलेगी। इशिता व मीनाक्षी बोलीं: असंभव कुछ भी नहीं इशिता सांगवान व मीनाक्षी ने अन्य बेटियों को भी एक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बेटियां बड़ा लक्ष्य निर्धारित करें और फिर पूरी शिद्दत से उसे पाने के लिए मेहनत करने में जुट जाएं। फिर देखेंगी कि कुछ भी असंभव नहीं है। लक्ष्य प्राप्ति के बाद खुशी मिलती है और ताउम्र उसका फक्र रहता है।  

स्कूलों की प्रार्थना सभा में नया नियम, राष्ट्रगान के साथ राज्यगीत और वैदिक मंत्रों का होगा पाठ

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने 2026-27 सत्र से स्कूलों में राष्ट्रगान, राज्यगीत, वैदिक मंत्र, सरस्वती वंदना और भोजन मंत्र को शामिल करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों और अनुशासन को बढ़ावा देना है। शिक्षा सत्र 2026-27 से लागू होगी नई व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में शिक्षा सत्र 2026-27 से नई सांस्कृतिक एवं मूल्य आधारित व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों की दैनिक गतिविधियों में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़े कार्यक्रमों को नियमित रूप से शामिल किया जाएगा। प्रार्थना सभा में जुड़ेगा सांस्कृतिक और प्रेरणात्मक आयाम नई व्यवस्था के अनुसार सुबह की प्रार्थना सभा केवल राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और देश के महापुरुषों की जीवनी का वाचन भी कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ही भारतीय परंपराओं, आदर्श व्यक्तित्वों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाना आवश्यक है। इससे छात्रों में नैतिक शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। भोजन के समय होगा सामूहिक भोजन मंत्र विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के दौरान भी नई पहल लागू की जाएगी। छात्रों को भोजन ग्रहण करने से पहले सामूहिक रूप से भोजन मंत्र का पाठ कराया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में भोजन के प्रति सम्मान, अनुशासन और सामूहिकता की भावना विकसित होगी। यह व्यवस्था सभी स्कूलों में समान रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन सत्रों में बंटा शेड्यूल विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में अब प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय पर निर्धारित क्रम में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रातःकालीन सत्र स्कूल प्रारंभ होने पर सुबह की प्रार्थना सभा में एक तय क्रम के अनुसार ये प्रस्तुतियां अनिवार्य होंगी। विद्यालय प्रारंभ होने पर प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में क्रमशः राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र तथा महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन के समय विद्यार्थियों द्वारा भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। वहीं विद्यालय की छुट्टी के समय संध्या सत्र में राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा।  जानें क्या है उद्देश्य? स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों के नियमित और प्रभावी संचालन से छात्रों में न केवल राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना मजबूत होगी, बल्कि उनके भीतर नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का भी सही विकास होगा। यह पहल विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने में मील का पत्थर साबित होगी। लापरवाही पर होगी कार्रवाई शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन स्कूलों का औचक निरीक्षण करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि इन नियमों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं। निर्धारित क्रम में अवहेलना पाए जा छुट्टी के समय राज्यगीत और शांति मंत्र विद्यालयों में दिन की समाप्ति भी अब एक निर्धारित सांस्कृतिक क्रम के तहत होगी। छुट्टी के समय विद्यार्थियों द्वारा राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का सामूहिक गान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और राज्य की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना बताया जा रहा है। इस पहल को शिक्षा और संस्कारों के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संस्कृति और शिक्षा के समन्वय पर जोर रायपुर में इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके अनुसार विद्यालयों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत और वैदिक मंत्रों को शामिल करने से बच्चों के व्यक्तित्व विकास और संस्कार निर्माण में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने पूर्ववर्ती सरकारों पर सांस्कृतिक मूल्यों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज विश्व के कई देशों में भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है, ऐसे समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में इन मूल्यों को स्थान देना एक स्वागतयोग्य पहल है। उन्होंने इस निर्णय के लिए नरेंद्र मोदी,विष्णु देव साय और गजेन्द्र यादव के प्रति आभार भी व्यक्त किया। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर फोकस शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान का केंद्र नहीं होते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक मूल्यों के विकास का भी प्रमुख माध्यम होते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ सांस्कृतिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है। आने वाले शिक्षा सत्र से यह व्यवस्था राज्यभर के स्कूलों में लागू होने के बाद शिक्षा और संस्कार के संतुलित मॉडल की नई तस्वीर प्रस्तुत कर सकती है। स्कूल समाप्ति पर राज्यगीत और शांति मंत्र का गायन छुट्टी के समय स्कूलों में राज्य गीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का गायन अनिवार्य किया गया है, जिससे दिन का समापन सकारात्मक वातावरण में हो सके। कड़ाई से लागू होंगे नियम, लापरवाही पर कार्रवाई तय शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों से छात्रों में राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना मजबूत होगी। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी नियमों का पालन हो।यदि किसी स्कूल में इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य पर कार्रवाई की जा सकती है। 16 जून से खुलेंगे स्कूल, तैयारियों के सख्त निर्देश Chhattisgarh में सभी स्कूल 16 जून 2026 से खुलेंगे। इसके साथ ही शाला प्रवेश उत्सव 2026 के आयोजन के लिए भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, टाइम टेबल की तैयारी और स्कूलों की साफ सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे, CM विष्णु देव साय ने किया सम्मानित

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सम्मानित महक की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजनांदगांव जिले की प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर सुमहक नरवासे ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे के लिए टी-20 एवं वनडे दोनों टीमों का उपकप्तान नियुक्त किए जाने पर सुमहक नरवासे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर महक का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महक नरवासे की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार या राजनांदगांव जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रही हैं। महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महक आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी। उन्होंने महक को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "खूब खेलो, आगे बढ़ो और नई ऊंचाइयों को छुओ। आपकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगी।" मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महक नरवासे का भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान के रूप में चयन प्रदेश में विकसित हो रहे खेल वातावरण और खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों का उत्कृष्ट उदाहरण है। सुमहक नरवासे ने सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पिता राधेश्याम नरवासे, महापौर मधुसूदन यादव, कोच मनोज तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आजमगढ़ में सीएम योगी का हमला, विकास परियोजनाओं के साथ सियासी बयानबाज़ी तेज

लखनऊ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर प्रदेश में माहौल गर्म है। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार किया। सपा प्रमुख की बेटी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर सपा ही नहीं भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के नेता-कार्यकर्ता भी मुखर विरोध जता रहे हैं। वहीं शनिवार को अखिलेश यादव के निर्वाचन क्षेत्र आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पहली बार सार्वजनिक रूप से इसे लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही सीएम ने सपा प्रमुख को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि सपा प्रमुख भी अपने लोगों को संस्कारित करें। उन्हें सोचना चाहिए कि उनके लोग दूसरों की बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत लोगों और वरिष्ठ नेताओं के प्रति किस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं। सीएम योगी ने कहा, ‘बेटी, बेटी होती है। बेटी का सम्मान होना चाहिए। मैं पिछले दिनों देख रहा था समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं जैसे मेरे संज्ञान में आया मैं तत्काल पुलिस के एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। बेटी, बेटी होती है और हम तो उस संस्कार में पले-बढ़े हैं जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी है और गांव की बहन सबकी बहन है। हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया। लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा को संयमित कर लें। दूसरों के प्रति टिप्पणी करने से पहले स्वयं भी सोचा करो कि उनके लोग किस प्रकार की भाषा का प्रयोग बहन और बेटियों के प्रति, बुजुर्गों के प्रति, दिवंगत हुए लोगों के प्रति और वरिष्ठ नेताओं के प्रति करते हैं। इसके बारे में उनको भी अपने लोगों को संस्कारित करने की आवश्यकता है। अच्छा होगा उनको समझाओ और नहीं समझ सकते तो हमारे हवाले कर दो हम उनको अच्छी तरह समझा देंगे सीएम योगी ने आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपए से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले के आजमगढ़ को याद कीजिए जो अपनी पहचान के लिए मोहताज था। तब यहां न विश्वविद्यालय था, न पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे था, न एयरपोर्ट ठीक ढंग से काम कर पा रहा था, न हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय था, तब आजमगढ़ की साड़ी को भी कोई मंच नहीं मिल पा रहा था और मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी के लिए भी कोई स्थान नहीं था। आज ब्लैक पॉटरी से जुड़ा कारिगर मुझसे मिला और बहुत खुश होकर उसने मुझसे कहा कि जब से उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आई है, हमारा कारोबार कई गुना बढ़ा है। इस बार निरहुआ को जिताइए सीएम योगी ने कहा कि आजमगढ़ में 10 विधानसभा सीटें हैं। भाजपा ने एक भी नहीं जीतीं। इसके बावजूद हमारी सरकार ने आजमगढ़ के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले चुनाव में निरहुआ की जीत जरूर होगी। उन्होंने आजमगढ़ से सांसद रहे निरहुआ की चुटकी लेते हुए कहा कि मैं तो कहता हूं कि अपनी कुछ फिल्मों की शूटिंग यहां भी किया करो। आजमगढ़ के नौजवानों को भी अपनी कला के प्रदर्शन का मौका दो।

रायपुर में नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप, शादी का वादा कर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज; अधिकारी मेडिकल लीव पर

रायपुर राजधानी रायपुर के गंज थाना में सूरजपुर जिले में पदस्थ एक नायब तहसीलदार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। रायपुर निवासी एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद से आरोपित अधिकारी के फरार होने की चर्चा है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सोशल मीडिया के जरिए हुई थी पहचान पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती और आरोपित अधिकारी की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि दिवाकर भास्कर ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे के आधार पर उसने युवती को रायपुर के एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद जब उसने शादी की बात दोबारा उठाई, तब आरोपित लगातार टालमटोल करने लगा। इसके बाद युवती को संदेह हुआ कि उससे धोखे से संबंध बनाए गए हैं। मामले को गंभीर मानते हुए उसने गंज थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार जानकारी के मुताबिक दिवाकर भास्कर वर्तमान में सूरजपुर जिले के लटौरी क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 6 जून से मेडिकल लीव ले रखी है और तब से कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुए हैं। पुलिस टीम आरोपित की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। उसके निवास सहित अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी जांच की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस को आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता नहीं मिली थी। संरक्षण मिलने के आरोपों पर पुलिस का जवाब मामले के सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों और शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपित अधिकारी को संरक्षण दिया जा सकता है। इस संबंध में गृह मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की गई है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की होगी जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना के दौरान होटल में ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और आरोपित से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

ग्रामीण शिक्षा को बढ़ावा: नावली स्कूल अब 12वीं तक अपग्रेड, बेटियों को मिलेगी राहत

नूंह  विद्यालय शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा जिला नूंह के राजकीय मिडिल स्कूल नावली खंड फिरोजपुर झिरका (कोड-6097) को उन्नत कर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है। इस उन्नयन के साथ विद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए 21 नए पदों की स्वीकृति भी दी गई है। स्वीकृत पदों में एक प्रधानाचार्य, 14 पीजीटी (अंग्रेजी, हिंदी, गणित, इतिहास, राजनीति विज्ञान, उर्दू, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, भूगोल एवं गृह विज्ञान), एक लिपिक, तीन लैब अटेंडेंट तथा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 10 माह की अवधि के लिए इन पदों के वेतन एवं भत्तों के लिए लगभग एक करोड़ 49 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस स्वीकृति से विद्यालय में वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए आवश्यक आधारभूत मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। विद्यालय के वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर उन्नयन से नावली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूरस्थ विद्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई मजबूती प्राप्त होगी। विज्ञान पढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा स्थानीय ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। वहीं इसी वर्ष से इस विद्यालय में विद्यार्थियों को दाखिला लेने का अवसर मिलेगा,अब छात्राओं को पढ़ने के लिए दूसरे गांव में नहीं जाना पड़ेगा। विद्यार्थियों को गांव में ही आर्ट्स,कामर्स और विज्ञान पढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। छात्राओं का ड्राॅप आउट बढ़ा बता दें कि वर्तमान समय में विद्यालय में छठी,सातवीं,आठवीं कक्षा में लगभग 220 विद्यार्थी अध्यनरत हैं,जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक बेटियां शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उच्च शिक्षा की सुविधा गांव के स्कूल में उपलब्ध न होने के कारण छात्राओं का ड्राॅप आउट बढ़ रहा था। विद्यालय को 12वीं तक अपग्रेड करेंगे बेटियों को पढ़ने के लिए नवाली से पास के सरकारी स्कूल साकरस में जाना पड़ता था,जिसकी दूरी करीब छह किलोमीटर है। जबकि दर्जनों छात्राएं 10 किलोमीटर दूर मांडीखेड़ा स्कूल पढ़ने जाती हैं। सरकारी बस सुविधा उपलब्ध न होने से भी छात्राओं को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में विद्यालय को 12वीं तक का अपग्रेड करना गांव की प्रमुख मांग थी जो आज पूरी हो गई।  

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल टेस्ट की पूरी प्रक्रिया

 यूपी पुलिस में सरकारी नौकरी के लिए लाखों युवाओं ने 32 हजार वाली भर्ती का पेपर दिया है। लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को ली जा चुकी है। अब कैंडिडेट्स आंसर-की और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इन सभी के बीच आपको भर्ती के अगले चरण के बारे में भी डिटेल में जानकारी होनी भी जरूरी है। तभी आप अभी से उसकी तैयारी शुरू कर सकते हैं। इस भर्ती में सेलेक्शन के लिए कॉम्पिटिशन तगड़ा है, ऐसे में अच्छी तैयारी ही आपको पुलिस की इस नौकरी के करीब ले जा सकती है। यूपी पुलिस सिपाही रिटन एग्जाम कटऑफ क्वालिफाई करने के अगले चरण में फिजिकल टेस्ट होता है। जिसके लिए भर्ती बोर्ड द्वारा पूरा शेड्यूल जारी किया जाता है। यह प्रक्रिया लिखित परीक्षा के रिजल्ट जारी के बाद शुरू होती है। लेकिन आमतौर पर अभ्यर्थी इसकी प्रिपरेशन एग्जाम देने के बाद से ही शुरू कर देते हैं। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती 2026 यूपी पुलिस की इस भर्ती के जरिए आरक्षी नागरिक पुलिस (कॉन्स्टेबल) महिला/पुरुष, कॉन्स्टेबल पीएसीसी/सश्स्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन, घुड़सवार और जेल वार्डर के पद भरे जाएंगे। सबसे ज्यादा पद इसमें कॉन्स्टेबल पीएससी/सशस्त्र पुलिस और कॉन्स्टेबल नागरिक पुलिस के हैं। इसके बाद अन्य पोस्ट में रिक्तियां हैं। इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकलट टेस्ट आदि चरणों के जरिए किया जाता है। रिटन एग्जाम में आपकी पढ़ाई और बौद्धिक क्षमता को देखा जाता है। वहीं फिजिकल टेस्ट में कैंडिडेट्स की शारीरिक क्षमता का परीक्षण लिया जाता है। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल फिजिकल टेस्ट के चरण 1. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: लिखित परीक्षा में सफल पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाता है। इसमें कैंडिडेट्स के आरक्षण, उम्र, शैक्षिक योग्यता संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच होती है। आवेदन पत्र और दस्तावेज दोनों में अंकित सूचनाएं समान होनी चाहिए। इसके लिए आप डॉक्यूमेंट्स आप अभी से तैयार कर सकते हैं।     आधार कार्ड     पैन कार्ड     10वीं की मार्कशीट     12वीं की मार्कशीट     जाति प्रमाण पत्र ओबीसी/ईडब्ल्यूएस/ एससी/ एसटी (जो भी लागू हो)     मूल निवास प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ     अन्य डॉक्यूमेंट्स (जिनका जिक्र आपने आवेदन के समय किया हो) 2. हाइट: महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए हाइट संबंधित नियम अलग-अलग तय किए गए हैं। लड़कों की हाइट- सामान्य/अन्य पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जातियों के पुरुष अभ्यर्थियों की न्यूनतम लंबाई 168 सेमी होनी चाहिए। वहीं एसटी पुरुषों की हाइट 160 सेमी तक मान्य होगी। लड़कियों की हाइट- समान्य/ओबीसी/एससी महिला कैंडिडेट्स की लंबाई 152 सेमी होनी चाहिए। वहीं एसटी महिलाओं की हाइट 147 सेमी तक हो। 3. सीना: पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट के साथ सीना का माप भी लिया जाएगा। जनरल/ओबीसी/एसटी अभ्यर्थियों का न्यूनतम सीना 79 सेमी बिना फुलाए और फूलने के बाद 84 सेमी होना चाहिए। वहीं एसटी कैंडिडेट्स की छाती 77 सेमी और फुलने के बाद 82 सेमी तक हो। 4. वजन: महिला अभ्यर्थियों का न्यूनतम वज 40 केजी तक होना जरूरी है। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में दौड़ कितनी होती है? डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और हाइट चेस्ट और वजन की मेजरमेंट के बाद कैंडिडेट्स को दौड़ लगानी होती है।     पुरुषों की रनिंग- लड़कों को 4.8 किमी दौड़ के लिए 25 मिनट दिया जाता है।     महिलाओं की दौड़- लड़कियों को 14 मिनट में 2.4 किमी की दौड़ पूरी करनी होती है। जो अभ्यर्थी दौड़ निश्चित समय में पूरी नहीं करते हैं, वो असफल हो जाते हैं और भर्ती के इसी चरण से बाहर हो जाते हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी सफल होने वाले कैंडिडेट्स में से बोर्ड लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर चयन सूची तैयार करता है। जिसमें अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की जानकारी होती है।

मानगो नगर निगम में आजीविका सुधार की बड़ी पहल, 5 साल की सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान पर काम शुरू

जमशेदपुर  मानगो नगर निगम क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार और शहरी आजीविका को मजबूत बनाने के लिए अगले पांच वर्षों की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मानगो नगर निगम में महापौर सुधा गुप्ता की अध्यक्षता में सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान (सीएलएपी) को लेकर फोकस ग्रुप डिस्कशन का आयोजन किया गया। इसमें शहरी गरीबों, स्वयं सहायता समूहों, पथ विक्रेताओं, युवाओं और स्थानीय कारीगरों की आजीविका को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश पर दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत राज्य के 10 नगर निकायों में सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कालीकट, केरल और नगर विकास एवं आवास विभाग के बीच समझौता हुआ है। एनआईटी कालीकट आगामी पांच वर्षों के लिए शहर की आजीविका संबंधी जरूरतों और संभावनाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगा। बैठक में जिला उद्योग केंद्र, जेएसएलपीएस, टाउन वेंडिंग कमेटी, एरिया लेवल फेडरेशन, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा एनआईटी कालीकट की टीम के सदस्यों सहित विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। सभी ने सहभागिता आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। महिलाओं के उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर महापौर सुधा गुप्ता ने बैठक में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के लिए साप्ताहिक हाट शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से उन्हें उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाने का निर्देश भी दिया। वेंडिंग जोन और बस अड्डे से बढ़ेंगे अवसर महापौर ने शहर को व्यवस्थित बनाने के लिए वेंडिंग जोन विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे कारोबार करने वाले पथ विक्रेताओं के लिए निर्धारित स्थान विकसित होने से ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। इसके अलावा प्रस्तावित बस अड्डे को रोजगार और स्वरोजगार का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में भी योजना तैयार की जा रही है। गरीबी उन्मूलन और कौशल विकास पर रहेगा फोकस अपर नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि योजना के तहत शहरी गरीबों और कमजोर वर्गों की पहचान कर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। उप महापौर राहुल कुमार कश्यप ने कहा कि जागरूकता अभियान, सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत बनाने, आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने तथा बाजार से जोड़ने की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही सर्वेक्षण के माध्यम से आजीविका से जुड़े लोगों की चुनौतियों और अवसरों का मूल्यांकन कर रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तैयार की जाएंगी।

राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर, मुख्यमंत्री बोले—गुमनाम नायकों की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज मिराज सिनेमा में फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्पेशल स्क्रीनिंग देखी। इस अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्माता- निर्देशक , नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं उपस्थित रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम‘ की भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता ही नागरिक की सबसे बड़ी पहचान होती है। राष्ट्र को सर्वाेपरि मानकर अपना सर्वस्व समाज और देश के लिए समर्पित करने वाले गुमनाम नायकों की प्रेरक गाथा को फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने 26/11 जैसे आतंकी हमलों से लेकर कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी अनगिनत कर्मयोगियों की सेवा भावना को देखा है। चिकित्सकों, नर्सों, सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं ने ऐसे समय में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मानवता और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। यह फिल्म उन असंख्य लोगों के त्याग, साहस और समर्पण को रेखांकित करती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उन्होंने फिल्म के निर्माता एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायी फिल्में युवाओं को कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सभी समाज में सेवा एवं सहयोग के लिए आगे बढ़े। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए नर्सेज को सम्मानित भी किया गया।