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वेबसाइट अपडेट न करने पर यूजीसी की सख्त कार्रवाई, भोपाल के 10 निजी विश्वविद्यालय डिफॉल्टर बने

 भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर की श्रेणी में शामिल किया है। इसमें तीन निजी विवि भोपाल के हैं।यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि निजी विश्वविद्यालयों को तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज समय-सीमा के भीतर जमा करने थे, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कई विश्वविद्यालयों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आयोग ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूजीसी का कहना है कि निजी विश्वविद्यालयों को हर साल तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज जमा करना होता है। इसमें दाखिले से संबंधित विवरण, डिग्री की मान्यता, शैक्षणिक गतिविधियां और फैकल्टी की स्थिति शामिल होती है, लेकिन इन विश्वविद्यालयों ने ऐसा नही किया। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों की आधिकारिक वेबसाइटों की जांच की। पाया गया कि कई विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट को समय पर अपडेट नहीं कर रहे हैं। वहां पाठ्यक्रम, मान्यता, फैकल्टी, फीस संरचना और प्रशासनिक विवरण उपलब्ध नहीं थे। यूजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय अब भी नियमों का पालन नहीं करते, तो उनके खिलाफ बड़ी कार्यवाही की जाएगी। इसमें विश्वविद्यालय की मान्यता निरस्त करने से लेकर प्रवेश प्रक्रिया रोकने तक के कदम उठाए जा सकते हैं। इससे निजी विश्वविद्यालयों में हड़कंप मच गया है। कई विवि अब जल्दबाजी में अपनी वेबसाइट और दस्तावेज अपडेट करने की तैयारी में जुट गए हैं। सूची में इन विश्वविद्यालयों का नाम     अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी भोपाल     जेएनसीटी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भोपाल     शुभम यूनिवर्सिटी भोपाल     एलएन विद्यापीठ यूनिवर्सिटी इंदौर     मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी सीहोर     आर्यावर्त यूनिवर्सिटी सीहोर     डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी शिवपुरी     ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी सागर     महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय जबलपुर     महाकौशल यूनिवर्सिटी जबलपुर  

जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

बूढ़ी मां के दर्द को सुन द्रवित हुए सीएम योगी, कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री, सभी की समस्या सुन निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री आवास से सरकारी एंबुलेंस द्वारा सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भेजा गया मरीज     नर सेवा ही नारायण सेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री  लखनऊ  शक्ति स्वरूपा मां जगतजननी की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रूप देख द्रवित मां के कलेजे ने उन्हें खूब आशीर्वाद दिया। मां की जुबां में दर्द था, लेकिन आंखों में उस समय सुकून आ गया, जब वह अपना दर्द यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ से बयां कर ली। नर सेवा को नारायण सेवा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हो गए। सीएम योगी ने तत्काल उनके कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। कभी दर-दर भटक रही कानपुर की गरीब महिला के लिए शारदीय नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह सोमवार को 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचीं।  सीएम ने सरकारी एंबुलेंस से पीड़ित को भिजवाया हॉस्पिटल  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। इसी बीच कानपुर के रायपुरवा की 63-64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री जी से कहा कि महाराज, हमारे जवान बेटे को कैंसर हो गया है। हम गरीब हैं, इलाज नहीं करा पा रहे। हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए। इलाज के लिए कुछ आर्थिक सहायता मिल जाए। बुजुर्ग महिला की यह बात सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उस बच्चे को कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियिलिटी इंस्टीट्यूट भिजवाने और उपचार प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 'जनता दर्शन' से सीधे उसे अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी जांच प्रारंभ हो गई।  नर सेवा ही नारायण सेवा मुख्यमंत्री ने हर पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार हर सेवा, नारायण सेवा को अंगीकृत कर कार्य कर रही है। सभी प्रदेशवासियों के चेहरे पर खुशी लाना सरकार का उद्देश्य है। इसे लेकर ही सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के लिए किसी भी पीड़ित ने स्वयं, जनप्रतिनिधि या किसी भी माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, उसे सहायता उपलब्ध कराई गई है। हमारी सरकार हर पीड़ित के साथ है। इलाज के लिए सरकार आगे भी आर्थिक सहायता निरंतर रूप से उपलब्ध कराती रहेगी। अन्य पीड़ितों ने भी सीएम को बताई पीड़ा  'जनता दर्शन' में मथुरा-वृंदावन और लखनऊ से आए व्यक्ति ने अवैध निर्माण की भी शिकायत की। वहीं साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर भी नोएडा के पीड़ित ने अपनी बात रखी। इलाज के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस, प्रशासन, राजस्व, बिजली आदि से जुड़े मामले भी लोगों ने रखा।  नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट  'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।

झूठी शिकायत करने वालों के लिए अब कड़ा कदम, मोहन सरकार ने बनाई ब्लैक लिस्ट नीति

भोपाल  मध्य प्रदेश में CM हेल्पलाइन को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. इस शिकायत निवारण मंच पर लगातार फर्जी और भ्रामक कॉल्स की शिकायतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं. दरअसल, कुछ समय पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में पाया कि इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन कई लोग इसका दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें दर्ज कर रहे हैं और ब्लैकमेलिंग की कोशिश कर रहे हैं. इससे वास्तविक जरूरतमंदों की शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं हो पाता और सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ता है. इसके बाद सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर फर्जी, आदतन झूठी और ब्लैकमेलिंग करने वाले शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार करने को कहा. इस सूची में शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, शिकायतों की संख्या और उनके बारे में टिप्पणी अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि हेल्पलाइन का दुरुपयोग करने वालों और ब्लैकमेलिंग की मंशा से कॉल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सभी जिलों से नियमित रूप से ऐसी शिकायतों की रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि इस प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके. अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है।

पटना से दिल्ली तक BJP में हलचल, 18 से अधिक MLA के टिकट पर भारी विवाद

पटना  बिहार में एनडीए आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Elections) की तैयारी में जोरों से लगा है। इस बीच, सत्ता के गलियारे से एक बड़ी जानकारी सामने आई है। इस बार भाजपा (BJP) के 18 से ज्यादा विधायकों के टिकट पर संकट मंडरा रहा है। पार्टी सूत्रों ने बिहार में कई भाजपा विधायकों के टिकट (BJP Ticket Strategy) कटने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि भाजपा चुनाव में इस बार ऐसे विधायकों को मैदान में उतारने से बच रही है, जिनके खिलाफ क्षेत्र में विरोध की भावना है। 6 अक्टूबर के बाद हो सकती है उम्मीदवारों की घोषणा साथ ही यह जानकारी भी सामने आ रही है कि पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार कर ली है। जिसकी औपचारिक घोषणा 6 अक्टूबर के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बाद होने की संभावना है। बिहार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का हवाला हुए 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री और पार्टी के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह ने 145-150 से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर विस्तार से चर्चा की है। इनमें बेतिया, समस्तीपुर, अररिया और सीमांचल क्षेत्र की कई सीटें शामिल हैं। बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा सीवान, सोनपुर, राघोपुर, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, भागलपुर, दानापुर और मनेर सहित लगभग 35 क्षेत्रों में मामूली अंतर से हारी थी। मनेर सीट से निखिल को मिल सकता है टिकट राघोपुर से फिलहाल बिहार में विपक्ष के नेता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव विधायक हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मनेर सीट से निखिल आनंद को चुनाव लड़ाने की तैयारी है। वह भाजपा के राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के महासचिव हैं। पिछले चुनाव में भी भाजपा ने निखिल को इस सीट से उतारा था। नए चेहरों का मिल सकता है मौका फिलहाल मनेर सीट से राजद के भाई बीरेंद्र विधायक हैं। निखिल भाजपा का टिकट मिलने से पहले ही क्षेत्र में लगातार जन-संपर्क अभियान चला रहे हैं। वहीं, भाजपा के अंदर यह भी चर्चा है कि क्षेत्र में जिन मौजूदा विधायकों के खिलाक लहर, उनकी जगह पर पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा इस बार नारी-शक्ति और युवा-शक्ति को ध्यान में रखते हुए टिकटों का बंटवारा कर सकती है। बिहार में अधिकांश सीटों पर महिलाओं और युवाओं को भाजपा कैंडिडेट बना सकती है। बिहार चुनाव के लिए ये है रणनीति भाजपा सूत्रों का यह भी दावा है कि इस बार बिहार चुनाव में भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव मॉडल को फॉलो कर सकती है। राज्य चुनाव में भाजपा इस बार मौजूदा और पूर्व सांसदों को भी मैदान में उतारने का विचार कर रही है। सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राम कृपाल यादव व आरके सिंह जैसे पूर्व सांसदों को इस बार विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। मंगल पांडे सहित राज्य के कई मंत्रियों को भी उनके क्षेत्र से मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है।

बरेली हिंसा का सच उजागर, मोहम्मद नदीम गिरफ्तार, मौलाना तौकीर से जुड़े राज फोड़े

बरेली आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर बरेली में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर रही है. इसी कड़ी में पुलिस तौकीर रजा के 77 मददगारों को तलाश रही है और अपने रडार पर रखी हुई है. इसके अलावा मौलाना तौकीर का अतीक अहमद से भी कनेक्शन का मामला सामने आ रहा है.   मौलाना तौकीर का अतीक से कनेक्शन? बरेली हिंसा का मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर का अब अतीक अहमद से कनेक्शन ढूंढ जा रहा है. दरअसल, जिस होटल में तौकीर छिपा हुआ ता, उसी होटल में अतीक का एक बहुत करीबी भी छिपा हुआ था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.  मौलाना तौकीर रजा का करीबी गिरफ्तार कर लिया गया है. मौलाना तौकीर रजा का लेफ्ट हैंड मो नदीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मोहम्मद नदीम आईएएमसी का पूर्व जिला अध्यक्ष भी रह चुका है. मो नदीम बरेली बवाल के मास्टर माइंड में से एक है. मोहम्मद नदीम ने लगातार पुलिस को गुमराह किया. व्हाट्सअप काल कर लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाता था. यूपी में पोस्टर वॉर की गूंज तेज हो गई है. एक ओर जहां प्रदेश में ‘I Love Muhammad’ के पोस्टर से विवाद गहराता जाता रहा है, वहीं दूसरी ओर आगरा में एक बड़ा बैनर लगाया गया है जिस पर लिखा है ‘आई लव श्री योगी आदित्यनाथ जी.’ इस पोस्टर में देखा जा सकता है कि एक बुलडोजर भी है, साथ ही लिखा है योगी का बुलडोजर अपराधी का गेम ओवर. बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के बाद शांति है. रविवार को बरेली पुलिस ने 21 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था. 15 आरोपियों को जेल भेजा गया. वहीं 6 का शांति भंग में चालान किया गया. कोतवाली थाना क्षेत्र से 13 और 12 बारादरी थाना क्षेत्र से दो उपद्रवी जेल भेजे गए. तौकीर रजा के 77 मददगार पुलिस के रडार पर है. इनमें नगर निगम के चार-पांच पार्षद भी शामिल हैं. पुलिस प्रशासन वक्फ संपत्ति पर कब्जा किए हुए नेताओं की लिस्ट भी बना रही है. वहीं तौकीर रजा के बड़े भाई तौफीक रजा ने शांति की अपील मुस्लिम शख्स ने दी सीएम योगी को चेतावनी, अभद्र भाषा का किया उपयोग उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ केस आग की तरह फैल चुका है. कानपुर से शुरू हुए इस विवाद ने बरेली में बड़ा रूप ले लिया, जो हिंसा में बदल गया. जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए मौलाना तौकीर रजा समेत मुस्लिम समुदाय के कई लोगों कि गिरफ्तार कर लिया. वहीं अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स, जो पेशे से ड्राइवर है, वह सीएम योगी को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा है. आरोपी का नाम इमरान खान है और वह कह रहा है कि सीएम योगी बरेली और कानपुर की पुलिस कम पड़ जाएगी. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.  

मान सरकार के एक्शन का इंतज़ार, सामने आया कारोबारियों से जुड़ा चौंकाने वाला राज़

लुधियाना  नोएडा के कॉल सैंटर से 3 कारोबारियों को फर्जी रेड के माध्यम से किडनैप कर 10 करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में हर रोज नए नए खुलासे हो रहे है। जो किसी फिल्म की स्टोरी से कम नही लग रहे। चाहे पुलिस इस मामले में अभी तक एक ही बदमाश को गिरफ्तार कर पाई है।  लेकिन जिस प्रकार से फिरौती की योजना बनाई गई थी,वो इस तरफ इशारा करती है कि यह खेल काफी समय से चल रहा है और सारे खिलाड़ी सीनियर बन चुके है। पंजाब केसरी टीम की इन्वैस्टीगेशन में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी लुधियाना का एक ज्वैलर है,जिस पर थाना शिमलापुरी में साला 2023 में चोरी की ज्वैलरी खरीदने की एफ.आई.आर. है। एस.पी. का गंनमैन इसी पर्चे से बरी करवाने के सपने दिखा रहा था। इसी के चलते ज्वैलर पर उसका पुरा दवाब था। जब एफ.आई.आर. हुई थी,उस समय एस.पी. की लुधियाना में तैनाती थी। नोएड़ा रेड़ करने से एक दिन पहले गंनमैन ने ज्वैलर से उसकी एक कार एस.पी. के नाम से मंगवाई। जिसके बाद अगले दिन शेरपुर चौक पर अपनी दूसरी कार लेकर आने को कहा। वहां पहुंचने पर अपने साथ नोएड़ा ले गए। ज्वैलर पहली बार आप नेता को मिला,जिसे डी.एस.पी. कहकर मिलवाया गया। गंनमैन और जी.आर.पी. का ए.एस.आई. का पुराना रिश्ता एस.पी. का गंनमैन और जी.आर.पी. का ए.एस.आई. पहली बार एक दुसरे को नही मिले है,दोनों का पुराना रिश्ता है। दोनों ही पठानकोट के रहने वाले है। जिस कारण एक साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। खन्ना पुलिस ने पठानकोट में भी दोनों के घर पर दबिश दी है। साहनेवाल और खन्ना साइबर सैल में जाकर की वीडियो कॉल पंजाब केसरी इन्वैस्टीगेशन के दौरान सामने आया है कि गनमैंन इतना शातिर है कि पकड़े गए कारोबारियों के परिवार वालो से पैसे लेने के लिए डराते समय उन्हें किसी बात का शक न हो,इसलिए जब साहनेवाल पुलिस स्टेशन और बाद में खन्ना के साइबर सैल थाने में गया तो वहां से कारोबारियों के परिवारवालों को वीडियो कॉल करता था,ताकि उन्हें विश्वास दिलवा सके कि पैसे ने देने पर इन पर बड़ा मामला दर्ज हो सकता है। मान सरकार के एक्शन का लुधियानवियों को इंतजार इस फिरौती के मामले में फरार चल रहे आप नेता और उसको आर्शीवाद देने वाले विधायक पर मान सरकार कोई एक्शन लेगी या भष्ट्राचार के  खिलाफ दिए जाने वाले बयान आम जन के लिए है। इस बात की पुष्टि चंद दिनों में हो जाएगी। वहीं आप विधायक के तार जुड़ते देख सरकार की बदनामी के डर से मामले को गोल मोल कर दिया जाएगा। लेकिन जो भी एक्शन होगा,लुधियानवियों को उसका इंतजार है।  

पुलिस से बचने के लिए बादल करता था ड्रग सप्लाई, मछली गैंग में इस्तेमाल होता था खास कोड

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित ड्रग्स कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली का बादल मछली गैंग का सबसे बड़ा ड्रग सप्लायर है। पुलिस के बचने के लिए अलग अलग राज्यों के खास कोड के जरिए डील होती थी। यासीन के अंशुल और बादल के चैट्स मिले यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल से चेट्स भी क्राइम ब्रांच को मिले हैं। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजेक्शन भी हुए हैं। इन तमाम बातों का खुलासा यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश चालान से हुआ है।चालान में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों की काल डिटेल्स क्राइम ब्रांच ने निकाली हैं। बीते 6 महीने के भीतर इन सभी आरोपियों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई है।दरअसल विशाल उर्फ बादल अरोरा मछली गैंग को सबसे अधिक ड्रग्स खपाता था। यासीन मछली का करीबी अंशुल भूरी नाइजीरियन गुर्गे के संपर्क रहता था। यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल के चैट्स भी क्राइम ब्रांच पुलिस को मिले है। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजक्शन भी हुए है। यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश हुआ। यह था मामला भोपाल में ड्रग्स तस्करों के गिरोह की धरपकड़ के बाद नशे के कारोबार और यौन शोषण का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया था। यह नेटवर्क हिंदू लड़कियों के दुष्कर्म और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम युवाओं के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है। आशू और सैफउद्दीन भोपाल में यासीन मछली के सबसे बड़े पैडलर थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। यासीन के मेमोरेंडम में चौंकाने वाले खुलासे यासीन ने अपने मेमोरेंडम में बताया है कि वो अंशुल उर्फ भूरी ड्रग्स की खेंप लाने के लिए भेजा करता था। अंशुल ड्रग्स विशाल उर्फ सावन अरेरा निवासी दिल्ली से लाता था। पूरी डील सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही कन्फर्म होती थीं। अंशुल का साथी अमन था जो ड्रग्स को लाने में उसकी मदद किया करता था। पुलिस को यासीन, अंशुल, विशाल और अमन के बीच बैंक ट्रांजेक्शन मिले हैं। विशाल इस मामले में फरार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में सैफुद्दीन, शाहरुख, यासीन मछली, शाहवर मछली, अंशुल, बेंचामत (नाइजीरियन), ओविन्ना (नाइजीरियन), अमन, लारिब उर्फ बच्चा, शाकिर के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इनके खिलाफ 6 अक्टूबर को आरोप तय करने पर बहस होगी। इन आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी ड्रग्स केस में आरोपी डॉ. रहमान मलिक, मोनिस, उमेर पट्टी, विशाल और सनव्वर अभी फरार चल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। आरोपी सनव्वर के भाई को ड्रग्स तस्करी में बनाया आरोपी पुलिस को आरोपी सनव्वर की तलाश थी। सनव्वर अपने भाई शाकिर के घर पर छिपा था। पुलिस जब उसकी तलाश में शाकिर के घर पहुंची, तो सनव्वर वहां से उनको भागता दिखा था, पीछा करने के बाद भी वह चकमा देने में कामयाब हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने शाकिर के खिलाफ आरोपी को संरक्षण देने के लिए मामला दर्ज किया। इसके बाद आगे की जांच में शाकिर का कनेक्शन ड्रग्स के साथ पुलिस को मिला। जिसके बाद पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया है। अलग-अलग राज्यों में होती थी डील पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी बादल ड्रग्स की डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में अंशुल को दिया करता था। जिसमें प्रमुख तौर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। सावन मूल रूप से पंजाब का ही रहने वाला है। एमडी ड्रग्स मामला:मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश राजधानी के चर्चित ड्रग्स मामले में यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इसमें खुलासा हुआ है कि यासीन और अन्य आरोपियों के बीच ड्रग्स सप्लाई को लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन मिले हैं।

चंगाई सभा में 50 से ज्यादा हिंदू परिवार हुए धर्मांतरित, लखनऊ में बढ़ी चर्चाएँ

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में निगोहां पुलिस ने बक्तौरीखेड़ा और आस-पास के 50 से अधिक हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाले को गिरफ्तार किया है। चंगाई सभा में वह कम पढ़े-लिखे अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाता था। गठिया, मिर्गी, सांस और अन्य गंभीर बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर प्रार्थना सभा में बुलाता था। बाइबिल पढ़ाता। पवित्र जल छिड़कता और प्रोजेक्टर पर वीडियो दिखाता था। लोगों का ब्रेनवॉश कर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काता और आर्थिक लालच देकर ईसाई बना देता था। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मलखान निगोहां के बक्तौरी खेड़ा मेहन्दौली का रहने वाला है। काफी समय से क्षेत्र में धर्मांतरण की सूचना मिल रही थी। इसलिए एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन में टीम तैयार की गई थी। थानाध्यक्ष अनुज, सर्विलांस और अन्य टीमें लगाई गईं। साक्ष्य जुटाकर पुलिस टीम ने शनिवार को मलखान को हुलास खेड़ा मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसने करीब 10 साल पहले ईसाई धर्म ग्रहण करने के बाद नाम मैथ्यू रख लिया। अपने भाई-भतीजों और बच्चों का नाम भी बदल दिया। इसके बाद अपने खेत में एक कमरा बनाकर महीने में दो बार चंगाई सभा करने लगा। उसमें महिलाओं-बच्चों और पुरुषों को बुलाता था। उन्हें बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का प्रलोभन देता था। उन्हें बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा) देकर धर्मांतरण कराता था। वह अब तक आस-पड़ोस के गांवों के करीब 50 लोगों का धर्मांतरण करा चुका है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। उसके घर से दो बाइबिल और प्रचार प्रसार की सामग्री बरामद की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा डीसीपी ने की है। इस मामले में हिंदू संगठनों ने पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन किया था। फंडिंग की जांच शुरू एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि ईसाई बनाने के बाद मलखान लोगों की आर्थिक मदद भी करता था। उसे फंडिंग कौन करता था, इस बिंदु की जांच की जा रही है। मलखान और उसके परिवारीजनों के बैंक खातों की जांच की जा रही है।

आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू, पंजाब विधानसभा में गर्मा सकते हैं हालात

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही का आज आखिरी दिन है। सदन में आज पंजाब पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके साथ ही विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। आज विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। गौरतलब है कि बाढ़ आपदा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से कम से कम 20,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने 1,600 करोड़ रुपये देने की बात कही थी, हालांकि पंजाब को अभी तक केंद्र सरकार से एक पैसा भी नहीं मिला है। भाजपा ने खोला सीधा मोर्चा भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। आज सत्र का आखिरी दिन होने के बावजूद, भाजपा ने सोमवार सुबह 11 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पार्टी कार्यालय में 'जनता की विधानसभा' बुलाई है। 

सैकड़ों अनाथ बेटियों की उम्मीद बनीं, समाज सेवा में उदाहरण पेश कर रहीं ये महिला

कटनी  डॉ. स्नेह चौधरी ने पति डॉ. समीर चौधरी के साथ 2005 से समाज सेवा का ऐसा काम शुरू किया है जो हर किसी के दिल को छू जाता है। जिन बेटियों का कोई नहीं होता, उनके लिए डॉ. स्नेह ने मां का काम करना शुरू किया। उनकी देखरेख में बेटियां पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट, नौकरी, शादी और पूरी देखभाल पा रही हैं। इस कार्य में उनके पति डॉ. समीर चौधरी का भी विशेष सहयोग है। हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन में वर्तमान में 26 बेटियों को आश्रय मिला हुआ है। यहां उन्हें माता-पिता के स्नेह जैसी देखभाल, शिक्षा और जीवन के हर अवसर की सुविधा दी जा रही है। डॉ. स्नेह और डॉ. समीर चौधरी का यह प्रयास अनाथ बेटियों की जिंदगी में आशा की किरण बन गया है। उनके प्रयास ने कटनी में समाज सेवा का एक मार्मिक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है, जो हर किसी के लिए सीख और प्रेरणा बन सकता है। अनाथ बेटियों की सुरक्षा का बीड़ा उठाया डॉ. स्नेह चौधरी ने बताया कि उनकी समाज सेवा की शुरुआत एक ऐसे मामले से हुई, जब एमजीएम अस्पताल में एक गंभीर हालत में बेटी आई थी, जिसका परिवार उसे रखने को तैयार नहीं था। नाना-नानी रख पाने में असमर्थ थे। बेटी को जबलपुर के अनाथालय में भेजा गया, लेकिन वहां रखने से मना कर दिया गया। समाजसेवियों की मदद से वह कटनी वापस आई और इसी बेटी की देखभाल ने डॉ. स्नेह और डॉ. समीर को लिटिल स्टार फाउंडेशन शुरू करने की प्रेरणा दी।   शुरुआत में एक परिवार की मदद से बेटी की देखभाल शुरू की गई। गायत्री नगर में किराये का मकान लेकर डॉक्टर दंपत्ति ने वहां बेटी की देखभाल सुनिश्चित की। धीरे-धीरे इस प्रयास में और बेटियां जुड़ती गईं और संख्या 30 तक पहुंच गई। कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने मदद का आश्वासन दिया और बाद में फाउंडेशन की नींव पड़ी। बेटियों के लिए साढ़े 3 एकड़ जमीन कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने दिलवाई। इसके बाद कलेक्टर अशोक सिंह, विकास नरवाल और समाजसेवकों की मदद से सेंटर का निर्माण कराया गया। अब तक 600 बेटियों को आश्रय और शिक्षा दी जा चुकी है।   बेटियों को मिल रही नई जिंदगी सेंटर में बेटियों को पढ़ाई के साथ कढ़ाई, बुनाई, हॉर्स राइडिंग और स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी करवाए जाते हैं। हॉर्स राइडिंग में 7 बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन कर नौकरी भी हासिल की है। अब तक सेंटर में 7 बेटियों की शादी, 22 बेटियों को गोद दिलाया जा चुका है। देश-विदेश से लोग बेटियों को गोद ले चुके हैं। सेंटर में बेटियों को सभी सुविधाएं दी जाती हैं और डॉक्टर दंपत्ति उन्हें माता-पिता की तरह स्नेह व सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।