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यूपी में महिला उद्यमिता को मिल रही नई उड़ान

यूपीआईटीएस 2025 यूपीआईटीएस में दिख रहा महिला शक्ति का जलवा   डॉ. निधि जैन की प्रेरक यात्रा अन्य महिलाओं को भी कर रही है प्रेरित  लखनऊ के छोटे से कमरे से शुरू हुआ सफर, आज नोएडा तक पहुंचा लखनऊ चिकनकारी को वैश्विक पहचान दिला रहीं डॉ. निधि जैन 30 से 40 महिलाओं को रोजगार देकर रच रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी योगी सरकार की नीतियों से महिला उद्यमिता को मिल रहा संबल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से बदला उत्तर प्रदेश का कारोबारी परिदृश्य महिला सुरक्षा और आत्मविश्वास से बढ़ा व्यापार का हौसला हैंडमेड चिकनकारी डिज़ाइन ने खींचा खरीदारों का ध्यान ग्रेटर नोएडा आठ साल पहले लखनऊ में के छोटे से कमरे में बैठी डॉ. निधि जैन के पास केवल सपने थे और उन्हें पूरा करने का जज्बा। परिवार और समाज की तमाम जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने हुनर पर विश्वास किया और महिला परिधानों में पारंपरिक लखनऊ चिकनकारी और इंब्रायडरी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। शुरुआत में संसाधन सीमित थे, लेकिन हौसला अटूट। यही वजह रही कि उनका छोटा-सा काम धीरे-धीरे लखनऊ शहर से निकलकर नोएडा तक पहुंच गया। आज उनके पास न केवल लखनऊ में, बल्कि नोएडा में भी आधुनिक स्टूडियो हैं, जहां 30 से 40 महिलाएं रोज़गार पा रही हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उनके ब्रांड को एक पहचान दिलाई है। खास बात यह है कि उनके द्वारा बनाई गई कढ़ाई पूरी तरह से हैंडमेड होती है, जिसमें एक-एक डिजाइन तैयार करने में महीनों का समय लग जाता है। योगी सरकार ने दिया नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का विश्वास डॉ. जैन मानती हैं कि उनकी सफलता की कहानी केवल उनकी मेहनत की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदले माहौल की भी गवाही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला उद्यमियों के लिए जो नीतियाँ बनीं, उनका उन्हें सीधा लाभ मिला। चाहे ब्याजमुक्त लोन हो, आसान सब्सिडी स्कीम्स हों या बिज़नेस स्थापित करने की सहूलियत—आज हर महिला को प्रदेश में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। डॉ. जैन कहती हैं कि योगी सरकार ने महिला उद्यमियों को फुल सपोर्ट दिया है। आज हम सर उठाकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान कर पा रहे हैं। यूपीआईटीएस 2025 से महिला शक्ति को मिला बड़ा मंच उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) इस नई सोच और बदलते परिदृश्य का सबसे बड़ा प्रमाण है। लखनऊ और नोएडा से अपने ब्रांड को खड़ा करने वाली डॉ. जैन भी इस शो का हिस्सा बनीं। उन्होंने स्टॉल नंबर 15 पर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। यहां आने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने उनके चिकनकारी डिज़ाइनों की खूब सराहना की। उनके स्टॉल पर महिलाओं की भागीदारी और रोजगार का मॉडल देखकर अन्य महिला उद्यमियों को भी प्रेरणा मिली। उनके अनुसार, यूपीआईटीएस 2025 केवल एक ट्रेड शो नहीं, बल्कि यह संदेश है कि उत्तर प्रदेश अब महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल निवेश गंतव्य बन चुका है। बदलते उत्तर प्रदेश में बदलती महिलाएं डॉ. निधि जैन के मुताबिक, पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है। व्यापार करना और व्यापार शुरू करना अब बेहद आसान हो गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से व्यापारियों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचने में आसानी हो रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि अब महिला उद्यमियों को सुरक्षा और आत्मविश्वास दोनों मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल आज डॉ. निधि जैन जैसी उद्यमी न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर दे रही हैं। इस तरह की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव का साक्षी बन रहा है। डॉ. निधि जैन की यह यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जहां महिला उद्यमियों को न सिर्फ सपने देखने की आजादी मिली है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए सरकार की ठोस नीतियां और समर्थन भी मिल रहा है।

सड़क और ड्रेनेज सुधार पर ग्वालियर प्रशासन करेगा अहम निर्णय

ग्वालियर  शहर में अतिवर्षा के कारण सड़कों की स्थिति खराब है। वर्षा जल की निकासी नहीं होने के कारण डामर की सड़कें उधड़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण सामने आया है कि सड़कों के किनारे नाले-नालियों के अलावा ड्रेनेज का प्रविधान नहीं होने से यह स्थिति बनी है। नईदुनिया ने भी लगातार ये मुद्दा उठाया कि सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम का प्रविधान किया जाए, जिसके बाद निगम के जनकार्य विभाग ने कई कॉलोनियों में नई सड़कें स्वीकृत करने के साथ ही उन्हें ड्रेनेज का प्रविधान करना शुरू कर दिया है। व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी जो नए टेंडर भी अपलोड किए जा रहे हैं, उनमें ड्रेनेज का प्रविधान विशेष रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा जिन स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, वहां प्रयास किया जाएगा कि डामर की सड़कें तैयार नहीं की जाएं। वहां व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी। इसके अलावा जहां-जहां बिटुमिन की नई सड़कें बनाई जा रही हैं, वहां ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इन स्थानों पर ड्रेनेज का प्रविधान वार्ड 30 एयरटेल ऑफिस रोड और नाली निर्माण। वार्ड 19 सूर्य विहार कॉलोनी में बिटुमिन रोड के किनारे सीसी ड्रेनेज। वार्ड 55 शिवाजी नगर में चौहान हाउस से सिकरवार हाउस तक और राकेश तोमर वाली गली में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 62 पदमपुर खेरिया के पटेल मोहल्ला में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम रुद्रपुर में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम मालनपुर में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 49 हारकोटासीर में सीसी रोड व ड्रेनेज निर्माण। (इसके अलावा लगभग 20 सड़कों के निर्माण में ड्रेनेज का प्रविधान कर टेंडर किए जा रहे हैं।) निगमायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिन में सड़कें चकाचक करने के निर्देश उधर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शनिवार को शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शीघ्र सड़कों पर काम प्रारंभ करें और 15 दिवस में शहर की सड़कें चकाचक दिखने लगें। जिन सड़कों के वर्क आर्डर जारी हो गए हैं, उनमें अगले पांच दिवस में कार्य शुरू हो जाएं। साथ ही जो सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं और अनुबंध होना है, उसमें तत्काल अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कराएं। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कई नई सड़कों को स्वीकृति देते समय ड्रेनेज का प्रविधान किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि जहां हम ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, वहां डामर की सड़कें बनाई ही ना जाएं। वहां सीसी रोड या व्हाइट टापिंग कराई जाए। – संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम

भाजपा पंजाब में विवाद: बड़े नेता के भाई पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

लुधियाना  थाना पीएयू की पुलिस ने बीजेपी के पूर्व प्रधान राजेंद्र भंडारी के भाई सहित तीन लोगों के खिलाफ साजिश तहत धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए जांच अधिकारी अमरीक सिंह ने बताया कि ये कार्रवाई शिकायतकर्ता संजीव गर्ग पुत्र धर्मपाल गर्ग वासी संत नगर कॉलेज रोड ने शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि संजीव गर्ग ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उपेंद्र जीत कौर वासी सराभा नगर, शशि इंदर सिंह वासी शास्त्री नगर और राजकुमार भंडारी वासी बी.आर.एस. नगर ने साजिश तहित धोखाधड़ी करते हुए प्लाट की गलत रजिस्ट्री करवाई है। इसके बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की गई और जांच करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

फर्स्ट फेज में शुरू होंगे आदर्श सुविधा केंद्र, नगरीय विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। फर्स्ट फेज में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र शुरू किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने और पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की विशेष पहल पर ये केंद्र प्रदेश में खुलने जा रहे हैं। भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केन्द्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के तहत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर  के लिए यह राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारी सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम प्रदेश के नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं और जीवन स्तर प्राप्त हो, यह हमारी सरकार का लक्ष्य है। आदर्श सुविधा केंद्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय की सुशासन की सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय और प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव को स्वीकृति एवं अनुशंसा प्रदान करते हुए इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। ये सिटीजन एक्सपीरियंस सेंटर नगरीय निकायों से संबंधित सेवाओं (म्यूनिसिपल सर्विसेस) के लिए वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेंगे। श्री साव ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है। सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर कार्य उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आदर्श सुविधा केंद्रों के माध्यम से ‘‘वन स्टेट – वन पोर्टल‘‘ सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर नागरिकों को जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे आवश्यक प्रमाण पत्र, व्यापार, वेंडिंग, विज्ञापन के लिए लाइसेंस सेवाएं, संपत्ति कर, जल/सीवरेज, ठोस अपशिष्ट सेवाएँ, नगर निगम संपत्ति बुकिंग के लिए  पंजीकरण, शिकायत निवारण की सुविधा तथा डिजिटल समावेशन सेवाओं का लाभ सुलभ और समयबद्ध रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र नागरिक सेवाओं को सरल और मानकीकृत करने के साथ ही प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगी, जिससे लोगों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के मध्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही यह पहल पूरे राज्य में समावेशिता को बढ़ावा देगी तथा इज ऑफ लिविंग में  सुधार सुनिश्चित करेगी। क्या है आदर्श सुविधा केन्द्र? आदर्श सुविधा केन्द्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगी। इस केन्द्र के माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्ति कर तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केन्द्र के साथ जोड़ा जाएगा। कैसे मिलेगी नागरिकों को सुविधाएं? आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केन्द्र में जाकर दर्ज/जमा करानी होगी। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति एवं गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी मॉनिटरिंग राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

मौलाना तौकीर का खेल बदला? धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी पर बरेली में पलटा असर

बरेली  बरेली बवाल में जेल भेजा गया मौलाना तौकीर रजा एक बार नहीं, बल्कि हर बार अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा है। मौलाना के तल्ख टिप्पणी से कई बार शहर का माहौल खराब हो चुकी है। सीएए, एनआरसी से लेकर अपने समाज से जुड़े तमाम संवेदनशील मुद्दों पर उनकी तकरीरें माहौल गरमा चुकी हैं। तीखी बयानबाजी के चलते मौलाना कई बार नजरबंद हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी उसकी बयानबाजी से जहर उलगना बंद नहीं हुआ। लेकिन शुक्रवार को बरेली बवाल के लिए लोगों को उकसाने के मामले में उसका दांव उलटा पड़ गया। इस बार मौलाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसे जेल जाना पड़ा। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां कट्टर और भड़काऊ भाषणों के लिए पहचाने जाते हैं। हर नया बयान उनके विवादों के ग्राफ में इजाफा करता गया है। धर्म से लेकर राजनीति तक, हर मुद्दे पर उनके तीखे बोल न सिर्फ बहस को जन्म देते हैं, बल्कि कई बार प्रशासन और समाज दोनों को असहज स्थिति में डाल देते हैं। विवादित बयान देने के लिए चर्चित है मौलाना तौकीर 2017 में बोले, तुम्हारे धर्म में भी तो एक महिला के पांच-पांच पति होते हैं। महिला को पता भी नहीं होता है कि उसके बच्चे का बाप कौन है। 2020 में सीएए को वापस नहीं लिए जाने पर गलियों में खून बहने की धमकी दी थी। 2022 में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का किया था एलान। 2022 में कहा था जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आ गया तो संभलेगा नहीं। 2023 में अयोध्या मामले में उन्होंने कहा कि अब सड़क पर लड़ाई लड़ी जाएगी। 2024 में दूसरे धर्म के 23 युवाओं का सामूहिक निकाह कराने का एलान किया। 2025 में ऐलान करके जुमा नमाज के दिन लोगों को प्रदर्शन के लिए इक्ट्ठा किया। नफरत भरी तकरीर करके इक्ट्ठा की हमेशा भीड़ मौलाना ने बरेली में जेल भरो आंदोलन का एलान किया था और अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनके आह्वान पर हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया। कहा था कि हमें मजबूर कर दिया गया है। मुल्क में नफरत का माहौल बनाया हुआ है। मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर संज्ञान नहीं ले रहा है तो हम अपनी हिफाजत खुद करेंगे। हमें कानूनी अधिकार है कि अगर कोई हम पर हमलावर होता है तो उसे जान से मार दें।  

भगत सिंह की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने अर्पित किया पुष्पहार, भावुक पल देखिए

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित भगत सिंह चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी नायक थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और स्वतंत्रता के लिए त्याग ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह के विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

BSF ने पकड़ा ड्रोन, सीमावर्ती गांव में मिला करोड़ों का हेरोइन

अमृतसर  बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव धनौवा कलां के इलाके में एक बार फिर से मिनी पाकिस्तानी ड्रोन और उसके साथ एक हेरोइन का पैकेट जब्त किया है। इससे पहले सीमावर्ती गांव धारीवाल के इलाके में भी एक पैकेट हेरोइन जब्त की गई थी जिसको ड्रोन के जरिए फेंका गया था। जब्त की गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 5 करोड़ रूपए बताई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। धनौवा कला की बात करें तो यह गांव हेरोइन तस्करी और हथियारों की तस्करी के मामले में काफी बदनाम हो चुका है। 

सभी को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई, स्वदेशी उत्पाद भी खरीदे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सबके समग्र विकास का ध्येय लेकर आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिलाओं के कल्याण एवं विकास के लिए पृथक-पृथक मिशन चलाये जा रहे हैं। सबका विकास हमारा संकल्प है और इस संकल्प की पूर्ति के लिए हम अपना हर वादा पूरा करके दिखायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में राज्य संरक्षित स्मारक समूह स्थल चमन महल में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम के 126वें एपिसोड का स्थानीय स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ श्रवण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई और अपील की कि सभी अपने जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों का उपयोग करें और आयातित वस्तुओं की जगह देशी विकल्प अपनाएं। साथ ही पर्यावरण के प्रति सजग रहकर स्वदेशी और प्रकृति-अनूकूल उत्पादों का ही प्रयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नवरात्रि पर्व, दशहरा और दीपावली त्यौहारों की अग्रिम मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों में सिर्फ स्वदेशी और भारत में निर्मित वस्तुएं ही खरीदें। इससे हर घर में त्यौहार मनेगा। मुख्यमंत्री ने 'हर घर स्वदेशी और घर-घर स्वदेशी' का नारा उद्घोष करते हुए कहा कि सभी को स्वदेशी अपनाने के लिए संकल्पित कराया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं खरीदने से ही हमारे सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसी से हमारे कुशल कारीगर, शिल्पकार और कुम्भकारों के घरों में भी दीपावली मनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को भावांतर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि वे 5 से 25 अक्टूबर तक पंजीयन करा लें। फिर 1 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 के दौरान बेची गई सोयाबीन की फसल पर ही भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी किसान की सोयाबीन की फसल समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल पर नहीं बिकती, तो जितनी राशि में बिकी है और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सरकार किसान को देगी। इस प्रकार किसानों को सोयाबीन की फसल बेचने पर समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल की राशि ही मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार ग्राम जगदीशपुर आकर बेहद हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य का सदियों पुराना यह किला आज भी हमें उस गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल में लगाये गए स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। स्टॉल में मिट्टी के दिए, मिट्टी के तवे, कुल्हड़, मटके, करवा चौथ पूजन की सामग्री सहित मिट्टी से बने अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टॉल का अवलोकन कर मिट्टी के दिए, तवे और अन्य उत्पाद भी खरीदे और स्टॉल स्वामी को नगद भुगतान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा देकर एवं किश-मिश खिलाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने भी गांव की तीन महिलाओं सुश्री विजयमाला, श्रीमती गीता बाई एवं श्रीमती फूलवती बाई को 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधा देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चमन महल परिसर में कदम्ब का पौधा लगाया। इससे पहले मन की बात के 126वें एपिसोड में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि इस बार त्यौहार सिर्फ स्वदेशी के साथ ही मनाएं। देशवासी वोकल फॉर लोकल को खरीदारी का मूल मंत्र बनाएं। जो देश में बन रहा है, वही स्वदेशी खरीदें। स्वदेशी वस्तुएं खरीद कर हम एक प्रकार से किसी कलाकार या कारीगर का सम्मान कर रहे होते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अमर शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर इनका पुण्य स्मरण इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने अपनी शहादत से पूरे देश को आंदोलित किया था। उन्होंने कहा कि लताजी द्वारा गाया हुआ 'ज्योति कलश छलके' उनका सबसे पसंदीदा गीत है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि 11 साल में देश में खादी के प्रति आकर्षण काफी बढ़ा है। आने वाले 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती पर सभी देशवासी कम से कम एक खादी वस्त्र खरीदने का संकल्प अवश्य लें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत सरकार छठ पूजा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। कोलकाता की दुर्गा पूजा को इस सूची में पहले ही स्थान मिल चुका है। प्रधानमंत्री ने नाव से अंटार्टिका भ्रमण पर गईं दो बहनों के अदम्य साहस की भी सराहना की। उन्होंने स्व. श्री भूपेन हजारिका और स्व. श्री जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी। मन की बात श्रवण कार्यक्रम में बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नोरंग सिंह गुर्जर सहित सर्वश्री तीरथ सिंह, राघेवन्द्र शर्मा, राहुल कोठारी, लक्ष्मी नारायण मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

दिल्लीवासियों के लिए बड़ी सौगात: यमुनापार से हर कोने तक दौड़ेंगी 300 देवी बसें

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को यमुनापार के लोगों को 300 नई देवी (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरकनेक्टर) बसों की सौगात दे दी। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या दूर करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नए रूट तय किए गए हैं। नई बसों के चलने के बाद अब डीटीसी के बेड़े में कुल 974 देवी बसें हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि कई इलाकों में बसें होने के बावजूद कनेक्टिविटी कमजोर थी। यात्रा करने में लंबा समय लगता था और भीड़ भी ज्यादा रहती थी। इसी चुनौती को दूर करने के लिए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। इसके बाद ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ये नए रूट बनाए गए। ये नई देवी बसें यमुनापार को राजधानी के हर कोने से जोड़ेंगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि हर दिल्लीवासी को बराबर की सुविधा और सम्मान मिले। किसी को कोई परेशानी न हो। केंद्र और राज्य सरकार हमेशा जनता के साथ खड़ी है। पिछली सरकार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निशाना साधते हुए कहा, “यमुना पार्क, ट्रांस यमुना, यहां तक कि जो ट्रांस यमुना डेवलपमेंट बोर्ड था, उसे भी पिछली सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था, जिससे लोगों को परेशानी हो रही थी। आज हमने यमुना पार को 300 इलेक्ट्रिक बसें दी हैं। इसके साथ ही, हमने आईआईटी दिल्ली के साथ पूरे रूट को भी बदल दिया है।” उन्होंने कहा कि इन देवी बसों में कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इसे तैयार किया गया है। खास बात यह है कि हम लोगों ने इसमें पेमेंट का मोड भी ऑटोमेटिक कर दिया है जिससे किसी को कोई परेशानी न हो और वे आराम से यात्रा कर सकें। पटपड़गंज के पूर्व विधायक मनीष सिसोदिया पर भी हमला बोलते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, “शिक्षा की बात करने वाले ने शिक्षा पर कोई काम नहीं किया। आज भी दिल्ली में टीन शेड के अंदर पढ़ाई हो रही है। जहां तक जलभराव की बात है, तो उनके लोग रील बनाने के लिए स्विमिंग करते हैं। मैं उनको यह बता दूं कि अगले साल उन्हें यह मौका नहीं मिलेगा।” मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह बस सेवा शुरू की गई है। यमुनापार में हर उस जगह बस पहुंचाई जाएगी जहां लोगों को जरूरत है।  

आईआईटी इंदौर में 624.57 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना का हुआ शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शनिवार को रखी आधारशिला जटिल प्रयोगों और डेटा विश्लेषण की एडवांस रिसर्च में इंदौर बनेगा सिरमौर भोपाल देश में प्रौद्योगिकी शिक्षा अब नये दौर में प्रवेश कर चुकी है। देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भी अब नए क्षितिज की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडीसा से देश के 8 आईआईटी केन्द्रों में विस्तार परियोजना का वर्चुअली शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी इन्दौर भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आईआईटी इन्दौर में कुल 624.57 करोड़ रुपये की क्षमता विस्तार एवं आधारभूत संरचना विकास परियोजना की आधारशिला रखी। प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में होगा नये युग का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईआईटी इन्दौर को दी गई इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का यह कदम अब प्रौद्योगिकीय शिक्षा में एक नये युग का सूत्रपात करेगा। इससे हमारे युवाओं को अध्ययन, शोध एवं नवाचार करने के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि आईआईटी इन्दौर में इस विस्तार परियोजना के लिए उच्चतर शिक्षा के प्रोत्साहन एवं फंडिंग हेतु अधिकृत वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) द्वारा तीसरे चरण के अंतर्गत मंजूरी दी गई है। विस्तार परियोजना में मंजूर की गई राशि में अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, आवासीय परिसरों, औद्योगिकीय अनुसंधान पार्क, डिजाइन विभाग, विद्यार्थी गतिविधि केंद्र, व्याख्यान कक्ष परिसर और आगंतुक छात्रावास के निर्माण के साथ अत्याधुनिक एवं उन्नत उपकरणों की खरीद एवं स्थापना भी शामिल है। इस विस्तार परियोजना में 374.38 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, 123.15 करोड़ रुपये से आवासीय सुविधाओं और सामान्य एवं उपयोगिता सेवाओं के निर्माण के साथ 27.04 करोड़ रुपये से उन्नत उपकरणों की खरीदी भी शामिल है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा कि आधारभूत संरचना में विकास से न केवल हमारा शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के नवाचार, सहयोग और समग्र विकास के लिए एक विश्वस्तरीय परिवेश भी तैयार होगा। इंदौर आईआईटी का होगा बहुआयामी तकनीकी विस्तार आईआईटी इंदौर की लैब को और अधिक बहुआयामी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को ही देश के 7 आईआईटी संस्थानों को यह राशि स्वीकृत की है। इंदौर के आईआईटी में एडवांस रिसर्च इक्विपमेंट बढ़ाने के लिए 100 करोड़ की लागत से लैब का विस्तार होगा। आईआईटी इंदौर के पदाधिकारी ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले उच्च-स्तरीय उपकरण शामिल होते हैं, जो जटिल प्रयोगों, डेटा विश्लेषण और अनुसंधान के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। इन उपकरणों का उपयोग भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, और अन्य क्षेत्रों में होता है।