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भोपाल: ब्रह्माकुमारी संस्था ने ‘बेटी की रसोई’ की ज्योति राय को दिया प्रेरक सम्मान

बेटी की रसोई संचालिका श्रीमती ज्योति राय (कलार)को प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय प्रेरक प्रवक्ता डॉ ई बी स्वामी नाथन ब्रह्मा कुमारी मूल्य उपवन अचार पुरा भोपाल द्वारा दिया  गया सम्मान।  भोपाल  दिनचर्या पशु पक्षी और मानव सेवा से शुरू होती है यह निरंतर 6 वर्षों से जरूरतमंदों को निशुल्क सेवा प्रदान करती आ आ रही है इनका साथ देते हैं इनके सुपुत्र भोपाल के जाने-माने बिजनेसमैन  नमन राय यह  अपने परिवार बालों का जन्मदिवस, और अपने सहयोगियों का जन्म दिवस पुण्यतिथि ,शादी की सालगिरह, इत्यादि, वृक्षारोपण के साथ  सेवा भारती के कुष्ठ आश्रम, दिव्यांग आश्रम कैंसर अस्पताल मे मनाती आई है   कुछ वर्षों पहले माउंट आबू से लौटते समय इन्होंने कचरे में से एक सज्जन को भोजन उठा कर खाते देखा तब से इनके मन में आया कि क्यों ना हम ऐसे जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन की व्यवस्था करे जहां प्रशासन भी नहीं  पहुंच पाता इस सेवा के लिए इन्होंने कदम आगे बढ़ा दिए शिव बाबा की कृपा से भोपाल के आसपास भी यह  कार्य निरंतर चल रहा है. इन्हें अभी कोई सरकारी सुविधा नहीं मिल  रही है  यह अपने परिवार दोस्तों के सहयोग से यह कार्य कर रही हैं इनका मुख्य उद्देश्य है  गो माता की सेवा और हर उस पीडि़त मानव की सेवा करना  क्योंकि सेवा में किसी से अपेक्षा नहीं की जाती  निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्ची सेवा कहलाती है  इनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इन्हें और भी कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है  इनको दिल्ली से राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त  हुआ है इस कामयाबी का श्रेय यह  अपने सभी साथियों को देती है  जिन्होंने इनका आज तक साथ दिया कई कठिनाइयों का सामना  करने के बाद भी इन्होंने अपने कदम पीछे नहीं किए और अपने आप को भाग्यशाली समझती  है कि यह सेवा कार्य के लिए  ईश्वर ने  मुझे चुना.  

अधूरी चार्जशीट के आधार पर सोनम रघुवंशी ने जमानत याचिका दायर करने की तैयारी

इंदौर  इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी सोहरा उप-मंडल के न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने आज (12 सितंबर) जमानत याचिका दायर कर सकती हैं. सोनम के वकील इस मामले में मेघालय पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट की खामियों को आधार बनाकर जमानत की मांग करेंगे. चार्जशीट में खामियों का हवाला देकर वकील जमानत की याचिका पेश करेंगे. उन्होंने कहा, "चार्जशीट में औपचारिक और कानूनी खामियों के कारण जमानत याचिका दायर की जाएगी." इस तरह के हवाले आम तौर पर न्यायालय में आरोपी के पक्ष में काम कर सकते हैं. 790 पेज की चार्जशीट की गई थी दाखिल पिछले हफ्ते, पूर्वी खासी हिल्स पुलिस ने इस मामले में 790 पेज की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी. इस रिपोर्ट में कुल 5 मुख्य आरोपियों के नाम शामिल हैं. जांचकर्ताओं ने इस मामले को एक सुनियोजित और भयावह साजिश के रूप में बताया है. चार्जशीट में औपचारिक रूप से राजा की पत्नी सोनम, उनके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और 3 किराए के हमलावर विशाल सिंह चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को आरोपी बनाया गया है. इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1), 238(a) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. राजा रघुवंशी की हत्या की कहानी पूरी तरह से सनसनीखेज रही है. पुलिस ने इसे गंभीर और सुनियोजित मामला बताया है, जिसमें सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग साबित की गई है. इस हत्या के पीछे क्या वजह थी और किस तरह से यह साजिश रची गई, यह भी चार्जशीट में विस्तार से बताया गया है. सोनम की जमानत याचिका आज शुक्रवार (12 सितंबर) को पेश होने वाली है. उसके बाद अदालत सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनकर फैसला करेगी. क्या था पूरा मामला? बता दें इंदौर के साकार नगर के रहने वाले दंपती, 29 वर्षीय राजा रघुवंशी और 27 वर्षीय सोनम, हनीमून के लिए मेघालय गए थे. 23 मई को वे लापता हो गए. 11 दिन बाद, 2 जून को ईस्ट खासी हिल्स में वेइसाडोंग फॉल्स के पास 150 फीट गहरी खाई में राजा का शव मिला, लेकिन सोनम का अब तक कोई पता नहीं चला.

झारखंड पर्यटन में नई पहल: सीएम हेमंत ने शुरू की ऐप और वेबसाइट

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते गुरुवार को राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग के ‘लोगो' (चिह्न) का अनावरण किया, साथ ही वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन की शुरुआत भी की। पर्यटन विभाग के ‘लोगों' में सूंड उठाए एक हाथी को अतिथियों का स्वागत करते हुए दिखाया गया है। इसमें साल का पेड़, पक्षी, पहाड़ी, पलाश का फूल, देवघर शहर और एक झरने की छवि भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है, लेकिन यह राज्य प्राकृतिक सुंदरता से भी समृद्ध है। यदि हम इसे सही ढंग से प्रदर्शित करें तो अधिक लोग हमारे राज्य की ओर आकर्षित होंगे।" उन्होंने झारखंड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) के ‘लोगो' का भी अनावरण किया, जिसमें पारंपरिक जनजातीय कला, वाद्य यंत्र, धार्मिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और खनन को दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई जेटीडीसी वेबसाइट में विभिन्न पर्यटक स्थलों की जानकारी उपलब्ध है और होटल बुकिंग की सुविधा भी दी गई है। पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए सोरेन ने कहा कि "झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता लंबे समय तक अछूती रही है। अब इसे बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहल से राज्य के पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।" मुख्यमंत्री ने झारखंड के कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से एक ‘कल्चरल ट्रूप मैनेजमेंट सिस्टम' (सीटीएमएस) ऐप का भी उद्घाटन किया और 'सेवरिंग झारखंड… ए कलनरी जर्नी थ्रू इंडिजिनस फ्लेवर्स' नामक व्यंजन-पुस्तक का विमोचन किया। इसके अलावा शहरी विकास विभाग में नवनियुक्त 19 पेशेवरों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए प्रयासरत है। हम गांवों और शहरों दोनों के लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि "ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन के चलते शहरी इलाकों पर दबाव बढ़ रहा है इसलिए शहरों का सुव्यवस्थित विकास समय की आवश्यकता है।"  

पूजा सीजन में यात्रियों के लिए खुशखबरी, 3 राज्यों के बीच चलेगी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन – 24 स्टॉपेज तय

भोपाल   रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए त्योहारी सीजन में विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। बीकानेर से साईनगर शिर्डी के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 27 सितंबर से 29 नवंबर 2025 तक चलेगी। 04715 बीकानेर से हर शनिवार दोपहर 1.30 बजे रवाना होगी। यह अगले दिन रात 7 बजे साईनगर शिर्डी पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 04716 साईनगर शिर्डी से रविवार शाम 7.35 बजे चलकर तीसरे दिन सुबह 5 बजे बीकानेर पहुंचेगी। इन स्टेशनों में होगा स्टॉपेज दोनों दिशाओं में 10-10 फेरे लगाए जाएंगे। यह ट्रेन श्री डूंगरगढ़, राजलदेसर, रतनगढ़, चूरू, फतेहपुर शेखावाटी, लक्ष्मणगढ़ सीकर, सीकर, रींगस, ढेहर का बालाजी, जयपुर, दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंजमण्डी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन, भोपाल, इटारसी, हरदा, खण्डवा, भुसावल और मनमाड स्टेशनों पर रुकेगी। पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि इसके अलावा अजमेर-रांची के बीच भी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन 26 सितंबर से 28 नवंबर तक अजमेर से हर शुक्रवार रात 11.05 बजे चलेगी और रविवार सुबह 7.30 बजे रांची पहुंचेगी। वापसी में रांची से रविवार सुबह 9.15 बजे चलकर सोमवार शाम 6.35 बजे अजमेर पहुंचेगी। रेलवे एरिया मैनेजर का पदभार संभाला रेलवे इटारसी में एरिया मैनेजर की पोस्ट को रेलवे प्रशासन द्वारा पुन: क्रियान्वित किया गया है। जिसमें जगन्नाथ मीना को एरिया मैनेजर की पोस्ट पर पदस्थ किया गया है। उनके पदभार ग्रहण करने के उपरांत इटारसी के रेलकर्मियों ने उनका सम्मान किया। समस्त ट्रेन मैनेजरों द्वारा सामूहिक रूप से पुष्प गुच्छ देकर एरिया मैनेजर का सम्मान किया गया। इस दौरान सीवायएम विनोद चौधरी, अनिल कुमार साबरे, रिपुंजय कुमार सिंह, सुनील कुमार चौहान, रविंद्र चौधरी, धीरज झा, योगेंद्र विश्वकर्मा, दिव्या सोनी, राहुल साहू उपस्थित रहे।

टेक्नोलॉजी के सहारे आकार लेगा नया यूपी, एआई व डीप टेक सेक्टर बनेगा भविष्य की रीढ़

विकसित यूपी@2047 : यूपी का नया अवतार – AI से जुड़े कारोबार टेक्नोलॉजी के सहारे आकार लेगा नया यूपी, एआई व डीप टेक सेक्टर बनेगा भविष्य की रीढ़  यूपी बनेगा AI और डीप टेक का ग्लोबल हब : सीएम योगी का विजन – लखनऊ और कानपुर में बनेंगी अत्याधुनिक AI सिटी – सेमीकंडक्टर और ईवी मैन्युफैक्चरिंग में यूपी अग्रणी बनने की तैयारी – टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर – साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन हब बनेगा यूपी – ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए एनसीआर, लखनऊ और नोएडा शीर्ष गंतव्य – 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश अगले 22 वर्षों में देश और दुनिया के लिए एक टेक्नोलॉजी पॉवरहाउस के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन “विकसित यूपी @2047” प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीप टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाने का है। उनका मानना है कि तकनीक के सहारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाकर न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि यूपी भारत के डिजिटल भविष्य की धुरी बनेगा। योगी सरकार का स्पष्ट मत है कि यूपी का नया अवतार तकनीक और नवाचार से ही बनेगा। साथ ही प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का भी माध्यम बनेगा। बीते 8 सालों में डिजिटल बदलाव 2017 से पहले की तस्वीर बेहद निराशाजनक थी। साल 2015-16 में प्रदेश के विद्यालयों में कम्प्यूटर की उपलब्धता मात्र 13.3 प्रतिशत थी। लेकिन बीते साढ़े आठ सालों में इस स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ। 2023-24 तक यह आंकड़ा बढ़कर 40.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। आज प्रदेश के 25,790 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज़, 880 ब्लॉक रिसोर्स सेंटरों में आईसीटी लैब्स और शिक्षकों के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट उपलब्ध हैं। वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत करीब 50 लाख युवाओं को टैबलेट-स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं, जबकि 2 करोड़ युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह पहल डिजिटल शिक्षा और स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। 2030 तक डिजिटल प्रदेश का खाका मुख्यमंत्री योगी ने 2030 तक यूपी को टेक्नोलॉजी हब बनाने का रोडमैप तैयार किया है। इसमें कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल हैं। लखनऊ और कानपुर में बनने वाली एआई सिटी प्रदेश को वैश्विक रिसर्च और इनोवेशन का हब बनाएगी। एनसीआर, लखनऊ और नोएडा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए देश के शीर्ष गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, हर मंडल में इनोवेशन इनक्यूबेटर स्थापित होंगे, जिससे जमीनी स्तर के युवाओं को अपने इनोवेशन को आगे ले जाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, यूपी सेमीकंडक्टर  के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है। 2047 तक डीप टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी का विजन है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश डीप टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाए। इसमें एआई, क्वांटम कम्प्यूटिंग, ब्लॉकचेन, एडवांस्ड रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और जीन एडिटिंग, नैनोटेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और ग्रीन टेक जैसी तकनीकें शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन सेक्टरों में महारथ हासिल करने से न केवल प्रदेश को रोजगार और निवेश मिलेगा, बल्कि यूपी भारत की डिजिटल क्रांति की धुरी बनेगा। रणनीतिक स्तंभ और फोकस एरिया योगी सरकार ने अपने विजन को तीन रणनीतिक स्तंभों पर आधारित किया है। इनमें एआई सिटी, ग्रीन आईटी और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी तथा स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल है। इन स्तंभों को मजबूती देने के लिए प्रदेश का फोकस एआई और डीप टेक इनोवेशन, टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी एवं डेटा प्रोटेक्शन हब बनाने पर होगा। साथ ही, योगी सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट में पांच गुना वृद्धि हासिल की जाए। 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि एआई, डीप टेक्नोलॉजी और उभरते सेक्टर ही 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचने की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। ‘विकसित यूपी @2047’ के तहत लखनऊ और कानपुर में बनने वाली एआई सिटी, सेमीकंडक्टर और ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब, ग्लोबल डेटा सेंटर, इनोवेशन इनक्यूबेटर और साइबर सिक्योरिटी हब जैसे कदम प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे, जिससे न सिर्फ युवाओं को ग्लोबल स्किल्स और रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जीडीपी को लगातार 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर पर बनाए रखने की मजबूती भी मिलेगी। यही विजन 2047 तक यूपी को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की आधारशिला है।  

पीएमओ जैसी कार्यप्रणाली पर मोहन यादव का सचिवालय, फैसलों का केंद्र बना

भोपाल   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सचिवालय पीएमओ और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की तर्ज पर धीरे-धीरे सिंगल पावर सेंटर के रूप में विकसित हो गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नीरज मंडलोई ने दो महीने पहले मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला और इस छोटी सी समयावधि में उन्होंने मुख्यमंत्री का विश्वास अर्जित करने में सफलता हासिल की है। यह पहली बार हो रहा है जब नीरज मंडलोई ने मुख्यमंत्री सचिवालय की सभी शाखाओं के कार्यों को स्ट्रीमलाइन किया है। वे स्वयं इन कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करते हैं। फाइलों की ट्रैकिंग में तेजी आई है। खासतौर पर मुख्यमंत्री के समक्ष आने वाले आवेदनों में ए प्लस और मॉनिटरिंग के महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित एक चार्ट प्रतिदिन मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जिससे मुख्यमंत्री को यह मालूम पड़ जाता है कि कौन से कार्य लंबित हैं, कौन से महत्वपूर्ण हैं और किन कार्यों को तत्काल किया जाना है। इसके साथ ही राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी इस सचिवालय को मजबूत किया गया है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सचिवालय ही अब सिंगल पावर सेंटर बन गया है। आखिर फूट ही पड़ा दो मंत्रियों का गुस्सा, मुख्यमंत्री भी नहीं रोक पाए ग्वालियर की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर आखिर वहां के स्थानीय मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट का गुस्सा कैबिनेट मीटिंग में सामने आ ही गया। हुआ यह कि जब बैठक के दौरान ग्वालियर के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जो प्रदेश के उर्जा मंत्री भी हैं, ने यह कहा कि ग्वालियर शहर की स्थिति बदतर होती जा रही है, सड़कों पर गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं, हालात नर्क जैसे हो गए हैं। हालत यह है कि नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर हमारी भी नहीं सुनते हैं। सीएम ने कहा कि इस बारे में वह अपने केबिन में बात कर सकते हैं, लेकिन तोमर माने नहीं और अपनी बात को जोरदार तरीके से प्रस्तुत करते रहे, इतना ही नहीं प्रदेश के जल संसाधन मंत्री और ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने भी ऊर्जा मंत्री का समर्थन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को ऊर्जा मंत्री की भावना के अनुरूप कोई कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें, ये दोनों मंत्री सिंधिया कोटे के हैं। दोनों मंत्रियों की बात से कहीं ना कहीं यह इंगित होता है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी ग्वालियर के मामले में अंदर ही अंदर नाराज हैं और अपनी नाराजगी को न बताते हुए उन्होंने अपने मंत्रियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को संदेश देने की कोशिश की है। कलेक्टरों के तबादले अब कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के बाद मध्य प्रदेश में दो-तीन दिन पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की जारी तबादला सूची में अति आवश्यक दिखने वाले दो-तीन जिलों के कलेक्टर ही बदले गए हैं। इसका मतलब यह है कि बड़े पैमाने पर कलेक्टरों की तबादला सूची का अभी भी इंतजार है। माना जा रहा है कि अब यह तबादला सूची कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस और दशहरे के बाद ही आ सकती है। बता दें कि त्योहारी मौसम के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा पखवाड़ा अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले इस अभियान को सफल बनाने की जवाबदारी कलेक्टरों को दी गई है। इसी अभियान के बाद मुख्यमंत्री द्वारा कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जानी है। माना जा सकता है कि इसमें कलेक्टरों के कार्यों का आकलन किया जाएगा और उसके बाद ही कलेक्टरों के तबादला आदेश जारी होंगे। पहली बार जनसंपर्क आयुक्त बने इंदौर संभाग के आयुक्त मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था का अगर इतिहास देखा जाए तो अभी तक यह होता आया है कि इंदौर के कलेक्टर रहे आईएएस अधिकारी बाद में संचालक या आयुक्त जनसंपर्क विभाग बनाए जाते हैं। यह परंपरा भागीरथ प्रसाद, ओपी रावत से लेकर मनीष सिंह तक देखी जा सकती है। ऐसा भी हुआ है जब जनसंपर्क संचालक को कलेक्टर बनाया गया है। ऐसे उदाहरण पूर्व में डॉ. राजेश राजौरा और गोपाल रेड्डी के रूप में देखे जा सकते हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है जब जनसंपर्क आयुक्त को इंदौर संभाग का आयुक्त बनाया गया है। माना जा सकता है कि आयुक्त जनसंपर्क हमेशा से मुख्यमंत्री के अति विश्वसनीय अधिकारियों में शामिल रहे हैं और सुदाम खाड़े भी उसी परंपरा के अधिकारी हैं। ऐसे में सुदाम को प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण संभाग इंदौर की जवाबदारी दिया जाना नए संदेश दे रहा है।  

पीयूष गोयल का आरोप: विपक्ष फेल, बिहार में जनता को मिल रही विकास की लहर

पटना केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की ओर बढ़ रहा है। एक समय था जब बिहार में भ्रष्टाचार सुर्खियों में था और आज आधारभूत संरचनाओं की योजनाएं, औद्योगिक विकास दिखाई दे रहा है। एक प्रकार से यहां विकास की लहर दिखाई दे रही है।   ‎उन्होंने कहा कि एक बार फिर से बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार स्थापित करने के लिए हमलोग मैदान में उतरे हैं। दावा करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जनता के आशीर्वाद से एनडीए ऐतिहासिक विजय प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि कल बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बिहार के दो नए बड़े प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है। इसमें मोकामा मुंगेर चार लेन हाईवे 4500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और भागलपुर दुमका रामपुर हाट की रेलवे लाइन में दूसरा ट्रैक बनाना है। ‎उन्होंने कहा कि बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो का निर्माण हो रहा है। एनडीए का संकल्प बिहार को विकसित बनाना है, बिहार को सुख-समृद्ध बनाना है। आज जो प्रगति दिख रही है, वह बिहार के उज्जवल भविष्य की प्रतीक है।   ‎ बिहार नई योजनाओं के कारण आगे बढ़ा है ‎केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार ने 11 वर्षों में अपने संकल्प को पूरा किया है। पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। पीएम मोदी ने कहा था कि समावेशी विकास के बिना भारत विकसित नहीं हो सकता। इस कारण उनका पूरा जोर उत्तरी पूर्वी राज्यों के विकास पर लगा है। बिहार इस दौरान नई योजनाओं के कारण आगे बढ़ा है।   ‎ ‎उन्होंने कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नए मेडिकल कॉलेज खुले, गरीब लोगों को मकान मिले, एक प्रकार से देखें तो समाज मे ऐसा कोई वर्ग नहीं है जिसकी चिंता पीएम मोदी ने नहीं की। ‎उन्होंने इस दौरान जीएसटी में बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि सभी उपयोगी चीजों में करों की कटौती कर मूल्यों में कमी की गई है। इससे मूल्य कम होंगे तो मांग बढ़ेगी और फिर उत्पादन बढ़ेगा। इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। ‎केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत नए विकास की ओर जा रहा है, यह सकारात्मक सोच का परिणाम है। मोदी जी और नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ रहा है।   ‎ विपक्ष पर बरसे ‎उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तरह फेल हो चुका है। विपक्ष चुनाव हारने के कारण ढूंढने में लगा है। जिस तरह से विपक्ष पीएम मोदी की माताजी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, उसकी निंदा करता हूं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जान लें कि आप जितना भला-बुरा बोलें, गाली दें, बिहार की जनता गुमराह नहीं होगी। यहां की जनता समझदार है। यहां के लोग विकास चाहते हैं। बिहार सुशासन चाहता है।   ‎ ‎इस कारण फिर से एक बार नीतीश कुमार की सरकार बनेगी और बिहार के लोगों की सेवा करेगी। इस दौरान एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि महागठबंधन किसी को सीएम उम्मीदवार घोषित कर दे लेकिन नीतीश कुमार के फेस के सामने कोई नहीं टिकता। अमेरिका के द्वारा टैरिफ लगाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर बातचीत चल रही है। ‎‎इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी व विधानपार्षद संजय मयूख,प्रदेश महामंत्री राजेश वर्मा,प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रूंगटा, प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल,प्रदेश सह प्रभारी प्रभात मालाकार उपस्थित रहें।

सियासी जुबानी जंग: संजय झा के बयान पर राजद ने एनडीए पर साधा निशाना

पूर्णिया राजद विधायक प्रतिनिधि इम्तियाज अशफी ने किशनगंज में जेडीयू और एआईएमआईएम पर जमकर निशाना साधा। दरअसल जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने हाल ही में एक सभा में माई-बहन योजना के फॉर्म भरने वालों को चेतावनी दी थी कि उनके खातों से पैसे काट लिए जाएंगे। इस पर गुरुवार रात कोचाधामन में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान अशफी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि एनडीए के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह लोग अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड में राजद सरकार अपनी घोषणाओं को पूरा कर रही है और हर खाते में 2500 रुपये की राशि दी जा रही है। अशफी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 20 साल के शासन में नीतीश ने कुछ नहीं किया, जबकि राजद के साथ केवल 17 महीने की सरकार में सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब तेजस्वी यादव ने 10 लाख नौकरियों का वादा किया था, तब नीतीश ने पैसों को लेकर सवाल उठाए थे मगर तेजस्वी ने संसाधन जुटाकर नौकरियां भी दीं। एआईएमआईएम पर टिप्पणी करते हुए अशफी ने कहा कि जाति और प्रतिशत के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश न की जाए। उन्होंने कहा कि AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान यह कहते हैं कि राजद 18 प्रतिशत को अनदेखा कर रही है और 2 प्रतिशत को अपने साथ रख रही है। इस तरह की बयानबाजी से समाज को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। अशफी ने कहा कि इसी तरह की राजनीति से 82 प्रतिशत लोग एकजुट हो गए हैं। राजद हमेशा सेकुलर विचारधारा वाले लोगों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि AIMIM सिर्फ एक मस्जिद की बात करती है, जबकि उसके बहाने चार मस्जिदें तोड़ी जा रही हैं। इसलिए समाज को बांटने का काम बंद होना चाहिए।

सफाई में लापरवाही पर सैलजा का वार, CM नायब सिंह से की कड़ी कार्रवाई की मांग

हरियाणा  कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर सिरसा संसदीय क्षेत्र में नहरी-नालों की सफाई, घग्गर नदी तटबंधों की मज़बूतीकरण और अमृत योजना में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कदम उठाए जाते तो न तो बाढ़ का इतना बड़ा संकट खड़ा होता और न ही किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ती। सैलजा ने याद दिलाया कि मई-जून में ही उन्होंने नहरी नालों की सफाई और तटबंधों की मजबूतीकरण का आग्रह किया था। 30 जून तक अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी हुए थे और तीन जुलाई को सिरसा में हुई दिशा की बैठक में भी मामला उठाया गया था, मगर धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में सिरसा, फतेहाबाद और जींद के दौरे के दौरान सांसद ने पाया कि नहरी नालों व सीवरेज की समय पर सफाई न होने से फसलें जलमग्न हो गईं और आवासीय क्षेत्र भी प्रभावित हुए। उन्होंने हिसार-घग्गर ट्रेन मार्ग से जुड़े गांवों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहा कि हजारों एकड़ फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गई। सांसद ने सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशि को किसानों के साथ मज़ाक बताते हुए उचित और पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की। सैलजा ने सिरसा नगर की अमृत योजना पर भी सवाल उठाए और कहा कि सीवर सफाई न होने से बारिश में नागरिकों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल करोड़ों रुपये जारी होने के बावजूद नहरों-नालों की सफाई केवल कागजों में होती है। उन्होंने सरकार से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।

फिल्मी सितारों की महफ़िल: चंकी पांडे होंगे होस्ट, रज़ा मुराद-दिलीप सेन को मिलेगा लाइफ टाइम अचीवमेंट

जयपुर 20 सितंबर को जयपुर के दीप स्मृति ऑडिटोरियम में 13वां राजस्थान फिल्म फेस्टिवल आयोजित होगा। इस बार होस्टिंग का जिम्मा चंकी पांडे, सुमित व्यास और डेजी शाह संभालेंगे। कार्यक्रम में रजा मुराद और दिलीप सेन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। जयपुर एक बार फिर सिनेमा प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। 20 सितंबर को मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में राजस्थान फिल्म फेस्टिवल (आरएफएफ) का 13वां संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस बार आयोजन कई मायनों में खास होगा क्योंकि इसकी मेजबानी बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता चंकी पांडे और राजस्थान के लोकप्रिय एक्टर सुमित व्यास करेंगे। इनके साथ बॉलीवुड अभिनेत्री डेजी शाह भी होस्टिंग टीम का हिस्सा होंगी। फेस्टिवल की फाउंडर संजना शर्मा ने बताया कि शो को दर्शकों के लिए मनोरंजक और यादगार बनाने हेतु विशेष होस्टिंग कॉम्बिनेशन तैयार किया गया है। चंकी पांडे अपने अनोखे ह्यूमर से दर्शकों को बांधेंगे, सुमित व्यास राजस्थानी अंदाज से कार्यक्रम को रंगीन बनाएंगे और डेजी शाह अपनी ऊर्जा और करिश्मे से चार चांद लगाएंगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस शो की मेजबानी अरबाज खान ने की थी। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता राजा मुराद और संगीतकार दिलीप सेन को भारतीय सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया जाएगा। गौरतलब है कि रजा मुराद ने अपने पांच दशक से भी ज्यादा के करियर में 250 से ज्यादा फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। वहीं दिलीप सेन और समीर सेन की संगीतकार जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को 1800 से अधिक गीत दिए हैं। फेस्टिवल में नौ राज्यों की 14 क्षेत्रीय फिल्में और आठ राजस्थानी फिल्में प्रतिस्पर्धा करेंगी। अवॉर्ड नाइट में अभिनेत्री चारु असोपा, कोरियोग्राफर अजीत सिंह तंवर, पॉप सिंगर कोमल कोरा, लोक गायक मोती खान, मॉडल स्वाति जांगिड़ और साउथ एक्ट्रेस मीनाक्षी गोस्वामी अपने परफॉर्मेंस से शाम को खास बनाएंगे। 19 सितम्बर को आरएफएफ सोशल स्पॉट लाइट का आयोजन होगा, जिसकी मेजबानी अभिनेत्री चारु असोपा करेंगी। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेत्री भाग्यश्री शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में डिजिटल क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इंटर स्कूल/कॉलेज डांस कॉम्पिटिशन भी आयोजित होगा। प्रोग्रामिंग हेड अनिल जैन ने बताया कि यह फेस्टिवल कंचन कैसेट्स एंड सीरीज (के-सीरीज) की पहल है और 2013 से लगातार जयपुर में आयोजित हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थानी सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन देना है। फाउंडर संजना शर्मा ने कहा कि यह फेस्टिवल सिर्फ एक अवॉर्ड शो नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा और संस्कृति का संगम है, जो विविधता में एकता का संदेश देता है।