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करमा तिहार के रंग में डूबा मुख्यमंत्री निवास

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। श्री कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, श्रीमती कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।  

योगी सरकार का तोहफा: यूपी के शिक्षकों को मिली राहत और नए आदेश का ऐलान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना में एक नोशनल वेतनवृद्धि (काल्पनिक वेतनवृद्धि) जोड़ी जाएगी। वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय होती थी, लेकिन वे उससे ठीक एक दिन पहले यानी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हो जाते थे, उन्हें भी इस वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा। यह प्रावधान 1 जनवरी 2006 से लागू वेतन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। किन्हें तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा? इसका मतलब यह हुआ कि 1 जनवरी 2006 के बाद से लेकर शासनादेश जारी होने तक 30 जून को रिटायर हुए कर्मचारी भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे। हालांकि, उन्हें केवल तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा, पिछली अवधि का एरियर नहीं दिया जाएगा। यही नियम 1 जनवरी 2016 के बाद रिटायर हुए उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जिनकी रिटायरमेंट तिथि 30 जून या 31 दिसंबर रही और जिनकी वेतनवृद्धि क्रमशः 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय थी। कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना शासनादेश के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस फैसले से उच्च शिक्षा में कार्यरत हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से जुड़े डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित ने इसे शिक्षकों के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को कई बार पत्र लिखकर यह मांग उठाई गई थी। उन्होंने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह सुविधा पहले से लागू थी, अब उच्च शिक्षा में लागू होने से लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।  

अलवर में बड़ा ऑपरेशन, धर्मांतरण के आरोप पर 52 बच्चे छुड़ाए गए

अलवर  राजस्थान के अलवर जिले में धर्मांतरण का बड़ा मामला उजागर हुआ है. पुलिस ने बुधवार शाम उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गोलेटा गांव स्थित सैय्यद कॉलोनी में एक हॉस्टल पर छापा मारा. यहां से 52 बच्चों को बरामद किया गया, जिन्हें शिक्षा और पैसों के लालच में धर्म परिवर्तन के लिए गुमराह किया जा रहा था. पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई. मौके से दो लोगों अमृत और सोनू रायसिख को गिरफ्तार किया गया. इनमें से अमृत पर पहले भी सीकर जिले में धर्मांतरण का केस दर्ज हो चुका है. पुलिस के अनुसार एक एनजीओ की आड़ में यह पूरा खेल चलाया जा रहा था. पुलिसवाले दीवार पर चढ़े बच्चों को काफी देर तक समझाते रहे कि वो यहां उनके लिए आए हैं, डरो मत, नीचे आ जाओ। यहां रह रहे बच्चों ने बताया कि उन्हें सिखाया जाता था कि- भगवान को मानोगे तो नर्क में जाओगे। मूर्ति और क्रॉस को पानी में डुबोकर अंतर बताया जाता था। एक संगठन की शिकायत पर बुधवार शाम को एमआईए थाना क्षेत्र की सैय्यद कॉलोनी में एक ईसाई मिशनरी हॉस्टल में कार्रवाई की गई थी। शिक्षा के नाम पर धर्म-परिवर्तन का आरोप आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को हॉस्टल में रखा जाता है। यहां शिक्षा के नाम पर उन्हें पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। बुधवार शाम को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की। मौके पर पुलिस पहुंची तो हॉस्टल के अंदर भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद 50 से ज्यादा बच्चे बिल्डिंग की 10 फीट से ज्यादा ऊंची दीवार फांदने लगे। डरो मत..आपके लिए आए हैं हॉस्टल की बाउंड्री और दीवार पर चढ़े बच्चे को नीचे उतारने के लिए पुलिसवालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्हें नीचे उतारने के लिए पुलिसकर्मी काफी देर तक समझाइश करते रहे। पुलिसकर्मियों ने कहा- डरो मत, हम तुम्हारे लिए आए हैं। इस दौरान कुछ बच्चे रोने लगे और डर के कारण चीखने भी लगे। बच्चों का आरोप- डराया जाता था हॉस्टल में रहने वाले बच्चों ने बताया कि उन्हें धर्म और भगवान को नहीं मानने के लिए उकसाया जाता था। उन्हें मौत का भी डर दिखाया जाता था। अब पढ़िए- 2 मासूमों ने हॉस्टल पर क्या आरोप लगाए… आग में जलने के नाम से डराया: हॉस्टल में फादर कहते हैं कि अगर तुम भगवान को मानोगे तो नर्क में जाओगे। आग में जला दिए जाओगे। तुम्हें केवल बाइबल को ही पढ़ना है। हिंदुओं के नकली भगवान हैं। ईसा मसीह की प्रार्थना से हमें स्वर्ग मिलता है और हिंदू देवी-देवताओं के नाम लेने से नर्क मिलता है। असली भगवान तो ईसा मसीह है: फादर कहते हैं ईसा मसीह की प्रार्थना से हमें स्वर्ग मिलता है और हिंदू देवी-देवताओं के नाम लेने से नर्क मिलता है। फादर बाल्टी में पानी भरकर देवी-देवताओं की मूर्तियों को पानी में डालते हैं। पानी में मूर्ति डूब जाती है तो कहते हैं कि तुम्हारा भगवान स्वयं डूब गया है, वो तुम्हें कैसे बचाएगा। अहमदाबाद का रहने वाला है आरोपी फादर पुलिस के अनुसार मौके से अहमदाबाद के रहने वाले अमृत और रामगढ़ (अलवर) के रहने वाले सोनू रायसिख को पकड़ा है। मौके से एक धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ और किताबें जब्त की हैं। जानकारी के अनुसार अगस्त महीने में सीकर में ईसाई धर्म गुरु सेल्वाराज उर्फ सेल्बुराज ने कुछ लोगों का धर्म परिवर्तन कराया था। जिसमें अमृत का भी नाम है। जो फिलहाल जमानत पर है। एसपी बोले- सस्ती शिक्षा के नाम पर बुलाते हैं SP सुधीर चौधरी ने बताया कि जिले में कुछ लोगों के अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की सूचना मिली। जो गरीबों को सस्ती शिक्षा के नाम पर बुलाते हैं। धर्म को लेकर गलत शिक्षा देकर धर्म परिवर्तन की बात सामने आई है। इस मामले में दो जनों को अरेस्ट किया है, जिनमें अमृत गुजरात का रहने वाला है। जिसके खिलाफ पहले से सीकर में मुकदमा दर्ज है। अब इसकी जमानत कैंसिल कराने का प्रयास करेंगे। जिले में दूसरी जगहों से भी धर्म परिवर्तन कराने की बातें सामने आई हैं। ये गरीब तबके के बच्चों को छात्रावास में रखते थे। बच्चों को साधारण भाषा में ईसाई धर्म की अच्छाई बताकर हिंदू और सिख धर्म की कमी बताते हैं। हो सकता है कि ये बच्चों के माता-पिता को सहायता भी देते हों। ऐसे मामलों में राजस्थान में पहले भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। उनकी भी जानकारी मांगी है। भविष्य में ऐसा नहीं हो इसके लिए आमजन को भी सहयोग करने की जरूरत है। हॉस्टल पर छापा मार 52 बच्चे बरामद  छापेमारी के दौरान बच्चे डर के मारे हॉस्टल की दीवार कूदकर भागने लगे. वहीं हिंदू संगठनों ने भी मौके पर पहुंचकर विरोध किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने हॉस्टल से ईसाई धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ और बड़ी मात्रा में लिखने की सामग्री जब्त की है. बच्चों ने पुलिस को बताया कि हॉस्टल में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर गलत बातें कही जाती थीं और ईसा मसीह को ही सच्चा भगवान बताया जाता था. बच्चों की उम्र 6 से 17 साल के बीच है. वे अलवर, हनुमानगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं. शिक्षा और पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क का संबंध तमिलनाडु, गुजरात और कई अन्य राज्यों से है. पुलिस ने धर्मांतरण करने वालों को चेतावनी दी है और आम लोगों से भी जानकारी देने की अपील की है.

GST Reforms पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान, देश और दिल्ली दोनों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती देश के लिए एक बड़ा उपहार है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बुधवार को जीएसटी परिषद की पहली बैठक में शामिल हुईं गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से देश में व्यापार और कारोबार मजबूत होगा। रेखा गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह देश के लिए बहुत बड़ी सौगात है… स्वास्थ्य बीमा और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दरों में कटौती देश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने जीएसटी की दरों में संशोधन को अपार समर्थन के साथ पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा तथा यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। गुप्ता ने कहा, ‘‘ दिल्ली बहुत खुश है और मैं दिल्लीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को स्वास्थ्य बीमा तथा शिक्षा संबंधी वस्तुओं पर शून्य जीएसटी लगाने के लिए धन्यवाद देती हूं। नवीकरणीय ऊर्जा को समर्थन दिया गया है और इससे दिल्ली को काफी लाभ होगा क्योंकि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं।'' जीएसटी परिषद ने बुधवार को आम सहमति से माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों को मंजूरी दी। इन सुधारों के तहत साबुन, साइकिल, टीवी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा जीवन बीमा पॉलिसी जैसे आम उपयोग के उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम की गयी हैं। जीएसटी में पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दी गयी है। कुछ चुनिंदा वस्तुओं जैसे महंगी कारें, तंबाकू और सिगरेट के लिए भी 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब प्रस्तावित है।  

गरीब परिवारों का पक्का घर का सपना हो रहा साकार

135 दिवस में आवास पूर्ण रायपुर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के और सुरक्षित मकान उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कच्चे घरों से पक्के घरों में शिफ्ट हुए परिवार अब सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत गामावाड़ा के नियद नेल्ला नार क्षेत्र में मात्र 135 दिनों में एक आवास का निर्माण कार्य पूरा किया गया, जबकि सामान्य परिस्थितियों में जिले में निर्माण कार्यों में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। रिकॉर्ड समय में मकान का तैयार होना प्रशासन की दक्षता और प्रतिबद्धता का परिचायक है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को तीन किस्तों में 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही 90 दिन का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि ग्रामीणों को न केवल आवास बल्कि रोजगार का भी सहारा मिल सके। “सबका साथ, सबका विकास” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। सुदूर वनांचल के दंतेवाड़ा जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में भी इस योजना से लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में आवास निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। बरसात और निर्माण सामग्री की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रशासन ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले में अब तक कुल 2118 पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें केवल जनपद दंतेवाड़ा में 547 मकानों का निर्माण संपन्न हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि जिले का कोई भी परिवार पक्के घर से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार का पक्का मकान का सपना साकार हो सके।

खाने में लापरवाही का मामला: आश्रम में छात्र हुए भूखे, प्रभारी अधीक्षक सस्पेंड

सुकमा बस्तर संभाग के सुकमा जिले से एक बार फिर छात्रावास में बच्चों के भोजन से जुड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। बीते दिनों जहां बच्चों के खाने में फिनाइल मिलने की घटना ने सबको चौंका दिया था, वहीं अब बालक आश्रम मानकापाल में छात्रों को केवल नमक और चावल परोसने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले की शिकायत पर जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच करवाई। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर सहायक आयुक्त हेमंत सिन्हा और मंडल संयोजक मौके पर पहुंचे और जांच की। अधीक्षक निलंबित जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रभारी अधीक्षक जय प्रकाश बघेल को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन तथा पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सुकमा रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। कलेक्टर ध्रुव ने स्पष्ट किया है कि आश्रमों एवं छात्रावासों में बच्चों के भोजन, स्वास्थ्य और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि छात्रावासों और आश्रमों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की सतत निगरानी सुनिश्चित करें।

बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी मदद: पंजाब सरकार ने मंजूर किए 71 करोड़ रुपये

पंजाब  पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाढ़ के दौरान राज्यवासियों को हुए नुकसान की भरपाई करने तथा उनके लिये समय पर राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए तुरंत उपाय के रूप में कुल 71 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 71 करोड़ रुपये जारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बतया कि पहले चरण में सभी जिलों को 35.50 करोड़ रुपये पहले ही जारी किये जा चुके हैं। अब सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के लिए 35.50 करोड़ रुपये की और राशि मंजूर कर दी गई है। बताया कि राज्य सरकार जन-धन की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है और प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भगवंत मान सरकार तुरंत राहत के साथ-साथ पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। इस दौरान सरकार द्वारा विशेष ध्यान उन किसानों पर दिया जा रहा है, जिन्हें फसलों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन जिलों को आवंटित की गई धनराशि जिलावार विवरण साझा करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) अनुराग वर्मा ने बताया कि जिन जिलों को यह फंड आवंटित किए गए हैं। उनमें अमृतसर को 5 करोड़ रुपये, बठिंडा को 2 करोड़ रुपये, बरनाला को 1 करोड़ रुपये, फरीदकोट को 1 करोड़ रुपये, फिरोज़पुर को 5 करोड़ रुपये, फाजिल्का को 5 करोड़ रुपये, फतेहगढ़ साहिब को 1 करोड़ रुपये, गुरदासपुर को 6.5 करोड़ रुपये, होशियारपुर को 3 करोड़ रुपये, जालंधर को 5 करोड़ रुपये, कपूरथला को 5 करोड़ रुपये, लुधियाना को 5 करोड़ रुपये, मोगा को 1.5 करोड़ रुपये, मानसा को 1 करोड़ रुपये, मालेरकोटला को 1 करोड़ रुपये, पटियाला को 5 करोड़ रुपये, पठानकोट को 4 करोड़ रुपये, रूपनगर को 2.5 करोड़ रुपये, श्री मुक्तसर साहिब को 2 करोड़ रुपये, एसएएस नगर को 2 करोड़ रुपये, एसबीएस नगर को 1 करोड़ रुपये, संगरूर को 1.5 करोड़ रुपये और जिला तरन तारन को 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

नागपुर-पाराडोल रेलवे हॉल्ट सर्वे को लेकर बैठक संपन्न

नागपुर-पाराडोल रेलवे हॉल्ट सर्वे को लेकर बैठक संपन्न कलेक्टर बोले- रेलवे परियोजना में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में नागपुर-पाराडोल रेलवे हॉल्ट परियोजना से जुड़ी भूमि अधिग्रहण और संयुक्त मापन सर्वेक्षण (JMS) पर चर्चा के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में रेलवे, वन, लोक निर्माण, कृषि, उद्यानिकी, पीएचई और सीएसपीडीसीएल विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि रेलवे परियोजना क्षेत्रीय विकास और नागरिक सुविधा दोनों के लिए अहम है, इसलिए कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में भूमि स्वामियों का विवरण, भू-खण्ड वर्गीकरण, फसल और संपत्तियों की स्थिति, भवनों व अन्य परिसंपत्तियों का सर्वे, फलदार व इमारती वृक्षों का मापन आदि बिंदुओं पर प्रारूप तय किए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता और भूमि स्वामियों की उपस्थिति में होनी चाहिए। प्रभावित गांव बंजी, सरोला, चिरई पानी, सरभोका, चिताझोर और पाराडोल में सप्ताहवार शिविर लगाकर सर्वे करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हितग्राही का फोटो-वीडियो रिकॉर्ड तैयार कर अलग फोल्डर में संकलित कर एसडीएम को सौंपा जाए। साथ ही जनपद सीईओ, सरपंच और सचिव की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, संयुक्त कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, तहसीलदार, रेलवे विभाग के अधिकारी, आरआई और पटवारी उपस्थित रहे।

बिहार बंद का कारण: लालू यादव ने मोदी और गुजराती के बयान पर जताई नाराजगी

पटना राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी को दी गई मां की गाली के खिलाफ एनडीए दलों के बिहार बंद का विरोध किया है और कहा कि बिहारियों को गुजराती लोग हल्के में ना लें। मोदी को गाली प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी समेत एनडीए के सारे दलों ने बिहार बंद किया है। राज्य के सभी जिलों में एनडीए दलों के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। बंद के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के खिलाफ नारबाजी भी हुई है। लालू ने एक ट्वीट में मोदी के साथ भाजपा पर हमला किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लालू यादव ने लिखा है, "क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपाइयों को आदेश दिया है कि आज पूरे बिहार और बिहारियों की माताओं-बहनों और बेटियों को गाली दो? गुजराती लोग बिहारियों को इतने हल्के में ना लें? यह बिहार है। बीजेपी के गुंडे-मव्वाली सम्मानित शिक्षिकाओं, राह चलती महिलाओं, छात्राओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पत्रकारों को गालियां दे रहे है, उनके साथ हाथापाई कर दुर्व्यवहार कर रहे है? क्या यह उचित है?" राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पीएम मोदी को गाली को उनकी मां का अपमान बताकर सियासत जोरों पर है। गुरुवार को सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद का ऐलान किया गया था। सभी जिलों से बंदी की खबरें आईं हैं। कई जिलों में उग्र प्रदर्शन भी हुए। हालांकि ट्रेन और आवश्क सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया था। बिहारशरीफ में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी जाम में फंस गए। वो राजगीर जा रहे थे कि नालंदा के पतासंग गांव के पास एनएच-20 पर उनका काफिला जाम में फंसा दिखा।  

विचारपुर की फुटबॉल टीम से मिले मंत्री सारंग, खिलाड़ियों को दी हौसला अफजाई

‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर: मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों के साथ साझा किया अनुभव और प्रेरणा जर्मनी के क्लब द्वारा विचारपुर टीम के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की पेशकश भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से प्रसिद्ध शहडोल जिले के विचारपुर ग्राम की फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 जुलाई 2023 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विचारपुर का उल्लेख कर इसे ‘मिनी ब्राजील’ नाम दिया था। प्रधानमंत्री द्वारा की गई इस सराहना ने विचारपुर के खिलाड़ियों को नई पहचान दी और अब यही पहचान वैश्विक मंच पर अपना स्थान बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी के पॉडकास्ट में उल्लेख के बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब एफ.सी. Ingolstadt 04 ने विचारपुर के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर देने की इच्छा जताई है। खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं मंत्री सारंग ने कहा कि विचारपुर के युवा खिलाड़ियों में अपार संभावनाएं छिपी हैं। वे अब केवल अपने गांव या प्रदेश के नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने खेल को उस स्तर तक ले जाएं कि विदेशों में भी ‘मिनी विचारपुर’ टीम के नाम से भारत की पहचान बने। उन्होंने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि यह अवसर आने वाले समय में प्रदेश की खेल प्रतिभा के लिए प्रेरणा बनेगा। खिलाड़ियों में उत्साह मंत्री सारंग से संवाद के दौरान खिलाड़ियों ने कहा कि यदि उन्हें जर्मनी जाने का अवसर प्राप्त होता है तो वे अपने खेल कौशल (स्किल्स) को और बेहतर करेंगे तथा वहां सीखी गई तकनीक और अनुभव को वापस आकर अपने साथियों और आने वाली पीढ़ी के साथ साझा करेंगे। कुल 4 खिलाड़ियों को मिलेगा अवसर जर्मनी का फुटबॉल क्लब विचारपुर ग्राम से कुल 4 खिलाड़ियों और 1 प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक आमंत्रित कर रहा है। इसमें 2 बालक और 2 बालिका खिलाड़ी शामिल होंगे। उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और खेल का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसमें तकनीकी मानदंड, खिलाड़ियों की उपलब्धियां और शारीरिक दक्षता को आधार बनाया जाएगा। यह अवसर विचारपुर के खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देगा और प्रदेश की खेल प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।।