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पंजाब में मानसून की वापसी का दौर शुरू, कई जिलों में आज हल्की बारिश संभव

अमृतसर. पंजाब में मानसून का सफर अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 15 सितंबर के बाद से राज्य में मानसून की विदाई प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। मालवा क्षेत्र के फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों से मानसून के बादल पीछे हट चुके हैं। मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार 25 सितंबर या उससे पहले मानसून पूरे प्रदेश से पूरी तरह से विदा हो जाएगा। दो दिन बारिश के दौर के बाद अब तापमान में हल्की बढ़ौतरी देखने को मिली। हालांकि, तापमान अभी भी सामान्य के करीब बना हुआ है। आज मौसम विभाग ने कोई अलर्ट तो जारी नहीं किया, लेकिन छुटपुट बारिश के आसार बन रहे हैं। वहीं, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।  मौसम केंद्र की चेतावनी व पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार 19 सितंबर को राज्य के कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की या छिटपुट (25 प्रतिशत तक क्षेत्र में) बारिश होने की संभावना है। 19 सितंबर: आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर और रूपनगर हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और मोहाली समेत राज्य के मध्य व दक्षिणी इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। 20-21 सितंबर: राज्य के सभी जिलों में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। तापमान में 0.3 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी शुक्रवार (18 सितंबर) को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में बीते दिन के मुकाबले 0.3 डिग्री सेल्सियस की हल्की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह सामान्य तापमान के आसपास ही बना रहा। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फरीदकोट में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो अमृतसर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री, लुधियाना में 33.0 डिग्री, पटियाला में 34.4 डिग्री, बठिंडा में 34.0 डिग्री, फिरोजपुर में 33.4 डिग्री, जालंधर में 31.3 डिग्री, होशियारपुर में 31.6 डिग्री और संगरूर में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

मुख्यमंत्री साय आज रायपुर-अंबिकापुर में करेंगे शिरकत, कई अहम कार्यक्रम तय

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर को दोपहर साढ़े बारह बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले से जुड़ेंगे. इस अवसर पर वे देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों व संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे तथा चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करेंगे. रायपुर में रोजगार मेले का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार साइंस कॉलेज परिसर जीई रोड में किया जाएगा. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे. रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से 125 अभ्यर्थी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे. PM मोदी रोजगार मेले में युवाओं से होंगे रूबरू रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और सरगुजा जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:25 बजे रायपुर स्थित एक निजी रिजॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे 4th Annual BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर पुलिस मुख्यालय हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से अंबिकापुर के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री दोपहर 1:25 बजे अंबिकापुर के राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान पहुंचेंगे. यहां से 1:40 बजे एक निजी होटल में आयोजित अग्र महाकुंभ 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे. दोपहर 3:40 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 3:55 बजे सूरजपुर के बिश्रामपुर स्थित अयप्पा ग्राउंड हेलीपैड पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4:10 बजे बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री शाम 5:55 बजे वापस रायपुर लौटेंगे.

बगलामुखी मंदिर दर्शन को गए 8 श्रद्धालुओं की मौत, नाले में गिरी कार

आगर-मालवा  आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के पास शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के समीप बरसाती नाले में श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई। हादसे में कार सवार 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल है।  जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे। बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार तेज बहाव की चपेट में आकर पानी में बह गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान शुरू किया गया। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान मंदिर के पास मौजूद बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार अचानक तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गई. देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कार नाले में बह गई।  तेज बहाव के आगे नहीं टिक सकी कार बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव काफी तेज था. इसी दौरान कार चालक ने नाले को पार करने की कोशिश की. पानी की तेज धार में वाहन असंतुलित हो गया और बह गया. हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. जिस कार के हादसे का शिकार होने की जानकारी सामने आई है, उसका नंबर मध्य प्रदेश का ही है।  सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई. नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया. रेस्क्यू टीम ने नाले के आसपास के हिस्से में भी तलाशी अभियान चलाया. एक अधिकारी ने बताया कि शवों को बाहर निकाल लिया गया है. उनकी पहचान की जा रही है. सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. प्रशासन ने अपील की है नाले के आसपास न आएं।  हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. मौके पर लोगों की भीड़ जुटने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और राहत-बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से चलाने का प्रयास किया जा रहा है।  बरसाती नाले में बह गई कार बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव तेज था। श्रद्धालुओं की कार नाले के पास पहुंची। तेज बहाव में संतुलन बिगड़ने के बाद बह गई। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। प्रशासन की टीम शवों को बाहर निकालने और पहचान की प्रक्रिया में जुटी है। प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत-बचाव कार्य संभाला। बताया जा रहा है कि कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मां बगलामुखी मंदिर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

24 बच्चों की मौत वाले कफ सिरप मामले में दवा विक्रेता को राहत, 11 महीने बाद मिली जमानत

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा कप सिरप कांड के एक आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत का लाभ मिल गया है. हाईकोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने दवा के थोक विक्रेता राजेश सोनी को जमानत का लाभ प्रदान किया है. गुरुवार को छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें से एक आरोपी की जमानत खारिज कर दी गई, तो वहीं राजेश सोनी को जमानत का लाभ मिला गया।  जहरीले कफ सिरप से हुई थी 24 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप के कारण 24 बच्चों की मौत हो गई थी. पुलिस ने जांच में पाया था कि कफ सिरप में 46 प्रतिशत डीआईडी था. पुलिस ने जांच के बाद कफ सिरप बनने वाली कंपनी श्रीसन के मालिक रंगनाथन गोविंदन, केमिस्ट सहित तीन डॉक्टर सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था. पूर्व में प्रकरण में आरोपी बनाई गई ज्योति सोनी व सौरभ को जमानत का लाभ मिल गया था।  दवा विक्रेता को भी बनाया गया था आरोपी इस घटना में कई बच्चों की मौत के बाद दवा के थोक विक्रेता राजेश सोनी के खिलाफ भी पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था. राजेश सोनी को पुलिस ने आरोपी बनाते हुए अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था. दवा विक्रेता की ओर से पेश किए गए जमानत आवेदन में तर्क दिया गया कि दवा के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. दवा का स्टॉक आने पर उन्होंने उसकी बिक्री की थी. वह विगत 11 माह से न्यायिक हिरासत में है. ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए।  एकलपीठ ने सुनवाई के बाद दवा विक्रता को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया. हालांकि, प्रकरण में एक और आरोपी डॉ. एस एस ठाकुर को जमानत का लाभ नहीं दिया, जिसके बाद डॉ. एसएस ठाकुर की ओर से जमानत आवेदन वापस लेने का आग्रह किया गया. एकलपीठ ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया। 

CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 पर वारंट जारी, गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेशी के निर्देश

कटनी  निलंबित फरार सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित दो अन्य आरोपितों के खिलाफ जिला न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। मामले की जांच और गिरफ्तारी का प्रयास कर रही एसआईटी ने जिला न्यायालय में निलंबित सीएसपी सहित उनके सहयोगी क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ मियादी वारंट जारी करने को लेकर आवेदन दिया था। शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीषा जैन तिवारी की अदालत ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं और  25 सितंबर तक की मियाद निर्धारित की है। निर्धारित तिथि तक न्यायालय ने पुलिस को तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। भ्रष्टाचार और हत्यारोपित को बचाने के गंभीर आरोप निलंबित सीएसपी सहित तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार, हत्या के आरोपितों को बचाने साजिश करने और करोड़ों की जमीन को दवाब बनाकर महज 18 लाख रुपये में अपने नाम करा लेने का आरोप है। तीनों ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। आरोपितों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है और एक माह का समय बीतने तक पुलिस तीनों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई इधर निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया से संबंधित मामला हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में भी विचाराधीन है। उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने अगली सुनवाई से पहले जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले में 21 सितंबर को अगली सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर विचार किया जाना है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध के मामले में जिला न्यायालय ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। 1 करोड़ की जमीन महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गई इसके एवज में उन्होंने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर में अपने एजेंट के नाम पर खरीदी है. उक्त जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी. जबकि उसके बैंक खाते में जमीन खरीदने से पहले महज कुछ हजार रुपये थे. मारूफ के बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी, जिसके बाद एक करोड़ रुपये की जमीन को महज 15 से 20 लाख रुपये में खरीदी गयी थी. विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।  निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया तथा क्षितिज राज पात्रे ने अग्रिम जमानत के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दायर किया था. जिला न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किये जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी. याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से दर्ज एफआईआर पर रोक लगाये जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया गया था. एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश जारी किया है।  

फतेहगढ़ साहिब में बीजेपी की नशा मुक्त यात्रा का विरोध, जगह-जगह फाड़े पोस्टर

फतेहगढ़ साहिब. भाजपा कि पंजाब मुक्त नशा यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कुछ ही समय में फतेहगढ़ साहिब पहुंचने वाली है। उनके आगमन से पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों यहां पहुंच चुके हैं। दूसरे चरण की इस यात्रा की शुरुआत से पहले गुरुद्वारा ज्योति स्वरूप साहिब मार्ग पर भाजपा के विरोध में पोस्टर्स लगा दिए गए हैं। ये पोस्टर किसने लगाए। इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं भाजपा की नशा मुक्त पंजाबी यात्रा के पोस्टर्स को जगह-जगह फाड़ा गया है। केवल सिंह ढिल्लों ने यहां बातचीत के दौरान कहा कि पंजाब में नशा होम डिलीवरी के जरिए भी लोगों पहुंच रहा है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। जिस पर काबू पाने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि पांच संकल्पों के साथ शुरू हुई इस यात्रा को एक जन आंदोलन में तब्दील किया जाएगा और नशे से पीड़ित परिवारों के दर्द को समझ कर नशा उन्मूलन के लिए सुदृढ़ रोड मैप तैयार किया जा रहा है। वहीं, भाजपा के विरोध में लगे पोस्टर्स जिन में पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान को दिए जाने वह किसान आंदोलन के दौरान रद्द हुए कृषि कानून की बहाली के आरोपी को उठाया गया है उन पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी की सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है।

सिकल सेल को लेकर बस्तर में बड़ा अभियान, 6 लाख से अधिक लोगों की जांच

जगदलपुर. बस्तर में सिकल सेल बीमारी की पहचान के लिए चल रही स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं. 31 अगस्त तक जिले में 6 लाख 17 हजार 552 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. यह निर्धारित 5 लाख 82 हजार 631 के लक्ष्य का 106 प्रतिशत है. स्क्रीनिंग में सिकल सेल के गंभीर रूप एसएस के 891 मरीज चिन्हित किए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 141 मरीज बकावंड, 134 तोकापाल और 97 जगदलपुर ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं. कुल 891 मरीजों में 596 बस्तर जिले के हैं, जबकि 295 मरीज अन्य जिलों या राज्यों से संबंधित बताए गए हैं. स्क्रीनिंग में 8,065 एएस वाहक भी चिन्हित किए गए हैं, जिससे जागरूकता और नियमित जांच की जरूरत सामने आती है. स्वास्थ्य विभाग अब चिन्हित मरीजों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें उपचार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में जुटा है. विशेषज्ञ परिवार में बीमारी का इतिहास होने पर जांच और विवाह से पहले दोनों पक्षों की स्क्रीनिंग की सलाह दे रहे हैं. मेकाज अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के मुताबिक समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श से बीमारी के जोखिम को समझने में मदद मिलती है. बस्तर में स्क्रीनिंग का आंकड़ा लक्ष्य से आगे निकलना अभियान की पहुंच दिखाता है, लेकिन मरीजों के नियमित फॉलोअप की चुनौती भी सामने है.

नवाखाई तिहार से गूंजा बस्तर, इंद्रावती नदी के तट पर हुई विशेष पूजा-अर्चना

जगदलपुर. बस्तर में ‘नया खानी’ (नवाखाई) तिहार की शुरूआत हो गई है, नवखाई से पूर्व जगदलपुर के घाटकवाली में स्थानीय ग्रामीणों ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इंद्रावती नदी के तट पर एकत्रित होकर एक विशेष सेवा अर्जी का आयोजन किया. इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल की देवी, जलनी (माता) आया को श्रद्धापूर्वक सोने की नाव और चांदी का पतवार भेंट की. इस अनोखी भेंट के साथ ही ग्रामीणों ने सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और बिना किसी विघ्न-बाधा के नया खानी त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए जलनी आया से अनुमति मांगी. आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बस्तर के जनजातीय समाज में कृषि और प्रकृति से जुड़े त्यौहारों का विशेष महत्व है. ‘नया खानी’ तिहार नई फसल के आने की खुशी में मनाया जाता है, जिसमें खेतों से आई नई फसल (धान) का भोग सबसे पहले देवी-देवताओं और पूर्वजों को लगाया जाता है, घाटकवाली गांव की मान्यता के अनुसार, इंद्रावती नदी और उनकी देवी ‘जलनी आया’ घाटकवाली की जीवनदायिनी हैं. ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि जलनी आया की अनुमति और आशीर्वाद के बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं हो सकता, यही कारण है कि पुरखों से चली आ रही परंपरा अनुसार सोने की नाव और चांदी का पतवार अर्पित कर जलनी आया को प्रसन्न किया गया, ताकि गांव पर उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे, पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान गांव के बैगा, सिरहा, पुजारी और मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इंद्रावती नदी के घाट पर एकत्रित हुए, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच पूजा की रस्में पूरी की गईं.

7,400+ मेधावी छात्रों को मिली ई-स्कूटी, छात्रा के साथ स्कूटी पर सवार हुए CM मोहन यादव

भोपाल  MP के मेधावी छात्रों को आज बड़ी सौगात मिली है। इन छात्र छात्राओं को सरकार की ओर स्कूटी दी जा रही है। भोपाल के शिवाजी नगर के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने ऐसे कुछ बच्चों को सांकेतिक रूप से स्कूटी की चाबी दी। स्टूडेंट के खातों में वाहन की राशि भी ट्रांसफर की। कार्यक्रम में एक छात्रा ने सीएम मोहन यादव को पीछे बैठाकर स्कूटी दौड़ाई, उनके साथ साथ सुरक्षाकर्मी भी भागते दिखे।कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। स्कूटी पर बैठे सीएम छात्र और छात्राएं स्कूटी पाकर बेहद खुश थे। सीएम मोहन यादव भी स्कूटी पर बैठे और एक छात्रा ने स्कूटी चलाई। सीएम हेलमेट लगाकर स्कूटी पर बैठे थे। सीएम मोहन यादव ने बच्चों को स्कूटी देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।  मुख्यमंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा से बातचीत की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा खुशी राय से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि वह आगे की पढ़ाई के लिए किस विषय में एडमिशन ले रही हैं। खुशी ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रही हैं और साथ में बीकॉम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उसके परिवार के बारे में भी पूछा। खुशी ने बताया कि परिवार में उसके मम्मी-पापा हैं। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रा से हल्के-फुल्के अंदाज में परिवार को लेकर बातचीत की और उसे स्कूटी मिलने पर बधाई देते हुए आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं दीं। पेंटिंग्स देख खुश हुए सीएम सीएम मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ओर से बनाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें बच्चों ने आकर्षक पेंटिंग्स बनाई थी। सीएम ने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और कल्पनाशीलता की सराहना की। सीएम ने बच्चों से पेंटिंग्स के बारे में अनेक प्रश्न किए, जिसके बारे मे बच्चों ने उन्हें इसके बारे में बताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्रता नियमों में इस साल बदलाव किया गया है। वर्ष 2026 से योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक हासिल करना जरूरी है। इसके साथ ही विद्यार्थी का अपने स्कूल में प्रथम स्थान पर होना भी अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेशभर के 7400 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ये ई-स्कूटी दी जा रहीं हैं। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण का कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर में आयोजित किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में ही 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान आना जरूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत विद्यार्थी को दिया जाता है। योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपए और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती है। 95% अंक वाले शब्द अहिरवार से भी सीएम ने की बात मुख्यमंत्री ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय सुभाष के विद्यार्थी शब्द अहिरवार से भी संवाद किया। शब्द ने बताया कि उसने 12वीं में 95% अंक हासिल किए हैं। परिवार के बारे में पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता और मां नहीं हैं और वह चाचा-चाची के साथ रहता है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि उसे किसी तरह की परेशानी तो नहीं है, जिस पर शब्द ने कहा कि उसे कोई परेशानी नहीं है। शब्द ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रहा है। परिवार में किसी के सर्विस या बिजनेस में होने के सवाल पर उसने बताया कि ऐसा कोई नहीं है। उसने कहा कि फाइनेंस और अकाउंट्स में उसकी रुचि है, इसलिए उसने सीए बनने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने उसकी रुचि और लक्ष्य की सराहना की। आकाश साहू ने कहा- एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करूंगा मुख्यमंत्री ने विद्यार्थी आकाश साहू से भी बातचीत की। आकाश ने बताया कि उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं और उसके पिता कार्यक्रम में आए हैं। स्कूटी मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए उसने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने उससे पूछा कि क्या यह उसकी पहली गाड़ी है। आकाश ने बताया कि घर में उसके पिता के पास पहले से वाहन है। मुख्यमंत्री ने उसे वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह भी दी। आगे के लक्ष्य के बारे में पूछने पर आकाश ने बताया कि वह अपना एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। उसने बताया कि वह एग्रीकल्चर का छात्र है और 12वीं में उसके 95.2% अंक आए हैं। उसके पिता गेहूं और सोयाबीन की खेती करते हैं और सालाना करीब 4 से 5 लाख रुपए की कमाई होती है। आकाश ने बताया कि वह ऑनलाइन क्विक कॉमर्स के माध्यम से फल और सब्जियों की सप्लाई का काम शुरू करना चाहता है। उसने इसके लिए ब्लिंकिट जैसी कंपनी के माध्यम से फल-सब्जी सप्लाई का काम करने की योजना बताई। मुख्यमंत्री ने उसकी जानकारी और उद्यम शुरू करने के विचार की सराहना करते हुए उसे शुभकामनाएं दीं। अब तक 23000 से अधिक विद्यार्थी हो चुके लाभान्वित प्रदेश सरकार द्वारा योजना अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के 7400 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का वितरण किया जा रहा है। मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से अब तक प्रदेश के 23000 से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। … Read more

युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती के लिए तैयार करेगा खेल एवं युवा कल्याण विभाग, पार्थ योजना शुरू

खेल मैदान से सुरक्षा बलों की भर्ती तक, युवाओं को तैयार करेगा खेल एवं युवा कल्याण विभाग पार्थ योजना के अंतर्गत युवाओं को सेना-पुलिस भर्ती की शारीरिक तैयारी का अवसर तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में शुरू होगा शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, करीब 100 सीटें प्रस्तावित; आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर भोपाल  मध्यप्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पार्थ योजना (Police-Army Recruitment Training for Humanity and Hunnar) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत युवाओं को भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता की तैयारी के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। तात्या टोपे राज्य खेल परिसर, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए करीब 100 सीटें प्रस्तावित की गई हैं। 25 सितंबर तक आवेदन, करीब 100 सीटों का प्रस्ताव खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 100 सीटें उपलब्ध होंगी, जिनकी संख्या आवश्यकता के अनुसार इससे अधिक भी हो सकती है। प्रशिक्षण की अवधि शारीरिक परीक्षा की अवधि के अनुरूप निर्धारित की जाएगी। सुबह और शाम दो सत्रों में होगी शारीरिक तैयारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अभ्यर्थियों को प्रतिदिन दो सत्रों में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। सुबह का प्रशिक्षण समय प्रातः 8 से 10:30 बजे तक तथा शाम का प्रशिक्षण समय शाम 6 से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित शारीरिक मापदंडों एवं दक्षता संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप अभ्यर्थियों को तैयार करना है। पुलिस मुख्यालय से संबद्ध प्रधान आरक्षक देंगे प्रशिक्षण पार्थ योजना के अंतर्गत तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश से प्रधान आरक्षक क्रमांक 972 बालेश यादव को छह माह की अवधि के लिए संबद्ध किया गया है। पुलिस विभाग के आदेश क्रमांक पुमु/विसबल/7(4)/1048/2026, दिनांक 31 अगस्त 2026 के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण कार्य के लिए नियुक्त किया गया है। 9 सितंबर 2026 को 23वीं वाहिनी विसबल, भोपाल से कार्यमुक्त कर उन्हें टाट्या टोपे स्टेडियम में प्रशिक्षण देने के लिए रवाना किया गया। 10 संभागीय जिला मुख्यालयों से योजना शुरू करने का प्रावधान पार्थ योजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में विभागीय अधोसंरचना का उपयोग करते हुए 10 संभागीय जिला मुख्यालयों में योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। जिला खेल अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दिए जाने का प्रावधान है। प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर जोर दिया गया है। योजना का संचालन विभागीय खिलाड़ी प्रशिक्षक कल्याण समिति के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। प्रशिक्षणार्थियों का रिकॉर्ड भी संधारित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की प्रगति एवं परिणामों का मूल्यांकन किया जा सके। 400 मीटर ट्रैक से लेकर हाई जंप उपकरण तक की व्यवस्था पार्थ योजना के अंतर्गत शारीरिक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए आवश्यक खेल अधोसंरचना की व्यवस्था का प्रावधान है। इसके अंतर्गत 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक, सिंडर एवं मड ट्रैक की उपलब्धता, लॉन्ग जंप पिट तथा आवश्यक उपकरण और उपयुक्त स्थान की व्यवस्था शामिल है। हाई जंप के लिए राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई गई है। एक से 12 माह तक के प्रशिक्षण विकल्प का प्रावधान पार्थ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की अवधि को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है— 01 वर्ष का प्रशिक्षण : गहन तैयारी के लिए। 06 माह का प्रशिक्षण : मध्यम अवधि की तैयारी के लिए। 01 से 03 माह का प्रशिक्षण : त्वरित तैयारी के लिए। प्रशिक्षण शुल्क स्थानीय परिस्थितियों एवं जिला स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसार निर्धारित किए जाने का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 4 हजार रुपये, बालिकाओं के लिए तीन माह के प्रशिक्षण के लिए 2 हजार रुपये तथा छह माह के प्रशिक्षण के लिए 8 हजार शुल्क का उल्लेख किया गया है। युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और रोजगार के अवसर बढ़ाने का उद्देश्य पार्थ योजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए शारीरिक रूप से तैयार करना है। योजना के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है। योजना के अपेक्षित लाभों में युवाओं की शारीरिक क्षमता में वृद्धि, सुरक्षा बलों में भर्ती की सफलता दर को बढ़ावा देना, स्थानीय अधोसंरचना का उपयोग एवं रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन देना शामिल है। नियमित मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन की व्यवस्था पार्थ योजना के अंतर्गत योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मूल्यांकन के लिए संचालनालय स्तर पर अधिकारी नामांकित किए जाने का प्रावधान है। सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश को प्रस्तुत की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों की भर्ती सफलता दर को प्रमुख सफलता मानदंड के रूप में मापने का प्रस्ताव है। योजना की त्रैमासिक एवं वार्षिक समीक्षा भी की जाएगी।