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‘लव जिहाद’ फंडिंग मामले में पुलिस ने बनाई स्पेशल टीमें, NSA के तहत फरार पार्षद अनवर कादरी की तलाश तेज

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक बार फिर ‘लव जिहाद’ को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। इस बार मामला सीधे एक राजनीतिक प्रतिनिधि से जुड़ गया है। कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर आरोप है कि उसने ‘लव जिहाद’ के लिए आर्थिक सहायता (फंडिंग) की है। पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे फरार घोषित कर दिया है। वहीं, उसकी गिरफ्तारी के लिए डीसीपी जोन-3 के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं। अनवर कादरी की गिरफ्तारी पर इंदौर पुलिस ने 10 हज़ार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी नहीं होती है तो इनाम की राशि और बढ़ाई जा सकती है। कई गंभीर मामलों में पहले से है आरोपी अनवर कादरी का आपराधिक रिकॉर्ड भी बेहद चिंताजनक है। उसके खिलाफ डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें कई मामले सांप्रदायिक तनाव, भड़काऊ बयान, और मारपीट से जुड़े हैं। यह वही अनवर कादरी है जिसे पुलवामा हमले के बाद ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने के आरोप में जेल भेजा गया था। उस वक्त भी कादरी की गिरफ्तारी ने शहर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ी बहस छेड़ दी थी। पुलिस कर रही सघन तलाश पुलिस अब शहर के कई इलाकों में दबिश दे रही है और कादरी की संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए है। डीसीपी जोन 3 के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों की संयुक्त टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। फिलहाल पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को अनवर कादरी के ठिकाने की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस पूरे मामले में कांग्रेसी पार्षद की भूमिका ने राजनीति को भी गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस से जवाब मांगा है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जांच जारी है, पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर हैं।

सीएम योगी ने कहा- बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई, धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया है। छांगुर बाबा पर अलग-अलग वर्गों और जातियों के लोगों का अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे हैं। इस मामले में अब एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर में सुनियोजित ढंग से धर्मांतरण की साजिश रची गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की है। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा– सीएम योगी सीएम योगी ने कहा, “बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई। आरोपी ने धर्मांतरण के लिए अलग-अलग रेट तय किए थे। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन लोगों का मकसद देश के सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बिगाड़ना है। सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि छांगुर बाबा ने हिंदू, ब्राह्मण, क्षत्रिय, सिख, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों के धर्मांतरण के लिए अलग-अलग दरें तय कर रखी थीं। इस काम के लिए विदेशों से बड़ी मात्रा में फंडिंग भी की जा रही थी। 100 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन और 40 बैंक अकाउंट  सीएम योगी ने आगे कहा कि “आप सोचिए, अब तक उसके 40 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया है। वह लगातार इस धर्मांतरण अभियान को बढ़ावा दे रहा था। ये देश के स्वरूप को बिगाड़ने की कोशिश है।” सीएम योगी ने यह भी कहा कि समय भले बदल गया हो, लेकिन ऐसे लोगों का उद्देश्य वही है – भारत की सामाजिक एकता और संस्कृति को नुकसान पहुंचाना। हालांकि, अब सरकार पूरी तरह सतर्क है और ऐसी किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। सरकार की सख्त चेतावनी उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अवैध धर्मांतरण कराने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।  

भोपाल से हज जाने वाले यात्रियों को अब पहले इंदौर पहुंचकर हज फ्लाइट पकड़नी होगी

भोपाल  हज यात्रा की सुविधा में प्रदेश एक पायदान पीछे हो गया। इम्बारकेशन प्वॉइंट की सूची से इस बार भोपाल का नाम हटा दिया गया है। सूची में देश के 17 शहरों में प्रदेश से अब सिर्फ इंदौर ही शामिल है। यहीं से मक्का-मदीना जाने के लिए सीधी उड़ान मिलेगी। यानी, भोपाल के यात्रियों को हज पर जाने के लिए इंदौर से उड़ान लेनी होगी। सेंट्रल हज कमेटी ने हजयात्रा की गाइडलाइन जारी कर दी है। 30 जुलाई तक इसके आवेदन की प्रक्रिया चलेगी। नई गाइडलाइन में इंदौर समेत देश के 17 शहरों से ही इंटरनेशनल फ्लाइट मिलेगी। यात्रियों को आवेदन फॉर्म में इन प्वॉइंट को शामिल करना होता है। बता दें, पिछले साल प्रदेश से हज यात्रा पर 8500 लोग रवाना हुए थे। हज यात्रा के ये प्वॉइंट — श्रीनगर –गया — गुवाहाटी — इंदौर — जयपुर –नागपुर — दिल्ली — मुंबई — कोलकाता — बेंगलूरु, — हैदराबाद — कोचीन — अहमदाबाद — चेन्नई — लखनऊ — कालीकट (कोझीकोड)। संगठनों का विरोध, बोेले-भोपाल के साथ नाइंसाफी इम्बारकेशन प्वॉइंट से भोपाल का नाम कटने के बाद संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है, राजधानी होने के बाद भी नाम हटाना, भोपाल के साथ बड़ी नाइंसाफी है। ऑल इंडिया हज वेलफेयर सोसायटी के मोहम्मद तौफीक ने बताया कि हज कमेटी समेत पीएमओ को पत्र भेजेंगे। नाम शामिल कराने की बात कही गई है।

कोरबा में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खराब, मरीज को तिरपाल से ढक, खाट पर लिटा 7 किमी पैदल चले परिजन

कोरबा कोरबा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खराब है। मरीजों को न तो समय पर एंबुलेंस मिल रही है और न ही उपचार की सुविधा। कई स्थानों पर परिजनों के फोन करने के बाद भी ग्राम तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है। पाली विकासखंड के ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 37 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत बारीउमराव के गांव जलहल में मरीज को खाट पर लिटाकर परिजनों को सात किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, गांव जलहल में रहने वाली करसीला एक्का (37) पति रामधन एक्का मौसमी बीमारी की चपेट में आ गई। शरीर बुखार से तप रहा था। उसकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए रामधन एक्का ने एंबुलेंस को कॉल किया। लेकिन एबुंलेंस नहीं पहुंची। इस बीच झमाझम बारिश हो रही थी। परिजन आनन-फानन में बरसते बादल के बीच मरीज को खाट के सहारे ग्राम लीमगांव ले आए। इस दौरान बारिश से मरीज को बचाने के लिए खाट को तिरपाल से ढका और मरीज को छाता भी ओढ़ाया। मरीज को लेकर सड़क विहीन ग्राम से लीमगांव मुख्य मार्ग तक लगभग सात किलोमीटर पैदल चले। लीमगांव मुख्य मार्ग से निजी वाहन की मदद से पाली मुख्यालय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब महिला की तबीयत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस दौरान परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि पाली विकासखंड के ग्राम जलजल से लीमगांव तक सड़क की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। गांव से मुख्य मार्ग की दूरी लगभग सात किलोमीटर है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसकी वजह से काफी असुविधा हो रही है। इसकी शिकायत ब्लॉक मुख्यालय से लेकर जिला प्रशासन से कई बार की जा चुकी है।

भाई गोविंद ने सोनम के गहने राजा के परिवार को लौटाए

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग जेल में बंद सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे सभी हैरान हैं। गोविंद ने राजा के परिवार को करीब 16 लाख रुपये के गहने वापस लौटा दिए हैं जो उन्होंने शादी के दौरान सोनम को दिए थे। राजा के परिवार की ओर से सोनम को दिया गया मंगलसूत्र और एक अंगूठी अभी शिलांग पुलिस के पास ही है। उधर अंगूठी, चूडियां और सोने का हार राजा के परिवार को वापस कर दिया गया है, जो उन्होंने शादी के दौरान अलग-अलग रस्मों में सोनम को दिया था। राजा को गिफ्ट और कैश दिया था वो वापस नहीं लेंगे गोविंद रघुवंशी ने राजेंद्र नगर पुलिस थाने के जरिए यह सारे गहने राजा के परिवार को वापस सौंद दिए हैं। उसका कहना है कि इस पर उनका कोई हक नहीं है, ये राजा के परिवार द्वारा ही दिए गए थे, तो उन्हें ही वापस लौटा दिए। उधर सोनम के परिवार की ओर से राजा को जो गिफ्ट और कैश दिया गया था उसे उन्होंने वापस लेने से इन्कार कर दिया है। सोनम के पिता के अनुसार हमने कन्यादान किया है, इसलिए दी हुई चीजें वापस नहीं लेंगे। जानकारी के मुताबिक सोनम रघुवंशी शिलांग जाने से पहले सारे गहने मायके में ही रख गई थी। वह केवल मंगलसूत्र और अंगूठी को अपने साथ में ले गई थी। गोंविद घर में रखे सोनम के गहने लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचा और उसने पुलिस के जरिए इसे राजा के परिवार को वापस लौटाने की बात कही। शिलांग पुलिस को सोनम के पास मिले थे दो मंगलसूत्र राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच के दौरान शिलांग पुलिस को सोनम रघुवंशी के पास से दो मंगलसूत्र मिले थे। इनमें से एक राजा के परिवार द्वारा दिया गया है। वहीं दूसरा मंगलसूत्र किसने दिया यह खुलासा नहीं हो पाया है। उधर इस मामले में राजा के परिवार को आशंका है कि सोनम ने हत्याकांड के बाद इंदौर में आकर राज कुशवाह के साथ शादी कर ली थी। राज ने ही सोनम को दूसरा मंगलसूत्र पहनाया होगा। सोनम से मिलने जाएगा भाई गोविंद गोविंद रघुवंशी का कहना है कि वह एक बार अपनी बहन से मिलना चाहता है। राजा हत्याकांड में जब जांच पूरी हो जाएगी तब वह शिलांग जाकर सोनम से जेल में मिलेगा। अगर उसे लगता है कि सोनम निर्दोष है तो वह अपनी बहन को बचाने के लिए वकील हायर करेगा। गोविंद का कहना है कि अगर सोनम दोषी है तो उसे सजा होनी चाहिए।

लग्जरी गाड़ी में सवार होकर एसबीआई का एटीएम उखाड़कर ले गए बदमाश

सीकर शहर के जयपुर रोड पर हुई एक सनसनीखेज वारदात में बदमाशों ने पूनिया वाइंस के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम को उखाड़कर करीब 32 लाख रुपये से अधिक लूट को अंजाम दिया। वारदात करने वाले बदमाश चार से पांच की संख्या में थे और एक लग्जरी गाड़ी में सवार होकर आए थे। घटना की सूचना मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस सहित पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वारदात रात करीब 3 बजे हुई और पूरी घटना एटीएम के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हालांकि अब तक बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई है। ये भी पढ़ें: Kota News: आपसी कहासुनी में युवक ने महिला को गोली मारने के बाद की आत्महत्या, महिला अस्पताल में भर्ती सूचना के बाद एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही एटीएम इंचार्ज और बैंक के अन्य अधिकारी भी सुबह मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी करवा दी है और बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस को शक है कि यह कोई संगठित गिरोह है, जिसने पहले से ही योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि जिस तरीके से एटीएम को उखाड़ा गया और उसे वाहन में लादकर ले जाया गया, उससे साफ है कि बदमाश इस तरह की घटनाओं के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सीकर जिले के अजीतगढ़ और खाटूश्यामजी इलाके में भी ऐसी ही एटीएम लूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को भी उसी गैंग से जोड़कर देख रही है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हुई हैं और जिले के बाहर भी सुराग जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हृदय विदारक वारदात: धार में लुटेरों ने लाठी-डंडों से हमला कर महिला से छीने गहने, काटे कान

धार   धार जिले के राऊ-खलघाट फोरलेन के गुजरी बायपास पर देर रात करीब 11 बजे अज्ञात पांच बदमाशों द्वारा कार से खरगोन से इंदौर जा रहे परिवार वल्लभ सुरेशचंद्र महाजन, सचिन सुरेशचंद्र महाजन, शारदा महाजन, रेखा सचिन महाजन और भांजी निशि महाजन के साथ लाठियों से मारपीट कर सभी के सोने के आभूषण लूट लिए गए। घटना के बाद कार सवार सभी लोग खरगोन जिले की काकड़दा पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद काकड़दा पुलिस एवं धामनोद पुलिस चारों ओर तलाश में जुट गई। वहीं परिजनों को इलाज के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया। गाली-गलौज और लूटपाट बताया जा रहा है कि गाड़ी का टायर अचानक पंचर हो गया था। कुछ दूरी चलने के बाद गाड़ी रोकनी पड़ी। इसी दौरान जब टायर बदला जा रहा था, तभी पांच अज्ञात लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने सभी के सोने के आभूषण छीन लिए। इस दौरान सचिन महाजन, वल्लभ महाजन और उनकी माता को चोटें आईं। सचिन की माता के कान से सोने का आभूषण खींचने में उनका कान कट गया। सभी घायलों को धामनोद के शासकीय अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकुल स्कूल के संचालक, भंडारी परिवार और अग्रवाल समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। रात करीब 1:30 बजे घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद धामनोद थाने पर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पूरे मामले में धामनोद पुलिस आसपास के क्षेत्र में जांच कर रही है। 

सीएम योगी ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर संदेश यात्रा का शुभारंभ किया

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक के लिए निकली संदेश यात्रा का शुभारंभ किया। सीएम योगी यात्रा में शामिल हुए और दिल्ली के लिए रवाना किया। यात्रा गुरुद्वारा नाका हिंडोला से निकली और सीएम आवास तक गई। सीएम योगी ने यात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा के साथ किया। योगी अपने सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित भी किया। साथ ही शबद कीर्तन एवं कथा विचार के बाद गुरु लंगर वितरित किया गया। गौरतलब हो कि यात्रा यूपी से दिल्ली जाएगी। लखनऊ के बाद यात्रा कानपुर, इटावा, आगरा के रास्ते दिल्ली के चांदनी चौक, शीशगंज स्थित गुरुद्वारा पहुंचेगी। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा की, औरंगजेब क्रूर शासक था, जिसने जबरन धर्म परिवर्तन की नीतियां अपनाईं। औरंगजेब ने भय, प्रलोभन और तरह-तरह के अत्याचार के जरिए गुरु तेग बहादुर जी पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया। लेकिन गुरु तेग बहादुर जी ने उसका डटकर मुकाबला किया और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अपनी शहादत देकर आने वाली पीढ़ी को एक प्रेरणा दी। धर्मांतरण को लेकर सीएम योगी भड़के और इसपर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम राष्ट्रविरोधी साजिशों का पर्दाफाश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज भी देश में धर्मांतरण की साजिशें चल रही हैं। बलरामपुर में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग हो रही थी। धर्मांतरण के लिए रेट तय किए गए थे। जांच में 100 करोड़ रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसे षड्यंत्रकारियों से सावधान रहने की जरूरत है और समाज को तोड़ने वाली ताकतों को नाकाम करें। सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास कभी भी होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा।

मुख्यमंत्री निर्देश पर MP में प्राथमिक स्तर पर 13,089 शिक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू

इंदौर  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। यह भर्ती स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई से 6 अगस्त 2025 तक esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 13,089 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के तहत 10,150 पदों और जनजातीय कार्य विभाग के तहत 2,939 पदों पर भर्ती की जाएगी। यह परीक्षा दोनों विभागों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है। पात्रता मानदंड इस भर्ती प्रक्रिया में केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) 2020 या 2024 में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ सफलता प्राप्त की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास डीएलएड (D.El.Ed) डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इसके अवाला, उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, अधिकतम आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को की जाएगी। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस तिथि तक निर्धारित आयु मानदंडों को पूरा करते हों। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जा सकती है। बीएड धारक आवेदन के पात्र नहीं उम्मीदवार ध्यान दें, इस भर्ती प्रक्रिया में बीएड डिग्री धारियों को पात्र नहीं माना गया है। केवल डीएलएड धारक ही आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, अभ्यर्थियों को विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक ही आवेदन पत्र के माध्यम से वे सभी योग्य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा की तिथि और समय एमपी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 की चयन परीक्षा 31 अगस्त से दो पालियों में आयोजित की जा सकती है। पहली पाली सुबह 10:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें ताकि समय पर प्रवेश और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। आवेदन शुल्क इस भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार निर्धारित किया गया है। अनारक्षित वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों को 500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। कितना मिलेगा वेतन? इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित शिक्षकों को शुरुआती रूप में न्यूनतम 25,300 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाएगा, जिससे कुल वेतन में और बढ़ोतरी होगी। यह वेतन राज्य सरकार की निर्धारित वेतनमान के अनुसार मिलेगा। कैसे करें आवेदन     आधिकारिक वेबसाइट https://esb.mp.gov.in पर जाएं।     प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिंक पर क्लिक करें।     अगर आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो पहले "प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन" करें।     रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉग इन करें।     सभी जरूरी जानकारी जैसे नाम, योग्यता, श्रेणी आदि सावधानीपूर्वक भरें।     पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।     ऑनलाइन मोड (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग) से आवेदन शुल्क जमा करें।     सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।     भविष्य के उपयोग के लिए आवेदन फॉर्म का एक प्रिंट आउट अपने पास रख लें।  

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल कामगार सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक: श्रम विभाग ने सड़क हादसों पर नियंत्रण के उपाय जारी किए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला  भोपाल सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।