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तेंदूपत्ता गोदाम में फिर लगी आग, जगदलपुर में दमकल की 2 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

जगदलपुर. जगदलपुर के सरगीपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम के 5 नंबर फड़ में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई है और आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। बताया जा रहा है कि गोदाम में रखा तेंदूपत्ता पिछले वर्ष का संग्रहित माल था, जो पहले ही बिक चुका था। हालांकि आग से हुए नुकसान का सही आंकलन अभी नहीं हो पाया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और नुकसान का मूल्यांकन करने में जुटी हुई है। गौरतलब है कि हाल ही में बीजापुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी। इसके बाद अब जगदलपुर में हुई इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल दमकल कर्मियों और वन विभाग की टीम द्वारा आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

MP में एयर एम्बुलेंस सेवा को नई उड़ान, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एयर एम्बुलेंस एमपी पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज गति से होगी संपन्न भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में "एयर एम्बुलेंस एमपी" पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत किसी भी नागरिक को समय पर उपचार के अभाव में जीवन न गंवाना पड़े। नए पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज होगी। पोर्टल में एयर एम्बुलेंस फ्लीट की रियल टाइम ट्रैकिंग, सेवा अनुरोधों का सुगम डिजिटल प्रवाह, सेवा प्रदाताओं को तत्परता के लिये रियल टाइम नोटिफिकेशन तथा अनुमोदन प्राधिकारी को समयबद्ध स्वीकृति के लिए अलर्ट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश में यह सेवा अब तक 140 जीवनरक्षक मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। इनमें नवजात शिशुओं, हृदय रोग, ट्रॉमा, न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों एवं अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों का सफल एयर मेडिकल ट्रांसफर शामिल है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत आयुष्मान भारत कार्डधारकों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों से दूरी एवं आर्थिक स्थिति जीवनरक्षक उपचार में बाधा नहीं बने।   सेवा के संचालन के लिए भोपाल में 24×7 एयर मेडिकल ऑपरेशन व्यवस्था स्थापित की गई है। इसके अंतर्गत एक फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट "बीचक्राफ्ट किंग एयर सी -90" तथा एक मल्टी इंजन हेलीकॉप्टर "एडबल्यू -109" लगातार स्टैंडबाय पर उपलब्ध हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, फ्लाईओला एविएशन के सीएमडी एस. राम ओला और फ्लाईओला एविएशन की डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. मोनिका तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

यूपी में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सीएम योगी ने बच्चों-अभिभावकों के लिए लिखी पाती

सीएम योगी ने दिया इको फ्रेंडली पर्यटन का मंत्र यूपी में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सीएम योगी ने बच्चों-अभिभावकों के लिए लिखी पाती बच्चों को दुधवा, चूका बीच, कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार के जरिए प्रकृति से जोड़ने की अपील संस्कारों और परंपराओं को जानने के लिए बच्चों को दादा-दादी व नाना-नानी के पास ले जाएं: सीएम योगी किशोर और युवा इन छुट्टियों में नया कौशल और भाषा सीखें, यह समय रुचियों को पूरा करने का भी लखनऊ, उत्तर प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों के नाम पाती (पत्र) लिखी है। इसमें उन्होंने बच्चों को न सिर्फ छुट्टियों का सदुपयोग करने की राह दिखाई है, बल्कि 'इको-फ्रेंडली पर्यटन' और जिम्मेदार जीवनशैली को अपनाने की सीख भी दी है। सीएम योगी ने लिखा है कि गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से थोड़ी राहत मिलते ही मन कुछ नया सीखने, नए स्थान देखने और अपनों के साथ समय बिताने को उत्सुक हो उठता है। यही अवसर है, जब आप अपनी रुचियों को पहचानें, नई आदतें विकसित करें एवं जीवन के ऐसे अनुभव प्राप्त करें, जो आगे चलकर आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हो। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं। यह समय अच्छी पुस्तकों से मित्रता, फोटोग्राफी, चित्रकारी, पाक कला, संगीत एवं बागवानी जैसी रुचियों को पूरा करने का हो सकता है। अभिभावक बच्चों को ननिहाल-ददिहाल में समय बिताने दें सीएम योगी ने अभिभावकों के लिए भी कई जरूरी बातें लिखीं। उन्होंने लिखा कि हममें से अधिकतर लोगों ने बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी से नैतिक शिक्षा की कहानियां सुनीं। आज बच्चे इन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं। आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें। बच्चों को प्रकृति से जोड़ने की सलाह दी सीएम योगी ने बच्चों को प्रकृति और इको-फ्रेंडली पर्यटन से भी परिचित कराने की अभिभावकों को सलाह दी। उन्होंने लिखा कि बच्चों को ऐसे स्थानों पर लेकर जाएं, जहां वे प्रकृति के निकट आ सकें और जैव विविधता को अनुभव कर सकें। इसके लिए उन्होंने दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच और कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार जैसे स्थलों का सुझाव दिया। इन छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अपील करते हुए इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लेने के लिए कहा। उन्होंने लिखा कि यात्रा हो या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें, प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और बच्चों को भी स्वच्छ एवं जिम्मेदार जीवनशैली का संदेश दें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं। बच्चों को समझाएं मिट्टी, वृक्ष और जल का महत्व सीएम योगी ने पाती में बच्चों को मिट्टी, जल और वृक्ष से जोड़ने के लिखा है। अभिभावकों से कहा कि बच्चों के साथ पौधे लगाएं, उनकी देखभाल का दायित्व उन्हें दें तथा आस-पास स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करें। जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं, तभी उनके अंदर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है।

भीषण गर्मी में अलर्ट रहें, जरूरतमंदों की मदद करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अपील

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

वोटर लिस्ट अपडेट के लिए तैयार रहें! 30 जून से दिल्ली में घर-घर पहुंचेंगे BLO, नोट करें तारीखें

नई दिल्ली दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 30 जून से बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन के साथ पारदर्शी तरीके से शुरू होगी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी। अशोक कुमार ने कहा कि 20 जून से 29 जून तक बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण, गणना प्रपत्रों और अन्य दस्तावेजों की छपाई जैसी आंतरिक तैयारियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया के हर चरण में जांच की व्यवस्था रहेगी तथा राजनीतिक दलों को बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से इसमें शामिल किया जाएगा। सभी जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट के जरिए साझा की जाएगी। कुमार ने कहा कि जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी और मतदाताओं को गणना प्रपत्र जमा करने में सहायता के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। मतदाताओं को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां दी जाएंगी, जिनमें से एक भरकर बीएलओ को लौटानी होगी। मतदाताओं को भरे हुए गणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी मिलेगी। इस प्रक्रिया में एक अक्टूबर तक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी मतदाताओं को शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने कहा कि एसआईआर के दौरान 13,000 से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर गणना कार्य करेंगे। प्रत्येक मौजूदा मतदाता, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, को गणना प्रपत्र (दो प्रतियों में) दिया जाएगा, जिसे भरकर एक प्रति बीएलओ को लौटानी होगी। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा जिसके बाद पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को जारी की जाएगी। 13000 से ज्यादा BLO करेंगे गणना मतदाताओं को गणना प्रपत्रों की दो प्रतियां प्रदान की जाएंगी, जिनमें से एक को भरकर बीएलओ को वापस करना होगा। मतदाताओं के पास भरे हुए गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी होगी। इस प्रक्रिया में 1 अक्टूबर की पात्रता तिथि तक 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी मतदाता शामिल होंगे। एसआईआर के दौरान, 13,000 से अधिक BLO घर-घर जाकर गणना करेंगे। दिल्ली के मुख्य चुनाव आयोग के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रत्येक मौजूदा मतदाता, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, को एक गणना प्रपत्र (दो प्रतियों में) दिया जाएगा, जिसे उन्हें भरकर एक प्रति BLO को वापस करनी होगी। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर की जाने वाली गणना 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई को समाप्त होगी, जिसके बाद मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। SIR पर EC को SC से क्लीन चिट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। अदालत ने माना है कि यह प्रक्रिया संविधान और कानून के अनुरूप है। आसान शब्दों में समझे तो अदालत का मानना है कि एसआईआर कराना चुनाव आयोग का अधिकार है और इससे मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाए रखने में मदद मिलती है। यह एक वैध और संवैधानिक प्रक्रिया है। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ने कानून के हिसाब से SIR किया और प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है। EC ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल नहीं किया।

छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार, करोड़ों की परियोजनाओं को मंजूरी

छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें रायपुर छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी। नवा रायपुर में 302.67 करोड़ रूपए की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे            महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ रूपए की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें           आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी। रायपुर में 186.14 करोड़ रूपए की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट          मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।          बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

जयपुर का राजमंदिर सिनेमा मनाएगा 50वीं वर्षगांठ, DDLJ से ‘हम आपके हैं कौन’ तक का होगा मुफ्त शो

जयपुर जयपुर के राजमंदिर सिनेमा का पूरे देश में नाम है. यह का प्रतिष्ठित सिनेमा 1 जून को अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है. थिएटर की गोल्डन जुबली के मौके पर राजमंदिर सिनेमा के प्रबंधकों ने एक खास इंतजाम किया है. इस विशेष दिन के लिए थिएटर में सिने प्रेमियों के लिए चार सुपरहिट बॉलीवुड फिल्मों का नि:शुल्क प्रदर्शन किया जाएगा. इन 5 सुपरहिट फिल्मों के नाम हैं – ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', ‘राम तेरी गंगा मैली', ‘हम आपके हैं कौन' और ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा' और 'चुपके-चुपके'. इन शो के लिए दर्शकों को फ्री टिकट पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिए जाएंगे. लेकिन, बिना पैसे दिए फिल्म देखने के लिए भी फ्री टिकट लेना होगा. कैसे मिलेंगी टिकटें? राजमंदिर प्रबंधन के अनुसार 1 जून को 5 अलग-अलग शो में चार क्लासिक फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी. टिकट बुक माय शो और थिएटर काउंटर से प्राप्त किए जा सकेंगे. आयोजन का उद्देश्य पुराने दौर की सिनेमाई यादों को फिर से जीवंत करना है. 50 साल पहले शुरू हुआ था राजमंदिर का सफर राजमंदिर का उद्घाटन 1 जून 1976 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने किया था. उसी साल यहां पहली फिल्म ‘चरस' प्रदर्शित हुई थी, जिसमें धर्मेंद्र और हेमा मालिनी मुख्य भूमिका में थे. पिछले पांच दशकों में यह थिएटर जयपुर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है. अपनी भव्य वास्तुकला, शानदार इंटीरियर और अनोखे फिल्मी माहौल के कारण राजमंदिर देश-दुनिया के पर्यटकों के बीच भी आकर्षण का केंद्र रहा है. 400 से ज्यादा फिल्में, कई रिकॉर्ड भी बने राजमंदिर में अब तक 400 से अधिक फिल्में प्रदर्शित हो चुकी हैं. शुरुआत में थिएटर में 1168 सीटें थीं, लेकिन बाद में दर्शकों की सुविधा को देखते हुए सीटों की संख्या घटाकर 862 कर दी गई. यहां सबसे ज्यादा अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान की फिल्में लगी हैं. ‘राम तेरी गंगा मैली' और ‘हम आपके हैं कौन' यहां लगातार 75-75 सप्ताह तक चली थीं. उस दौर में टिकट लेने के लिए लंबी कतारें लगती थीं और लोग पहले से परिवार के साथ फिल्म देखने की योजना बनाते थे. कर्मचारियों की यादों से भी जुड़ा है राजमंदिर पुराने कर्मचारियों का कहना है कि राजमंदिर सिर्फ एक थिएटर नहीं, बल्कि लोगों की खुशियों, जश्न और भावनाओं का हिस्सा रहा है. टिकट काउंटर से लेकर प्रोजेक्शन रूम और कैंटीन तक, यहां काम करने वाले लोगों ने पीढ़ियों को फिल्मों के जरिए जुड़ते देखा है. यही वजह है कि 50 साल बाद भी राजमंदिर जयपुर की सांस्कृतिक धड़कन बना हुआ है.

राशन के लिए लंबी कतार खत्म! बिहार सरकार की नई योजना से 28 लाख उपभोक्ताओं को फायदा

 पटना बिहार के राशनकार्डधारियों और गरीब परिवारों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सम्राट सरकार की इस नई पहल के बाद अब सूबे के लाखों बुजुर्गों और असहाय लोगों को डीलर की दुकान पर लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर अब एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे सीधे योग्य परिवारों के दरवाजे तक सरकारी लाभ पहुंचाया जा सके। सरकार के इस बड़े कदम से राज्य के करीब 28 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए जिलों में युद्धस्तर पर सूचियां तैयार की जा रही हैं। 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए सरकार की खास पहल सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले मुख्य राशनकार्डधारियों की संख्या लगभग 6 लाख 87 हजार है। इन परिवारों में कुल मिलाकर 28 लाख उपभोक्ता शामिल हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर सरकार ने अपनी रणनीति बदली है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन राशनकार्डधारी परिवारों में कोई भी सदस्य 80 वर्ष से कम आयु का नहीं है, उनके घरों तक अब सरकार खुद हर महीने उनका तय मानक के अनुसार अनाज (गेहूं और चावल) पहुंचाएगी। जिलों से मांगी गई सूची, तैयार हो रहा है SOP इस महात्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग पूरी तरह एक्शन में आ गया है। विभाग के निर्देश पर बिहार के सभी जिलों से ऐसे राशनकार्डधारी परिवारों की सूची मांगी गई है, जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है। इन बुजुर्गों को घर बैठे उनका निर्धारित कोटा बिना किसी परेशानी के कैसे मिले, इसके लिए विभाग दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है। तीन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होगी योजना बुजुर्गों को सम्मान और राहत देने वाली इस योजना को फुलप्रूफ बनाने के लिए विभाग इसे शुरुआत में पूरे राज्य में एक साथ लागू नहीं करेगा। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले राज्य के तीन चुनिंदा जिलों में इसे 'पायलट प्रोजेक्ट' के तौर पर शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन तीन जिलों में शुरुआती नतीजे और व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद, जल्द ही इसे बिहार के सभी जिलों में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा

पंचायत स्तर पर विकसित होंगे मुक्तिधाम, कैमूर में चारदीवारी समेत कई सुविधाओं की तैयारी

भभुआ. जिले के सभी पंचायतों में सुविधाओं से युक्त मुक्तिधाम का निर्माण होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार की बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार के सात निश्चय योजना तीन के तहत पंचायतों में सुविधाओं से युक्त मुक्ति धाम निर्माण का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी मनोज कुमार पवन ने बताया कि पंचायती राज विभाग ने पत्र जारी कर आधुनिक मुक्तिधाम बनाने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है।इसके लिए जिले के सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि ग्रामीण इलाकों में व्यवस्थित श्मशान घाटों की कमी के कारण लोगों को खुले स्थानों पर या फिर नदी घाटों पर अंतिम संस्कार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार के सात निश्चय तीन में इस योजना को शामिल किया गया है। पंचायत स्तर पर बनने वाले शवदाह गृह में आवश्यकता अनुसार सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। यहां चबूतरा के साथ एक पूरे परिसर को सुव्यवस्थित किया जाएगा। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के बैठने के लिए बेंच और प्रतीक्षालय के साथ साथ बेहतर ड्रेनेज की व्यवस्था, बेहतर रास्ता, साफ-सफाई, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। पर्यावरण के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी पर्यावरण के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि लोगों को अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक स्थान मिल सके। योजना के कार्यान्वयन के लिए पंचायतों को भूमि चिह्नित की गई है। इस पहल से जहां प्रदूषण में कमी आएगी वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को भी मजबूती मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार को गरिमापूर्ण, पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनाना है। यह योजना सबका सम्मान-जीवन आसान का हिस्सा है। शेड चारदीवारी शौचालय की व्यवस्था जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने बताया कि सरकार की सात निश्चय योजना तीन के पंचायतों में आधुनिक मुक्तिधाम श्मशान घाट बनाए जा रहे हैं। इन अत्याधुनिक केंद्रों में शेड, चारदीवारी, शौचालय, स्नानागार आदि सुविधाएं होगी। जिससे ग्रामीण इलाकों में अंतिम संस्कार के लिए बेहतर व्यवस्था मिल सके। परियोजनाओं के लिए भूमि सर्वेक्षण का काम शुरू हो चुका है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में किसी की मृत्यु होने पर उसका दाह संस्कार पंचायत के अंतर्गत दाह संस्कार स्थल में किए जाने पर 24 घंटे के अंदर आवेदन देने पर मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की व्यवस्था की गई है मृत्यु प्रमाण पत्र पंचायत में निधन होने वाले ही व्यक्ति को दिया जाएगा। प्रखंडवर चिह्नित किए गए स्थलों की संख्या प्रखंड का नाम     चिह्नित स्थलों की संख्या चैनपुर                   47 कुदरा                    30 चांद                      26 भगवानपुर              19 नुआव                    15 भभुआ                    12 अधौरा                    10 रामगढ़                   9 मोहनियां                  8 करौं                      9 कसैया                   9 डिंडाकोली             3 रामपुर                  4

चुनाव ड्यूटी में लापरवाही भारी, 70 गैरहाजिर कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

तलवंडी/चंडीगढ़. ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। दरअसल रिटर्निंग ऑफिसर-कम-उप-मंडल मजिस्ट्रेट फिरोजपुर द्वारा ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले 70 कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए एक पत्र सीनियर कप्ताल पुलिस फिरोजपुर को भेजा गया है। पत्र में उन्होंने बताया कि नगर परिषद फिरोजपुर के चुनाव करवाने के लिए  माननीय एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (V)-कम- एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, फिरोजपुर द्वारा स्टाफ की नियुक्ती की गई थी। पोलिंग स्टाफ द्वारा 25.05.2026 को MLM सीनियर सेकेंडरी स्कूल फिरोजपुर कैंटोनमेंट से पोलिंग बूथों के लिए पोलिंग मटीरियल लेकर निकलना था, लेकिन अटैच्ड लिस्ट में शामिल पोलिंग स्टाफ के न आने की वजह से पोलिंग पार्टियों की रवानगी पर बुरा असर पड़ा। उन्होंने अटैच्ड लिस्ट में शामिल अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।