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यूपी सरकार का बड़ा फैसला, मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी स्थापना को हरी झंडी

मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को मिली मंजूरी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत निजी क्षेत्र में “सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी, मीरजापुर” की स्थापना हेतु उसकी प्रायोजक संस्था को आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि वाराणसी स्थित एपेक्स वेलफेयर ट्रस्ट, जो बड़े अस्पतालों का संचालन करता है, अब शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रवेश कर रहा है। ट्रस्ट द्वारा मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया था, जिसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसी क्रम में कैबिनेट ने संस्थान को आशय पत्र जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रस्ताव के अनुसार मीरजापुर जनपद की चुनार तहसील के ग्राम समसपुर में लगभग 50.45 एकड़ भूमि पर इस निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। यह विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार होने के साथ उसकी गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अंग्रेजों के समय से लेकर वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि वर्ष 2017 के बाद अब तक आठ नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार निजी विश्वविद्यालयों की संख्या, जो लंबे समय तक 29 पर स्थिर थी, अब बढ़कर 52 हो गई है। मंत्री ने बताया कि आठ संस्थानों को लेटर ऑफ इंटेंट यानी आशय पत्र भी जारी किए जा चुके हैं।

बैंक खातों से कारोबार तक जांच तेज, तरनतारन में ED की बड़ी कार्रवाई

तरनतारन. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष टीम ने सोमवार को तरनतारन में सोना कारोबारी बिक्रमजीत सिंह उर्फ बंटी के तीन ठिकानों पर दबिश देकर व्यापक जांच अभियान चलाया। सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया। ईडी की टीम ने कारोबारी की दुकान, पुश्तैनी घर और कोठी में दस्तावेजों तथा बैंक लेनदेन की गहन जांच की। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब दस बजे ईडी की दो टीमें गुरु बाजार स्थित आभूषण दुकान और मोहल्ला गुरु का खूह चौक स्थित पुश्तैनी घर पहुंचीं। जब टीम दुकान पर पहुंची, उस समय कारोबारी बंटी के पिता कुलवंत सिंह वहां मौजूद थे। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक दुकान से जुड़े कारोबार, दस्तावेजों और लेनदेन के रिकार्ड की जांच की। कारोबारी के घर में भी चला तलाशी अभियान दूसरी ओर एक अन्य टीम ने गुरु का खूह चौक स्थित घर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान परिवार की महिलाओं को घरेलू कामकाज जारी रखने के लिए कहा गया। कार्रवाई के दौरान ईडी ने स्थानीय पुलिस को भी पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी, जिससे पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई। इसके बाद टीम ने दीप एवेन्यू कालोनी स्थित गुरुद्वारा लकीर साहिब के पास बनी कोठी में भी दबिश दी। करीब 12 सदस्यों वाली टीम ने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की। चार अलग-अलग बैंकों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर खातों में हुए लेनदेन का विवरण प्राप्त किया गया। दिल्ली के बिल्डर कारोबारी से संबंध सूत्रों के अनुसार कारोबारी के एक करीबी रिश्तेदार का संबंध दिल्ली के बड़े निर्माण कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां इसी कड़ी को ध्यान में रखते हुए कारोबारी के आर्थिक संबंधों और लेनदेन की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि करीब चार माह पहले भी ईडी की टीम ने इसी कोठी में दबिश दी थी, लेकिन उस समय भी कारोबारी घर में मौजूद नहीं मिला था। फिलहाल ईडी की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन शहर में पूरे दिन इस छापेमारी की चर्चा बनी रही। जांच एजेंसियां अब कारोबारी के वित्तीय रिकॉर्ड और संभावित कारोबारी संबंधों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

17 IPS और 3 HPS अफसरों के तबादले, गुरुग्राम को मिला नया पुलिस कमिश्नर

चंडीगढ़. हरियाणा में पुलिस विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण का क्रम जारी है। हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) के 27 अधिकारियों को बदलने के बाद अब प्रदेश सरकार ने 17 आईपीएस और तीन एचपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। साेमवार को इनमें से कई अधिकारियों ने नया कार्यभार संभाल भी लिया। गृह सचिव सुधीर राजपाल द्वारा जारी आदेशों में आईपीएस चारू बाली को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) पद से हटा दिया गया है। हालांकि वह पहले की तरह एडीजीपी पुलिस कॉम्प्लेक्स भोंडसी की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी। उनकी जगह आईपीएस माटा रवि किरण को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूरो में एडीजीपी लगाया गया है। सिबास कबिराज को मिली नई जिम्मेदारी पंचकूला के पुलिस आयुक्त और साइबर व राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो मुख्यालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सिबाश कबिराज को गुरुग्राम का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर रहे विकास अरोड़ा को एडीजीपी प्रशासन पुलिस मुख्यालय पंचकूला बनाया गया है। आईपीएस केके राव को एडीजीपी आरटीसी भौंडसी लगाया गया है। इसी प्रकार गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा को अब पंचकूला में एडीजीपी प्रशासन लगाया गया है। राकेश कुमार आर्य को आइजी क्राइम ब्रांच, अशोक कुमार को आइजी करनाल रेंज, ओम प्रकाश को आइजी साउथ रेंज रेवाड़ी, नाजनीन भसीन को आइजी एचएपी मधुबन व आइजीपी आरटीसी भोंडसी, कुलदीप सिंह को आइजी हिसार रेंज लगाया है। सुरिंदर पाल सिंह डीआईजी-सीआईडी इसी तरह हामिद अख्तर को डीआइजी एचएपी मधुबन, सुरिंदर पाल सिंह को डीआईजी सीआईडी, राजेंद्र कुमार मीणा को डीआइजी हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सोनीपत के पद पर तैनात किया गया है। आईपीएस मनबीर सिंह को डीआइजी एचएसएनसीबी रोहतक, सुनील कुमार को डीआईजी स्टेट क्राइम ब्यूरो पंचकूला, एसएस भोरिया को एसपी एसटीएफ पंचकूला तथा अदिति सिंह को एसपी स्टेट विजिलेंस के पद पर तैनात किया गया है। एचपीएस अधिकारियों में सिद्धार्थ ढांडा और पूनम को एसपी राज्य अपराध शाखा मुख्यालय बनाया गया है। पूजा डाबला को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) में एसपी लगाया गया है।

शर्मनाक कृत्य पर बड़ा एक्शन, रेप आरोपी शिक्षक सलाखों के पीछे

बलरामपुर-रामानुजगंज. जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोपातू में पदस्थ शिक्षक धन सिंह राम को गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद निलंबित कर दिया गया है. संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा संभाग अंबिकापुर द्वारा जारी आदेश में शिक्षक के विरुद्ध दर्ज अपराध को शासकीय सेवा की गरिमा के विपरीत मानते हुए यह कार्रवाई की गई है. जारी आदेश के अनुसार शिक्षक धन सिंह राम के खिलाफ थाना दुलदुला, जिला जशपुर में अपराध क्रमांक 25/2026 के तहत धारा 376(2)(n) भादवि एवं 69 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. प्रकरण में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद शिक्षक वर्तमान में जेल निरुद्ध बताया गया है. शिक्षा विभाग ने आदेश में उल्लेख किया है कि उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है. इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है. निलंबन अवधि में धन सिंह राम का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है. उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.

10,000 नए शिक्षकों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा गया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

20,000 नए शिक्षक व अनुदेशक बेसिक शिक्षा के कायाकल्प को बनाएंगे और मजबूत: सीएम योगी 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने बढ़े मानदेय और स्वास्थ्य सुरक्षा सुविधा का किया शुभारम्भ 10,000 नए शिक्षकों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा गया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए अनुदेशकों की नियुक्ति की जाएगी: सीएम सीएम बोले: हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता बेसिक शिक्षा परिषद में 96% विद्यालयों में पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं, ड्रॉपआउट दर घटी: सीएम बच्चों को छुई-मुई न बनाएं, उन्हें मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद की कायाकल्प यात्रा को और अधिक मजबूती देने के लिए प्रदेश सरकार 20,000 नए शिक्षक और अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शिक्षा आयोग का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों का चयन कर रहा है। उन्होंने कहा कि 10,000 नए शिक्षकों का अधियाचन भेजा जा चुका है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए अनुदेशकों की नियुक्ति भी की जाएगी, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात भी बेहतर होगा। मुख्यमंत्री रविवार को लोकभवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सरकार ने खुद मांगा मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2011-12 में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति शुरू की गई थी। उस समय उन्हें 7,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था। वर्तमान में कला शिक्षा के 8,469, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के 9,645 तथा कार्यानुभव शिक्षा के 6,192 अनुदेशक कार्यरत हैं और कुल संख्या 24,296 रह गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011-12 से लेकर 2022 तक इनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्ष 2019 में अनुदेशक महासंघ के साथ बैठक में उन्होंने स्वयं प्रस्ताव मांगा था, लेकिन चुनाव अधिसूचना के कारण निर्णय नहीं हो सका। वर्ष 2022 में सरकार ने 2,000 रुपये की वृद्धि की, लेकिन सरकार स्वयं भी इससे संतुष्ट नहीं थी। सभी अनुदेशक पोर्टल पर कराएं पंजीकरण, जल्द मिलेगा स्वास्थ्य कार्ड मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मानना है कि अनुदेशक, शिक्षामित्र और बेसिक शिक्षा से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी का सम्मान और मानदेय गरिमापूर्ण होना चाहिए। लंबे समय से चली आ रही मांगों को स्वीकार करते हुए सरकार ने अब अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। साथ ही उन्हें और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अनुदेशक बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा तैयार पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कराएं ताकि अगले सप्ताह बड़े समारोह में स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा सकें। शिक्षा की नींव मजबूत करने वालों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी अवश्य मिलनी चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों, 24,296 अनुदेशकों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत की शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए निरंतर योगदान दे रहा है, उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी अवश्य मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी इससे जुड़ी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2019 में अनुदेशक बहनों को छह माह का पूर्ण मानदेय सहित मातृत्व अवकाश दिया था। वर्ष 2023 में स्वेच्छा से विद्यालय परिवर्तन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसके तहत 4,000 से अधिक अनुदेशकों को अपनी पसंद का विद्यालय चुनने का अवसर मिला।  96 प्रतिशत बेसिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी, उस समय बेसिक शिक्षा परिषद की स्थिति बेहद खराब थी। 100 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में अनुदेशकों की सेवाएं समाप्त करने तक के प्रस्ताव आए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें अस्वीकार करते हुए ‘स्कूल चलो अभियान’ और ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ की शुरुआत की। आज परिणाम यह है कि 96 प्रतिशत बेसिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और विद्यालयों की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट दर, जो पहले 17-18 प्रतिशत थी, अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है और सरकार का लक्ष्य इसे शून्य तक पहुंचाना है।  बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चा किसी न किसी प्रतिभा के साथ जन्म लेता है। कोई खेल में अच्छा होता है, कोई कला में, कोई विज्ञान में। शिक्षकों और अनुदेशकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को दबाने की नहीं, बल्कि प्रेरित करने और सही दिशा दिखाने की जरूरत है। आत्म अनुशासन, समय पालन, स्वच्छता और संस्कार शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा कि यदि बच्चे श्रमदान करते दिखाई दें तो उसे नकारात्मक रूप में प्रस्तुत न किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को छुई-मुई न बनाएं, उन्हें मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। बेसिक शिक्षा परिषद से उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों को दंडित करने के बजाय सम्मानित किया जाना चाहिए जो बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता की भावना विकसित कर रहे हैं। समय पर उपलब्ध करा दी जाएंगी पुस्तकें मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ को नीति आयोग ने देश के सामने एक सफलता की कहानी के रूप में प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सामूहिक प्रयासों से ही यह बदलाव संभव हुआ है। सरकार की साफ नीयत और स्पष्ट नीति के कारण आज प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 60 लाख बच्चे बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बच्चों के लिए जूते-मोजे, यूनिफॉर्म, स्वेटर और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था … Read more

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से गांवों को मिली नई रफ्तार, छोटे ग्रामीण इलाकों तक पहुंचीं बसें

‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ से उत्तर प्रदेश के छोटे गांवों तक बसों का संचालन शुरू शुरुआती चरण में लगभग 80 बसों में सफर कर रहे ग्रामीण अब तक 70 जिलों में बस संचालन के लिए 858 आवेदन चयनित हुए लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण इलाकों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ पर गंभीरता से ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य छोटे से छोटे गांव तक बसों की पहुंच को बढ़ाना है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने तैयारी को तेज कर दिया है। इस योजना के तहत लगभग 80 बसों को संचालन शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में 59 हजार से अधिक ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ने के लिए सरकार और निगम तेजी से काम कर रहा है। योजना के तहत ग्रामीणों के लिए बस सेवा को ब्लॉक, ग्राम पंचायत, तहसील और जिला मुख्यालय तक जोड़ा जाना है। यूपीएसआरटीसी सहायक प्रबंधक उमेश आर्य ने बताया कि अब तक 70 जिलों के लिए 858 बस ऑपरेटरों के आवेदन चयनित हो चुके हैं। एजेंसियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ के तहत लगभग 80 बसों का संचालन शुरू हो गया है। 28 सीट वाली मिनी बसों का संचालन उमेश आर्य ने बताया कि इस योजना के तहत अधिकतम 28 सीटों वाली मिनी बसें चलाई जानी हैं। इनकी लंबाई 7 मीटर तक निश्चित की गई है। जिन ऑपरेटरों के आवेदन चयनित हुए हैं, उन्होंने तय मानकों के आधार पर बसों को ऑर्डर दे दिया है। अन्य बसों को संचालन भी जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने बताया कि बसों के मार्ग का चयन जिला स्तरीय कमेटी कर रही है। सभी बसों के संचालन और तय मार्ग की जानकारी भी जल्द साझा की जाएगी। रोजगार के रास्ते खुल रहे यह योजना निजी बस संचालकों के माध्यम से चलाई जा रही है। इसके जरिए रूट के करीबी ग्रामीण युवाओं और स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसमें बस ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर समेत अन्य स्टाफ की आवश्यकता होगी।

कानून व्यवस्था होगी और मजबूत, गृहमंत्री शाह ने लॉन्च किए 400 डायल-112 वाहन

रायपुर. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और  मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों और 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी. इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा. यह सेवा 24×7 संचालित होगी. इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी और स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है. राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है. नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे. मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी. “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी. लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं. अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था. नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा. इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा. साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है. आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा.

ड्यूटी से लेकर इलाज तक निगरानी, बिहार स्वास्थ्य विभाग का बड़ा डिजिटल सुधार प्लान

पटना बिहार के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मियों की जवाबदेही तय होगी। हर सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों को ड्यूटी (रोस्टर) के अनुसार उपस्थित रहना होगा। साथ ही बारोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह (11 अप्रैल) को सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अब स्वास्थ्य व्यस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों की निगरानी बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत की जाएगी। डॉक्टरों को मरीजों को रेफर करने की आदत छोड़नी होगी। मरीजों के इलाज को लेकर उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करना जरूरी होगा। वहीं, स्वास्थ्य कर्मियों को जांच आदि की सुविधा अस्पताल में ही मरीज को उपलब्ध करानी होगी। राज्य में नई सरकार और प्रशासनिक फेरबदल के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने को लेकर कई लक्ष्य तय किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अस्पताल में इलाज की व्यवस्था में बड़े बदलाव को लेकर कार्य करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाज व्यवस्था की निगरानी के लिए डिजिटलीकरण की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत इलाज को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने, मरीजों का पूरा डाटा डिजिटल करने की तैयारी की है। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने और लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है। रात्रिकालीन मुस्तैदी पिछले माह से ही लागू इसके पहले विभाग ने रात्रि पाली में कार्यरत डॉक्टरों के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इस पाली में अपनी सेवा देने वाले चिकित्सकों को सुबह उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था पिछले महीने से ही लागू कर दी गई थी। इसका मकसद यह है कि वरीय चिकित्सक इमरजेंसी मरीजों की समुचित देखभाल कर सकें और वे अस्पतालों को अपनी जूनियरों के भरोसे छोड़कर नाइट ड्यूटी से गायब न हो सकें। सरकारी डॉक्टरों ने निजी प्रैक्टिस बंद करने के पहले आवास-सुरक्षा मांगी इधर बिहार में सरकारी डॉक्टरों ने उनकी निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के पहले बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के साथ बातचीत करने, सेवा चिकित्सकों को आवास एवं सुरक्षा सहित 19 सूत्री मांगें सरकार के समक्ष रखी। रविवार को भासा की आम सभा सह महासम्मेलन आईएमए हॉल में हुआ। महासम्मेलन के बाद चिकित्सकों ने मांगों के समर्थन में गांधी मैदान स्थित आईएमए हॉल से जेपी गोलंबर तक पैदल मार्च भी निकाला। भासा ने अपनी मांगों के तहत प्रशासनिक पदों पर कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारियों को वाहन की सुविधा देने, बिहार चिकित्सा सेवा संस्थान एवं व्यक्ति सुरक्षा कानून 2011 एवं संशोधित 2014 को और अधिक प्रभावी बनाने, अस्पताल सशस्त्र सुरक्षा गार्ड की कार्यस्थल पर तैनाती करने सहित 19 मांगों को पूरा करने जोर दिया। भासा के प्रवक्ता डॉ. विनय कुमार ने बताया कि सभा में उपस्थित चिकित्सकों ने राज्य सरकार से सरकारी चिकित्सकों की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। आम सभा में राज्य के विभिन्न जिलों से आए चिकित्सकों एवं संघ प्रतिनिधि शामिल हुए।

अबूझमाड़ के सोमरू राम का बरसों का इंतजार खत्म

अबूझमाड़ के सोमरू राम का बरसों का इंतजार खत्म सुशासन शिविर में 'एक ही दिन' में बना आधार कार्ड ​सुशासन तिहार बना राहत का माध्यम   ​रायपुर      छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए चलाया जा रहा 'सुशासन तिहार 2026' अभियान दूरस्थ वनांचल के ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद और खुशियां लेकर आ रहा है। इसकी एक बेहद सुखद तस्वीर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से सामने आई है, जहाँ ग्राम पीडियाकोट निवासी श्री सोमरू राम पोडियाम का बरसों से लंबित आधार कार्ड सुशासन शिविर की तत्परता से महज एक ही दिन में बनकर तैयार हो गया। ​संसाधनों की कमी और दूरी थी बाधा      ​पीडियाकोट जैसे अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले सोमरू राम आधार योजना की शुरुआत के बाद से ही अपना कार्ड बनवाने के लिए प्रयासरत थे। लेकिन भौगोलिक कठिनाइयों, संसाधनों की कमी और जरूरी सुविधाओं के अभाव के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था। पहचान का यह महत्वपूर्ण दस्तावेज न होने की वजह से उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ​शिविर में हुआ 'ऑन द स्पॉट' समाधान       ​सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर सोमरू राम के लिए वरदान साबित हुआ। शिविर में जैसे ही उनकी यह समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष आई, अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल एक्शन लिया। शिविर स्थल पर ही उनके दस्तावेजीकरण और बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी कर उनका आधार पंजीयन कराया गया। जो काम सालों से अटका था, वह प्रशासनिक मुस्तैदी से कुछ ही घंटों में पूरा हो गया। ​सोमरू राम के चेहरे पर लौटी मुस्कान       ​हाथ में अपना आधार कार्ड पाकर सोमरू राम के चेहरे पर वर्षों का इंतजार खत्म होने की खुशी साफ झलक रही थी। भावुक होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और नारायणपुर जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब मुझे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। प्रशासन खुद हमारे पास आया और हमारी समस्या दूर कर दी। ​अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों तक पहुंच रहा सुशासन     ​अबूझमाड़ जैसे देश के सबसे कठिन और पहुंचविहीन क्षेत्रों में शामिल इलाके में इस तरह त्वरित रूप से नागरिक सेवाएं प्रदान करना 'सुशासन तिहार' की एक बड़ी सफलता है। नारायणपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं बिना किसी रुकावट के और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचें।

जनता दर्शन में योगी का सख्त संदेश, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के तमाम जिलों से आए फरियादियों से मिले और हर किसी की समस्या सुनी। इस दौरान सीएम योगी की प्रशंसक महिला बिहार से आई थीं। मुख्यमंत्री सभी की समस्या सुनते हुए उनके पास भी पहुंचे। पूछा कि कहां से आई हैं, आपको क्या परेशानी है। इस पर महिला ने कहा- महाराज जी, प्रणाम। हम बिहार से आइल बानी। हमके कवनो दिक्कत नाही बा। बस आपके दर्शन करेके रहल, त आ गइलीं। इस पर सीएम योगी ने उनका अभिवादन किया, फिर कहा कि गर्मी बहुत पड़ रही है। इस भीषण गर्मी में अकारण घर से न निकलें और परिवार के सभी लोगों का भी विशेष ध्यान रखें। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सभी से कहा कि जनसेवा, सुरक्षा और सुशासन सरकार का संकल्प है। आपकी हर उचित समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर समस्याओं के निस्तारण का भी निर्देश दिया। सीएम न सभी के प्रार्थना पत्र लेने के बाद जिलों के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीएम और एसपी स्वयं मामलों पर नजर रखें और पीड़ितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। जरूरतमंद की हर समस्या का समाधान हमारी प्राथमिकता: योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देशित किया कि पूरी तत्परता व संवेदनशीलता से सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सभी को न्याय मिले। हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। गोरखपुर में लगा था दो दिन का जनता दर्शन इससे पहले गोरखपुर में सीएम योगी ने दो दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किए थे। इस दौरान 150 से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में विश्वस्तरीय खेल संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) बनाया जाएगा। 393 करोड़ की लागत से बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में वाराणसी फोरलेन पर ताल नदोर में करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां 46 एकड़ में 30 हजार दर्शक क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तो बनेगा ही, इसके बगल में आरक्षित की गई 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बनाएंगे।