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बच्चों के जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को लिखी पाती शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं- सीएम योगी बच्चों के जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य- मुख्यमंत्री तकनीक तेजी से जीवन बदल रही, डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता- योगी ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष जोर प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली- मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस और आगामी अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी है। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर उन्हें राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा। शिक्षा का उद्देश्य संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ना भी मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के विद्यालय जाने का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन को सही दिशा देने वाली समझ प्रदान करना है। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरुकुल समग्र शिक्षा के केंद्र रहे हैं, जहां ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों और दायित्वबोध की शिक्षा दी जाती थी। यही भाव आज की शिक्षा व्यवस्था का भी आधार होना चाहिए। ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह जीवन को सरल बनाने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी साबित हो। तकनीक के दौर में डिजिटल और एआई साक्षरता जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक तेजी से हमारे जीवन को बदल रही है। ऐसे में डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता है। एआई, डीप-टेक और उभरती प्रौद्योगिकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खोल रहे हैं। हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है। लखनऊ में एआई सिटी और कानपुर में ड्रोन एवं यूएवी तकनीक का विकसित होता पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश के तकनीकी भविष्य की नई संभावनाओं का आधार बन रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता और कौशल विकास पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयी सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है। इन प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। शिक्षा की यात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे विद्यार्थियों में संस्कार, जिज्ञासा, अनुशासन, आत्मविश्वास और दायित्वबोध जगाते हैं तथा हमारी गौरवशाली ज्ञान-परंपरा को आधुनिक ज्ञान और नवाचार से जोड़ते हैं।  साक्षरता के संकल्प में समाज की भागीदारी जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षरता का संकल्प समाज के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है, तो उसे साक्षर बनाना हम सभी का कर्तव्य है। किसी को पढ़ना-लिखना सिखाने का छोटा-सा प्रयास उसके जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास और अवसरों के नए द्वार खोल सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर संकल्प लें कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े तथा हर नागरिक साक्षर होने के साथ डिजिटल ज्ञान और एआई के प्रति जागरूक बने।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में MP की बड़ी पहल! पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बनाए नए आयाम

मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल हुई है : राज्यमंत्री अहिरवार अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग:एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपोर्ट का किया विमोचन भोपाल  मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कई उल्लेखनीय पहल की है। इंदौर में स्वच्छता, सतत् अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन क्रेडिट जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व स्थापित किया है। राज्य में लगभग 7.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण दिलीप सिंह अहिरवार ने भोपाल स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग-एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपेार्ट के कार्यक्रम विमोचन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, नवकरणीय ऊर्जा और हरित शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारा राज्य जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना तथा इलेक्ट्रिक वाहन एवं नवकरणीय ऊर्जा से संबंधित नीतियों में हमे एक मजबूत आधार प्रदान करती है। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि आज हम सभी मध्यप्रदेश के लिये एक स्वच्छ, स्वस्थ और जलवायु अनुकूल भविष्य पर सामूहिक विचार करने के लिये एकत्रित हुए है। स्वच्छ वायु दिवस को मनाने का उद्देश्य वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर पढ़ने वाले बूरे प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना है। हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना तथा सामूहिक भागीदारी द्वारा आम नागरिकों, औद्योगिक इकाईयों और विभिन्न शासकीय एवं निजी उपक्रमों को प्रदूषण न करने के लिये प्रेरित करना। उन्होंने प्रदेश के नॉन-CO2 उत्सर्जन की महत्वपूर्ण अध्ययन रिपोर्ट को तैयार करने के लिये जलवायु परिवर्तन केन्द्र, एप्कों की वैज्ञानिक टीम, इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, टेरी और सभी सहयोगी संस्थाओं और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि स्वच्छ वायु और जलवायु परिवर्तन से निपटने की हमारी रणनीतियां एक दूसरे से जुड़ी हुई है। हम स्थानीय स्तर पर जो कदम उठाते है, उनका प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है। स्वच्छ हवा सबकी साझा धरोहर है। उन्होंने कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है हमें ऐसे वैज्ञानिक अध्ययनों की आवश्यकता है जो जिलेवार और क्षेत्रवार सटीक जानकारी उपलब्ध करायें। इससे हम अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बना सकें। मुझे विश्वास है कि आज प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट नीति निर्माताओं शोधकर्ताओं और विभिन्न विभागों के लिये एक उपयोग मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। हम सभी मिलकर इस महत्वपूर्ण रोडमेप को धरातल पर प्रभावी कार्यों में परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे और स्वस्थ, हरित तथा जलवायु-लचीले मध्यप्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस अवसर पर कार्यपालन संचालक एप्को हर्षल पंचोली ने कार्यक्रम का परिचय एवं स्वागत उद्बोधन दिया। पूर्व सदस्य सचिव केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. बी. सेनगुप्ता, वायु प्रदूषण नियंत्रण पर तकनीकी सत्र, जलवायु परिवर्तन एवं वायु गुणवत्ता, द एनर्जी एण्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट नई दिल्ली ने वायु प्रदूषण एवं जलवायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र और निदेशक विज्ञान कार्यक्रम, गेटवे रिसर्च निमीश सिंह ने ट्रांसबाउंड्री वायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र को संबोधित किया।  

भारत का दिल है मध्यप्रदेश, हम निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए हैं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है। मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं। हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की। म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल … Read more

वधेश द्विवेदी को पत्रकारों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए

लखनऊ  यूपी प्रेस क्लब में पत्रकार अवधेश कुमार द्विवेदी को पत्रकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया l दो दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए स्वर्गीय अवधेश कुमार द्विवेदी लंबी बीमारी के बाद 18 अगस्त को निधन हो गया था l  स्वर्गीय द्विवेदी के निधन पर यूपी प्रेस क्लब में आज यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की लखनऊ इकाई में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की l श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी , यूपी वर्किंग  यूनियन लखनऊ के अध्यक्ष शिवशरण सिंह , यूनियन के प्रदेश महामंत्री देवराज सिंह,  प्रेमकांत तिवारी , संवाददाता समिति के उपाध्यक्ष अविनाश मिश्रा , सचिव भारत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अनवर आलम,  जुबेर अहमद ,शिव विजय सिंह , दिनेश यादव सहित पत्रकारों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए श्रद्धांजलि सभा का संचालन मान्यता समिति के कोषाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी ने किया l इस अवसर पर सरगी अवधेश द्विवेदी की धर्मपत्नी श्रीमती रेनू सहित छावनी परिषद के उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा,  संजय चतुर्वेदी , राकेश शुक्ला , राजू यादव , प्रेमकांत तिवारी , संजय पांडे , दिलीप पांडे ,सुल्तान शहर यार खान,  डॉक्टर शकीरा हाशमी , पीयूष त्रिपाठी , शिव विजय सिंह,  वाहिद शाहिद बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

योगी सरकार में बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार, वितरण हानि 20.63% से घटकर 13.04%

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने और बिजली वितरण में होने वाले नुकसान को कम करने के प्रयासों का असर आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। वर्ष 2020-21 में 20.63 प्रतिशत रही वितरण हानि वर्ष 2025-26 में घटकर 13.04 प्रतिशत रह गई। इसी अवधि में एटीएंडसी हानि भी 31.19 प्रतिशत से घटकर 17.83 प्रतिशत पर आ गई। कृषि फीडरों को छोड़कर प्रदेश में फीडरों की संख्या 18,351 से बढ़कर 21,463 हो गई है। इनमें लाभकारी फीडरों की संख्या 5,772 से बढ़कर 8,104 पहुंच गई। इसमें 2,332 अतिरिक्त फीडर लाभकारी श्रेणी में आए हैं। लाभकारी फीडरों की हिस्सेदारी भी 31 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई है। डिस्कॉमवार प्रदर्शन में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम 53 प्रतिशत लाभकारी फीडरों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। केस्को 39 प्रतिशत, दक्षिणांचल और मध्यांचल 37-37 प्रतिशत तथा पूर्वांचल 22 प्रतिशत पर रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक कुशल, जवाबदेह और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार सुधार हुआ है। हाई लॉस क्लस्टर मॉडल से वसूली और नए कनेक्शन में तेजी योगी सरकार के नेतृत्व में बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए लागू हाई लॉस क्लस्टर मॉडल के तहत प्रदेश में 703 क्लस्टर, 1703 फीडर, 42.21 लाख उपभोक्ता और 76,839 वितरण ट्रांसफार्मरों को कवर किया गया। यह कुल उपभोक्ताओं का करीब 11 प्रतिशत है। अभियान के तहत 654 करोड़ 31 लाख रुपये की बकाया वसूली की गई है, जबकि 1,01,548 नए विद्युत संयोजन जारी किए गए हैं। दक्षिणांचल डिस्कॉम में भी सुधार उल्लेखनीय रहा। यहां वितरण हानि 25.64 प्रतिशत से घटकर 14.78 प्रतिशत और एटीएंडसी हानि 31.03 प्रतिशत से घटकर 19.57 प्रतिशत रह गई। थ्रू-रेट 3.65 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 4.06 रुपये हो गया। दक्षिणांचल में वर्ष 2025-26 में 105 करोड़ रुपये तथा चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई तक 155 करोड़ रुपये की वसूली की गई। हाई लॉस फीडरों पर कार्रवाई का असर तालबेहट टाउन-2 ललितपुर में एटीएंडसी हानि 63 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत, मणिकापुर सीरी कासगंज में 87 से 53 प्रतिशत और राल मथुरा में 83.62 से 47.82 प्रतिशत तक आ गई। आगरा, मथुरा, चित्रकूट, राठ और कोसी के टॉप-10 हाई लॉस फीडरों का घाटा 22.53 करोड़ से घटकर 17.89 करोड़ रुपये रह गया, जो करीब 21 प्रतिशत की कमी है। फीडर स्तर पर मॉनिटरिंग से बढ़ा वित्तीय अनुशासन अधिकारियों के अनुसार, यह सुधार योगी सरकार और यूपीपीसीएल अध्यक्ष के मार्गदर्शन और लगातार मॉनिटरिंग का परिणाम है। फीडर स्तर पर दैनिक समीक्षा, डेटा आधारित निगरानी और फील्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से विद्युत विभाग में वित्तीय अनुशासन मजबूत हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

गुरु का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता, शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सच्चे शिल्पकार-राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर  समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को नमन करते हुए स्व. सोनचंद स्मृति फाउंडेशन के तत्वाधान में नगर भवन, बलौदाबाजार में गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जिले के 150 सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। ​गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही संभव है सशक्त समाज का निर्माण  ​शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान को सर्वाेपरि बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं बांटते, बल्कि वे विद्यार्थियों में संस्कार रोपकर उनके व्यक्तित्व और भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। ​उन्होंने सभी गुरुजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुरुजनों का उपकार इतना महान है कि इसे कभी चुकाया नहीं जा सकता। जिन शिक्षकों का आज सम्मान हुआ है, उन्होंने अपने जीवन का स्वर्णिम समय भावी पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया है। उनका यह योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।  कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

झरिया विस्थापितों को बड़ी राहत, बेलगड़िया में कमांड सेंटर से तुरंत सुलझेंगी समस्याएं

 धनबाद झरिया के अग्नि प्रभावित विस्थापितों के लिए बसाई गई झरिया विहार बेलगड़िया टाउनशिप की पूरी व्यवस्था अब एक जगह से मानिटर की जा सकेगी। झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) की ओर से बेलगड़िया में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर विकसित किया जा रहा है। इस सेंटर के माध्यम से टाउनशिप के अलग-अलग फेज में रहने वाले विस्थापित परिवारों से जुड़ी सुविधाओं और समस्याओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन और जेआरडीए की कोशिश है कि विस्थापितों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए झरिया या धनबाद के दूसरे कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसको ध्यान में रखते हुए ही जेआरडीए के नए प्रशासनिक भवन के साथ-साथ यहां नया पुलिस आउटपोस्ट (टीओपी) भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि शिकायतों का तुरंत निपटारा हो सके। जिला प्रशासन के निर्देश पर जेआरडीए का पूरा कार्यालय इसी महीने के अंत तक बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएगा। इसके लिए बेलगड़िया में तीन प्रशासनिक ब्लाक तैयार किए गए हैं। करीब 50 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी तथा कार्यालय पहले ही यहां शिफ्ट हो चुके हैं। शेष कार्यालयों को भी महीने के अंत तक स्थानांतरित करने की तैयारी है। अभी कार्यालय हीरापुर में चल रहा है। एक कमांड सेंटर से कई सुविधाओं पर नजर उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बेलगड़िया टाउनशिप के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां से टाउनशिप के अलग-अलग फेज में पानी, बिजली, सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित स्थिति की निगरानी की जा सकेगी। किसी इलाके में समस्या सामने आने पर संबंधित विभाग को तत्काल इसकी जानकारी देकर समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई जा सकेगी। कमांड सेंटर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विस्थापितों की समस्याओं को अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के साथ देखा जा सकेगा। शिकायतों की निगरानी, उनके निष्पादन की स्थिति और लंबित मामलों पर भी नजर रखी जा सकेगी। इससे अधिकारियों को टाउनशिप की वास्तविक स्थिति की जानकारी एक ही स्थान से मिल सकेगी और शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है। बीसीसीएल समेत तीन संस्थानों को मिलेगा कार्यालय बेलगड़िया के प्रशासनिक ब्लाक में जेआरडीए के अलावा बीसीसीएल, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) और वस्त्र मंत्रालय को भी कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विस्थापितों को पुनर्वास से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों तक स्थानीय स्तर पर पहुंच मिल सकेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि पुनर्वास क्षेत्र में ही आवश्यक सरकारी सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। शिकायत निवारण केंद्र भी सक्रिय बेलगड़िया में विस्थापितों के लिए शिकायत निवारण केंद्र भी चालू है। यहां लोग सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक कार्य अवधि में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आफलाइन के साथ आनलाइन शिकायत की सुविधा भी उपलब्ध है। विस्थापित और पीड़ित परिजन jrdadhanbad.in के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ उसकी स्थिति भी मॉनिटर कर सकते हैं। आनलाइन शिकायत की सुविधा पिछले वर्ष 25 नवंबर से शुरू की गई थी। अब तक 3500 परिवार पहुंचे बेलगड़िया बेलगड़िया में अब तक करीब 3500 परिवारों को शिफ्ट किया जा चुका है। वर्ष 2008 से 2025 तक करीब 2800 परिवार यहां पुनर्वासित किए गए, जबकि संशोधित झरिया मास्टर प्लान आने के बाद जिला प्रशासन की पहल पर करीब 800 परिवारों को बेलगड़िया में शिफ्ट कराया गया है। जेआरडीए के अनुसार अभी कुल 13,872 परिवारों को यहां पुनर्वासित किया जाना है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि पुनर्वास के साथ-साथ विस्थापितों को उनके नए आवासीय क्षेत्र में ही बेहतर नागरिक सुविधाएं और त्वरित शिकायत निवारण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनने से विस्थापितों को अपने काम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। – आदित्य रंजन, उपायुक्त, धनबाद।

प्रतिभा खोज परीक्षा के परिणाम घोषित, 9 केंद्रों पर होगी जेईई-नीट की नि:शुल्क तैयारी

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शाजापुर जिले की प्रतिभा खोज परीक्षा के अंतिम परिणाम घोषित करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ‘प्रतिभा मंदिर परियोजना’ का विस्तार करते हुए अब जिले के 9 केंद्रों पर जेईई (JEE) एवं नीट (NEET) की नि:शुल्क तैयारी कराई जाएगी। मंत्री  परमार ने बताया कि प्रतिभा खोज परीक्षा में 1 हजार 751 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इनमें कक्षा 9 आधारभूत तैयारी (फाउंडेशन) के 937, संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) के 347 तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के 467 विद्यार्थी शामिल हैं। चयनित विद्यार्थियों में 1 हजार 241 शासकीय एवं 510 निजी विद्यालयों के विद्यार्थी हैं। इनमें 1 हजार 207 हिंदी माध्यम और 544 अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी हैं तथा दिव्यांग श्रेणी के 5 विद्यार्थियों का भी चयन हुआ है। 17 सितंबर 2026 को सांदीपनि विद्यालय, गौलाना में परियोजना का भव्य शुभारंभ होगा। इस अवसर पर सभी चयनित विद्यार्थियों को अभिभावकों एवं संरक्षकों की उपस्थिति में प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा एवं कक्षाएं 18 सितंबर से प्रारंभ होंगी। मंत्री  परमार ने बताया कि विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी और उल्लेखनीय चयन को देखते हुए जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों शाजापुर, शुजालपुर एवं कालापीपल में प्रतिभा मंदिर केंद्रों की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 की गई है। इनमें शुजालपुर, पोचानेर, गौलाना, अकोदिया एवं सुंदरसी के 5 सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज), शाजापुर का 1 उत्कृष्ट विद्यालय तथा कालापीपल, मोमन बड़ोदिया एवं पोलायकला के 3 महाविद्यालय शामिल हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि प्रतिभा मंदिर परियोजना को समावेशी स्वरूप दिया गया है। शासकीय विद्यालयों के निर्धन एवं वंचित विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने के बाद सीटें रिक्त रहने पर निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी अवसर मिलेगा। चयनित निजी विद्यालय विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर अपने परिसर में भी प्रतिभा मंदिर स्थापित कर संचालित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त विश्वस्तरीय एवं नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं संकल्प के प्रति हमारा कार्य-समर्पण है। प्रतिभा मंदिर की कक्षाएं कोटा एवं नई दिल्ली स्थित प्रतिभा मंदिर स्टूडियो से ऑनलाइन संचालित होंगी। विषय-विशेषज्ञ शिक्षक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे तथा यूट्यूब (YouTube) चैनल एवं प्रतिभा धारा शिक्षण प्रबंधन प्रणाली (LMS) पोर्टल के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। स्क्रीन समय कम करने और अभ्यास को प्रभावी बनाने के लिए मुद्रित अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध होगी।  परमार ने कहा कि ‘प्रतिभा मंदिर’ केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का केंद्र नहीं, बल्कि संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का माध्यम है।  

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, अभी कमजोर रहेगा मानसून; 12 सितंबर से फिर बढ़ेगी बारिश

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर मौसम के मिजाज में बदलाव आ गया है। मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी 4-5 दिन कमजोर मानसून परिस्थितियां रहने तथा अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, आज भरतपुर, कोटा संभाग में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह कमजोर मानसून परिस्थितियां दर्ज होने तथा अधिकांश स्थानों पर मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान बीकानेर संभाग के जिलों में दिन के समय अपेक्षाकृत तेज सतही हवाएं 20-25 KMPH चलने की संभावना है। मौसम विभाग के नए अपडेट के अनुसार पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में 12 सितंबर से एक और नया बारिश का दौर शुरू होने तथा पुनः बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। वेल मार्क लो प्रेशर एरिया कमजोर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार वेल मार्क लो प्रेशर एरिया कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इसके असर से बीते 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हुई। वहीं सोमवार व मंगलवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। प्रदेश में 1 जून से 6 सितंबर तक 313 MM बारिश दर्ज तीन दिन बारिश के दौर के बाद प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का करीब 81 फीसदी कोटा पूरा हो चुका है। 1 जून से 6 सितंबर तक 385.04 MM की तुलना में 313 MM बारिश हो चुकी है। अब कोटा पूरा होने में अभी भी 111 MM बारिश शेष है। इधर रविवार को अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर और टोंक में मध्यम स्तर की बारिश हुई। इससे कई इलाकों में मौसम सुहाना हुआ। जयपुर का आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना राजस्थान के पश्चिमी जिलों में मानसून के कमजोर रहने और लगातार मौसम ड्राई रहने से गर्मी बरकरार है। रविवार को फलोदी में अधिकतम तापमान 38.6 ​डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर का दोपहर 3 बजे तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं आज जयपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहने की संभावना है।  

अवैध शराब प्रकरण के मृतकों एवं प्रभावितों के परिजनों से मिले, बंधाया ढांढस

भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बंडा क्षेत्र में अवैध शराब हादसे से प्रभावित गांवों का सघन दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बंडा, शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती एवं पापेट पहुंचकर पीड़ित तथा मृतक परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हृदय विदारक घटना है और प्रभावित परिवार कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने परिजन को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि शासन की ओर से नियमानुसार सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिजन द्वारा की गई मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत तक पहुंचकर जड़ों को पूरी तरह समाप्त किया जाए, जिससे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक  वीरेंद्र सिंह कलेक्टर मती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जगदीश गोमे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे।