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गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया सीएम योगी आदित्यनाथ ने

गोरखपुर में बनेगा विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: मुख्यमंत्री गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया सीएम योगी आदित्यनाथ ने इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में 60 एकड़ में बनेगा नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हर तरह के इनडोर गेम्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के साथ ही खेल व खिलाड़ियों के हित में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में आरक्षित कराई गई 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।   केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में शनिवार को गोरखपुर के ताल नदोर में करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां 46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तो बनेगा ही, इसके बगल की 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बनाएंगे। इसमें हर तरह के इनडोर गेम्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा हॉकी जैसे अन्य आउटडोर गेम्स भी हो सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से इस क्षेत्र में होटल, रेस्त्रां व मार्केट की नई श्रृंखला तैयार होगी और बड़ी संख्या में नए रोजगार भी सृजित होंगे। लोक कल्याण के लिए होना चाहिए सरकारी भूमि का उपयोग मुख्यमंत्री ने ताल नदोर क्षेत्र में हो रहे विकासपरक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि कुछ साल पहले यह क्षेत्र बंजर पड़ा था। उपेक्षित था, जिसकी मर्जी होती वह कब्जा कर लेता था। अब यहां की जमीन कब्जामुक्त है। डबल इंजन सरकार इस भूमि पर नौजवानों के भविष्य को तराशने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवा रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम युवाओं और भावी पीढ़ी के सपनों को साकार करेगा। सरकारी भूमि का उपयोग लोक कल्याण तथा विकास परियोजनाओं के लिए होगा। इसी विजन से ताल नदोर में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना भी की जा रही है। जाति-क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले नहीं हो सकते जनता के हितैषी सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश को माफियामुक्त, गुंडामुक्त, दंगामुक्त, कर्फ्यूमुक्त बनाया है। इससे प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। विकास होता है तो रोजगार का सृजन स्वतः स्फूर्त भाव से होता है। जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले लोग जनता के हितैषी नहीं हो सकते। जब ऐसे लोगों को सत्ता मिली तो वे गुंडागर्दी, अराजकता, अव्यवस्था फैलाते रहे। जनहित के बजाय परिवार के लिए सत्ता का दुरुपयोग करते रहे। लेकिन, डबल इंजन सरकार जन कल्याण व रोजगार सृजन के लिए कार्य कर रही है। 500 खिलाड़ियों की सीधी भर्ती जल्द मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यूपी में अब तक हमने लगभग साढ़े पांच सौ पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिये सरकारी नौकरी दी है। साथ ही 500 खिलाड़ियों की नई भर्ती फिर से निकाली है। इससे बहुत जल्द ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप आदि में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। अब तक सीधी भर्ती में ललित उपाध्याय, दीप्ति शर्मा, पारुल चौधरी, अर्जुन देशवाल, प्रवीण कुमार, राजकुमार पाल को यूपी पुलिस में सीधे डिप्टी एसपी का पद दिया गया है। विजय कुमार यादव व दिव्या काकरान को नायब तहसीलदार, अर्जुन सिंह को यात्री एवं मालकर अधिकारी, प्राची व पुनीत कुमार को जिला युवा कल्याण अधिकारी, अजीत सिंह व सिमरन को जिला पंचायत राज अधिकारी, प्रीति पाल को खंड विकास अधिकारी, रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं।  पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी नई खेल संस्कृति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद खेल स्पर्धा से नई खेल संस्कृति आगे बढ़ी है। इसका परिणाम है कि ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत की प्रतिभागिता और मेडल की संख्या में वृद्धि हुई है। खिलाड़ियों को इंफ्रास्ट्रक्चर देना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रही है। सुविधा मिलने से खिलाड़ी पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे हैं। सरकार हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज की सुविधा विकसित कर रही है। मेरठ में खेल विश्वविद्यालय बन चुका है और इसी सत्र में उसका भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होने जा रहा है। दूरी घटाकर विकास की रफ्तार बढ़ा रही सरकार सीएम ने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम जिस गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर बन रहा है, उससे होकर वाराणसी जाने में पहले चार से पांच घंटे लगते थे लेकिन अब महज ढाई घंटे लगते हैं। इसी तरह गोरखपुर से लखनऊ जाने में लगने वाला समय आठ घंटे से कम होकर साढ़े तीन घंटे हो गया है। सरकार सिर्फ दूरी ही नहीं घटा रही, बल्कि विकास की रफ्तार बढ़ाकर रोजगार सृजन भी कर रही है। पश्चिम एशिया के संकट में बेहतरीन प्रबंधन का परिचय कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पूरा विश्व पश्चिम एशिया के संकट से जूझ रहा है। कई देशों में अव्यवस्था, अस्थिरता है। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं। इन स्थितियों में भारत में प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हरदीप सिंह पुरी जी ने बेहतरीन प्रबंधन का परिचय दिया है। तेल कम्पनियों पर भले ही बोझ आया, लेकिन उन्होंने संकट के बीच आम जनता को लगातार राहत दिलाई है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 100 करोड़ रुपये देने के लिए पेट्रोलियम मंत्री, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रति आभार व्यक्त किया।  वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन इससे पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन किया। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम ने स्टेडियम के ड्राइंग मैप व मॉडल का अवलोकन भी किया। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों … Read more

चौपाल में ग्रामीणों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, संवेदनशीलता और सरलता की बनी मिसाल

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता पीपल के पेड़ तले खाट पर बैठकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद: समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश ग्राम कोसला में “महतारी सदन” एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई। मुख्यमंत्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, “पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं?” ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है। इसी दौरान ग्राम की “लखपति दीदी” श्रीमती नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

हाई कोर्ट फैसले के बाद Mohan Yadav बोले- अयोध्या की तर्ज पर संवारा जाएगा भोजशाला परिसर

भोपाल  लंबे समय से चल रहे धार की भोजशाला विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है वहीं कोर्ट ने इसे वाग्देवी मंदिर माना है. जहां सनातन समुदाय में इस फैसले से खुशी का माहौल है वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस खुशी को दोगुना कर दिया है. हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने एक कहा है कि इस जगह पर अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. राज्य सरकार ने संकेत दे दिया है कि वह पूरे धार क्षेत्र को अयोध्या मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है।  बता दें कि भोजशाला पर शुक्रवार को दिए गए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार मानकर फैसला सुनाया है और भोजशाला को मूल चरित्र से मां सरस्वती का मंदिर माना है. इस फैसला का राज्य सरकार ने खुलकर स्वागत किया है।  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंटरव्यू में कहा है कि राजधानी भोपाल स्थित भोजशाला को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट से सरकार को बड़ा सहयोग मिला है और अब सरकार भोजशाला को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम करेगी।  उन्होंने कहा कि भोजशाला मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि जैसे अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण के बाद वहां का विकास हुआ, उसी तरह भोजशाला क्षेत्र का भी समग्र विकास किया जाएगा. सीएम मोहन यादव ने साफ कहा कि दोनों पक्ष से बातचीत कर रास्ता निकाला जाएगा और धर्म की आड़ में माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी।  क्या मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जमीन उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के हर आदेश का पालन होगा. दोनों पक्षों के धर्म गुरुओं से बात करके रास्ता निकालेंगे. अगर मुस्लिम पक्ष मस्जिद बनाने के लिए जमीन चाहेगा तो हम उस पर भी जरूर विचार करेंगे।  माता वाग्देवी की प्रतिमा को वापस कब कर लाएंगे? पीएम मोदी अब तक देश की 1200 धरोहर वापल ला चुके हैं. उनसे मिलकर आग्रह करेंगे कि ब्रिटिश म्यूजियम में रखी वाग्देवी की मूर्ति के लिए केंद्र स्तर से प्रयास हो. प्रयास करेंगे कि मूर्ति जल्दी मंदिर में स्थापित हो…

हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला, उपायुक्तों को मिली लीज साइनिंग की शक्ति

रांची  झारखंड में जिन 35 बालू घाटों से बालू का उठाव सिर्फ उपायुक्त के हस्ताक्षर के लिए रुका हुआ था, उसका मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य सरकार ने इससे संबंधित संशोधित नियमावली को स्वीकृति दे दी है। नई व्यवस्था में बालू लीज की निगरानी का सारा जिम्मा उपायुक्तों के पास होगा। जिले के उपायुक्त ही लीज डीड पर हस्ताक्षर करेंगे। उपायुक्त के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण वर्तमान में 35 बालू घाटों से बालू का उठाव बंद था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद शनिवार से बालू घाटों से बालू का उठाव शुरू हो जाएगा। झारखंड बालू खनन नियमावली 2026 के नियम 14 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खान एवं भूतत्व विभाग ने संबंधित जिले के उपायुक्त को नियमावली के अंतर्गत खनन पट्टे को निष्पादित करने की शक्तियां प्रदान कर दी हैं। इसके साथ ही अब राज्य के 35 घाटों से बालू का उठाव शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि इससे राज्य में बालू की कालाबाजारी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी। एक महीने में उठेगा पांच करोड़ सीएफटी बालू झारखंड में कुल 444 बालू घाट जिनमें से 290 बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है। इन 290 बालूघाटों में से 35 घाटों के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं और खनन पट्टों के साथ संचालन के लिए तैयार है। ऐसा होने के बाद 35 घाटों से बालू का उठाव वैध तरीके से होने लगेगा। खनन विभाग के अनुसार कि इन 35 बालू घाटों से हर दिन करीब दस लाख सीएफटी बालू का उठाव की उम्मीद है। इससे हर महीने करीब पांच करोड़ सीएफटी बालू का उठाव हो सकेगा। सुचारू रूप से एक महीने में इतने बालू का उठाव हो जाने से एनजीटी की रोक लगने के बावजूद बालू की कमी नहीं हो सकेगी। इससे पहले बालू घाटों कि नीलामी और उठाव पर कोर्ट की तरफ से पांच महीने तक रोक लगी रही।

जोबगा में खुले रोजगार के द्वार, गायत्री परियोजना प्रभावितों को मिलेगा लाभ

घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने दी सहमति जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक संपन्न सूरजपुर, जिले के तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के लिए जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों के पुनर्वास और रोजगार संबंधी विषयों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से संबंधित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित रोजगार के दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई । बैठक में लिए गए इस निर्णयों के आधार पर ही अब प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के अंतर्गत कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय इनकी संख्या 161 खातेदार रही। निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए 95 रोजगार का प्रावधान किया गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में बड़ा टर्निंग पॉइंट, इसी महीने चुनाव नोटिस जारी होने के संकेत

 जयपुर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से जारी गतिरोध और प्रशासनिक खींचतान के बीच अब चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजधानी जयपुर में आरसीए की एडहॉक कमेटी और प्रदेश के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों के बीच एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार या मुख्यमंत्री की मंशा आरसीए के कामकाज में दखल देने की बिल्कुल नहीं है. सरकार केवल यह चाहती है कि राजस्थान क्रिकेट में पारदर्शिता आए और खेल के हित में जल्द से जल्द चुनाव संपन्न हों. 'क्रिकेट का भविष्य जिला संघों के हाथ में' बैठक में शामिल होने पहुंचे खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में जोर देकर कहा कि राजस्थान क्रिकेट का संचालन अंततः जिला संघों और निर्वाचित पदाधिकारियों को ही संभालना है. उन्होंने सभी जिला क्रिकेट संघों से अपील की कि वे अपने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और एडहॉक कमेटी के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं. खेल मंत्री ने यह भी साफ किया कि विवाद बढ़ने की स्थिति में सरकार केवल एडहॉक कमेटी का गठन कर सकती है, लेकिन चुनाव कराने की अंतिम जिम्मेदारी क्रिकेट से जुड़े पदाधिकारियों की ही होती है. समय पर चुनाव होने से सुधरेगा युवा खिलाड़ियों का भविष्य खेल मंत्री ने समय पर चुनाव कराने की अहमियत समझाते हुए कहा कि ऐसा होने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मिलने वाले संसाधनों और सहायता का सही और पारदर्शी इस्तेमाल हो सकेगा. जब आरसीए में एक चुनी हुई और पारदर्शी संस्था काम करेगी, तो प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर और निष्पक्ष अवसर मिलेंगे. इसी महीने जारी हो सकता है चुनावों का आधिकारिक नोटिस दूसरी तरफ, आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने इस बैठक को बेहद सकारात्मक और उम्मीदों से भरा बताया. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 29 जिला संघों के पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया है. मोहित यादव के मुताबिक, कमेटी पूरी गंभीरता और मुस्तैदी से काम कर रही है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसी महीने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनावों का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया जाएगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया को आधिकारिक गति मिलेगी. मैदान पर 'फ्रेंडली मैच' और पर्दे के पीछे 'बड़ा एक्शन' इस पूरी बैठक और सकारात्मक माहौल के पीछे आरसीए की अंदरूनी सियासत भी पूरी तरह गरमाई रही. हालांकि पदाधिकारियों के बीच का तनाव और माहौल को हल्का करने के लिए एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया था, लेकिन पर्दे के पीछे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी भी दिखाई दी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि बैठक के दौरान नागौर और सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक पत्र पर करीब 25 जिला संघों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर करवाए गए हैं, जिस पर एडहॉक कमेटी जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है. राजस्थान क्रिकेट प्रशासन के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट कोर्ट-कचहरी के चक्करों और आपसी गुटबाजी से जूझ रहे आरसीए के लिए इस बैठक को एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है. खेल मंत्री के कड़े रुख और एडहॉक कमेटी की सक्रियता से यह साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्थान क्रिकेट के प्रशासन में बड़े बदलाव होने वाले हैं. अब सभी की नजरें इसी महीने जारी होने वाले चुनावी नोटिस और जिला संघों के अगले कदम पर टिकी हैं.

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सक्रिय हुई सीएम हेल्पलाइन 1076

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक सरल पहुंच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली छत्तीसगढ़ प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है। इसी क्रम में जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर   प्रदीप कुमार साहू, सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी हरिओम द्विवेदी, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण दल के प्रमुख  नुराग दीवान ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और लिखित आवेदन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर प्रदान किया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय तंत्र विकसित किया गया है। इसमें एल-1 पर ब्लॉक स्तर, एल-2 पर जिला स्तर, एल-3 पर संभागीय अथवा निदेशालय स्तर तथा एल-4 पर सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर पर शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं होने की स्थिति में शिकायत स्वतः अगले स्तर पर प्रेषित हो जाएगी। सीएम हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें यूनिक टोकन नंबर के माध्यम से शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध समाधान हेतु SLA आधारित व्यवस्था, समाधान के बाद नागरिकों से संतुष्टि फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा MIS डैशबोर्ड के माध्यम से सतत निगरानी शामिल हैं। सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर वर्ष के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप या लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रणाली राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन को मजबूत करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है।

राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी केस पर बहस, नागरिकता और वोटर लिस्ट पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल उस रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई टल गई, जिसमें बिना भारतीय नागरिकता हासिल किए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने का आरोप लगाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। पिछली सुनवाई ने दिया था निर्देश पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसी दौरान शिकायतकर्ता के वकील विकास त्रिपाठी ने चुनाव आयोग से प्राप्त कुछ दस्तावेजों को कोर्ट रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। याचिकाकर्ता ने लगाया आरोप सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि फिलहाल उनकी मांग ट्रायल शुरू कराने की नहीं है बल्कि पुलिस जांच करवाने की है। उनका कहना था कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी, लेकिन उनका नाम वर्ष 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में पहले से मौजूद था। याचिकाकर्ता ने उठाया सवाल याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब 1983 में नागरिकता मिली तो फिर 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम किस आधार पर शामिल किया गया था। याचिका में यह भी पूछा गया है कि क्या उस समय वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था। नाम हटाने की पूछी वजह इसके अलावा याचिका में यह भी दावा किया गया है कि वर्ष 1982 में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने सवाल किया है कि आखिर नाम हटाने की वजह क्या थी और इसके पीछे कौन से दस्तावेज या प्रक्रिया अपनाई गई थी। अब इस पूरे मामले पर अदालत 4 जुलाई को आगे की सुनवाई करेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।  

अंधेरे से उजाले तक: CM विष्णुदेव साय की पहल से मटासी गांव रोशन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और त्वरित पहल से जशपुर जिले के ग्राम मटासी में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारु हो गई। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण गांव की बस्ती लगभग 21 घंटे तक अंधेरे में डूबी रही, जिससे पेयजल व्यवस्था भी बाधित हो गई थी और ग्रामीणों को भीषण गर्मी के बीच भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही इस समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची, उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विद्युत विभाग की टीम ने तत्परता से नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। बिजली व्यवस्था पुनः शुरू होते ही गांव में रोशनी लौट आई और पेयजल आपूर्ति भी सामान्य हो गई। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली और लंबे समय से परेशानी झेल रहे लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी दिखाई दी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर हुए समाधान से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन-प्रशासन जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है।  

कमिश्नर और मेयर को लेकर बड़ा खुलासा, लुधियाना नगर निगम की राजनीति गरमाई

लुधियाना. नगर निगम में मेयर-कमिश्नर के पास नियमों के उल्ट दो-दो गाड़ियां चल रही हैं। यह खुलासा खुद सीनियर डिप्टी मेयर ने किया है। इस संबंध में बाकायदा उन्होंने कमिश्नर को पत्र भी भेजा है। जानकारी के अनुसार इस पत्र के मुताबिक नगर निगम द्वारा हाल ही में करीब 70 लाख की लागत से 2 नई इनोवा गाडियां खरीदी गई हैं। बताया जा रहा है कि उक्त दोनों गाड़ियां मेयर-कमिश्नर को दी गई हैं। लेकिन इसके बाद भी मेयर-कमिश्नर द्वारा इससे पहले से उनके पास चल रहीं इनोवा गाडियों को वापस नहीं किया गया। इसके चलते इस समय मेयर-कमिश्नर के पास दो-दो इनोवा गाडियां चल रही हैं जबकि नियमों के अनुसार उन्हें एक गाड़ी ही मिल सकती है। इसके मद्देनजर सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर-कमिश्नर के पास चल रही दो अतिरिक्त इनोवा गाडियों को वर्कशॉप में भेजने की बात कही है। किराए की लेनी पड़ रही है गाड़ियां सीनियर डिप्टी मेयर द्वारा यह मुद्दा भी उठाया गया है कि एक तरफ मेयर-कमिश्नर के पास दो अतिरिक्त इनोवा गाडियां चल रही हैं उसके मुकाबले नगर निगम में नए आए 2 ज्वाइंट कमिश्नर के लिए किराए की गाड़ियां लेनी पड़ रही हैं। इसलिए मेयर-कमिश्नर के पास चल रही 2 अतिरिक्त इनोवा गाडियों को नए आए दोनों ज्वाइंट कमिश्नरों को देने की सिफारिश सीनियर डिप्टी मेयर द्वारा की गई है।