samacharsecretary.com

बेटे को जीत नहीं दिला सके राधाचरण, MLC चुनाव में JDU को मिली करारी हार

पटना  बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद हुए पहले उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को बड़ा झटका लगा है। भोजपुर बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद सीट पर लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी सोनू राय जीतकर एमएलसी बन गए हैं। उन्होंने एनडीए समर्थित जेडीयू कैंडिडेट कन्हैया प्रसाद को 350 से अधिक वोटों से हरा दिया। यह सीट पहले जेडीयू के पास थी, कन्हैया के पिता राधाचरण साह यहीं से एमएलसी थे। उनके विधायक बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिस पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव में यह सीट आरजेडी ने जेडीयू से छीन ली है। भोजपुर बक्सर एमएलसी उपचुनाव में मुकाबला काफी रोचक रहा। जेडीयू के बागी मनोज उपाध्याय के मैदान में उतरने से एनडीए को नुकसान हुआ। सोनू कुमार राय को 2507 वोट मिले। जीत के लिए 2668 वोटों की जरूरत थी, लेकिन द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती खत्म होने के बाद बढ़त के आधार पर सोनू कुमार राय चुनाव जीत गए। बागी ने बिगाड़ा राधाचरण के बेटे का खेल जेडीयू के बागी उम्मीदवार मनोज उपाध्याय को उपचुनाव में 636 मत मिले। माना जा रहा है कि सामाजिक आधार पर यह वोट एनडीए का था। मनोज के बागी होकर चुनाव लड़ने से जेडीयू विधायक राधाचरण साह के बेटे कन्हैया प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा। अन्य तीन उम्मीदवारों में प्रथम वरीयता के वोटों में सारण जिले के मढ़ौरा प्रखंड के निवासी लालू प्रसाद यादव को 30, निर्दलीय कन्हैया प्रसाद को 25 और निरंजन कुमार को 12 मत मिले थे। पहली वरीयता के मतों में आरजेडी को 340 वोट की बढ़त पहली वरीयता के मतों की गिनती में ही आरजेडी उम्मीदवार सोनू राय ने बढ़त हासिल कर ली थी। कुल पड़े 5956 मतों में से 621 मत रद्द कर दिए गए। 5335 वोट वैध करार दिए गए। इनमें से आरजेडी के सोनू राय को सर्वाधिक 2486 और जेडीयू कैंडिडेट कन्हैया प्रसाद को 2146 मत मिले। इस तरह 340 मतों से आरजेडी उम्मीदवार को निर्णायक बढ़त मिल गई। सोनू के पिता भी रह चुके हैं एमएलसी इस सीट से सोनू राय के पिता लालदास राय भी एमएलसी रह चुके हैं। उन्होंने भोजपुर-बक्सर निर्वाचन प्राधिकार क्षेत्र से 2003 में पहली बार आरजेडी के टिकट पर चुनाव जीता था। इस बार तेजस्वी यादव की पार्टी ने लालदास के बेटे सोनू राय को मैदान में उतारा और वह चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंच गए। RJD कार्यालय में जश्न का माहौल भोजपुर बक्सर एमएलसी उपचुनाव में आरजेडी प्रत्याशी सोनू कुमार की जीत पर गुरुवार को पटना स्थित प्रदेश पार्टी कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। आरजेडी नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाईं। आरजेडी नेताओं ने कहा कि लोगों ने प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भरोसा किया है। बधाई देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. अली अशरफ अंसारी, शक्ति सिंह यादव, चितरंजन गगन और एजाज अहमद आदि शामिल हैं।

उद्योग विकास और कार्यों की प्रगति को लेकर मंत्री काश्यप व अध्यक्ष सिंह ने की बैठक

भोपाल  एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि लघु उद्योग निगम के क्रियाकलापों को मौजूदा बाजार और आनलाइन प्लेटफार्म के जरिए व्यापक स्वरूप देकर व्यवसाय बढ़ाना चाहिए।मंत्री  काश्यप और निगम के अध्यक्ष  सत्येंद्र भूषण सिंह गुरुवार को पंचानन भवन स्थित सभागार में निगम के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे ।बैठक में प्रबंध संचालक और एमएसएमई विभाग के सचिव  दिलीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे मंत्री  काश्यप ने संतोष व्यक्त किया कि विगत दस वर्षों से निगम घाटे में नहीं रहा है और हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को 8 करोड़ का लाभांश भी सौंपा है।उन्होंने प्रबंधकों सहित अन्य रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही भी समय सीमा में करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में बताया गया कि निगम ने अपने 8 एम्पोरियम,कोयला व्यवसाय,कच्चा माल,संपदा एवं निर्माण और टेस्टिंग लैब जैसी सभी गतिविधियों में लाभ अर्जित किया है।बैठक में निगम के कुल व्यवसाय और कार्य परिणाम पर भी विमर्श किया गया। बैठक में 36 औद्योगिक क्षेत्रों के नवीन कार्य और 17 केंदों के उन्नयन,20 जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के विकास कार्यों और गोविन्दपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बहुमंजिला इंडस्ट्री पार्क के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गईं ।इस दौरान 3 एमएसएमई सीडीपी क्लस्टर और 4 अपग्रेडेशन क्लस्टर कार्य को भी संतोषजनक पाया गया। प्रबंध संचालक ने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा कोल आबंटन 1 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 6 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।मंत्री  काश्यप ने कहा कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए नवीन उद्योगों तक एप्रोच बढ़ाने के लिए कलेक्टर्स से कहा जाए और जिले के अधिकारियों को भी सक्रिय किया जाए।बैठक में बताया गया कि निगम की जबलपुर और इंदौर की टेस्ट लैब का आधुनिक उन्नयन करने के कार्य प्रारंभ किए गये हैं।निगम के अध्यक्ष  सिंह ने 8 एम्पोरियम की संख्या में और बढ़ोतरी करने पर ध्यान केंद्रित करने का कहा है ।निगम के मृगनयनी एंपोरियम विभिन्न प्लेटफार्म पर आन लाइन व्यवसाय भी कर रहे हैं।निगम ने स्वयं के शापिंग पोर्टल से भी 65 लाख का व्यवसाय किया है। बैठक में विगत 3 वर्षों में निगम को भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में गोल्ड और रजत पदक मिलने पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में भारत सरकार की निगम द्वारा संचालित आर ए एम पी योजना में देश में मध्यप्रदेश के अग्रणी होने के साथ ही संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। बैठक में स्टार्टअप योजना की भी समीक्षा की गईं।  

प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पहुंचकर देवास हादसे के घायलों से की भेंट प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय और चोइथराम अस्पताल में भर्ती घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के घायल नागरिकों से भेंट कर उनके उपचार की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस हादसे से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे और घायलों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमलतास अस्पताल में इलाज करवा रहे घायल नागरिकों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज पूर्वान्ह में इस हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे। इंदौर में उपचार करवा रहे घायलों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिल्ली से ही दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये।  

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण: अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार द्वारा प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं और ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी एवं संग्रहण से बचने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।  मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें तथा किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संयम, सहयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

‘अपमान’ मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का सख्त रुख, ऐक्शन लेने का किया ऐलान

 नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में बड़ा ऐक्शन लिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना का ऐक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिवादियों ने उनके खिलाफ अत्यंत मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण सामग्री पोस्ट की और वह इस पर चुप नहीं रह सकती हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक का प्रतिनिधित्व करने के लिए न्याय मित्रों के नामों का ऐलान करना था। उन्होंने कहा, 'इस बीच मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ प्रतिवादी मेरे और इस अदालत के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक और बेहद निंदनीय सामग्री पोस्ट कर रहे हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह शाम 5 बजे इस पर विस्तृत आदेश सुनाएंगी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने और क्या कहा? जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, 'आज मैं एमिकस क्यूरी के नामों का ऐलान करने वाली थी। मैंने प्रयास किया और कुछ वरिष्ठ अधिकवक्ताओं ने सहमति भी व्यक्त की। लेकिन इस बीच यह मेरे संज्ञान में आया कि मेरे और इस अदालत के खिलाफ बहुत अपमानजनक और निंदनीय सामग्री पोस्ट की जा रही है। मैं चुप नहीं रह सकती। इसलिए मैंने कुछ प्रतिवादियों और अन्य अवमानना ​​करने वालों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। मेरा आदेश तैयार है, मैं इसे करीब 5 बजे सुनाऊंगी और इसके बाद ही तय करूंगी कि इस केस का मैं क्या करुंगी।' क्या है पूरा विवाद गौरतलब है कि कथित शराब घोटाले केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने बहिष्कार किया है, जिनमें अरविंद केजरीवाल सबसे प्रमुख और पहले हैं। फरवरी के अंत में ट्रायल कोर्ट से 12 आरोपियों को आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। केजरीवाल चाहते थे कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से लेकर इस केस को किसी और बेंच को दिया जाए। केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने जज पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। कहा है कि उनसे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आरएसएस से जुड़े वकीलों के संगठन के कार्यक्रम में जाने और हितों के टकराव जैसे आरोप लगाकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्हें शंका है कि जस्टिस स्वर्ण कांता उन्हें न्याय नहीं दे सकती हैं। उन्होंने ओपन लेटर भी लिखा था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ इस दौरान सोशल मीडिया पर काफी कुछ लिखा गया है और आरोप मढ़े गए हैं।

फिटनेस नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इंदौर में 2 बसों की फिटनेस निरस्त

इंदौर शहर में लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी सड़क पर दौड़ रही खतरनाक बसों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की गई। परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 बसों को जब्त किया गया। वहीं दो बसों के फिटनेस निरस्त किए गए। जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे यात्री बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की सूक्ष्म जांच और नियमों की अनदेखी जांच के दौरान बसों में सुरक्षा और परिवहन नियमों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न की स्थिति देखी। साथ ही बसों की निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, ओवरलोडिंग और अधिक किराया वसूली की भी जांच की गई। बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। खराब सुरक्षा उपकरण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच में 13 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ बसों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब पाए गए, कई बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले और मेडिकल किट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा कई बसें अवैध पार्किंग में खड़ी पाई गईं। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसडीएम ओमनारायण सिंह बड़कुल, एआरटीओ राजेश गुप्ता मौजूद रहे। भारी जुर्माना और बस स्टाफ को कड़ी समझाइश जांच के दौरान आठ बसों से 80 हजार जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्य 3 बसों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया। अधिकारियों ने बस चालक-परिचालकों को समझाइश भी दी कि वे बसों में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ परिवहन न करें और यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में बचाव संबंधी जानकारी दें।  

नरेंद्र मोदी पर शिवराज सिंह चौहान की अनोखी प्रस्तुति, किताब में दिखा ‘अपनापन’ का जिक्र

भोपाल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों पर एक किताब लिखी है। किताब का नाम ' अपनापन ' है। इसका लोकार्पण 26 मई को नई दिल्ली में है। शिवराज सिंह चौहान ने खुद इसकी जानकारी दी है। किताब की कहानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान के अनुभवों पर है। पीएम के साथ अनुभवों को किताब में लिखा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि तीन दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनेक भूमिकाओं और विभिन्न दायित्वों में कार्य करते हुए मुझे उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व, सेवा, संगठन, सुशासन और राष्ट्र समर्पण के अनेक दुष्टिकोणों से देखने समझने का अवसर मिला है। इन्हीं अनुभवों, भावनाओं, प्रेरणाओं और जीवन-मूल्यों को मैंने अपनी पुस्तक 'अपनापन' में संजोने का विनम्र प्रयास किया है। 26 मई को किताब का लोकार्पण शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरी इस कृति 'अपनापन' का लोकार्पण 26 मई 2026 को सुबह साढ़े दस बजे, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में होगा। मेरा विश्वास है कि यह पुस्तक सभी पाठकों को, विशेषकर हमारे युवा मित्रों को, सेवा, संवेदना, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण के विचारों के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देगी। पुस्तक का लोकार्पण पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ करीब से जिया है उन्होंने कहा कि मेरे लिए 'अपनापन' केवल एक पुस्तक नहीं है, यह उन तैंतीस वर्षों को शब्दों में उतारने का प्रयास है, जिनको मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत करीब से जिया है। लोगों ने मंचों से उन्हें भाषण करते हुए देखा है, लेकिन मैंने उनमें उस व्यक्ति को देखा है, जो दिन भर देर रात तक काम करने के बाद भी अगली सुबह उसी ऊर्जा के साथ देश के लिए खड़ा होता है। लोग उनके निर्णय को देखते हैं, लेकिन मैंने देखा है कि कैसे उनका दिल हर गरीब, हर किसान, मां, बहन-बेटी और हर कार्यकर्ता के लिए धड़कता है। 1991 की एकता यात्रा का जिक्र शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे आज भी 1991 की एकता यात्रा याद है। तब कई लोग उसे राजनीतिक यात्रा के रूप में देखते थे, लेकिन मोदी जी ने उसे राष्ट्रीय चेतना का अभियान बना दिया। उनकी सोच स्पष्ट थी कि तिरंगा श्रीनगर के लाल चौक तक ही नहीं, देश के हर युवा के दिल तक पहुंचना चाहिए। और तब मैंने पहली बार महसूस किया कि नेतृत्व सिर्फ भाषण से नहीं आता, नेतृत्व तपस्या से आता है, नेतृत्व अनुशासन से आता है, नेतृत्व समर्पण से आता है और सबसे ज़्यादा नेतृत्व अपनेपन से आता है। क्यों लिखा 'अपनापन' उन्होंने कहा कि उन अनुभवों को यादों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि एक पुस्तक के रूप में जनता तक पहुंचाना चाहिए और इसी सोच ने मुझे लेखक बना दिया। 'अपनापन' यह पुस्तक आपके सामने है। इस पुस्तक में संगठन और सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोग यह देखेंगे कि बड़े लक्ष्य केवल भाषण से पूरे नहीं होते। बड़े लक्ष्य अनुशासन, समर्पण, तपस्या और सामूहिक प्रयासों से पूरे किए जा सकते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस पुस्तक में युवा देखेंगे कि कैसे जनता से जुड़कर, उनकी समस्या जानकर और उनको साथ लेकर मेहनत करके बदलाव लाया जा सकता है। वे लोग, जो भारत में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव को देख रहे हैं, इस पुस्तक में एक ऐसी झलक देखेंगे कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े राष्ट्रीय परिवर्तन का वातावरण बनाया जा सकता है। और दुनिया में वे लोग, जो नरेंद्र भाई के नेतृत्व को देख रहे हैं, उनको इस पुस्तक में उनके व्यक्तित्व को ज़्यादा निकटता से समझने का अवसर मिलेगा। पुस्तक से देश बदलने का साहस मिलेगा इस पुस्तक 'अपनापन' में आपको सिर्फ घटनाएं नहीं, वह सोच मिलेगी जिसने देश को बदलने का साहस किया। वह अनुशासन मिलेगा, जिसने सपनों को सिद्धि में बदल दिया और वह अनुभव मिलेंगे, जो नेतृत्व को देखने के आपके नजरिये को बदल देंगे। इस पुस्तक को पढ़ते समय अगर आपने यह महसूस किया कि देश बदलने के लिए बड़े पद नहीं, बड़े संकल्प की जरूरत होती है, तो मैं मानूँगा कि मेरा प्रयास सार्थक हुआ।  

आम आदमी को झटका: सांची ने फिर बढ़ाए दूध के दाम, आज से लागू हुई नई दरें

भोपाल  लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है. दरअसल रसोई गैस, सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के बाद अब दूध भी महंगा हो गया है. देशभर में अमूल और मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद अब मध्य प्रदेश के प्रमुख सहकारी दुग्ध ब्रांड सांची ने भी दूध के दाम बढ़ाने की घोषणा कर दी है. सांची की नई दरें आज  15 मई 2026 से लागू होंगी, जबकि अमूल और मदर डेयरी की नई कीमतें 14 मई से प्रभावी हो जाएंगी. कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को प्रति लीटर दूध पर 2 रुपये अधिक चुकाने होंगे।  2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा सांची दूध का दाम जानकारी के अनुसार सांची ने दूध के सभी प्रमुख पैकेटों की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. इसके तहत अब तक 34 रुपये में मिलने वाला आधा लीटर दूध पैकेट 35 रुपये में मिलेगा, जबकि 68 रुपये वाला एक लीटर पैकेट अब 70 रुपये में मिलेगा. डेयरी प्रबंधन का कहना है कि दुग्ध उत्पादन लागत, पशु आहार, पैकेजिंग और परिवहन खर्च में लगातार वृद्धि होने के कारण यह फैसला लिया गया है।  अमूल ने भी पूरे देश में बढ़ाया दाम अमूल ने भी पूरे देश में दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है. कंपनी ने अलग-अलग दूध उत्पादों की कीमतों में 1 से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की है. अमूल के अनुसार यह वृद्धि पशुओं के चारे, ईंधन और पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती लागत के कारण की गई है. गुजरात कोआपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने बयान जारी कर कहा है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी किसानों और डेयरी संचालन पर बढ़ते आर्थिक दबाव को संतुलित करने के लिए जरूरी थी. नई दरें 14 मई 2026 से लागू होंगी।  मदर डेयरी ने 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी मदर डेयरी ने भी अपने टोकन, फुल क्रीम और टोंड दूध समेत सभी प्रमुख वेरिएंट्स के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है. कंपनी ने बढ़ती उत्पादन लागत और परिवहन खर्च को इसकी मुख्य वजह बताया है. दूध की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है।    

प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने एनएचएम एवं भार्गवी हेल्थ केयर के मध्य एमओयू

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर जांच एवं प्रभावी प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश एवं भार्गवी हेल्थ केयर (बीजीएच), हैदराबाद के मध्य एमओयू किया गया है। यह समझौता राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिये क्षमता निर्माण एवं तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है। एमओयू में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रीवा जिले में 25 से 65 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 10 हजार महिलाओं की एचपीवी डीएनए आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा राज्य स्तर पर प्रभावी समन्वय के लिए एएनएम, स्टाफ नर्स, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। भार्गवी हेल्थ केयर, हैदराबाद द्वारा सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं उपचार के लिये विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। संस्था द्वारा प्रशिक्षण सामग्री एवं मानकीकृत दिशा निर्देश विकसित किए जाएंगे तथा "ट्रेन-द-ट्रेनर" कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में दक्ष मास्टर ट्रेनर्स की टीम तैयार की जाएगी। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत तकनीकी सहयोग, अनुसंधान एवं ज्ञान-साझेदारी से संबंधित गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी। 

परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की अनूठी पहल

भोपाल परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की कृषि सखियों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इन्हें बीज सखी के रूप में स्थापित करने के लिये प्रशिक्षित किया गया है। जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण का आयोजन किया जाकर प्रदेश में कुल 454 बीज सखी तैयार की गयी हैं। ये देशी बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य करेंगी। वर्तमान में 29 जिलों में 99 बीज बैंक स्थापित किये जा चुके हैं। सर्वाधिक 20 बीज बैंक जिला सागर एवं 10 बीज बैंक जिला बालाघाट में स्थापित हुए हैं। देशी बीज स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार ढले होने के कारण कम पानी, खाद व कीटनाशकों में भी बेहतर पैदावार देते हैं। पोषण युक्त होते है, सूखा-रोग प्रतिरोधी होते हैं, इन्हें दोबारा बोया जा सकता है, जो किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को किफायती व टिकाऊ बनाते हैं। पारंपरिक बीज संरक्षण के गुर सीख रहीं बीज सखियां बीज सखियों को प्रशिक्षण पद्म  बाबूलाल दहिया, जिला सतना, उद्यानिकी विभाग से  दीनानाथ धोटे, कृषि विभाग से  जितेंद्र सिंह परिहार द्वारा दिया जा रहा है। विगत 16 वर्षों से देशी बीजों का संरक्षण करने वाली जिला डिंडोरी की फुलझरिया बाई द्वारा भी बीज संरक्षण के तरीके भी बताए गये हैं। कर्नाटक राज्य की बी.बी. जान जो विगत 9 वर्षों से परंपरागत बीज संरक्षण का कार्य कर रही हैं, उनके द्वारा भी प्रतिभागियों को बीज संरक्षण के लिये प्रशिक्षण दिया गया है। बीज बैंक के माध्यम से किसानों को मिल रहे निःशुल्क देशी बीज जिला बालाघाट की बीज सखी सुनीता सिहोरे बताती हैं कि उनके द्वारा लगभग 70 प्रकार के देशी बीजों का संरक्षण किया गया है जिनमें सब्जी, अनाज, दलहन आदि शामिल हैं। उनके द्वारा कृषकों को नि:शुल्क देशी बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उत्पादन आने पर कृषक द्वारा जितना बीज लिया गया है बस उसका दो गुना बीज बैंक में जमा करना होगा जिससे और कृषकों को भविष्य में देशी बीज उपलब्ध कराया जा सके। आगामी खरीफ मौसम के लिये कृषक यदि देशी बीज लगाना चाहते हैं तो अपने विकास खण्ड के ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से बीज सखियों की सूची प्राप्त कर उनसे संपर्क कर सकते हैं।