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कानून व्यवस्था को मजबूत करने सूरजपुर पुलिस में बदलाव, 12 ASI इधर से उधर

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के पुलिस विभाग में फेरबदल हुआ है. जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सहायक उपनिरीक्षकों स्तर के 12 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है. इनमें से 3 को चौकी प्रभारी बनाया गया है, वहीं एक को रक्षित केंद्र भेजा गया है. इस संबंध में जिले के पुलिस कप्तान ने आदेश जारी किया है. किसे कहां की मिली जिम्मेदारी?  जारी तबादला सूची में शामिल पुलिसकर्मियों में संजय यादव को चौकी प्रभारी सलका से थाना झिलमिली भेजा गया है, जबकि गुड्डू कुमार को थाना विश्रामपुर से चौकी प्रभारी सलका  की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह संतोष सिंह को चौकी प्रभारी करंजी से चौकी प्रभारी खेड़ी बनाया गया है. विशाल मिश्रा को थाना विश्रामपुर से चौकी करंजी स्थानांतरित किया गया है. कृष्ण कुमार सिंह को चौकी प्रभारी खेड़ी से रक्षित केंद्र सूरजपुर भेजा गया है, जबकि अशोक साहू  को रक्षित केंद्र से थाना विश्रामपुर पदस्थ किया गया है. विवेकानंद सिंह को रक्षित केंद्र से थाना भटगांव स्थानांतरित किया गया है. हरिशंकर तिवारी को थाना प्रतापपुर  से थाना विश्रामपुर भेजा गया है. नंदलाल को थाना भटगांव  से थाना विश्रामपुर में पदस्थ किया गया है. सिप्रियन टोप्पो को रामानुजनगर से थाना प्रेमनगर स्थानांतरित किया गया है. विनोद कुमार को चौकी रेवटी  से थाना चंदौरा भेजा गया है. वहीं मानिक चंद को चौकी लोटरी से थाना भटगांव पदस्थ किया गया है. आदेश में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें. पुलिस प्रशासन के इस कदम को जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.

शिक्षामित्रों को दिया मंत्र: प्यार से पढ़ाएं, मारपीट कभी नहीं, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाएं

सीएम योगी ने बताया, कैसे पेश आएं बच्चों से शिक्षामित्रों को दिया मंत्र: प्यार से पढ़ाएं, मारपीट कभी नहीं, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाएं बच्चों को अच्छी कहानियों, कविताओं और उत्कृष्ट उदाहरणों से प्रेरित कीजिए-सीएम योगी बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में आएं, स्नान करके बाल बनाकर आएं, इसके लिए अभिभावकों को जागरूक करें गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षामित्र सम्मान समारोह में एक मार्गदर्शक की भूमिका में भी नजर आए। उन्होंने शिक्षामित्रों को बच्चों के साथ विशिष्ट व्यवहार का मंत्र भी दिया। सीएम ने कहा कि हर बच्चे के मन में पढ़ने की तमन्ना हो, यह अभिभावक, शिक्षक और समाज, तीनों की जिम्मेदारी है। शिक्षामित्र सिर्फ पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि हर बच्चे को स्कूल तक लाने का अभियान भी चलाएं। शिक्षक और शिक्षामित्र बच्चों की नींव तैयार करने वाले कारीगर हैं। मारपीट कभी नहीं, प्यार से समझाइए शिक्षामित्रों से मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के साथ कभी मारपीट नहीं होनी चाहिए। पिटाई से बच्चा जिद्दी व ढीठ हो जाएगा। उसे प्यार से समझाइए। अच्छी कहानियों, कविताओं और आदर्श उदाहरणों से प्रेरित कीजिए। अपने परिवार की खींचतान स्कूल या बच्चों तक नहीं लाइए। स्कूल आते समय तनाव को घर पर ही छोड़ दीजिए। जैसा पौधा रोपेंगे, वैसा फल मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम अच्छी पीढ़ी तैयार करेंगे, तो यही पीढ़ी हर क्षेत्र में अच्छे लोग लेकर आएगी। अच्छे शिक्षक, अच्छे डॉक्टर, ईमानदार व्यापारी, अच्छे किसान, योग्य नौकरशाह, अच्छी पुलिस और अच्छे राजनेता भी। राजनेता कोई ऊपर से टपककर नहीं आते। आप जिन बच्चों को पढ़ा रहे हैं, वही आगे चलकर राजनेता भी बनेंगे। इसलिए जैसा पौधा आप रोपेंगे, वैसा ही फल भी मिलेगा। हमें सकारात्मक भावना के साथ कार्य करना चाहिए। आप सब में बेहतर परिणाम देने की सामर्थ्य है। नकारात्मक सोच त्याग दें। 280 बच्चों वाला स्कूल देखकर अच्छा लगा मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुझे आज बहुत अच्छा लग रहा था। बेसिक शिक्षा परिषद के एक विद्यालय की प्रधानाचार्या से मैंने पूछा कि वहां कितने बच्चे हैं? उस विद्यालय में 280 बच्चे पढ़ रहे हैं। यह संख्या बताती है कि वहां कुछ अच्छा हो रहा है, सकारात्मक प्रयास हो रहा है। जब मैं सांसद था, तब भी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का भ्रमण करता था और आज भी फील्ड में जाते समय विद्यालय अवश्य जाता हूं। बच्चों से संवाद करना मुझे बहुत अच्छा लगता है। आंगनवाड़ी केंद्र की दिल छू लेने वाली कहानी सीएम योगी ने एक रोचक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार मैं एक आंगनवाड़ी केंद्र गया। वहां 3 से 5 साल के 20-22 बच्चे थे। मैं चुपचाप बाहर से देख रहा था। आंगनवाड़ी की बहनें बच्चों को बहुत प्यार से गाती हुई गिनती सिखा रही थीं- ‘एक-एक-एक मेरी नाक एक… दो-दो-दो मेरी आंखें दो’। बच्चे भी दोहरा रहे थे। जब वे अंदर गए तो बहनें हिचकिचाईं। जब मैंने एक बच्चे ने पूछा कि क्या पढ़ा तो उसने तुरंत कहा- “एक-एक-एक मेरी नाक एक” और दूसरे ने अपनी आंखें दिखाते हुए कहा- “दो-दो-दो मेरी आंखें दो”। देखिए, कितनी आसानी से उदाहरण देकर बच्चों को गिनती सिखाई जा रही थी। ऐसे अच्छे उदाहरणों से हम बच्चों को बहुत कुछ सिखा सकते हैं। स्वच्छता, यूनिफॉर्म और अभिभावकों की जिम्मेदारी सीएम ने शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी सौंपी कि वे अभिभावकों को जागरूक करें। बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में आएं, स्नान करके आएं, बाल बनाकर आएं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि रविकिशन की नकल करने की जरूरत नहीं, छोटे-छोटे बाल होने चाहिए। 2017 से पहले 60-70% बच्चे नंगे पैर या चप्पल पहनकर आते थे। अब सरकार दो यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे दे रही है, इसलिए अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। “स्कूल चलो” अभियान को और तेज करें जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलने वाले हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील की कि “‘स्कूल चलो’ अभियान का एक और दौर चलाएं। शिक्षक आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें। 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से पूछें कि आपके घर में कितने बच्चे हैं? उन्हें स्कूल ले चलिए। स्कूल टाइम में कोई बच्चा तालाब में तैरता न मिले। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षामित्रों को खेलकूद में भी बच्चों के साथ भाग लेने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित समाज होगा तो सशक्त समाज बनेगा और सशक्त राष्ट्र बनेगा। यहीं से विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की नींव पड़ेगी।

“अब नहीं सुनूंगा!” सांसद की डांट पर निरीक्षक का गुस्सा फूटा, किसानों के सामने छोड़ा माइक

कांकेर. सांसद भोजराज नाग का गुस्सा एक बार फिर चर्चा में है. गुस्से का शिकार बने मत्स्य विभाग के निरीक्षक ने किसानों के सामने जलील किए जाने पर बिना कोई जवाब दिए माइक छोड़कर निकल लिए, लेकिन इससे सांसद का पारा और चढ़ गया. अब जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी के बीच का तकरार आगे चलकर क्या रुख लेता है, इस पर लोगों की निगाहें टिकी हुई है. दरअसल, कांकेर जिले के ग्राम दसपुर में आयोजित विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम के दौरान सांसद भोजराज नाग किसानों से बातचीत कर रहे थे, और उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग के निरीक्षक से पूछा कि क्या किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है. निरीक्षक इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिस पर सांसद नाराज़ हो गए. सांसद ने मंच से ही माइक के माध्यम से निरीक्षक को फटकार लगाते हुए कहा कि “किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, और आपको इसकी जानकारी तक नहीं है, यह गंभीर लापरवाही है. किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं”. सांसद की फटकार के बाद मत्स्य विभाग के निरीक्षक कार्यक्रम स्थल से माइक छोड़कर बिना जवाब दिए चले गए, जिससे सांसद और अधिक नाराज़ हो गए. गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अन्य अधिकारी भी अनुपस्थित रहे, जिसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. विकसित कृषि संकल्प अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति और जानकारी का अभाव किसानों के हितों पर असर डाल सकता है. इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विभागीय कार्यप्रणाली और किसानों को मिलने वाले लाभों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

जालंधर-अमृतसर धमाकों के पीछे खालिस्तानी-ISI नेटवर्क, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी

 जालंधर/अमृतसर पंजाब में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता सामने आ रही है। पाकिस्तान समर्थित खुफिया एजेंसी, खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। हाल के घटनाक्रम और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ है कि राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं। बीते महीनों में कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ जिसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया।  चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ जिससे राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सिरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया जबकि नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया था।  मार्च 2025 में अमृतसर के खंदवाला इलाके में धार्मिक स्थल के बाहर विस्फोट की घटना भी सामने आई जिसकी जांच एनआईए ने की थी। इन घटनाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने कई बड़ी कामयाबियां भी हासिल की हैं। अप्रैल 2026 में तरनतारन से भारी मात्रा में आरडीएक्स और आधुनिक हथियार बरामद कर एक बड़े हमले को टाल दिया गया। जनवरी 2026 में होशियारपुर में बीकेआई से जुड़े मॉड्यूल से ढाई किलो आरडीएक्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। गुरदासपुर, नवांशहर और अमृतसर में भी हथियारों की बरामदगी ने संकेत दिया कि आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं। सीसीटीवी गैंग की गिरफ्तारी पंजाब और देश के अन्य इलाकों में बीते कुछ समय से ऐसी गतिविधियां नोटिस की जा रही है जिससे खुफिया एजेंसियों के काम खड़े हो गए हैं. बीते कुछ समय में देश के अलग-अलग इलाकों में सीसीटीवी गैंग की गिरफ्तारी भी इसी से जुड़ी घटना मानी जा रही है. ये गैंग हाईवे टोल प्लाजा और अन्य इलाकों संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी इंस्टॉल कर उसका एक्सेस पाकिस्तान में बैठे आकाओं को देते थे. इन सभी गतिविधियों के पीछे आतंकी लांडा और रिंदा का हाथ माना जा रहा है।  आतंकी लखबीर सिंह लांडा आतंकी घोषित बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है. कनाडा में बैठे लांडा पर मोहाली इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर RPG हमले का मास्टरमाइंड होने, पाकिस्तान से IED और हथियारों की तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली के आरोप हैं. वह हरदीप सिंह निज्जर और गुरपतवंत सिंह पन्नून जैसे आतंकियों से जुड़ा था. एनआईए ने उस पर इनाम रखा है. लांडा पंजाब के तरन तारन का रहने वाला है और कनाडा के एडमंटन में छिपा बैठा ISI के इशारे पर मॉड्यूल चला रहा है।  हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा गैंग फिर सक्रिय दूसरी ओर, पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के गैंग को फिर सक्रिय करने की कोशिशें सामने आई हैं. महाराष्ट्र के नांदेड़ पुलिस ने रिंदा के पिता चरण सिंह संधू और भाई नवजोत सिंह संधू को एक्सटॉर्शन के मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस को शक है कि रिंदा अभी भी अपने परिवार के जरिए नांदेड़ और आसपास के इलाकों में धमकियां देकर वसूली करवा रहा है. रिंदा पर 2021 में पंजाब पुलिस पर हमले समेत कई मामलों में 10 लाख का इनाम है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या रिंदा ISI के साथ मिलकर अपना पुराना गैंग भारत में फिर से खड़ा कर रहा है।  इधर, लखनऊ में यूपी एटीएस की एक बड़ी कामयाबी भी इसी सिलसिले में देखी गई. संदिग्ध आतंकी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और समीर खान की कस्टडी रिमांड खत्म होने वाली है. एटीएस ने नोएडा से दोनों को पिस्टल, रकम और अन्य सुराग मिलने की बात कही है. दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स (ISI से जुड़े मेजर हामिद, इकबाल आदि) के इशारे पर ग्रेनेड अटैक और टारगेट किलिंग की तैयारी कर रहे थे. सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को रैडिकलाइज करने की साजिश भी सामने आई।  अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी बड़ी चुनौती बन चुकी है। अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में कई बार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमें रंजीत नीटा और लखबीर लंडा जैसे नाम प्रमुख हैं। इस पूरे परिदृश्य में गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ नई चुनौती बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 400 से अधिक गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जिससे स्पष्ट हुआ कि संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच तालमेल बढ़ रहा है। यही नेटवर्क स्थानीय स्तर पर हमलों को अंजाम देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में भूमिका निभा रहा है।   भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमला और पुलिस थानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं दर्शाती हैं कि आतंकी संगठनों का मकसद पंजाब के शांत माहौल को बिगाड़ना और डर फैलाना है। हालांकि पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता से कई साजिशें नाकाम हुई हैं।इसके बावजूद सीमा पार से मिल रहे समर्थन और स्थानीय नेटवर्क के कारण चुनौती बनी हुई है। पंजाब फिलहाल संवेदनशील दौर से गुजर रहा है जहां सुरक्षा तंत्र लगातार सतर्क है। 

गोरखपुर में जून में होगा कार्यक्रम का भव्य समापन, जुटेंगे हजारों पशुपालक और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोग

यूपी के 18 मंडलों में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' की मेरठ से हुई शुरुआत गोरखपुर में जून में होगा कार्यक्रम का भव्य समापन, जुटेंगे हजारों पशुपालक और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोग सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में जुटा दुग्धशाला विकास विभाग दुग्ध विकास क्षेत्र में वर्ष 2023 से अब तक 28 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार लखनऊ,  पशुपालन से जुड़े किसान और डेयरी सेक्टर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। आज डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। इसी क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रदेश के 18 मंडलों पर 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित करने की मेरठ से शुरुआत हो गई है। अपर मुख्य सचिव पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि डेयरी क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मंडल स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसका भव्य समापन जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में होगा। उन्होंने बताया कि मेरठ में मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि 'स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य-खुशहाल उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित इस आयोजन में मेरठ-सहारनपुर मंडल के किसान, पशुपालक और निवेशक एक मंच पर जुटे। कार्यक्रम में निजी एवं सहकारी डेयरी जैसे भारत स्किर, मधुसूदन, आनन्दा, मदर डेयरी, हरित प्रदेश, केएसएस डेयरी, अरविन्द डेयरी और पराग जैसे बड़े ब्रांड्स के स्टॉल लगाकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा संचालित नंद बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रचार-प्रसार और प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से संपूर्ण मंडलवार डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है उत्तर प्रदेश कार्यक्रम में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है और इस स्थिति को बनाये रखने के राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है।  दुग्ध विकास क्षेत्र में मिलेगा हजारों लोगों को रोजगार दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि वर्ष 2023 से विभाग द्वारा दुग्ध विकास क्षेत्र में कुल 28,000 करोड़ से अधिक के 796 एमओयू किए गये हैं, जिसके जरिए 77,000 से अधिक रोजगार सृजन होंगे। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ की धनराशि अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है। साथ ही 4000 से अधिक प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समिति गठित करते हुए लगभग 1,50,000 दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है। गोरखपुर में होगा समापन से जुड़ा भव्य आयोजन अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि स्वर्ण जयंती डेयरी कॉनक्लेव के जरिए प्रदेश के सभी 18 मंडल और 75 जिलों के पशुपालकों और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के मुताबिक विभाग का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाना है। इस कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में भव्य रूप से होगा। जून में वहां मंडल के कृषकों, गो-पालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियों और निवेशकों को बड़ा मंच प्रदान किया जाएगा। विभाग उस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभाग की योजनाओं से जोड़ेगा। इस दौरान विभिन्न नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गो-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां विशेषज्ञों द्वारा साझा की जाएगी।

फिरोजाबाद में आस्था स्थलों पर बेहतर सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटन, रोजगार के अवसर होंगे सृजित

सीएम योगी के मार्गदर्शन में धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों का होगा कायाकल्प, 24 परियोजनाओं के लिए 33.91 करोड़ स्वीकृत फिरोजाबाद में आस्था स्थलों पर बेहतर सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटन, रोजगार के अवसर होंगे सृजित नीम करौरी बाबा की जन्मस्थली में पर्यटक सुविधाओं का किया जाएगा विस्तार   पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- सरकार का लक्ष्य सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और क्षेत्रीय विकास लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास को नई रफ्तार मिल रही है। इसी क्रम में आगरा मंडल के फिरोजाबाद जिले में धार्मिक, ऐतिहासिक व पौराणिक स्थलों के विकास के लिए 24 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर 33.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योगी सरकार की इस पहल से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संवारने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।  आस्था स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले के प्रमुख मंदिरों, आश्रमों और पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। टुंडला, शिकोहाबाद, सिरसागंज और जसराना क्षेत्रों में स्थित कई आस्था स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फिरोजाबाद में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी।  सिरसागंज क्षेत्र में सबसे अधिक परियोजनाएं शामिल टुण्डला में स्थित गोगा जी काली मंदिर पिपरौली के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रुपये, फिरोजाबाद पसीने वाले हनुमान जी मंदिर के लिए 65 लाख रुपये, शिकोहाबाद के नगला केवल स्थित श्री ब्रहमदेव शिव जी तथा बजरंगबली मंदिर के लिए 120 लाख रुपये, शिकोहाबाद के ही विधानसभा क्षेत्र में स्थित आबगंगा मंदिर के विकास के लिए 35 लाख रुपये, टुण्डला ग्रामगढ़ी हंसराम ब्लाक नारखी में स्थित शिवमंदिर के पर्यटन विकास के लिए 60 लाख रुपये की धनराशि, टुण्डला विधानसभा क्षेत्र में शिव मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए 80 लाख रुपये, टुण्डला में ही ग्राम बड़ागांव में स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के लिए 01 करोड़ रुपये, टुण्डला ग्राम कनवार स्थित सिद्धकाली माता मंदिर के लिए 130 लाख रूपये, सिरसागंज स्थित प्राचीन पथवारी माता मंदिर के लिए 110 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार सिरसागंज के ही कुदरिया वाले महराज आश्रम के लिए 01 करोड़ रुपये, सिरसागंज में हनुमान मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 130 लाख रुपये, सिरसागंज में ग्राम जायनई माता मंदिर के लिए 130 लाख रुपये तथा सिरसागंज के ही रामकृष्ण धाम मंदिर (गंगा सागर गरियारी) के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रुपये, सिरसागंज स्थित आम्बेडकर पार्क के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रूपये, सिरसागंज के ही रामकंठ आश्रम के पर्यटन विकास के लिए 01 करोड़ रुपये, सिरसागंज स्थित ऐतिहासिक श्री राधाकृष्ण मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 90 लाख रुपये, सिरसागंज के ही ग्राम मावली में वेद उपवन पार्क के लिए 75 लाख रुपये, सिरसागंज के ही अकबरपुर में स्थित नीमकरौरी बाबा की जन्मस्थली पर पर्यटन सुविधाओं के लिए 145 लाख रुपये, सिरसागंज के विकास खण्ड फिरोजाबाद के ग्राम करहरा में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। टुण्डला विकासखण्ड फिरोजाबाद के ग्राम अकबरपुर में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए 35 लाख रुपये, जसराना बड़े जखैया महराज मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 188 लाख रुपये, सिरसागंज के समौर बाबा धाम करहरा हेतु अवस्थापना सुविधाएं एवं अन्य कार्य के लिए 1188 लाख रुपये, शिकोहाबाद में स्थित शिववाटिका मंदिर में बहुउद्देशीय अवस्थापना सुविधाओं के सृजन के लिए 118 लाख रुपये तथा सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद के अंतर्गत रपड़ी इको टूरिज्म क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था, सुलभ शौचालय के लिए 162 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

बागपत प्रदेश में आयुष्मान योजना में टॉप, योगी सरकार का संबल

योगी सरकार बनी संबल : आयुष्मान योजना के मामले में बागपत प्रदेश में नंबर वन बागपत में 123 करोड़ से अधिक का क्लेम, पहले की सरकारों में कभी नहीं मिली इतनी बड़ी राहत लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से अधिक परिवारों को जोड़ा गया, पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा पहले इलाज कराते-कराते कर्जदार बन जाते थे लोग, डबल इंजन की सरकार में मिला सहारा योगी सरकार ने दिखाया कि जब मजबूत हों इरादे तो कैसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है योजनाओं का लाभ लखनऊ  आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभाव से प्रदेश के लाखों परिवारों को अब बीमारी के समय आर्थिक संकट से जूझना नहीं पड़ता। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का अभूतपूर्व अध्याय लिखा जा रहा है।  बागपत जनपद इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में नंबर वन है, जहां लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से भी अधिक परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है। उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बना आयुष्मान कार्ड डबल इंजन सरकार की इस पहल ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इलाज को सुलभ बना दिया है। अब पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड आज लोगों के लिए उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल इलाज संभव हुआ है, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इसके अंतर्गत साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को योजना के दायरे में लाया गया है। बागपत बना मॉडल : 123 करोड़ से अधिक का क्लेम बागपत में आयुष्मान योजना के तहत 123 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बदल रही है। श्वेता को मिला नया जीवन बड़ौत की रहने वाली श्वेता कूल्हे की गंभीर समस्या से जूझ रहीं थीं। चलना-फिरना लगभग बंद हो चुका था और 2 लाख रुपए का ऑपरेशन कराना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। तभी आयुष्मान कार्ड ने उनकी जिंदगी बदल दी। सूचीबद्ध अस्पताल में उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे सामान्य जीवन जी रही हैं। समदीन के दर्द को मिला राहत का सहारा बड़ौत के समदीन लंबे समय से गुर्दे की पथरी के दर्द से परेशान थे। 55 हजार रुपए का ऑपरेशन कराना उनके लिए संभव नहीं था। आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज मुफ्त हुआ और अब वे फिर से काम पर लौट चुके हैं। सहाना के लिए बना जीवन रक्षक कवच ग्राम बड़ावद की सहाना को अचानक एपेंडिक्स की समस्या हुई। 40 हजार रुपए का खर्च परिवार के लिए बहुत बड़ा था लेकिन आयुष्मान योजना ने चिंता दूर कर दी। उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे स्वस्थ हैं। हर वर्ग को मिला भरोसा, हर घर तक पहुंची राहत बिलोचपुरा की महरोजा और खिंदौड़ा के मनोज कुमार जैसे अनेक लाभार्थियों की कहानियां इस योजना के प्रभाव को दर्शाती हैं। पहले जहां बीमारी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते थे, वहीं अब आयुष्मान कार्ड ने उन्हें यह भरोसा दिया है कि इलाज संभव है और जीवन सुरक्षित है। योगी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शी व्यवस्था, व्यापक कवरेज और सक्रिय क्रियान्वयन के चलते आयुष्मान योजना आज प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है। ऐसे हासिल किया लक्ष्य जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी वृद्धावस्था पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत कवरेज (सैचुरेशन) किया गया। इसके अलावा सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शिक्षा मित्रों के माता-पिता को योजना से जोड़ा गया है। वहीं, जनप्रतिनिधियों के माता-पिता को भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाया गया है।

योगी सरकार के निर्देश, 24 घंटे में राहत-मुआवजा; घायलों के उपचार में ढिलाई पर रोक

सीएम योगी के सख्त निर्देश, 24 घंटे में मिले मुआवजा, घायलों के इलाज में न हो लापरवाही प्रदेश में आंधी, वर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को लेकर प्रशासन गंभीर  सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश  प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें सक्रिय लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में आंधी, वर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के त्वरित व समुचित इलाज तथा सभी प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने को कहा गया है। सीएम ने जताई संवेदना, राहत को लेकर दिए सख्त निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों का समुचित और तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनहानि, पशुहानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अलर्ट जारी, प्रशासन सतर्क मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और आवश्यक संसाधनों के लिए शासन से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें लगातार सक्रिय हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

शिक्षकों को मिला सम्मान और सुरक्षा, यूपी की शिक्षा व्यवस्था हुई मजबूत

शिक्षकों को सम्मान-सुरक्षा का संबल, यूपी में अब सशक्त शिक्षा व्यवस्था मानदेय बढ़ोतरी, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुविधाओं से शिक्षामित्रों-अनुदेशकों को मिला नया भरोसा लखनऊ प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योगी सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सशक्तीकरण पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए निर्णयों से शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षा और संसाधनों का व्यापक संबल मिला है। इसी क्रम में सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि करते हुए क्रमशः ₹18,000 और ₹17,000 प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है, जिसे इसी माह से लागू कर दिया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही कार्य के प्रति उत्साह भी बढ़ा है।  योगी सरकार ने निपुण भारत मिशन के तहत 1.43 लाख शिक्षामित्रों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण देकर उनकी में भी दक्षता वृद्धि की है। ‘आई गॉट’ प्लेटफॉर्म पर एआई सहित 4,457 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। ‘मानव संपदा पोर्टल’ के जरिए सेवा संबंधी प्रक्रियाएं भी सरल और पारदर्शी हुई हैं। शिक्षकों को आईआईटी, आईआईएम और इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का एक्सपोजर दिया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से जुड़ सकें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को हर वर्ष राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ‘अरुणोदय’ जैसे नवाचारों के जरिए विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और आधुनिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सशक्त शिक्षक ही मजबूत शिक्षा व्यवस्था की नींव हैं और इसी के आधार पर समृद्ध व सशक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण संभव है।

किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून देती है-मुख्यमंत्री डॉ यादव

जो कहा वो किया  मुख्यमंत्री डॉ यादव अचानक पहुंचे उज्जैन और किया उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण  किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून देती है-मुख्यमंत्री डॉ यादव गेहूं, चना ,मसूर तीनों की खरीदी मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा लगातार की जा रही है आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जाएगा-मुख्यमंत्री डॉ यादव किसानों की उपज की तौल पारदर्शिता से हो और प्रक्रिया में कोई लापरवाही ना हो – मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  अचानक उज्जैन पहुंचकर सेवा सहकारी संस्था दताना और सुरजनवासा के ग्राम मानपुरा स्थित उपार्जन केंद्र एग्रो स्टील साइलो पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया और किसानों से संवाद कर उपार्जन प्रक्रिया की यथास्थिति ली। बिना पूर्व सूचना के मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का आगमन उपार्जन व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए था।            मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शिता और सुगमता से संचालित करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा गेहूं, चना ,मसूर तीनों की खरीदी लगातार की जा रही है। किसान भाईयों की सुविधा के लिए सभी उपार्जन केद्रों पर पीने के पानी की व्यवस्था ,बैठने के लिए छाया की व्यवस्था, अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं और जिले में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। उन्‍होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जाएगा।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान तौल व्यवस्था, भंडारण, भुगतान प्रक्रिया और उपार्जन केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, किसानों की उपज की तौल पारदर्शिता से हो और उपार्जन का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि उपार्जन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की जाएगी।  मुख्यमंत्री डॉ यादव उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान पूरी तरह किसानों के रंग में रंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान पूरी तरह किसानों के रंग में रंगे नजर आए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का औचक उपार्जन केंद्र पहुंचने पर किसानों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता पर किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके हर सुख-दुख में हमेशा साथ रहते हैं और किसानों का हित सर्वोपरि रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों से संवाद किया और ट्रैक्टर ट्राली पर चढ़कर गेहूं की फसल की गुणवत्ता भी देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों से कहा कि कोई भी समस्या आने पर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सदैव आपके साथ हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों की उपज का समय पर विक्रय हो और उसकी राशि उनके खातों में समय सीमा में हस्तांतरित हो।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किसान भाइयों ने उपार्जन प्रक्रिया में तौल, बारदाने की उपलब्धता,भुगतान और परिवहन संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। ग्राम दताना मताना निवासी किसान श्री अल्ताफ पटेल ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल अच्‍छी हुई है और सरकार के द्वारा की जा रही गेहूं खरीदी के बाद गेहूं के उपज की राशि भी व्यवस्थित रूप से मिल रही हैं। साथ ही बाजार में भी गेहूं के दाम उचित रूप से प्राप्त हो रहे हैं। कृषक श्री पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा जो कार्य किसानों के हित में किए गए हैं उससे हमारी आय में वृद्धि हुई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक श्री पटेल से कहां कि आप किसान भाईयों के चेहरे की खुशी ही हमें सुकून देती हैं।            निरीक्षण के दौरान उज्‍जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री रवि सौलंकी और अन्‍य स्‍थानीय जन प्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, एडीजीपी श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अ‍धीक्षक श्री प्रदीप शर्मा एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।