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प्रदेश की 18 प्रयोगशालाएं होंगी पूर्ण रूप से संचालित, विश्लेषण क्षमता 12 हजार से बढ़कर हो जाएगी 54,500 नमूने प्रतिवर्ष

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जनस्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का तहत रविवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। वर्ष 2024 के विज्ञापन के सापेक्ष वर्ष 2026 में पूरी हुई यह भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई है। इन नियुक्तियों के माध्यम से दवा की गुणवत्ता जांच की रफ्तार बढ़ेगी। साथ ही प्रदेश की सभी 18 प्रयोगशालाएं पूर्ण रूप से संचालित होंगी और विश्लेषण क्षमता में भी प्रतिवर्ष 4 गुणा से अधिक की वृद्धि होगी।  औषधि गुणवत्ता जांच में आएगी तेजी कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) की नियुक्ति से प्रदेश में दवा एवं सौंदर्य प्रसाधनों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को नई गति मिलेगी। इनका प्रमुख दायित्व औषधि एवं कास्मेटिक्स एक्ट 1940 तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत विभिन्न जनपदों से औषधि निरीक्षकों द्वारा संग्रहित नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण करना है। यह परीक्षण न केवल दवाओं की शुद्धता, प्रभावशीलता और मानक अनुरूपता सुनिश्चित करेगा, बल्कि नकली, मिलावटी और मानकहीन उत्पादों की पहचान कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इससे बाजार में उपलब्ध दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी स्थापित होगी, जिससे आम जनता को सुरक्षित और भरोसेमंद उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण से प्रदेश की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी, जो जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 18 प्रयोगशालाओं के संचालन से बढ़ेगी क्षमता प्रदेश में औषधि गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अब हर मण्डलीय मुख्यालय पर आधुनिक औषधि प्रयोगशालाओं की स्थापना कर कुल 18 प्रयोगशालाओं को फर्नीचर एवं अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। पहले जहां केवल 5 प्रयोगशालाओं के सहारे पूरे प्रदेश की जांच व्यवस्था सीमित थी, वहीं अब यह नेटवर्क व्यापक और सशक्त रूप में सामने आया है। कनिष्ठ विश्लेषकों की नियुक्ति के बाद ये सभी प्रयोगशालाएं पूर्ण क्षमता के साथ कार्य करेंगी, जिससे नमूनों के परीक्षण में तेजी आएगी और लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी होगी। इससे न केवल समयबद्ध जांच सुनिश्चित होगी, बल्कि गुणवत्ता नियंत्रण की निगरानी भी अधिक प्रभावी और व्यापक हो सकेगी। यह व्यवस्था प्रदेश में दवा और कास्मेटिक उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य सुरक्षा को एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। 4 गुना से अधिक बढ़ेगी परीक्षण क्षमता नई नियुक्तियों के बाद प्रदेश में औषधि नमूनों की जांच क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की जाएगी। अब तक जहां प्रतिवर्ष लगभग 12,000 नमूनों का ही परीक्षण संभव था, वहीं यह क्षमता बढ़कर 54,500 नमूने प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी, जो चार गुना से अधिक की वृद्धि है। इससे न केवल परीक्षण की गति तेज होगी, बल्कि अधिक व्यापक स्तर पर दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी। बढ़ी हुई क्षमता के साथ नमूनों की समयबद्ध जांच संभव होगी, जिससे बाजार में उपलब्ध मानकहीन या संदिग्ध उत्पादों पर शीघ्र नियंत्रण किया जा सकेगा।  पारदर्शी भर्ती से सभी वर्ग के युवाओं को मिला अवसर इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 357 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिसमें 143 अनारक्षित, 75 अनुसूचित जाति, 06 अनुसूचित जनजाति, 97 अन्य पिछड़ा वर्ग एवं 36 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं। यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित रही, जिसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश या हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं रही। 11 मार्च 2026 को घोषित परिणाम सरकार की तेज, जवाबदेह और सुशासन आधारित कार्यप्रणाली का प्रमाण है। यह भर्ती न केवल विभिन्न वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व प्रदान करती है, बल्कि युवाओं में यह विश्वास भी मजबूत करती है कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर ही सफलता संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था ने नई कार्यसंस्कृति स्थापित की है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं और सरकारी तंत्र में भरोसा और सशक्त हुआ है।

अजय राय ने दी हेल्थ अपडेट: ‘बाबा विश्वनाथ की कृपा’, जानिए कब मिल सकता है डिस्चार्ज

वाराणसी/लखनऊ राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की हालत में सुधार आया है। कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक्स पर पोस्ट किया और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी है। अजय राय ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की असीम कृपा और आप सभी की प्रार्थनाओं के आशीर्वाद से मैं अब बिल्कुल स्वस्थ महसूस कर रहा हूं। आप सभी के प्रेम और शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार। जल्द ही पूरी ऊर्जा के साथ जन सेवा में उपस्थित रहूंगा। पीएम मोदी और राहुल गांधी ने किया पोस्ट इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी के अस्वस्थ होने का समाचार प्राप्त हुआ है। मैं उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अजय राय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के अस्वस्थ होने के समाचार से चिंतित हूं। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। आशा है कि वो जल्द से जल्द स्वस्थ हों और फिर से पूरी शक्ति के साथ जन सेवा में सक्रिय हों।" अविनाश पांडे और सुरेंद्र राजपूत स्वस्थ होने की कामना की अजय राय के स्वास्थ्य के बारे में कांग्रेस के महासचिव अविनाश पांडे ने कहा, "अब उनकी तबीयत ठीक और स्थिर है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने पोस्ट किया, "उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय की तबीयत कल रात अचानक खराब हुई। अब उनकी हालत स्थिर और बेहतर है। ईश्वर से प्रार्थना है कि अजय भाई जल्द स्वस्थ हो।" कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने भी अजय राय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की अजय राय की शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान तबीयत बिगड़ी थी। अचानक सीने में दर्द, बेचैनी और बेहोशी की शिकायत के बाद उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, उन्हें डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है।

हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाले गए 2 बच्चे, दलदली जमीन और टूटी सीढ़ी ने बढ़ाईं मुश्किलें

लखनऊ उत्तर प्रदेश में सिद्धार्थनगर के नवगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम बेलसड़ तप्पा थरौली में पानी की टंकी पर हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। रील बनाने के लिए टंकी पर चढ़े पांच बच्चों में से सीढ़ी टूटने के कारण तीन नीचे गिर गए, जिनमें एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। वहीं दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए थे। सीएम के निर्देश पर अलर्ट हुआ प्रशासन घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालने में कोई ढिलाई न बरती जाए। सीएम योगी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए राहत आयुक्त से हेलीकॉप्टर की मांग की, जिसे तत्काल स्वीकृति मिल गई। चुनौतीपूर्ण हालात में चला रेस्क्यू सीएम योगी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में कई बाधाएं सामने आईं। टंकी के आसपास जलभराव के कारण जमीन दलदली हो गई थी, जिससे भारी मशीनरी जैसे जेसीबी और क्रेन का उपयोग संभव नहीं हो सका। टंकी की ऊंचाई और टूटी सीढ़ी के कारण ऊपर पहुंचना जोखिम भरा था, बावजूद इसके प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने लगातार प्रयास जारी रखा। एयरफोर्स की मदद से बच्चों को उतारा गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भारतीय वायुसेना से सहायता ली गई। गोरखपुर से हेलीकॉप्टर मंगवाया गया, जिसने रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। एयरफोर्स की टीम ने अत्यंत सावधानी से दोनों फंसे बच्चों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित नीचे उतार लिया।

हथियार तस्करी पर करारा प्रहार: अमृतसर पुलिस ने इंटरनेशनल गैंग का भंडाफोड़ किया

अमृतसर. अमृतसर में कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्तौल भी बरामद की हैं, जिनमें 2 ग्लॉक 9mm पिस्तौल (ऑस्ट्रिया निर्मित), 4 .30 बोर पिस्तौल (चीन निर्मित) और 1 अन्य .30 बोर पिस्तौल शामिल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान में बैठे तस्करों के संपर्क में थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए उनसे जुड़े हुए थे। ये आरोपी अवैध हथियारों की खेप मंगवाकर पंजाब में आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। इससे यह साफ होता है कि यह नेटवर्क काफी संगठित और सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में थाना कैंटोनमेंट, अमृतसर में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक अब इस पूरे नेटवर्क के आगे और पीछे के लिंक को खंगालने के लिए जांच तेज कर दी गई है, ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियारों, सीमा पार तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ उनकी “जीरो टॉलरेंस” नीति जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खबर: रायपुर IPL मैच के टिकट आज से उपलब्ध

रायपुर. क्रिकेटर लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. रायपुर के शहीद वीर नारायण अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इस साल दो आईपीएल मैच होने वाले हैं. पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाला है. इस मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री आज से https://shop.royalchallengers.com/ticket पर शुरू होने वाली है. आरबीसी ऑफिशियल्स की ओर से बताया गया कि टिकट केवल आधिकारिक आरसीबी वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध हैं. अनौपचारिक प्लेटफॉर्म या वेबसाइटों को टिकट बेचने का दावा करने वाले लोगों से बचने, आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है.  एम-टिकट विवरण एम-टिकट में महत्वपूर्ण विवरण जैसे प्रवेश द्वार, आंतरिक द्वार, स्टैंड, पंक्ति और सीट नंबर शामिल होंगे. स्टेडियम के प्रवेश द्वार को खोजने के लिए, स्टेडियम मैप और स्टैंड इंडेक को देख सकते हैं. वहीं बाहर आने के लिए उन्हें इंतजार नहीं करना चाहिए. मैप में स्टैंड नाम, पार्किंग जोन, रैंप, द्वार, मेडिकल कमांड सेंटर और एम्बुलेंस स्थान शामिल हैं, जो आपको आसानी से नेविगेट करने में मदद करेंगे. स्टेडियम पहुंचने से पहले अपने स्टैंड और संबंधित प्रवेश द्वार के डिटेल्स की जांच कर लें. बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा. दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे. अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी. टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी. मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है. 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे।

पहले से शादीशुदा महिला बनी कुंवारी, दूल्हे को ठगकर फरार, 4 गिरफ्तार

महाराजगंज  उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां बन चुकी महिला ने खुद को कुंवारी बताकर एक शख्स से शादी का स्वांग रचाया। महिला के साथ पूरा गैंग इसमें शामिल था। महिला ने अपने गैंग संग मिलकर शादी की रस्मों के दौरान ही दूल्हे संग कांड कर डाला। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस ऐक्टिव हुई और उसे पूरे गैंग संग गिरफ्तार कर लिया। इसी के साथ महराजगंज पुलिस शादी के नाम पर ठगी करने वाले लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाब रही। पुलिस ने चिउटहा बाजार के पास से गिरोह की चार महिला आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 39 हजार 500 रुपये नकद, चांदी की पायल और मंगलसूत्र बरामद हुआ है। पुलिस कार्यालय के सभागार में एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने लुटेरी दुल्हन गैंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एटा के रहने वाले रंजीत चौहान ने सिंदुरिया थाने में तहरीर देकर बताया था कि जितेन्द्र नामक व्यक्ति और चार महिलाओं ने सुनियोजित तरीके से उनकी शादी अंजलिका से तय कराई थी। अंजलिका को अविवाहित बताया गया था, जबकि वह पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां है। सिन्दुरिया के एक मंदिर में शादी की रस्मों के दौरान आरोपितों ने रंजीत से शादी के खर्च और जेवर के नाम पर करीब एक लाख रुपये और गहने ठग लिए। रस्मों के बीच ही आरोपित मारपीट और गाली-गलौज कर भागने लगे। मुख्य आरोपित जितेन्द्र दुल्हन बनी अंजलिका को लेकर फरार हो गया था। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान रविवार को पुलिस टीम ने चिउटहा-सिन्दुरिया रोड से चार महिला आरोपितों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों में लालती, सुमित्रा, काजल और अंजलिका शामिल हैं। दुल्हन की मां की भूमिका निभाती थी सुमित्रा पूछताछ में सामने आया कि गिरोह की लालती मुख्य साजिशकर्ता है, जबकि सुमित्रा ने अंजलिका की मां बनकर गूंगी-बहरी होने का नाटक किया था ताकि पीड़ित पक्ष को भावुक किया जा सके। पुलिस के अनुसार लालती का पुराना आपराधिक इतिहास भी है। गिरोह के फरार सदस्य जितेन्द्र की तलाश की जा रही है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है। क्या बोले एसपी महाराजगंज के एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि शादी के नाम पर ठगी करने वाली लुटेरी दुल्हन को गिरोह की चार महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से ठगी के रुपये और जेवर बरामद हुए हैं। फरार एक अन्य आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर अचानक उतरा सरगुजा के सिलमा गांव में, खाट पर बैठकर किया संवाद

सरगुजा जिले के ग्राम सिलमा में अचानक उतरा मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर खाट में बैठकर ग्रामीणों से किया संवाद: सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश रायपुर प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है। जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।  इस अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, कलेक्टर अजीत वसंत  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम, सुबह 11 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब उनके सम्मान को भी प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए आगामी 5 मई को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यस्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय के साथ लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करने वाले शिक्षामित्रों को अब उचित पहचान और संबल मिल रहा है। शिक्षामित्रों को अप्रैल माह से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना शुरू हो चुका है और अब 5 मई को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री इसके औपचारिक शुभारंभ के साथ शिक्षामित्रों से संवाद भी करेंगे। सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के समानांतर सभी जनपदों में भी आयोजन कर इसे व्यापक रूप दिया जाएगा। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए लिया गया यह निर्णय अब पूरी तरह लागू हो चुका है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इस व्यवस्था के अंतर्गत बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के 1,29,332 शिक्षामित्रों को ₹18,000 प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है। योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मानदेय में वृद्धि और यह पहल शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगी। गोरखपुर में होने वाला यह आयोजन शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। लाइव प्रसारण और व्यापक भागीदारी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर किया जाएगा, जिससे प्रदेशभर के शिक्षामित्र इस अवसर के साक्षी बन सकें। साथ ही, सभी जनपदों में भी समानांतर रूप से आयोजन किए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की भागीदारी उल्लेखनीय होगी।

चेंबर ऑफ कॉमर्स की पहल पर पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर

 रांची  चेंबर आफ कामर्स की पहल पर शनिवार को सुखदेवनगर थाने में पुलिस–व्यवसायी समिति की बैठक की गई। थाना क्षेत्र के व्यवसायियों एवं पुलिस प्रशासन के बीच विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आपसी समन्वय बढ़ाने तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को लेकर बात की गई। थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा ने थाना क्षेत्र में नशाखोरी पर नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने में पुलिस का सहयोग करें। बैठक में बढ़ती नशाखोरी, क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्तमान में सुखदेवनगर थाना में 1 पीसीआर एवं 4 टाइगर मोबाइल कार्यरत हैं। थाना स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में विधि-व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है। चेंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि थाना में आम लोगों के साथ शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए ताकि लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने में संकोच न करें। ला एंड आर्डर उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल ने प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में पुलिस गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा समय-समय पर व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। सह सचिव नवजोत अलंग एवं सह सचिव रोहित पोद्दार ने थाना स्तर पर पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने पुलिस एवं व्यापारियों के बीच मित्रवत वातावरण बनाने पर जोर दिया। सदस्य बिंदल वर्मा एवं शशांक भारद्वाज ने भी क्षेत्र की विधि-व्यवस्था में सुधार हेतु अपने विचार साझा किये। भविष्य में भी इस प्रकार की समन्वय बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। बैठक में उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, सदस्य शशांक भारद्वाज, राजेश पोद्दार, रंजीत कुमार, बिंदुल वर्मा सहित क्षेत्र के कई व्यापारी शामिल थे।

जबलपुर हादसा: दो दिन बाद खत्म हुआ सर्च ऑपरेशन, पिता-पुत्र के शव बरामद

जबलपुर  बरगी बांध में गुरुवार को डूबे क्रूज में सवार लापता पर्यटकों में से 48 घंटे बाद नौ वर्षीय मयूरन पिता परिमल और आर कामराज के शव आज रविवार की सुबह से शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में मिल गए हैं। हादसे के 48 घंटे बाद सर्च अभियान भी समाप्‍त हो गया। चार लोग लापता थे, एक एक तीन के शव मिल गए घटना के बाद से जबलपुर आयुध निर्माणी खमरिया निवासी आर कामराज, उनका भतीजा मयूरन (9) लापता थे। तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने शनिवार को सुबह छह बजे से रेस्क्यू अभियान चला रही है। विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाया गया शव दुर्घटना में मृत दो महिला पर्यटकों के शव को शनिवार को विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाए गए थे। आयुध निर्माणी खमरिया में कार्यरत कामरान अपनी पत्नी, बच्चों, तमिलनाडु से आए माता-पिता, भाई-भाभी एवं अन्य स्वजन के साथ घूमने पहुंचे थे। हादसे के दौरान 10 वर्षीय बेटा लहरों के सहारे किनारे आ गया था, जिसे सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन उसका छोटा बेटा श्रीतमिलवेंदन और भतीजा मयूरन सहित स्वयं आर कामराज डूब गए थे। रविवार की सुबह भतीजा मयूरन और आर कामराज के शव भी मिल गए।