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पीएचईडी की बड़ी कार्रवाई की चेतावनी, असफल अभियंताओं पर CRS की गाज गिरने के संकेत

पटना   बिहार में ‘हर घर नल का जल’ योजना में काम कर रहे अभियंता सरकार के दिए गए टारगेट को पूरा करने में अयोग्य निकले तो लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) इंजीनियर को जबरन रिटायर करके उनकी नौकरी का कनेक्शन ही काट देगा। मंगलवार को विभाग के मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडल में हर घर नल का जल योजना की प्रगति और संचालन की पीएचईडी विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना में गहन समीक्षा की। बैठक में सचिव पंकज पाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव ने लापरवाह अफसरों को चेतावनी देते हुए दो टूक कह दिया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति (सीआरएस) दे दी जाएगी। इससे विभाग में हड़कंप मच गया है। सचिव पंकज पाल ने मुंगेर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को विशेष रूप से निर्देशित किया कि काम में तेजी लाते हुए लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से पूर्ण करें। साथ ही CGRC (केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र) पर लंबित शिकायतों का त्वरित निष्पादन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही है, उसे अविलंब दूर कर कार्य को सुचारू रूप से संचालित करें, ताकि आम लोगों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि मुख्यालय से निरीक्षण के लिए नामित सहायक अभियंता फील्ड विजिट पर गए ही नहीं। इस पर विभागीय सचिव ने गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए ऐसे सहायक अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लखीसराय और मुंगेर के कार्यपालक अभियंता को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। सचिव ने स्पष्ट किया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध CRS (अनिवार्य सेवानिवृत) की कार्रवाई हो जाएगी। सचिव ने कहा कि सभी पदाधिकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। अभियंताओं को निदेशित किया गया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, लीकेज आदि को तुरंत ठीक कराया जाए। अधीक्षण अभियंता को भी नियमित रूप से फील्ड विजिट पर जाने का निदेश दिया गया है। बैठक में मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट आउट, टॉपर लिस्ट जारी—जिज्ञासु वर्मा और संध्या नायक ने मारी बाजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के परिणाम घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में रिजल्ट जारी किया। इस दौरान टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की गई है। 10वीं की परीक्षा में टॉप 3 में महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 594 नंबर के साथ बाजी मारी है। इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलोदा की परीरानी प्रधान शामिल हैं। वहीं तीसरे स्थान पर मुंगेली के अंशुल शर्मा रहे। इन तीनों ने ही 99.00% अंक प्राप्त किए हैं। 42 स्टूडेंट्स ने टॉप-10 में जगह बनाई है। बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन 12वीं हिंदी का पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई। लाखों छात्रों को था रिजल्ट का इंतजार गौरतलब है कि हाई स्कूल परीक्षा की मुख्य परीक्षा 21 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 3,20,535 छात्र शामिल हुए। इनमें 1,42,881 बालक और 1,77,654 बालिकाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में 2,510 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। वहीं हायर सेकेंडरी परीक्षा की मुख्य परीक्षा 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित हुई, जिसमें कुल 2,45,785 छात्र शामिल हुए। इनमें 1,02,975 बालक और 1,42,810 बालिकाएं शामिल हैं। इस परीक्षा के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। रिजल्ट देखने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो स्टूडेंट्स इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं— ऑफिशियल वेबसाइट cgbse.nic.in या results.cg.nic.in पर जाएं। होमपेज पर जाकर CGBSE Class 10 Result 2026 या CGBSE Class 12 Result 2026 के लिंक पर क्लिक करें। यहां अपना रोल नंबर, डेट ऑफ बर्थ और कैप्चा कोड एंटर करें। आपकी मार्कशीट कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसे चेक करें और भविष्य में इस्तेमाल के लिए इसका प्रिंटआउट लेना न भूलें। ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा स्टूडेंट्स SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 10वीं का रिजल्ट देखने के लिए CG10 के साथ अपना रोल नंबर टाइप करें और 56263 पर भेज दें। 12वीं कक्षा के टॉपर रैंक     नाम     प्रतिशत     प्राप्तांक 1     जिज्ञासु वर्मा     98.60%     493 2     ओमनी     98.20%     491 3     कृष महंत     97.80%     489 4     रिया साहू     97.60%     488 4     शहनाज परवीन     97.60%     488 4     ताहिर खान     97.60%     488 5     कुसुमलता बिप्रे     97.40%     487 5     हेमलता साहू     97.40%     487 5     ओमकार कैव्रत     97.40%     487 5     आशा यादव     97.40%     487 ये हैं 10वीं के टॉपर्स के नाम  स्थान     विद्यार्थी का नाम     अंक     प्रतिशत 1st     संध्या नायक     594     99.00% 1st     परी रानी प्रधान     594     99.00% 1st     अंशुल शर्मा     594     99.00% 2nd     रिया केशवानी     593     98.83% 2nd     रानु सिद्धमयी साहू     593     98.83% 2nd     रेणुका प्रधान     593     98.83% 2nd     दीपांशी बौद्ध     593     98.83% 2nd     नंदिता देवगन     593     98.83%

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील: सही जानकारी दें, बनाएँ ‘विकसित राजस्थान’

 जयपुर राजस्थान में 1 मई से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है. इससे पहले, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों से एक खास अपील की है. साथ ही, उन्होंने एक लिंक भी शेयर किया है, जिससे आप घर बैठे आसानी से अपनी जनगणना खुद कर सकते हैं. सीएम ने शेयर किया स्व-गणना का लिंक सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में लिखा है कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक खुद अपनी गणना कर सकेंगे. इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए कर्मचारियों को सही जानकारी दें, क्योंकि आज की सही जानकारी ही कल के 'विकसित राजस्थान' और 'विकसित भारत' का सपना पूरा करेगी. स्व-गणना के लिए आप इस ऑफिशियल लिंक पर जा सकते हैं: https://se.census.gov.in     पहली बार घर बैठे खुद करें अपनी गणना यह पहली बार है जब भारत में लोगों को वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरने का मौका मिल रहा है. अगर आप दिए गए लिंक पर जाकर अपनी डिटेल खुद भर देते हैं, तो जब कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपका बहुत सारा समय बचेगा. ध्यान रहे, ऑनलाइन स्व-गणना का ऑप्शन चुनने के बाद भी कर्मचारी वेरिफिकेशन के लिए आपके घर जरूर आएंगे, लेकिन तब आपको फॉर्म भरने की लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जनगणना के नाम पर साइबर फ्रॉड से बचें पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने की वजह से साइबर ठग भी इसका फायदा उठा सकते हैं. इसलिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. आपके घर आने वाले जनगणना कर्मचारी आपसे सिर्फ आपका मोबाइल नंबर और ऑनलाइन स्व-गणना करने पर मिली SE ID ही मांगेंगे. कर्मचारी आपसे कोई भी OTP नहीं मांगेंगे. अगर कोई आपसे ओटीपी मांगता है, तो समझ लीजिए वह फ्रॉड है. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें. तैयार रखें इन 33 सवालों के जवाब पहले चरण के लिए विभाग ने 33 सवालों की एक लिस्ट तैयार की है. कर्मचारी आपके घर की स्थिति और सुख-सुविधाओं से जुड़े ये अहम सवाल पूछेंगे:-     मकान का नंबर, फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है?     परिवार के मुखिया का नाम, जेंडर और क्या वे एससी/एसटी वर्ग से हैं?     मकान अपना है या किराए का? परिवार के पास रहने के लिए कितने कमरे हैं?     पीने के पानी और रोशनी का मुख्य स्रोत क्या है?     शौचालय की सुविधा, गंदे पानी की निकासी और रसोईघर की क्या व्यवस्था है?     खाना पकाने के लिए कौन सा ईंधन (LPG/PNG) इस्तेमाल होता है?     घर में टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन, साइकिल, कार या बाइक जैसी कितनी सुविधाएं मौजूद हैं?     परिवार मुख्य रूप से खाने में किस अनाज का इस्तेमाल करता है? शिक्षकों के तबादलों पर लग सकता है लंबा ब्रेक इस बड़े राष्ट्रीय अभियान को पूरा करने के लिए राजस्थान में करीब 1 लाख 60 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की है. ऐसे में लंबे समय से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों को तगड़ा झटका लग सकता है. जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक के मुताबिक, जो कर्मचारी अभी पहले चरण में ड्यूटी कर रहे हैं, वही फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में भी काम करेंगे.

भारत-नेपाल रिश्तों को नई मजबूती, पूर्णिया प्रशासन ने शुरू की विशेष नागरिकता सुविधा

 पूर्णिया भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को प्रशासनिक स्तर पर नई मजबूती मिलने जा रही है। पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उन नेपाली मूल की महिलाओं के लिए नागरिकता की राह आसान कर दी है, जिन्होंने भारतीय नागरिकों से विवाह किया है। जिले के सीमावर्ती इलाकों में रोटी-बेटी के इस रिश्ते को अब कानूनी जामा पहनाने के लिए प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुंचेगा। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नागरिकता पंजीकरण की प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की कमान अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) को सौंपी गई है। समिति में अपर पुलिस अधीक्षक, उप निर्वाचन पदाधिकारी और सभी संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कैंप लगाकर नेपाली महिलाओं को पंजीकरण प्रक्रिया में तकनीकी और कानूनी सहयोग प्रदान करेगी। पूर्णिया जिला नेपाल की सीमा के काफी करीब है। अमौर, बायसी, कसबा, बनमनखी और धमदाहा जैसे प्रखंडों में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं रहती हैं, जो नेपाल से विवाह कर यहां आई हैं। दशकों से यहां रहने और परिवार बसाने के बावजूद, दस्तावेजों की कमी और जटिल प्रक्रिया के कारण ये महिलाएं भारतीय नागरिकता से वंचित रही हैं। नागरिकता न होने के कारण उन्हें न तो मतदान का अधिकार मिल पाता है और न ही वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ उठा पाती हैं। डीएम की इस पहल से ऐसी हजारों महिलाओं के जीवन में स्थायित्व आएगा।

गाजियाबाद में आग की घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने लिया सख्त संज्ञान

गाजियाबाद में आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश सीएम योगी ने कहा, राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं लखनऊ  गाजियाबाद के इंदिरापुरम में बहुमंजिली आवासीय भवन में भीषण आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश देते हुए राहत कार्य में तेजी लाने के लिए कहा। सीएम योगी ने कहा कि मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर, डीएम को भी मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश हैं। गौरतलब है कि बुधवार सुबह इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में कई फ्लैट आ गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग समेत अन्य टीमें बचाव के लिए मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। फिलहाल आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

107 बीएड सहायक आचार्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया का आगाज़

बीएड सहायक आचार्य के 107 पदों के लिए शुरू हुई प्रक्रिया योगी सरकार का रोजगार पर फोकस, उच्च शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया को मिली रफ्तार  न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में संशोधित विज्ञापन जारी, अर्हता स्पष्ट 27 मई तक आवेदन करने का मौका, 28 जुलाई को प्रस्तावित है परीक्षा प्रयागराज/लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बाद प्रदेश में भर्तियों की प्रक्रिया तेज करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने बीएड विषय के सहायक आचार्य के 107 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू कर दिया है। योगी सरकार की यह पहल योग्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण तो है ही, उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को भी दर्शा रही है। योगी सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेज होती यह रफ्तार युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रही है। यह भर्ती प्रक्रिया पूर्व में जारी विज्ञापन संख्या-51 के अंतर्गत आती है, जिसमें अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में सहायक आचार्य के कुल 1017 पद शामिल थे। न्यायालय के आदेशों एवं अर्हता संबंधी आपत्तियों के चलते पूर्व की प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा था। अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) रेगुलेशन-2014 के अनुरूप अर्हताओं को स्पष्ट करते हुए संशोधित विज्ञापन जारी किया गया है। पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी भर्ती, 27 मई तक कर सकेंगे आवेदन योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के आधार पर बीएड सहायक आचार्य पद के लिए नई शैक्षिक अर्हता तय की गई है, जिसके अनुसार केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने 31 अगस्त 2022 तक निर्धारित अर्हता पूर्ण कर ली हो। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 27 मई 2026 (रात्रि 11:59 बजे तक) आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में संशोधन एवं शुल्क समाधान की सुविधा 30 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। आयोग द्वारा परीक्षा 28 जुलाई 2026 को आयोजित किए जाने की तैयारी है। पहले से आवेदन कर चुके पात्र अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करना होगा, हालांकि उन्हें पुनः शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। जिन अभ्यर्थियों की अर्हता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, वे शुल्क वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा

  हरदोई यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, '12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि दी। मैं उन सभी 'अन्नदाता' किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई के मल्लावां में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। उत्तर प्रदेश की रीढ़ साबित होगा गंगा एक्सप्रेसवे सीएम आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और 'लॉजिस्टिक्स' केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा, 'यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देगा।' अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन तेज, सुरक्षित व अधिक सुविधाजनक होगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बुधवार को हरदोई के मल्लावां में उद्घाटन किया। आधिकारिक बयान के अनुसार लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को वर्तमान 10-12 घंटे से घटाकर लगभग छह घंटे कर देगा। इसमें कहा गया कि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे पहले, प्रधानमंत्री के हरदोई पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि हरदोई से एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ राज्य की विकास यात्रा को नयी गति मिलेगी।

Ayushman Scheme Impact: हरियाणा के 1.18 लाख लाभार्थियों को मिला 122 करोड़ से ज्यादा का फ्री ट्रीटमेंट

यमुना नगर. आयुष्मान चिरायु योजना का समय से पेमेंट न होने पर भले ही निजी अस्पताल विरोध में हो लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर पात्रों के लिए योजना वरदान बन रही है। जिले में सात लाख छह हजार पात्र हैं। जिन्हें पांच लाख रुपये तक के इलाज की चिंता नहीं है। इसका खर्च सरकार उठा रही है। इलाज की बात करें तो पिछले दो वर्षाें में एक लाख 18 हजार 868 पात्रों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया है। जिसमें 122.64 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। अब इस योजना का विस्तार करते हुए आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। वर्ष 2018 में लागू हुई थी आयुष्मान योजना केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना लागू की। उसमें पांच लाख रुपये का निश्शुल्क इलाज लिया जा सकता है। उस समय जिले में लगभग साढ़े चार लाख पात्रों का चयन किया गया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने इसमें बढ़ोतरी करते हुए नवंबर 2022 में आयुष्मान चिरायु भारत योजना शुरू की। इसमें अब एक लाख 80 हजार रुपये तक की आय वाले परिवारों को शामिल कर लिया गया। यह है आयुष्मान योजना की स्थिति आयुष्मान योजना के तहत जिले में दो लाख 74 हजार कार्ड बने हैं। आयुष्मान चिरायु योजना के चार लाख 84 हजार कार्ड बने हैं।आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत बुजुर्गों के 11 हजार 521 कार्ड बने हैं। कैशलेस योजना के तहत पेंशनर्स व सरकारी कर्मियों के 4374 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आयुष्मान योजना के 44 हजार 419 पात्रों ने सरकारी अस्पतालों से 10 करोड़ 42 लाख रुपये का इलाज लिया है। निजी अस्पतालों में 74 हजार 456 कार्ड धारकों ने 113 करोड़ रुपये का इलाज लिया है। इन बीमारियों के पात्रों को केवल सरकारी में इलाज सरकार की ओर से आयुष्मान लाभार्थी मरीजों के घुटने, कूल्हा, कान का पर्दा, हार्निया, अपेंडिक्स, गले का लग जाना, टान्सिल, सांस, उल्टी दस्त, मोतियाबिंद, बवासीर, अंडकोष में पानी व यूरिनल के इलाज व आपरेशन की सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में की है। इन बीमारियों के पात्रों का इलाज निजी में नहीं होगा। इसके लिए गत वर्ष सरकार की ओर से सर्जिकल कैंप भी लगाए गए। जिसमें पात् मरीजों के आपरेशन किए गए। आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक इनफोर्मेशन मैनेजर संदीप शर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना से लोगों को नि:श्शुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीज बढ़े हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए सर्जिकल कैंप लगाकर आपरेशन किए गए। इस समय जिले में सरकारी व निजी सहित 54 अस्पताल पैनल पर हैं। पात्रता के दायरे में आने वाले सभी पात्रों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। पात्र लोग मोबाइल एप के जरिए कार्ड खुद भी बना सकते हैं और अपनी पात्रता का पता कर सकते हैं। इसके साथ ही कैशलेस योजना में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्हें विभाग से रिकार्ड लेकर आना होगा।

साय कैबिनेट ने शहरी गैस नीति 2026 समेत कई अहम फैसलों को दी मंजूरी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बुधवार को  मंत्रिपरिषद ने  ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा। साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज एवं श्री मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी समस्त आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1. मंत्रिपरिषद ने आज ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा। साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2. मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया। 3. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। 4. मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज एवं श्री मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी समस्त आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है।  

यूरोप से 1300 करोड़ का निवेश लेकर आए सीएम भगवंत मान, पंजाब में खेती और उद्योग को मिलेगी नई दिशा

 चंडीगढ़ नीदरलैंड और फिनलैंड के दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि इस यात्रा ने राज्य में निवेश, आधुनिक खेती और युवाओं के लिए नए अवसरों के रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब में निवेश को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जायका कंपनी ने पंजाब में 1300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह निवेश फूड प्रोसेसिंग और उच्च गुणवत्ता वाली खेती को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम फसली विविधीकरण को गति देंगे और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे। नीदरलैंड दौरे के दौरान विश्व प्रसिद्ध केउकेनहॉफ बागबानी माडल का अध्ययन किया गया। यहां आधुनिक तकनीक के जरिए उत्पादन क्षमता में बड़ा अंतर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक खेती में एक वर्ग मीटर में करीब 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पाली हाउस तकनीक से यह 100 किलो तक पहुंच जाता है। इस मॉडल को पंजाब में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। दौरे के दौरान विश्व बागबानी केंद्र और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से भी बैठक हुई। इसमें कृषि तकनीक, फूलों की खेती और निर्यात को लेकर संभावनाओं पर चर्चा हुई। मोहाली में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  इन कंपनियों में होगा निवेश मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि एएनएक्सपी सेमीकंडक्टर और एलटी फूड्स जैसी कंपनियों ने भी निवेश में रुचि दिखाई है। एलटी फूड्स ने राजपुरा में निवेश पर सहमति जताई है, जिससे चावल निर्यात और फूड सेक्टर को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पंजाब को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। फिनलैंड दौरे के दौरान शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया। वहां की आधुनिक शिक्षा प्रणाली, शिक्षक प्रशिक्षण और बाल केंद्रित शिक्षण माडल का अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे से कृषि, उद्योग, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की नींव पड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर लेकर आएगी। इस मौके पर उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस भी मौजूद थे। आज सम्मान, अगला बैच कब जाएगा हाली के विकास भवन में आज उन छात्रों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने हाल ही में जेई परीक्षा पास की है। सरकार की ओर से इन विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं, शिक्षक प्रशिक्षण के तहत अगला बैच 18 मई 2026 को फिनलैंड भेजा जाएगा। इस बैच में 72 शिक्षक शामिल होंगे, जिन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  नीदरलैंड में कृषि‑तकनीक पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़ायका के निवेश के अलावा यह दौरा पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दौरे का उद्देश्य औद्योगिक निवेश, शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के आदान‑प्रदान को बढ़ावा देना भी था. उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि तकनीकों, टिकाऊ खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों पर संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशी गईं. नीदरलैंड की वर्टिकल फार्मिंग तकनीक को पंजाब में अपनाने पर भी चर्चा हुई. 20 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र, नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड तथा पंजाबी समुदाय के साथ बैठकें कीं।  पॉलीहाउस खेती और निवेश रोड शो मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां यह जानकारी दी गई कि खुले खेतों में जहां प्रति वर्ग मीटर 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पॉलीहाउस में यह उत्पादन 100 किलो तक पहुंच जाता है. दौरे के दौरान निवेश रोड शो भी आयोजित किया गया, जिसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा हुई।