samacharsecretary.com

बच्चों के लिए स्कूल बंद: निजी स्कूलों ने एंट्री रोकी, 15 जून तक छुट्टी घोषित

दुर्ग. दुर्ग. ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा के बावजूद चुनिंदा निजी स्कूलों द्वारा पिछले दरवाजे से बच्चों की पढ़ाई कराए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस पर तत्परता दिखाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी होते ही प्रबंधकों द्वारा स्पष्टीकरण भेजकर विद्यार्थियों की स्कूल में किसी प्रकार की गतिविधि नहीं होना बताया गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर स्कूल प्रबंधकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा को स्पष्ट किया गया है कि उनकी मंशा शासन के आदेश की अवहेलना की कतई नहीं है। कुछ स्कूल प्रबंधकों ने कहा है कि शाला के विद्यार्थियों को जो कक्षा दसवीं एवं बारहवी में है। उनका ब्रिज कोर्स द्वारा सहयोग करने का प्रयास किया जा रहा था। साथ ही सीबीएसई के दसवीं के विद्यार्थी कंपार्टमेंट/ इंप्रूवमेंट परीक्षा में नाम आया है उनको रजिस्ट्रेशन के लिए बुलाया गया था। उसी प्रकार समर कैंप विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए सुबह 6 से 8 बजे तक समय निर्धारित कर संचालन करने की रूपरेखा बनाई जा रही थी । जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार इस तरह की सभी गतिविधियों का संचालन निरस्त कर दिया गया है। प्रदेश में बच्चों की गर्मी छुट्टी शुरू हो गई है। स्कूूल शिक्षा विभाग के इस फैसले से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। पारा 40 के पार जा रहा है। ( CG Holiday) मौसम विभाग ने आज से लू की चेतावनी जारी की है। ऐसे में बच्चों के सेहत को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 दिन पहले ही स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। साय सरकार ने भीषण गर्मी के चलते समय से पहले स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की है। यह आदेश किसी एक क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए है। सभी सरकारी स्कूल (Government Schools) बंद रहेंगे। प्राइवेट यानी अशासकीय स्कूलों को भी छुट्टी रखनी होगी। अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर भी यह आदेश सख्ती से लागू होगा। वहीं नए आदेश के अनुसार अब 20 अप्रैल से 15 जून तक प्रदेशभर के स्कूल बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। दोपहर की भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि इस बार छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे अभिभावक भी काफी चिंतित थे।

लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 76 फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के आरोप, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम

लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, उद्योगपति से 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों में जमा कराए पैसे लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 76 फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के आरोप, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम लुधियाना में उद्योगपति से 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों का खुलासा, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम लुधियाना पंजाब में साइबर अपराधियों ने अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल ठगी को अंजाम दिया है। लुधियाना के एक प्रमुख उद्योगपति जगदीप सिंघल को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करीब 19.84 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने इस मामले में केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि ठगों ने महज 9 महीनों के भीतर 15 अलग-अलग बैंकों के 76 फर्जी (म्यूल) खातों में यह भारी-भरकम राशि ट्रांसफर करवाई। रिटायर्ड आईजी चहल की तरह ही ठगी का तरीका पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस धोखाधड़ी का तरीका (मोडस ऑपरेंडी) ठीक वैसा ही है, जैसा पिछले साल दिसंबर में रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल के साथ हुआ था। आईजी चहल से भी इसी तरह 8.10 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में भी ठगों ने एक विश्वसनीय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की फर्जी वेबसाइट बनाई और एक नकली डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया। इस डैशबोर्ड पर पीड़ित को रोजाना का व्यापार और भारी मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि उसे और अधिक निवेश करने के लिए उकसाया जा सके। 9 महीनों में 76 बैंक खातों में भेजी गई रकम एफआईआर के अनुसार, उद्योगपति जगदीप सिंघल के साथ यह खेल 15 मई 2025 से 20 नवंबर 2025 के बीच खेला गया। हैरान करने वाली बात यह है कि 17 से 20 नवंबर के बीच मात्र चार दिनों में पीड़ित ने इन खातों में 5 करोड़ रुपये से अधिक जमा कर दिए। ठगी के पैसों का बैंकिंग रूट: जांच में पता चला है कि आरोपियों ने दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और बेंगलुरु में फैले 76 'म्यूल' बैंक खातों के जरिए पैसा रूट किया। ये खाते आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक और बंधन बैंक जैसे 15 प्रमुख बैंकों में खोले गए थे। किस बैंक में कितना पैसा हुआ ट्रांसफर? जालसाजों के नेटवर्क की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने किस तरह अलग-अलग बैंकों का इस्तेमाल किया:     IDFC बैंक: 19 खातों में 5,14,50,000 रुपये।     ICICI बैंक: 15 खातों में 5,23,80,000 रुपये।     बैंक ऑफ बड़ौदा: 13 खातों में 3,39,00,000 रुपये।     एक्सिस बैंक: 8 खातों में 1,88,00,000 रुपये।     बंधन बैंक: 8 खातों में 1,17,00,000 रुपये। इसके अलावा इंडियन बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, यस बैंक, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा जैसे बैंकों का भी इस्तेमाल लाखों रुपये ट्रांसफर करने के लिए किया गया। 'अनामिका रॉय' बनकर जाल में फंसाया पीड़ित जगदीप सिंघल को सबसे पहले फेसबुक के जरिए लालच दिया गया और बाद में व्हाट्सएप पर 'अनामिका रॉय' नामक महिला ने उनसे संपर्क किया। खुद को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर उसने सिंघल का भरोसा जीता। सिंघल ने पुलिस को बताया, "शुरुआत में मैंने 15 मई 2025 को 1 लाख रुपये का निवेश किया था। फर्जी प्लेटफॉर्म पर मेरा निवेश बढ़कर 4.3 मिलियन डॉलर (करीब 36 करोड़ रुपये) दिखने लगा, जिससे मुझे लगा कि पैसा सुरक्षित है और मुनाफे में है।" तकनीक की कम जानकारी का उठाया फायदा शिकायतकर्ता ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक होने और तकनीकी जानकारी कम होने के कारण वह यह नहीं समझ सके कि वेबसाइट असली एक्सचेंज की हूबहू नकल थी। जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने 'टैक्स लायबिलिटी' और 'ग्रीन चैनल' शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये और ऐंठ लिए। पुलिस के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट को चलाने के लिए कई फर्जी सिम कार्ड और डिजिटल पहचान का इस्तेमाल किया गया है। साइबर सेल अब उन संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है जहां से ये खाते संचालित किए जा रहे थे।    

किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है मध्यप्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है मध्यप्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक में कृषि भूमि के अर्जन पर बाजार दर से 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय ऐतिहासिक है। इससे जहां किसानों को नई जमीन खरीदने में आसानी होगी, वहीं भू-अर्जन कार्यों के निराकरण को गति मिलेगी। सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को इसका लाभ होगा। यह किसानों की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मुख्यमंत्री निवास में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम, 2015 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मल्टीप्लीकेशन फैक्टर 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया है। इससे किसानों को बाजार मूल्य का अधिकतम 4 गुना मुआवजा मिल सकेगा। तेज होगा परियोजनाओं का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। मेट्रोपोलिटन सिटी की जरूरतें होंगी पूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश में मेट्रोपोलिटन सिटी की ओर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में भू-अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी। गत तीन वर्ष में 55 हजार से अधिक किसानों को विभिन्न परियोजना के माध्यम से 16 हजार करोड़ मुआवजा वितरित किया गया है। सालाना आधार पर यदि देखें तो जो मुआवजा करीब 5000 करोड़ रूपए था, अब वो 4 गुना बढ़ा दिया गया है। अब हर साल करीब 20 हजार करोड़ रूपए मुआवजा किसानों को मिलेगा। मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों के हित में निरंतर कार्य होगा। वैश्विक परिदृश्य में गेहूं का निर्यात न के बराबर है। इन परिस्थितियों में भी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पहले छोटे और मझौले किसान और फिर बड़े किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों को बोनस भी दिया जा रहा है। पिछले साल का गेहूं भी वेयरहाउस में स्टॉक है। इस वर्ष गेहूं उत्पादन बढ़ा है। अन्नदाताओं के हित में राज्य सरकार गेहूं खरीदी का कार्य पूर्ण करेगी। भारत सरकार से 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी के अनुमान के अनुसार आवश्यक अनुरोध किया गया है। लाड़ली बहनों की राशि में वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाई है, किसानों और नारी सशक्तिकरण के लिए अपने सभी वादों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। किसी भी योजना को बंद नहीं किया गया है। योजनाओं को बंद किए जाने संबंधी दुष्प्रचार गलत सिद्ध हुआ है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 21 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश किया है। नीति आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी प्रकार के वित्तीय प्रबंधन करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं।  

पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर

पंजाब में फिर धधके खेत, गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खराब पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर पंजाब में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले, हवा की गुणवत्ता हुई खराब, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खतरनाक स्तर पर अमृतसर  पंजाब सरकार के दावों के विपरीत सूबे में एक बार फिर से खेत धधकने लगे हैं। इस सीजन में अब तक गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज हो चुके हैं। अगली फसल के लिए खेतों को तैयार करने के लिए किसान अवशेष जला रहे हैं जिससे सूबे में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 202 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। वहीं पटियाला, बठिंडा व अमृतसर का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 155, अमृतसर का 135 और पटियाला का एक्यूआई 106 दर्ज हुआ।  पीपीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न विभागों के कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों को लगातार फसल अवशेष जलाने के नुकसान बता रहे हैं। सख्ती बरतते हुए कार्रवाई भी की जा रही है। अब निगरानी को और सख्त किया जाएगा। खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के मामलों की सेटेलाइट के जरिये 1 अप्रैल से निगरानी शुरू की गई है, जो 30 मई तक चलेगी। सोमवार को इससे संबंधित 14 मामले दर्ज हुए।  एसबीएस नगर में ही आठ, मुक्तसर में छह, फिरोजपुर व कपूरथला में पांच-पांच, बरनाला, गुरदासपुर व पटियाला में तीन-तीन, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, होशियारपुर, मानसा, संगरूर और मालेरकोटला में एक-एक और जालंधर व लुधियाना में दो-दो मामले सामने आए हैं। साल 2025 में इस समय अवधि के दौरान 87 और 2024 में 49 मामले आए थे। यहां गौरतलब है कि पंजाब में तकरीबन 34 लाख हेक्टेयर रकबे पर गेहूं की बुवाई की गई है और इससे करीब 205 लाख टन भूसा निकलता है। चार मामलों में 20 हजार रुपये जुर्माना पंजाब में खेतों में आग लगाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए पीपीसीबी एक्शन में आ गया है। पीपीसीबी ने अब तक चार मामलों में 20 हजार रुपये का जुर्माना किया है, जबकि एक मामले में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। तीन मामलों में रेड एंट्री की गई हैं। रेड एंट्री का मतलब है कि संबंधित किसान अपनी जमीन न तो बेच पाएंगे और न ही गिरवी रख पाएंगे। बीते दो साल में हाॅट स्पाॅट रहे जिले  जिला            2024       2025 अमृतसर        1015       1102 गुरदासपुर       1335        856 लुधियाना        841         640 फिरोजपुर        919         743 मोगा             788         863 बठिंडा           651         651 तरनतारन        589         700 कपूरथला       514          529   

राशन कार्डधारकों के लिए अलर्ट: e-KYC पूरा किए बिना नहीं मिलेगा तीन महीने का अनाज

राजनांदगांव. अप्रैल से जून माह तक तीन माह का चावल एक साथ जारी किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हितग्राहियों को ई केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जिले के 498 राशन दुकानो में ई केवासी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी ई केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए है। जानकारी अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत आम नागरिकों और राशनकार्ड धारियों की सुविधा हेतु एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत जिले के समस्त पात्र हितग्राहियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के कोटे का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की लगभग सभी दुकानों में चावल का भंडारण पूर्ण कराया जा रहा है. ताकि हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य विभाग ने जिले के समस्त राशनकार्डधारियों से अपील की है कि, वे अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकानों पर जाकर तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं। वितरण के दौरान यदि किसी भी हितग्राही को कोई समस्या आती है या दुकान संचालक द्वारा अनियमितता बरती जाती है. तो वे तत्काल अपने क्षेत्र के संबंधित खाद्य निरीक्षक अथवा जिला खाद्य कार्यालय, राजनांदगांव में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एक राष्ट्र एक राशनकार्ड” योजना के तहत हितग्राहियों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत आवश्यक है। खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया कि, जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में एकाईसी की सुविधा उपलब्ध है, जो कि पूर्णतः निःशुल्क है। राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपनें अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ईकेवाईसी पूर्ण किया जा सकेगा। इसके आलावा फेस ईकेवाईसी एप्प जो कि गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है के माध्यम से शेष सदस्यों ई केवाईसी कराया जा सकता है।

सुखजिंदर रंधावा का आरोप: पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए भाजपा जिम्मेदार

पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा जिम्मेदार', सुखजिंदर रंधावा का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला सुखजिंदर रंधावा का आरोप: पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा  जिम्मेदार सुखजिंदर रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकार पर किया हमला, कहा- पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा जिम्मेदार चंडीगढ़  पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गैंग्सटरों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की भाजपा  को दोषी ठहराया है। रंधावा ने कहा कि पंजाब की स्थिति इतनी अच्छी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में जितने भी मेन गैंग्सटर हैं, उनमें से तकरीबन भाजपा शासित राज्यों से हैं। वहीं से वह पंजाब में वारदातें अंजाम देते हैं। पंजाब पुलिस को वह चैलेंज देते हैं कि वह पता लगा लें इन सभी गैंग्सटरों के फोन पंजाब में 24X7 चलते हैं। रंधावा ने कहा कि पंजाब की स्थिति संतोषजनक नहीं है और राज्य में सक्रिय अधिकांश बड़े गैंगस्टर भाजपा शासित राज्यों से संचालित हो रहे हैं, जहां से वे पंजाब में अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस को चुनौती दी कि वे जांच कर साबित करें कि इन गैंगस्टरों के मोबाइल फोन 24 घंटे पंजाब में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन पर काबू पाने में फेल साबित हो रही है। सावरमती जेल में बंद लारेंस बिश्नोई को लेकर कोर्ट से आदेश निकलवा दिया जाता है कि इस जेल के बाहर उसे कोई इंटेरोगेट नहीं कर सकता है। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि बिश्नोई से कोई और राज्य या राज्य की पुलिस पूछताछ ही नहीं सकती है। उन्होंने पंजाब कैबिनेट मंत्री रहे लालजीत सिंह भुल्लर के दबाव में आकर आत्महत्या करने वाले अधिकारी रंधावा के मामले में देश के गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह ने कहा था कि कांग्रेस सांसद लिखकर दें तो वह इस केस की जांच सीबीआइ को सौंप देंगे, लेकिन लिखने के बावजूद उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया।

पंजाब में भीषण गर्मी, तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा, फरीदकोट रहा सबसे गर्म, हीट वेव के लिए यलो अलर्ट

पंजाब में गर्मी का सितम, पारा 42 डिग्री पार, दो दिन के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट; फरीदकोट रहा सबसे गर्म पंजाब में भीषण गर्मी, तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा, फरीदकोट रहा सबसे गर्म, हीट वेव के लिए यलो अलर्ट पंजाब में गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें, पारा 42 डिग्री पार, दो दिन के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी, फरीदकोट सबसे गर्म फरीदकोट लुधियाना। पंजाब में बुधवार को कई जिलों में दिनभर लू चली। अप्रैल में ही मई की गर्मी का अहसास हुआ। फरीदकोट व बठिंडा पंजाब में सबसे गर्म रहे। फरीदकोट में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा में 42.8 डिग्री रहा। दोनों जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। सीजन में पहली बार किसी जिले में अधिकतम तापमान इतना ऊपर आया। वहीं लुधियाना में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, पटियाला में 40.4, रूपनगर में 40.1 डिग्री रहा। इन जिलों में भी तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार वीरवार को मौसम गर्म रहेगा। लू से राहत रहेगी, लेकिन 24 व 25 को कई जिलों में लू चलेगी। 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में मौसम बदलेगा। 28 अप्रैल तक पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। कुछ जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा भी हो सकती है। इसके बाद पंजाब में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसके असर से मौसम के मिजाज बिगड़ेंगे। विभाग ने 26 अप्रैल से तीन दिनों के लिए पंजाब में यलो अलट जारी किया है। इस दौरान पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश पड़ने की संभावना है। पंजाब में 42.9 डिग्री के तापमान के साथ फरीदकोट सबसे गर्म रहा। अमृतसर का अधिकतम पारा 39.0 डिग्री, लुधियाना का 40.0 डिग्री, पटियाला का 40.4 डिग्री, पठानकोट का 38.2 डिग्री, बठिंडा का 41.0 डिग्री, फाजिल्का का 39.5 डिग्री, होशियारपुर का 37.8 डिग्री और रूपनगर का 40.1 डिग्री दर्ज किया गया।

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी

महिला विरोधी हैं कांग्रेस व सपा के कारनामे : मुख्यमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं विपक्षी पार्टियां : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई' गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित न होने देने वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) सहित सभी विपक्षी दलों पर एक बार फिर जमकर निशाना साधा है। गोरखपुर में विपक्षी दलों पर गरजते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पार्टियां महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा का इतिहास और उनके कारनामे महिला विरोधी हैं।  सीएम योगी  योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं का अधिकार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में जब नया संसद भवन बना तो पीएम ने नए संसद भवन में सबसे पहला अधिनियम नारी शक्ति वंदन का ही पारित कराया। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के जरिये 2029 के लोकसभा चुनाव से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में भागीदारी का अधिकार देना चाहते हैं लेकिन विधेयक के गिरने पर जश्न मनाने वाले महिला विरोधी विपक्ष को यह मंजूर नहीं है। उन्होंने इसके लिए मुख्य रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा के कारनामे शुरू से ही महिला विरोधी रहे हैं। कांग्रेस ने महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ो के अधिकार में हमेशा बाधा डालने का काम किया। जबकि सपा तो घोषित रूप से नारी विरोधी है। सपा के बारे में यह कहा भी जाता है, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’  पुलिस में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य किया सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सपा सरकार में मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों ने बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था। जबकि आज बेटियां बिना रोकटोक के स्कूल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार है। प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई हैं और इनमें पौने दो लाख महिलाएं भर्ती हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई रिवाइवल से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं और इनमें आधी भागीदारी महिलाओं की है।  आत्मनिर्भर व विकसित भारत को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक सीएम योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को सुनिश्चित प्रतिनिधित्व मिल गया है और उसके परिणाम भी सुखद हैं। राज्य में 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख महिलाएं ही हैं। इसी तरह ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों को देखें तो महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। सीएम ने कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अभियान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिये शुरू किया तो सपा, कांग्रेस जैसे महिला विरोधी दल बहानेबाजी करने और लटकाने-भटकाने पर उतर आए।  बहुत दिनों तक कोई अधिकार से वंचित नहीं कर पाएगा भीषण गर्मी में और उस पर भी कम समय की सूचना पर सम्मेलन में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखकर प्रसन्न मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में नारी शक्ति की हिस्सेदारी यह साफ संदेश है कि महिलाओं को उनके अधिकार से बहुत अधिक दिनों तक कोई वंचित नहीं रख सकता। यह नारी शक्ति के द्वारा भीख नहीं मांगी जा रही है, उसका यह स्वतः अधिकार है। जिसको आजादी के बाद से ही लटकाने का प्रयास हो रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी के प्रति कृत ज्ञापित करते हुए अभियान प्रारंभ किया है। पीएम मोदी का मानना है कि जहां नारी सशक्त होती है तो वह परिवार अपने आप में समर्थ होता है। जब परिवार समर्थ होता है तो समाज की नींव सुदृढ़ होती है। और, जब समाज की नींव सुदृढ़ होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली और समृद्ध होता है। भारत की परंपरा में प्रतिष्ठित है मातृशक्ति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा भारत के इतिहास और इसकी परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित रही है। माताओं के नाम से जोड़कर भगवान राम को कौशल्यानंदन, प्रभु कृष्ण को यशोदानंदन, भीष्म पितामह को गांगेय, अर्जुन को कौंतेय कहा जाना इसी का प्रमाण है। श्रीराम में शब्द माता सीता के लिए है। सियावर रामचंद्र की जय का जयकारा भी पहले माता सीता का नाम जोड़कर लगाया जाता है। श्रीकृष्ण की धरा मथुरा-वृंदावन में हर संबोधन राधे राधे के नाम से शुरू होता है। काशी में नमः पार्वती पतये का उद्घोष होता है। देवतुल्य नदी गंगा जी को भी मां गंगे कहा जाता है। पशुयोनि में होने के बावजूद गाय को गोमैया कहा जाता है। यह सभी मातृशक्ति के संबोधन से ही जुड़े हुए हैं।  दुनिया दूध गाय का ही पीती है सीएम योगी ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश हो, वह गाय को माता भले न माने, लेकिन दूध वह गाय का ही पीता है। हर स्तर पर आगे बढ़ा रहे नारी गरिमा की महत्ता का सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा और उसकी महत्ता को हर स्तर पर सम्मान देते हुए आगे बढ़ाने का काम देश मे 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ है। पहले बेटी संपत्ति में अपना अधिकार न मांग सके, इसके लिए भ्रूण हत्या की शिकायतें आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, इंद्रधनुष योजना जैसे कार्यक्रमों से महिला और पुरुष अनुपात की भिन्नता तथा भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को रोकने के प्रयास किए। सीएम ने बताया कि प्रदेश में भी महिलाओं के सम्मान में बिटिया के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई। 26 लाख … Read more

बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल

बेअदबी कानून पर कानूनी विवाद: हाईकोर्ट में चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर उठे सवाल बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल बेअदबी कानून में उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर सवाल, हाईकोर्ट में चुनौती दायर चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। इस कानून को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर इसे असांविधानिक घोषित करने और रद्द करने की मांग की है।  याचिका में कहा गया है कि यह कानून संविधान की मूल भावना और स्थापित आपराधिक न्याय प्रणाली के विपरीत है। खासतौर पर इसके दंडात्मक प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि अधिनियम समवर्ती सूची के विषयों को प्रभावित करता है और मौजूदा आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों से टकराव पैदा करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है, जबकि इस अधिनियम को केवल राज्यपाल की सहमति से लागू कर दिया गया। इसे गंभीर संवैधानिक त्रुटि बताया गया है। धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप अधिनियम पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसमें केवल एक धार्मिक ग्रंथ को विशेष सुरक्षा देते हुए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जबकि अन्य धर्मों के ग्रंथों को शामिल नहीं किया गया, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। सबसे ज्यादा विवाद अधिनियम की धारा 5(3) को लेकर सामने आया है, जिसमें बेअदबी की साजिश जैसे अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। याचिका में इसे अनुपातहीन और मनमाना बताया गया है, क्योंकि इस तरह के अपराध में प्रत्यक्ष हिंसा शामिल नहीं होती। इसके अलावा बेअदबी की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक बताते हुए कहा गया है कि इसमें शब्दों, संकेतों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को शामिल किया गया है, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। याचिका में अधिनियम के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। दलील दी गई है कि यदि बाद में यह कानून असांविधानिक करार दिया जाता है, तो इसके तहत शुरू हुई आपराधिक कार्यवाहियां नागरिकों को अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती हैं। फिलहाल याचिका हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल हो चुकी है और जल्द ही इसके सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।    

Railway Bomb Threat: Ambala-Delhi रूट पर अलर्ट, हरियाणा के स्कूलों में दहशत फैलाने वाले ईमेल

अंबाला. पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैकों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 24 अप्रैल को 8:11 मिनट पर अंबाला से लेकर दिल्ली तक रेलवे ट्रैक पर धमाके करने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पंजाब में भी लुधियाना अमृतसर बठिंडा फिरोजपुर में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी दी गई है। ईमेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी में हरियाणा के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। ईमेल में कहा गया है कि 24 अप्रैल को अपने बच्चों को स्कूल में मत भेजो और रेल से सफर मत करो। लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। वहीं आज ही बठिंडा के दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों—सेंट जेवियर स्कूल और मिलेनियम स्कूल— को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके साथ ही बठिंडा रेलवे स्टेशन को भी निशाना बनाने की चेतावनी भरा ईमेल सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।